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सिद्धू मूसेवाला के बदले की आग में कबड्डी प्लेयर की हत्या, मोहाली में घटी खौफनाक वारदात

मोहाली  मोहाली के गांव सोहाना में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान प्रमोटर व खिलाड़ी दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की सिर में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। पंजाब के कुख्यात बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने के लिए यह मर्डर किया गया है। राणा बलाचौरिया मूलरूप से वह पंजाब के बलाचौर के रहने वाले थे, लेकिन कुछ समय से मोहाली में ही रह रहे थे। दस दिन पहले ही उनकी शादी हुई थी। आज उनके शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। सेल्फी लेने के बहाने आए और सिर में गोलियां मार दीं सोमवार शाम को सोहाना में सेक्टर-82 के मैदान में कबड्डी टूर्नामेंट चल रहा था। राणा बलाचौरिया जालंधर के शकरपुर की टीम के मैनेजर थे। वह टूर्नामेंट में दो टीमें लेकर आए थे। वह ग्राउंड में सेमीफाइनल मैच की टाई डलवाने के बाद बाहर आ रहे थे। इसी दौरान हमलावर ने उनके साथ सेल्फी लेने के बहाने नजदीक आए और सिर में गोलियां मार दीं। हमलावर 3 से 4 थे। हमले के बाद बाइक से कुछ लोगों को फरार होते देखा गया वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि हमलावर बोलेरो गाड़ी से आए थे। मोहाली के एसपी हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि इसकी बंबीहा गैंग के साथ रंजिश थी। इसकी बंबीहा गैंग के लक्की पटियाल से कोई झगड़ा था। हालांकि, अभी सारे एंगल से पूरे मामले की जांच की जा रही है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, सीआईए की टीमें और मोहाली पुलिस की टीमें जांच कर रही हैं। पुलिस सोहाना के आसपास के एरिया में सीसीटीवी कैमरे चेक कर रही है। साइबर सेल इंटरनेट पर डाली गई पोस्ट के जरिए आईपी एड्रेस ट्रेस करने के प्रयास में है। हमने अपने भाई सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लिया बंबीहा गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में लिखा है कि आज जो मोहाली में कबड्डी कप में राणा बलाचौरिया का कत्ल हुआ है, उसकी जिम्मेदारी मैं डोनीबल, शगनप्रीत, मोहब्बत रंधावा, अमर खब्बे, प्रभदासुवाल और कौशल चौधरी लेते हैं। राणा हमारे एंटी जग्गू और लॉरेंस के साथ दोस्ती रखता था। इसने सिद्धू मूसेवाला के कातिल को रहने के लिए जगह दिलवाई थी और खुद उन्हें संभाला था। आज राणा को मारकर हमने अपने भाई सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लिया। यह काम हमारे भाई मक्खन अमृतसर और डिफॉल्टर करण ने किया है। बाकी आज से सभी प्लेयरों और उनके माता-पिता को एक विनती है कि कोई भी जग्गू और हैरी की टीम में न खेले। वर्ना रिजल्ट ऐसे ही मिलेगा। हमें कबड्‌डी से कोई एलर्जी नहीं। बस जग्गू और हैरी की कबड्‌डी में कोई दखल अंदाजी नहीं चाहिए। वेट एंड वॉच। पोस्ट के लास्ट में गोपी घनश्यामपुरिया ग्रुप, मंघनश्यामपुर, दविंदर बंबीहा ग्रुप, पवन शकील, राणा बाई, आफरीदी तूत, मनजोत सिद्धू एचआर और राणा कंदोवाल के नाम लिखे हैं।

जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ! रॉक गार्डन में सैलानियों को मिलेगी मुफ्त एंट्री

चंडीगढ़  रॉक गार्डन बनाने वाले पद्मश्री नेकचंद का 101वां जन्मदिन सोमवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर रॉक गार्डन में टूरिस्ट के लिए फ्री एंट्री होगी। दिन का पहला प्रोग्राम सुबह 11 बजे पद्मश्री नेकचंद सैनी को उनके जन्मदिन पर फूल चढ़ाकर याद करने का होगा। इसके बाद टूरिस्ट के एंटरटेनमेंट के लिए दूसरे प्रोग्राम शुरू होंगे। शाम 4 बजे पंजाबी सिंगर फिरोज खान गानों के साथ परफॉर्म करेंगे। सबसे कीमती धरोहर, रॉक गार्डन के पीछे नेकचंद का घर, टूरिस्ट अनजान रॉक गार्डन सिर्फ अपनी कलाकृतियों, मूर्तियों और गुड़ियों के लिए ही मशहूर नहीं है, बल्कि यह जगह उस महान कलाकार नेकचंद सैनी की सोच, सादगी और जीवन के दर्शन का भी गवाह है। रॉक गार्डन में उनके ऑफिस में रखी मूर्तियां, कलाकृतियां और सामान टूरिस्ट के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, लेकिन इन सबसे कीमती धरोहर वह घर है जिसे नेकचंद ने रॉक गार्डन के ठीक पीछे अपने हाथों से बनाया था। हैरानी की बात है कि आज भी कई टूरिस्ट को यह पता नहीं है कि नेकचंद अपनी ज़िंदगी के आखिरी सालों में वहीं रहते थे। नेकचंद का ऑफिस: यादों से भरा एक कमरा रॉक गार्डन में नेकचंद के ऑफिस में आज भी पुरानी अलमारियां, बक्से, टीवी, पंखे, तस्वीरें, साइकिलें, एसी, कुर्सियां ​​और टेबल और उनके इस्तेमाल की हाथ से बनी गुड़िया रखी हैं। यहां नेकचंद का पुतला उनके सामान के साथ रखा गया है, जो टूरिस्ट को उस महान कलाकार के बहुत करीब ले जाता है। 1982 से गवाह हैं धर्मा रॉक गार्डन में 1982 से काम कर रहे धर्मा ने घर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने नेकचंद के साथ लंबे समय तक काम किया और डेली अलाउंस पर काम करते थे। उन्होंने कहा कि नेकचंद ने यह घर बहुत लगन और सोच-समझकर बनाया था। धर्मा के मुताबिक, 2015 में अपनी मौत से पहले नेकचंद अपनी पत्नी के साथ इसी घर में रहते थे। यह घर उनके लिए सिर्फ़ रहने की जगह नहीं थी, बल्कि एक ऐसी जगह थी जहां वे अपनी कला और सादगी के साथ जीते रहे।   विदेश से आए आर्किटेक्ट और मेहमान भी इस घर में रुकते थे नेकचंद सैनी के बेटे अनुज सैनी ने बताया कि यह घर 2000 से पहले बना था। उन्होंने कहा कि बाऊजी ने इस घर के बारे में बहुत सोचा था और 2013 से यहां रहने लगे थे। वे अपनी मौत से पहले तीन साल तक इस घर में रहे। घर का स्ट्रक्चर बहुत सिंपल है, इसमें कोई फ्लोर नहीं है, लेकिन दो बड़े कमरे और एक बड़ा हॉल है। सैनी ने बताया कि 2013 से पहले नेकचंद फाउंडेशन के आर्किटेक्ट और विदेश से आने वाले मेहमानों को भी यहां ठहराया जाता था। नेकचंद के जन्मदिन (2015 के बाद) पर होने वाले सेलिब्रेशन के दौरान, जो एंटरटेनर और आर्टिस्ट ज़्यादा दूर नहीं जा सकते, उन्हें भी इस घर में ठहराया जाता है। भावनाओं से जुड़ा घर अनुज सैनी ने बताया कि उन्हें इस घर में आकर हमेशा शांति मिलती है। पिता नेकचंद सैनी की हर याद, हर काम की चीज़ आज भी इस घर में संभालकर रखी गई है, जो इस जगह को सिर्फ़ एक इमारत नहीं, बल्कि एक जीती-जागती धरोहर बनाती है।

Kangana Ranaut का पंजाब विवाद: बुजुर्ग महिला केस में नया मोड़, जानें ताज़ा जानकारी!

बठिंडा  दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान बुजुर्ग महिला महिंदर कौर को लेकर ट्विटर पर की गई टिप्पणी के मामले में सांसद कंगना रनौत के खिलाफ जिला अदालत में चल रहे प्रकरण की सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में दोनों पक्षों के वकील उपस्थित रहे, जबकि बुजुर्ग महिला की तबीयत ठीक न होने के कारण वह अदालत में पेश नहीं हो सकीं। अदालत ने कंगना रनौत के वकील को निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 5 जनवरी 2026 को सांसद कंगना रनौत स्वयं अदालत में उपस्थित होकर गवाहों की शिनाखत करें। अब इस मामले की अगली सुनवाई उक्त तिथि को होगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए बुजुर्ग महिला महिंदर कौर के वकील बहनीवाल ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत में महिंदर कौर और एक अन्य गवाह के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सोमवार को मामले की अगली पेशी थी, लेकिन बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब होने के चलते वह अदालत नहीं आ सकीं। वहीं, सांसद कंगना रनौत की ओर से उनके वकील अदालत में पेश हुए। वकील बहनीवाल ने बताया कि अब मामले में गवाही की प्रक्रिया होनी है, जिसको लेकर अदालत ने निर्देश जारी किए हैं। अगली पेशी पर गवाहों के बयान दर्ज किए जाए। क्या है मामला  यह मामला वर्ष 2021 का है, जब किसान आंदोलन चरम पर था। उस समय कंगना ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की रहने वाली 81 वर्षीय बुजुर्ग किसान महिला महिंदर कौर की फोटो के साथ लिख दिया था कि ऐसी महिलाएं 100 रुपए में धरने में शामिल हो जाती हैं। इसके बाद माता महिंदर कौर ने अदालत में केस दायर किया था। अदालत में पेशी के दौरान  महिंदर कौर ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वह कंगना को किसी भी हालत में माफ़ नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि वह इंसाफ मिलने तक लड़ाई जारी रखेंगी, ताकि भविष्य में कोई बुज़ुर्ग महिला के बारे में ऐसी टिप्पणी न करे।  

पंजाब की इन जगहों पर फिर जाएंगे मतदाता, Election Commission ने घोषित किया री-पोल

चंडीगढ़  आयोग के तय प्रोग्राम के मुताबिक, राज्य भर में 22 ज़िला परिषदों के 347 ज़ोन और 153 पंचायत समितियों के 2838 ज़ोन के सदस्यों के चुनाव के लिए आम चुनाव तसल्लीबख्श और शांतिपूर्ण ढंग से पूरे हो गए हैं। कुछ घटनाओं को छोड़कर, चुनाव के दौरान किसी जानी नुकसान या टकराव की कोई खबर नहीं है। आयोग ने इन जगहों पर फिर से चुनाव कराने के दिए आदेश 1. ब्लॉक समिति अटारी, ज़ोन नंबर 08 (खासा) (बूथ नंबर 52, 53, 54, 55) और ज़ोन नंबर 17 (वरपाल कलां) (बूथ नंबर 90, 91, 93, 94, 95)-अमृतसर ज़िला। 2. ब्लॉक समिति चन्नणवाल (ज़ोन नंबर 04), गांव रायसर पटियाला (बूथ नंबर 20)- ज़िला बरनाला। 3. ब्लॉक कोट भाई, गिद्दड़बाहा जिला श्री मुक्तसर साहिब में गांव बबानिया (बूथ नंबर 63 और 64) और गांव मधीर (बूथ नंबर 21 और 22)  4. गांव चन्नियां (पोलिंग स्टेशन 124)- जिला गुरदासपुर 5. पोलिंग बूथ 72, पंचायत समिति भोगपुर (ज़ोन चीन 4)– जिला जालंधर वहीं जानकारी के लिए बता दें कि दोबारा चुनाव 16.12.2025 को सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होंगे और इन वोटों की गिनती 17.12.2025 को आम गिनती के साथ की जाएगी। 

कोहरे की चादर में ढकी ट्राईसिटी, अगले दो दिनों तक येलो अलर्ट लागू

चंडीगढ़  दिसंबर का आधा महीना लगभग खत्म हो चुका है और अब ट्राईसिटी में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से सुबह-शाम शहर में कोहरे की मोटी चादर छाई हुई है और ठंडी हवाएं चल रही हैं। रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। इससे लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। दिन में हल्के बादल भी छाए रहे, लेकिन बाद में तेज धूप खिली, जिससे लोगों को राहत मिली और छुट्टी के दिन लोग सड़कों और छतों पर धूप का मजा लेते दिखे। दिन का पारा अभी भी 26 डिग्री, रात में कड़ाके की ठंड रविवार को दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन रात होते-होते पारा तेजी से गिरकर 7.4 डिग्री पर आ गया। तापमान में यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों को खुद भी ठंड का एहसास हुआ। इस वजह से दिन में अभी भी लोग राहत महसूस कर रहे हैं।  कोहरे से सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार हुई धीमी कोहरे की वजह से सुबह और रात में सड़कों पर गाड़ियों की स्पीड अपने आप धीमी हो जाती है। आगे की सड़क ठीक से न दिख पाने की वजह से ड्राइवर फॉग लाइट का सहारा ले रहे हैं और ज़्यादा सावधानी बरत रहे हैं। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के दौरान धीरे गाड़ी चलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है ठंड मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस दौरान ट्राइसिटी के कई इलाकों में घना कोहरा गिरने की संभावना है। इससे विजिबिलिटी काफी कम हो सकती है। इसकी वजह से गाड़ी चलाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। आने वाले चार दिनों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और तापमान 22 डिग्री तक आ सकता है। हालांकि, अभी रात में पारा गिरने की कोई संभावना नहीं है।

20 दिसंबर को बदलेगी सरकारी स्कूलों की तस्वीर, शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने जारी किए नए निर्देश

रूपनगर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग 20 दिसंबर को स्कूल प्रबंधन समितियों (एस.एम.सी.) के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से प्रदेश भर के सभी स्कूलों में अभिभावकों की भागीदारी पर वर्कशॉप और मेगा पी.टी.एम. नामक वर्कशाप की एक व्यापक श्रृंखला का आयोजन कर रहा है। रयात बाहरा विश्वविद्यालय में स्कूल अध्यापकों की बैठक को संबोधित करते हुए बैंस ने कहा कि इस श्रृंखला की पहली  वर्कशॉप 20 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को सशक्त बनाना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक अभिभावक को बच्चे की शैक्षणिक प्रगति, सरकारी स्कूलों के योगदान और स्कूल विकास में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी हो। यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए घर और स्कूल के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। रयात बाहरा विश्वविद्यालय पहुंचने पर हरजोत बैंस का स्वागत विश्वविद्यालय के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा और ग्रुप वाइस-चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) संजय कुमार ने किया। शिक्षा मंत्री ने शिक्षा क्रांति के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि इस पहल के तहत बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण, स्कूल ऑफ एमिनेंस की स्थापना और सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं और चारदीवारी शामिल हैं। बैंस ने बताया कि 12,000 सरकारी स्कूलों को नई/मरम्मत की गई चारदीवारियों, कक्षाओं, शौचालयों और खेल मैदानों से उन्नत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इसके अलावा, 118 मौजूदा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को उन्नत सहकर्मी शिक्षण (एडवांस्ड पीयर लर्निंग) के लिए हाई-टेक “स्कूल ऑफ एमिनेंस” में परिवर्तित किया गया है। मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्रांति का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों को प्रतिस्पर्धी बनाना और पंजाब के हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, जिसमें मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास और तकनीकी प्रगति पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सरकारी स्कूलों के स्टाफ सदस्यों से सहयोग की अपील की।

जल संकट की असल तस्वीर उजागर: संत सीचेवाल ने पेश की पंजाब के पानी पर हैरान करने वाली रिपोर्ट

सुल्तानपुर लोधी संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा पंजाब के तेजी से गिरते भूजल स्तर को लेकर राज्यसभा में पूछे गए लिखित प्रश्नों के उत्तर में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि पंजाब देश का सबसे अधिक भूजल-संकटग्रस्त राज्य बन चुका है। केंद्रीय भूजल बोर्ड की 2024–25 की राष्ट्रीय आकलन रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में भूजल दोहन दर 156 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। यह दर देश के औसत 60.63 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में वार्षिक कुल भूजल पुनर्भरण 18.60 बिलियन क्यूबिक मीटर आंका गया है, जबकि सुरक्षित रूप से उपयोग योग्य पानी केवल 16.80 बिलियन क्यूबिक मीटर है। इसके विपरीत, पंजाब इस समय सिंचाई, घरेलू और औद्योगिक उपयोग के लिए लगभग 26.27 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी सालाना निकाल रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अभी भी गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो पंजाब में पानी की स्थिति और भी भयावह हो सकती है। 

ठंड–कोहरे का असर: पंजाब में बदलेगा स्कूलों का टाइमिंग, शिक्षा विभाग अलर्ट

फाजिल्का पंजाब के स्कूलों का समय बदलने को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। कर्मचारी एकता संघर्ष कमेटी के नेता दुपिंदर ढिल्लो, कुलदीप सिंह सभ्रवाल, बलविंदर सिंह, जगनंदन सिंह, परमजीत सिंह सोरेवाला, इंकलाब सिंह गिल, सुरिंदर कंबोज, गुरमीत सिंह ढाबा, हरजिंदर सिंह धालीवाल ने घने कोहरे व मौसम में अचानक हुए बदलाव को देखते हुए पंजाब सरकार व डिप्टी कमिश्नर फाजिल्का से स्कूलों के समय में बदलाव की मांग की है।  उन्होंने कहा कि फाजिल्का जिले के अध्यापक पूरे पंजाब के अलग-अलग जिलों में सेवाएं दे रहे हैं और फाजिल्का के भी बहुत से अध्यापक ऐसे हैं जो आस-पास के दूसरे जिलों में सेवाएं दे रहे हैं और रोजाना अप-डाउन भी करते हैं। इसलिए पिछले कुछ सालों में हुए बहुत ही भयानक हादसों के कारण हमारे अध्यापक साथियों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। मौसम में अचानक आए बदलाव और घने कोहरे की वजह से स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के इंतज़ाम और आने-जाने के इंतजाम को ध्यान में रखते हुए स्कूलों का समय बदला जाना चाहिए ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।  उन्होंने कहा कि घने कोहरे और ठंड की वजह से बच्चों को स्कूल पहुंचने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों की सेहत का ध्यान रखना हमारी पहली ज़िम्मेदारी है। कर्मचारी एकता संघर्ष कमेटी फाजिल्का के नेताओं ने कहा कि इस हालात को ध्यान में रखते हुए स्कूल खुलने का समय बदलकर सुबह 10 बजे किया जाना चाहिए। इस मौके पर अमनदीप सिंह, धरमिंदर गुप्ता, सुखविंदर सिंह सिद्धू, अशोक सरारी, सुनील गांधी, अमन बराड़, सतिंदर सचदेवा, दलीप सिंह सैनी, निशांत अग्रवाल, सुखविंदर गांधी और दूसरे नेता मौजूद थे। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के परिसरों पर बड़ी कार्रवाई, 12 ठिकानों पर छापेमारी, परिजनों से पूछताछ

पंजाब  पंजाब की राजनीति से जुड़े एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, आज सुबह कांग्रेस के सीनियर नेता के घर-आफिस सहित 12 ठिकानों पर रेड हुई है। मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता और उद्यमी रमिंदर आंवाला के घर पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेड की और इस दौरान उनके रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, गुरुहरसहाय में टीमें तड़के करीब 6 बजे विधायक रमिंदर आंवला के घर पर पहुंच गई थीं। इस दौरान उनके घर सहित 12 ठिकानों पर ED की 7 टीमों ने पहुंच कर जांच की। बताया जा रहा है कि, विधायक से उनके बिजनैस और इनकम का ब्यौरा मांगा जा रहा है। गौरतलब है कि, रमिंदर सिंह आंवला 2019 में जलालाबाद से उपचुनाव के दौरान विधायक बने थे। बता दें कि सुखबीर बादल के सांसद चुने जाने के बाद ये सीट खाली हो गई थी जिसके बाद यहां पर उप चुनाव हुआ था। लेकिन 2022 में चुनाव के दौरान रमिंदर सिंह चुनाव आर गए।  

पंजाब में खेलों का नया दौर, मान सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, खेल विकास को मिलेगी बढ़त

चंड़ीगढ़ पंजाब के युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए मान सरकार बड़े कदम उठा रही है। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब सरकार पंजाब में ऐसा माहौल खड़ा कर रही है जिससे युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहे है। पंजाब की मान सरकार ने युवाओं के लिए गांव-गांव में खेल स्टेडियम बनाने का निर्णय किया हैं। सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है।  जहां पर सूबे का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस बार अपने बजट में खेलों के विकास के लिए 979 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है, जिससे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। मान सरकार की अब राज्य के क़रीब 13,000 गाँवों में आधुनिक खेल के मैदान बनाने की योजना है। इसके तहत ग्रामीण स्टेडियमों का पूर्ण नवीनीकरण किया जाएगा। पहले चरण में 3,083 गाँवों में निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। यह खेल स्टेडियम अब गांवों की नई पहचान बनेंगे। सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई और भी बड़ी पहल की हैं, जैसे नई खेल नीति, 'खेडां वतन पंजाब दियां' टूर्नामेंट और स्पोर्ट्स नर्सरियों की स्थापना।  नई खेल नीति 2023 का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं का निष्पक्ष चयन और उन्हें बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करना है, इस नीति के तहत, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य और देश स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर दिया जाता है 'खेडां वतन पंजाब दियां' एक वार्षिक खेल टूर्नामेंट है जिसकी शुरुआत मान सरकार ने की थी, इसके तीसरे संस्करण (2024) में 37 खेलों में लगभग 5 लाख एथलीटों ने भाग लिया था। इसमें पैरास्पोर्ट्स को भी शामिल किया गया। इसके साथ ही मान सरकार 1000 स्पोर्ट्स नर्सरियां स्थापित कर रही है, जिसमें विश्व स्तरीय कोचिंग, खेल सामग्री और सुविधाएं दी जाएंगी। हेरीटेज खेलों पर से प्रतिबंध हटाकर सरकार ने बैलगाड़ी दौड़, कुत्ते दौड़ और घुड़दौड़ जैसे पारंपरिक हेरीटेज खेलों की शुरुआत भी की है। इसका उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करना और युवाओं को अपनी परंपरा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पंजाब को रंगला पंजाब बनाने का वादा अब पूरा हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पंजाब में कानून-व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। जल्द ही पंजाब के हर गाँव में अत्याधुनिक स्टेडियम भी बनकर तैयार हो जाएँगे। पंजाब सरकार शहरों और गांवों में हर उम्र के लिए खेल और जिम की सुविधा उपलब्ध कराएगी जिससे पंजाब सेहतमंद भी बनेगा। ये सिर्फ खेल के लिए नहीं, बल्कि नशे से जूझते युवाओं के लिए जीवन की नई शुरुआत है। पंजाब की धरती आज बदलाव के सबसे निर्णायक दौर से गुजर रही है। और इसका श्रेय जाता है पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब भगवंत मान सरकार ने ऐसा माहौल खड़ा कर दिया है जहां युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने जो किया है वो केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में खेल स्टेडियम की शक्ल में दिखाई देगा। यह सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है। जहां पर राज्य का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। पंजाब की धरती ने देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। हॉकी के क्षेत्र में राज्य को अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली है। अब मान सरकार रणनीतिक प्रयासों के माध्यम से एथलेटिक्स में राज्य के खोए हुए गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। मान सरकार का यह कदम आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देगा, युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेगा।