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पढ़ाई का नया शेड्यूल: पंजाब के स्कूलों ने बदला समय, माता-पिता और छात्रों के लिए जरूरी जानकारी

चंडीगढ़ मौसम में बदलाव को देखते हुए पंजाब में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। 1 अक्टूबर से स्कूल नए समय पर खुलेंगे। यह आदेश केवल अक्टूबर महीने के लिए है, जिसके बाद एक बार फिर स्कूलों के समय में बदलाव किया जाएगा। जानकारी के अनुसार 1 अक्टूबर से राज्य के सभी प्राथमिक स्कूल सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक खुलेंगे। इसी तरह, सभी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:50 बजे तक खुलेंगे। यह आदेश 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक लागू रहेगा। 1 नवंबर से फिर बदलेगा समय 1 नवंबर से स्कूलों के समय में फिर बदलाव किया जाएगा। फिर सभी प्राइमरी स्कूल सुबह 9 बजे खुलेंगे और दोपहर 3 बजे छुट्टी होगी। इसी तरह, मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3:20 बजे तक रहेगा। यह आदेश 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेगा। 

हरमीत सिंह पठानमाजरा का धमाकेदार वीडियो बयान, AAP के अंदरूनी विवाद हुए उजागर

पटियाला आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने एक अज्ञात स्थान से एक वीडियो जारी कर अपनी पार्टी के विधायकों और किसान संगठनों पर उनका साथ न देने का आरोप लगाया है। बलात्कार के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहे पठानमाजरा तीन सप्ताह से अधिक समय से फरार हैं। पठानमाजरा ने शुक्रवार रात एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के विधायक और किसान संगठन उनका साथ देने में विफल रहे हैं। पंजाब के सनौर से विधायक पठानमाजरा दो सितंबर से फरार हैं। पंजाब पुलिस ने दावा किया कि उसकी एक टीम जब पठानमाजरा को गिरफ्तार करने के लिए करनाल जिले के डाबरी गांव पहुंची, तब विधायक के समर्थकों ने गोलियां चलाईं और पथराव किया, जिसकी आड़ में वह भागने में सफल रहे। पुलिस के मुताबिक, डाबरी में पठानमाजरा अपने एक रिश्तेदार के घर पर थे।    पठानमाजरा ने किया ये दावा हालांकि, पठानमाजरा ने उनके समर्थकों के गोलीबारी में शामिल होने के पुलिस के दावों को खारिज किया और आरोप लगाया कि वह यह जानने के बाद भाग गए कि उन्हें “फर्जी मुठभेड़” में मार दिया जाएगा। वीडियो में पठानमाजरा ने दावा किया कि उन्हें दिल्ली स्थित ‘आप’ नेताओं के खिलाफ बोलने और पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी को जिम्मेदार ठहराने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।  पार्टी संगठन पर भी उठाया सवाल आप विधायक ने कहा, “मेरा एकमात्र कसूर यह है कि मैंने पंजाब का जल मुद्दा उठाया। राज्य को हाल ही में आई बाढ़ में भारी तबाही का सामना करना पड़ा है।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी या किसी किसान संगठन से कोई भी उनके समर्थन में आगे नहीं आया। पठानमाजरा ने कहा कि उनकी पत्नी बीमार हैं और उनके बच्चे इस डर से छिपते फिर रहे हैं कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पत्नी को कुछ होता है, तो इसके लिए पंजाब सरकार जिम्मेदार होगी।  पठानमाजरा के खिलाफ दर्ज हैं कई संगीन मामले पुलिस ने एक सितंबर को सिविल लाइंस थाने में पठानमाजरा के खिलाफ बलात्कार, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया। यह मामला जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया, जिसने आरोप लगाया है कि पठानमाजरा ने खुद को तलाकशुदा बताया, उसके साथ संबंध बनाए और फिर 2021 में उससे शादी कर ली, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे। महिला ने ‘आप’ विधायक पर लगातार यौन शोषण और धमकियां देने का आरोप लगाया। पटियाला की एक स्थानीय अदालत ने 10 सितंबर को पठानमाजरा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। पुलिस ने बताया कि उसने पठानमाजरा की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। ‘आप’ ने 17 सितंबर को रणजोध सिंह हदाना को सनौर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया।

बाइक एक्सीडेंट में पंजाबी स्टार राजवीर जवंदा की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्ती

शिमला/चंडीगढ़ हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में शनिवार को सड़क दुर्घटना में पंजाबी गायक राजवीर जवंदा गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि राजवीर मोटरसाइकिल से शिमला जा रहे थे। अस्पताल ने एक बयान में बताया कि जवंदा को ‘बेहद गंभीर' हालत में अपराह्न पौने दो बजे पंजाब के मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल लाया गया। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना बद्दी इलाके में उस समय हुई, जब उन्होंने मोटरसाइकिल पर से नियंत्रण खो दिया। फोर्टिस अस्पताल ने बयान में बताया कि सड़क दुर्घटना में गायक के सिर व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं और वह फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं। बयान के मुताबिक, “सुबह सड़क दुर्घटना में राजवीर के सिर व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं और मोहाली के फोर्टिस अस्पताल लाये जाने से पहले उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा।” बयान में बताया गया, “गायक को यहां लाये जाने के तुरंत बाद आपातकालीन और न्यूरोसर्जरी विभागों की टीम ने जांच की। विस्तृत जांच की गई और उन्हें फोर्टिस अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया।” बयान के मुताबिक, राजवीर वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है तथा उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग सहित कई राजनेताओं ने गायक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मान ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “मुझे खबर मिली है कि प्रसिद्ध पंजाबी गायक राजवीर जवंदा हिमाचल प्रदेश के बद्दी के पास हुई दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है।” उन्होंने कहा, “मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। ईश्वर करे कि वह जल्द ही स्वस्थ होकर अपने प्रशंसकों और परिवार के पास लौट आएं।” बैंस ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “अभी-अभी राजविंदर जवंदा वीर की दुर्घटना के बारे में सुना। ईश्वर से उनकी सुरक्षा और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” वडिंग ने कहा कि दुर्घटना के बारे में सुनकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने ‘एक्स' पर कहा, “राजवीर के शीघ्र स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं। वाहेगुरु उन्हें शक्ति और स्वास्थ्य प्रदान करें।” शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी गायक के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। गायक-अभिनेता गिप्पी ग्रेवाल, गायक जस बाजवा, कंवर ग्रेवाल और कुलविंदर बिल्ला सहित कई पंजाबी कलाकार राजवीर का हालचाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। लुधियाना में जन्मे राजवीर हिट गाने ‘काली जवंदे दी' से मशहूर हुए। उन्होंने कई पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय किया है।

अब बेअंत सिंह पार्क में नहीं बिकेंगे पटाखे, व्यापारियों की उम्मीदों पर पानी!

जालंधर  दीवाली का पर्व कुछ ही सप्ताह दूर है और त्यौहारी सीजन भी शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन पटाखा मार्केट लगाने के लिए सुरक्षित स्थान तय करने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। पटाखा विक्रेता नए स्थान की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस हल नहीं निकल सका है। पिछले कई वर्षों तक स्थानीय बर्ल्टन पार्क के खुले मैदान में पटाखा मार्केट लगती रही है, लेकिन अब वहां स्पोर्ट्स हब का निर्माण शुरू हो चुका है। जिस स्थान पर पहले मार्केट लगती थी, वहां स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में पिछले कई महीनों से जिला प्रशासन और पटाखा विक्रेताओं के बीच नई जगह खोजने का काम चल रहा है। इस प्रक्रिया में न तो कारोबारियों को सफलता मिली है और न ही प्रशासन कोई ठोस इंतजाम कर पाया है। प्रशासन ने पहले लायलपुर खालसा स्कूल, नकोदर रोड और लम्मा पिंड चौक स्थित चारा मंडी वाली जगह को पटाखा मार्केट के लिए चिन्हित किया था, लेकिन वहां भी सहमति नहीं बन पाई। हालांकि एक ग्रुप अभी भी लायलपुर स्कूल में छोटी मार्केट लगाने पर बजिद्द है। पटाखा कारोबारियों के बाकी तीन ग्रुप स्थानीय बेअंत सिंह पार्क में मार्केट लगाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पीएसआईईसी ने इस प्रयास को भी विफल कर दिया। संस्थान के कार्यकारी इंजीनियर ने निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से कहा कि बेअंत सिंह पार्क में पटाखा मार्केट लगाने की अनुमति न दी जाए। पत्र में बताया गया कि निगम का फायर ब्रिगेड विभाग पहले ही इस स्थान को एनओसी देने से इनकार कर चुका है।   सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पत्र में उल्लेख किया गया कि पार्क की दीवार के पास बड़े-बड़े इंडस्ट्रियल यूनिट हैं जिनमें ऑयल टैंक भी स्थित हैं। इसके अलावा पार्क के ऊपर हाई टेंशन वायर गुजर रही है, जो भविष्य में खतरा साबित हो सकती है। फोकल प्वाइंट के औद्योगिक संगठन भी इस मार्केट के प्रयासों का विरोध कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, पटाखा विक्रेताओं के प्रमुख लोग औद्योगिक प्रतिनिधियों से मिलकर मामला सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन और पटाखा विक्रेता नई जगह के लिए किस दिशा में कदम बढ़ाते हैं और आखिरकार किस स्थान पर सुरक्षित ढंग से पटाखा मार्केट लग सकेगी। अटारी बाजार और अंदरूनी क्षेत्रों में शुरू हुई पटाखों की बिक्री दीवाली के करीब आते ही जालंधर में पटाखों की बिक्री तेजी पकड़ने लगी है। बीते कई वर्षों तक बर्ल्टन पार्क में लगने वाली पटाखा मार्केट अब नए स्पोर्ट्स हब के निर्माण के कारण नहीं लग रही, जिससे कई दुकानदार अटारी बाजार और शहर के अंदरूनी इलाकों में पटाखों की बिक्री शुरू कर चुके हैं। कुछ साल पहले जालंधर में पटाखों की बिक्री का मुख्य केंद्र ही अटारी बाजार और आसपास का तंग क्षेत्र हुआ करता था। उस समय यहां लगभग 15-20 दुकानदार पटाखे स्टोर करते और बेचते थे, और आसपास के कस्बों के लोग भी इन्हें खरीदने आते थे। बाद में, जब अशोक गुप्ता जालंधर के डिप्टी कमिश्नर थे और उन्होंने पटाखों के खतरे को महसूस किया, तो उन्होंने बर्ल्टन पार्क के क्रिकेट स्टेडियम की सीढ़ियों के नीचे दुकानों में पटाखा मार्केट लगाने की व्यवस्था की। कई सालों तक पटाखा विक्रेताओं ने यहां खूब कारोबार किया और उनकी संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो गई। अब, बर्ल्टन पार्क में स्पोर्ट्स हब निर्माण के चलते नए सुरक्षित स्थान की तलाश जारी है, लेकिन दुकानदारों ने इंतजार नहीं किया। कईयों ने अटारी बाजार में ही पटाखों की बिक्री शुरू कर दी है। दुकानों पर केवल सैंपल रखे गए हैं, लेकिन ग्राहकों की मांग पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम या अन्य स्थान से सीधे सप्लाई की जा रही है। वहीं, एक होलसेलर कारोबारी ने इंडस्ट्रियल एरिया में विशाल गोदाम तैयार कर रखा है। कुछ गांवों में भी पटाखों की बिक्री देखने को मिल रही है। अब यह देखना बाकी है कि पुलिस और जिला प्रशासन इस स्थिति में क्या कदम उठाते हैं और आखिरकार पटाखा मार्केट कब और कहां सुरक्षित रूप से लगती है।

किसानों की आवाज़: बाढ़ के नुकसान के बीच क्या जवाब देगा प्रशासन?

पंजाब  पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुए बड़े नुकसान के बाद किसानों ने राज्य और केंद्र सरकार से 40,000 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण न केवल फसलें बर्बाद हुई हैं, बल्कि घरों, पशुओं और जमीन पर भी गंभीर असर पड़ा है। किसानों ने साफ किया कि वे केवल खेती का नुकसान ही नहीं, बल्कि खेत मजदूरों और जमीन-बेरोजगार परिवारों के लिए भी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। उनकी मांग है कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए, फसलों के नुकसान की भरपाई की जाए और जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही घरों की मरम्मत, पशुधन हानि और भू-खनन से हुए नुकसान को भी राहत पैकेज में शामिल किया जाए। किसानों ने आपदा प्रबंधन में सरकार की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि प्रशासन समय रहते कदम उठाने में नाकाम रहा, जिससे नुकसान और बढ़ गया। उनका कहना है कि अगर राहत और मुआवजे की प्रक्रिया तेजी से पूरी नहीं हुई, तो ग्रामीण इलाकों में गुस्सा और असंतोष फैल सकता है। यह मामला राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। एक ओर किसानों की उम्मीदें सरकार से जुड़ी हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के सामने चुनौती है कि राहत पैकेज समय पर और निष्पक्ष तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचे।

रेलवे ने यात्रियों के लिए किया बड़ा ऐलान, अब सफर में होंगे कई फायदे

पटियाला शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान प्रोफेसर किरपाल सिंह बडूंगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी ओर से विशेष ट्रेनों की मांग के लिए लिखे गए पत्र पर कार्यवाही करते हुए रेलवे विभाग ने नई ट्रेनों को मंजूरी दी है। इससे न केवल पंजाब बल्कि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को भी विशेष सुविधा प्राप्त होगी। प्रो. बडूंगर ने बताया कि 10 दिसम्बर 2024 को उन्होंने पत्र लिखकर मांग की थी कि पंजाब और इसके साथ लगते प्रांतों में रेल संपर्क की भारी कमी है। इस कारण यात्रियों और व्यापारियों को सड़क मार्ग (बसों द्वारा) यात्रा करनी पड़ती है, जिसमें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खास तौर पर बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है इसलिए राजपुरा से चंडीगढ़, राजस्थान और बठिंडा को जोड़ने वाली विशेष ट्रेनों की जरूरत थी। उनका कहना था कि राजपुरा–चंडीगढ़, पटियाला–समाना–पातड़ां, टोहाना और जाखल होते हुए राजस्थान तक रेल लिंक बनने से लोगों को सुविधा के साथ व्यापार में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा, इन ट्रेनों के चलने से धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों जैसे – गुरुद्वारा बुढ़ा जोहड़ (अनूपगढ़-सूरतगढ़), हनुमानगढ़, मंडी डबवाली, रामामंडी (गुरुद्वारा दमदमा साहिब), सिरसा, जाखल, गुरुद्वारा धामधन साहिब, खनौरी, समाना, पटियाला (गुरुद्वारा दूख निवारण साहिब, काली माता मंदिर), राजपुरा, फतेहगढ़ साहिब, आनंदपुर साहिब, कीरतपुर साहिब, नैना देवी और चंडीगढ़ आने-जाने में यात्रियों को बड़ी सुविधा होगी। प्रो. बडूंघर ने यह भी बताया कि 1977 से 1980 के बीच उन्हें रेलवे यूजर्स बोर्ड में सदस्य के रूप में सेवा करने का अवसर मिला था। उस समय उन्होंने केंद्र सरकार के पास रेल लिंक का प्रोजेक्ट तैयार करवाकर भेजा था। इस प्रोजेक्ट में पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह जी द्वारा 1932 में करवाए गए सर्वे को भी शामिल किया गया था, लेकिन अंग्रेज सरकार ने उसे मंजूरी नहीं दी। साथ ही, उस समय केंद्र सरकार गिरने के कारण प्रोजेक्ट पर काम नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के पिछड़े इलाकों को रेल लिंक से जोड़ रही है और पंजाब भारत का एक अहम राज्य है, जिसे महत्वपूर्ण रेल संपर्क की बहुत जरूरत थी। इस मंजूरी से पंजाब और राजस्थान दोनों के यात्रियों को आवाजाही में बड़ी राहत मिलेगी।

सदन में हंगामा: मान सरकार का बीजेपी विरोधी प्रदर्शन तेज

चंडीगढ़ पंजाब को बाढ़ राहत के नाम पर केंद्र सरकार से मिला वादा एक बार फिर खोखला साबित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित पंजाब के लिए ₹1600 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन यह वादा अभी तक अधूरा है। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार को कड़ी चेतावनी दी। सरकार ने साफ किया कि पंजाब अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि उसे वास्तविक राहत चाहिए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का पंजाब दौरा केवल "फोटो खिंचवाने" तक ही सीमित था। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री उस परिवार को सांत्वना तक नहीं दे पाए जिसने बाढ़ में अपने तीन सदस्यों को खो दिया।" चीमा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि संकट के समय कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब का साथ देने के बजाय भाजपा का ही समर्थन किया। जल संसाधन मंत्री ब्रिंदर कुमार गोयल ने भी विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, "पंजाब ने ₹20,000 करोड़ की राहत मांगी थी, लेकिन केंद्र ने केवल ₹1,600 करोड़ का 'झुनझुना' थमा दिया। यह पंजाब के किसानों और बाढ़ पीड़ितों के साथ एक क्रूर मजाक है।"उन्होंने बताया कि यह पैकेज प्रधानमंत्री ने 9 सितंबर को अपने दौरे के दौरान घोषित किया था, लेकिन अभी तक इसका कोई भी अंश जारी नहीं किया गया है। गोयल ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को पंजाब में हुई तबाही के असली पैमाने को समझना चाहिए और तुरंत कम से कम ₹20,000 करोड़ का विशेष पैकेज मंजूर करना चाहिए। साथ ही, यह भी मांग की गई कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ₹1,600 करोड़ को तुरंत पंजाब आपदा राहत कोष में जारी किया जाए। ₹1600 करोड़ 'अपमान' और 'नाकाफी', राज्य के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने इस वादे को "पंजाब का अपमान" बताया। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री को नुकसान का विस्तृत ब्यौरा दिया था, जिसमें टूटी सड़कें, बर्बाद हुई फसलें (1.91 लाख हेक्टेयर), उजड़े घर और जमीनें शामिल थीं। इसके बावजूद, केंद्र ने केवल ₹1600 करोड़ का वादा किया, जो अभी तक सिर्फ कागजों में ही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि पंजाब की बर्बादी इतनी बड़ी है कि ₹1600 करोड़ बहुत मामूली है। किसानों को मुआवजा देने, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और लोगों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए राज्य को कम से कम ₹60,000 करोड़ की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में विधानसभा से एक मजबूत संदेश गया है, "पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ेगा। यह केवल राहत का मामला नहीं, बल्कि पंजाब की इज्जत का सवाल है।"

फेस्टिवल मोड: पुलिस सतर्क, स्पेशल नाके और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी

अमृतसर  त्योहार सीजन को ध्यान में रखते हुए श्री मुक्तसर साहिब के एस.एस.पी. डॉ. अखिल चौधरी द्वारा जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने खुद रात के समय रामलीला ग्राउंड और शहर के विभिन्न नाकों पर चेकिंग की और पुलिस मुलाजिमों को हिदायतें जारी कीं। एस.एस.पी. डॉ. अखिल चौधरी ने बताया कि त्यौहारी सीजन के दौरान श्री मुक्तसर साहिब में सुरक्षा प्रबंधों को ओर मजबूत करने के लिए 500 से अधिक पुलिस कर्मियों को सडक़ों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया गया है। शहर के मुख्य चौंक-चौराहों, अंदरूनी बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर ज्यादा सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा चारों सब-डिवीजनों श्री मुक्तसर साहिब, मलोट, गिद्दड़बाहा और लंबी में विभिन्न नाके लगाए गए हैं, जहां 24 घंटे पुलिस मुलाजिम मौजूद रहेंगे। पी.सी.आर. मोटरसाइकिल और गश्त टीमें भी तैयार की गई हैं, जिन द्वारा लगातार शरारती तत्वों पर नजर रखी जा रही हैं। नाइट डॉमिनेशन होगा ओर मजबूत एस.एस.पी. ने कहा कि रात के समय नाइट डॉमिनेशन पेट्रोलिंग को ओर मजबूत किया गया है। रात समय सुरक्षा के पक्ष से बस अड्डे के पास लंबे समय से लावारिस खड़े संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। इस दौरान ‘वाहन ऐप’ की मदद से गाडिय़ों को वेरिफाई कर उनके पुलिस रिकॉर्ड की भी जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई वाहन किसी अवैध गतिविधि या पेंडिंग केस से जुड़ा न हो। इसके अलावा रात समय विभिन्न पुलिस टीमों के साथ शहर के विभिन्न जगहों पर नाके लगाए जार हे है। मुख्य रूटों, कॉलोनियों, बाजारों, जहां यातायात अधिक रहता है, वहीं नाके लगाकर हर वाहन व व्यक्ति की जांच की जा रही है। कंट्रोल रूम में अलर्ट जारी पुलिस कंट्रोल रूम को हमेशा एक्टिव रखने के आदेश दिए गए हैं। पी.सी.आर. मुलाजिमों को ड्यूटी पूरी चौकसी से निभाने और वायरलेस सेट हमेशा चार्ज रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके। 50 से अधिक नाके दिन-रात लगाए जाएंगी जिले में प्रवेश बिंदुओं, बाहरी रिंग रोड, मुख्य मार्गों और अंदरूनी जगहों पर करीब 50 से अधिक नाके दिन-रात लगाए जाएंगे। दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है।   नशा तस्करों के खिलाफ जारी रहेगी मुहिम एस.एस.पी. ने बताया कि त्यौहारी सीजन में कानून-व्यवस्था के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ चल रही मुहिम को ओर तेज किया गया है। नशों के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। रामलीला ग्राउंड और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खास सुरक्षा त्योहारी सीजन के दौरान रामलीला ग्राउंड और अन्य धार्मिक-सांस्कूतिक कार्यक्रमों के लिए भी कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस मुलाजिमों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाकर भीड़ पर निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ-साथ कार्यक्रम स्थलों के आसपास ट्रैफिक का भी विशेष प्रबंध किया गया है ताकि भीड़ या जाम की स्थिति न बने। हर कार्यक्रम स्थल पर पुलिस अधिकारी, सिविल ड्रेस में सुरक्षाकर्मी और महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, वहीं ड्रोन कैमरे और सी.सी.टी.वी. निगरानी से संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। पार्किंग स्थलों के लिए अलग प्रबंध किए गए हैं, जहां पुलिस कर्मी लोगों की मदद करेंगे। इस अवसर पर एस.एस.पी. डॉ. अखिल चौधरी ने खुद रात में रामलीला ग्राउंड का दौरा कर सुरक्षा प्रबंधों का विस्तारपूर्वक जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और मुलाजिमों से बातचीत कर त्यौहारी सीजन में ओर ज्यादा चौकसी व जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने के लिए विशेष निर्देश दिए। डॉ. चौधरी ने पुलिस बैरिकेडिंग, इमरजेंसी प्रबंध और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों का खुद निरीक्षण किया और सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो। उन्होंने तैनात मुलाजिमों को सुरक्षा प्रबंधों के प्रति ओर संवेदनशील रहने व हर आने-जाने वाले की पूरी जांच करने के आदेश दिए ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति कार्यक्रम स्थलों में प्रवेश न कर सके। इसके अलावा उन्होंने जिले के विभिन्न नाकों का अचानक निरीक्षण किया और पुलिस कर्मियों को सख्त चौकसी बरतने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आदेश दिया कि ड्यूटी के दौरान कोई लापरवाही न हो, हर वाहन की गहराई से जांच हो और संदिग्ध व्यक्तियों की पूरी तलाशी ली जाए। लोगों के लिए अपील एस.एस.पी. ने जनता से अपील की है कि वह किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दें। उन्होंने कहा कि कानून की उल्लंघना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और शहर की अमन-शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और जनता को मिलकर काम करना होगा।

अचानक आदेश: 3 दिन की छुट्टी, शराब की दुकानों को बंद रखने का सख्त निर्देश

बठिंडा  पंजाब के जिला बठिंडा में 3 दिन सरकारी छुट्टी का ऐलान हुआ है। जिले के एक खास मेले को देखते हुए छुट्टी की घोषणा की गई है। डिप्टी कमिश्नर बठिंडा, राजेश धीमान ने जानकारी देते हुए कहा कि माईसरखाना गांव में 28 सितंबर को होने वाले वार्षिक धार्मिक मेले को ध्यान में रखते हुए 27 से 29 सितंबर तक विशेष प्रबंध किए गए हैं। इस दौरान माईसरखाना के सरकारी एलीमेंट्री स्कूल, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल और माता माईसरखाना कॉलेज ऑफ एजुकेशन (फॉर गर्ल्स) में सरकारी छुट्टी का ऐलान किया गया है। यह फैसला उप-मंडल मजिस्ट्रेट मौड़ की सिफारिश पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि हर साल लाखों श्रद्धालु इस धार्मिक मेले में शामिल होने आते हैं। भारी भीड़ के कारण कस्बे में भीड़भाड़ हो जाती है, इसलिए प्रशासन ने अमन-शांति बनाए रखने के लिए छुट्टी की घोषणा की है। इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए आबकारी एक्ट, 1914 की धारा 54 के अंतर्गत आदेश जारी किए हैं। इसके अनुसार 27 से 29 सितंबर तक माईसरखाना गांव की सीमा के भीतर सभी देसी और विदेशी शराब की दुकाने पूरी तरह बंद रहेंगी। किसी को भी शराब का भंडार रखने या बेचने की अनुमति नहीं होगी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि मेले के दौरान शराब या किसी नशे का प्रयोग धार्मिक माहौल में व्यवधान डाल सकता है और लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है। इससे अमन और शांति भंग होने का खतरा रहता है। इसलिए मेले के समय शराब की बिक्री पर रोक लगाना जरूरी समझा गया है। 

हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस को लिया आड़े हाथ, जनता के सामने कही बड़ी बात

पंजाब  पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में आई भारी बारिश और बाढ़ के दौरान कांग्रेस का असली चेहरा सामने आया। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में लगभग 60 लोगों की मौत हुई। चीमा ने कहा कि कांग्रेस केवल फोटोशूट के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में गई और हमेशा की तरह लोगों की मौत पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए ‘रंगला पंजाब’ फंड बनाया, जिसमें देश-विदेश में रहने वाले लोगों ने योगदान दिया। हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लोगों से अपील की कि पंजाब को बाढ़ राहत के लिए फंड न दिया जाए। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री मान का सपना है पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाना, जबकि कांग्रेस चाहती है ‘कंगला पंजाब’। आम आदमी पार्टी की सरकार केवल तीन साल में पंजाब की तरक्की के लिए काम कर रही है।”