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‘देश की डेमोग्राफी बदलना चाहती है विपक्ष’ — डिप्टी सीएम शर्मा का आरोप, ममता ने बीजेपी पर उठाए सवाल

रायपुर प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार छत्तीसगढ़ में पहचान छुपाकर या बदलकर रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापिस भेजने की कार्रवाई कर रही है. लेकिन पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर बांग्लाभाषियों पर उत्पीड़न नहीं रुका, तो गंभीर नतीजा भुगतना होगा. उनके इस बयान पर अब डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पलटवार किया है. डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि विपक्षी पार्टियां देश की डेमोग्राफी बदलना चाहती हैं. फर्जी आधार बनवाकर लोग बंगाल से छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. बोलने के लहजे और एक्सेंट से सब साफ पता चल जाता है. पूछने पर गांव, जन्म स्थान तक नहीं बता पाते हैं. बता दें, पश्चिम बंगाल में चुनाव होने हैं. PM मोदी के बंगाल दौरे से ठीक पहले कोलकाता में आयोजित एक रैली में CM ममता बनर्जी ने BJP सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश भर में पश्चिम बंगाल के मजदूरों को बांग्लादेशी बताकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है. CM ममता ने कहा- “मैं बंगालियों के प्रति केंद्र और भाजपा के रवैए से निराश और शर्मिंदा हूं.” उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनको बंगालियों से इतनी नाराज़गी क्यों है? “आगे से मैं और ज़्यादा बांग्ला बोलूंगी. CM ममता बनर्जी ने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि “बीजेपी में हिम्मत है तो मुझे डिटेंशन शिविर में बंद कर दिखाए. बंगाल के लोगों को डिटेंशन शिविरों में रखने की स्थिति में राज्य के लोग BJP को चुनाव के जरिए राजनीतिक डिटेंशन शिविर में भेज देंगे. अगर बांग्लाभाषियों का उत्पीड़न नहीं रुका तो भाजपा को इसका गंभीर राजनीतिक नतीजा भुगतना होगा.” छत्तीसगढ़ को स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार मिलने पर डिप्टी सीएम शर्मा ने दी बधाई छत्तीसगढ़ के निकायों को स्वच्छता के लिए आज राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इसपर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को स्वच्छता में आज राष्ट्रीय सम्मान मिला है. दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं रायपुर नगर निगम की टीम को सम्मानित किया है. उन्होंने आगे कहा कि निकायों ने अच्छा काम किया है, इसलिए स्वच्छता में इनाम मिला, लेकिन अभी और काम बाकी है. इसके साथ ही उन्होंने डिप्टी सीएम अरुण साव और टीम को बधाई दी है.    विधानसभा में भारतमाला प्रोजेक्ट पर हंगामा भारतमाला प्रोजेक्ट पर विधानसभा में संभावित हंगामे को लेकर डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस खुद घोटालेबाज है. “यह तो वही बात हो गई, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. मुख्यमंत्री ने कार्रवाई की है. जो दोषी हैं वो जेल जाएंगे. स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल डिप्टी सीएम शर्मा ने स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सभी की चिंता है. आपके (मीडिया) माध्यम से ध्यान खींचा जा रहा है, जरूर देखा जाएगा. आने वाले समय में सब ठीक होगा.

सदन की गरिमा पर सवाल: विपक्षी आचरण से आहत स्पीकर, डॉ. रमन ने जताई कड़ी आपत्ति

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को खाद संकट पर विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी से प्रश्नकाल बाधित हुआ. इससे नाराज स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने बीच में प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया. स्पीकर डॉ. रमन सिंह कहा कि प्रश्नकाल को बाधित करना बहुत ही गलत परंपरा है. आज जो कुछ हुआ 25 साल के इतिहास में नहीं हुआ. मेरे द्वारा आग्रह करने के बाद विपक्षी सदस्य गर्भगृह में नारेबाजी करते रहे. यह बहुत ही दुःखद था. मैं बहुत दुखी मन से विपक्षी सदस्यों को सदन की आज पूरे दिन की कार्यवाही से निलंबित करता हूँ. कांग्रेस विधायकों को उकसा रहे थे भूपेश बघेल संसदीय कार्यमंत्री ने विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी पर कहा आज विपक्ष का व्यवहार बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण रहा है. छत्तीसगढ़ के संसदीय परंपरा के इतिहास के लिए जो कुछ प्रश्नकाल के दौरान हुआ वह दुःखद है. कांग्रेस को इसका जवाब देना चाहिए कि विपक्ष को चला कौन रहा था ? भूपेश बघेल जी कांग्रेस विधायकों को उकसाने का प्रयास कर रहे थे.

सदन में खाद संकट की गूंज: विपक्ष ने घेरा सरकार को, धरना देकर लगाए ‘इस्तीफा दो’ के नारे

रायपुर  विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन खाद संकट पर विपक्ष ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम को घेरा. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दल के सदस्यों ने पहले गर्भगृह में पहुंचकर ‘खाद की कालाबाजारी बंद करो’ जैसे नारे लगाए, इसके बाद सदन से वॉकआउट किया. कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने सदन ने प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश खाद की कमी का मुद्दा उठाया. उन्होंने खाद का पूछा कि जून तक करीब आधा भंडारण हुआ है आपूर्ति का क्या प्लान है? कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि भारत सरकार से लगातार संपर्क में है, किसी तरह की कोई कमी खाद की नहीं हो इसपर नजर है, डीएपी की जहां कमी थी वहां दूसरे खाद को प्रमोट कर रहे हैं, डीएपी नैनो को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं. बहुत से रैक प्वाइंट पर खाद पहुंचने वाला है. 20 जुलाई तक 18850 मैट्रिक टन खाद यानि कुल 24 रैक अभी मिलने वाला है, जिसमें एनपीके और डीएपी खाद भी रहेगा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा कि डीएपी की कालाबाजारी क्यों हो रही है? इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि अभी तक 1 लाख 72 हजार मैट्रिक टन डीएपी आ गया है, 18 हजार मैट्रिक टन अगले 5 दिन में और आ जाएगा, कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी.

CM साय की बड़ी पहल: गांव-गांव पहुंचेगी चिकित्सा सुविधा, 151 वाहन किए रवाना

रायपुर  प्रदेश के कोने-कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा आमजन तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा. यह ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है. पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं. यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों और मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों से नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप संभव हो सकेगा. इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील होगा और राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी. यह पहल प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगी. मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे. प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए और 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत दी जाएंगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं. उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है. उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और मैदानी स्वास्थ्य अमले को इस विशेष सौगात के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं. इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण और गणमान्यजन उपस्थित थे.

स्वच्छता रैंकिंग में अंबिकापुर की बड़ी छलांग, देशभर में दूसरा स्थान मिला

अंबिकापुर  अंबिकापुर नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी पहचान बना ली है। उसे सुपर स्वच्छ लीग में शामिल किया गया है। 17 जुलाई को दिल्ली में अंबिकापुर को एलीट क्लब में शामिल शहरों के बीच सुपर स्वच्छ लीग के परिणाम के बाद सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ के डेप्युटी सीएम अरुण साव को यह सम्मान दिया। अंबिकापुर नगर निगम ने शहर को सुंदर बनाने के लिए काम किया और पिछली बार के सर्वे में जो कमियां थीं, उन्हें दूर किया। अंबिकापुर नगर निगम ने पहले भी स्वच्छता के लिए बहुत काम किया है। लेकिन कुछ समय से उसकी रैंकिंग गिर गई थी। इस बार नगर निगम ने और भी ज्यादा मेहनत की। शहर को साफ रखने के साथ-साथ उसे सुंदर भी बनाया। लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया। जिसके फलस्वरूप उसे सुपर स्वच्छ लीग में टॉप जगह मिल गई है। सर्वे के बाद आए नतीजे स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम शहर में दो बार आई। पहली बार उन्होंने सामान्य स्वच्छता का सर्वे किया। दूसरी बार स्टार रेटिंग के लिए टीम आई और फिर ओडीएफ प्लस प्लस के लिए टीम आई। ओडीएफ प्लस प्लस का मतलब है कि शहर में शौचालय की अच्छी व्यवस्था है और उनका सही इस्तेमाल हो रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद अब नतीजे घोषित किए गए। इस कैटेगरी में मिला अवार्ड इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में कुछ नए नियम भी जोड़े गए थे। इनके आधार पर शहरों का मूल्यांकन किया गया। 50 हजार से 3 लाख की आबादी वाले शहरों में अंबिकापुर को पहला स्थान मिला है। यह अंबिकापुर के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। स्वच्छता छत्तीसगढ़ की संस्कृति- डेप्युटी सीएम छत्तीसगढ़ के डेप्युटी सीएम अरुण साव ने इस खुशी के पल को सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने लिखा कि स्वच्छता छत्तीसगढ़ की संस्कृति का हिस्सा है। छत्तीसगढ़ की अपनी टीम के साथ छत्तीसगढ़ के अपने 3 करोड़ परिवारजनों के प्रतिनिधि के रूप में स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह में सम्मिलित हो रहा हूं। कर्मचारियों की तारीफ उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के निकायों को जो सम्मान मिल रहा है, वह बहुत खुशी की बात है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण और मेहनत की तारीफ की। कचरा बेचकर निगम को होती है आमदनी नगर निगम अंबिकापुर कचरा बेचकर कमाई करता है। इसके लिए प्रॉपर कचरे को छांटा जाता है। सेनिटेशन सेंटर में इस पूरे कचरे को गीला, ठोस के रूप में अलग करता है। हर महीने इसकी बिक्री होती है। करीब तीन साल में अंबिकापुर नगर निगम में करीब दो करोड़ की आमदनी कचरा बेचने से हो चुकी। इसके अलावा कंपोस्ट खाद से भी आय हो रही है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया

मनेंद्रगढ़ क्षेत्र को मिली 25.99 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना एवं सेंट्रल लाइटिंग मद से स्वीकृत हुए कार्य स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया एमसीबी  शासन की प्राथमिकता में शामिल नगरीय विकास को लेकर मनेंद्रगढ़ क्षेत्र के लिए एक और खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना, अधोसंरचना मद एवं सेंट्रल लाइटिंग मद अंतर्गत राज्य बजट से मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए कुल 25 करोड़ 99 लाख 82 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिरमिरी नगर क्षेत्र के लिए 25 करोड़ 99 लाख रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि इन योजनाओं की स्वीकृति से गौरव पथ सड़क, बाईपास सड़क निर्माण, प्रकाश व्यवस्था एवं सेंट्रल लाइब्रेरी जैसे महत्वपूर्ण कार्य अब धरातल पर उतरेंगे, जिससे चिरमिरी के समग्र विकास के संकल्प को नई गति प्राप्त होगी। यह स्वीकृति नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत चिरमिरी नगर पालिका क्षेत्र के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वीकृत कार्यों में गोदरी पारा से डोमनहिल तक गौरवपथ निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ रुपये, वार्ड क्रमांक 8 बड़ा ग्राउंड से सिद्धबाबा मंदिर तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 40 लाख रुपये, प्रकाश व्यवस्था हेतु 20 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। इसके साथ ही सांस्कृतिक मंच ग्राम पंचायत से आत्मानंद स्कूल मुख्य मार्ग, चित्रोझोर पौड़ी तक रिटेनिंग वॉल एवं फुटपाथ निर्माण हेतु 2 करोड़ रुपये, सोनमली नाका से नगर से दीनदयाल चौक  पौड़ी तक बायपास  कोरिया होते हुए निर्माण हेतु 8 करोड़ 75 लाख 47 हजार रुपये, अन्य अतिरिक्त कार्यों हेतु 6 करोड़ 22 लाख 86 हजार रुपये, तथा सेंट्रल लाइटिंग सह री-डिंग जोन (250 सीटर्स) हेतु 4 करोड़ 41 लाख 49 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस प्रकार कुल मिलाकर चिरमिरी नगर पालिका क्षेत्र को 25.99 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं को मजबूती मिलेगी एवं आमजन को सुविधाएं प्राप्त होंगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत प्रयासों से यह बड़ी स्वीकृति मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र को प्राप्त हुई है। स्थानीय नागरिकों ने इसके लिए शासन एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

अपर कलेक्टर विनायक शर्मा को भरतपुर न्यायालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई

एमसीबी  जिले के विकासखंड भरतपुर के नागरिकों की सुविधा के लिए कलेक्टर डी. राहुल वेंकट द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने नवपदस्थ अपर कलेक्टर विनायक शर्मा को भरतपुर स्थित अपर कलेक्टर न्यायालय की जिम्मेदारी सौंपी है। इस निर्णय से अब भरतपुर ब्लॉक के रहवासियों को न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा। वहीं विनायक शर्मा भरतपुर अनुविभाग में नियमित रूप से जनदर्शन के माध्यम से आमजनो की समस्याएं सुनेंगे और त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। जनदर्शन प्रत्येक द्वितीय और चतुर्थ मंगलवार को प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, भरतपुर में आयोजित किया जाएगा। इसी दिन अपर कलेक्टर न्यायालय की कार्यवाही दोपहर 2ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक भरतपुर स्थित राजस्व कार्यालय में संपन्न होगी।

उत्कृष्ट विधायक के रूप में श्रीमती भावना बोहरा और लखेश्वर बघेल सम्मानित

राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर उठकर लोकहित और लोक कल्याण को दें प्राथमिकता – राज्यपाल रमेन डेका   राज्यपाल के मुख्य आतिथ्य में उत्कृष्टता अलंकरण समारोह संपन्न उत्कृष्ट विधायक के रूप में श्रीमती भावना बोहरा और लखेश्वर बघेल सम्मानित उत्कृष्ट संसदीय रिपोर्टिंग के लिए डॉ. राकेश कुमार पाण्डेय, योगेश मिश्रा और विश्वप्रकाश पुरेना पुरस्कृत रायपुर राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित "उत्कृष्टता अलंकरण समारोह" गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। "उत्कृष्टता अलंकरण समारोह" में वर्ष-2024 के लिए श्रीमती भावना वोहरा और लखेश्वर बघेल को उत्कृष्ट विधायक के रूप में सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट संसदीय रिपोर्टिंग के लिए दैनिक भास्कर के विशेष संवाददाता डॉ. राकेश कुमार पाण्डेय, सुदर्शन न्यूज़ चैनल के राज्य ब्यूरो प्रमुख योगेश मिश्रा और सुदर्शन न्यूज़ के कैमरामेन विश्वप्रकाश पुरेना को समारोह में सम्मानित किया गया।   उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, बृजमोहन अग्रवाल और विजय बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, मंत्रीगण और विधायकगण भी "उत्कृष्टता अलंकरण समारोह" समारोह में शामिल हुए। समारोह में छटवीं विधानसभा के लिए निर्वाचित विधायकों के प्रबोधन कार्यक्रम पर केन्द्रित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। "उत्कृष्टता अलंकरण समारोह" को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि यह समारोह न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों के सम्मान का अवसर है, बल्कि हमारी संसदीय परंपराओं को और अधिक सशक्त करने का माध्यम भी है। उन्होंने वर्ष-2024 के उत्कृष्ट विधायक के लिए चयनित श्रीमती भावना बोहरा और लखेश्वर बघेल, तथा उत्कृष्ट संसदीय पत्रकारिता के लिए चयनित डॉ. राकेश कुमार पाण्डेय, योगेश मिश्रा एवं विश्वप्रकाश पुरेना को बधाई दी।  राज्यपाल रमेन डेका ने समारोह में कहा कि आप सभी ने विधानसभा की गतिविधियों को ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ जनता तक पहुंचाने का कार्य किया है। आपकी यह भूमिका लोकतंत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्वस्थ परंपरा है जहां न केवल विधायकों, बल्कि पत्रकारों को भी सम्मानित किया जाता है। मेरा आप सभी से आग्रह है कि अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर उठकर सदैव लोकहित और लोक कल्याण को प्राथमिकता दें।  राज्यपाल डेका ने कहा कि  छत्तीसगढ़ विधानसभा अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। यह अवसर हम सभी के लिए आत्ममंथन और नये संकल्प का क्षण है। हमारे संसदीय लोकतंत्र की आत्मा को जीवंत बनाए रखने के लिए  संसदीय परंपराओं और प्रक्रियाओं का आदरपूर्वक पालन आवश्यक है। किसी भी विधायी सदन की वास्तविक सार्थकता जनकल्याण में निहित होती है। देश और राज्य के समग्र विकास के लिए यह आवश्यक है कि सभी जनप्रतिनिधि दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर, एकजुट होकर समन्वय और सहयोग की भावना के साथ कार्य करें।  समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 90 विधायक राज्य की तीन करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे सभी श्रेष्ठ हैं। हर वर्ष दो उत्कृष्ट विधायकों का चयन कठिन काम है। इस बार 50 नए विधायक चुनकर आए हैं। छत्तीसगढ की विधानसभा जीवंत विधानसभा है। इसने अपना ‘छत्तीसगढ़िया स्वभाव’ नहीं छोड़ा है। सदभाव और सहयोग से जनहित के मुद्दों पर सक्रियता और गंभीरता से चर्चा करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन हम सब के लिए खास है। ‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह‘ गर्व और प्रेरणा का अवसर है। विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है। यहां पर जनहित के मुद्दों को उठाना विधायकों का धर्म है। संसदीय रिपोर्टिंग सजगता और जिम्मेदारी भरा कार्य है। इस कार्य में मीडिया प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इनकी मूल भूमिका को रेखांकित करने के लिए इन्हें सम्मानित करने की परंपरा हमारे विधानसभा में है। साय ने कहा कि हमारी विधानसभा की कार्यवाही को देशभर में सराहा जाता है। विधायकों की सक्रिय भागीदारी और मीडिया की निरंतर निगरानी ने छत्तीसगढ़ को लोकतंत्र की दृष्टि से एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित किया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की पहली और एकमात्र ऐसी विधानसभा है, जहां गर्भगृह में किसी विधायक के प्रवेश करते ही वे स्वमेव निलंबित हो जाते हैं। इस विशिष्टता और आत्म-अनुशासन ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में न सिर्फ़ आर्थिक व सामाजिक क्षेत्र में प्रगति की है, बल्कि यहां की विधानसभा और संसदीय कार्यप्रणाली भी पूरे देश में मिसाल बनकर उभरी है। समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सम्मानित विधायकों और पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदन में सदस्यों में राज्य के मुद्दों को लेकर मतभेद रहा है , लेकिन आपस में मन का भेद कभी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप डॉ. रमन सिंह के आने से सदन में पक्ष और विपक्ष का बेहतर समन्वय देखने को मिला है और हम सभी एकता और भाईचारे के साथ आगे बढ़ रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने समारोह में शामिल अतिथियों और लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा ने स्वागत भाषण दिया।

बालक आश्रम में मिली लापरवाही: सांसद के निरीक्षण में प्रधान अध्यापक नशे में धुत

कांकेर विकासखंड दुर्गुकोंदल अंतर्गत बालक आश्रम सुरूंगदोह में पदस्थ प्रधान अध्यापक एवं प्रभारी अधीक्षक ओकेश्वर चुरेन्द्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने आश्रम का औचक निरीक्षण किया और निरीक्षण के दौरान चुरेन्द्र को नशे की हालत में पाया गया। सांसद की जानकारी पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मंडल संयोजक द्वारा जांच कर रिपोर्ट सौंपी गई, जिसके आधार पर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग कांकेर ने पाया कि अधिकारी का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (उप-नियम 1, 2, 3) के विरुद्ध है। इसके फलस्वरूप उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण (नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान चुरेन्द्र का मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोयलीबेड़ा नियत किया गया है। इस संबंध में कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने जानकारी देते हुए बताया कि सांसद के निरीक्षण में अधीक्षक को नशे की हालत में पाया गया था, जिसकी सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी आश्रम छात्रावासों की औचक जांच के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सभी बच्चों को उचित सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।

रेत ढोने पर कार्रवाई: 18 ट्रैक्टर जब्त, पीएम आवास योजना की छूट का हवाला देकर एसडीएम दफ्तर पहुंचे वाहन मालिक

गरियाबंद देवभोग तहसील में बहने वाले तेल नदी से अवैध रेत परिवहन में लगे 18 ट्रैक्टरों को आज माइनिंग विभाग की टीम ने जब्त किया. जिला खनिज अधिकारी रोहित साहू के नेतृत्व में यह कार्रवाई हुई. सभी जब्त वाहनों को देवभोग थाना के सुपुर्द किया गया है. इस कार्रवाई के बाद ट्रैक्टर वाहन मालिकों ने कार्रवाई का विरोध भी किया है. समाधान के लिए एसडीएम दफ्तर भी पहुंचे पर नियम का हवाला देकर अफसरों ने कार्रवाई को जायज ठहराया. पीएम आवास के लिए मिली थी छूट कार्रवाई रुकवाने एसडीएम दफ्तर पहुंचे ट्रैक्टर मालिक प्रह्लाद बीसी, सुशील पांडे ने कहा कि ट्रैक्टर मालिकों की दलील है कि सरकार ने खुद विधानसभा से पीएम आवास के लिए रेत परिवहन को छूट देने का ऐलान किया था, लेकिन कार्रवाई क्यों की जा रही है. सिनापली के विद्याधर ध्रुव समेत कुछ चालकों ने पंचायत का वह प्रमाण पत्र भी दिखाया, जिसमें आवास हितग्राहियों के लिए परिवहन का जिक्र किया गया था, लेकिन इनकी सुनवाई नहीं हुई. एकतरफा कार्रवाई का आरोप, भंडारण पर उठा सवाल 10 जून को रेत परिवहन बंद होने के बावजूद यहां कुछ रेत गिरोह द्वारा प्रति ट्रैक्टर 300 रुपए की अवैध उगाही की जा रही थी. कुछ को 600 रुपए की भंडारण रॉयल्टी पर्ची दी गई, लेकिन परिवहन भंडारण स्थल के बजाए रेत घाट से हो रही थी. यहां तक कि पुरना पानी घाट में रात के अंधेरे में फोकलेन लगाकर हाइवा से बेधड़क सप्लाई हो रही थी. इसकी शिकायत ऊपर तक हुई. इस शिकायत के बाद एक गुट ने ट्रैक्टर में हो रहे परिवहन की शिकायत कर दी. आज माइनिंग की टीम दो शिकायतों के आधार पर कार्यवाही करने पहुंची पर भंडारण और अवैध उगाही की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की. जिला खनिज अधिकारी बोले – अवैध उगाही पर भी कार्रवाई करेंगे मामले में जिला खनिज अधिकारी रोहित साहू ने दो प्रकार से हुई शिकायत की पुष्टि की है. रोहित साहू ने कहा कि फिलहाल कुम्हड़ाई घाट पर अवैध परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की गई है. आगे पुरना पानी घाट में होने वाले अवैध उगाही की भी जांच कर उचित कार्रवाई करेंगे. ट्रैक्टर के चलते बंद हो गया था हाईवा कारोबार ट्रैक्टरों के दौड़ने से हाईवा वाले बड़े रसूखदारों का कारोबार पूरी तरह से बंद हो गया था. इन दिनों ज्यादातर निर्माण पीएम आवास का चल रहा है. ऐसे में गांव गांव में छोटे हितग्राही कम कीमतों पर आसानी से रेत हासिल कर रहे थे. अब ट्रैक्टरों पर लगी रोक के बाद रात के अंधेरे का बड़ा अवैध कारोबार फिर से शुरू हो जाएगा. प्रति हाईवा 10 से 15 हजार के बीच सप्लाई की जाएगी. देवभोग में जिस समय भंडारण की अनुमति दी गई उस समय तक वैध खदान शुरू नहीं हो सका था, लेकिन बंद होने से पहले महज 10 दिनों तक वैध खदान जारी रहा. नियम अनुसार विभाग ने भंडारण स्थल का पूर्व और खदान बंद होने के बाद का सत्यापन कैसे किया है. इस पर भी ट्रैक्टर मालिकों ने सवाल खड़ा कर दिया है.