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केंद्र का फैसला: अगले 5 सालों में लुधियाना, अमृतसर, चंडीगढ़ समेत 10 रेलवे स्टेशनों की क्षमता दोगुना की जाएगी

फिरोजपुर  फिरोजपुर रेलवे डिवीजन की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि अगले 5 सालों में नई ट्रेनें शुरू करने के लिए बड़े शहरों की क्षमता को मौजूदा लैवल से दौगुना करने की जरूरत है। साल 2030 तक बेसिक क्षमता को दोगुना करने के कामों में ये काम शामिल होंगे। मौजूदा टर्मिनलों को एक्स्ट्रा प्लेटफॉर्म के साथ बढ़ाना, लाइनों, पिट लाइनों और सही शंटिंग सुविधाओं को ठीक करना, शहरी इलाकों में और उसके आसपास नए टर्मिनलों की पहचान और कंस्ट्रक्शन आदि। उत्तर रेलवे के 10 स्टेशनों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन की भी योजना बनाई गई है जिसमें दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, हरिद्वार और बरेली शामिल हैं। यह उम्मीद की जाती है कि अगले 5 वर्षों में क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा ताकि क्षमता वृद्धि के लाभों को तुरंत महसूस किया जा सके। इससे वर्षों में धीरे-धीरे यातायात की आवश्यकता को पूरा करने में मदद मिलेगी। उत्तर रेलवे ने जिन 10 रेलवे स्टेशनों का इंफ्रॉस्ट्रक्चर अपग्रेड करने के लिए चुना है। लुधियाना समेत तीनों रेलवे स्टेशनों को अपग्रेड करने का काम चल रहा है। हर रेलवे स्टेशन पर अभी जितने प्लेटफार्म हैं, उन्हें बढ़ाकर डबल कर दिया जाएगा। रेलवे स्टेशनों पर मॉडर्न स्टेशन बिल्डिंग तैयार की जा ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो। रेल मंत्रालय ने जारी की स्टेशनों की सूची रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने एक दिन पहले देश के रेलवे स्टेशनों की क्षमता को डबल करने की घोषणा करते हुए स्टेशनों की सूची जारी की है। उत्तर रेलवे के दस स्टेशनों को उसमें शामिल किया गया है। इस सूची में अमृतसर, लुधियाना व चंडीगढ़ के अलावा जम्मू, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, हरिद्वार और बरेली के नाम शामिल हैं। एयरपोर्ट टर्मिनल की तर्ज पर मिलेंगी सुविधाएं लुधियाना, अमृतसर व चंडीगढ़ के रेलवे स्टेशनों का काम पूरा होते ही वहां पर यात्रियों को एयरपोर्ट टर्मिनल की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे परिसर में मल्टी-लेवल पार्किंग, एलिवेटेड कॉनकोर्स, नए एंट्री-एग्जिट पॉइंट, फूड कोर्ट, एस्केलेटर और लिफ्ट शामिल हैं, ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिले और ट्रैफिक सुगम हो सके, जिससे ये स्टेशन पंजाब में प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब बन सके। रेल गाड़ियों के संचालन का मैकेनिज्म भी होगा अपग्रेड उत्तर रेलवे के मुताबिक रेल गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। इसलिए रेलवे स्टेशनों पर संचालन का मैकेनिज्म भी अपग्रेड किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सिग्नल सिस्टम, मल्टीट्रैकिंग सिस्टम को भी 2030 तक डबल करने की योजना है। रेल मंत्री का अश्वनी वैष्णव का दावा है कि 2030 तक रेल नेटवर्क दुनिया के बेहतरीन नेटवर्क में से एक हो जाएगा। पंजाब को मिलेगा विशेष फायदा केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू का कहना है कि पंजाब में रेलवे स्टेशनों की क्षमता डबल होने से रेल गाड़ियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब के लोगों को देश के अलग-अलग कोनों तक पहुंचने के लिए रेल की उपलब्धता बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि लुधियाना में मुख्य रेलवे स्टेशन के अलावा ढंडारी रेलवे स्टेशन को भी डेवलप किया जा रहा है। मुख्य विशेषताएं और कार्य:     आधुनिक इंफ्रॉस्ट्रक्चर: स्टेशन को एयरपोर्ट जैसा लुक देने के लिए नया डिज़ाइन, AC कॉनकोर्स (प्रतीक्षालय) और फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं।     बेहतर पार्किंग: मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा, जिसमें 1,30,000 वर्ग फीट का पार्किंग क्षेत्र भी शामिल है।     ट्रैफिक मैनेजमेंट: एंट्री व एग्जिट के लिए अलग-अलग रास्ते, एक नया प्रवेश द्वार और एलिवेटेड रोड्स से सीधा जुड़ाव, जिससे यातायात सुगम हो सके।     यात्री सुविधाएं: लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड कोर्ट, वीआईपी लाउंज और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएँ जोड़ी जा रही हैं.     पर्यावरण अनुकूल: स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन दिलाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

पंजाब में सेहत विभाग के 4 सीनियर अधिकारियों के तबादले, सरकार ने लिया अहम कदम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के 4 सीनियर अधिकारियों के तबादले किए हैं। सरकार ने कुछ समय पहले सीनियर मेडिकल अधिकारियों को डिप्टी डायरेक्टर कम सिविल सर्जन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के रूप में पदोन्नत किया था। अब सरकार ने इन चारों अधिकारियों के नए स्थानों पर तबादले और तैनातियां की हैं। जानकारी के अनुसार, रूपनगर के सिविल सर्जन डॉ. सुखविंदरजीत सिंह को पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन का डिप्टी डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. हरिपाल सिंह को बरनाला का सिविल सर्जन, डॉ. प्रभजोत रंधावा को रूपनगर का सिविल सर्जन और डॉ. राजीव पराशर को फिरोजपुर का सिविल सर्जन नियुक्त किया गया है।

अमृतसर एयरपोर्ट पर घना कोहरा: विजिबिलिटी जीरो होने के कारण कई फ्लाइट्स रद्द

अमृतसर  पंजाब में धुंध को लेकर आज भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अधिकतर इलाके धुंध की चपेट में हैं और विजिबिलिटी शून्य के करीब दर्ज की जा रही है। वहीं, तापमान में अधिक बदलाव देखने को नहीं मिला, लेकिन सोमवार का न्यनूतम तापमान 2 डिग्री के करीब पहुंच गया है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने राज्य में ठिठुरन को बढ़ा दिया है।  सोमवार सुबह राज्य में सबसे कम तापमान एसबीएस नगर के बल्लोवाल सोनखड़ी में देखने को मिला। यहां न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि अमृतसर में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री, लुधियाना में 5.6 डिग्री, पटियाला में 6.4 डिग्री, बठिंडा में 4.2 डिग्री, फरीदकोट में 4.9 डिग्री और गुरदासपुर में 4.3 डिग्री दर्ज किया गया है।  कोहरे के कारण चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। सुबह 7:15 बजे जयपुर, 7:30 बजे बेंगलुरु और 7:55 बजे दिल्ली से आने वाली उड़ानें रद्द कर दी गईं। वहीं कई फ्लाइटें लेट चल रही है, जिसके कारण यात्री घंटों परेशान हो रहे हैं। दिल्ली से आने वाली 5:45 बजे की फ्लाइट काफी देर से उड़ान भरी है, वह 7:31 बजे रवाना हुई। इसी तरफ लखनऊ से आने वाली 5:55 बजे की फ्लाइट 7:13 बजे रवाना हुई। वहीं, अमृतसर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की बर्मिंघम से आने वाली फ्लाइट अपने निर्धारित समय 11:55 बजे की बजाय 12:17 बजे लैंड करेगी। एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित कोहरे के कारण चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। सुबह 7:15 बजे जयपुर, 7:30 बजे बेंगलुरु और 7:55 बजे दिल्ली से आने वाली उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा कई फ्लाइटें देरी से संचालित हुईं। दिल्ली से आने वाली 5:45 बजे की फ्लाइट 7:31 बजे रवाना हुई, जबकि लखनऊ से आने वाली 5:55 बजे की फ्लाइट 7:13 बजे रवाना हुई।वहीं, अमृतसर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की बर्मिंघम से आने वाली फ्लाइट अपने निर्धारित समय 11:55 बजे की बजाय 12:17 बजे लैंड करेगी। आने वाले दिनों का मौसम मौसम विभाग के अनुसार 30 और 31 दिसंबर को गुरदासपुर, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) सहित कई जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा 31 दिसंबर और 1 जनवरी को पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार भी जताए गए हैं।  आने वाले दिनों को लेकर अलर्ट जारी आपको बता दे की आने वाले दिनों ठंड और भी पढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही कोहरा भी जारी रहेगा। पंजाब में मौसम विभाग कोहरे को लेकर फिर से एक अलर्ट जारी की है। जानकारी के अनुसार 30 और 31 दिसंबर को गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, मोहाली सहित कई जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। लोगों को घरों से निकलने के पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।साथ ही यह भी कहा गया है कि सड़क का सफर रात के बजाए दिन में किया जाना अधिक अच्छा होगा।  

वीर बाल दिवस पर विवाद: नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने कहा- बाल वीर शब्द का उपयोग सही नहीं

लुधियाना  नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन ने गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के लिए बाल वीर शब्द के इस्तेमाल का विरोध किया है। एसोसिएशन ने कहा है कि यह गलत है और उनके असली आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को नहीं दिखाता है। नापा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सतनाम सिंह चहल ने कहा कि साहिबजादे सिर्फ बहादुर बच्चे नहीं थे, बल्कि आध्यात्मिक रूप से जागरूक शहीद थे जिन्होंने सिख मूल्यों और न्याय को बनाए रखने के लिए जानबूझकर अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने एक बयान में कहा कि "बाल वीर" शब्द उनके बलिदान की गहराई को कमजोर करता है और सिख इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय को बहुत ज़्यादा सरल बना देता है। चहल ने कहा कि साहिबजादों को सम्मानजनक और ऐतिहासिक रूप से सही शब्दों जैसे साहिबजादे, शहीदी साहिबजादे या छोटे साहिबजादे से संबोधित किया जाना चाहिए, जैसा कि सिख परंपरा में इस्तेमाल होता है। नापा ने कहा कि सिख इतिहास को बचाने के लिए सही भाषा का इस्तेमाल ज़रूरी है, खासकर युवा पीढ़ियों के लिए, और संगठनों और संस्थानों से अपील की कि वे "बल वीर" शब्द का इस्तेमाल करने से बचें और इसके बजाय सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल करें। 2022 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि साहिबजादे बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की याद में 26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।  

पंजाब सरकार की नई आबकारी नीति पर मंथन तेज, राजस्व और नियमों में होंगे अहम संशोधन

जालंधर/चंडीगढ पंजाब के आबकारी आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने आज जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और गुरदासपुर जिलों के शराब ठेकेदारों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक के दौरान ठेकेदारों ने आगामी आबकारी नीति 2026-27 को लेकर अपनी प्रमुख मांगें आबकारी विभाग एवं राज्य सरकार के समक्ष रखीं। ठेकेदारों ने मांग की कि नई आबकारी नीति बनाते समय उनके हितों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में अंग्रेजी शराब की ओपन कोटा व्यवस्था समाप्त की जानी चाहिए, क्योंकि इससे बाजार में आपूर्ति अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे ठेकेदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से देसी शराब का कोटा नियंत्रित रहता है उसी तरह से अंग्रेजी शराब का कोटा भी नियंत्रित रहना चाहिए। शराब की अत्याधिक आपूर्ति वैसे भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि शराब की ज्यादा सप्लाई होने से शराब की कीमतों को लेकर भी उतार-चढ़ाव बना रहता है। बाजार में शराब के दामों में भी गिरावट बनी रहती है क्योंकि प्रत्येक ठेकेदार न्यूनतम कीमत पर इसे बेचने का प्रयास करता है। इसके साथ ही ठेकेदारों ने सरकार से वर्तमान शराब ठेकेदारों को नवीनीकरण (रिन्यूअल) का विकल्प देने की भी मांग की, ताकि कारोबार में स्थिरता बनी रहे और अनावश्यक प्रतिस्पर्धा से बचा जा सके। बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि नई आबकारी नीति तैयार करते समय छोटे-छोटे ग्रुप बनाए जाएं, जिससे छोटे शराब ठेकेदार भी इस कारोबार में प्रवेश कर सकें। ठेकेदारों का कहना था कि वर्तमान में 50-50 करोड़ रुपए तक के बड़े ग्रुप ही इस कारोबार में सक्रिय हैं, जिसके चलते छोटे ठेकेदारों के लिए व्यापार में उतरना लगभग असंभव हो गया है। उन्होंने बताया कि 2024-25 में राज्य में 236 ग्रुप होते थे जो 2025-26 में कम होकर 207 रह गए। इससे पता चलता है कि ग्रुपों का आकार बढ़ा दिया गया। ठेकेदारों ने आबकारी आयुक्त को बताया कि इस समय शराब के कारोबार में आपसी प्रतिस्पर्धा काफी अधिक हो चुकी है। चालू वर्ष के दौरान ठेकेदारों ने बड़ी मुश्किल से अपना अस्तित्व बचाया है और वह मार्जन पर काम कर रहे हैं। ठेकेदारों ने कहा कि छोटे ठेकेदार अगर बाजार में प्रवेश करते हैं तो सरकार का राजस्व भी इससे बढ़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिकांश ठेकेदारों के ठेकों को पुन: नवीकृत कर देना चाहिए और शेष बचने वाले ठेकों को लाटरी के जरिए ड्रॉ निकाल देने चाहिए।   ठेकेदारों ने कहा कि अतिरिक्त आई.एम.एफ.एल. कोटा केवल निर्धारित स्लैब के अनुसार जारी होना चाहिए। प्रत्येक सलैब तभी जारी हो जब उसको लागू अतिरिक्त लाइसैंस फीस जमा की जाए। उन्होंने आशंका जाहिर की कि अगर नीति में संशोधन न किया गया तो खुदरा शराब व्यापार के टूटने, रोजगार में कमी और राजस्व में गिरावट आने का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि घटते मार्जन और अतिरिक्त स्टाक के कारण कई लाइसैंस धारक समय पर मासिक लाइसैंस फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं। आबकारी आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने ठेकेदारों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि नई आबकारी नीति बनाते समय सभी पक्षों के सुझावों पर विचार किया जाएगा। पंजाब सरकार द्वारा आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी शराब ठेकेदारों के साथ ऐसी ही बैठकें की जाएंगी। आमतौर पर जनवरी के अंत या फरवरी के शुरू में पंजाब सरकार द्वारा अपनी नई आबकारी नीति को कैबिनेट में मंजूरी दी जाती है।

पंजाब में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती, गंभीर रोगों से निपटने के लिए नए आदेश लागू

पटियाला  पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला स्थित मेडिकल कॉलेज का दौरा कर मेडिकल एवं प्रशासनिक अधिकारियों को गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए घर-आधारित पेलिएटिव केयर सेवाओं को सुव्यवस्थित ढंग से लागू करने हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से गंभीर एवं लंबे समय से पीड़ित मरीजों के लिए पेलिएटिव केयर अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पेलिएटिव केयर सेवाएं वे स्वास्थ्य सेवाएं हैं, जो गंभीर, दीर्घकालिक या असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों को दर्द, कष्ट एवं मानसिक पीड़ा से राहत देने के लिए प्रदान की जाती हैं। इन सेवाओं का मुख्य उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज ही नहीं, बल्कि मरीज एवं उसके परिवार की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है। पेलिएटिव केयर में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक सहायता शामिल होती है तथा ये सेवाएं अस्पताल, ओ.पी.डी. या मरीज के घर तक भी उपलब्ध करवाई जाती हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजाब सरकार एवं कैंसपोर्ट एनजीओ के साथ समन्वय स्थापित करते हुए पेलिएटिव केयर सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजिंद्रा अस्पताल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिए, जो कैंसपोर्ट टीम के साथ निरंतर समन्वय एवं सहयोग बनाए रखेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पेलिएटिव केयर ओ.पी..डी. तथा घर-आधारित पेलिएटिव केयर सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑप्रेटिंग प्रोसीजर (एस.ओ.पी.) तैयार किया जाए, ताकि मरीजों को समय पर एवं बेहतर सेवाएं मिल सकें। उन्होंने राजिंद्रा अस्पताल में कैंसपोर्ट टीम के लिए एक अलग कक्ष उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए, ताकि पेलिएटिव केयर ओ.पी.डी. की स्थापना बिना किसी बाधा के की जा सके। इस अवसर पर पेलिएटिव केयर सर्विसेज के अधिकारी, राजिंद्रा अस्पताल एवं माता कौशल्या अस्पताल के डॉक्टर उपस्थित थे।

रेलवे से टीवी तक का सफर: वंदे भारत ट्रेन के लोको पायलट ने KBC में जीते 25 लाख

बठिंडा एक्टर अमिताभ बच्चन के क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति' ने कई लोगों की किस्मत बदली है। अब पंजाब के बठिंडा के रहने वाले रणधीर सिंह ने शो में 25 लाख रुपए की रकम जीत ली है। 25 लाख रुपए की रकम जीतने वाले रणधीर सिंह अकेले हॉट सीट पर नहीं पहुंचे थे, बल्कि अपनी पत्नी के साथ गए थे। दंपत्ति ने अपनी सूझ-बूझ के साथ सवालों के जवाब दिए और 25 लाख तक का सफर पूरा किया। रणधीर सिंह और उनकी पत्नी को केबीसी के 95 एपिसोड में देखा गया। आईएएनएस से खास बातचीत में रणधीर सिंह ने शो और अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात की। रणधीर सिंह ने बताया कि वे रेलवे डिपार्टमेंट में ट्रेन ड्राइवर के तौर पर काम करते हैं और वे पहले शख्स थे जिन्होंने वंदे भारत ट्रेन को चलाया था। उन्होंने बताया कि "जिस वंदे भारत एक्सप्रेस को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी, उस ऐतिहासिक पल का मैं भी गवाह रहा था। मैं उस वक्त वंदे भारत ट्रेन का लोको पायलट था।" उन्होंने कहा कि "मैं साल 2000 से कौन बनेगा करोड़पति के एपिसोड देख रहा हूं और शो में हिस्सा लेने के लिए कई साल से तैयारी कर रहा था। अब जाकर मुझे शो का हिस्सा बनने का मौका मिला।" रणधीर सिंह को लिखने और गाने का भी शौक है। 'कौन बनेगा करोड़पति' में 25 लाख के सवाल पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि सवाल था कि नंबर-1 फॉर्मूला रेसिंग के माइकल शूमाकर के फिजिकल कोच कौन थे। उस वक्त हमें नहीं पता था कि सवाल का जवाब क्या है, लेकिन बाद में हमने पंजाब के बलवीर सिंह का नाम लिया। ये फैसला हम दोनों पति-पत्नी का था और हमारा जवाब सही निकला। उन्होंने आगे बताया कि 50 लाख का सवाल और भी ज्यादा मुश्किल था, इसलिए हमने खेल को वहीं खत्म करने का फैसला लिया। 'कौन बनेगा करोड़पति' जैसे शो को लेकर रणधीर सिंह ने कहा कि बुद्धि के विकास के लिए ऐसे शोज का होना बहुत जरूरी है। ये युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते है और हर उम्र का इंसान अपनी किस्मत को आजमा सकता है।

नशा मुक्त पंजाब की ओर मजबूत कदम, मादक पदार्थों पर निर्णायक जीत का भरोसा : सीएम भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने राज्य में गहराई तक जड़े जमा चुके मादक पदार्थों और संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि पंजाब निर्णायक रूप से स्थिति को पलट रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में 85,418 मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस) अधिनियम के तहत अभूतपूर्व 88 प्रतिशत दोषसिद्धि दर और 1 जनवरी, 2025 से 916 गैंगस्टरों की गिरफ्तारी की गई है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि निरंतर प्रवर्तन, कड़ी जांच और शून्य राजनीतिक हस्तक्षेप जमीनी स्तर पर परिणाम दे रहे हैं, जो एक स्पष्ट जीत का संकेत है।  पंजाब में मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ चल रही लंबी लड़ाई में बयानबाजी से हटकर परिणामों की ओर रुख करें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को हुई बैठक में कहा कि उनकी सरकार आने के बाद से मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ 63,053 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2025 में नशा के खिलाफ अभियान शुरू होने के बाद से 30,144 एफआईआर दर्ज की गई हैं और पुलिस ने 40,302 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस तरह का पहला अभियान 1 मार्च 2025 को शुरू किया गया था और मादक पदार्थों पर काफी हद तक लगाम लगाने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों से निपटने के लिए प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम के तीन सिद्धांतों पर आधारित एक बहुआयामी रणनीति तैयार की गई थी, जिसके परिणाम बेहद फलदायी रहे हैं। इस अभियान के तहत मादक पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की गई और तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। इसी तरह, पिछले साढ़े तीन वर्षों में 5119.94 किलोग्राम हेरोइन, 3,458.53 किलोग्राम अफीम, 5.82 किलोग्राम कोकीन, 82.04 किलोग्राम आइस और 4.98 करोड़ कैप्सूल के साथ-साथ 52.46 करोड़ रुपए की मादक पदार्थों की रकम बरामद की गई है। सीएम मान ने कहा कि राज्य ने 2022 से ही मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और प्रवर्तन, वित्तीय व्यवधान, प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग, दोषसिद्धि सुनिश्चित करना, जनभागीदारी और मानवीय पुनर्वास को मिलाकर एक व्यापक, सतत और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) इस रणनीति को लागू करने में अग्रणी रही है। उन्होंने कहा कि 'सेफ पंजाब' व्हाट्सएप चैटबॉट एक प्रमुख नागरिक भागीदारी पहल के रूप में उभरा है, जिससे लगभग 30,000 उपयोगी सूचनाएं, 11,000 से अधिक एफआईआर और लगभग 14,000 गिरफ्तारियां हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने ड्रोन आधारित नशीले पदार्थों की तस्करी का मुकाबला करने की अपनी क्षमता को बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में सैकड़ों ड्रोन बरामद किए गए हैं और 2025 के दौरान अवरोधन में तीव्र वृद्धि हुई है। गुंडों के खिलाफ की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए सीएम मान ने कहा कि 1 जनवरी से लेकर 17 दिसंबर तक पंजाब पुलिस ने 916 गुंडों को गिरफ्तार किया है, 13 को मार गिराया है, 389 मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और 594 हथियार बरामद किए हैं, साथ ही 229 हथियार भी जब्त किए हैं।

मौसम बना आफत: कोहरे के चलते अमृतसर–चंडीगढ़ की हवाई सेवाएं प्रभावित

अमृतसर  पंजाब में कोहरे का असर न सिर्फ रोड ट्रैफिक बल्कि एयर ट्रैफिक पर भी पड़ने लगा है। आज पंजाब के साथ-साथ चंडीगढ़ के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी जीरो रही। इस घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर एयर ट्रैफिक पर पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, कोहरे की वजह से अमृतसर एयरपोर्ट पर कुल चार फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं। हालात तब और बिगड़ गए जब दिल्ली से अमृतसर जा रही पैसेंजर्स से भरी एक फ्लाइट को कोहरे की वजह से लैंड नहीं करने की इजाजत नहीं  मिली और उसे वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा, कतर एयरवेज की फ्लाइट जो सुबह 4:20 बजे अमृतसर से दोहा के लिए निकलने वाली थी, वह भी टेक ऑफ नहीं कर सकी। दिल्ली, श्रीनगर, बेंगलुरु, हैदराबाद और शिमला समेत दूसरे शहरों से आने-जाने वाली कई घरेलू फ्लाइट्स भी देरी से शुरू हुईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर क्या हुआ कोहरे की वजह से चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट्स पर असर पड़ा। चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाली सुबह 5:45 बजे की फ्लाइट कैंसिल कर दी गई। इसके अलावा जयपुर से सुबह 7:15 बजे आने वाली फ्लाइट और बेंगलुरु से सुबह 7:30 बजे आने वाली फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। अबू धाबी से सुबह 7:45 बजे आने वाली फ्लाइट भी देर से पहुंची। इसके अलावा सुबह 9:00 बजे तक जाने वाली सभी फ्लाइट्स देरी से चल रही हैं। 

पढ़ाई को मिलेगी नई रफ्तार: छात्रों के लिए पंजाब सरकार ने जारी की करोड़ों की फंडिंग

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के वंचित और पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और शिक्षा के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है। यह बात सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही। इस संबंध में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों के लिए चल रही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत अब तक 4.77 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में 2 लाख 62 हजार 373 विद्यार्थियों ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत आवेदन किए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार की शैक्षणिक कल्याण योजनाएं विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के लिए 245 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है, जो शिक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता, संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। कैबिनेट मंत्री ने यह भी जानकारी साझा की कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 2 लाख 37 हजार 456 विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। डॉ. बलजीत कौर ने जोर देकर कहा कि मान सरकार के लिए शिक्षा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि कोई भी गरीब या वंचित पृष्ठभूमि से आने वाला विद्यार्थी केवल आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से राज्य सरकार उन विद्यार्थियों के सपनों को मजबूत सहारा दे रही है, जो शिक्षा को अपनी ताकत बनाकर अपने परिवारों और समाज का भविष्य बदलना चाहते हैं। सरकार हर उस बच्चे के साथ मजबूती से खड़ी है, जो आगे बढ़ने की इच्छा रखता है और शिक्षा के माध्यम से अपनी पहचान बनाना चाहता है।