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नशा मुक्त पंजाब की ओर मजबूत कदम, मादक पदार्थों पर निर्णायक जीत का भरोसा : सीएम भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने राज्य में गहराई तक जड़े जमा चुके मादक पदार्थों और संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि पंजाब निर्णायक रूप से स्थिति को पलट रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में 85,418 मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस) अधिनियम के तहत अभूतपूर्व 88 प्रतिशत दोषसिद्धि दर और 1 जनवरी, 2025 से 916 गैंगस्टरों की गिरफ्तारी की गई है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि निरंतर प्रवर्तन, कड़ी जांच और शून्य राजनीतिक हस्तक्षेप जमीनी स्तर पर परिणाम दे रहे हैं, जो एक स्पष्ट जीत का संकेत है।  पंजाब में मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ चल रही लंबी लड़ाई में बयानबाजी से हटकर परिणामों की ओर रुख करें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को हुई बैठक में कहा कि उनकी सरकार आने के बाद से मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ 63,053 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2025 में नशा के खिलाफ अभियान शुरू होने के बाद से 30,144 एफआईआर दर्ज की गई हैं और पुलिस ने 40,302 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस तरह का पहला अभियान 1 मार्च 2025 को शुरू किया गया था और मादक पदार्थों पर काफी हद तक लगाम लगाने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों से निपटने के लिए प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम के तीन सिद्धांतों पर आधारित एक बहुआयामी रणनीति तैयार की गई थी, जिसके परिणाम बेहद फलदायी रहे हैं। इस अभियान के तहत मादक पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की गई और तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। इसी तरह, पिछले साढ़े तीन वर्षों में 5119.94 किलोग्राम हेरोइन, 3,458.53 किलोग्राम अफीम, 5.82 किलोग्राम कोकीन, 82.04 किलोग्राम आइस और 4.98 करोड़ कैप्सूल के साथ-साथ 52.46 करोड़ रुपए की मादक पदार्थों की रकम बरामद की गई है। सीएम मान ने कहा कि राज्य ने 2022 से ही मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और प्रवर्तन, वित्तीय व्यवधान, प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग, दोषसिद्धि सुनिश्चित करना, जनभागीदारी और मानवीय पुनर्वास को मिलाकर एक व्यापक, सतत और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) इस रणनीति को लागू करने में अग्रणी रही है। उन्होंने कहा कि 'सेफ पंजाब' व्हाट्सएप चैटबॉट एक प्रमुख नागरिक भागीदारी पहल के रूप में उभरा है, जिससे लगभग 30,000 उपयोगी सूचनाएं, 11,000 से अधिक एफआईआर और लगभग 14,000 गिरफ्तारियां हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने ड्रोन आधारित नशीले पदार्थों की तस्करी का मुकाबला करने की अपनी क्षमता को बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में सैकड़ों ड्रोन बरामद किए गए हैं और 2025 के दौरान अवरोधन में तीव्र वृद्धि हुई है। गुंडों के खिलाफ की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए सीएम मान ने कहा कि 1 जनवरी से लेकर 17 दिसंबर तक पंजाब पुलिस ने 916 गुंडों को गिरफ्तार किया है, 13 को मार गिराया है, 389 मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और 594 हथियार बरामद किए हैं, साथ ही 229 हथियार भी जब्त किए हैं।

मौसम बना आफत: कोहरे के चलते अमृतसर–चंडीगढ़ की हवाई सेवाएं प्रभावित

अमृतसर  पंजाब में कोहरे का असर न सिर्फ रोड ट्रैफिक बल्कि एयर ट्रैफिक पर भी पड़ने लगा है। आज पंजाब के साथ-साथ चंडीगढ़ के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी जीरो रही। इस घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर एयर ट्रैफिक पर पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, कोहरे की वजह से अमृतसर एयरपोर्ट पर कुल चार फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं। हालात तब और बिगड़ गए जब दिल्ली से अमृतसर जा रही पैसेंजर्स से भरी एक फ्लाइट को कोहरे की वजह से लैंड नहीं करने की इजाजत नहीं  मिली और उसे वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा, कतर एयरवेज की फ्लाइट जो सुबह 4:20 बजे अमृतसर से दोहा के लिए निकलने वाली थी, वह भी टेक ऑफ नहीं कर सकी। दिल्ली, श्रीनगर, बेंगलुरु, हैदराबाद और शिमला समेत दूसरे शहरों से आने-जाने वाली कई घरेलू फ्लाइट्स भी देरी से शुरू हुईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर क्या हुआ कोहरे की वजह से चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट्स पर असर पड़ा। चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाली सुबह 5:45 बजे की फ्लाइट कैंसिल कर दी गई। इसके अलावा जयपुर से सुबह 7:15 बजे आने वाली फ्लाइट और बेंगलुरु से सुबह 7:30 बजे आने वाली फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। अबू धाबी से सुबह 7:45 बजे आने वाली फ्लाइट भी देर से पहुंची। इसके अलावा सुबह 9:00 बजे तक जाने वाली सभी फ्लाइट्स देरी से चल रही हैं। 

पढ़ाई को मिलेगी नई रफ्तार: छात्रों के लिए पंजाब सरकार ने जारी की करोड़ों की फंडिंग

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के वंचित और पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और शिक्षा के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है। यह बात सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही। इस संबंध में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों के लिए चल रही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत अब तक 4.77 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में 2 लाख 62 हजार 373 विद्यार्थियों ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत आवेदन किए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार की शैक्षणिक कल्याण योजनाएं विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के लिए 245 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है, जो शिक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता, संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। कैबिनेट मंत्री ने यह भी जानकारी साझा की कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 2 लाख 37 हजार 456 विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। डॉ. बलजीत कौर ने जोर देकर कहा कि मान सरकार के लिए शिक्षा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि कोई भी गरीब या वंचित पृष्ठभूमि से आने वाला विद्यार्थी केवल आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से राज्य सरकार उन विद्यार्थियों के सपनों को मजबूत सहारा दे रही है, जो शिक्षा को अपनी ताकत बनाकर अपने परिवारों और समाज का भविष्य बदलना चाहते हैं। सरकार हर उस बच्चे के साथ मजबूती से खड़ी है, जो आगे बढ़ने की इच्छा रखता है और शिक्षा के माध्यम से अपनी पहचान बनाना चाहता है। 

ड्रग्स तस्करी का पर्दाफाश, 52,000 नशीले कैप्सूलों के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

अबोहर  नगर थाना नंबर 2 की पुलिस को गत रात उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के लाईनपार क्षेत्र में नशीले कैप्सूल व गोलियां बेचने वाले एक गिरोह के पांच जनों को भारी मात्रा में ट्रामाडोल गोलियों व प्रीगाबालिन कैप्सूलों सहित गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ एनडीपीएस की धारा 22, 29, 61, 85 के तहत मामला दर्ज कर लिया है जिन्हें अदालत में पेश कर उनका पुलिस रिमांड हासिल कर कडी पूछताछ की जाएगी। जानकारी देते हुए थाना प्रभारी मनिंदर सिंह ने बताया कि सहायक सबइंस्पैक्टर बलविंदर सिंह गत रात पुलिस टीम सहित महाराणा प्रताप मार्केट के निकट गश्त कर रहे थे तो उन्हें मुखबिर ने सूचना दी कि सीडफार्म पक्का निवासी सुखविंदर सिंह पुत्र मिटठू सिंह, विमल कुमार पुत्र पालाराम व नवदीप सिंह पुत्र निशान सिंह तथा ईदगाह बस्ती निवासी आकाश पुत्र बिटटू टांक व बाबा दीप सिह नगर निवासी मोहित पुत्र सुखमंदर सिंह इन्होंनें नई आबादी गली नबर 21 में एक मकान किराये पर लिया हुआ है और यह लोग वहां पर भारी मात्रा में ट्रामाडोल व प्रीगाबालिन कैप्सूलों को स्टोर कर युवकों को चोरी छिपे बेचते हैं जिस पर पुलिस ने बताए स्थान पर दबिश दी तो उक्त सभी युवकों को करीब 52000 प्रेगाबालिन कैप्सूलों व 100 ट्रामाडोल गोलियों सहित गिरफ्तार किया। 

शहीदी दिहाड़े के मौके पर पंजाब में हो ‘ड्राई डे’ घोषित, जत्थेदार गड़गज का बयान!

श्री फतेहगढ़ साहिब/अमृतसर  श्री फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा के आखिरी दिन सजाए गए नगर कीर्तन के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज विशेष तौर पर शामिल हुए। नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में संगत ने हिस्सा लिया और शहीदों को नमन किया। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि श्री फतेहगढ़ साहिब शहीदों की पवित्र धरती है, जहां छोटे साहिबजादों ने धर्म और इंसाफ के लिए अपनी शहादत दी। इसके अलावा जत्थेदार गड़गज ने कहा कि जब मैं आ रहा था तो एक 20 साल का युवक मिला उसके हाथ में एक तख्ती थी जिसमें लिखा था कि अगर 2 अक्टूबर और 15 अगस्त को शराब के ठेके बंद हो सकते हैं तो साहिबजादों के शहीदी दिवस पर शहीदी सभा के दौरान पंजाब में शराब के ठेके बंद क्यों नहीं हो सकते। इस दौरान जत्थेदार गड़गज ने कहा कि पंथ चाहता है कि साहिबजादों के शहीदी समागमों पर पूरे पंजाब में शराब के ठेके बंद होने चाहिए ताकि शहीदों की याद पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई जा सके। 

सांस लेना हुआ मुश्किल: Amritsar में हवा बनी जहरीली, AQI बेहद खराब स्तर पर

पंजाब  अमृतसर में वायु प्रदूषण ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, न्यू अमृतसर कॉलोनी में AQI (US) का स्तर 963 तक पहुंच गया है, जिसे “बेहद खतरनाक” श्रेणी में रखा गया है। यह स्तर 27 दिसंबर 2025 को सुबह 10:07 बजे दर्ज किया गया, जिसके बाद अमृतसर दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। हालांकि यह आंकड़े एक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग वेबसाइट के माध्यम से सामने आए हैं। वहीं दूसरी ओर, अमृतसर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सूत्रों के अनुसार आज सुबह अमृतसर में AQI का स्तर 571 दर्ज किया गया है। यह स्तर देश की सबसे प्रदूषित मानी जाने वाली राजधानी दिल्ली से भी अधिक है। अब सवाल यह उठता है कि वेबसाइट के आंकड़ों और सरकारी आंकड़ों में इतना अंतर क्यों दिखाई दे रहा है। दरअसल, वेबसाइट पर जो डेटा दिखाया गया है वह US AQI स्टैंडर्ड पर आधारित है, जबकि भारत में वायु गुणवत्ता मापने का पैमाना अमेरिका से अलग है। इसी वजह से दोनों आंकड़ों में अंतर देखने को मिल रहा है। इस अंतर को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग मानकों के कारण AQI का स्तर अलग दिख सकता है, लेकिन दोनों ही हालात अमृतसर की हवा को बेहद खतरनाक स्थिति में दर्शाते हैं। 

ड्यूटी निभाते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ पंजाब का जवान, CM मान ने शहादत को किया सलाम

फाजिल्का/चंडीगढ़ पंजाब के एक और सपूत ने देश की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी है। फाजिल्का के गांव झुग्गे गुलाब सिंह के आर्मी जवान राजिंदर सिंह मेघालय के शिलांग में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी बहादुर जवान की हिम्मत और लगन को सलाम किया है और इस घटना पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीद जवान राजिंदर सिंह के परिवार के साथ अपनी दिली हमदर्दी जताई और देश के प्रति बहादुर जवान की हिम्मत और लगन को भी सलाम किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुश्किल घड़ी में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। मान ने कहा कि परिवार को हर मुमकिन मदद दी जाएगी।   CM मान ने ट्वीट किया, "फाजिल्का जिले के गांव झुग्गे गुलाब सिंह के आर्मी जवान राजिंदर सिंह की मेघालय के शिलांग में ड्यूटी के दौरान शहादत की दुखद खबर मिली। हम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। बहादुर जवान की हिम्मत और देश के प्रति समर्पण को दिल से सलाम। सरकार इस मुश्किल समय में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। परिवार को हर मुमकिन मदद दी जाएगी।"

पंजाब की सियासत में तेज़ हुई हलचल, फरवरी में अमित शाह के दौरे की तैयारी; क्या है BJP का गेम प्लान?

चंडीगढ़  पंजाब जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के नतीजों ने प्रदेश BJP समेत सेंट्रल लीडरशिप को पंजाब में पार्टी के हालातों के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर दिया है. चुनाव में BJP को ग्रामीण आंचल में ज्यादा रिस्पॉन्स नहीं मिला. इसी वजह से सेंट्रल लीडरशिप ने पंजाब पर फोकस करने के लिए पार्टी के पॉलिसी मेकर्स से सलाह करने की तैयारी के संकेत दे दिए है, वहीं कहा जा रहा है कि सेंट्रल लीडरशिप अब पंजाब के मुद्दों और समस्याओं पर पंजाब के नेताओं से राय लेगी. इस बारे में जल्द ही दिल्ली में एक मीटिंग हो सकती है. पार्टी पंजाब में सीनियर नेताओं को ऑब्जर्वर भी नियुक्त कर सकती है.  मालवा में रैली कर सकते हैं गृह मंत्री सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज चौहान का फरवरी 2026 में पंजाब आने का कार्यक्रम बन रहा है, जिसे कुछ ही दिन में अंतिम रूप दिया जाएगा. इस दौरे के दौरान एक संभावित रैली मालवा में की जाएगी और इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाने की योजना बनाई जा रही है. इस रैली में गृह मंत्री और कृषि मंत्री पंजाब के लिए कुछ घोषणाएं कर सकते हैं. खासकर रूरल बेल्ट को साधकर ग्रामीणों को खुश किया जा सकता है, क्योंकि BJP मान कर चल रही है कि ग्रामीणों में पार्टी के खिलाफ जितना गुस्सा था, उसको खत्म कर दिया गया है. अब उनको अपना बनाने की कवायद शुरू करनी है.   गठबंधन के लिए नेताओं से लेगे सलाह बेशक हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पंजाब में जगह-जगह जाकर लोगों की नब्ज टटोल रहे हैं. रिपोर्ट BJP हाईकमान तक पहुंचा रहे हैं, वही दूसरे नेता जहां पंजाब के नेताओं से राज्य के मुद्दों पर रिपोर्ट लेंगे, वहीं भविष्य में किसी दूसरी पार्टी के साथ गठबंधन करने पर भी वर्करों से सलाह लेंगे. बेशक कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे कद्दावर नेता BJP हाइकमान के सामने अपना दृष्टिकोण पहले ही रख चुके है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के टकसाली वर्करों ने सेंट्रल लीडरशिप को चिट्ठी लिखकर सलाह दी है कि अगर BJP को पंजाब में सत्ता हासिल करनी है तो पंजाब के ज्वलंत मुद्दों, अधिकारों और समस्याओं पर सोचना होगा.   ग्रामीण इलाकों के वोट जीतने के लिए अकेले चुनाव मैदान में उतरने की बजाय गठबंधन करना भी जरूरी है. पंजाब में BJP के शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन पर दिल्ली समेत पंजाब के कई नेताओं की अलग-अलग राय है, लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान को लेना है. बताया जा रहा है कि BJP की सेंट्रल लीडरशिप ने साफ कर दिया है कि पंजाब में किसी भी पार्टी के साथ समझौते के बारे में कोई भी फैसला पंजाब यूनिट से सलाह-मशविरा करने के बाद ही लिया जाएगा. इसलिए BJP साल 2026 में पंजाब संगठन को एक्टिव करने का प्लान बनाने में जुटी है. पंजाब में पार्टी के सोशल मीडिया विंग को मजबूत किया जाएगा. गौरतलब है अगर राज्य में किसी पार्टी का सबसे मजबूत सोशल मीडिया विंग है तो वह सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी का है, लेकिन अब BJP भी राज्य में पार्टी के सोशल मीडिया विंग को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए अपनी अलग से रणनीति बनाने में जुटी हुई है.  

परियोजना को मिली हरी झंडी, पंजाब के कदम से तेज होगा विकास का पहिया

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने बहुप्रतीक्षित 1,878 करोड़ रुपये की जीरकपुर-पंचकूला बाइपास परियोजना के लिए आखिरकार बड़ा कदम उठा लिया है। वन सचिव ने लंबे समय से लंबित स्टेज-2 वन मंजूरी की सिफारिश करते हुए फाइल को औपचारिक स्वीकृति के लिए वन मंत्री के पास भेज दिया है। इसके बाद परियोजना के अगले चरण में आगे बढ़ने की राह साफ हो गई है। यह कदम उस समय उठाया गया, जब द ट्रिब्यून ने हाल ही में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित कर पंजाब वन विभाग द्वारा परियोजना (Zirakpur-Panchkula Bypass Project) को लेकर हो रही देरी को उजागर किया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति (CCEA) से आठ महीने पहले मंजूरी मिलने के बावजूद स्टेज-2 क्लीयरेंस अटका हुआ था। पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि वन मंत्री की मंजूरी मिलते ही फाइल आगे बढ़ा दी जाएगी। इस देरी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को बोली प्रक्रिया बार-बार टालनी पड़ी और हाल ही में छठी बार इसकी समय-सीमा बढ़ानी पड़ी थी। NHAI अधिकारियों के अनुसार, वन मंत्री की स्वीकृति के बाद फाइल पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एकीकृत क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ भेजी जाएगी, जहां से अंतिम स्टेज-2 वन क्लीयरेंस प्रमाण पत्र जारी होगा। करीब 19.2 किलोमीटर लंबी छह लेन वाली यह बाइपास परियोजना ट्राइसिटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें 6.195 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन, फ्लाईओवर, अंडरपास, पुल और रेलवे ओवरब्रिज शामिल हैं। यह परियोजना जीरकपुर और पंचकूला में NH-5 और NH-7 पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के साथ-साथ प्रस्तावित ट्राइसिटी रिंग रोड का अहम हिस्सा है।

उत्तर भारत में ठंड का डबल अटैक: पंजाब-हरियाणा व चंडीगढ़ के कई इलाकों में घना कोहरा

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा इन दिनों तेज ठंड की चपेट में हैं। शनिवार को दोनों राज्यों के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले का बल्लोवाल सौंखड़ी राज्य में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब के अन्य इलाकों में लुधियाना में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री, अमृतसर में 5.1 डिग्री (सामान्य से दो डिग्री अधिक) और पटियाला में 7 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा पठानकोट, बठिंडा, फरीदकोट और गुरदासपुर में क्रमशः 5.4, 6, 4.9 और 5.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस रहा। उधर, हरियाणा में गुरुग्राम सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा के अन्य शहरों में अंबाला में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री (सामान्य से तीन डिग्री अधिक), हिसार में 5 डिग्री और करनाल में 8 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से दो डिग्री अधिक) दर्ज किया गया। वहीं नारनौल, रोहतक, भिवानी और सिरसा में क्रमशः 5.5, 7.2, 6.5 और 7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।