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मध्यप्रदेश पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग ने रोका बाल विवाह, मिली सकारात्मक परिणाम

सामुदायिक पुलिसिंग से बाल विवाह रोकने में मिलीं मध्यप्रदेश पुलिस को सफलताएं प्रदेशभर में जागरूकता अभियान और त्वरित हस्तक्षेप से प्रदेश में रोके जा रहे बाल विवाह भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही हैं। पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से तथा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से विभिन्न जिलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अनेक स्‍थानों पर बाल विवाह रुकवाए। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को कानूनी प्रावधानों, दुष्परिणामों तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के प्रति सचेत किया जा रहा है। राजगढ़ अक्षय तृतीया के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के कंट्रोल रूम को प्राप्त शिकायतों पर जिला प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर बाल विवाह रुकवाए। खोईरी स्थित महादेव मंदिर में एक युवक की आयु 21 वर्ष से कम पाए जाने पर विवाह रुकवाया गया। वहीं जीरापुर में सामूहिक विवाह सम्मेलन हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच में 6 जोड़ों की आयु कम मिलने पर आवेदन निरस्त किए गए है । इसी क्रम में थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुरा कॉलोनी में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, वन स्टॉप सेंटर तथा पुलिस टीम ने तत्काल संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रूकवाया। साथ ही आमजन से अपील की गई कि इस प्रकार की घटना की सूचना तत्काल पुलिस एवं संबंधित विभाग को दें, ताकि इस सामाजिक कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। देवास जिले में पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई बाल विवाह रुकवाए। ग्राम डिंगरोदा में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह रुकवाकर उसे सुरक्षा की दृष्टि से वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। ग्राम मानकुंड में 16 वर्षीय बालिका के बाल विवाह की सूचना पर डायल-112 ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाया तथा परिजनों को समझाइश दी। वहीं ग्राम अजीजखेड़ी में 16 एवं 17 वर्ष आयु की दो नाबालिग बालिकाओं के विवाह भी समय रहते रुकवाए गए। पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं प्रभावी हस्तक्षेप से सभी मामलों में बाल विवाह पर सफलतापूर्वक रोक लगाई गई। मुरैना थाना स्टेशन रोड पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने उत्तमपुरा स्थित मैरिज गार्डन में हो रहे बाल विवाह को रुकवाया। टीम द्वारा परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर समझाइश दी गई। उज्जैन उज्जैन जिले के ग्राम इंगोरिया एवं पातिया खेड़ी में बाल विवाह की सूचना मिलने पर पुलिस टीम, तहसीलदार एवं पटवारी की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक साथ दो बाल विवाह रुकवाए। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाइश दी। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना अथवा शामिल होना दंडनीय अपराध है। मंदसौर ग्राम अरनिया मीणा में बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालक का विवाह रुकवाया। जांच में बालक की आयु निर्धारित वैधानिक आयु से कम पाई गई। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों एवं दुष्परिणामों की जानकारी देकर विवाह स्थगित कराया। बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर अस्थायी रूप से ऑब्जर्वेशन होम में रखा गया। शिवपुरी ग्राम डबहारा में बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की। टीम द्वारा बालिका के माता-पिता एवं परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराते हुए समझाइश दी गई कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात ही किया जाना विधिसम्मत है। पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं प्रभावी हस्तक्षेप से बाल विवाह को समय रहते रुकवाया गया, साथ ही परिवारजनों को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने हेतु समझाइश दी गई। रीवा थाना जवा अंतर्गत ग्राम गाढा भैंसो टोला में बाल विवाह आयोजित किए जाने की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर त्वरित जांच की। जांच के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों एवं शैक्षणिक अभिलेखों के आधार पर बालिका की आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। इसके उपरांत पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा परिजनों को समझाइश दी गई कि बालिग होने से पूर्व विवाह कराना कानूनन अपराध है। पुलिस के हस्तक्षेप से परिजनों ने विवाह रोकने पर सहमति व्यक्त की, जिससे समय रहते बाल विवाह रुकवाया गया तथा भविष्य में बालिग होने के उपरांत ही विवाह संपन्न कराने की सलाह दी गई। नीमच ग्राम पोखरदा में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान बालक की आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई, जिस पर टीम द्वारा परिजनों को समझाइश दी गई और विवाह को तत्काल रुकवाया गया। मौके पर पंचनामा तैयार कर परिवार से लिखित आश्वासन लिया गया कि बालक के 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात ही विवाह संपन्न कराया जाएगा। साथ ही भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। छिंदवाड़ा थाना अमरवाड़ा अंतर्गत ग्राम पीपरपानी में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान दूल्हे के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच में उसकी आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। इसके बाद पुलिस, महिला बाल विकास विभाग, ग्राम सरपंच, आशा कार्यकर्ता, कोटवार एवं ग्रामीणों के सहयोग से परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों एवं कानूनी दंड के संबंध में समझाइश दी गई। प्रभावी समझाइश एवं पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से विवाह रुकवाया गया तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। प्रदेश में पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग, सतर्क निगरानी, सक्रिय सूचना तंत्र, व्यापक जन-जागरूकता अभियान तथा प्राप्त शिकायतों पर … Read more

बाल विवाह के खिलाफ जनकपुर में हुंकार: एसपी रत्ना सिंह की सख्त चेतावनी, समाज ने लिया बदलाव का संकल्प

बाल विवाह के खिलाफ जनकपुर में हुंकार: एसपी रत्ना सिंह की सख्त चेतावनी, समाज ने लिया बदलाव का संकल्प मनेन्द्रगढ़/एमसीबी “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के तहत जनकपुर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम ने सामाजिक बदलाव की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया। एकीकृत बाल विकास परियोजना भरतपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासन, पुलिस और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम की सबसे अहम कड़ी रहीं पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह, जिन्होंने थाना परिसर जनकपुर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बाल विवाह को समाज पर लगा एक गंभीर कलंक बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह कुप्रथा बच्चों के अधिकारों का हनन करती है और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा व भविष्य को गहरे संकट में डाल देती है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों, युवाओं और जागरूक नागरिकों से एकजुट होकर इस बुराई को जड़ से खत्म करने का आह्वान किया। सामुदायिक भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई। चाइल्डलाइन टीम, परियोजना अधिकारी और थाना प्रभारी ने संवादात्मक सत्र के जरिए लोगों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें जागरूक किया। इस दौरान जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य और जिला पंचायत सदस्य अनीता चौधरी ने भी अपने विचार रखते हुए बाल विवाह रोकने में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने समाज के हर वर्ग से सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में आईटीआई और शासकीय नवीन कॉलेज के छात्र-छात्राओं, महिलाओं, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में उभरा।

कनिका शर्मा-साकिब सैफी की शादी पर बवाल, धर्म के नाम पर जमकर ट्रोलिंग

फेमस इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर कनिका शर्मा और साकिब सैफी अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. दूसरे धर्म में शादी करने के लिए कनिका को लगातार ट्रोल किया जा रहा है. पहले कुछ दिन तो कनिका को ट्रोलिंग से फर्क नहीं पड़ा, लेकिन अब उनके सब्र का बाढ़ टूट चुका है. शादी के बाद रो पड़ीं कनिका कनिका शर्मा और साकिब सैफी को फनी कंटेंट बनाने के लिए जाना जाता है. साथ में काम करते-करते दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे. इस साल मार्च में कनिका और साकिब ने हिंदू-मुस्लिम रीत-रिवाज से शादी रचाई.  कनिका हिंदू ब्राह्मण परिवार से हैं, जबकि साकिब मुस्लिम फैमिली से आते हैं. शादी के बाद कनिका को दूसरे धर्म में शादी करने के लिए गालियां पड़ रही हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने ट्रोल्स को लताड़ा है. कनिका कहती हैं कि तुम मुझे गालियां दे रहे हो, मां-बाप को गालियां दे रहे हो, भाई को गालियां दे रहे हो, तुम होते कौन हो? तुम कौन होते हो ये बोलने वाले इससे शादी कर ली, ये कर लिया वो कर लिया, तुम्हें हक किसने दिया? मेरी मां को गाली दोगे? पापा को बोलोगे किसकी औलाद है ये? इतना कहते हुए कनिका रो पड़ीं. कनिका को ये सोचकर बुरा लगा कि शादी पर उन्हें जज किया जा रहा है. फैमिली को 'कलंक' बोला जा रहा है. वो कहती हैं कि ये वीडियो मेरे पापा के लिए. उन्हें बहिष्कार करने से पहले उनके जैसे बनो. अपनी कमाई से 20 साल से सेवा में खर्च किया, शायद इतना तुमने कमाया भी न हो जितना पापा ने ब्राह्मण होने के नाते किया. मम्मी ने कभी गली के जानवर को भूखा नहीं जाने दिया. भाई ने सेवा में जितनी चोटें खाईं, कभी गिनी नहीं. क्योंकि हम ब्राह्मण हैं, इसलिए सेवा करते हैं. ना कनिका शर्मा से कभी शर्मा हटेगा, ना किसी की इतनी औकत है कि वो हटा सके. असली सनातनी बनो, सनातनी इन्फ्लुएंसर नहीं. राम राम. कनिका-साकिब सालों से रिलेशनशिप में थे. इंटरनेट पर मिले, वीडियो बनाए, प्यार हो गया. फैमिलीज ने सपोर्ट किया. साकिब ने बताया कि ससुराल वालों ने शादी करवाई. शादी के बाद उन्हें कुछ लोगों की नफरत मिली, तो कुछ ने प्यार दिया.  

पंजाब पंचायत का नया फैसला: लव मैरिज पर रोक, नियम तोड़ने वालों के लिए सख्त कदम

अमृतसर  अमृतसर जिले के गांव धारीवाल में पंचायत ने लव मैरिज को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए गांव की सीमा में ऐसे विवाहों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट किया है कि यदि गांव का कोई युवक-युवती आपसी सहमति से लव मैरिज करते हैं तो उन्हें गांव से बाहर कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और पंचायत की ओर से मिलने वाली सरकारी व सामाजिक सुविधाएं भी समाप्त कर दी जाएंगी।  पंचायत के प्रस्ताव में कहा गया है कि लव मैरिज करने वाले युवक-युवती या उनके परिवार को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। गांव के लोगों का तर्क है कि इससे पहले भी गांव में पांच से छह लव मैरिज के मामले सामने आ चुके हैं, जिनके बाद गांव का माहौल बिगड़ा। आपसी झगड़े, रंजिश, मारपीट और धमकियों की घटनाएं हुईं। कई मामलों में पुलिस थानों और अदालतों के चक्कर लगाने पड़े, जिससे गांव में तनाव का माहौल बना रहा। गांव के सरपंच मुख्तार सिंह ने बताया कि पंचायत ने यह फैसला गांव के सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए लिया है। उन्होंने कहा कि अब लव मैरिज से जुड़े किसी भी मामले में न तो गांव का कोई व्यक्ति अदालत में गवाही देगा और न ही पुलिस थानों में जाकर आरोपियों की जमानत कराएगा। ऐसे मामलों में लव मैरिज करने वालों का समर्थन करने वालों पर भी पंचायत कार्रवाई करेगी और परिवार को इसके परिणाम भुगतने होंगे। सरपंच ने यह भी कहा कि पंचायत समय-समय पर ऐसे मामलों में दोषियों को सजा देने जैसे कदम भी उठाएगी। यह निर्णय किसी एक वर्ग के दबाव में नहीं, बल्कि गांव के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। पंचायत का दावा है कि इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को भटकाव से बचाना और गांव का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखना है। हालांकि, पंचायत के इस फैसले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे गांव की परंपराओं और सामाजिक अनुशासन से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बता रहे हैं। बावजूद इसके, फिलहाल धारीवाल पंचायत अपने फैसले पर अडिग नजर आ रही है और गांव में इसका सख्ती से पालन कराने की बात कह रही है।

बेल्जियम में दोस्ती, सिंगरौली में विवाह, संदीप-शेरला भारतीय रिवाज से बनेंगे जीवनसाथी, हल्दी की रस्म में शामिल हुए

सिंगरौली जिला मुख्यालय सिंगरौली बैढ़न स्थित होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशी सैलानियों के लिए बनी पहली पसंद, जहां शाही मेहनवाजी और विश्वस्तरीय सुविधाओं को लेकर सर्वश्रेष्ठ होटलों में गिना जा रहा हैं। आए दिन सिंगरौली भ्रमण के लिए आने वाले विदेशी सैलानी इस हेरिटेज होटल में निवास करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि अब इस होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशियों द्वारा हिन्दू रीति रिवाजों के साथ विवाह भी किया जाने लगा है। बता दें कि हेरिटेज पैलेस में सिंगरौली निवासी संदीप कुमार सिंह पुत्र स्व.रमेश प्रसाद सिंह का विवाह फ्रांस लियाना कि शेरला पुलानीया के साथ दिनांक पांच फरवरी दिन गुरुवार को सम्पन्न होगा।  विवाह रस्म के पूर्व 4 फरवरी हेरिटेज पैलेस में संदीप और शेरला पुलानीया का हल्दी रस्म हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पवित्र अवसर पर लगभग आधा सैकड़ा फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले वस्त्र धारण कर हेरिटेज पैलेस होटल में परिवार के सदस्यों के साथ दूल्हा-दुल्हन को हल्दी का लेप लगाया, जो सौंदर्य, पवित्रता, सुरक्षा और वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद का प्रतीक है। इस दौरान फ्रांसीसियों ने भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का विशेष सम्मान करते हुए सारी रस्म हिन्दी रस्म मंत्रोचारण के साथ सम्पन्न कराया। जानकारी के लिए बता दें कि संदीप कुमार सिंह बैढ़न सिंगरौली के निवासी है जो सरस्वती शिशु मंदिर बैढ़न से 12वीं पास करने के पश्चात इंदौर से बीसीए तथा पुणे से एमसीए की उपाधि प्राप्त कर बेल्जियम में सेटल हो गए जहां उन्होंने आईटी कंसल्टेंसी में अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। इसी दौरान फ्रांसीसी शेरला पुलानीया के साथ उनकी मुलाकात हुई, फिर दोस्ती हुई, इसके बाद यह मुलाकात धीरे धीरे प्यार में तब्दील हो गया। शेरला पुलानीया सनाफ्री फार्मास्यूटिकल कंपनी में ब्रांड मैनेजर के रूप में कार्य कर रही है। जो आज वे दोनों शादी के दाम्पत्य सूत्र में बधने जा रहे हैं। हल्दी रस्म में दिखा हल्दी कलर का पहनावा हल्दी समारोह भारतीय शादी की सबसे रंगीन और खुशियों से भरी रस्मों में से एक है, जहां आज हेरिटेज पैलेस में आयोजित इस हल्दी रस्म में भारतीय परंपरा के अनुसार वैदिक रस्मों एवं मंत्रोचारण के साथ हल्दी रस्म की प्रक्रिया पूरी की गई। फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले रंग की चमकदार कपड़े पहनकर पूरे माहौल को रोशन कर दिया। बताते हैं कि इस खास मौके पर पीले रंग की ड्रेस पहनना न सिर्फ शुभ माना जाता है, बल्कि यह दुल्हन की खूबसूरती और ब्राइडल ग्लो को और भी निखार देता है। विदेशियों ने भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की हेरिटेज पैलेस होटल में आयोजित उक्त कार्यक्रम में आए फ्रांसीसियों ने बातचीत के दरम्यान बताया कि वह हेरिटेज पैलेस होटल में भारतीय संस्कृति की विविधता, आध्यात्मिकता, मेहमाननवाज़ी (अतिथि देवो भव) की परंपरा से काफी प्रसन्न हैं। वे हेरिटेज होटल के खान-पान, पारंपरिक पहनावे से गहराई से प्रभावित हैं, जो भारत की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने उजागर करता है। हेरिटेज होटल में पधारे फ्रांसीसी नागरिकों ने कहा कि भारत की यह एक अच्छी संस्कृति है, जहां हर जात धर्म के लोग एकजुट होकर सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश करते है, जिसकी उन्होंने काफी प्रशंसा की। विदेशियों ने भारतीय व्यंजनों एवं होटल प्रबंधन की काफी तारीफ की फ्रांसीसियों ने हेरिटेज होटल प्रबंधन की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली, स्मार्ट तकनीकों, स्वच्छता, कुशल परिचालन व मजबूत टीम को देख काफी सराहा। कहा होटल प्रबंधन की अपनत्वता और व्यवस्था को देख हमें खुशी हुई। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब भी हमें भारत आने का सौभाग्य हुआ तो वह यहां निश्चित रूप से प्रवास करेंगे। 

‘पूजा’ का दो दिन का विवाह और फिर फरार, कुंवारे लड़कों को शिकार बनाने वाली हैरान करने वाली कहानी

 खरगोन मध्य प्रदेश के खरगोन में सात फेरे के दो दिन बाद ही दुल्हन फरार हो गई.  दूल्हे के परिजनों ने आरोप लगाया पूजा और उसके परिजन एक संगठित लुटेरी गैंग का हिस्सा हैं, जो कुंवारे युवकों को निशाना बनाते हैं.पहले भी लुटेरी दुल्हन दो शादी कर चुकी है.   जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव थाना इलाके के नवलपुरा का यह मामला है. मकर संक्रांति के दिन रघुवीर चौहान निवासी नवलपुरा की शादी पूजा ठाकरे पिता शंकरलाल ठाकरे निवासी चिरापल्या तहसील पांडूपानी जिला बैतूल के साथ सामाजिक रीति रिवाज के साथ हुई. शादी के लिए लड़की पक्ष को एक लाख 60 हजार रुपए दिए गए.  रघुवीर के अनुसार, ''शादी के मात्र दो दिन बाद पूजा बगैर किसी को बताएं घर से फरार हो गई. जाते समय मेरा मोबाइल भी साथ में ले गई. जब परिजनों ने जानकारी जुटाई तो पता चला पूजा इससे पहले भी दो शादियां कर चुकी हैं और ये उसकी तीसरी शादी थी.''  पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि फरार दुल्हन पूजा और उसके परिजन एक संगठित लुटेरी गैंग का हिस्सा है, जो अविवाहित युवाओं को निशाना बनाकर मोटी रकम लेकर फरार हो जाते हैं. इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी के साथ धोखाधड़ी न हो.  दूल्हे रघुवीर का कहना है, ''परिजन के साथ दुल्हन की तलाश भी की थी, लेकिन वो नहीं मिली. इसके बाद हमने पुलिस में शिकायत की है.'' इनका कहना भीकनगांव थाना इंचार्ज गुलाब सिंह रावत का कहना है कि शादी के बाद दुल्हन के पैसे लेकर फरार होने की शिकायत प्राप्त हुई है. शिकायत के आधार पर तथ्यों की जांच कर रहे हैं. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

छतरपुर में दो युवतियों ने की शादी, सोनी और मोनी के 5 सालों का प्यार अब बना कानूनी संबंध

 छतरपुर छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दो बालिग युवतियों के आपस में विवाह करने का एक मामला सामने आया है जिसके कारण थाने में काफी हंगामा हुआ। सोनी और मोनी (परिवर्तित नाम) पिछले 5 साल से प्रेम संबंध में थीं। उन्होंने 12 तारीख को एक-दूसरे से शादी कर ली। जब जानकारी परिजनों को मिली तो उन्होंने विरोध किया। एक परिवार ने अपनी लड़की मोनी को जबरन साथ ले जाने की कोशिश की जिससे थाने में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों से सलाह ले रही है। 5 साल से प्रेम संबंध प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनी रैकवार और मोनी कुशवाहा के बीच पिछले करीब 5 साल से प्रेम संबंध था। ये दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रहने और शादी करने का मन बना रही थीं। सोनी ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे दोनों बालिग हैं और पूरी समझ-बूझ के साथ अपना जीवन एक-दूसरे के साथ बिताना चाहती हैं। परिजनों का विरोध सोनी के अनुसार, 12 तारीख को दोनों युवतियां एक धाम पहुंचीं जहां उन्होंने अपनी आपसी सहमति से विवाह कर लिया। शादी करने के बाद वे दोनों साथ रहने लगीं लेकिन जैसे ही इस विवाह की जानकारी मोनी के परिवार वालों को मिली तो उन्होंने रिश्ते का कड़ा विरोध किया। मोनी को घर ले जाने पर अड़े थे परिजन सोनी का आरोप है कि मोनी के परिवार वाले उसे जबरन घर ले जाने के इरादे से सिविल लाइन थाने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर थाने के अंदर ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसने देखते ही देखते हंगामे का रूप ले लिया। युवतियां साथ रहने पर अड़ीं सूत्रों के अनुसार, परिजन रिश्ते को सामाजिक रूप से स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं जबकि दोनों युवतियां अपनी मर्जी से साथ रहने की बात पर अड़ी हुई हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए दोनों युवतियों को थाने में बैठाया और उनके परिवार वालों को समझाने की कोशिश की। मोनी को ले गए परिजन, मार्गदर्शन ले रही पुलिस पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पुलिस का कहना है कि दोनों युवतियां बालिग हैं और अपनी मर्जी से एक-दूसरे के साथ रहने की बात कह रही हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने लड़की मोनी को उसके परिजनों के साथ भेजा है। वहीं समलैंगिक विवाह से जुड़े कानूनी पहलुओं पर पूरी स्पष्टता नहीं होने के कारण पुलिस उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन ले रही है ताकि कानून सम्मत निर्णय लिया जा सके।

क्या एक गोत्र में शादी करने से जीवन में आती हैं परेशानियां? शास्त्र और मान्यताओं की पड़ताल

हिंदू धर्म में विवाह 16 संस्कारों में से एक माना जाता है. विवाह के बाद गृहस्थ जीवन की शुरुआत होती है. हिंदू धर्म में विवाह में कई परंपराएं होती है. विवाह के दौरान कई बातों का ध्यान रखा जाता है. इन्हीं महत्वपूर्ण बातों में शामिल है गोत्र. हिंदू धर्म में कभी भी एक ही गोत्र में विवाह नहीं किया जाता है, लेकिन ऐसा क्यों है? आइए विस्तार से जानते हैं. गोत्र का शाब्दिक अर्थ होता है वंश या कुल. प्राचीन समय में जो ऋषि-मुनियों के वंशज थे, उनको गोत्रों में बांटा गया था. हर गोत्र का एक मूल ऋषि होता है, जिसके नाम से उस गोत्र की पहचान होती है. उदाहरण के तौर पर कश्यप गोत्र, भारद्वाज गोत्र, गौतम गोत्र. एक गोत्र के लोगों को एक ही पूर्वज का वंशज माना जाता है, इसलिए कहा जाता है कि उनमें खून का रिश्ता यानी रक्त संबंध होता है. एक गोत्र में विवाह न करने का धार्मिक कारण एक गोत्र में विवाह न करने के पीछे कारण हैं. हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, एक ही गोत्र के लोग भाई-बहन लगते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि उनको एक ही ऋषि का वंशज माना जाता है. ऐसे में एक गोत्र में विवाह ऋषि परंपरा का उल्लंघन माना जाता है. मान्यता है कि एक ही गोत्र में विवाह करने से विवाह दोष होता है, जिससे वर-वधू के जीवन में परेशानियां आती हैं. यही नहीं कहा जाता है कि समान गोत्र में विवाह करने के बाद जो संतान होती है, उसमें शारीरिक और मानसिक रोग होने की संभावना रहती है. ये है वैज्ञानिक कारण विज्ञान ने भी इस बात को माना है कि अगर एक गोत्र में विवाह किया जाता है, तो कई परेशानियां हो सकती हैं. विज्ञान के अनुसार, एक ही गोत्र या कुल में विवाह करने पर संतान में आनुवांशिक दोष हो सकते हैं. ऐसे दंपत्ति की जो संतान होती है, उसमें कुछ नयापन देखने को नहीं मिलता.

चचेरी बहन और ममेरे भाई से शादी का मामला: ब्रिटेन में फर्स्ट कजिन मैरिज पर विवाद, जानिए पक्ष और विपक्ष की दलीलें

लंदन  ब्रिटेन में फर्स्ट कजिन से शादी करना अबतक कानूनी रूप से वैध है. फर्स्ट कजिन में चचेरे, ममेरे, फुफेरे, मौसेरे भाई-बहन आते हैं. इस देश के नियमों के अनुसार यहां फर्स्ट कजिन आपस में विवाह कर सकते हैं. लेकिन हाल के वर्षों में इस पर स्वास्थ्य जोखिमों, सांस्कृतिक परंपराओं और सार्वजनिक नीतियों को लेकर तेज विवाद चल रहा है. यह मुद्दा मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई देश (पाकिस्तानी और बांग्लादेशी) समुदायों से जुड़ा है, जहां यह प्रथा पारंपरिक रूप से प्रचलित है. हाल ही में ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस ने फर्स्ट कजिन के फायदे को बताते हुए अपनी वेबसाइट पर एक रिपोर्ट जारी की. नेशनल हेल्थ सर्विस की ये रिपोर्ट राजनीतिक और सांस्कृतिक विवादों में आ गई. जब विवाद बढ़ा तो ब्रिटिश सरकार ने चचेरे भाई-बहन के विवाह के संभावित लाभों को बताने वाली इस ऑनलाइन रिपोर्ट को चुपचाप हटा लिया. आइए सबसे पहले समझते हैं कि फर्स्ट कजिन होते कौन हैं? कौन होते हैं फर्स्ट कजिन फर्स्ट कजिन (First Cousin) वैसा रिश्तेदार होता है, जिनके माता-पिता और व्यक्ति के माता-पिता भाई-बहन होते हैं. आसान शब्दों में कहें तो  चाचा, चाची, मौसा, मौसी, मामा, मामी, फूफा या फूफी के बेटे-बेटियां फर्स्ट कजिन कहे जाते हैं. यानी किसी के माता या पिता के सगे भाई-बहन के जितने भी बच्चे हैं, वे सारे फर्स्ट कजिन (चचेरे, ममेरे, फुफेरे, मौसेरे भाई-बहन) हैं. फर्स्ट कजिन का यह भी मतलब होता है कि जिनके बीच रिश्ता जोड़ा जा रहा है उनके ग्रैंडपेरेंट्स (दादा-दादी या नाना-नानी) एक ही हैं. यह परिवार में नजदीकी खून का रिश्ता होता है. फर्स्ट कजिन को अंग्रेजी में simply 'Cousin' भी कहा जाता है, और परिवार के विस्तार में यह सबसे आम cousin रिलेशन है.  ब्रिटिश सरकार की रिपोर्ट में क्या था? फर्स्ट कजिन विवाद के फायदे बताने वाली ये रिपोर्ट नेशनल हेल्थ सर्विस के जिनोमिक्स एजुकेशन प्रोग्राम के तहत जारी की गई थी. इसका शीर्षक था 'क्या ब्रिटेन सरकार को चचेरे भाई-बहनों के बीच विवाह पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए?'  फॉक्स न्यूज के अनुसार इस रिपोर्ट में फर्स्ट कजिन मैरिज के फायदे को बताते हुए कहा गया था कि इससे लोगों को परिवारों के विस्तार का फायदा मिलता है और आर्थिक लाभ भी होते हैं.  एनएचएस रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि वंशानुगत बीमारियों के बढ़ते जोखिम के कारण अंतर-पारिवारिक विवाह "लंबे समय से वैज्ञानिक चर्चा का विषय रहे हैं, रिपोर्ट के अनुसार यूके में फर्स्ट कजिन विवाह 1500 ईस्वी से ही वैध हैं, जब राजा हेनरी अष्टम ने अपनी पूर्व पत्नी की चचेरी बहन कैथरीन हॉवर्ड से विवाह किया था.  अमेरिका में भी चचेरे भाई-बहनों के बीच विवाह पर संघीय स्तर पर प्रतिबंध नहीं है, यहां 20 राज्यों में यह प्रथा अभी भी मान्य है.  डेली मेल की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एनएचएस लेख में कहा गया था कि पहले फर्स्ट कजिन के विवाहों में आनुवंशिक बीमारी के साथ पैदा होने का जोखिम "कम" होता है.  डेली मेल के अनुसार लेख में कहा गया है, "सामान्य आबादी में किसी बच्चे के आनुवंशिक बीमारी के साथ पैदा होने की आशंका लगभग दो से तीन प्रतिशत होती है; फर्स्ट कजिन के बच्चों में यह बढ़कर चार से छह प्रतिशत हो जाती है. इसलिए पहले चचेरे भाई-बहनों के ज़्यादातर बच्चे स्वस्थ होते हैं." ब्रिटिश पीएम स्टॉर्मर ने क्या कहा है? ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने फर्स्ट कजिन मैरिज पर पॉजिटिव रुख अपनाया है. इस साल के शुरुआत में स्टॉर्मर ने कहा था कि वे इस प्रथा पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाएंगे. चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार फर्स्ट कजिन विवाह से पैदा हुए बच्चों में सिकल सेल रोग और सिस्टिक फ़ाइब्रोसिस जैसी बीमारियों का खतरा ज़्यादा होता है.  कीर स्टार्मर ने अपनी लेबर सरकार के सदस्यों के साथ मिलकर तर्क दिया है कि इस मामले में लोगों को जागरुक किया जाना चाहिए.  हालांकि ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने एनएचएस की इस रिपोर्ट को "चौंकाने वाला" बताया और माफी की मांग करते हुए कहा कि चचेरे भाई-बहनों के बीच विवाह "उच्च जोखिम वाला और असुरक्षित" होता है. लेकिन सांसद इकबाल मोहम्मद ने ऐसे विवाहों का बचाव करते हुए कहा कि ये कई परिवारों के लिए सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं.  सांसद इकबाल ने स्वास्थ्य संबंधी खतरों को स्वीकार किया. लेकिन उन्होंने कहा कि कई परिवार ऐसे विवाहों को आपसी संबंध बनाने और वित्तीय सुरक्षा के लिए बढ़िया मानते हैं, उन्होंने ऐसे विवाहों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय आनुवांशिक जांच की सिफारिश की ताकि बीमारियों के खतरे से बचा जा सके. कंजरवेटिव सांसदों ने किया विरोध पिछले हफ्ते पहली बार प्रकाशित इस लेख की सांसद रिचर्ड होल्डन ने कड़ी आलोचना की थी. उन्होंने स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर सरकार पर "हानिकारक और दमनकारी सांस्कृतिक प्रथाओं के आगे घुटने टेकने" का आरोप लगाया था.  उन्होंने कहा, "कंजर्वेटिव भी चचेरे भाई-बहनों की शादी को समाप्त होते देखना चाहते हैं, लेकिन लेबर सरकार इन उचित मांगों के प्रति उदासीन है." सांसद रिचर्ड होल्डन फर्स्ट कजिन मैरिज को खत्म करने के लिए बिल लाने के पक्ष में है. इसी तरह कंजर्वेटिव सांसद क्लेयर कॉउटिन्हो ने एक्स पर कहा, "एनएचएस उम्र, बीएमआई और गर्भधारण के इतिहास के आधार पर आईवीएफ पर शर्तें लगाता है. एनएचएस आपको गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान या शराब न पीने के लिए बहुत कुछ कहता है. लेकिन एनएचएस चचेरे भाई-बहनों की शादी के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहेगा." फर्स्ट कजिन मैरिज पर रोक के पक्ष में ब्रिटिश New YouGov के नए शोध से पता चलता है कि तीन-चौथाई ब्रिटिश नागरिक (77 प्रतिशत) कहते हैं कि चचेरे भाई-बहनों के बीच विवाह को लीगल नहीं बनाया जाना चाहिए, जबकि केवल 9 प्रतिशत का मानना ​​है कि कानून यथावत रहना चाहिए. चचेरे भाई-बहनों के बीच विवाह पर प्रतिबंध का सपोर्ट सभी राजनीतिक दल कर रहे हैं.  फर्स्ट कजिन मैरिज के दुष्परिणाम हेल्थ एक्सपर्ट ने फर्स्ट कजिन मैरिज को अगली पीढ़ी के खतरनाक माना है. इससे आनुवंशिक स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है. क्योंकि नजदीकी रक्त संबंधों में समान जीन की संभावना अधिक होती है.  ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड स्टडी (2007-2025) के अनुसार फर्स्ट कजिन विवाह से बच्चों में जन्म दोष का जोखिम 2-3% से बढ़कर 4-6% हो जाता है. इनमें हृदय की बीमारियां, नर्वस सिस्टम की समस्याएं … Read more

चौथी बार शादी के रास्ते पर टॉम क्रूज, 26 साल छोटी एना डे अरमास संग अंतरिक्ष में शादी की उम्मीद

लॉस एंजिल्स क्‍या हॉलीवुड के एक्शन सुपरस्टार टॉम क्रूज चौथी बार शादी करने जा रहे हैं? जी हां, ऐसा लग रहा है कि 'मिशन इम्‍पॉस‍िबल' फेम एक्‍टर जल्‍द ही 'जॉन विक: बैलेरीना' फेम गर्लफ्रेंड एना डे अरमास संग विवाह के बंधन में बंधने वाले हैं। समझा जा रहा है कि शादी की तारीख पक्‍की हो गई है और यह आयोजन बेहद निजी रहने वाला है। मजेदार बात यह है कि कुछ दावों के मुताबिक, यह शादी अंतरिक्ष में होगी। वैसे, अगर यह खबर पक्‍की है तो फैंस के लिए खुश होने का बड़ा मौका है। एना के लिए भी यह दूसरी शादी होगी। टॉम क्रूज 63 साल के हैं, जबकि एना डे अरमास की उम्र 37 साल है। इसी साल जुलाई में दोनों को वरमोंट में हाथों में हाथ डाले सड़कों पर घूमते देखा गया था। अब अगर 'रडार ऑनलाइन' की एक रिपोर्ट पर यकीन किया जाए, तो टॉम फिर से शादी की कसमें खाने के लिए तैयार हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, 'टॉम बस इतना जानते हैं कि वह इसे छुपाना चाहते हैं, वरना लोग उनकी आलोचना करेंगे। खैर, जब वे शादी करेंगे, तो टॉम पीछे नहीं हटेंगे।' …तो क्‍या अंतरिक्ष में एना से शादी करेंगे टॉम क्रूज? एना डे अरमास के लिए टॉम क्रूज पहले भी प्यार भरी बातें कह चुके हैं। शादी को लेकर अफवाहें यह भी है कि दोनों अंतरिक्ष में जीवनभर साथ निभाने की कस्‍में खाने वाले हैं। यदि ऐसा होता है कि तो अंतरिक्ष में शादी करने वाला यह पहला जोड़ा होगा। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि टॉम क्रूज इस आयोजन को ग्रैंड बनाने की सोच रहे हैं। अंतरिक्ष को लेकर उनका जुनून किसी से छुपा नहीं है। टॉम क्रूज की तीन शादियां, तीन तलाक बहरहाल, टॉम क्रूज की ये चौथी शादी होगी। टॉम ने सबसे पहले एक्‍ट्रेस मिमी रोजर्स से 1987 में शादी की थी। लेकिन फिर दोनों का 1990 में तलाक हो गया। उसके तुरंत बाद उसी साल 1990 में उन्‍होंने निकोल किडमैन से शादी की, जिनसे 2001 में उनका तलाक हो गया। यह संयोग की ही बात है कि निकोल किडमैन भी इन दिनों कीथ अर्बन से तलाक को लेकर चर्चा में है। खैर, निकोल के रिश्‍ता टूटने के कुछ साल बाद टॉम क्रूज का दिल केटी होम्‍स पर आया। दोनों ने 2006 में शादी कर ली, लेकिन 6 साल बाद यह रिश्‍ता भी 2012 में टूट गया। एना डे अरमास की शादी, तलाक और ब्रेकअप दूसरी ओर, एक्‍ट्रेस एना डे अरमास भी तलाकशुदा हैं। एना ने 2011 में स्पेनिश एक्‍टर मार्क क्लॉटेट से शादी की थी। लेकिन दो बाद ही 2013 में दोनों का रिश्‍ता टूट गया। बाद में एना का दिल एक्‍टर बेन एफ्लेक पर आया। दोनों के बीच जबरदस्‍त रोमांस चला। लेकिन फिर ब्रेकअप हुआ और बेन एफ्लेक ने अपनी पूर्व प्रेमिका जेनिफर लोपेज से शादी कर ली। वैसे, ये दोनों भी अब तलाक ले चुके हैं।