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तरनतारन लॉ कॉलेज में क्लासमेट की हत्या करने वाले प्रिंस ने भी तोड़ा दम

तरनतारन. पंजाब के तरनतारन जिले की गांव उसमा के कॉलेज ऑफ लॉ के सेकंड सेमेस्टर की छात्रा संदीप कौर को एक तरफा प्यार में गोली मारकर मौत की घाट उतारने वाले क्लासमेट प्रिंस राज सिंह ने भी गुरुवार की सुबह दम तोड़ दिया। उसके खिलाफ तीन दिन पहले हत्या का मगर में दर्ज किया गया था। गांव मलिया निवासी सैनिक जगजीत सिंह का बेटा प्रिंस राज सिंह ने अपने साथ पढ़ती संदीप कौर के साथ एक तरफा प्यार में कॉलेज की क्लास में सोमवार को सुबह-सुबह करीब 9 बजे तकरार किया, जिस दौरान आरोपित ने अपने बैग से अवैध पिस्टल निकाल कर उस समय संदीप कौर के माथे पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। उपचार के दौरान प्रिंस ने भी तोड़ा दम संदीप कौर जब क्लासरूम में आखिरी बेंच के पास अन्य छात्रा के साथ बातचीत कर रही थी। इस दौरान उसने संदीप कौर के माथे पर पिस्टल लगाकर उसको मौत के घाट उतार दिया। इसके तुरंत बाद प्रिंस राज सिंह ने भी खुद को गोली मार ली। गोली लगने के तुंरत बाद संदीप कौर की मौत हो गई थी, लेकिन प्रिंस का अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में उपचार चल रहा था। हालांकि, गुरुवार की सुबह उपचार दौरान उसने दम तोड़ दिया। बता दें कि बुधवार को ही पुलिस ने संदीप कौर का पोस्टमार्टम करवाया था। डीएसपी जगबीर सिंह ने बताया कि प्रिंस राज सिंह के शव भी पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। बता दें कि प्रिंस अपनी माता-पिता का इकलौता बेटा था। जबकि संदीप कौर 7 भाई-बहन थे। वह जज बनने का सपना लेकर लॉ की पढ़ाई कर रही थी।

पंजाब के पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह की मुश्किलें बढ़ीं, बेटे रनिंदर से ED करेगी सवाल-जवाब

चंडीगढ़  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रनिंदर सिंह को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला कथित तौर पर विदेशी संपत्तियों के मालिकाना हक और अवैध लेनदेन से जुड़ा है। पिता-पुत्र पर आरोप है कि वे स्विट्जरलैंड के बैंक खाते सहित कुछ विदेशी संपत्तियों के लाभार्थी हैं। आपको बता दें कि यह जांच 2016 में आयकर विभाग द्वारा की गई खोजों से शुरू हुई थी, जिसमें विदेशी संस्थाओं के माध्यम से संचालित संपत्तियों का पता चला था। सूत्रों के मुताबिक, ED ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को गुरुवार (12 फरवरी 2026) को जालंधर कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा था, जबकि उनके बेटे रनिंदर सिंह को अगले दिन शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सूत्रों ने बताया कि अमरिंदर सिंह 12 फरवरी को पेश नहीं हो पाएंगे क्योंकि उन्हें हाल ही में मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईडी अमरिंदर सिंह को पेश होने और अपना बयान दर्ज कराने के लिए एक नयी तारीख दे सकता है। यह कदम पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सितंबर 2025 के आदेश से संबंधित है। उच्च न्यायालय ने तब अमरिंदर सिंह और उनके बेटे द्वारा दायर उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिनमें उन्होंने आयकर विभाग द्वारा उनके खिलाफ दाखिल आरोप पत्र की जांच करने से ईडी को रोकने का अनुरोध किया था। दोनों पर आरोप है कि वे स्विस बैंक खाते सहित कुछ विदेशी संपत्तियों के लाभार्थी हैं। यह मामला 2011 में फ्रांस सरकार से भारत को प्राप्त विश्वसनीय सूचनाओं से संबंधित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमरिंदर सिंह का परिवार विदेशी व्यापारिक संस्थाओं के माध्यम से रखरखाव और नियंत्रण की जाने वाली विदेशी संपत्तियों का लाभार्थी है।

पंजाब में सख्त एक्शन, ‘प्रहार 2.0’ के तहत हजारों संदिग्धों पर शिकंजा

चंडीगढ़   पंजाब में अपराध और नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत राज्यभर में एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत अब तक 1,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक, यह अभियान पूरी तरह इंटेलिजेंस इनपुट पर आधारित है और इसे सभी जिलों में एक साथ, वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में अंजाम दिया जा रहा है। करीब 12 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को मैदान में उतारा गया है, जिन्होंने अलग-अलग इलाकों में एक साथ दबिश दी। जानकारी के अनुसार, अब तक 2,706 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई है, जिनका संबंध वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों या ड्रग नेटवर्क से बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी करना नहीं, बल्कि अपराध की जड़ों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को तोड़ना है। खासतौर पर गैंगस्टर गतिविधियों और नशे के कारोबार पर सख्त नजर रखी जा रही है। ‘गैंगस्टरों पर वार’ थीम के तहत चल रहे इस अभियान को लेकर पुलिस का दावा है कि इससे अपराधियों में हड़कंप मचा है और कई सक्रिय गिरोहों की गतिविधियां ठप हुई हैं। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जा रही है और आम, शांतिप्रिय नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील भी की है। अगर किसी को गैंगस्टर या आपराधिक गतिविधि से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है, तो वह एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर गुमनाम तरीके से सूचना दे सकता है। पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य को ड्रग-फ्री और क्राइम-फ्री बनाना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए इस तरह के सख्त और सुनियोजित अभियान आगे भी जारी रहेंगे। फिलहाल ऑपरेशन प्रहार 2.0 जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

स्टेज पर गाती थीं, अब तस्करी में फंसीं: परमजीत पम्मी को पंजाब पुलिस ने किया अरेस्ट

 खन्ना पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच खन्ना पुलिस को ऑपरेशन प्रहार-2 के तहत एक बड़ी सफलता मिली है. इस कार्रवाई ने एक ऐसे नाम को फिर सुर्खियों में ला दिया, जो कभी मंचों पर गाना गाती थी, लेकिन अब आरोप है कि वह नशा तस्करी के नेटवर्क का हिस्सा बन गई. माछीवाड़ा साहिब क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाबी सिंगर परमजीत कौर पम्मी और उसके भाई सरवन सिंह मिर्जा को हेरोइन समेत गिरफ्तार किया. यह कहानी उस गिरते सफर की है, जिसमें शोहरत, विवाद, जेल, जमानत और फिर दोबारा अपराध के आरोप जुड़ते चले गए. पंजाब सरकार के निर्देशों पर डीजीपी और डीआईजी लुधियाना रेंज की निगरानी में ऑपरेशन प्रहार-2 शुरू किया गया. इसका मकसद था- नशा तस्करों, गैंगस्टर नेटवर्क और उनके सहयोगियों पर एक साथ कार्रवाई. खन्ना पुलिस ने हेल्पलाइन इनपुट, लोकल इंटेलिजेंस और सर्विलांस के आधार पर संवेदनशील इलाकों की लिस्ट तैयार की. पहले ही दिन 125 से ज्यादा संदिग्ध और असामाजिक तत्वों को काबू किया गया.  कई गिरफ्तारियां हुईं, कई लोगों के खिलाफ रोकथाम कार्रवाई की गई. दो बड़े पैडलर, एक प्रमुख तस्कर और गैंगस्टर सहयोगी भी पकड़े गए. इसी कड़ी में सबसे चर्चित गिरफ्तारी रही- परमजीत कौर पम्मी और उसके भाई की. खेतों के बीच बना डेरा, वहीं से चलता था नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया कि परमजीत कौर पम्मी और उसका भाई खेतों के बीच एक डेरा बनाकर गतिविधियां चला रहे थे. यह जगह आम नजरों से दूर थी. आरोप है कि यहां लोगों का आना-जाना लगा रहता था, खास दिनों में भीड़ जुटती थी, और वहीं से नशे की सप्लाई का काम संचालित होता था. स्थानीय लोगों की शिकायतें लंबे समय से पुलिस तक पहुंच रही थीं. ठोस इनपुट और सही समय का इंतजार किया जा रहा था. जैसे ही पुख्ता सूचना मिली, टीम ने छापा मारा और दोनों को काबू कर लिया. तलाशी में करीब 8 ग्राम हेरोइन बरामद होने की बात सामने आई. कौन है परमजीत कौर पम्मी? परमजीत कौर पम्मी का नाम इलाके में नया नहीं है. वह पहले पंजाबी म्यूजिक सर्किट से जुड़ी रही है. सिंगिंग प्रोग्राम, स्टेज शो और रिकॉर्डिंग से उसने पहचान बनाई थी. इलाके में लोग उसे सिंगर पम्मी के नाम से जानते थे. पिछले कुछ वर्षों में उसका नाम कला से ज्यादा आपराधिक मामलों में चर्चा में आने लगा. 2023 का केस: गैर इरादतन हत्या का आरोप पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2023 में परमजीत कौर पम्मी के खिलाफ नशा तस्करी से जुड़े एक मामले में केस दर्ज हुआ था. उस केस में ड्रग ओवरडोज के कारण एक युवक की मौत हुई थी. जांच के बाद उस पर गैर इरादतन हत्या और एनडीपीएस एक्ट की धाराएं लगाई गई थीं. उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और उसने महिला जेल में समय भी काटा. बाद में वह जमानत पर बाहर आ गई. पुलिस का दावा है कि जमानत के बाद उसने अपनी गतिविधियां बंद नहीं कीं, बल्कि फिर से नेटवर्क सक्रिय कर लिया. भाई का साथ: परिवार ही बना नेटवर्क का हिस्सा? ताजा कार्रवाई में उसका भाई सरवन सिंह मिर्जा भी साथ पकड़ा गया. पुलिस का कहना है कि दोनों मिलकर काम कर रहे थे. सप्लाई, संपर्क और स्थानीय स्तर पर वितरण का काम परिवार के स्तर पर ही संचालित हो रहा था. जांच एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि क्या इनके नेटवर्क के तार बड़े सप्लायरों या क्षेत्रीय गिरोहों से भी जुड़े हैं. हेल्पलाइन इनपुट से खुला राज एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि यह कार्रवाई हेल्पलाइन इनपुट पर आधारित थी. सेव पंजाब हेल्पलाइन और एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन पर मिली सूचनाओं को क्रॉस वेरिफाई किया गया. उसके बाद सर्च और रेड की प्लानिंग हुई. पुलिस का कहना है कि आम लोगों से मिल रही सूचनाएं अब ऑपरेशन का बड़ा आधार बन रही हैं. कई हॉटस्पॉट ऐसे चिह्नित हुए हैं, जो पहले रिकॉर्ड में नहीं थे. सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, हॉटस्पॉट सुधार मॉडल भी इस ऑपरेशन की खास बात सिर्फ छापेमारी नहीं, बल्कि हॉटस्पॉट अडॉप्शन मॉडल भी है. खन्ना पुलिस और सिविल प्रशासन ने मिलकर ड्रग प्रभावित इलाकों को चिह्नित कर उन्हें गोद लेने की योजना शुरू की है. मीट मार्केट क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया गया. वहां सफाई अभियान, सैनिटेशन सुधार, स्कूल, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान, दस्तावेज बनवाकर दाखिला, सेल्फ हेल्प ग्रुप गठन, मोटिवेशनल बोर्ड और जागरूकता संदेश जैसी पहल शुरू की गई है. एसएसपी ने साफ कहा कि नशे और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस नहीं जीत सकती. इसमें जनता, मीडिया और एनजीओ का सहयोग जरूरी है. उन्होंने अपील की कि लोग डरें नहीं, हेल्पलाइन पर सूचना दें. पहचान गोपनीय रखी जाएगी.  

सुनील जाखड़ ने मोगा मामले में उठाया मुद्दा, मजदूरों पर हमला कहा ‘संस्कृति और पंजाबियत के खिलाफ’

चंडीगढ़ पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मोगा में बाहरी राज्यों से आकर काम करने वाले मजदूरों को निशाना बनाए जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को पंजाबियत और गुरुओं के दिखाए मार्ग के पूरी तरह खिलाफ बताया। जाखड़ ने कहा कि पंजाब की पहचान हमेशा भाईचारे, आपसी सम्मान और सबको साथ लेकर चलने की रही है, ऐसे में किसी भी वर्ग को डराने या निशाना बनाने की कोशिश बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से राज्य में कारोबारियों को धमकियां और हमलों का सामना करना पड़ा है, जिससे नई इंडस्ट्री यहां निवेश करने से कतराने लगी है। अब मजदूर वर्ग को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो राज्य के सामाजिक ताने-बाने और आर्थिक ढांचे के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ ताकतें जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही हैं। पंजाब की इंडस्ट्री व खेती बाड़ी में अहम योगदान जाखड़ ने कहा कि बाहर से आकर मेहनत करने वाले मजदूर पंजाब की इंडस्ट्री और खेती में अहम भूमिका निभाते हैं। फैक्ट्रियों, निर्माण कार्यों और खेतों में उनका बड़ा योगदान है। इनके बिना राज्य की अर्थव्यवस्था की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। ऐसे लोगों को डराने या भगाने की कोशिश पंजाब के हित में नहीं है। उन्होंने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को तुरंत सक्रिय होकर ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। पंजाब की छवी पर बुरा असर उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्ती नहीं दिखाई गई तो इससे पंजाब की छवि, निवेश और रोजगार के अवसरों पर बुरा असर पड़ेगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब को नफरत की नहीं, बल्कि एकता और विकास की राजनीति की जरूरत है। उन्होंने अपील की कि सभी राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन मिलकर भाईचारे का संदेश दें और राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।  

चंडीगढ़-पंजाब में बम स्क्वॉड अलर्ट: मोहाली के 16 स्कूलों और बड़े नेताओं को उड़ाने की धमकी

मोहाली  जिले के मोहाली शहर, जीरकपुर और बनूड़ (Banur) में 16 से अधिक प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली. इसके बाद प्रशासन में खलबली मच गई. धमकी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए और एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली करा लिया गया. जानकारी के मुताबिक, धमकी का मैसेज ईमेल से भेजा गया था. इसके बाद पुलिस की टीमें, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और स्कूल की तलाशी ली गई. बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उनके अभिभावकों को सूचित कर दिया गया. पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और धमकी भेजने वाले का पता लगाने के लिए जांच कर रही है. मोहाली के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमें कुछ स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिलने की जानकारी मिली थी. सुरक्षा के बीच तुरंत कार्रवाई की गई और सभी स्कूलों को खाली कराकर चेक किया गया. अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है. अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जो भी इसके पीछे है, उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा. बम धमकी का पता चलते ही मोहाली पुलिस हाई अलर्ट पर आ गई। तुरंत बम स्क्वॉड की टीमें लेकर पुलिस फोर्स स्कूलों में पहुंच गई। स्कूल के आसपास का पूरा इलाका सील कर दिया गया। जिसके बाद पूरे स्कूल को खाली करवाकर पुलिस की टीमें जांच के लिए अंदर भेजी गईं। डीएसपी सिटी हरसिमरन बल खुद लर्निंग पाथ स्कूल पहुंचे। जबकि डीएसपी सिटी वन पृथ्वी चहल पैरागॉन स्कूल पहुंचे। पुलिन सभी स्कूलों को सील कर दिया और अंदर जांच की जा रही है। किसी को भी गेट से आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। मोहाली के SSP हरमनदीप हंस ने कहा कि स्कूलों में जांच के लिए मोहाली के अलावा फतेहगढ़ साहिब, रोपड़ और चंडीगढ़ से भी बम निरोधक दस्ते बुलाए गए हैं। स बारे में मोहाली की जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) गिन्नी दुग्गल ने कहा कि अभी तक 10 स्कूलों को धमकी का पता चला है। इनमें पैरागॉन, लर्निंग पाथ, माइंड ड्री, जीडी गोयनका, विवेक स्कूल, इंडस भी शामिल हैं। इनमें छुट्‌टी करा दी गई। बाकी स्कूलों को भी अपनी ई-मेल चेक करने को कहा गया है। इसके साथ ही इस मामले संंबंधी जानकारी डीसी को भेजी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और सिर्फ सरकारी जानकारी पर ही भरोसा करें. लंबे समय से मिल रहीं धमकियां गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से पूरे पंजाब में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां ईमेल के जरिये दी जा रही हैं. इससे पहले चंडीगढ़ के कई स्कूलों, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट, पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट और पंजाब के कई अन्य स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां भेजी गई थीं.

रेल मंत्रालय ने पूरी की औपचारिकताएं, 411.96 करोड़ में बनेगी राजपुरा बाईपास लाइन

 चंडीगढ़ राजपुरा बाईपास लाइन का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। रेल मंत्रालय स्तर पर इसकी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। सोमवार को इस संदर्भ में नई दिल्ली में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस परियोजना पर आला अफसरों के साथ मंत्रणा की। यह परियोजना 411.96 करोड़ रुपये की है।  मंत्री बिट्टू ने बताया कि उत्तरी रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों में से एक पर भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से राजपुरा बाईपास लाइन के निर्माण को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। स्वीकृत कार्य के अंतर्गत न्यू शंभू समर्पित माल गलियारा (डीएफसी) स्टेशन को मौजूदा राजपुरा–बठिंडा लाइन के काउली स्टेशन से जोड़ने के लिए 13.46 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन का निर्माण किया जाएगा। यह रणनीतिक संपर्क भारतीय रेल की अम्ब्रेला वर्क योजना के तहत नई रेल लाइन परियोजनाओं का हिस्सा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वर्तमान में पूर्ण क्षमता पर संचालित हो रहे राजपुरा यार्ड पर दबाव कम करना है। उन्होंने बताया कि अंबाला–जालंधर खंड उत्तरी रेलवे नेटवर्क के सबसे व्यस्त कॉरिडोरों में से एक है। यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो वर्ष 2030-31 तक इस क्षेत्र में लाइन क्षमता उपयोग 165 प्रतिशत से अधिक होने का अनुमान है, जो बढ़ते यातायात के कारण और भी अधिक दबाव उत्पन्न करेगा। सीधी आवाजाही सुविधा मिलेगी नई बाईपास लाइन ट्रेनों को सीधी आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगी जिससे राजपुरा यार्ड की भीड़भाड़ से पूरी तरह बचा जा सकेगा। इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम एवं तीव्र होगी। न्यू शंभू स्थित समर्पित माल गलियारे से सीधा संपर्क स्थापित होने से माल ढुलाई की दक्षता और गति में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह स्वीकृति क्षेत्र में रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे देश की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं के अनुरूप क्षमता विस्तार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

पंजाब पंचायत का नया फैसला: लव मैरिज पर रोक, नियम तोड़ने वालों के लिए सख्त कदम

अमृतसर  अमृतसर जिले के गांव धारीवाल में पंचायत ने लव मैरिज को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए गांव की सीमा में ऐसे विवाहों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट किया है कि यदि गांव का कोई युवक-युवती आपसी सहमति से लव मैरिज करते हैं तो उन्हें गांव से बाहर कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और पंचायत की ओर से मिलने वाली सरकारी व सामाजिक सुविधाएं भी समाप्त कर दी जाएंगी।  पंचायत के प्रस्ताव में कहा गया है कि लव मैरिज करने वाले युवक-युवती या उनके परिवार को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। गांव के लोगों का तर्क है कि इससे पहले भी गांव में पांच से छह लव मैरिज के मामले सामने आ चुके हैं, जिनके बाद गांव का माहौल बिगड़ा। आपसी झगड़े, रंजिश, मारपीट और धमकियों की घटनाएं हुईं। कई मामलों में पुलिस थानों और अदालतों के चक्कर लगाने पड़े, जिससे गांव में तनाव का माहौल बना रहा। गांव के सरपंच मुख्तार सिंह ने बताया कि पंचायत ने यह फैसला गांव के सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए लिया है। उन्होंने कहा कि अब लव मैरिज से जुड़े किसी भी मामले में न तो गांव का कोई व्यक्ति अदालत में गवाही देगा और न ही पुलिस थानों में जाकर आरोपियों की जमानत कराएगा। ऐसे मामलों में लव मैरिज करने वालों का समर्थन करने वालों पर भी पंचायत कार्रवाई करेगी और परिवार को इसके परिणाम भुगतने होंगे। सरपंच ने यह भी कहा कि पंचायत समय-समय पर ऐसे मामलों में दोषियों को सजा देने जैसे कदम भी उठाएगी। यह निर्णय किसी एक वर्ग के दबाव में नहीं, बल्कि गांव के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। पंचायत का दावा है कि इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को भटकाव से बचाना और गांव का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखना है। हालांकि, पंचायत के इस फैसले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे गांव की परंपराओं और सामाजिक अनुशासन से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बता रहे हैं। बावजूद इसके, फिलहाल धारीवाल पंचायत अपने फैसले पर अडिग नजर आ रही है और गांव में इसका सख्ती से पालन कराने की बात कह रही है।

बठिंडा कोर्ट का एक्शन: कंचन कुमारी हत्याकांड में मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों भगोड़ा

बठिंडा  डिजिटल कंटेंट क्रिएटर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी की हत्या के मामले में बठिंडा की एक स्थानीय अदालत ने सिख कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह मेहरों को भगोड़ा (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर – पीओ) घोषित कर दिया है। आरोपित बार-बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। अदालत ने बीती 7 फरवरी को मामले की सुनवाई करते हुए फरार आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों को पीओ घोषित किया। मेहरों इस हत्याकांड का मुख्य आरोपित है और वारदात के बाद जून 2025 में देश छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस के अनुसार उसके वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में छिपे होने की आशंका है। इससे पहले अदालत ने बीती 1 दिसंबर 2025 को अमृतपाल सिंह मेहरों और उसके साथी व आरोपित रंजीत सिंह को गिरफ्तारी से बचने के आरोप में भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। मामले में मेहरों के तीन सहयोगी व आरोपित जसप्रीत सिंह, निर्मतजीत सिंह और रंजीत सिंह को गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बठिंडा कैंट थाने के एसएचओ दलजीत ढिल्लों ने बताया कि उन्हें अदालत का आदेश प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह मेहरों के यूएई में छिपे होने की जानकारी है। राज्य सरकार व केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है, ताकि इंटरपोल की मदद से उसे भारत प्रत्यर्पित करवाया जा सके। इंटरपोल को आवश्यक विवरण भेजे जा चुके हैं और आधिकारिक जवाब का इंतजार है। अधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अदालत ने फरार आरोपित की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। मेहरों मोगा जिले के मेहरों गांव का रहने वाला है। सूत्रों के अनुसार भगोड़ा घोषित किए जाने से इंटरपोल के जरिए रेड कार्नर नोटिस जारी करवाने में पुलिस को और मदद मिलेगी। पुलिस जांच के अनुसार आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों, जसप्रीत सिंह और निर्मतजीत सिंह ने साल 2025 की 9-10 जून की रात को कंचन कुमारी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। पुलिस का दावा है कि यह हत्या कंचन द्वारा इंटरनेट मीडिया पर डाली गई कथित आपत्तिजनक सामग्री को लेकर की गई, जिसे आरोपितों ने सिख समुदाय की भावनाओं के खिलाफ बताया। हत्या के बाद आरोपितों ने कंचन का शव बठिंडा के भुच्चों मंडी स्थित आदेश मेडिकल कालेज एवं अस्पताल की पार्किंग में उसकी कार में छोड़कर फरार हो गए थे। 11 जून की शाम शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने बताया कि फरार अमृतपाल सिंह मेहरों की मदद करने वाले रंजीत सिंह को बीती 6 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया है। रणजीत इस समय तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा। जसप्रीत सिंह और निर्मतजीत सिंह पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस के अनुसार रंजीत ने अमृतपाल सिंह मेहरों को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचाने में मदद की थी, जहां से वह यूएई फरार हो गया।  

अमृतपाल फाजिल्का जल्द भारत लौटेंगे, पिता का खुलासा: पाकिस्तान में सिर्फ 20 मिनट हुई बातचीत

फाजिल्का फाजिल्का जिले के जलालाबाद के साथ लगते गांव खैरे की उताड़ का रहने वाला अमृतपाल अब भारत वापिस लौट रहा है। इस बात की पुष्टि उसके पिता जगराज सिंह ने की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान जेल में बंद उसके बेटे से उनकी 20 मिनट बात हुई है। फाजिल्का सेक्टर के किसान अमृतपाल की जल्द रिहाई की खबर सामने आ रही है। सरहदी गांव खैरेके उताड़ का किसान अमृतपाल 21 जून, 2025 को अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। किसान के पिता जगराज सिंह के अनुसार, अमृतपाल खेत में चूहों को बेहोश करने वाली दवा का छिड़काव कर रहा था। दवा के असर और उसके बाद चाय पीने की वजह से उसे चक्कर आने लगे और बेहोशी की हालत में वह गलती से पाक सीमा में दाखिल हो गया। वहां उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में लेकर कंगनपुर के अस्पताल में दाखिल कराया था। बीते दिन पाकिस्तान की जेल में बंद पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी होने के बाद रिहाई की गई है, जिनकी अंबेसी बुधवार को क्लीयर हो गई थी। जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल के केस की अंबेसी शुक्रवार को क्लीयर हो चुकी है और किसी भी समय अमृतपाल की रिहाई हो सकती है। पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल खेत में चूहों को बेहोश करने वाली दवा का छिड़काव कर रहा था। दवा के असर और उसके बाद चाय पीने की वजह से उसे चक्कर आने लगे और बेहोशी की हालत में वह गलती से पाक सीमा में दाखिल हो गया। उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था। गत दिन पाकिस्तान की जेल में बंद पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी होने के बाद रिहाई की गई है, जिनकी एंबेसी बुधवार को क्लियर हो गई थी। जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल के की एंबेसी शुक्रवार को क्लियर हो चुकी है और किसी भी समय अमृतपाल की रिहाई हो सकती है। पाक की कोर्ट ने लगाया 50 हजार जुर्माना पाकिस्तानी पुलिस ने बॉर्डर क्रॉसिंग का केस दर्ज कर अमृतपाल को कोर्ट में पेश किया था। पाक की कोर्ट ने अमृतपाल को एक महीने के कारावास और 50 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई थी, जो पूरी हो चुकी है। रिहाई की खबर मिलते ही अमृतपाल के परिवार ने इस खबर पर राहत की सांस ली। जेल अफसरों की निगरानी में हुई बात अमृतपाल के पिता जगराज सिंह के अनुसार 4 फरवरी को अमृतपाल ने पाक जेल से फोन पर जानकारी दी है कि उसकी एंबेसी क्लियर हो चुकी और शीघ्र ही रिहाई की संभावना है। उन्होंने बताया कि पाक जेल में बंद भारतीय कैदियों को जेल अफसरों की निगरानी में परिवार के साथ हर बुधवार को 20 मिनट तक बात करने की इजाजत होती है, इसी के तहत अमृतपाल से उनकी बात हुई है। एक महीने की जेल, 50 हजार जुर्माने की सजा पाकिस्तानी पुलिस ने बॉर्डर क्रॉसिंग का केस दर्ज कर अमृतपाल को अदालत में पेश किया था। पाक की अदालत ने अमृतपाल को एक महीने के कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। पाकिस्तानी वकील सुहैल अंसारी अमृतपाल का केस नि:शुल्क लड़ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में किसान से जेल में मुलाकात कर उनका एक 15 सेकेंड का वीडियो परिवार को भेजा था, जिसमें अमृतपाल ने खुद के बिल्कुल ठीक होने की बात कही थी। अमृतपाल की सजा की अवधि और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अब उसकी रिहाई और वतन वापसी का रास्ता साफ होता दिख रहा है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद किसी भी समय उसे बीएसएफ के हवाले किया जा सकता है, जिससे उसके परिवार का लंबा इंतजार खत्म होगा। कोट लखपत जेल में बंद है अमृतपाल पिछले कुछ समय से पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही भारतीय सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन निरंतर पाकिस्तानी अधिकारियों के संपर्क में थे। फ्लैग मीटिंग और कूटनीतिक बातचीत के जरिए उसकी रिहाई के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। रिहाई की खबर मिलते ही फाजिल्का सेक्टर में सुरक्षा और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। परिजनों में खुशी की लहर अमृतपाल के परिवार ने इस खबर पर राहत की सांस ली है और उनके स्वागत की भव्य तैयारी शुरू कर दी है। जगराज सिंह के अनुसार 4 फरवरी को अमृतपाल ने पाक जेल से फोन पर जानकारी दी है कि उसकी अंबेसी क्लीयर हो चुकी है और शीघ्र ही रिहाई की संभावना है। उन्होंने बताया कि पाक जेल में बंद भारतीय कैदियों को जेल अफसरों की निगरानी में परिवार के साथ हर बुधवार 20 मिनट बात करने की इजाजत होती है।