samacharsecretary.com

बस्तर की बदली तस्वीर को देश दुनिया तक पहुंचाएं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर – राज्यपाल डेका

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त होने के बाद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के लोगों के कल्याण और विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बस्तर में विकास के साथ लोगों का विश्वास बढ़ रहा है और भय का वातावरण धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बस्तर में हो रहे इन सकारात्मक बदलावों को देश-विदेश तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल आज दिल्ली से आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के दल से मुलाकात के दौरान संबोधित कर रहे थे। ये सभी इन्फ्लुएंसर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ भ्रमण पर आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर में नक्सलवाद   समाप्त होने के बाद आए बदलाव, विकास कार्यों, स्थानीय जनजीवन और पर्यटन की संभावनाओं को करीब से जाना और समझा। इन्फ्लुएंसर ने राज्यपाल को बताया कि उन्होंने तीन दिन बस्तर में बिताए और इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों और गांवों का भ्रमण कर वहां की वर्तमान स्थिति को देखा। उन्होंने बताया कि मीडिया के माध्यम से उन्हें छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्त होने और बस्तर में हो रहे बदलाव की जानकारी मिली थी। इसी बदलाव को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने के उद्देश्य से वे यहां पहुंचे हैं। इन्फ्लुएंसर ने कहा कि बस्तर में उन्हें शांति और सुकून का अनुभव हुआ। यहां की प्राकृतिक सुंदरता ने उन्हें विशेष रूप से आकर्षित किया। सड़क संपर्क बेहतर हुआ है तथा प्रभावित लोगों के पुनर्वास और रोजगार के लिए किए जा रहे प्रयास भी दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में उन्होंने जितने बदलाव की कल्पना की थी, उससे कहीं अधिक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला। वे अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से इन अनुभवों को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे, जिससे बस्तर के प्रति बनी पुरानी धारणाएं दूर हों और अधिक लोग यहां पर्यटन के लिए आएं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर के बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है। जो बच्चे  स्कूल नहीं जाते थे अब रोज स्कूल जाते हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। बस्तर के शहरों और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो विकास की गति भी तेज होगी और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक  सौमिल रंजन चौबे ने बताया कि दिल्ली से 41 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। इनके सोशल मीडिया माध्यमों से पांच करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। इन्फ्लुएंसर ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के बाद हुए बदलाव और विकास कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से देखा है तथा अपने अनुभवों को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

महानदी हमें बांटने वाली नहीं, दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा : समाधान ऐसा हो जिसमें दोनों राज्यों की जीत हो – मुख्यमंत्री साय

रायपुर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान की दिशा में आज नई दिल्ली में महत्वपूर्ण पहल हुई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री  मोहन चरण माझी ने महानदी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की और अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखा। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिव सहित केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बैठक में छत्तीसगढ़ का पक्ष रखते हुए कहा कि महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि दोनों राज्यों की सभ्यता, संस्कृति, कृषि और जनजीवन से जुड़ी जीवनधारा है। महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा को बांटने वाली नहीं, बल्कि दोनों राज्यों को जोड़ने वाली नदी है। इसलिए इसका समाधान भी प्रतिस्पर्धा या टकराव के बजाय सहयोग, विश्वास और सहमति की भावना से निकलना चाहिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा प्रयास ऐसा समाधान निकालने का होना चाहिए जिसमें दोनों राज्यों और वहां के नागरिकों के हित सुरक्षित हों। छत्तीसगढ़ न्यायपूर्ण, निष्पक्ष, वैज्ञानिक, पारदर्शी और दीर्घकालिक समाधान का पक्षधर है। ऐसा समाधान दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ में होता है और इसके जलग्रहण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा प्रदेश में स्थित है। राज्य में कृषि, सिंचाई, पेयजल और विशेष रूप से आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों की विकास आवश्यकताएं महानदी से जुड़ी हुई हैं। इसलिए किसी भी स्थायी समाधान में छत्तीसगढ़ की इन वास्तविक आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अपने हितों की बात करते हुए ओडिशा की आवश्यकताओं और हितों का भी पूरा सम्मान करता है। हीराकुंड ओडिशा की जीवनरेखा है और छत्तीसगढ़ उसके महत्व को भलीभांति समझता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हीराकुंड जलाशय के हितों और उसके सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने को तैयार है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जल जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन को  साझी समृद्धि का माध्यम बनाना चाहिए। दोनों राज्यों के बीच ऐसा तंत्र विकसित हो, जिसमें जल उपलब्धता, आवश्यकता और उपयोग से संबंधित तथ्य पारदर्शी ढंग से साझा हों और वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लिए जाएं। केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की पहल से समाधान की उम्मीद मुख्यमंत्री  साय ने महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा की गई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मध्यस्थता में दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक संवाद से आपसी सहमति का रास्ता निकलने की उम्मीद मजबूत हुई है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज राज्यों के बीच वर्षों से लंबित विषयों को संवाद और सहमति के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास भी सहकारी संघवाद और राष्ट्रीय एकता की इसी भावना को मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच जल संबंधी प्रश्नों का सौहार्दपूर्ण समाधान राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय से जटिल विषयों पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का वातावरण बना है। संवाद और वैज्ञानिक तथ्यों से निकलेगा टिकाऊ समाधान मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महानदी से संबंधित विषय में भावनाओं के साथ वैज्ञानिक तथ्यों का भी उतना ही महत्व है। छत्तीसगढ़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मध्यस्थता तथा केंद्रीय जल आयोग के निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी तकनीकी आकलन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जल उपलब्धता, वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं, सिंचाई, पेयजल, पर्यावरणीय जरूरतों और दोनों राज्यों की विकास संबंधी आवश्यकताओं का समग्र अध्ययन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। तकनीकी स्तर पर तथ्य स्पष्ट होंगे और राजनीतिक स्तर पर संवाद एवं विश्वास कायम रहेगा तो निश्चित रूप से ऐसा समाधान निकल सकता है, जो दोनों राज्यों को स्वीकार्य हो और आने वाली पीढ़ियों के हित में भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के परामर्श और केंद्र सरकार की मध्यस्थता से जो न्यायसंगत एवं व्यावहारिक समाधान सामने आएगा, छत्तीसगढ़ उसे सकारात्मक भावना से आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करेगा। बस्तर की तरह दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वय से समाधान की दिशा में बढ़ने का विश्वास मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के सकारात्मक परिणामों को बस्तर में करीब से देखा है। नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा, विकास और जनविश्वास को साथ लेकर जिस समन्वित दृष्टिकोण से काम किया गया, उससे बस्तर में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जटिल और लंबे समय से लंबित विषयों में भी जब स्पष्ट इच्छाशक्ति, निरंतर संवाद और सभी पक्षों के बीच विश्वास हो, तो समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति संभव है। महानदी के विषय पर भी इसी सकारात्मक भावना से दोनों राज्य आगे बढ़ सकते हैं। महानदी विवाद नहीं, सहयोग की धारा बने : मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों प्रदेशों की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में अनेक समानताएं हैं। उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ की आस्था और शिवरीनारायण से पुरी तक जुड़े सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी आस्था और संस्कृति हमें जोड़ती है। महानदी भी इसी साझा विरासत और जीवन का हिस्सा है। इसलिए महानदी को विवाद की रेखा नहीं, बल्कि सहयोग, विकास और विश्वास की धारा बनाना हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की प्राथमिकता अपने किसानों और नागरिकों का हित है। दोनों राज्यों के नेतृत्व को जमीनी आवश्यकताओं की समझ है। इसलिए परस्पर विश्वास के … Read more

धमतरी के 498 केंद्रों में सजी पोषण और खुशियों की चौपाल, बच्चों-महिलाओं को मिल रहा लाभ

धमतरी में 'आंगन मिलन सेवा' से संवर रहा बच्चों और महिलाओं का भविष्य 498 केंद्रों में सज रही पोषण और खुशियों की चौपाल ​रायपुर ​        धमतरी जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम से आंगनबाड़ी केंद्र खुशियों, खेल-कूद और पोषण जागरूकता के जीवंत सामुदायिक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। जिले के कुल 1,164 आंगनबाड़ी केंद्रों में से अब तक 498 केंद्रों में 30 सितंबर तक इस विशेष आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा चुका है। 25 सितंबर से शुरू हुआ यह अभियान आगामी 6 अक्टूबर तक निरंतर जारी रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। ​पोषण, स्वास्थ्य और संस्कृति का अनोखा संगम         ​'आंगन मिलन सेवा' के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रमों में ‘मेरी पौष्टिक थाली’ एवं पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, चित्रकला, मनोरंजक खेल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। नन्हें-मुन्नों की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया है।          ​महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राहियों के लिए रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही फुगड़ी, रस्साकशी, मटकी फोड़ और कुर्सी दौड़ जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी खेलों ने महिलाओं में एक नया उत्साह भर दिया है। ​'न्योता भोज' और 'घर-घर मुनगा' से मजबूत हो रही पोषण की नींव            ​कार्यक्रम के दौरान संतुलित आहार और स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व पर विशेषज्ञों द्वारा जागरूक किया जा रहा है। सामुदायिक सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए ‘न्योता भोज’ का आयोजन कर आंगनबाड़ी के बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन कराया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर अत्यधिक पोषक माने जाने वाले मुनगा को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए ‘घर-घर मुनगा, हर घर मुनगा’ अभियान चलाकर परिवारों को प्रेरित किया जा रहा है। ​जन-भागीदारी से बना सामुदायिक उत्सव        ​अभियान को मिल रहे अपार जनसमर्थन के आंकड़े इसकी सफलता की कहानी खुद बयां करते हैं। अब तक आयोजित कार्यक्रमों में 2,171 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों की सक्रिय भूमिका रही है। वहीं 6,543 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और 4,379 से अधिक महिलाओं ने प्रतियोगिताओं में अपनी जीवंत सहभागिता निभाई। इतना ही नहीं, 6,033 से अधिक पुरुषों ने भी आगे बढ़कर इस पहल का समर्थन किया, जिससे यह विभागीय कार्यक्रम महज एक औपचारिक आयोजन न रहकर एक व्यापक और उमंग भरे सामुदायिक उत्सव में बदल गया। 'खिलौना दान करें, बच्चे के सर्वांगीण विकास में भागीदार बनें'          ​महिला एवं बाल विकास विभाग ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से अपील करते हुए खिलौना बैंक में योगदान देने का आह्वान किया है। लोग अपने घरों में रखे पुराने या नए, सुरक्षित एवं उपयोगी खिलौनों को निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र में दान कर सकते हैं।        ​विभाग का मानना है कि खिलौने केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और बौद्धिक क्षमता विकसित करने के सशक्त माध्यम हैं।जनभागीदारी के इस पावन प्रयास से आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक समृद्ध बनाकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जा रही है।

वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर, उनका अनुभव नई पीढ़ी के लिए अनमोल विरासत – राजेश अग्रवाल

रायपुर अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अंबिकापुर के सियानगुड़ी में वृद्धजनों के सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने वृद्धजनों को शॉल एवं फल भेंट कर सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर वृद्धजनों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण के लिए विशेष शिविर भी लगाया गया। समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। जीवन के लंबे अनुभव से अर्जित उनका ज्ञान और मार्गदर्शन समाज तथा नई पीढ़ी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परिवार में बुजुर्गों की मौजूदगी न केवल संस्कारों और परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाती है, बल्कि परिवार को भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाती है।  अग्रवाल ने कहा कि माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों का आदर तथा उनकी सेवा हमारी संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। वृद्धजनों की गरिमा और सम्मान बनाए रखना केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवार में माता-पिता का सम्मान और उनकी सेवा करने से आपसी प्रेम, संस्कार एवं सद्भाव की भावना मजबूत होती है। नई पीढ़ी को भी बुजुर्गों के अनुभव से सीखते हुए उनके प्रति संवेदनशीलता और आत्मीयता का भाव बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों के कल्याण के लिए शासन एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचालित योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र वृद्धजनों तक पहुंचना चाहिए। वृद्धावस्था में उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी वृद्धजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और सम्मानजनक जीवन की कामना की। वक्ताओं ने लोगों से अपने माता-पिता और परिवार के बुजुर्गों की भावनाओं को समझने, उनके साथ समय बिताने तथा उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखने का आग्रह किया। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के इस आयोजन में वृद्धजनों का उत्साह भी देखते ही बना। कार्यक्रम के दौरान गीत एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनका उपस्थित लोगों ने आनंद लिया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक  व्ही.के. उके ने विभाग द्वारा वृद्धजनों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी। वृद्धजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सकीय दल ने वृद्धजनों की स्वास्थ्य जांच के साथ आंखों से संबंधित समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। इस दौरान बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में सरगुजा सांसद  चिंतामणि महाराज, लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष  अनुराग सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष मती निरुपा सिंह, महापौर मती मंजूषा भगत, सभापति  हरमिंदर सिंह टिन्नी, नगर निगम आयुक्त  विनय कुमार अग्रवाल, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक  व्ही.के. उके सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी झाड़ू-बेलचा, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश

सेवा संकल्प अभियान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी बेलचा और झाड़ू, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना के साथ ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार और तालाब किनारे चलाया स्वच्छता अभियान आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों के शासकीय कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी हुई स्वच्छता गतिविधियां रायपुर,  सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को साकार करते हुए सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में बुधवार को ‘स्वच्छता ही सेवा‘ कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम पंचायत तराजू में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में सहभागिता निभाई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों के साथ साप्ताहिक बाजार स्थल एवं तालाब के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश दिया। अभियान के दौरान अग्रवाल ने स्वयं झाड़ू लगाकर सार्वजनिक स्थल की सफाई की और ग्रामीणों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है। गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। स्वच्छता किसी एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा। अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपने घर और परिसर के साथ ही बाजार, तालाब, सड़क तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का भी ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छता का उद्देश्य वास्तविक रूप में साकार होगा। उन्होंने ओडीएफ प्लस के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी ग्रामीणों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार स्थल और तालाब किनारे आयोजित सामूहिक श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के साथ लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, जलस्रोतों एवं उनके आसपास गंदगी नहीं फैलाने और गांव की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करने का संदेश दिया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता गतिविधियां केवल ग्राम तराजू तक सीमित नहीं रहीं। आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों में स्थित शासकीय कार्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। अधिकारी-कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्वच्छताग्राहियों ने श्रमदान करते हुए कार्यालय एवं आंगनबाड़ी परिसरों की साफ-सफाई की। इसके माध्यम से ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को जन-जन तक पहुंचाते हुए ग्रामीणों को अपने गांव और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। ग्राम तराजू में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष कामेश्वर राजवाड़े, राकेश अग्रवाल, राकेश साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि राजेंद्र जायसवाल, दिनेश बारी, दिनेश साहू, जनपद सदस्य श्रीमती रजनी पैंकरा सहित ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताग्राही एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

हर महीने 4 से 5 हजार रुपए के बिजली बिल से मिली राहत

रायपुर   हर महीने बिजली का बिल आते ही परिवार के बजट की चिंता बढ़ जाती थी। चार से पांच हजार रुपए तक का बिजली बिल चुकाने में घरेलू खर्च का बड़ा हिस्सा चला जाता था। लेकिन अब घर की छत पर सूरज की किरणें केवल रोशनी ही नहीं, बल्कि बचत भी लेकर आ रही हैं। यह बदलाव आया है राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम कल्लूटोला निवासी  होसीलाल साहू के जीवन में। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र ने उनके परिवार को बिजली के खर्च से बड़ी राहत दी है। साहू बताते हैं कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 4 से 5 हजार रुपए तक आता था। परिवार की दूसरी आवश्यकताओं के साथ इतनी बड़ी राशि बिजली बिल पर खर्च करना उनके लिए आर्थिक चुनौती थी। इसी दौरान पंचायत में आयोजित सूर्यसभा के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली। योजना के लाभ और सौर ऊर्जा से होने वाली बचत के बारे में जानने के बाद उन्होंने अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराने का निर्णय लिया। सौर संयंत्र स्थापित करने के लिए  साहू को केन्द्र शासन से 78 हजार रुपए और राज्य शासन से 30 हजार रुपए, इस प्रकार कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी का लाभ मिला। शासन से मिली इस आर्थिक सहायता ने सौर ऊर्जा अपनाने की राह उनके लिए आसान कर दी।घर की छत पर सौर संयंत्र लगने के बाद परिवार के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। पहले हर महीने हजारों रुपए के बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब वही राशि परिवार की दूसरी जरूरतों और बचत में उपयोग हो सकती है। सौर ऊर्जा ने घर की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही परिवार के मासिक बजट को भी राहत दी है। बिजली बिल की चिंता घटी, परिवार में बढ़ी खुशी  होसीलाल साहू कहते हैं कि सौर संयंत्र लगने से उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। बिजली के बढ़ते खर्च की जो चिंता पहले हर महीने बनी रहती थी, वह अब काफी हद तक कम हो गई है। सूर्य की रोशनी से तैयार होने वाली स्वच्छ ऊर्जा उनके लिए आर्थिक बचत का स्थायी माध्यम बन रही है। साहू ने योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना उनके जैसे सामान्य परिवारों के लिए आर्थिक राहत देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।        प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए  साहू ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब सीधे परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका असर उनके दैनिक जीवन में दिखाई देता है।होसीलाल साहू के घर की छत पर लगा सौर संयंत्र आज केवल बिजली पैदा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बचत, आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक भी बन गया है। कभी बिजली का बिल परिवार के बजट पर बोझ था, आज उसी घर में सूरज की रोशनी आर्थिक राहत और खुशहाली का उजाला बिखेर रही है।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बांटी सामग्री व प्रमाण पत्र

रायपुर राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरुवार को नवीन कृषि उपज मण्डी परिसर बलौदाबाजार में ब्लॉक स्तरीय ‘सेवा सेतु शिविर’ का आयोजन किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत 3,888 हितग्राहियों को सामग्री, चेक एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया। शिविर में आए 736 जन-समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों में से 614 का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। इसके साथ ही मेगा हेल्थ कैंप में 400 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण व चिकित्सीय सुविधाओं का लाभ उठाया। ​एक ही छत के नीचे सभी शासकीय सुविधाएं: राजस्व मंत्री  वर्मा शिविर को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है। शिविर में सभी विभागों के स्टॉल और जिला अधिकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, अतः आम जनता को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार 'मोदी की गारंटी' को शत-प्रतिशत लागू कर रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में हर माह 1,000 रुपये हस्तांतरित किए जा रहे हैं, वहीं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत पात्र मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ​दान उत्सव रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना आयोजन के दौरान राजस्व मंत्री ने 'दान उत्सव रथ' के लिए सामग्री दान की और जनप्रतिनिधियों के साथ रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव भ्रमण करेगा, जहां इच्छुक नागरिक दैनिक उपयोग की वस्तुएं दान कर सकेंगे, जिन्हें बाद में जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। मंत्री व अधिकारियों ने आम जनता से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। ​बुजुर्गों को पहनाया नजर का चश्मा, चेहरे पर आई मुस्कान मंत्री  वर्मा ने शिविर में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों और मेगा हेल्थ कैंप का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं कई बुजुर्गों को नजर का चश्मा पहनाया और हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। ​जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, एसपी, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बांटी सामग्री व प्रमाण पत्र

रायपुर राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरुवार को नवीन कृषि उपज मण्डी परिसर बलौदाबाजार में ब्लॉक स्तरीय ‘सेवा सेतु शिविर’ का आयोजन किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत 3,888 हितग्राहियों को सामग्री, चेक एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया। शिविर में आए 736 जन-समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों में से 614 का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। इसके साथ ही मेगा हेल्थ कैंप में 400 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण व चिकित्सीय सुविधाओं का लाभ उठाया। ​एक ही छत के नीचे सभी शासकीय सुविधाएं: राजस्व मंत्री  वर्मा शिविर को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है। शिविर में सभी विभागों के स्टॉल और जिला अधिकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, अतः आम जनता को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। मंत्री  वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार 'मोदी की गारंटी' को शत-प्रतिशत लागू कर रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में हर माह 1,000 रुपये हस्तांतरित किए जा रहे हैं, वहीं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत पात्र मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ​दान उत्सव रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना आयोजन के दौरान राजस्व मंत्री ने 'दान उत्सव रथ' के लिए सामग्री दान की और जनप्रतिनिधियों के साथ रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव भ्रमण करेगा, जहां इच्छुक नागरिक दैनिक उपयोग की वस्तुएं दान कर सकेंगे, जिन्हें बाद में जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। मंत्री व अधिकारियों ने आम जनता से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। ​बुजुर्गों को पहनाया नजर का चश्मा, चेहरे पर आई मुस्कान मंत्री  वर्मा ने शिविर में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों और मेगा हेल्थ कैंप का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं कई बुजुर्गों को नजर का चश्मा पहनाया और हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। ​जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, एसपी, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम

रायपुर  बाल अधिकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Post Graduate Diploma in Protection of Child Rights (RAKSHAK) पाठ्यक्रम की कक्षाएं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों में प्रारंभ की गई हैं। इस महत्वपूर्ण पहल के शुभारंभ अवसर पर सभी छह विश्वविद्यालयों के साथ ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं संबंधित पदाधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में माननीय अध्यक्ष महोदया डॉ. वर्णिका शर्मा जी ने सहभागिता की। वहीं उच्च शिक्षा मंत्री माननीय  टंकराम वर्मा जी भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। उन्होंने सभी छह विश्वविद्यालयों में ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर बधाई देते हुए बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता और महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े जी ने भी ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर सभी छह विश्वविद्यालयों, विद्यार्थियों एवं संबंधित संस्थानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बाल अधिकारों की रक्षा, बच्चों के सुरक्षित भविष्य तथा समाज में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में इस पहल के महत्व को रेखांकित किया। बैठक में सभी छह विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए साथ मिलकर कार्य करने तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में बच्चों की भी उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। बच्चों ने बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त करते हुए प्रश्न किए। आयोग की अध्यक्ष एवं सचिव ने बच्चों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें बाल अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम का उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ इस क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं संवेदनशील मानव संसाधन तैयार करना है। यह पहल बाल अधिकारों की समझ को व्यापक बनाने तथा बच्चों के संरक्षण के लिए संस्थागत स्तर पर प्रभावी कार्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम के अंतर्गत कक्षाएं निम्नलिखित छह विश्वविद्यालयों में प्रारंभ हुई हैं:- 1. पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय 2. कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय 3. ⁠गहीरा गुरु विश्वविद्यालय 4. एमिटी विश्वविद्यालय 5. आंजनेय विश्वविद्यालय 6. शंकराचार्य विश्वविद्यालय सभी छह विश्वविद्यालयों की सहभागिता से ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक साझा प्रयास के रूप में आगे बढ़ेगा। इस पहल के माध्यम से बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। बाल अधिकारों की रक्षा, सुरक्षित बचपन की दिशा में एक सशक्त पहल।

पेवर ब्लॉक घोटाले में कार्रवाई की तैयारी, भिलाई निगम के उप अभियंता से मांगा स्पष्टीकरण

भिलाई. नगर निगम भिलाई की परियोजना शाखा द्वारा कराए गए पेवर ब्लॉक के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत की संयुक्त जांच में पुष्टि हो गई है। लोक निर्माण विभाग दुर्ग संभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की संयुक्त जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। लोकसभा सांसद दुर्ग विजय बघेल के माध्यम से 06 दिसंबर 2025 को आवेदक संतोष मौर्य, भाजपा जिला महामंत्री, पूर्व पार्षद वार्ड-15 अंबेडकर नगर द्वारा शिकायत की गई थी कि निगम की परियोजना शाखा में पेवर ब्लॉक के कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। इस पर कलेक्टर ने संयुक्त जांच के आदेश दिए थे। जांच में क्या मिला कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने कलेक्टर दुर्ग को सौंपे गए जांच प्रतिवेदन के अनुसार निगम के 29 अनुबंधों की मौके पर जांच की गई। इसमें से 21 अनुबंधों में माप पुस्तिका में दर्ज मात्रा मौके पर कम पाई गई। एनेक्जर-1 के कॉलम 8 में दर्शाई गई कम मात्रा के अनुसार 16,85,457 रुपए का अधिक भुगतान माप पुस्तिका में दर्ज पाया गया। जांच के दौरान 9 अधिकारी उपस्थित थे, जिसमें पीडब्ल्यूडी के अनुविभागीय अधिकारी बी.एल.पीसदा, उपअभियंता मनीष तिवारी, सविता प्रसाद और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के प्रतीक मसीह, राकेश साहू तथा निगम के सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, उपअभियंता अर्पित वंजारे, श्वेता महेश्वर, रीमा जांबुलकर शामिल थे। कलेक्टर ने दिए कठोर कार्रवाई के आदेश जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दुर्ग अभिजीत सिंह ने भिलाई निगम के आयुक्त को आदेशित किया है। उक्त समस्त कार्यों, स्थलों पर माप दर्ज करने वाले दोषी अभियंताओं तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं आधिक्य राशि की वसूली उनसे करते हुए प्रतिवेदन 15 दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उप अभियंता ने दिया स्पष्टीकरण कारण बताओ नोटिस मिलने पर निगम के जोन 1 के उपअभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा ने मुख्य अभियंता को लिखित स्पष्टीकरण दिया है। वार्ड 06 नेहरू नगर चौक प्रियदर्शिनी परिसर में वेंडिंग जोन में पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य के संबंध में उनका कहना है कि माप पुस्तिका में 378.56 वर्ग मीटर और जांच में 375.20 वर्ग मीटर पाया गया, अंतर 3.36 वर्ग मीटर का है, जिसकी राशि 2123.00 रुपये है। वर्तमान में पुनः माप पर 33.35 मी. गुणा 11.35 मी. 378.52 वर्ग मी. पेवर ब्लॉक लगा पाया गया हैं, जो एमबी के अनुरूप है। माप, वास्तविक प्रगति और तत्कालीन स्थल परिस्थिति के अनुसार की गई थी। माप की विधि और वर्तमान तिथि में अंतर, कार्य के निष्पादन परिवर्तन के कारण मामूली अंतर संभव है। किसी ठेकेदार को अनुचित लाभ नहीं पहुंचाया, न निगम को क्षति पहुंचाई जांच दल ने बिना सूचना के उनकी अनुपस्थिति में मापांकन किया, वे संयुक्त पुनः सत्यापन के लिए तैयार हैं।