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बंदूक की नोक पर सराफा व्यापारी से भारी लूट, बदमाश ले गए 86 किलो चांदी

रायपुर राजधानी में अपराधियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए सराफा व्यापारी से करीब 86 किलो चांदी के आभूषण लूट लिए। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर बाजार इलाके की है। बदमाशों ने व्यापारी को गन प्वॉइंट पर बंधक बनाया, उसके हाथ-पैर बांध दिए और बेहोश करने के लिए संदिग्ध वस्तु सुंघा दी। इसके बाद ज्वेलरी शॉप से भारी मात्रा में चांदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित व्यापारी का नाम राहुल गोयल है और उनकी दुकान शिवा ट्रेडर्स ज्वेलर्स के नाम से संचालित होती है। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4 बजे अज्ञात बदमाश दुकान पर पहुंचे और हथियार के बल पर गेट खुलवाया। इसके बाद व्यापारी को बेहोश कर डकैती को अंजाम दिया। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा हुई सुलभ, छात्रों के सपनों को मिली उड़ान

रायपुर छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहाँ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार में शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और विकास का सबसे बड़ा माध्यम माना जाने लगा है। शिक्षा ही वह शक्ति है जो किसी भी व्यक्ति, समाज और राज्य को नई दिशा देती है। लेकिन उच्च शिक्षा तक पहुँचना हमेशा से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक चुनौती रहा है। आर्थिक तंगी के कारण कई मेधावी छात्र अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस समस्या को गहराई से समझा और समाधान के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया — मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना। इस योजना ने हजारों छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की राह को आसान बना दिया है। अब छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के लिए लिए गए शिक्षा ऋण पर ब्याज की चिंता नहीं करनी पड़ती, क्योंकि सरकार वह बोझ अपने ऊपर ले रही है। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना की पृष्ठभूमि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद प्रभावित और पिछड़े क्षेत्रों के छात्र अक्सर आर्थिक कठिनाइयों के कारण तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते थे। उच्च शिक्षा तक पहुँचने में सबसे बड़ी रुकावट महँगी फीस और शिक्षा ऋण का बोझ था। इसी समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि “शिक्षा में निवेश ही सबसे बड़ा निवेश है, क्योंकि शिक्षित युवा ही राज्य और राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं।” इसी सोच के तहत यह योजना लागू की गई। इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 4 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण ब्याज मुक्त उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्र के परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, जशपुर आदि नक्सल प्रभावित जिलों के छात्रों को पूर्णत: ब्याज मुक्त ऋण मिलता है।अन्य जिलों के छात्रों को केवल 1% ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। शेष ब्याज सरकार वहन करती है।बैंक द्वारा लगाए जाने वाले ब्याज की पूरी या आंशिक राशि सरकार देती है।इससे छात्रों पर सिर्फ मूलधन  चुकाने की ही बाध्यता रहती है। इस योजना में 35 तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। इनमें डिप्लोमा, स्नातक (ग्रेजुएशन), स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन) और पेशेवर कोर्स सम्मिलित हैं।योजना के लिए पात्र छात्रों का छत्तीसगढ़ का निवासी होना आवश्यक है। उसकी वार्षिक पारिवारिक आय 2 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। छात्र को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेना अनिवार्य है। इस योजना के लिए राज्य के किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक / सहकारी बैंक में शिक्षा ऋण के लिए आवेदन किया जा सकता है। आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज़ (निवासी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, प्रवेश पत्र, अंकसूची, आधार कार्ड आदि) जमा करना होता है। बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद छात्र को योजना का लाभ पाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग या जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन करना होता है। योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का योगदान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस योजना को बहुत ही कुशलता से धरातल पर उताराने का काम किया है। उनके नेतृत्व में इस योजना का विस्तार इस तरह से किया गया, जिससे नक्सल प्रभावित जिलों के छात्रों को विशेष लाभ मिला।इस योजना में ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल बनाया गया ताकि छात्रों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।बजट में बढ़ोतरी करते हुए उच्च शिक्षा विभाग के बजट में इस योजना के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया। इस योजना के लिए एक निगरानी तंत्र बनाया गया है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि बैंक समय पर छात्रों को ऋण दें और ब्याज अनुदान में देरी न हो। योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव छत्तीसगढ़ के मुखिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना से गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा तक पहुँच पा रहे हैं।नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी इस योजना के पहुँचने से काफ़ी उम्मीद बढ़ी है इससे शिक्षा से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या बढ़ी है, जिससे नक्सलवाद से लड़ाई को नई ताक़त मिल रही है। तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा लेकर युवा नौकरी और स्वरोज़गार में आगे बढ़ रहे हैं और परिवारों पर ब्याज का बोझ घटने से वे बच्चों की शिक्षा के लिए और अधिक उत्साहित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की भावी योजनाएँ छत्तीसगढ़ सरकार इस योजना को और व्यापक बनाने की तैयारी में है। इस योजना में मिलने वाले ऋण सीमा को 4 लाख रुपए से बढ़ाकर 7 लाख रुपए तक करने पर विचार किया जा रहा है। इस योजना में नॉन-प्रोफेशनल कोर्स (जैसे BA, B.Sc, B.Com) को भी शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। डिजिटल पोर्टल पर पूरी तरह से ऑनलाइन आवेदन और स्वीकृति की सुविधा बनाई जा रही है। छात्रवृत्ति और ऋण अनुदान को जोड़कर “डबल बेनिफिट स्कीम” बनाने पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों को पंख देने वाली योजना है। यह न केवल छात्रों की आर्थिक समस्याएँ हल कर रही है बल्कि राज्य को ज्ञान और कौशल की शक्ति से सशक्त भी बना रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह कदम शिक्षा को लोकतांत्रिक और सुलभ बनाने की दिशा में ऐतिहासिक है। आज जब कोई भी छात्र यह महसूस करता है कि उसकी पढ़ाई सिर्फ पैसे की वजह से अधूरी नहीं रहेगी, तो यह योजना अपने उद्देश्य में सफल मानी जाती है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा का उद्घाटन, जनता को किया संबोधित

जगदलपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। आज वह बस्तर दशहरा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुंच चुके है। बस्तर दौरे की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और इसके बाद स्थानीय लोगों से संवाद किया। इसके पश्चात उन्होंने मूरिया दरबार में पारंपरिक प्रतिनिधियों मांझी, चालकी और गायता से भेंट की। अब वे लालबाग मैदान में आयोजित स्वदेशी मेला पहुंचे हैं, जहां वे जनसमूह को संबोधित कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंच से ‘महतारी वंदन योजना’ की 20वीं किस्त के रूप में 606 करोड़ रुपये से अधिक की राशि राज्य की महिलाओं के खातों में बटन दबाकर ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। नई बस योजना की शुरुआत, 250 गांवों को जोड़ेगा मुख्यालय से इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया, जिसके तहत 250 गांवों को मुख्यालय से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और विकास की रफ्तार तेज होगी। मां दंतेश्वरी मंदिर में किये दर्शन केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने इससे पहले मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना से की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद आमजनों से आत्मीय संवाद किया। अमित शाह ने जनता से सीधे संवाद कर यह संदेश दिया कि अब “बस्तर में भय नहीं, विश्वास है।” उन्होंने अपने संबोधन में इस विश्वास को 31 मार्च 2026 की उस डेडलाइन से जोड़ा, जब तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। माई दंतेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं ने ‘मुंडा बजा’ गाकर किया स्वागत मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने बस्तर की पारंपरिक भक्ति धुन ‘मुंडा बजा’ गाकर गृह मंत्री का स्वागत किया। शाह ने मां दंतेश्वरी का विधिवत पूजन किया और बस्तर की लोक परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने मूरिया दरबार में मांझी, चालकी और गायता जैसे पारंपरिक प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया।

MLA बालेश्वर साहू पर गंभीर आरोप: 42 लाख की हेराफेरी में FIR, सियासी हलकों में हड़कंप

जांजगीर चांपा  छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। जैजैपुर से कांग्रेस विधायक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि विधायक जब सहकारी समिति में प्रबंधक थे, तब उन्होंने किसान परिवार से करीब 42 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू और उनके सहयोगी पर थाना चांपा में धोखाधड़ी के इस प्रकरण से राजनीतिक गलियारो में हलचल है। साहू पर ये मामला उस समय का है जब वो सेवा सहकारी समिति बम्हनीडीह में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। मामले के मुताबिक फरसवानी के राजकुमार शर्मा ने शिकायत की थी कि साल 2015 से 2020 के बीच बम्हनीडीह सेवा सहकारी समिति के तत्कालीन प्रबंधक ने उसकी 50 एकड़ जमीन के नाम पर किसान क्रेडिट कार्ड लोन लेने की सलाह दी थी। जिसके चलते उन्होंने एचडीएफसी बैंक चांपा में खाता खुलवाया। उस समय शाखा प्रबंधक आरोपी बालेश्वर साहू और उसके साथी गौतम राठौर ने उनसे ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। बैंक खाते से 24 लाख रुपए अपने और परिजनों के खातों में ट्रांसफर कर दी। पुलिस जांच में तथ्य सही पाए गए हैं  और बालेश्वर साहू और विक्रेता गौतम राठौर के खिलाफ धारा 420, 468, 467, 471 के तहत अपराध दर्ज किया है। हालांकि अभी आरोपी  गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं इस कार्रवाई के बाद राजनीति गरमा गई है। 

राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला में शामिल हुईं मंत्री राजवाड़े, महिला और बाल विकास पर हुआ विचार-विमर्श

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज महिला और बाल कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नई रणनीतियों पर विचार-विमर्श के लिए आयोजित राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हिस्सा लिया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में देश के सभी राज्यों के महिला एवं बाल विकास मंत्रीगण और विभागीय सचिव उपस्थित रहे। बैठक में महिला और बाल कल्याण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं, पोषण अभियान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण नीतियों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। राज्यों से प्राप्त अनुभवों और सुझावों को साझा किया गया, ताकि योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इस अवसर पर श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ महिला और बाल कल्याण के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। इस कार्यशाला से प्राप्त सुझावों और अनुभवों का लाभ राज्य की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

सूरजपुर के ग्राम भांड़ी पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, उल्टी-दस्त से पीड़ित ग्रामीणों से की मुलाकात

रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत भांड़ी में उल्टी-दस्त की समस्या से प्रभावित ग्रामीणों से  मुलाकात की। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रभावित मरीजों से अस्पताल एवं घर जाकर हालचाल जाना और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल प्रभावी उपचार, पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता तथा पीड़ितों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि शासन-प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता का स्वास्थ्य और सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ग्राम भांड़ी में बीमार ग्रामीणों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा तथा स्वच्छ पेयजल और नियमित स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि ग्राम भांड़ी में पिछले दिनों दूषित जल पीने से कई ग्रामीण उल्टी-दस्त से बीमार हो गए थे। इस बीच एक महिला की मृत्यु भी हो गई है और आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण बीमार हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े की संवेदनशील पहल और मौके पर पहुंचकर किए गए निरीक्षण से ग्रामीणों को हौसला और विश्वास मिला है।

मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद होगा समाप्त: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

सशस्त्र माओवाद के खात्मे की समयसीमा तय, मार्च 2026 तक खत्म होने का भरोसा: डिप्टी सीएम शर्मा मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद होगा समाप्त: उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा किष्टाराम में मिनी स्टेडियम व मंगलागुड़ा में बनेगा पुलिया   रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और अपने एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे। यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नवीन शाखा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामीणों से भेंटकर उनकी कुशलक्षेम पूछा और शासकीय योजनाओं के लाभ के विषय में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और अपने एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ     नई बैंक शाखा से आठ ग्राम पंचायतों के 42 गांव और 10 हज़ार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने शाखा का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि अब ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, लेन-देन और शासकीय योजनाओं की राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। सरकार का संकल्प: माओवाद मुक्त बस्तर     अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि किष्टाराम छत्तीसगढ़ का अंतिम छोर नहीं, बल्कि पहला गाँव है जहाँ से प्रदेश की विकास यात्रा प्रारंभ होती है। हमारी सरकार मार्च 2026 तक माओवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी भटके हुए युवाओं से अपील है कि समाज की मुख्यधारा में लौटकर विकास में भागीदार बनें। कार्यक्रम में 5 हितग्राहियों को ग्रामीण बैंक का नवीन पासबुक प्रदान किया गया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने घोषणा किया कि कोंटा से गोलापल्ली होते हुए किष्टाराम तक सड़क निर्माण जल्द शुरू होगा। किष्टाराम में मिनी स्टेडियम और मंगलागुड़ा में पुलिया निर्माण की भी घोषणा की गई। युवा और महिलाएँ होंगे आत्मनिर्भर     उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि 12वीं पास बहनों को “बैंक सखी” बनाया जाएगा और युवाओं को सीएससी सेंटर की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण आसानी से शासन की योजनाओं का लाभ ले पाएंगे। बस्तर की पहचान बनेगा बस्तरिया युवा     बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसानों की ऋण माफी जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सीधा लाभ पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान बस्तर का युवा ही होगा, बाहरी कोई नहीं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पांडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी प्रतिभा दिखाकर बस्तर का गौरव बढ़ाएँ। कार्यक्रम में कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी बस्तर  पी. सुंदरराज, डीआईजी  कमलोचन कश्यप, कलेक्टर  देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक  किरण चव्हाण,  मोहित सिंघल (क्षेत्रीय प्रबंधक जगदलपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक), सहित जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों में ही छिपा है मानवता और समानता का मार्ग : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों पर चलकर बनाएंगे विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री  साय गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों में ही छिपा है मानवता और समानता का मार्ग : मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  साय भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में हुए शामिल: 162 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के 16 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन मुख्यमंत्री ने की मेला स्थल पर डोम निर्माण एवं तेलासी-भंडारपुरी मार्ग में स्ट्रीट लाइट लगवाने की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय  रायपुर जिले के आरंग तहसील अंतर्गत भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।  इस अवसर पर उन्होंने 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, जिनमें नवीन सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री  साय ने मेला स्थल पर डोम निर्माण, तेलासी-भंडारपुरी मार्ग में स्ट्रीट लाइट लगवाने तथा कुटेसर प्राथमिक विद्यालय को माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि समाज से पाँच युवा पायलट बनना चाहें तो उनका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और उन्हें पायलट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सर्वप्रथम गुरु गद्दी का दर्शन कर प्रदेश की जनता की खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों पर चलकर हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उनके आदर्शों में मानवता और समानता की सीख निहित है। गुरु बाबा ने समाज को एकजुट होने का संदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप सतनामी समाज आज प्रगति और सौहार्द की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि पिछले वर्ष भी मुझे मुख्यमंत्री के रूप में इस मेले में शामिल होने का अवसर मिला। लेकिन इस वर्ष और पिछले वर्ष में बड़ा अंतर आया है। पिछले वर्ष जब मैं यहां आया था तब आपके समाज के गुरु  खुशवंत साहेब विधायक थे, अब वे मंत्री बने हैं। उन्हें अनुसूचित जाति और जनजाति के विकास तथा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। आपके समाज के गौरव से हमें अपार उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र का विकास तेजी से हो रहा है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता से जो भी वादे किए थे, उन्हें हम ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में पूरा कर रहे हैं। अब तक नौ हजार से अधिक सरकारी भर्तियाँ पूरी हो चुकी हैं और हाल ही में शिक्षा विभाग में पाँच हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि शासन के प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में अनुसूचित जाति समाज के विकास हेतु प्राधिकरण का गठन किया गया था। वर्तमान सरकार ने उसके बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ कर दिया है। धर्मगुरु गुरु  बालदास साहेब ने कहा कि यह मेला सामाजिक सौहार्द और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने समाज के गुरु खुशवंत साहेब को कैबिनेट मंत्री बनाने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया और कहा कि सतनामी समाज ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश आज विकास की राह पर अग्रसर है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कुतुब मीनार से भी ऊँचा जैतखाम छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी में है। यह किसी व्यक्ति की उपलब्धि नहीं बल्कि गुरु बाबा घासीदास की प्रेरणा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने गरीबों के उत्थान और प्रदेश को आगे बढ़ाने का जो संकल्प लिया है, वह साकार हो रहा है। किसानों, महिलाओं, युवाओं और मजदूरों के हित में योजनाएँ बन रही हैं। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि आज 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ है, जो आरंग विधानसभा के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की गोद में अनेक संत-महात्मा और तपस्वी जन्मे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे’ का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रदेश की सड़कों के विकास के लिए 700 से अधिक टेंडर जारी किए गए हैं और बरसात के बाद प्रदेश की सड़कें नए स्वरूप में नजर आएँगी। मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह मेला गुरु घासीदास बाबा के पुत्र गुरु  बालकदास साहेब के गद्दीनशीन होने की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होता है। यह सतनाम धर्म के आदर्शों का प्रतीक है। आज ही के दिन गुरु  बालकदास जी ने राजगद्दी स्वीकार कर भंडारपुरी की पावन भूमि को अपनी कर्मभूमि बनाया था। इस अवसर पर राजागुरु, धर्मगुरु गुरु  बालदास साहेब, बाबा गुरु  ढालदास साहेब, गुरु  मकसूदन साहेब, गुरु  सोमेश बाबा, गुरु  सौरभ साहेब, सांसद  कमलेश जांगड़े, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष  केदार गुप्ता, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, विधायक  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, मती मोना सेन,  अमित चिमनानी,  श्याम नारंग,  नवीन मार्कण्डेय सहित समाज के संतजन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

आदिवासी गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक होगा संग्रहालय: मंत्री नेताम

जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह के दृश्य भी होगा जीवंत राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उद्घाटन रायपुर, आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने आज नवा रायपुर में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के समीप निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय-सह स्मारक के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मंत्री नेताम ने इस अवसर पर कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना का परिणाम है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक संग्रहालय-सह स्मारक धरातल पर दिखाई देगा। यह निर्माणाधीन संग्रहालय सदियों के लिए नई पीढ़ियों को पुरखों की याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणास्पद होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का यह पहला संग्रहालय है, जो कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उच्च शौर्य एवं बलिदान को समर्पित है अतः इसके निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मंत्री  नेताम ने संग्रहालय के उद्घाटन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियां व निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन और सभी वर्गों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। राज्य के जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास से कई अभिनव योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे जनजातीय वर्ग के जीवन स्तर में तेजी से बदलाव आ रहा है। मंत्री नेताम ने इस मौके पर संग्रहालय में डिजीटलीकरण कार्य, दिव्यांगजनों हेतु पृथक पार्किंग व्यवस्था, सॉवेनियर शॉप, गार्डनिंग, वॉटर सप्लाई की स्थिति का भी निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि संग्रहालय का लोकार्पण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से राज्योत्सव के समय किया जाना है। संग्रहालय के निर्माण कार्यों में लगने वाली मूर्तियां, कैनवास वर्क, डिजिटल वर्क का बारीकी के साथ परीक्षण किया जा रहा है। संग्रहालय का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। मूर्तियों की स्थापना, लाईट, बिजली आदि का टेस्टिंग कार्य जारी है। प्रमुख सचिव बोरा ने इस मौके पर संग्रहालय में प्रवेश से पूर्ण टिकट काउंटर पर लगे स्कैनिंग कार्य तथा प्रवेश द्वार में कुछ सुधार करने के संबंध में निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, आदिम जाति विकास विभाग संयुक्त सचिव बीएस राजपूत, टीआरटीआई संचालक हिना अनिमेष नेताम, उपायुक्त गायत्री नेताम, निर्माण एजेंसी के अधिकारी, ठेकेदार, क्यूरेटर, इंजीनियर्स, आर्ट कलाकार एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।    वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क से तैयार हो रहा है जीवंत संग्रहालय संग्रहालय निर्माण में लगे क्यूरेटर प्रबल घोष ने बताया कि यह संग्रहालय-सह स्मारक आदिवासियों स्वतंत्रता संग्र्राम सेनानियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बारीकी के साथ अध्ययन व रिसर्च के बाद वीएफएक्स टेक्नोलॉजी और प्रोजेक्शन वर्क के साथ तैयार किया रहा है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय देखने वाले आगंतुकों को आदिवासी विद्रोह का वर्णन स्टैच्यू के पास ही लगे डिजिटल बोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। आगंतुक संग्रहालय में आदिवासी विद्रोह को जीवंत महसूस कर सकेगा। वहीं आगंतुक प्रत्येक गैलरी में बनाई गई जीवंत झांकी के सामने स्कैनर लगाए गए स्कैनर से मोबाईल द्वारा स्कैन कर संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते है।   16 गैलेरियों में तैयार हो रहा है संग्रहालय उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। निश्चित ही यह संग्रहालय सभी वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र एवं प्रेरणास्रोत के रूप में बनकर उभरेगा।

मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद होगा समाप्त: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

  किष्टाराम में मिनी स्टेडियम व मंगलागुड़ा में बनेगा पुलिया   रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और अपने एकदिवसीय प्रवास पर किष्टाराम पहुँचे। यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नवीन शाखा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों से भेंटकर उनकी कुशलक्षेम पूछा और शासकीय योजनाओं के लाभ के विषय में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ     नई बैंक शाखा से आठ ग्राम पंचायतों के 42 गांव और 10 हज़ार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने शाखा का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि अब ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, लेन-देन और शासकीय योजनाओं की राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। सरकार का संकल्प: माओवाद मुक्त बस्तर     अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि किष्टाराम छत्तीसगढ़ का अंतिम छोर नहीं, बल्कि पहला गाँव है जहाँ से प्रदेश की विकास यात्रा प्रारंभ होती है। हमारी सरकार मार्च 2026 तक माओवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी भटके हुए युवाओं से अपील है कि समाज की मुख्यधारा में लौटकर विकास में भागीदार बनें। कार्यक्रम में 5 हितग्राहियों को ग्रामीण बैंक का नवीन पासबुक प्रदान किया गया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने घोषणा किया कि कोंटा से गोलापल्ली होते हुए किष्टाराम तक सड़क निर्माण जल्द शुरू होगा। किष्टाराम में मिनी स्टेडियम और मंगलागुड़ा में पुलिया निर्माण की भी घोषणा की गई। युवा और महिलाएँ होंगे आत्मनिर्भर     उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि 12वीं पास बहनों को “बैंक सखी” बनाया जाएगा और युवाओं को सीएससी सेंटर की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण आसानी से शासन की योजनाओं का लाभ ले पाएंगे। बस्तर की पहचान बनेगा बस्तरिया युवा     बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसानों की ऋण माफी जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सीधा लाभ पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान बस्तर का युवा ही होगा, बाहरी कोई नहीं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पांडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी प्रतिभा दिखाकर बस्तर का गौरव बढ़ाएँ। कार्यक्रम में कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी बस्तर पी. सुंदरराज, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, मोहित सिंघल (क्षेत्रीय प्रबंधक जगदलपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक), सहित जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।