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रायपुर: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा – हर जरूरतमंद को मिले गुणवत्तापूर्ण राशन

रायपुर : गरीबों को गुणवत्तापूर्ण राशन मिले यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह डॉ. रमन सिंह बोले – गरीबों तक अच्छा राशन पहुँचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी रायपुर: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा – हर जरूरतमंद को मिले गुणवत्तापूर्ण राशन राशन वितरण में गुणवत्ता जरूरी, गरीबों का हक प्राथमिकता: डॉ. रमन सिंह नवनियुक्त अध्यक्ष  संदीप शर्मा का शपथ ग्रहण समारोह  रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में लगातार संघर्ष करते हुए श्री शर्मा ने संघर्षशील जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी छवि बनाई है। सरकार ने उन्हें पीडीएस के तहत राशन कार्डधारियों  को गुणवत्तापूर्ण प्रतिमाह राशन मिले, इसके निरीक्षण और परीक्षण के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। डॉ. सिंह ने कहा कि गरीबों और प्राथमिकता वाले परिवारों को गुणवत्तायुक्त राशन मिले, यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल इस मौके पर नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा को पदभार ग्रहण की बधाई देते हुए कहा कि अब गरीबों को साफ-सुथरा राशन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी उन पर है। खाद्य वितरण संबंधी कोई भी शिकायत होती है हितग्राही आयोग के माध्यम से अपनी समस्या का समाधन करा सकेंगे। अब खाद्य विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन को और गति मिलेगी।  खाद्य मंत्री श्री बघेल ने आगे कहा कि राज्य में राशन कार्डधारियों की संख्या 81 लाख से अधिक है। 13 हजार 930 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें स्व-सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों तथा सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित हो रही हैं। गरीबों एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को पारदर्शिता के साथ राशन का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। हाल ही में हमारी सरकार ने प्रदेश के राशन कार्डधारियों को तीन माह का एकमुश्त चावल देने का उल्लेखनीय काम किया है।  मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल का स्मरण करते हुए कहा कि उनके समय में छत्तीसगढ़ खाद्यान्न सुरक्षा कानून बना, जिसके तहत प्रदेश के अंतिम छोर के व्यक्तियों तक राशन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य ने पीडीएस प्रणाली के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। डॉ. सिंह को चाउर वाले बाबा के नाम से भी जाना जाता है। मंत्री श्री बघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार द्वारा बजट में 6500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।  छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुझे सरकार ने गरीबों को गुणवत्तपूर्ण राशन उपलब्ध कराने तथा जांच परीक्षण के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वाहन करूगा। हर गरीब एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को गुणवत्तापूर्ण चावल मिले, यह हर हाल में सुनिश्चित होगा।   खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने इस अवसर पर विभागीय योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में पीडीएस के माध्यम से राज्य के 2 करोड 73 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। आधार प्रमाणिकरण के जरिए पारदर्शी तरीके से राशन वितरण व्यवस्था को सृदृढ़ की गई है।  शपथ ग्रहण समारोह में कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री गौरी शंकर अग्रवाल, विधायक सर्वश्री मोतीलाल साहू, राजेश मूणत, रोहित साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा,  संपत अग्रवाल, रिकेश सेन, नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, लौह शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। 

सीएम साय ने स्वच्छता दीदियों को किया सम्मानित, सराहा उनके योगदान को

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में हमारी स्वच्छता दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने निष्ठा, परिश्रम और सेवा-भावना के साथ समाज को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित सम्मान समारोह में स्वच्छता दीदियों को साड़ी, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर एक प्राकृतिक रूप से समृद्ध और सुंदर जिला है, लेकिन पहले जब वे गांवों का दौरा करते थे, तो सड़कों के किनारे फैला कचरा गांवों और नगरों की सुंदरता को धूमिल कर देता था। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत कर इसे राष्ट्रीय जनआंदोलन में परिवर्तित किया। उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर लोगों को प्रेरित किया और गांव-गांव, शहर-शहर स्वच्छता की अलख जगाई। उन्होंने हर नागरिक को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिलाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में हमारी स्वच्छता दीदियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके अथक परिश्रम और समर्पण का ही परिणाम है कि आज जशपुर जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वे वास्तव में सम्मान की पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने हमें स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में अमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, चौराहे, मंदिर और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को अपना कर्तव्य मानें और स्वच्छता को अपनी आदत में शामिल करें। उल्लेखनीय है कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी स्वच्छता सुधारों के मूल्यांकन और प्रोत्साहन हेतु स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) के अंतर्गत 4,589 शहरों को शामिल किया गया था। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में जशपुर जिले के नगरीय निकायों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन कर देश भर में अपना परचम लहराया है।इसमें जशपुरनगर ने 20,000 से 50,000 की जनसंख्या वर्ग में पूरे देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है, जो कि 2023 की 505वीं रैंकिंग से एक लंबी छलांग है। इसी वर्ग में नगर पंचायत कुनकुरी ने 13वां रैंक, नगर पंचायत पत्थलगांव ने 30वां रैंक, नगर पंचायत बगीचा ने 51वां रैंक, और नगर पंचायत कोतबा ने 64वां रैंक हासिल किया है। यह असाधारण उपलब्धि स्वच्छता दीदियों के परिश्रम और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय निकायों द्वारा योजनाबद्ध रूप से कई कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें बी.टी. रोड निर्माण, रोड मार्किंग, सामुदायिक शौचालयों का उन्नयन, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वॉल पेंटिंग, वेस्ट मैटेरियल से पार्कों का निर्माण, कम्पोस्टिंग शेड और रिसाइक्लिंग सेंटर की स्थापना, फुटपाथों पर पेवर ब्लॉक लगाना, साइनेज आदि प्रमुख हैं। लेकिन इन प्रयासों की आत्मा बनी हैं वे स्वच्छता दीदियाँ, जो हर गली, मोहल्ले में जाकर डोर टू डोर कचरा संग्रहण जैसे श्रमसाध्य कार्यों को अंजाम देती हैं। इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने सभी स्वच्छता दीदियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों और नागरिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि स्वच्छता दीदियाँ वह कार्य कर रही हैं जो पहले समाज में उपेक्षित था। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छता के प्रति लोगों में चेतना नहीं थी, लेकिन स्वच्छ भारत अभियान के तहत दीदियों ने लोगों को न केवल जागरूक किया, बल्कि व्यवहार परिवर्तन भी सुनिश्चित किया, जिससे जशपुर को यह गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सशक्त हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में 25 जुलाई का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा एवं उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों के फलस्वरूप जिला अस्पताल कवर्धा में अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन की सुविधा प्रारंभ की गई है। इस सुविधा का लोकार्पण आज शुक्रवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधिवत रूप से सीटी स्कैन यूनिट का उद्घाटन किया।  स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने का कार्य किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा की सक्रियता और सजगता से कबीरधाम जैसे जिले में भी उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीटी स्कैन यूनिट शुरू होने से अब मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय की बचत और खर्च में भारी राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यह सुविधा कबीरधाम जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पहले मरीजों को रायपुर, बिलासपुर या दुर्ग-भिलाई जैसे बड़े शहरों के निजी जांच केंद्रों पर महंगी जांच करवानी पड़ती थी। अब जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह यूनिट लगभग 4 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित की गई है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। श्री शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा कबीरधाम जिले में 38 नए चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाएं सुलभ होंगी और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जनसेवा और स्वस्थ सामाज की मजबूत नींव की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है। इस अवसर पर राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंदरवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंदरवंशी, जिला पंचायत सभापति श्री रामनकुमार भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में सशक्त हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर कबीरधाम जिले के स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में 25 जुलाई का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा एवं उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के सतत प्रयासों के फलस्वरूप जिला अस्पताल कवर्धा में अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन की सुविधा प्रारंभ की गई है। इस सुविधा का लोकार्पण आज शुक्रवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विधिवत रूप से सीटी स्कैन यूनिट का उद्घाटन किया।  स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने का कार्य किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा की सक्रियता और सजगता से कबीरधाम जैसे जिले में भी उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सीटी स्कैन यूनिट शुरू होने से अब मरीजों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय की बचत और खर्च में भारी राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यह सुविधा कबीरधाम जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पहले मरीजों को रायपुर, बिलासपुर या दुर्ग-भिलाई जैसे बड़े शहरों के निजी जांच केंद्रों पर महंगी जांच करवानी पड़ती थी। अब जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह यूनिट लगभग 4 करोड़ रूपए की लागत से स्थापित की गई है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। श्री शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा कबीरधाम जिले में 38 नए चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाएं सुलभ होंगी और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जनसेवा और स्वस्थ सामाज की मजबूत नींव की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है। इस अवसर पर राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंदरवंशी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंदरवंशी, जिला पंचायत सभापति श्री रामनकुमार भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने मोबाइल नेत्र जांच वैन को दिखाई हरी झंडी

रायपुर कबीरधाम जिले के दूरस्थ और वनांचल इलाकों में आंखों की जांच और इलाज जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा अब लोगों के घरों तक निःशुल्क पहुंचेगी। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज पीजी कॉलेज परिसर, कवर्धा में उदयाचल संस्था द्वारा संचालित मोबाइल नेत्र जांच वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।  यह मोबाइल वैन कबीरधाम जिले के वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में जाकर लोगों की आंखों की जांच करेगी, विशेष रूप से मोतियाबिंद जैसे रोगों की पहचान और इलाज के लिए सेवा देगी।      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। आज यह मोबाइल वैन जिले के उन क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंच पातीं। यह कदम नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी पहल है, जिससे लोगों को समय पर जांच और इलाज का लाभ मिलेगा।      स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी इसे एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि कई बार लोग आंखों की छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे जाकर गंभीर स्थिति ले सकती है। यह मोबाइल वैन मोतियाबिंद जैसे रोगों की पहचान कर लोगों को निःशुल्क उपचार प्रदान करेगी, जिससे ग्रामीण और वनांचल निवासियों को राहत मिलेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गोसेवा आयोग अध्यक्ष विशेषर पटेल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगरपालिका परिषद कवर्धा अध्यक्ष चंदप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार भट्ट, जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, सहित कई जनप्रतिनिधिगण और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।      यह मोबाइल नेत्र जांच वैन विशेष रूप से जिले के तरेगांव, रेंगाखर, कुकदूर, बोक्काखार जैसे दुर्गम और सुदूर गांवों में जाकर मोतियाबिंद और अन्य नेत्र संबंधी रोगों की पहचान करेगी। जांच के उपरांत मरीजों को उचित मार्गदर्शन, इलाज, और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इस वैन में प्रशिक्षित नेत्र चिकित्सकों की टीम के साथ आधुनिक नेत्र जांच उपकरण मौजूद हैं। इस सेवा के माध्यम से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र रोगों की समय पर पहचान होगी, बल्कि समय रहते इलाज मिलने से अंधता की रोकथाम भी संभव होगी।

मुख्यमंत्री साय का बड़ा कदम: जशपुर के पीएम स्कूल में शुरू होगी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन

रायपुर : जशपुर के पीएमविद्यालय में अब एनसीसी एयर स्क्वाड्रन शुरू होगी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय के प्रयासों से मिली स्वीकृति स्थानीय युवाओं को कैरियर बनाने में मिलेगी मदद मुख्यमंत्री से एयर एनसीसी के छात्रों ने की मुलाकात  रायपुर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युुवाओं को अब एनसीसी में एयर स्क्वाड्रन के जरिए अपना कैरियर बनाने के लिए मदद मिल पाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जिले के पीएमजवाहर नवोदय विद्यालय में एनसीसी की एयर स्क्वाड्रन शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह छत्तीसगढ़ की 3 सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन होगी।  साय के प्रयासों से यह  जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो स्थानीय युवाओं के भविष्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगी।       मुख्यमंत्री ने विद्यालय में एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 मेधावी विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच लगाकर पंजीयन की शुरुआत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें 13 बालिकाएं और 12 बालक शामिल हैं।  इस अवसर पर विंग कमांडर विवेक कुमार साहू ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप  सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।    रंग लाई मुख्यमंत्री की पहल, जशपुर मेेें शुरू हुई एयर स्कवाड्रन       उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री साय ने पिछले एनसीसी दिवस समारोह के दौरान रायपुर के समान राज्य के अन्य हवाई पट्टी वाले शहरों में भी एनसीसी की एयर स्कवाड्रन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की थी। अभी तक छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में ही एयर एनसीसी और उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जशपुर जैसे स्थानों पर भी हवाई पट्टियों की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री की इस पहल पर मार्च माह में जशपुर की आगडीह हवाई पट्टी को 3 सीजी एयर एनसीसी स्क्वाड्रन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई और एक माइक्रोलाइट विमान को प्रशिक्षण हेतु जशपुर भेजा गया। इस दौरान लगभग 100 कैडेट्स को उड़ान का वास्तविक अनुभव प्रदान किया। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं हवाई पट्टी पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और कैडेट्स से संवाद किया। कैडेट्स ने उन्हें विमान से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ भी साझा कीं।  प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट को रोजगार के बेहतर अवसर      वर्तमान में 3 सीजी एयर एनसीसी एयर स्क्वाड्रन, पूरे देश में एकमात्र एयर स्क्वाड्रन है जिसमें एम्स, एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र कैडेट के रूप में जुड़े हुए हैं। कैडेटों को  यूपीएससी और एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से सेना में 25 वैकेन्सी /पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं, एसएससी के माध्यम से ऑफिसर्स ट्रेनिग अकादमी के लिए 50 वैकेंसी/पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं जिसमें यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है और केवल एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से चयन के अवसर मिलते है। 20 सीटें लडकियों के लिए आरक्षित होती हैं। वायु सेना के उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों सहित सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत वेकेंसी होती है। जिसके लिए एएफसीएटी, यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तरह से पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में 2 से 10 बोनस अंक दिया जाता है।कई उद्योगों में भी एनसीसी सी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है।

मुख्यमंत्री साय ने किया रक्त-मित्र पुस्तिका का विमोचन, रेडक्रॉस के आजीवन सदस्यों को किया सम्मानित

रायपुर : हमारी सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए संकल्पित है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने किया रक्त-मित्र पुस्तिका का विमोचन, रेडक्रॉस के आजीवन सदस्यों को किया सम्मानित रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जो न केवल किसी जरूरतमंद को जीवनदान देता है, बल्कि मानवता के प्रति हमारी सेवा भावना का श्रेष्ठतम उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री साय आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति समय पर रक्तदाताओं से सीधा संपर्क स्थापित कर सकता है। यह पहल जीवनरक्षक सहायता को सहज, सुलभ और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जशपुर जिले में हर वर्ग के नागरिक स्वैच्छिक रक्तदान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं और समाज सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। आज रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ, क्योंकि जीवनदान देने वाला व्यक्ति वास्तव में ईश्वर के समकक्ष होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि रक्त का हमारे जीवन में क्या महत्व है। सही समय पर उपयुक्त रक्त समूह का रक्त मिलने से किसी के प्राणों की रक्षा की जा सकती है, इसलिए रक्तदान को ‘महादान’ कहा गया है। राज्य में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सर्वाधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है, जो जनसेवा की उत्कृष्ट मिसाल है। मैं इस मंच से प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे यथासंभव रक्तदान कर इस जीवनरक्षक कार्य में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। हाल ही में हमने एम्बुलेंस सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी नागरिकों को यह आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जशपुर के आजीवन सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए और “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने नीरज शर्मा, अजय कुमार कुशवाहा और शिव नारायण सोनी को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की। उल्लेखनीय है कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री, जिला प्रशासन एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला जशपुर की एक अभिनव पहल है, जिसके अंतर्गत 480 स्वैच्छिक रक्तदाताओं के नाम एवं मोबाइल नंबर सूचीबद्ध किए गए हैं। इस डायरेक्ट्री के माध्यम से जब भी किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होगी, वह सीधे सूची में दिए गए नंबरों पर संपर्क कर रक्त प्राप्त कर सकता है। इस प्रयास से रोगियों को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें समय पर रक्त मिल सकेगा। यदि कोई व्यक्ति या समाजसेवी “रक्त-मित्र” बनना चाहता है, तो वह डायरेक्ट्री में दिए गए QR कोड को स्कैन कर गूगल फॉर्म भर सकता है। साथ ही, कलेक्टर एवं अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस जिला मुख्यालय, जशपुर (कलेक्ट्रेट परिसर, कक्ष क्रमांक 122) में संपर्क कर भी “रक्त-मित्र” के रूप में पंजीयन कर सकता है। इस गरिमामय कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगाँव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, रेडक्रॉस सोसायटी के रूपेश प्राणी ग्राही, अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

सीएसआर निधि से प्रदत्त एम्बुलेंस में उपलब्ध है बेसिक लाइफ सपोर्ट समेत आधुनिक सुविधाएँ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया स्थित कैम्प कार्यालय परिसर से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एम्बुलेंस बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि से प्रदत्त है, जिसमें बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम सहित अन्य उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह एम्बुलेंस मुख्य रूप से मनोरा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु रखी जाएगी, जिसकी सेवाएँ आवश्यकता अनुसार पूरे जिले में ली जा सकेंगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा परिवहन सेवा सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सहायता मिल सकेगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के लिए कृतसंकल्पित है। उनकी पहल पर विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज और 50 बिस्तर वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल, जशपुर में प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना का कार्य प्रगति में है।  इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को नई रफ्तार: सीएम विष्णु देव साय ने आधुनिक एम्बुलेंस को किया रवाना

  सीएसआर निधि से प्रदत्त एम्बुलेंस में उपलब्ध है बेसिक लाइफ सपोर्ट समेत आधुनिक सुविधाएँ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया स्थित कैम्प कार्यालय परिसर से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एम्बुलेंस बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि से प्रदत्त है, जिसमें बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम सहित अन्य उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह एम्बुलेंस मुख्य रूप से मनोरा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु रखी जाएगी, जिसकी सेवाएँ आवश्यकता अनुसार पूरे जिले में ली जा सकेंगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा परिवहन सेवा सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सहायता मिल सकेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के लिए कृतसंकल्पित है। उनकी पहल पर विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज और 50 बिस्तर वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल, जशपुर में प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना का कार्य प्रगति में है। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रंग लाई मुख्यमंत्री की पहल, जशपुर मेेें शुरू हुई एयर स्कवाड्रन

मुख्यमंत्री साय के प्रयासों से मिली स्वीकृति स्थानीय युवाओं को कैरियर बनाने में मिलेगी मदद मुख्यमंत्री से एयर एनसीसी के छात्रों ने की मुलाकात  रायपुर, छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युुवाओं को अब एनसीसी में एयर स्क्वाड्रन के जरिए अपना कैरियर बनाने के लिए मदद मिल पाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जिले के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में एनसीसी की एयर स्क्वाड्रन शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह छत्तीसगढ़ की 3 सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन होगी।  श्री साय के प्रयासों से यह  जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो स्थानीय युवाओं के भविष्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगी।      मुख्यमंत्री ने विद्यालय में एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 मेधावी विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच लगाकर पंजीयन की शुरुआत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें 13 बालिकाएं और 12 बालक शामिल हैं।  इस अवसर पर विंग कमांडर श्री विवेक कुमार साहू ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप  सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।      उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने पिछले एनसीसी दिवस समारोह के दौरान रायपुर के समान राज्य के अन्य हवाई पट्टी वाले शहरों में भी एनसीसी की एयर स्कवाड्रन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की थी। अभी तक छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में ही एयर एनसीसी और उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जशपुर जैसे स्थानों पर भी हवाई पट्टियों की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री की इस पहल पर मार्च माह में जशपुर की आगडीह हवाई पट्टी को 3 सीजी एयर एनसीसी स्क्वाड्रन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई और एक माइक्रोलाइट विमान को प्रशिक्षण हेतु जशपुर भेजा गया। इस दौरान लगभग 100 कैडेट्स को उड़ान का वास्तविक अनुभव प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं हवाई पट्टी पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और कैडेट्स से संवाद किया। कैडेट्स ने उन्हें विमान से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ भी साझा कीं। प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट को रोजगार के बेहतर अवसर     वर्तमान में 3 सीजी एयर एनसीसी एयर स्क्वाड्रन, पूरे देश में एकमात्र एयर स्क्वाड्रन है जिसमें एम्स, एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र कैडेट के रूप में जुड़े हुए हैं। कैडेटों को  यूपीएससी और एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से सेना में 25 वैकेन्सी /पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं, एसएससी के माध्यम से ऑफिसर्स ट्रेनिग अकादमी के लिए 50 वैकेंसी/पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं जिसमें यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है और केवल एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से चयन के अवसर मिलते है। 20 सीटें लडकियों के लिए आरक्षित होती हैं। वायु सेना के उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों सहित सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत वेकेंसी होती है। जिसके लिए एएफसीएटी, यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तरह से पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में 2 से 10 बोनस अंक दिया जाता है।कई उद्योगों में भी एनसीसी सी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है।