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केंद्र सरकार का तोहफा: अमृतसर से कटरा के बीच वंदे भारत ट्रेन नए मार्ग पर दौड़ेगी

गुरदासपुर भारत सरकार के रेल मंत्रालय की ओर से गुरदासपुर जिले के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस को अब जालंधर की बजाय गुरदासपुर के रास्ते चलाने की मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से जिले के यात्रियों को आधुनिक और तेज रेल सेवा की सीधी सुविधा मिलेगी तथा धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सफर और भी सुगम हो जाएगा। भारतीय जनता पार्टी जिला गुरदासपुर के जिला प्रधान बघेल सिंह बहिया ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला इलाके की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है और इससे गुरदासपुर जिले के लोगों को बड़ा लाभ होगा। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेशों के अनुसार ट्रेन नंबर 26405/26406 अमृतसर–श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस अब पठानकोट कैंट, पठानकोट, गुरदासपुर और बटाला होकर गुजरेगी तथा यह ट्रेन गुरदासपुर जिले के गुरदासपुर और बटाला दोनों रेलवे स्टेशनों पर नियमित रूप से रुकेगी। नए शेड्यूल के अनुसार कटरा से अमृतसर आने वाली ट्रेन सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर गुरदासपुर पहुंचेगी और 10 बजकर 17 मिनट पर रवाना होगी, जबकि 10 बजकर 54 मिनट पर बटाला पहुंचकर 10 बजकर 56 मिनट पर आगे के लिए चलेगी। इसी तरह अमृतसर से कटरा जाने वाली ट्रेन शाम 5 बजकर 18 मिनट के करीब बटाला पहुंचेगी और 5 बजकर 20 मिनट पर रवाना होगी, जबकि गुरदासपुर में यह ट्रेन शाम 5 बजकर 58 मिनट पर पहुंचेगी और 6 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी। बघेल सिंह बाहिया ने कहा कि वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवा के गुरदासपुर और बटाला में ठहराव से इलाके के व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्रा को बड़ा बढ़ावा मिलेगा तथा लोगों को तेज, आरामदायक और सुविधाजनक सफर की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इलाके के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में भी लोगों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी, पंजाब के CM भगवंत मान के आदेश पर हुआ एक्शन

चंडीगढ़ पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया. मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर फतेहगढ़ पुलिस ने यह कार्रवाई की. भंडारण निगम के एक अधिकारी की कथित आत्महत्या के सिलसिले में पुलिस ने लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ मामला दर्ज किया था।  अमृतसर में पंजाब राज्य भंडारण निगम के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने 21 मार्च को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस ने भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।  इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (साझा इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह मामला अमृतसर के रणजीत एवेन्यू पुलिस थाने में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर शनिवार रात दर्ज किया गया।  लालजीत सिंह भुल्लर ने 21 मार्च को राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भुल्लर से पद छोड़ने को कहा था. रंधावा को वीडियो में यह कहते सुना गया, ‘खा लयी सल्फास तुहाडे यार ने. मिनिस्टर लालजीत भुल्लर दे डर तों. हुण नहीं मैं बचना (तुम्हारे यार ने सल्फास खा लिया है, मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से. अब मैं नहीं बचूंगा) . तरनतारन जिले के पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताया. इससे पहले मान ने कहा था कि उन्होंने मुख्य सचिव को इस मामले में जांच करने का निर्देश दिया है और भुल्लर से पद छोड़ने को कहा है ताकि निष्पक्ष तरीके से जांच की जा सके।  मान ने कहा था कि इस मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भुल्लर के परिवहन एवं जेल विभाग किसी अन्य मंत्री को सौंपे जाएंगे. वीडियो के ऑनलाइन सामने आने के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की और भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि भुल्लर अपने पिता को एक गोदाम का ठेका आवंटित करने के लिए रंधावा पर दबाव डाल रहे थे।  भुल्लर पर रंधावा का एक वीडियो बनाने और उन्हें किसी दूसरे पक्ष से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात स्वीकार करने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया गया है. एक आरोप में कहा गया कि 13 मार्च को रंधावा को भुल्लर के स्थान पर बुलाया गया जहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें अपमानित किया गया। 

अमृतसर में 5 किलो हेरोइन बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार तस्करी का कनेक्शन

अमृतसर   पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस को अमृतसर में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल मिली है। काउंटर इंटेलिजेंस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 5 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। यह जानकारी पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर दी गई है। पंजाब डीजीपी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सीमा पार खेप की तस्करी में पाकिस्तान स्थित एक तस्कर और विदेश में स्थित एक हैंडलर का हाथ था। अमृतसर स्थित पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।  इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस नशीले पदार्थों के नेटवर्क को नष्ट करने और नशीले पदार्थों से मुक्त, सुरक्षित पंजाब सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके पहले 22 मार्च को पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। तीन आरोपियों को 24.5 किलोग्राम हेरोइन, 21 लाख रुपए की ड्रग मनी, एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन और दो कारों के साथ गिरफ्तार किया था। पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया था कि गहन तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर जिले के नूरवाल गांव निवासी जगजीत सिंह उर्फ राणा, औलख खुर्द गांव के मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और धूपसरी गांव के रोशन सिंह के रूप में हुई थी। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुरप्रीत सिंह ने बताया था कि ऑपरेशन दो चरणों में पूरा हुआ। पहले चरण में 12.1 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान से खेप भेजने के लिए किया जाता था। इसके बाद मनप्रीत सिंह के घर से 12.4 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई।

सिद्धू ने परिवार में बांटी दौलत: बेटी को दिया बड़ा भाग, बेटे के हिस्से में क्या आया?

नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर और पंजाब के सीनियर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी संपत्ति का बंटवारा कर दिया है। उन्होंने अपने जीते जी ही बेटे और बेटी के नाम पर संपत्ति बांट दी है। उन्होंने फेसबुक पर इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी है। सिद्धू का कहना है कि उन्होंने अपने पटियाला स्थित पैतृक घर को बेटे करन सिद्धू के नाम किया है। वहीं अमृतसर के अपने खुद के बनाए घर को बेटी राबिया को सौंप रहे हैं। इस तरह उन्होंने विरासत को समय रहते ही बांटने का फैसला कर लिया। उनके इस निर्णय की काफी चर्चा हो रही है और संपत्ति में बेटी को भी बड़ा हिस्सा दिए जाने की तारीफ की जा रही है। नवजोत सिंह सिद्धू का पटियाला की यादविंद्र कॉलोनी में बाराबरी गार्डन के पास पैतृक आवास है। वहीं अमृतसर के शानदार घर को उन्होंने अपनी कमाई से तैयार किया था। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मैंने अपनी पत्नी नवजोत से लंबी चर्चा के बाद इस संबंध में फैसला लिया कि संपत्ति को बांट दिया जाए। उन्होंने अपने इस फैसले की जानकारी देते हुए परिवार के साथ कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईश्वर में यकीन करता हूं। अमृतसर की जना ने मुझे हमेशा सम्मान दिया है और हम उनके साथ हर वक्त खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैंने जो मेहनत से कमाया था, उसे बच्चों के बीच बांट रहा हूं। मैंने राजनीति से कुछ भी नहीं कमाया। उन्होंने फेसबुक पर अपनी डिटेल पोस्ट में लिखा, 'मैंने माता पार्वती के आशीर्वाद से यह घर बनवाया था, जो मैंने अमृतसर को दिए अपने वचन का सम्मान करने के लिए किया। मेरे बारे में यहां कुछ लोगों ने कहा था कि मैं यहां प्रवासी पक्षी की तरह आया हूं और चला जाऊंगा। लेकिन मैंने लोगों को भरोसा दिया था कि मैं आपका बनकर यहीं रहूंगा। सांसद के रूप में मैंने यहीं से दो कार्यकाल पूरे किए थे। इसके बाद भी मैं यहीं बना हुआ हूं। अब भी मेरा वादा जारी है।' उन्होंने लिखा कि मैंने बिग बॉस से लेकर स्टार टीवी के साथ हिंदी कमेंट्री और फिर कपिल शर्मा शो तक कमाई की। इस मकान को हमने 2014 में तैयार किया था। राजनीति से एक भी पैसा नहीं कमाया। सारी कमाई मेरी मेहनत की है। इसके आगे वह लिखते हैं, 'करण को मेरे पिता द्वारा बनाया गया पैतृक घर विरासत में मिलेगा और अमृतसर वाला घर राबिया को मिलेगा!' गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू को बीते कुछ सालों में लगातार कई झटके झेलने पड़े थे। एक तरफ गैर-इरादतन हत्या वाले मामले में वह जेल चले गए थे। फिर वह बाहर निकले तो उनकी पत्नी को कैंसर हो गया था। इस बीच उन्होंने बेटे करन की शादी कर दी थी और फिर पत्नी भी कैंसर से उबर गईं। इस तरह एक चुनौतीपूर्ण दौर झेलने के बाद सिद्धू फैमिली में खुशियों का दौर लौटा।  

चंडीगढ़ प्रशासन ने जारी की बड़ी चेतावनी, 28 मार्च तक लागू रहेगी सख्त पाबंदी

चंडीगढ़  आगामी वी.वी.आई.पी दौरे और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 23 मार्च से 28 मार्च तक शहर में ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहन (UAV) उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह फैसला 27 और 28 मार्च को प्रस्तावित वीवीआईपी दौरे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि देश विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन के जरिए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) जैसे हमलों की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। यह पाबंदी 23 मार्च की आधी रात से लागू होकर 28 मार्च तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, यह आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, एयर फोर्स, एसपीजी और अधिकृत सरकारी एजेंसियों पर लागू नहीं होगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता को जानकारी देने के लिए इन आदेशों को डीसी ऑफिस और जिला अदालतों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। 

रंधावा परिवार का दबाव: मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी पर फुटेज जारी कर दिया अल्टीमेटम

अमृतसर  मंत्री लालजी सिंह भुल्लर और उसके साथियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने पर गगनदीप रंधावा के परिवार ने विरोध जताया है। उन्होंने सरकार और पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया हैl गगनदीप की पत्नी उपेंद्र कौर ने कहा कि अगर सरकार ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो वह सड़कों पर उतरेंगे। परिवार ने गगनदीप द्वारा जहरीला पदार्थ निकलने की सीसीटीवी फुटेज भी जरी की है। सड़के जाम करके और प्रदर्शन करके उनका मकसद लोगों को परेशान करना नहीं है। लेकिन सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है। अपने परिवार और करीबियों के साथ सोमवार की सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में पति की मौत पर इंसाफ के लिए पनसप, वेयरहाउस, फन ग्रीन आदि एजेंसियों को अपील की है कि इंसाफ में उनका सहयोग दें। इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया है। मृतक की पत्नी उपिंदर कौर आरोपियों की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ी हैं। परिवार ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।  वहीं भाजपा और कांग्रेस ने मामले में आज रोष मार्च निकालने का एलान किया हुआ है।  पत्नी ने मांगी सुरक्षा रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने अपने और तीन बच्चों की सुरक्षा की भी मांग की है। परिवार ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री भुल्लर लगातार रंधावा पर टेंडर पास करने को लेकर दबाव बना रहे थे। 13 मार्च को उन्हें बुलाकर पीटा गया, धमकियां दी गईं और जबरन वीडियो बनवाया गया। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर रंधावा ने जहर निगलकर जान दे दी। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें खत्म करने और गैंगस्टरों से हमला कराने की धमकियां दी गई थीं। परिचितों को भेजा था वीडियो घटना से पहले रंधावा ने अपने कुछ परिचितों को एक वीडियो भेजा था, जिसमें उन्होंने दबाव और उत्पीड़न का जिक्र किया था। पुलिस ने इस वीडियो को अहम साक्ष्य मानते हुए जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।  रंधावा अमृतसर और तरनतारन जिलों से जुड़े वेयरहाउस कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी पत्नी सरकारी स्कूल में विज्ञान अध्यापिका हैं और परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यदि किसी ने गलत किया है या किसी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी। मंत्री हो या आम व्यक्ति, कानून सबके लिए समान है। मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए गए हैं।    

Iran-Israel war: सिरदर्द का इलाज महंगा होने लगा: पैरासिटामोल और अन्य दवाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी

लुधियाना  मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दवा इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। पिछले 2 हफ्तों में दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल यानी एक्टिव फार्मा इंग्रीडिएंट्स की कीमतों में करीब 20% तक तेजी आई है। इनमें पैरासिटामोल की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है जो सिरदर्द बढ़ाने जैसा है जबकि अन्य दवाओं में भी यह स्थिति जारी रह सकती है, पंजाब होलसेल कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र दुग्गल तथा महासचिव जी.एस. चावला ने बताया कि युद्ध के कारण यूरोप से आने वाला कच्चा माल नहीं आ रहा, हालांकि चीन से कच्चा माल आ रहा है परंतु उसमें भी सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि चीन भारत की दवा कंपनियों के लिए सबसे बड़ा कच्चा माल सप्लायर है। सप्लाई में रुकावट से घरेलू उत्पादन पर दबाव बढ़ा है। आने वाले समय में दवाइयां की बढ़ती कीमतों का असर ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि नई बैच की आने वाली दवाइयों के दाम 15 से 20% तक बढे़ हुए हो सकते हैं। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, कई अहम कच्चे माल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसके अलावा, पैट्रोकैमिकल्स से बने फार्मास्यूटिकल सॉल्वैंट्स की कीमतें एक सप्ताह में बढ़नी शुरू हो गई हैं। इसी कारण दवा कंपनियों ने सरकार से दवाओं की कीमत बढ़ाने की अनुमति देने की मांग की है, ताकि बढ़ती लागत का भार वहन किया जा सके। भारत में दवाओं की कीमतें काफी हद तक नियंत्रित रहती हैं, इसलिए अचानक बढ़ी लागत को कंपनियां अकेले संभालना मुश्किल मान रही हैं। सुरेंद्र दुग्गल ने कहा कि फार्मास्यूटिकल कंपनियां सरकार से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं परंतु हालात साफ दिखाई देते हैं कि आने वाले समय में युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों का असर दवाइयों पर भी पड़ने लगेगा और कई जीवन रक्षक दवाइयां भी महंगी हो जाएंगी। 

आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की ताज़ा जानकारी, यात्री रखें ध्यान

जालंधर    आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों के बंद होने को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक है। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने आदमपुर एयरपोर्ट प्रबंधन से बात करके इस विषय पर स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के रनवे मेंटेनेंस के कारण 8 महीने तक संचालन बंद रहने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। यहां से उड़ानों का संचालन जारी है। पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने कहा कि आदमपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुष्पेंद्र कुमार निराला ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यहां से प्रतिदिन हिंडन, नांदेड़, बेंगलुरु और मुंबई के लिए फ्लाइट्स का नियमित संचालन जारी है। यात्रियों की आवाजाही भी सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की बाधा नहीं आई है। सुशील रिंकू ने बताया कि एयरपोर्ट प्रशासन ने जानकारी दी है कि गत दिन शाम 5:48 बजे तक लगभग 505 यात्रियों ने आदमपुर एयरपोर्ट से यात्रा की, जो इस बात का प्रमाण है कि एयरपोर्ट पर गतिविधियां पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का मेंटेनेंस कार्य प्रस्तावित होता है, तो यात्रियों को समय रहते इसकी जानकारी दे दी जाएगी ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े। सुशील रिंकू ने कहा कि एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का आदमपुर एयरपोर्ट के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।

एसडीएम का गंभीर आरोप: डीसी पर तंग करने का आरोप, चीफ सेक्रेटरी से जांच और ट्रांसफर की मांग

बाघापुराना  पंजाब के बाघापुराना के एडीएम ने मोगा के डीसी पर ही मानसिक रूप से परेशान करने और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उनकी तरफ से इस बारे में एक चिट्ठी चीफ सेक्रेटरी को लिखी गई है। इसमें उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने। एक महीने की छुट्टी और मोगा जिले से तबादले की भी मांग की है। दूसरी तरफ, इस मामले को विपक्ष भी उठा रहा है। हालांकि डीसी सेतिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं, पता चला है कि इस मामले में कोर्ट में मामला पहुंचने वाला है। चिट़ठी सुबह तीन बजे लिखी है एसडीएम भवपदीप सिंह वालिया ने सुबह तीन बजे चिट्‌ठी लिखी है।अपनी चिट्ठी में कहा है कि उन्हें बार-बार बैठकों के लिए बुलाया गया और लगातार फोन कॉल्स के जरिए संपर्क किया गया, जिससे दबाव और डर का माहौल बना। देर रात और अवकाश के दिनों में भी उन्हें कॉल किए जाते रहे, जिससे मानसिक तनाव और बढ़ गया। इसके अलावा, उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर धमकियां मिलने, विभागीय कार्रवाई, जांच और एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दिए जाने का भी जिक्र किया है। एसडीएम के अनुसार, इन सबका उद्देश्य किसी विशेष उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव परिणाम घोषित करवाने का दबाव बनाना हो सकता है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांतों के खिलाफ है। सारे मामले की निष्पक्ष जांच हो घटनाओं की पूरी श्रृंखला और संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के आचरण की निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच कराई जाए। तुरंत हस्तक्षेप किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव, उत्पीड़न और धमकी तुरंत रोकी जा सके। इस अवधि के दौरान झेले गए अत्यधिक मानसिक तनाव और आघात को देखते हुए मुझे एक महीने की छुट्टी प्रदान करने पर विचार किया जाए। मुझे मोगा से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित हो सके और किसी भी अनुचित प्रभाव से बचा जा सके।

संयुक्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता: सीमा पार से चल रहा ड्रग रैकेट नेस्तनाबूद

पंजाब पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ मिलकर एक बड़े संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस सफलता में 24.5 किलोग्राम हेरोइन, 21 लाख रुपए की ड्रग मनी, एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन और दो कारें जब्त की गई हैं। तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को यहां जारी बयान में बताया कि गहन तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर जिले के नूरवाल गांव निवासी जगजीत सिंह उर्फ राणा, औलख खुर्द गांव के मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत और धूपसरी गांव के रोशन सिंह के रूप में हुई है। जांच में इनके पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से सीधे संपर्क होने का खुलासा हुआ है। डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है और आगे-पीछे के लिंकेज की तलाश जारी है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गुरप्रीत सिंह ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि ऑपरेशन दो चरणों में पूरा हुआ। पहले चरण में 12.1 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान से खेप भेजने के लिए किया जाता था। ड्रोन के फोरेंसिक विश्लेषण, जिसमें तकनीकी डेटा, जीपीएस लोकेशन, अक्षांश-देशांतर और टावर डंप शामिल थे, के आधार पर मनप्रीत सिंह के घर से अतिरिक्त 12.4 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। कुल बरामदगी 24.5 किलोग्राम हो गई। एसपी गुरप्रीत सिंह ने कहा कि आरोपी जगजीत राणा ने ड्रग मनी से हाल ही में पॉश इलाकों में संपत्तियां खरीदी हैं और उसे महंगी कारों का भी शौक था। जब्त की गई कारों में एक महिंद्रा थार एसयूवी भी शामिल है, जिसका इस्तेमाल नशीले पदार्थों की डिलीवरी के लिए किया जा रहा था। जांच में पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन मंगवाते थे और फिर पंजाब के विभिन्न इलाकों में बेचते थे। इस मामले में एएनटीएफ पुलिस स्टेशन, एसएएस नगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 23 और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 25, 26 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 43 (दिनांक 2 मार्च 2026) दर्ज की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ड्रग तस्करी में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।