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ED की कार्रवाई तेज: शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की फिर से न्यायिक रिमांड, कल होगी कस्टडी पर बहस

रायपुर  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 14 दिन की न्यायिक रिमांड अवधि समाप्त होने पर आज उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में अब 1 सितंबर को सुनवाई होगी। मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर लेने के लिए अदालत में आवेदन लगाया है। ईडी का कहना है कि जांच में नए तथ्य सामने आए हैं और इन पर पूछताछ करना जरूरी है। हालांकि अदालत में कंडोलेंस (श्रद्धांजलि कार्यक्रम) होने की वजह से आज सुनवाई नहीं हो सकी। अब ईडी के आवेदन पर कल यानी 19 अगस्त को सुनवाई होगी। 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में दी गई जानकारी के अनुसार, ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई। चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले ईडी की जांच से पता चला है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की पीओसी प्राप्त हुई थी। उन्होंने उक्त पीओसी को मिलाने के लिए अपनी रियल एस्टेट फर्मों का इस्तेमाल किया था। यह पता चला है कि उन्होंने पीओसी की उक्त नकद राशि का उपयोग अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विकास में किया था। पीओसी का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान, त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया। 1000 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति का संचालन इसके अलावा, उन पर शराब घोटाले से उत्पन्न 1000 करोड़ रुपये से अधिक के पीओसी (POC) को संभालने का भी आरोप है। वह छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को पीओसी हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त धनराशि को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इस धनराशि के अंतिम उपयोग की आगे जांच की जा रही है। पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे ईडी ने इससे पहले पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा को इस मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है। ED की कार्रवाई के खिलाफ चैतन्य ने HC में लगाई याचिका गौरतलब है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में ED द्वारा उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में चैतन्य ने कहा था कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें पहले हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में ED की कार्रवाई के खिलाफ याचिका लगाई, जिस पर 12 अगस्त को हाई कोर्ट ने सुनवाई की और ईडी को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब मांगा है। जेल अधीक्षक को भी दिए निर्देश चैतन्य बघेल के वकील ने कोर्ट में बताया कि चैतन्य को जेल में पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा। जिस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।

NAAC ने दिया पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को A+ ग्रेड, विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में इजाफा

रायपुर राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति रमेन डेका ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने पर शुभकामनाएं दी है. राजभवन मे आज रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदांनद शुक्ला ने राज्यपाल से भेंट कर विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त होने का पत्र सौंपा. राज्यपाल ने इसे पूरे प्रदेश के लिए हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि राज्य के अन्य शासकीय विश्वविद्यालयों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी और वे गुणवत्ता में सुधार लाकर अति उत्तम ग्रेडिंग प्राप्त करेंगे. रविशंकर विश्वविद्यालय राज्य का पहला शासकीय विश्वविद्यालय है, जिसे सामान्य विश्वविद्यालय की श्रेणी में ए प्लस ग्रेड प्रदान किया गया है. राज्यपाल डेका ने विगत एक वर्ष में नियमित रूप से शासकीय विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक लेकर उन्हें गुणवत्ता में सुधार लाने और नैक ग्रेडिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है. उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से रविशंकर विश्वविद्यालयों को यह उपलब्धि हासिल हुई है जिसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संचालक प्रोफेसर आर. पी. परगनिहा और कुलसचिव प्रोफेसर अंबर व्यास उपस्थित थे.

नक्सली हिंसा में जवान शहीद, CM विष्णुदेव साय ने दी श्रद्धांजलि, कहा- आतंक के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई

रायपुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में नक्सिलयों के आईईडी ब्लास्ट में DRG जवान दिनेश नाग शहीद हो गए. इस हमले में 3 अन्य जवान घायल हुए हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में बीजापुर DRG के जवान दिनेश नाग के शहीद होने एवं तीन जवानों के घायल होने की दु:खद सूचना मिली है. ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं. घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं. उन्होंने कहा कि बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली हताश हैं और इसीलिए ऐसी कायराना हरकतें कर रहे हैं. DRG के जवान दिनेश नाग की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. नक्सलवाद का खात्मा हमारा संकल्प है और इस दिशा में हम हर हाल में सफल होंगे. बता दें कि भोपालपटनम के उल्लुर इलाके में जवान सर्चिंग अभियान के लिए रवाना हुए थे. इस दौरान नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया. इसकी चपेट में आने से डीआरजी के जवान दिनेश नाग शहीद हो गए हैं. वहीं 3 जवान – भरत धीवर, पैकू इंला और मुंदारू राम कवासी घायल हुए हैं. फिलहाल घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में जवानों ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है.

डिप्टी कलेक्टर पर महिला आरक्षक का आरोप – बार-बार शारीरिक संबंध और तीन बार कराया गर्भपात

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला आरक्षक ने डिप्टी कलेक्टर पर शादी का झांसा देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने, जबरदस्ती गर्भपात करवाने और आर्थिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत में महिला ने यह बताया है कि उनका संबंध करीब आठ साल तक चलता रहा। इस दौरान उसने डिप्टी कलेक्टर को लाखों रुपये भी दिए। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत डौंडी थाना में की है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला आरक्षक और डिप्टी कलेक्टर की जान-पहचान डौंडी थाना में महिला आरक्षक ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में ग्राम अवारी, जिला बालोद निवासी दिलीप उईके के साथ वह डौंडी स्थित आईटीआई में पढ़ाई कर रही थी। एक साथ पढ़ाई करने के कारण हमारी बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दिलीप ने उससे शादी का वादा किया और उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करना शुरू किया। स्वजातीय होने के कारण और डौंडी में पढ़ाई के दौरान शारीरिक संबंध बनाने के कारण महिला मार्च 2017 में पहली बार गर्भवती हुई। जब उसने यह बात दिलीप को बताई, तो उसने कहा कि अभी वह पढ़ाई कर रहे हैं, पहले कुछ बन जाए और अपने पैरों पर खड़े हो जाएं, फिर शादी और बच्चे के बारे में सोचा जाएगा। इसके बाद उसने महिला को झांसा देकर जबरदस्ती दवा खिलाकर गर्भपात करवाया। अगस्त 2017 में महिला की पुलिस विभाग में नौकरी लग गई और दिलीप उईके ने आगे की पढ़ाई के लिए दुर्ग साइंस कॉलेज में एडमिशन लिया। शुरुआत में वह हॉस्टल में रह रहे थे, बाद में किराये पर मकान लेकर रहने लगे। महिला की नौकरी लग जाने के कारण और भविष्य में दिलीप के साथ शादी करने की आशा में उसने उसकी पढ़ाई, कोचिंग और अन्य खर्चों के लिए हर माह 4-5 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर की। इस दौरान जब भी दोनों की मुलाकात होती, तो दिलीप शादी की बात कहकर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। पीएससी परीक्षा में सफल होने के बाद वर्ष 2020 में दिलीप डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुआ और बीजापुर में पोस्टिंग हुई। नौकरी लगने के बाद जब महिला ने शादी के लिए कड़ा रुख अपनाया, तो उसने महिला को झांसा देते हुए कहा कि अभी नौकरी लगी है, जल्द ही अच्छे से सैटल हो जाऊं, फिर तुमसे शादी करूंगा और लगातार संबंध बनाते रहा। पीड़िता ने बताया कि फरवरी 2023 में दिलीप ने उसके नाम पर मारुति कार (बेजा) खरीदी, जिसका वाहन क्रमांक CG 24T3967 है। फरवरी 2024 में दिलीप ने उसके नाम से लोन की बकाया राशि अपने खाते से महिला के खाते में ट्रांसफर करवाकर कार को अपने नाम पर ट्रांसफर कर लिया। दिसंबर 2024 में वह महिला को अंडमान लेकर गया और 2 दिसंबर से 6 दिसंबर तक फिर से शारीरिक संबंध बनाया। लगभग एक माह बाद महिला को पता चला कि वह फिर से गर्भवती हूं। गर्भावस्था की जानकारी देने पर दिलीप ने मुझे बीजापुर बुलाया। जनवरी 2024 में महिला बीजापुर में दिलीप के शासकीय आवास में लगभग एक सप्ताह रही। उसी दौरान उसने शादी से पहले गर्भवती होने से समाज में होने वाली बदनामी का डर दिखाकर 13 जनवरी 2025 को जबरदस्ती गर्भपात की दवा खिलाई। दवा लेने के कारण महिला की तबीयत खराब हुई। जब महिला ने शादी की मांग की, तो दिलीप ने महिला को मंदिर में शादी का आश्वासन दिया। इसके बाद भी फरवरी और मार्च 2025 में बार-बार शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया और महिला को आर्थिक रूप से भी प्रभावित किया। इस दौरान महिला ने बैंक से लोन लेकर कुल 3,30,000 रुपये दिलीप के खाते में ट्रांसफर किए। मई 2025 में तीसरी बार गर्भवती होने पर भी उसने(दिलीप) शादी का झांसा देकर 15 मई 2025 को जबरदस्ती गर्भपात की दवा खिलाई। बार-बार फोन करने के बावजूद दिलीप ने जवाब नहीं दिया। 2 जून 2025 को दिलीप महिला को उसके घर छोड़कर गया और साफ-साफ कहा कि वह शादी नहीं कर सकता, तुम्हे जो करना है कर लो। इस मामले में महिला आरक्षक की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इस मामले में सीएसपी दल्लीराजहरा चित्रा वर्मा ने बताया कि डौंडी थाना क्षेत्र के एक गांव से लड़की का आवेदन प्राप्त हुआ है। मामला दर्ज कर बयान लिया जा रहा है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। वहीं इस मामले में जब हमने बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके के मोबाइल नंबर ***35271 पर फोन लगाया तो उनकी तरफ से भी जवाब नहीं मिला।

शराब खरीदते समय मारपीट: चाकू व बोतल से वार, तीन घायल

रायपुर  गंजपारा शराब भट्ठी में शनिवार शाम शराब की लाइन में धक्का-मुक्की को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपितों ने चाकू और बीयर की बोतल से हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया। पुलिस के अनुसार, छोटा रामनगर कबीर चौक निवासी तेजपाल चौहान शनिवार की शाम करीब पांच बजे अपने दोस्तों गितेश वर्मा और तोषण साहू के साथ गंजपारा शराब भट्ठी शराब लेने पहुंचा था। लाइन में लगे होने के दौरान गंजपारा निवासी अमन सोनी, लक्की गोप, दुर्गेश उर्फ दरवेश और तामू उर्फ तामेश्वर पहुंचे और पहले शराब लेने की बात कहकर तेजपाल को धक्का देकर पीछे करने लगे। मना करने पर आरोपितों ने तेजपाल को गालियां देते हुए चाकू से बांयी जांघ पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गए और खून बहने लगा। बीच-बचाव करने आए तोषण साहू के सिर पर बीयर की बोतल मार दी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। वहीं, गितेश वर्मा को कांच के टुकड़े से मारा गया, जिससे उसे भी चोट आई है।  

भूपेश बघेल को SC से झटका, ED मामले में कानून का पालन अनिवार्य

रायपुर  सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) की धारा 44 के तहत जांच करने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारों को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया। देश की सबसे बड़ी अदालत ने उन्हें हाई कोर्ट जाने की नसीहत दी। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बघेल की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इस प्रावधान में कुछ भी गलत नहीं है। पीठ ने साथ ही कहा कि अगर इसका (धारा 44) दुरुपयोग हो रहा है तो पीड़ित पक्ष हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। पीठ की ओर से न्यायमूर्ति बागची ने कहा, 'दुर्भावना कानून में नहीं, बल्कि उसे दुरुपयोग में है।' कांग्रेस नेता ने पीएमएलए की धारा 44 के तहत ईडी को मूल शिकायत के बाद दर्ज की गई अन्य शिकायतों के आधार पर धन शोधन से संबंधित मामले में आगे की जांच के अधिकार को चुनौती दी थी। गौरतलब है कि ईडी छत्तीसगढ़ में बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपए की शराब बिक्री से संबंधित धन शोधन के आरोपों की जाच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि संबंधित मामले में अवैध रूप से कमीशन की वसूली की गई, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ।

बस्तर दशहरा की तैयारी तेज, भूमिगत बिजली लाइन से रथ परिक्रमा मार्ग होगा जगमग

जगदलपुर बस्तर के विश्व प्रसिद्ध दशहरा पर्व में अब रथ परिक्रमा मार्ग अंधेरे में नहीं, बल्कि रोशनी से जगमगाएगा. 07 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से भूमिगत विद्युत लाइन बिछाने के बहुप्रतीक्षित कार्य का आज टाऊन हॉल स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में भूमिपूजन किया गया. इस कार्य के तहत सिरहासार चौक से लालबाग आमागुड़ा चौक तक भूमिगत केबल डाली जाएगी, जिससे दशहरा के दौरान रथ परिक्रमा मार्ग पर बिजली कटने की समस्या हमेशा के लिए खत्म होगी. रथ परिक्रमा के ऐतिहासिक मार्ग दंतेश्वरी मंदिर, सिरहासार चौक, गोलबाजार, टेकरी हनुमान मंदिर, बाहर-भीतर रैनी, स्टेट बैंक चौक, सिटी कोतवाली, लालबाग और कुम्हड़ाकोट अब निरंतर बिजली सप्लाई के साथ रथ के भव्य संचालन के साक्षी बनेंगे. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने बताया कि यह बस्तरवासियों की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वीकार कर स्वीकृति प्रदान की. उन्होंने विभाग को समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि इस वर्ष के दशहरा पर्व में ही लोग बिना रुकावट रोशनी का आनंद ले सकें. महापौर संजय पांडे ने इसे जगदलपुर के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और कहा कि इस परियोजना से न केवल दशहरा की गरिमा बढ़ेगी, बल्कि शहर की आधारभूत सुविधाओं में भी स्थायी सुधार होगा. भूमिपूजन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, निगम अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने इस पल को और खास बना दिया. बस्तर दशहरा की सांस्कृतिक भव्यता में यह परियोजना अब नई रोशनी और नई ऊर्जा का संचार करेगी.

छत्तीसगढ़ में फीका रहा विश्व आदिवासी दिवस, पूर्व मंत्री बोले – राजनीति में दब गया उत्सव

 सरगुजा विश्व आदिवासी दिवस को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो गई है. पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजन से किनारा किया. छत्तीसगढ़ में आदवासी मुख्यमंत्री रहते हुए यहां कोई बड़ा आयोजन नहीं किया गया. अमरजीत भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बाहुल्य राज्य है और इस राज्य का मुखिया या कहें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं. ऐसे में सरकार के मंत्री और जिला प्रशासन द्वारा इस आयोजन से किनारा करते दूरी बनाए रखने से आदिवासी समाज में काफी नाराजगी है, जिसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस राजनीति की भेंट चढ़ गया, जिसके कारण ना किसी का सम्मान हुआ ना ही प्रदेश में कोई बड़ा आयोजन हुआ. ऐसे में अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं. आखिर ऐसा क्यों हुआ. इन तमाम बातों को लेकर अमरजीत भगत ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर ना तो मुख्यमंत्री कोई कार्यक्रम में गए ना उनका मंत्रीमंडल का कोई मंत्री गया. छत्तीसगढ़ आदिवासियों की उपेक्षा हुई है.

खुले आसमान के नीचे कक्षा: छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा पर सवाल

रायपुर अभनपुर विकासखंड के हसदा 2 गांव के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इस समय बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। यहां कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं खुले आसमान के नीचे, कैंटीन या लैब में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल भवन की छत और खंभे जर्जर होकर गिर चुके हैं, जिससे बच्चों की जान को खतरा बना रहता है। स्कूल के छात्रो ने बताया कि बारिश के दिनों में क्लास रोककर छुट्टी दे दी जाती है, क्योंकि खुले में बैठना और जर्जर छत के नीचे पढ़ना खतरनाक है। खंडहर बना स्कूल भवन 1981 में बना यह भवन आज खंडहर में बदल चुका है, 2012-13 में जनसहयोग से लैब और चार कमरे बने, लेकिन वे भी पर्याप्त नहीं हैं, 90% अंक लाने वाले छात्र कहते हैं कि खुले में पढ़ाई से ध्यान भटकता है। कभी सड़क से गुजरते वाहन, कभी कुत्ते-बंदर, तो कभी बारिश का पानी कई छात्रों के परिणाम 20-30% तक गिर गए हैं, स्कूल के एक छात्र ने कहा, 'हमारे पास किताबें हैं, टीचर हैं, लेकिन भवन नहीं है,डर हमेशा बना रहता है कि कहीं छत गिरकर जान न लेले।' खुले में, कैंटीन या लैब में लगती है क्लास प्रिंसिपल रामकृष्ण निषाद ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें खुले में, कैंटीन या लैब में क्लास लेनी पड़ती है। 'हमने कई बार नए भवन के लिए प्रस्ताव दिया है, सांसद-विधायक तक गुहार लगाई है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली'। गांव के सरपंच ने बताया कि 1981 से अब तक, यानि 44 साल में, कई बार शासन को नए भवन की मांग भेजी गई,15 साल से लगातार पत्राचार और आश्वासन का सिलसिला चल रहा है, जनवरी में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एक साल में नया भवन देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। 'दिया तले अंधेरा' की मिसाल बना स्कूल सरकार स्मार्ट क्लास, नई शिक्षा नीति और विकास के दावे करती है, लेकिन हसदा का स्कूल 'दिया तले अंधेरा' की मिसाल है, यहां न बिजली की सही व्यवस्था है, न सुरक्षित क्लासरूम, बच्चे और शिक्षक दोनों खतरे में हैं, और शिक्षा का माहौल बदतर हो चुका है, गांववाले और अभिभावक सरकार से अपील कर रहे हैं कि जल्द से जल्द नया भवन बनाया जाए, ताकि बच्चों की जान सुरक्षित रहे और पढ़ाई प्रभावित न हो।  

रायपुर में अपराध का कहर: पिज्जा बॉय की जान ली, अज्ञात शव मिलने से हड़कंप

रायपुर राजधानी में सोमवार को दो अलग-अलग घटनाएं हुई हैं। आपराधिक घटनाओं ने शहर को दहला दिया। डीडी नगर इलाके में पिज्जा डिलीवरी करने गए युवक की चाकूबाजी में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गाड़ी टकराने के विवाद में आरोपी पप्पू यादव ने डिलीवरी बाय हेमंत कोठरी (निवासी रायपुर) पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हेमंत को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। डीडी नगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आमानाका में झाड़ियों से मिला अज्ञात शव आमानाका थाना क्षेत्र के रिंग रोड नंबर-02 तेंदुआ गांव के पास झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की उम्र करीब 40 से 45 साल है। शव पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। मृतक ने चड्डी और टी-शर्ट पहन रखी थी और कद-काठी से ट्रक ड्राइवर प्रतीत हो रहा है। पुलिस को आशंका है कि युवक की हत्या कर शव यहां फेंका गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।