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सर्दी में रेल यात्रियों के लिए अहम फैसला: पंजाब में 1 दिसंबर से बदले रहेंगे ये नियम

रूपनगर उत्तर रेलवे और अंबाला छावनी डिवीजन ने कोहरे के कारण नंगल डैम और अंबाला छावनी जंक्शन के बीच चलने वाली दो पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल करने के ऑर्डर जारी किए हैं। ऑर्डर के मुताबिक, ये ट्रेनें 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक कैंसिल रहेंगी। विभाग ने बताया कि पहली ट्रेन नंबर 64516, नंगल डैम से सुबह 10:45 बजे अंबाला छावनी जंक्शन के लिए निकलती है और चंडीगढ़ जंक्शन होते हुए दोपहर 2:20 बजे अंबाला छावनी जंक्शन स्टेशन पहुंचती है। दूसरी पैसेंजर ट्रेन नंबर 64517 अंबाला छावनी-सरहिंद जंक्शन-नंगल डैम, अंबाला छावनी जंक्शन से सुबह 11:35 बजे अपनी मंजिल नंगल डैम के लिए निकलती है और दोपहर 3:20 बजे नंगल डैम पहुंचती है।  

हलवारा एयरपोर्ट को लेकर जनमांग तेज, फैसला अब CM मान के कोर्ट में

लुधियाना  यूनाइटिड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्यूफैक्चरर्स एसो. के पूर्व चेयरमैन चरणजीत सिंह विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि हलवारा एयरपोर्ट को तुरंत प्रभाव से शुरू करवाया जाए। लुधियाना को आज इस एयरपोर्ट की बहुत सख्त जरूरत है। पहले ही लुधियाना एयरपोर्ट न होने की वजह से विश्व बाजार से पिछड़ चुका है अब अगर यह एयरपोर्ट जल्द शुरू न हुआ तो लुधियाना का नाम विश्व बाजार से काफी पीछे हो जाएगा। लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट का प्रोजैक्ट काफी समय से लंबित रहने से उद्योग जगत और जन साधारण को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। विश्वकर्मा ने पत्र में लिखा है कि इंडस्ट्री हलवारा एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों के शुरू होने का बड़ी उत्सुकता से इंतजार कर रही है जिससे एयर कनैक्टीविटी बनने से उद्यमियों और निवेशकों को भारी राहत मिलेगी। पंजाब के इंडस्ट्रीयल हब में एयरपोर्ट के अभाव में बिजनैस ग्रोथ प्रभावित होने के साथ निवेश की संभावनाएं घट रही हैं। विश्वकर्मा ने यह भी लिखा कि हलवारा एयरपोर्ट का लुधियाना के इंडस्ट्रीयल सैक्टर के लिए विशेष रणनीतिक महत्व है और एयरपोर्ट आप्रेशनल होने से उद्योगपतियों के लिए सफर आसान होने के अलावा पंजाब में निवेशक भी आकर्षित होंगे, जिससे राज्य की आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता में भी मजबूती आ सकेगी। 

ठंड से ठिठुरे पंजाब-चंडीगढ़: IMD की नई चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

जालंधर/चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में शीत लहर देखने को मिल रही है। राज्य के अधिकांश जिलों में ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे सुबह-शाम के समय लोग मोटे कपड़े पहनने को मजबूर हो गए हैं। पंजाब में इतनी ठंड का मुख्य कारण पहाड़ों में हो रही बर्फबारी है। इसी बीच जिला अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, फिरोजपुर और पटियाला में रात के समय बहुत ज्यादा ठंड महसूस की गई और ठंडी हवाओं का असर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ दिसंबर के महीने से सक्रिय हो रहा है। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड महसूस की जा रही है, जिससे बारिश की संभावना भी बन रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत में बारिश हो सकती है। राज्य में रोज़ाना तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट जारी रह सकती है। यदि इस दौरान पहाड़ों में अच्छी बर्फबारी होती है, तो पंजाब का तापमान और भी कम हो सकता है। इन दिनों ठंड का मुख्य कारण पहाड़ों से मैदानों में चल रही हवाएं हैं, और इसके साथ बारिश की संभावना भी बनी रहेगी। 

बड़ा फर्जीवाड़ा बेनकाब: कागज़ों में 100 मुलाजिम, मैदान में ‘गायब गैंग’!

लुधियाना  नगर निगम में डी.सी. रेट पर सफाई कर्मी रखने से लेकर रैगुलर करने की प्रक्रिया के दौरान के दौरान घोटाले होने का सिलसिला लगातार जारी है जिसके तहत हाल ही में हुई एफ. एंड सी.सी. की मीटिंग के दौरान विधायक की सिफारिश पर सफाई कर्मी रखने के बाद उसी एरिया में मुलाजिमों की भर्ती के लिए पार्षद की सिफारिश आने का खुलासा हुआ है। वहीं, अब कमिश्नर द्वारा एक और फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि यह मामला डी.सी. रेट पर करीब 200 सफाई कर्मी रखने से जुड़ा हुआ है। इनमें से 60 मुलाजिम एक बड़े नेता की सिफारिश पर रखे गए हैं, जो लुधियाना के बाहर से है और ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं जिसके चलते हर महीने नगर निगम को करीब 6 लाख का नुकसान हो रहा है और हिस्सा अफसरों से लेकर नेताओं की जेब में जा रहा है। इस संबंध में शिकायत मिलने पर कमिश्नर ने रिकॉर्ड मांगा तो हैल्थ ब्रांच के ऑफिसर टालमटोल करने लगे जिसके मद्देनजर कमिश्नर ने सी.एस.ओ. गुरविंदर सिंह से चार्ज के साथ ऑफिस व गाड़ी भी वापस ले ली है। फर्जी हैल्थ ऑफिसर पर मेहरबानी जारी डी.सी. रेट पर सफाई कर्मी रखने व रैगुलर करने की प्रक्रिया के दौरान हुए घोटाले को लेकर फर्जी हैल्थ ऑफिसर पर कमिश्नर की मेहरबानी जारी है जिसके खिलाफ विजिलेंस से लेकर लोकल बॉडी मंत्री तक शिकायत पहुंचने के बाद विधानसभा कमेटी द्वारा कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन एक्ट में सिर्फ एम.बी.बी.एस. डॉक्टर की नियुक्ति का प्रावधान होने के बावजूद उसे सॉलिड वेस्ट मैनेजमैंट के साथ स्टोर पर्चेजिंग से संबंधित सारा काम दिया गया है। जोन-बी में चैकिंग के दौरान खुली पोल नगर निगम में डी.सी. रेट पर सफाई कर्मी रखने की प्रक्रिया के दौरान फर्जीवाड़ा होने की पोल जोन-बी में चैकिंग के दौरान खुली है जब विधायक छीना द्वारा हलका साउथ के अधीन आते शेरपुर इलाके में मुलाजिमों की फिजिकल वैरिफिकेशन की गई। मिली जानकारी के मुताबिक एक वार्ड के लिए रिकार्ड में करीब 100 मुलाजिम सैलरी ले रहे हैं लेकिन फील्ड में पूरे मुलाजिम ड्यूटी नहीं कर रहे हैं, इनमें से कुछ मुलाजिम नेताओं के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं जिसे लेकर विधायक दुआरा मौके पर ही कमिश्नर से शिकायत की गई है।

वाहन चालकों सावधान! पंजाब सरकार ने बदले गाइडलाइन, जानें क्या हुआ नया

चंडीगढ़  पंजाब सरकार और DGP पंजाब की तरफ से सड़क हादसों में लोगों को बचाने के लिए चलाए जा रहे कैंपेन के तहत SSP श्री मुक्तसर साहिब अभिमन्यु राणा IPS ने जिले में ट्रैफिक सेफ्टी को लेकर खास विशेष जागरूकता कोशिशें तेज कर दी हैं। इसके तहत पुलिस की स्पेशल टीमें गांवों, शहरों, स्कूलों, कॉलेजों में जाकर लोगों और स्टूडेंट्स को नियमों के बारे में जागरूक कर रही हैं। SSP अभिमन्यु राणा IPS ने जिले के लोगों से अपील की है कि सर्दियों के मौसम में सुबह और रात को पड़ने वाले घने कोहरे की वजह से गाड़ी चलाते समय खास सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि कोहरे में हमेशा गाड़ी धीरे चलानी चाहिए। आगे वाली गाड़ी से सेफ दूरी बनाए रखें। किसी भी गाड़ी को ओवरटेक करते समय आगे और पीछे पूरी तरह चेक कर लें। गाड़ी की लाइट हमेशा लो बीम पर चलाएं ताकि सामने से आ रही गाड़ी पूरी तरह दिखाई दे। कोहरे में गाड़ी को कभी भी सड़क के बीच में न रोकें, अगर ज़रूरी हो तो इंडिकेटर ऑन रखें। उन्होंने कहा कि रात में कई एक्सीडेंट की वजह गाड़ी का कम दिखना है। इसलिए हर गाड़ी (खासकर ट्रैक्टर-ट्रेलर, टेंपो, बाइक, साइकिल) पर रिफ्लेक्टर लगाना बहुत जरूरी है। रिफ्लेक्टर की चमक दूर से ही गाड़ी की मौजूदगी बता देती है, जिससे सड़क हादसों से बचा जा सकता है। S.S.P. साहब ने आगे अपील की कि गाड़ी चलाने से पहले किसी भी तरह का नशा न करें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें। चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना बिल्कुल ज़रूरी है। भारी गाड़ियों को शहर में लाने से जितना हो सके बचना चाहिए। जल्दबाज़ी में गाड़ी न चलाएं क्योंकि कम विज़िबिलिटी वाले मौसम में छोटी सी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस मौके पर उन्होंने जिले के लोगों से अपील की कि वे ट्रैफिक में सहयोग करें, खासकर बाजारों में खरीदारी के दौरान। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में हर गाड़ी तय पार्किंग में ही पार्क करें ताकि सड़कों पर कोई रुकावट न हो और ट्रैफिक मैनेजमेंट आसानी से चल सके। कोई भी खरीदार खरीदारी करते समय गाड़ी को सड़क के बहुत पास या बीच सड़क पर पार्क करता है, इससे भी लोगों को परेशानी होती है। इसलिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए और तय पार्किंग की जगहों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। माता-पिता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को कभी भी गाड़ी चलाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। यह बच्चों की जान के लिए खतरा है और कानूनी तौर पर भी गलत है।

पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव मंजूर, CM मान ने कहा— राज्य की जीत तय

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने को राज्य के लिए "शानदार जीत" करार दिया है। इस संबंध में सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट भी किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय नहीं है, बल्कि पंजाब की विरासत है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन में भाग लेने वाले शिक्षकों, छात्रों और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने 'भारी दबाव' को झेला और महीने भर चले आंदोलन के दौरान अपना जज्बा नहीं टूटने दिया। मान ने कहा, "छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और सभी पंजाबी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने संघर्ष जारी रखा और अंततः उनका संघर्ष रंग लाया।"  बता दें कि उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को बीते गुरुवारप को मंजूरी दे दी। उपराष्ट्रपति पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के कुलाधिपति भी हैं। यह घटनाक्रम छात्रों द्वारा सीनेट चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग को लेकर किये जा रहे जोरदार प्रदर्शन के बीच हुआ है। यह चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से नहीं हुआ है।  कब कराए जाएंगे चुनाव? प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव सात सितंबर 2026 से चार अक्टूबर 2026 तक कराए जाएंगे। उपराष्ट्रपति सचिवालय से पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति रेणु विग को भेजे गए पत्र में लिखा है, "मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने उपरोक्त पत्र में प्रस्तावित सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।"  कई राजनीतिक दलों ने दिया था छात्रों को समर्थन विश्वविद्यालय की कुलपति ने इससे पहले कुलाधिपति को पत्र लिखकर सीनेट चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मांगी थी। पंजाब विश्वविद्यालय बचाओ मोर्चा के बैनर तले पीयू के छात्र चुनाव कार्यक्रम की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पंजाब के कई राजनीतिक दलों, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), कांग्रेस, साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा जैसे किसान संगठन शामिल हैं, ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।

CM मान की प्रतिक्रिया: पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव परिणाम जनता की जीत

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजधानी चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने को राज्य के लिए ‘‘शानदार जीत'' करार दिया है। मान ने X पर एक पोस्ट में कहा कि यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय नहीं है, बल्कि पंजाब की विरासत है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन में भाग लेने वाले शिक्षकों, छात्रों और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘भारी दबाव' को झेला और महीने भर चले आंदोलन के दौरान अपना जज्बा नहीं टूटने दिया। मान ने कहा, ‘‘छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और सभी पंजाबी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने संघर्ष जारी रखा और अंततः उनका संघर्ष रंग लाया।'' उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। उपराष्ट्रपति पंजाब विश्वविद्यालय (PU) के कुलाधिपति भी हैं। यह घटनाक्रम छात्रों द्वारा सीनेट चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग को लेकर किये जा रहे जोरदार प्रदर्शन के बीच हुआ है। यह चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से नहीं हुआ है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव सात सितंबर 2026 से चार अक्टूबर 2026 तक कराये जाएंगे। उपराष्ट्रपति सचिवालय से पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) की कुलपति रेणु विग को भेजे गए पत्र में लिखा है, ‘‘मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) के कुलाधिपति ने उपरोक्त पत्र में प्रस्तावित सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।''   विश्वविद्यालय की कुलपति ने इससे पहले कुलाधिपति को पत्र लिखकर सीनेट चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मांगी थी। पंजाब विश्वविद्यालय (Punjab University) बचाओ मोर्चा के बैनर तले पीयू के छात्र चुनाव कार्यक्रम की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के कई राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), कांग्रेस, साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा जैसे किसान संगठनों ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।

भगवंत मान का जापान को आमंत्रण: पंजाब में बड़े निवेश की संभावनाएँ खुलीं

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जापान के साथ उन्नत निर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की वकालत की. मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के साथ जापान के एक हाई लेवल डेलिगेशन के साथ वर्चुअल विचार-विमर्श किया, जिसमें जापानी दूतावास, जेट्रो, जे.सी.सी.आई.आई. और भारत भर में कार्यरत 25 से ज्यादा प्रमुख जापानी कंपनियां जैसे पैनासोनिक, सुमितोमो, निप्पॉन, एनईसी, टोयोटा आदि शामिल थी. यह विचार-विमर्श 13 से 15 मार्च 2026 को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आई.एस.बी.), मोहाली में आयोजित होने वाले 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट से पहले पंजाब की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा था. 'इन्वेस्ट पंजाब' ने राज्य के इकोनॉमिक सेक्टर के साथ-साथ एक ही प्राधिकरण के तहत कई विभागों की क्षमताओं को एकीकृत करने वाले अनूठे इन्वेस्ट पंजाब यूनिफाइड रेगुलेटरी मॉडल को प्रदर्शित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब वह भूमि है, जो साहस, लचीलापन, कड़ी मेहनत, उद्यमशीलता, रचनात्मकता और सामुदायिक साझेदारी के लिए जानी जाती है. उन्होंने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारत के विकास में, विशेष रूप से देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब आधुनिक उद्योग, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सहयोग के मोर्चे पर अग्रणी केंद्र बनने के लिए नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है.   'जापानी कंपनियों ने पंजाब में…' मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने मुख्य संबोधन में जापानी उद्योग के साथ पंजाब के मजबूत और बढ़ते संबंधों पर जोर दिया और जापानी कंपनियों को पंजाब के औद्योगिक परिवर्तन के अगले चरण का हिस्सा बनने के लिए निमंत्रण दिया. उन्होंने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, अनुशासन और दीर्घकालिक साझेदारी की मूल्यों को साझा करते हैं, जो राज्य के लिए बहुत अहम हैं. जापानी कंपनियों ने पंजाब में पहले से ही मजबूत पकड़ बना ली है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मकसद हमारे युवाओं के लिए नए मौके पैदा करने के साथ-साथ निवेशकों के लिए स्थिर और विश्वसनीय वातावरण सुनिश्चित करना है. जापानी इंडस्ट्री के साथ पंजाब की साझेदारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये संबंध पहले से ही मजबूत हैं और नई दिशाओं की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि जापान की कई मशहूर कंपनियों ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पैकेजिंग और औद्योगिक उत्पादों में टोपन और ओजी होल्डिंग्स ने मजबूत पकड़ बनाई है, जबकि रसायन और पेंट में कंसाई नेरोलैक और निसान केमिकल ने सफलतापूर्वक कदम बढ़ाए हैं. उन्होंने आगे कहा कि कृषि और मशीनरी में यानमार एग्रीकल्चर मशीनरी और क्लास इंडिया ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है. रिटेल और उपभोक्ता उत्पादों में यूनिक्लो ने जापानी गुणवत्ता हमारे लोगों तक पहुंचाई है.    भगवंत मान ने कहा, "नवीकरणीय ऊर्जा में मित्सुई एंड कंपनी हमारे हरित नजरिए में योगदान दे रही है और यह साझेदारी स्थिरता, कौशल और विकास के प्रति पंजाब की प्रतिबद्धता में जापानी निवेशकों द्वारा दिखाए गए भरोसे को दर्शाती है." राज्य में उभरती नई संभावनाओं की खोज के लिए जापानी कंपनियों को आमंत्रित करते हुए सीएम मान ने कहा, "पंजाब का भविष्य उन्नत विनिर्माण, गतिशीलता, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं पर केंद्रित है. ये वे प्रमुख सेक्टर हैं, जहां जापान की क्षमताएं और पंजाब की संभावनाएं स्वाभाविक रूप से मेल खाती हैं."  उन्होंने निवेशकों को 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया और कहा कि यह सम्मेलन पंजाब की प्रगति पर प्रकाश डालेगा, प्रमुख औद्योगिक दिग्गजों को एक मंच पर लाएगा और साझेदारी व सहयोग के नए अवसर पैदा करेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और जापान विश्वास, गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के मूल्यों को साझा करते हैं और राज्य सरकार इस रिश्ते को और गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मजबूत आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों के जरिए समृद्ध भविष्य सृजन के लिए हमेशा तैयार है.

शहर में अनियंत्रित अवैध PG संचालित, प्रशासन के आदेश भी बेअसर

अमृतसर  शहर में अवैध रूप से पी.जी. चलाने के मामले थम नहीं रहे हैं। गुरु नगरी के पॉश एरिया ग्रीन एवेन्यू, जनता कालोनी, रणजीत एवेन्यू-ए, बी, सी, डी, रानी का बाग, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के सामने कबीर पार्क के इलाके के अलावा व इसके आस-पास सटे क्षत्रों में अवैध ढंग से काफी धड़ल्ले से पी.जी का धंधा चलाया जा रहा है। इन पी.जी में रहते लोग किन-किन क्षेत्रों संबंधित है और उनकी पहचान क्या है? ये एक बहुत बड़ी जांच का विषय है। पुलिस के पास उपलब्ध नहीं है पूरी जानकारी सूत्र बताते है कि इस संबंधी पूरी जानकारी क्षेत्रों से संबंधित पुलिस के पास भी उपलब्ध नहीं है। बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही पुलिस उच्च अधिकारी ने एक विज्ञप्ति जारी कर पी.जी व रहने वाले लोगों व किराए के मकानों में रह रहे लोगों को पूरी जानकारी देने की अपील की थी, वहीं सबंधित पुलिस चौकी या थाने के अधिकारी का भी फर्ज बनता है कि उसके अधीन आते इलाकों में किराएदार व पीजी में रहने वालों का पूरा विवरण अपने रिकार्ड में रखे। हाला कि पाया गया है कि अधिकांश पुलिस अधिकारी इन आदेशों को गंभीरता से नहीं लेते और उनके पास इलाकों में चल रहे वैध या अवैध पी.जी की पूरी जानकारी ही नहीं है। निरंतर बढ़ रही है अवैध पी.जी की संख्या पंजाब केसरी ने इस सबंध में पहले भी इस सारे मामले प्रति अवगत करवाया था, परंतु सबंधित प्रशासान के सिर से जूं तक नहीं सरकी और नतीजा वहीं एक ढाक के तीन पात वाला ही है। लिहाजा अब समय रहते इन क्षेत्रों में इन अवैध पी.जी की संख्या देखते ही देखते समय रहते काफी बढ़ गई है। अगर शहर में केवल कुछ ही इलाकों जैसे कि सिर्फ जनता कालोनी, ग्रीन एवेन्यू सी-बलाक, रणजीत एवेन्यू के सभी ब्लाकों के अलावा गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के सामने कबीर पार्क, खासला कालेज के सामने मोहिनी पार्क, खंडवाला, न्यू माडल टाऊन आदि के इलाकों की ही बात की जाए, तो उक्त इलाकों में ही ऐसे कई अवैध पी.जी खुल चुके है, जिसमें कई अज्ञात युवक-युवतियों के अलावा अधेड़ आयु तक के लोग रह रहे है।  सबसे खास व हैरानीजनक पहलू यह है कि इन पी.जी में रह रहे लोगों की पहचान क्या है? और वो किन गावों व कस्बों से आए है, इस प्रति पी.जी के अधिकांश मालिकों व संबंधित पुलिस प्रशासन को भी पूरी तरह से पता नहीं है। विशेष बात यह है कि ये युवक-युवतियां व लोग यहां पर क्या करते है, इस बारे में भी शायद पी.जी के मालिकों को पता नहीं? इन मालिकों को तो बस प्रतिमाह इनसे पैसे (किराया) चाहिए और उक्त क्षेत्र से संबंधित पुलिस भी इस प्रति पूरी तनदेही से कार्रवाई नहीं करती दिखती।   पी.जी व किराए पर रहते लोगों की वैरीफेशन होती है अनिवार्य कानूनन पी.जी में रहते किसी भी व्यक्ति की पुलिस वैरीफीकेशन अनिवार्य होती है। इसकी खास तौर से जिम्मेदारी पी.जी मालिक की भी बनती है, लेकिन ग्रीन एवेन्यू व जनता कालोनी में पुलिस अधिकारी व पी.जी मालिक इस कानून को खुद ही ठेगा दिखाते हुए इसकी धज्जियां उड़ा रहे है। इससे साफ है कि उक्त कानून को सख्ती से लागू करवाने को लेकर सरकारी मशीनरी खासी सुस्त पड़ी है। हैरानीजनक पहलू यह है किर इन्ही क्षत्रों में विगत कुछ समय से चोरी व लूट-पाट की वारदातों में खासी वृद्धि आंकी गई है। इसके बावजूद भी पुलिस इस प्रति चेती नहीं है। इसके बावजूद पुलिस भी इन पी.जी मालिकों पर कोई भी शिकंजा नहीं कसती, या फिर बात कुछ और है? ये ऐसा तब है जब राज्य में विगत दिनों पी.जी मे रह रहे अज्ञात लोगों द्वारा अपराध जगत में कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया जाता रहा है, परंतु इसके बावजूद उक्त अंकित क्षेत्रों के पुलिस प्रशासन द्वारा इस प्रति उदासीनता रवैया अपनाना कई प्रकार के सवालों को जन्म दे रहा है। विशेष बात यह है कि जब इस प्रति सबंधित पुलिस या प्रशासन से पूछा जाता है, तो उनका एकमात्र एक ही रटा-रटाया यहीं दावा होता है कि वे ऐसे लोगों की जानकारियां एकत्र करवा रहे है और ये कार्रवाई जल्द ही पूरी कर ली जाएगी, परंतु इसकी पूरी जानकारी कब तक पुलिस रिकार्ड में सल्पित होगी? ये शायद बताने की जरूरत नहीं है। रणजीत एवेन्यू में ही चल रहे है कई अवैध पी.जी सूत्र बताते हैं कि ग्रीन एवेन्यू सी ब्लाक व इसके पास स्थित जनता कालोनी तथा रणजीत एवेन्यू के अलावा मोहिनी पार्क में ही कई ऐसे अवैध पी.जी चल रहे है, जिनका पूरा डेटा संबंधित पुलिस चौकी के पास भी उपलब्ध नहीं है। पता चला है कि पुलिस प्रशासन इस प्रति सख्ती से कार्रवाई नहीं कर रहा है, इससे साफ है कि अधिकारी खुद ही कानून को ठेगा दिखा रहे है। वहीं दूसरा पहलू यह है कि जब कोई बड़ी दुर्घटना घटती है तो ही पुलिस प्रशासन इस प्रति चेतता है। प्रश्न यहां यह है कि इस खुलासे के बावजूद पुलिस इस खुलासे पर कार्रवाई कब शुरू करेगी।  

LPG उपभोक्ताओं ध्यान दें: पंजाब सरकार ने नए नियम किए लागू, जानें क्या बदला

लुधियाना केंद्रीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा घरेलू गैस की कालाबाजारी और दुरुपयोग के खिलाफ नकेल कसने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है जिसमें उपभोक्ताओं को अब उनके द्वारा संबंधित गैस एजैंसी कार्यालय में रजिस्टर्ड करवाए गए मोबाइल नंबर पर प्राप्त होने वाले ओ.टी.पी (डी.ए.सी) कोड देने के बाद ही गैस सिलेंडर की सप्लाई मिल सकेगी। भारत की प्रमुख इंडेन गैस कंपनी द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन से कमर्शियल स्थान पर घरेलू गैस सिलैंडर का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों एवं गैस की पलटी, कालाबाजारी करने वाले गैस माफिया को बड़ा झटका लगने जा रहा है, वहीं घरों में एक साथ चलने वाले मल्टीपल गैस कनैक्शनों का पत्ता भी साफ हो सकेगा। अरुण इंडेन गैस सर्विस के प्रमुख अरुण अग्रवाल ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा शुरू की गई उक्त योजना का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार की इस पहलकदमी से न केवल घरेलू गैस की कालाबाजारी और पलटी का कारोबार बंद होगा बल्कि गैस की पलटी के दौरान होने वाले जानलेवा हादसो में होने वाली बेगुनाह लोगों की मौतों का सिलसिला भी थम सकेगा।