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पंजाब कैबिनेट मीटिंग 11 अप्रैल को: सत्कार एक्ट 2008 में बदलाव पर मंथन

चंडीगढ़. बेअदबी की घटनाओं को लेकर बने कानून को मूर्त रूप देने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पंजाब सरकार ने 13 अप्रैल को विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया हैं। जिसमें सरकार जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करके इसमें सजा का प्रावधान करना चाहती है। इस संशोधन बिल पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 11 अप्रैल शनिवार को कैबिनेट बैठक बुला ली है। यह बेहद संजीदा बिल हैं। क्योंकि जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 राज्य का कानून हैं। इसके तहत सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाशन, वितरण और बीड़ के प्रबंधन का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) को दिया है। ताकि सिख रहत मर्यादा के अनुसार पवित्रता बनी रहे। अब सरकार इस बिल में संशोधन करके उसमें सजा का प्रावधान भी शामिल करना चाहती है। बीते साल विधेयक किया गया था पेश बता दें कि 15 जुलाई 2025 को पंजाब सरकार पंजाब पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025 पेश किया था। इस पर बहस के बाद इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया है। सेलेक्ट कमेटी को 6 माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी। इस बिल में सभी धार्मिक ग्रंथों को शामिल किया गया था। जिसके तहत 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया था। जानकारी के अनुसार सरकार ने इस बिल को ठंडे बस्ते में डाल कर जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करने का फैसला किया है। सरकार मान रही हैं कि इस बिल में संशोधन करने से श्री गुरु ग्रंथ साहिब को शामिल किया जाएगा। जबकि पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025 में सभी ग्रंथ आते थे। विधेयक राष्ट्रपति को भेजना जरूर नहीं बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही यह दावा कर चुके है कि यह स्टेट बिल है, इसलिए इसे राष्ट्रपति को भेजने की जरूरत नहीं है। जबकि माहिरों का कहना है कि 2008 का कानून केवल रेगुलेटरी कानून है जबकि अगर इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी किए जाने पर सजा का प्रविधान दस साल या इससे ज्यादा किया जाता है तो यह बिल राष्ट्रपति के पास पारित होने के लिए भेजना पड़ेगा। उनका यह भी कहना है कि रेगुलेटरी एक्ट को पीनल एक्ट में बदला तो जा सकता है लेकिन तब यह क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में आ जाएगा। फिर यह स्टेट एक्ट नहीं रहेगा बल्कि समवर्ती सूची में आ जाएगा। ऐसा नहीं है कि राज्य यह कानून बना नहीं सकता लेकिन अगर यह केंद्रीय कानून से टकराया तो केंद्रीय कानून ही माना जाएगा। 13 अप्रैल को विधानसभा में होगा पेश यही कारण हैं कि शिरोमणि अकाली दल अपने सरकार के दौरान 2016 में लाए गए बिल को मंजूरी दिलवाने की मांग कर रही हैं तो कांग्रेस अपने कार्यकाल के दौरान 2018 में लाए गए बिल को कानून बनाने की मांग कर रही है। बता दें कि 2016 के बिल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर उम्र कैद और अन्य धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर दस साल की सजा का प्रविधान किया गया था। 2018 में सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए सभी धर्मों को शामिल कर लिया लेकिन आठ साल बीतने के बावजूद राष्ट्रपति से इसे मंजूरी नहीं दी है। 11 अप्रैल को बुलाई गई कैबिनेट बैठक में बिल के अंतिम स्वरूप को मंजूरी मिलेगी। जिसे बाद में 13 अप्रैल को विधान सभा में पेश किया जाएगा।

स्कूलों में डिजिटल निगरानी: मिशन समर्थ-4 से छात्रों की अटेंडेंस ऑनलाइन ट्रैक होगी

चंडीगढ़. पंजाब के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों की मनमर्जी नहीं चलेगी। स्कूल से लगातार गैरहाजिर रहने वाले बच्चों पर सख्त नजर रखने के लिए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने गुरुवार को ‘मिशन समर्थ-4’ लॉन्च कर दिया। नई व्यवस्था के तहत अब हर छात्र की अटेंडेंस आनलाइन ट्रैक होगी और अनुपस्थिति पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि ‘मिशन का मकसद सिर्फ योजनाएं घोषित करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बच्चों की पढ़ाई को लगातार बनाए रखना है। इसके तहत स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे हर बच्चे की रोजाना उपस्थिति का रिकार्ड सीधे सिस्टम में दर्ज होगा। नई व्यवस्था के अनुसार, अगर कोई छात्र लगातार तीन दिन तक स्कूल नहीं आता है तो सबसे पहले स्कूल स्तर पर उसके अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा। यदि इसके बावजूद छात्र की उपस्थिति में सुधार नहीं होता और अनुपस्थिति पांच दिन तक पहुंच जाती है, तो मामला जिला स्तर पर मॉनिटर किया जाएगा। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरने पर उच्च स्तर तक इसकी निगरानी की जाएगी। बच्चों को स्कूलों से जोड़ने की पहल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पहले कई बार ऐसा होता था कि बच्चे लंबे समय तक स्कूल से दूर रहते थे, लेकिन इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पाती थी। अब रियल टाइम डेटा के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हैं जो अलग-अलग कारणों से बीच-बीच में स्कूल छोड़ देते हैं। नई ट्रैकिंग प्रणाली से ऐसे बच्चों की तुरंत पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने में मदद मिलेगी। बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी मंत्री ने बताया कि मिशन के तहत सरकार पहले ही बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर काम कर चुकी है। अब इसके चौथे चरण में फोकस इस बात पर है कि बच्चे नियमित रूप से स्कूल आएं और पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे। सरकार का मानना है कि सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर या सुविधाएं बढ़ाने से शिक्षा में सुधार नहीं आता, जब तक बच्चे नियमित रूप से स्कूल न आएं। इसी सोच के तहत अब अटेंडेंस को लेकर सख्त और तकनीकी रूप से मजबूत सिस्टम लागू किया गया है। जानें, क्या बदलेगा इस सिस्टम से इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद स्कूलों में लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। साथ ही अभिभावकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी, क्योंकि उन्हें तुरंत जानकारी मिल जाएगी कि उनका बच्चा स्कूल नहीं पहुंच रहा। ‘मिशन के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब फोकस सिर्फ योजनाओं पर नहीं, बल्कि बच्चों की रोजाना मौजूदगी और वास्तविक पढ़ाई पर है। अगर यह सिस्टम प्रभावी तरीके से लागू होता है, तो सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट और अनियमित उपस्थिति की समस्या में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

आतंकियों की साजिश बेनकाब: पंजाब में टाइम बम तैयार कर रहे दो आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर. पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। अमृतसर ग्रामीण, गुरदासपुर और राज्य विशेष अभियान इकाई अमृतसर ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क को बेनकाब किया। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो एक विदेशी संचालक के इशारे पर काम कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के समर्थन से सक्रिय था और इसका संबंध बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। यह नेटवर्क प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने के उद्देश्य से बड़े हमलों की तैयारी कर रहा था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। जानें क्या-क्या मिला – बरामद सामान में पांच हैंड ग्रेनेड, दो विशेष प्रकार के डेटोनेटर (IED), समय नियंत्रित यंत्र, कोडिंग और डिकोडिंग उपकरण, नौ वोल्ट बैटरी, करीब एक किलोग्राम उच्च विस्फोटक सामग्री जिसमें कीलें भरी हुई थीं, तथा एक संचार उपकरण शामिल है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन सामग्रियों का उपयोग बड़े और प्रभावशाली हमले के लिए किया जाना था। स्पष्ट है कि इससे टाइम बम तैयार किया जाना था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों द्वारा तैयार किया जा रहा विस्फोटक उपकरण भी बरामद किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि उनकी योजना किसी भी समय हमले को अंजाम देने की थी। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया गया है। मामला दर्ज कर जांच शुरू इस मामले में गुरदासपुर जिले के कलानौर थाना में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि उनके आगे और पीछे के संपर्कों का पता लगाया जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उन्हें स्थानीय स्तर पर किस प्रकार का सहयोग मिल रहा था। साथ ही विदेशी संचालकों के साथ उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

सुरक्षा के मद्देनज़र बड़ा फैसला: मानसा जिले में ड्रोन और कैमरा उड़ाने पर रोक

मानसा. जिले में सख्त पाबंदियों के आदेश जारी हुए हैं। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन कोड 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तलवंडी साबो पावर लिमिटेड, गांव बननवाला और उसके आस-पास के 1 km के इलाके में किसी भी तरह के ड्रोन/ड्रोन कैमरा उड़ाने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस मानसा ने एक पत्र में लिखा है कि तलवंडी साबो पावर लिमिटेड, गांव बननवाला पंजाब का एक महत्वपूर्ण बिजली उत्पादन थर्मल प्लांट है, जिसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए थर्मल प्लांट बननवाला और उसके आस-पास के 01 km के इलाके में ड्रोन उड़ाने पर रोक लगाने की मांग की गई है। जारी आदेशों के अनुसार अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए शाम 5 बजे से सुबह 7 बजे तक छोटे खनिजों के खनन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा शेड्यूल-एच, एच-1 और एक्स श्रेणी की दवाइयां बेचने वाली सभी फार्मेसी और केमिस्ट दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने बोरवेल और ट्यूबवेल को लेकर भी सख्ती दिखाई है। बिना अनुमति बोरवेल खोदने या उसकी गहराई बढ़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश के मुताबिक बोरवेल खोदने से कम से कम 15 दिन पहले जिला प्रशासन, बीडीपीओ, ग्राम पंचायत या नगर परिषद, जन स्वास्थ्य विभाग और ग्राउंड वाटर विभाग को सूचित करना जरूरी होगा। साथ ही ड्रिलिंग एजेंसी का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर और जमीन मालिक की पूरी जानकारी मौके पर उपलब्ध होनी चाहिए। सुरक्षा के लिहाज से बोरवेल के चारों ओर कांटेदार तार लगाना, स्टील प्लेट से ढक्कन बंद करना और कंक्रीट प्लेटफॉर्म बनाना भी अनिवार्य किया गया है। कार्य पूरा होने के बाद खाली जगह को मिट्टी से भरकर जमीन को पहले जैसा करना होगा। किसी भी स्थिति में बोरवेल या कुएं को खुला छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बम धमकी से दहशत: पटियाला के 12 स्कूलों में अलर्ट, छात्रों को सुरक्षित निकाला गया

पटियाला. स्कूलों में बम उड़ाने के धमकी भरे ईमेल आए का सिलसिला लगातार जारी है। इस बार पटियाला के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। पटियाला में उस समय हड़कंप मच गया जब 12 स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत सभी स्कूलों को खाली करवाया और बच्चों को सुरक्षित उनके घर भेज दिया। धमकी का पता चलते ही स्कूल प्रबंधक घबरा गए और हालात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्कूलों में छुट्टी कर दी और माता-पिता को इसकी जानकारी दी गई। जिन 12 स्कूलों को यह धमकी मिली है, उनमें शहर के 12 बड़े स्कूल शामिल हैं, जिनमें भूपिंद्रा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, यादविंद्रा पब्लिक स्कूल, शिवालिक पब्लिक स्कूल, डिप्स पब्लिक स्कूल सहित कई नामी स्कूल शामिल हैं। दूसरी तरफ, जानकारी मिलते ही अलग-अलग थानों से पुलिस टीमें और बम स्क्वॉड टीम तुरंत स्कूलों में पहुंच गईं। पुलिस स्कूल कैंपस की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके। गौरतलब है कि इससे पहले भी पंजाब के कई दूसरे जिलों के स्कूलों में भी इसी तरह बम की धमकी मिल चुकी है, जिसके चलते प्रबंधक पूरी तरह अलर्ट है। ईमेल में स्कूलों को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। घटना की सूचना मिलते ही बम स्क्वॉड टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। साथ ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। आपको बता दें कि इससे पहले जालंधर, लुधियाना, चंडीगढ़ और मोहाली के स्कूलों व कोर्ट परिसर को भी इस तरह के धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

एग्जाम ड्यूटी पर बड़ा फैसला: पंजाब यूनिवर्सिटी ने स्टाफ का मेहनताना बढ़ाया

चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) प्रशासन ने परीक्षाओं के दौरान ड्यूटी निभाने वाले स्टाफ के मान भत्ते में वृद्धी करते हुए नया सर्कुलर जारी कर दिया है। यह फैसला यूनिवर्सिटी और इससे संबंधित 200 कॉलेजों के करीब ढाई लाख विद्यार्थियों की परीक्षाओं के प्रबंधों में जुटे स्टाफ के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। सर्कुलर के अनुसार अंडरग्रेजुएट पेपर सैंटरों के लिए 850 रुपये और Ph. D. थीसिस के  मुल्याकन के लिए 5000 रुपये मेहनताना तय किया गया है। विदेशी ग्जामिनर्स के लिए यह रकम बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा बोर्ड ऑफ फाइनेंस की मीटिंग में सुपरिंटेंडेंट, क्लर्क और इलेक्ट्रीशियन के मेहनताना में 20 परसेंट बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है। यह सुधार रिसर्च स्कॉलर्स की लंबे समय से चली आ रही कोशिशों का नतीजा है। सामाजिक कार्य विभाग के रिसर्च स्कॉलर शीशपाल शिओकंड की लीडरशिप में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को एक मांग पत्र दिया गया था, जिसमें कहा गया कि मौजूदा 300 रुपये की दर एग्जाम ड्यूटी की जिम्मेदारी और समय के हिसाब से बहुत कम है। शीशपाल ने इस फैसले को सभी टीचर्स, रिसर्चर्स और नॉन-टीचिंग स्टाफ की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला एकेडमिक सिस्टम में उनके रोल की अहमियत को मानता है। नए रेट्स में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोफेशनल एग्जामिनेशन के लिए 1200 रुपये प्रति सेमेस्टर और एम. फिल थ्योरी एग्जामिनेशन के लिए 1200 रुपये तय किए गए हैं। 

ट्रेन सफर पर सख्त एडवाइजरी: बगैर टिकट यात्रा और चलती ट्रेन में चढ़ना पड़ेगा भारी

फिरोजपुर. फिरोजपुर मंडल द्वारा रेलयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। इस अभियान के तहत रेल विभाग ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है वे चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने से बचें और ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही प्लेटफॉर्म से सुरक्षित तरीके से चढ़े या उतरे। यह जानकारी देते हुए मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि आरक्षित कोच के अलावा दिव्यांग, महिला कोच, गार्ड ब्रेक या पार्सल वैन में अनधिकृत यात्रा करना रेल अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान को सुरक्षित रखें, खिड़की और दरवाजों के पास सतर्क रहें तथा कीमती वस्तुओं को खिड़की से दूर रखें। अनजान व्यक्तियों से खाने-पीने की वस्तुएं लेने से भी परहेज करें। चलती ट्रेन के दरवाजे या पायदान पर खड़े होकर यात्रा करना या सेल्फी लेना जानलेवा हो सकता है। साथ ही, यात्रा के दौरान ज्वलनशील वस्तुएं ले जाना भी प्रतिबंधित है। डी.आर.एम. फिरोजपुर ने यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु दिखाई दे तो तुरंत टी.टी.ई., आर.पी.एफ. या जी.आर.पी. को सूचित करें अथवा रेलवे हैल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि लापरवाही न केवल ट्रेन संचालन को प्रभावित करती है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें। 

मौसम का बदला मिजाज: पंजाब में आंधी-बारिश का अलर्ट, तापमान 7 डिग्री तक बढ़ेगा

चंडीगढ़. पंजाब के मौसम को लेकर अहम खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अब 14 अप्रैल तक मौसम साफ रहने के आसार हैं और बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग की ओर से 14 अप्रैल तक राज्य में बारिश या आंधी-तूफान को लेकर किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरिंदर पाल के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा। अगले 24 घंटों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले 4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल तापमान सामान्य से करीब 7.2 डिग्री कम चल रहा है। होशियारपुर में अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 22 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार  मौसम विभाग के अनुसार आज राज्य के 22 जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इनमें पठानकोट, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली शामिल हैं। इसके अलावा अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला समेत कई अन्य जिलों में भी छिटपुट बारिश की संभावना है, लेकिन इसके बाद राज्य में मौसम के फिर से शुष्क रहने के आसार हैं।

बस टेंडर में डिजिटल धोखाधड़ी: PUNBUS से जुड़ा मामला, कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

लुधियाना. पंजाब रोडवेज की पनबस (PUNBUS) को किलोमीटर स्कीम के तहत नई बसें मुहैया करवाने की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी करने और सरकार के साथ धोखाधड़ी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। चंडीगढ़ स्थित पनबस के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के दफ्तर से मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने 'फास्ट्रैक डिजिटल सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड' (Fastrack Digital Solution Pvt Ltd) के मालिक तनवीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी ने न केवल टेंडर प्रक्रिया में बाधा डाली, बल्कि गलत पता देकर सरकारी तंत्र को भी गुमराह किया। मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के आदेशानुसार पनबस की ओर से किलोमीटर स्कीम के तहत साधारण (ऑर्डिनरी) बसें चलाने के लिए टेंडर जारी किया गया था। इस प्रक्रिया में लुधियाना की कंपनी 'फास्ट्रैक डिजिटल सॉल्यूशन' दूसरे नंबर पर रही थी। नियमानुसार, टेंडर की शर्तों को आगे बढ़ाने के लिए विभाग ने 12 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई थी। विभाग को उम्मीद थी कि इस मीटिंग के बाद बसों को रूट पर उतारने का काम तेज होगा, लेकिन आरोपी बिडर जानबूझकर मीटिंग में हाजिर नहीं हुआ। आरोपी नेफर्जीवाड़े के जरिए सरकारी काम में करवाई देरी  शिकायत में कहा गया है कि आरोपी तनवीर सिंह को विभाग की ओर से बार-बार फोन किए गए, लेकिन उसने हर बार टालमटोल वाला रवैया अपनाया। इतना ही नहीं, जब विभाग ने उससे संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि उसने कंपनी का जो पता (B.R.S नगर, ग्रैंड वॉक मॉल, लुधियाना) दिया था, वह भी जांच के घेरे में आ गया। आरोपी ने गलत जानकारी और फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी काम में देरी करवाई, जिसके कारण आम जनता के लिए नई बसें चलाने की योजना अधर में लटक गई। पनबस के मैनेजिंग डायरेक्टर के दफ्तर से प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना सराभा नगर की पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि आरोपी की इस हरकत की वजह से टेंडर को दोबारा फ्लोट करना पड़ा, जिससे न केवल समय की बर्बादी हुई बल्कि सरकार को वित्तीय नुकसान भी उठाना पड़ा। पुलिस अब आरोपी तनवीर सिंह की तलाश कर रही है और यह जांच की जा रही है।

सरकार का बड़ा कदम: कर्मचारियों के DA और बकाए मुद्दे पर सब-कमेटी का गठन

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े लंबित वित्तीय मुद्दों के समाधान की दिशा में अहम कदम उठाया है। सरकार ने डीए/डीआर (महंगाई भत्ता/महंगाई राहत) और वेतन आयोग के बकाए की समीक्षा के लिए एक कैबिनेट सब कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं। जारी अधिसूचना के मुताबिक, इस कैबिनेट सब कमेटी की अध्यक्षता वित्त मंत्री हरपाल चीमा करेंगे। कमेटी में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डा बलजीत कौर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सरकार ने इस कमेटी को व्यापक अधिकार दिए हैं ताकि कर्मचारियों से जुड़े वेतन और भत्तों के जटिल मामलों का गहन अध्ययन किया जा सके। कमेटी का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2011 के वेतन संशोधनों, सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के आधार पर लागू वेतनमान और हाल ही में न्यायालय द्वारा दिए गए डा सौरभ शर्मा केस के फैसलों के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा करना है। इसके तहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाले भत्तों, वेतन संरचना और बकाया भुगतान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। इसके साथ ही कमेटी राज्य पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ का भी विस्तृत आकलन करेगी। विशेष रूप से 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक की अवधि के दौरान संशोधित वेतन और पेंशन के बकाए के भुगतान से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले असर का अध्ययन किया जाएगा। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि राज्य पहले से ही वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। सरकार का मानना है कि कर्मचारियों के हितों और राज्य की आर्थिक स्थिति के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से कमेटी सभी तथ्यों, आंकड़ों और कानूनी पहलुओं का विश्लेषण करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार करेगी। अधिसूचना के अनुसार, कैबिनेट सब कमेटी अपनी रिपोर्ट मंत्रिपरिषद के समक्ष पेश करेगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। माना जा रहा है कि कमेटी की सिफारिशें आने के बाद ही डीए/डीआर और वेतन बकाए को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाएगा। कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का यह कदम कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, हालांकि अंतिम राहत मिलने में अभी समय लग सकता है।