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भाजपा पंजाब में विवाद: बड़े नेता के भाई पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई

लुधियाना  थाना पीएयू की पुलिस ने बीजेपी के पूर्व प्रधान राजेंद्र भंडारी के भाई सहित तीन लोगों के खिलाफ साजिश तहत धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए जांच अधिकारी अमरीक सिंह ने बताया कि ये कार्रवाई शिकायतकर्ता संजीव गर्ग पुत्र धर्मपाल गर्ग वासी संत नगर कॉलेज रोड ने शिकायत के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि संजीव गर्ग ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उपेंद्र जीत कौर वासी सराभा नगर, शशि इंदर सिंह वासी शास्त्री नगर और राजकुमार भंडारी वासी बी.आर.एस. नगर ने साजिश तहित धोखाधड़ी करते हुए प्लाट की गलत रजिस्ट्री करवाई है। इसके बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की गई और जांच करने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

BSF ने पकड़ा ड्रोन, सीमावर्ती गांव में मिला करोड़ों का हेरोइन

अमृतसर  बीएसएफ अमृतसर सेक्टर की टीम ने सीमावर्ती गांव धनौवा कलां के इलाके में एक बार फिर से मिनी पाकिस्तानी ड्रोन और उसके साथ एक हेरोइन का पैकेट जब्त किया है। इससे पहले सीमावर्ती गांव धारीवाल के इलाके में भी एक पैकेट हेरोइन जब्त की गई थी जिसको ड्रोन के जरिए फेंका गया था। जब्त की गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 5 करोड़ रूपए बताई जा रही है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। धनौवा कला की बात करें तो यह गांव हेरोइन तस्करी और हथियारों की तस्करी के मामले में काफी बदनाम हो चुका है। 

पटाखों की बिक्री पर नई निगरानी, जालंधर में बाजार की हालत पर लगी सबकी नजर

जालंधर दीपावली से पहले पटाखा मार्कीट लगाने के लिए जगह की तलाश लगातार प्रशासन और पटाखा कारोबारियों के लिए चुनौती बनी हुई है। वर्षों से पटाखा मार्कीट का आयोजन बर्ल्टन पार्क के खुले मैदान में होता आ रहा था, लेकिन वहां अब स्पोर्ट्स हब के निर्माण कार्य शुरू होने से दुकानों के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही। पटाखा मार्कीट के लिए जिला प्रशासन ने कई स्थानों को चिन्हित कर स्वीकृति भी दी, परंतु हर बार किसी न किसी कारण से वह स्थान रद्द होता गया।  हाल ही में नगर निगम ने बेअंत सिंह पार्क में पटाखा मार्केट लगाने हेतु एनओसी भी जारी कर दी थी, लेकिन उद्योगपतियों के विरोध और पीएसआईईसी की आपत्ति के बाद इस स्थान को भी कैंसिल कर दिया गया। अब पटाखा विक्रेताओं के संगठन अपनी नजरें गांव चोहकां की ओर लगाए हुए हैं। रामा मंडी क्षेत्र में स्थित इस गांव में नगर निगम की करीब 8 एकड़ खाली भूमि उपलब्ध है। पहले भी इस स्थान पर विचार किया गया था, लेकिन तंग रास्तों के कारण समस्या आ गई थी। पटाखा विक्रेताओं का कहना है कि इस बार चोहकां साइट पर प्रशासन गंभीरता से विचार करे, ताकि दीपावली से पूर्व कारोबारियों को पक्का स्थान मिल सके और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटाखा मार्कीट का सुचारु आयोजन हो सके। 

मॉडल टाउन में युवाओं के लिए डबल खुशखबरी, जानें क्या हैं ये 2 बड़ी सौगातें

पटियाला  ‘आप’ की सरकार द्वारा लोक सेवा के तहत पटियालावासियों को 2 बड़ी सौगातें देने जा रही हैं। शहर के दिल माने जाने वाले मॉडल टाऊन में लोगों की सेवा के लिए बेहद शानदार आधुनिक तरीके से बनाया जा रहा कम्युनिटी सैंटर और पूरी तरह से मॉडर्न ए.सी. लाइब्रेरी बहुत जल्द पटियालावासियों को सुपुर्द होने जा रही है। इन पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। पटियाला के नौजवान विधायक अजीतपाल सिंह कोहली की मेहनत रंग ला रही है। जहां विधायक कोहली लगातार शहर पटियाला में चल रहे विकास कार्यों को पल-पल आगे बढ़ा रहे हैं, वहीं नगर निगम के कमिश्नर परमवीर सिंह और उनकी पूरी टीम बेहद कड़ी मेहनत कर रही है, जिसके चलते आने वाले दिनों में यह 2 बड़ी सौगातें पटियालावासियों को मिलने जा रही हैं। पटियालावासियों को मिलने जा रही मॉडर्न लाइब्रेरी जहां पूरी तरह कम्प्यूटराइजड होगी, वहीं इसमें सवा लाख के करीब किताबें भी होंगी। पटियाला में ऐसी लाइब्रेरी की लंबे समय से आवश्यकता थी। इसमें बुक रीडर भी कम्प्यूटराइजड होगी। यानी कम्प्यूटर पर बैठकर आप देख सकेंगे कि कौन -सी किताब कहां रखी है और उसे ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि आज के नौजवान पीढ़ी को किताबों और इतिहास से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और हम उसी सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कमिश्नर परमवीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में बाकायदा 2 बैठकें की जा चुकी हैं और काम की जांच भी हो चुकी है। हमारी टीम लगातार इसको लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मॉडल टाऊन में बन रहा कम्युनिटी सैंटर भी पूरी तरह ए.सी. होगा और यह एक ऐसा मॉडर्न सैंटर होगा जो बहुत कम खर्च में लोगों की सेवा करेगा। उन्होंने कहा कि मॉडल टाऊन में तैयार हो रहा कम्युनिटी सैंटर ‘आप’ द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की बड़ी उदाहरण पेश करेगा।   42 करोड़ की लागत से शहर की सड़कों का काम शुरू पटियाला शहरी हलके में 42 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों के पुनर्निर्माण का काम फिर तेजी से शुरू हो गया है। विधायक अजीतपाल सिंह कोहली ने बताया कि इस राशि में से 10 करोड़ रुपए नगर निगम, 10 करोड़ रुपए पी.डब्ल्यू.डी. और 22 करोड़ रुपए नेशनल हाईवे के कार्यों पर खर्च होंगे। इन कार्यों में सड़कों की मुरम्मत, नई लाइनें डालना और अन्य बुनियादी ढांचागत सुधार शामिल हैं।

पंजाब सरकार का सख्त फैसला: भ्रष्टाचार या लापरवाही के आरोप में अधिकारियों को निलंबित किया गया

पंजाब  पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कड़ी नीति के तहत बठिंडा और मानसा में तैनात पनसप के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के लिए लिखित आदेश भी जारी किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कदम पनसप में धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान उठाया गया है। निलंबित अधिकारियों में मानसा के वरिष्ठ सहायक संदीप कुमार और बठिंडा के अमनदीप सिंह, रूपिंदर कुमार, सुरिंदर कुमार और पवित्रजीत सिंह शामिल हैं। निलंबन के दौरान इन अधिकारियों का मुख्यालय पनसप मुख्यालय, चंडीगढ़ निर्धारित किया गया है। 

पढ़ाई का नया शेड्यूल: पंजाब के स्कूलों ने बदला समय, माता-पिता और छात्रों के लिए जरूरी जानकारी

चंडीगढ़ मौसम में बदलाव को देखते हुए पंजाब में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। 1 अक्टूबर से स्कूल नए समय पर खुलेंगे। यह आदेश केवल अक्टूबर महीने के लिए है, जिसके बाद एक बार फिर स्कूलों के समय में बदलाव किया जाएगा। जानकारी के अनुसार 1 अक्टूबर से राज्य के सभी प्राथमिक स्कूल सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक खुलेंगे। इसी तरह, सभी मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:50 बजे तक खुलेंगे। यह आदेश 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक लागू रहेगा। 1 नवंबर से फिर बदलेगा समय 1 नवंबर से स्कूलों के समय में फिर बदलाव किया जाएगा। फिर सभी प्राइमरी स्कूल सुबह 9 बजे खुलेंगे और दोपहर 3 बजे छुट्टी होगी। इसी तरह, मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3:20 बजे तक रहेगा। यह आदेश 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेगा। 

हरमीत सिंह पठानमाजरा का धमाकेदार वीडियो बयान, AAP के अंदरूनी विवाद हुए उजागर

पटियाला आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने एक अज्ञात स्थान से एक वीडियो जारी कर अपनी पार्टी के विधायकों और किसान संगठनों पर उनका साथ न देने का आरोप लगाया है। बलात्कार के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहे पठानमाजरा तीन सप्ताह से अधिक समय से फरार हैं। पठानमाजरा ने शुक्रवार रात एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के विधायक और किसान संगठन उनका साथ देने में विफल रहे हैं। पंजाब के सनौर से विधायक पठानमाजरा दो सितंबर से फरार हैं। पंजाब पुलिस ने दावा किया कि उसकी एक टीम जब पठानमाजरा को गिरफ्तार करने के लिए करनाल जिले के डाबरी गांव पहुंची, तब विधायक के समर्थकों ने गोलियां चलाईं और पथराव किया, जिसकी आड़ में वह भागने में सफल रहे। पुलिस के मुताबिक, डाबरी में पठानमाजरा अपने एक रिश्तेदार के घर पर थे।    पठानमाजरा ने किया ये दावा हालांकि, पठानमाजरा ने उनके समर्थकों के गोलीबारी में शामिल होने के पुलिस के दावों को खारिज किया और आरोप लगाया कि वह यह जानने के बाद भाग गए कि उन्हें “फर्जी मुठभेड़” में मार दिया जाएगा। वीडियो में पठानमाजरा ने दावा किया कि उन्हें दिल्ली स्थित ‘आप’ नेताओं के खिलाफ बोलने और पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी को जिम्मेदार ठहराने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।  पार्टी संगठन पर भी उठाया सवाल आप विधायक ने कहा, “मेरा एकमात्र कसूर यह है कि मैंने पंजाब का जल मुद्दा उठाया। राज्य को हाल ही में आई बाढ़ में भारी तबाही का सामना करना पड़ा है।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी या किसी किसान संगठन से कोई भी उनके समर्थन में आगे नहीं आया। पठानमाजरा ने कहा कि उनकी पत्नी बीमार हैं और उनके बच्चे इस डर से छिपते फिर रहे हैं कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पत्नी को कुछ होता है, तो इसके लिए पंजाब सरकार जिम्मेदार होगी।  पठानमाजरा के खिलाफ दर्ज हैं कई संगीन मामले पुलिस ने एक सितंबर को सिविल लाइंस थाने में पठानमाजरा के खिलाफ बलात्कार, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया। यह मामला जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया, जिसने आरोप लगाया है कि पठानमाजरा ने खुद को तलाकशुदा बताया, उसके साथ संबंध बनाए और फिर 2021 में उससे शादी कर ली, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे। महिला ने ‘आप’ विधायक पर लगातार यौन शोषण और धमकियां देने का आरोप लगाया। पटियाला की एक स्थानीय अदालत ने 10 सितंबर को पठानमाजरा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। पुलिस ने बताया कि उसने पठानमाजरा की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। ‘आप’ ने 17 सितंबर को रणजोध सिंह हदाना को सनौर विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया।

बाइक एक्सीडेंट में पंजाबी स्टार राजवीर जवंदा की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्ती

शिमला/चंडीगढ़ हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में शनिवार को सड़क दुर्घटना में पंजाबी गायक राजवीर जवंदा गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि राजवीर मोटरसाइकिल से शिमला जा रहे थे। अस्पताल ने एक बयान में बताया कि जवंदा को ‘बेहद गंभीर' हालत में अपराह्न पौने दो बजे पंजाब के मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल लाया गया। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना बद्दी इलाके में उस समय हुई, जब उन्होंने मोटरसाइकिल पर से नियंत्रण खो दिया। फोर्टिस अस्पताल ने बयान में बताया कि सड़क दुर्घटना में गायक के सिर व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं और वह फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं। बयान के मुताबिक, “सुबह सड़क दुर्घटना में राजवीर के सिर व रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं और मोहाली के फोर्टिस अस्पताल लाये जाने से पहले उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा।” बयान में बताया गया, “गायक को यहां लाये जाने के तुरंत बाद आपातकालीन और न्यूरोसर्जरी विभागों की टीम ने जांच की। विस्तृत जांच की गई और उन्हें फोर्टिस अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया।” बयान के मुताबिक, राजवीर वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है तथा उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग सहित कई राजनेताओं ने गायक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मान ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “मुझे खबर मिली है कि प्रसिद्ध पंजाबी गायक राजवीर जवंदा हिमाचल प्रदेश के बद्दी के पास हुई दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है।” उन्होंने कहा, “मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। ईश्वर करे कि वह जल्द ही स्वस्थ होकर अपने प्रशंसकों और परिवार के पास लौट आएं।” बैंस ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “अभी-अभी राजविंदर जवंदा वीर की दुर्घटना के बारे में सुना। ईश्वर से उनकी सुरक्षा और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” वडिंग ने कहा कि दुर्घटना के बारे में सुनकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने ‘एक्स' पर कहा, “राजवीर के शीघ्र स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं। वाहेगुरु उन्हें शक्ति और स्वास्थ्य प्रदान करें।” शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी गायक के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। गायक-अभिनेता गिप्पी ग्रेवाल, गायक जस बाजवा, कंवर ग्रेवाल और कुलविंदर बिल्ला सहित कई पंजाबी कलाकार राजवीर का हालचाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। लुधियाना में जन्मे राजवीर हिट गाने ‘काली जवंदे दी' से मशहूर हुए। उन्होंने कई पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय किया है।

अब बेअंत सिंह पार्क में नहीं बिकेंगे पटाखे, व्यापारियों की उम्मीदों पर पानी!

जालंधर  दीवाली का पर्व कुछ ही सप्ताह दूर है और त्यौहारी सीजन भी शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन पटाखा मार्केट लगाने के लिए सुरक्षित स्थान तय करने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। पटाखा विक्रेता नए स्थान की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस हल नहीं निकल सका है। पिछले कई वर्षों तक स्थानीय बर्ल्टन पार्क के खुले मैदान में पटाखा मार्केट लगती रही है, लेकिन अब वहां स्पोर्ट्स हब का निर्माण शुरू हो चुका है। जिस स्थान पर पहले मार्केट लगती थी, वहां स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में पिछले कई महीनों से जिला प्रशासन और पटाखा विक्रेताओं के बीच नई जगह खोजने का काम चल रहा है। इस प्रक्रिया में न तो कारोबारियों को सफलता मिली है और न ही प्रशासन कोई ठोस इंतजाम कर पाया है। प्रशासन ने पहले लायलपुर खालसा स्कूल, नकोदर रोड और लम्मा पिंड चौक स्थित चारा मंडी वाली जगह को पटाखा मार्केट के लिए चिन्हित किया था, लेकिन वहां भी सहमति नहीं बन पाई। हालांकि एक ग्रुप अभी भी लायलपुर स्कूल में छोटी मार्केट लगाने पर बजिद्द है। पटाखा कारोबारियों के बाकी तीन ग्रुप स्थानीय बेअंत सिंह पार्क में मार्केट लगाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पीएसआईईसी ने इस प्रयास को भी विफल कर दिया। संस्थान के कार्यकारी इंजीनियर ने निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से कहा कि बेअंत सिंह पार्क में पटाखा मार्केट लगाने की अनुमति न दी जाए। पत्र में बताया गया कि निगम का फायर ब्रिगेड विभाग पहले ही इस स्थान को एनओसी देने से इनकार कर चुका है।   सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पत्र में उल्लेख किया गया कि पार्क की दीवार के पास बड़े-बड़े इंडस्ट्रियल यूनिट हैं जिनमें ऑयल टैंक भी स्थित हैं। इसके अलावा पार्क के ऊपर हाई टेंशन वायर गुजर रही है, जो भविष्य में खतरा साबित हो सकती है। फोकल प्वाइंट के औद्योगिक संगठन भी इस मार्केट के प्रयासों का विरोध कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, पटाखा विक्रेताओं के प्रमुख लोग औद्योगिक प्रतिनिधियों से मिलकर मामला सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन और पटाखा विक्रेता नई जगह के लिए किस दिशा में कदम बढ़ाते हैं और आखिरकार किस स्थान पर सुरक्षित ढंग से पटाखा मार्केट लग सकेगी। अटारी बाजार और अंदरूनी क्षेत्रों में शुरू हुई पटाखों की बिक्री दीवाली के करीब आते ही जालंधर में पटाखों की बिक्री तेजी पकड़ने लगी है। बीते कई वर्षों तक बर्ल्टन पार्क में लगने वाली पटाखा मार्केट अब नए स्पोर्ट्स हब के निर्माण के कारण नहीं लग रही, जिससे कई दुकानदार अटारी बाजार और शहर के अंदरूनी इलाकों में पटाखों की बिक्री शुरू कर चुके हैं। कुछ साल पहले जालंधर में पटाखों की बिक्री का मुख्य केंद्र ही अटारी बाजार और आसपास का तंग क्षेत्र हुआ करता था। उस समय यहां लगभग 15-20 दुकानदार पटाखे स्टोर करते और बेचते थे, और आसपास के कस्बों के लोग भी इन्हें खरीदने आते थे। बाद में, जब अशोक गुप्ता जालंधर के डिप्टी कमिश्नर थे और उन्होंने पटाखों के खतरे को महसूस किया, तो उन्होंने बर्ल्टन पार्क के क्रिकेट स्टेडियम की सीढ़ियों के नीचे दुकानों में पटाखा मार्केट लगाने की व्यवस्था की। कई सालों तक पटाखा विक्रेताओं ने यहां खूब कारोबार किया और उनकी संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो गई। अब, बर्ल्टन पार्क में स्पोर्ट्स हब निर्माण के चलते नए सुरक्षित स्थान की तलाश जारी है, लेकिन दुकानदारों ने इंतजार नहीं किया। कईयों ने अटारी बाजार में ही पटाखों की बिक्री शुरू कर दी है। दुकानों पर केवल सैंपल रखे गए हैं, लेकिन ग्राहकों की मांग पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम या अन्य स्थान से सीधे सप्लाई की जा रही है। वहीं, एक होलसेलर कारोबारी ने इंडस्ट्रियल एरिया में विशाल गोदाम तैयार कर रखा है। कुछ गांवों में भी पटाखों की बिक्री देखने को मिल रही है। अब यह देखना बाकी है कि पुलिस और जिला प्रशासन इस स्थिति में क्या कदम उठाते हैं और आखिरकार पटाखा मार्केट कब और कहां सुरक्षित रूप से लगती है।

किसानों की आवाज़: बाढ़ के नुकसान के बीच क्या जवाब देगा प्रशासन?

पंजाब  पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुए बड़े नुकसान के बाद किसानों ने राज्य और केंद्र सरकार से 40,000 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण न केवल फसलें बर्बाद हुई हैं, बल्कि घरों, पशुओं और जमीन पर भी गंभीर असर पड़ा है। किसानों ने साफ किया कि वे केवल खेती का नुकसान ही नहीं, बल्कि खेत मजदूरों और जमीन-बेरोजगार परिवारों के लिए भी राहत की उम्मीद कर रहे हैं। उनकी मांग है कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए, फसलों के नुकसान की भरपाई की जाए और जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही घरों की मरम्मत, पशुधन हानि और भू-खनन से हुए नुकसान को भी राहत पैकेज में शामिल किया जाए। किसानों ने आपदा प्रबंधन में सरकार की तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि प्रशासन समय रहते कदम उठाने में नाकाम रहा, जिससे नुकसान और बढ़ गया। उनका कहना है कि अगर राहत और मुआवजे की प्रक्रिया तेजी से पूरी नहीं हुई, तो ग्रामीण इलाकों में गुस्सा और असंतोष फैल सकता है। यह मामला राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। एक ओर किसानों की उम्मीदें सरकार से जुड़ी हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के सामने चुनौती है कि राहत पैकेज समय पर और निष्पक्ष तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचे।