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मान सरकार का ऐतिहासिक कदम: ठेका प्रथा पर रोक, अब सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर मिलेंगी नौकरियां

मोहाली. पंजाब की AAP सरकार ने अलग-अलग डिपार्टमेंट में खाली पदों को भरने और सरकारी डिपार्टमेंट में सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारियों को रखने के लिए कदम उठाए हैं। महंगाई को देखते हुए नए भर्ती हुए कर्मचारियों की सैलरी भी पहले से बढ़ाई जा रही है। गौरतलब है कि 30 मई को मुख्यमंत्री भगवंत मान की लीडरशिप में हुई पंजाब कैबिनेट मीटिंग में राज्य सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म करने का अहम फैसला लिया था। इससे प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टरों की मनमानी खत्म हो गई है और नई भर्ती के तहत सरकार अपने लेवल पर सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर कर्मचारियों को रखेगी। इस तरह बिचौलियों का रैकेट भी खत्म हो गया है। सरकार के इस फैसले की हर तरफ तारीफ हो रही है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने 14 खाली पोस्ट भरने के लिए 11 मेडिकल लैब टेक्नीशियन और तीन काउंसलर की कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्ति के लिए एप्लीकेंट्स से एप्लीकेशन मंगाई हैं। डॉ. विशाल गर्ग ने बताया कि मेडिकल लैब, टेक्नीशियन और काउंसलर को हर एक को 21,000 रुपये महीने की सैलरी दी जाएगी, जबकि पहले इन पोस्ट के लिए सिर्फ़ 14,000 रुपये दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को सैलरी देने का पूरा फंड केंद्र सरकार देगी। जो लोग इच्छुक हैं, वे 15 जून तक अप्लाई कर सकते हैं। इसी तरह, डायरेक्टर जनरल ने मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया फेज़-1 में मौजूद नॉर्दर्न इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ैशन टेक्नोलॉजी में प्रिंसिपल की नियुक्ति के लिए इच्छुक लोगों से एप्लीकेशन मंगाई हैं। यह पोस्ट कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर भरी जाएगी और प्रिंसिपल को हर महीने 1,44,000 रुपये की फिक्स्ड सैलरी दी जाएगी। इस पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले लोग 25 जून तक डायरेक्टर के ऑफिस में अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। पंजाब सरकार का यह इंस्टिट्यूशन आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, जालंधर से एफिलिएटेड है। इसी तरह, पंजाब स्पोर्ट्स मेडिकल सर्विसेज़ में तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट 8, एक्यूप्रेशरिस्ट 1, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट 2, बायोमैकेनिक असिस्टेंट 13 और नर्सिंग असिस्टेंट/क्लिनिकल असिस्टेंट 1 के पद के लिए आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। उम्मीदवार एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट के साथ 22 जून तक फॉर्म भर सकते हैं। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की लिस्ट और इंटरव्यू शेड्यूल और दूसरी संबंधित डिटेल्स 25 जून तक डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएंगी। जानकारी के मुताबिक, स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट को 1 लाख 15 हजार रुपये, एक्यूप्रेशर स्पेशलिस्ट को 45 हजार रुपये, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट को 45 हजार रुपये, बायोमैकेनिक असिस्टेंट को 40 हजार रुपये और नर्सिंग असिस्टेंट/क्लिनिकल असिस्टेंट को 40 हजार रुपये एकमुश्त महीने की सैलरी दी जाएगी। गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट मानकपुर शरीफ (जिला मोहाली) को सेशन 2025-26 तक या रेगुलर इंस्ट्रक्टर का अरेंजमेंट होने तक गेस्ट फैकल्टी उम्मीदवारों को रखना है। इन कैंडिडेट्स को इलेक्ट्रीशियन 2, मैकेनिक डीज़ल 2, प्लंबर 2, फिटर 2, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशन 1, कंप्यूटर हार्डवेयर और नोट 2 वगैरह ट्रेड्स के लिए इंस्ट्रक्टर कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर रखा जाएगा और उन्हें 15 हज़ार रुपये महीने का फिक्स्ड मानदेय दिया जाएगा। ये पोस्ट टेम्पररी गेस्ट फैकल्टी बेसिस पर होंगी। इंटरेस्टेड कैंडिडेट्स अपनी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के ओरिजिनल सर्टिफिकेट और एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट 11 जून को सुबह 11 बजे गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, मानकपुर शरीफ में खुद जाकर जमा कर सकते हैं।

भगवंत मान सरकार का बड़ा स्वास्थ्य कवच, हजारों श्वास रोगियों का बिना खर्च हुआ उपचार

चंडीगढ़. पंजाब की खास मुख्यमंत्री सेहत योजना ने निमोनिया, अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (COPD) और रेस्पिरेटरी फेलियर जैसी सांस की बीमारियों के इलाज पर करीब ₹86 लाख खर्च किए हैं, जिससे राज्य भर में 3,000 से ज़्यादा मरीज़ों को फ़ायदा हुआ है। जानकारी देते हुए, हेल्थ और फ़ैमिली वेलफ़ेयर मिनिस्टर डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस स्कीम के तहत अब तक कुल 3,019 सांस से जुड़े इलाज दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, "शुरू होने के बाद से पांच महीनों में करीब 46 लाख लोगों ने हेल्थ इंश्योरेंस प्रोग्राम के तहत रजिस्टर किया है।" हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस हेल्थ कवर देने वाली यह स्कीम, समय पर मेडिकल मदद की ज़रूरत वाले मरीज़ों, खासकर आर्थिक रूप से कमज़ोर तबके के लोगों के लिए एक अहम सपोर्ट सिस्टम बनकर उभरी है। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, "अगर इलाज में देरी हो तो सांस की बीमारियां जानलेवा हो सकती हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के ज़रिए, परिवारों को अब मेडिकल इमरजेंसी के दौरान पैसे का इंतज़ाम करने की चिंता नहीं करनी पड़ती। मरीज़ कैशलेस इलाज पा सकते हैं और बिना देर किए देखभाल पा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि सांस की बीमारियां पंजाब में अस्पताल में भर्ती होने के सबसे आम कारणों में से एक हैं, खासकर मौसमी बदलावों और ज़्यादा एयर पॉल्यूशन के समय में। उन्होंने आगे कहा, "जो अक्सर खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ़ से शुरू होता है, अगर इलाज न किया जाए तो यह जल्दी ही एक गंभीर मेडिकल कंडीशन बन सकता है।" मंत्री ने कहा कि पैसे की तंगी की वजह से पारंपरिक रूप से कई परिवारों को अस्पताल जाना टालना पड़ता था, जिससे अक्सर दिक्कतें होती थीं और इलाज का खर्च बढ़ जाता था। उन्होंने आगे कहा, "2,300 से ज़्यादा प्रोसीजर और इलाज के लिए कैशलेस कवरेज उपलब्ध होने के साथ, यह स्कीम मरीज़ों को बीमारी के शुरुआती स्टेज में हेल्थकेयर पाने में मदद कर रही है।" किफ़ायती हेल्थकेयर के लिए सरकार के वादे को दोहराते हुए, डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, "यह स्कीम परिवारों पर पैसे का बोझ कम कर रही है, साथ ही समय पर मेडिकल मदद को बढ़ावा दे रही है और पूरे पंजाब में हेल्थ के नतीजों में सुधार कर रही है।" पटियाला के माता कौशल्या सरकारी हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. जोरावर सिंह ने कहा कि सांस की देखभाल में देर से हॉस्पिटल में भर्ती होना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा, "सांस की कई बीमारियों का जल्दी इलाज होने पर बेहतर असर होता है। हालांकि, मरीज़ अक्सर अपनी हालत बिगड़ने के बाद आते हैं क्योंकि परिवार पैसे का इंतज़ाम करने में मुश्किल महसूस कर रहे होते हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस इलाज इस कमी को पूरा करने में मदद कर रहा है।"

खाद्य सुरक्षा पर पंजाब सरकार सख्त, स्टेट फ़ूड कमीशन ने की ऑनलाइन समीक्षा

फरीदकोट. पंजाब स्टेट फ़ूड कमीशन के बाल मुकंद शर्मा ने आज अलग-अलग अधिकारियों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की। मीटिंग में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (RD) डॉ. संदीप मल्होत्रा ​​और अलग-अलग अधिकारी मौजूद थे। मीटिंग के दौरान उन्होंने फ़ूड सेफ्टी से जुड़े काम का रिव्यू किया। उन्होंने मीटिंग के दौरान मिली कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गलतियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी सेंटरों और स्कूलों में मौसमी सब्जियां लगाई जाएं, ताकि बच्चों की सेहत का ध्यान रखते हुए उन्हें साफ़-सुथरा खाना दिया जाए। बच्चों के खाने की समय-समय पर चेकिंग की जाए और साफ़-सफ़ाई से जुड़े कैंप भी लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सेहत, न्यूट्रिशन और फ़ूड सेफ्टी से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर गुरजीत सिंह DFSC, पवन कुमार डिप्टी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर, डिप्टी डायरेक्टर हॉर्टिकल्चर नवदीप सिंह, चमकौर सिंह फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, हरिंदर पाल शर्मा एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ऑफिसर, कुलदीप सिंह डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिस मौजूद थे।

पर्यावरण संरक्षण की ओर बड़ा कदम, श्री दुखनिवारन साहिब ने अपनाए कम्पोस्टेबल प्रसाद लिफाफे

पटियाला. वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे 2026 के मौके पर, पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (PPCB), पटियाला की लगातार कोशिशों के तहत, पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देने और प्लास्टिक के लिफाफों के सस्टेनेबल विकल्पों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए, PPCB के अधिकारियों ने श्री दुखनिवारन साहिब, पटियाला का दौरा किया और गुरुद्वारा मैनेजमेंट से मुलाकात की ताकि कड़ाह प्रसाद के डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रांसपोर्टेशन के लिए प्लास्टिक के लिफाफों के बजाय कम्पोस्टेबल लिफाफों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा सके। श्री दुखनिवारन साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी प्रणाम सिंह ने पटियाला के लोगों से प्लास्टिक के लिफाफों का इस्तेमाल न करने और गुरुद्वारे से कड़ाह प्रसाद ले जाने के लिए बायोडिग्रेडेबल लिफाफे दान करने और इस्तेमाल करने की अपील की। श्री दुखनिवारण साहिब के मैनेजर भाग सिंह ने भी हेड ग्रंथी की इस अपील का सपोर्ट किया और संगत से सिख गुरुओं की शिक्षाओं के अनुसार पर्यावरण को बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से बचकर और सस्टेनेबल विकल्प अपनाकर पर्यावरण बचाने में मदद की जा सकती है, जैसा कि श्री हरमंदिर साहिब (श्री दरबार साहिब), अमृतसर में किया जा रहा है। इसके बाद, जागरूकता कैंपेन के तहत, ज्ञानी प्रणाम सिंह, भाग सिंह और PPCB अधिकारियों ने गुरुद्वारे में आने वाली संगत को कम्पोस्टेबल लिफाफे बांटे। इस मौके पर गुरकरण सिंह, एनवायरनमेंटल इंजीनियर, PPCB; नवतेश सिंगला, एनवायरनमेंटल इंजीनियर, PPCB; दविंदर सिंह, JE; और डॉ. गुरशगन कंधोला, सीनियर फेलो, PPCB मौजूद थे।

बीच ऑफिस में युवती पर हमला, मोहाली की घटना ने दहलाया; CCTV फुटेज आया सामने

मोहाली पंजाब के मोहाली में एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई है। यह एक शख्स ने बीच ऑफिस में काम कर रही महिला पर चाकू से बेरहमी से गोद कर मार डाला। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। खबरें हैं कि आरोपी ब्रेक अप से परेशान था और इसलिए युवती की हत्या जैसा जघन्य अपराध किया। हमले के बाद आरोपी ने खुद की भी जान लेने की कोशिश की थी। पहले रिलेशनशिप फिर ब्रेक अप गुरुवार को मोहाली स्थित एक निजी कंपनी में यह हत्याकांड हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी की पहचान हरजिंदर सिंह मान उर्फ हैरी के तौर पर हुई है। उसकी उम्र 39 साल बताई जा रही है। जबकि, पीड़िता 30 वर्षीय डिंपल थीं और पटियाला की रहने वाली थीं। खबर है कि दोनों 3 सालों से ज्यादा समय तक रिलेशन में रहे, लेकिन बाद में अलग हो गए थे। क्या थी वारदात की वजह इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि हरजिंदर ब्रेक अप से उबरने में परेशानी का सामना कर रहा था। कहा जा रहा है कि उसने कई मौकों पर डिंपल के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने और सुलह की भी कोशिशें की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं का कहना है कि वह सुलह करने में असफल था, जिसके चलते परेशान हो गया था। अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों के बीच दफ्तर में झगड़ा भी हुआ था। जमकर हुई बहस के बाद हैरी ने कथित तौर पर डिंपल पर चाकू से वार करना शुरू कर दिया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवती सीट पर बैठकर काम कर रही है और उस समय अचानक युवक पीछे से आता है और चाकू से हमला करना शुरू कर देता है। बीच ऑफिस में मारा वीडियो में नजर आ रहा है कि चाकू के शुरुआती वार झेलने के बाद युवती भागकर ऑफिस के बीच पहुंच गई थी, जहां गेट के पास आरोपी ने उसे फिर पकड़ लिया और अटैक करने लगा। इस दौरान युवती बचने का प्रयास कर रही थी और आसपास लोगों की भीड़ भी बचाने के लिए पहुंच गई थी, लेकिन आरोपी ने चाकू का डर दिखाकर सभी को हटा दिया। खुद को मारने की कोशिश इस हत्याकांड के बाद हैरी ने खुद को भी मारने की कोशिश की थी। हमले से घबराएं कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो दोनों गंभीर हालत में पाए गए थे। उन्हें फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद डिंपल को मृत करार दे दिया या। वहीं, हरजिंद का इलाज जारी है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बर्फबारी देखने वालों के लिए नई गाइडलाइन, बेंगलुरु के 8 पर्यटकों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट

भरमौर हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल साच पास (सचे जोत) जाने वाले टूरिस्टों के लिए प्रशासन ने समय सीमा निर्धारित की है। अब दोपहर 12 बजे के बाद बैरागढ़ चेक पोस्ट से किसी भी टूरिस्ट व्हीकल को साच पास की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।  प्रशासन का यह कदम बीते सप्ताह हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद लिया गया। साच पास जाते वक्त बेंगलुरु से आए टूरिस्ट की कार कालाबन के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें तीन बच्चों सहित आठ टूरिस्ट की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने साच पास मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है साच पास साच पास समुद्र तल से लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां आसमान में बादल छाते ही बर्फबारी शुरू हो जाती है और तेजी से मौसम बदलता है। दोपहर बाद अक्सर घना कोहरा, तेज हवाएं और तापमान में अचानक गिरावट देखने को मिलती है, जिससे वाहन चलाना जोखिमपूर्ण हो जाता है। विशेषकर शाम और रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। बर्फ देखने साच पास जाते हैं टूरिस्ट साच पास में इन दिनों टूरिस्ट बर्फ देखने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ती पर्यटन गतिविधियों के बीच प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। प्रशासन ने एडवाइजरी का पालन करने की अपील की प्रशासन ने पर्यटकों से सुबह के समय यात्रा शुरू करने, मौसम की ताजा जानकारी लेने और निर्धारित समय सीमा का पालन करने की अपील की है। साथ ही वाहन चालकों को पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  

सीमा पार से संचालित था तस्करी नेटवर्क, अमृतसर में ड्रग्स-हथियार मॉड्यूल का भंडाफोड़

अमृतसर  अमृतसर देहाती पुलिस आज केंद्रीय एजेंसी के साथ मिलकर बड़े नशा और हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। खुफिया सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने 1 किलो 128 ग्राम हेरोइन और पाकिस्तान निर्मित .30 बोर के 3 पिस्तौल बरामद किए। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह मॉड्यूल सीमा पार बैठे तस्करों के निर्देश पर पंजाब में नशा और हथियारों की आपूर्ति कर रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपए है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, सप्लायरों और स्थानीय संपर्कों की पहचान करने में लगी हैं। मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। इस कार्रवाई को पंजाब में नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ चल रही मुहिम की बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह हेरोइन लोपोके थाना के अंतर्गत एरिया में पड़ी मिली थी। नेटवर्कों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि राज्य को नशा मुक्त बनाने और अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सीमा पार से संचालित ऐसे नेटवर्कों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की गहन जांच जारी है, और आने वाले दिनों में इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े और खुलासे होने की संभावना है।  

सचिवालय धमकी मामले में बड़ी कार्रवाई: पश्चिम बंगाल का आरोपी दबोचा, मोबाइल-लैपटॉप खंगाल रही पुलिस

चंडीगढ़  जाब सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने पश्चिम बंगाल निवासी एक युवक को वीरवार रात गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, मामले में थाना सेक्टर-3 में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान धमकी भरा ईमेल भेजने के आरोप में सौरव बिस्वास की गिरफ्तारी की गई। उसके खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पश्चिम बंगाल में रहता आरोपी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के पल्ली बाजार, गोबिंद पल्ली निवासी सौरव बिस्वास ने पंजाब सिविल सचिवालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर बम धमाके की धमकी वाला ईमेल भेजा था। ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अलर्ट हो गईं तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच, ईमेल ट्रैकिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने धमकी भरा ईमेल किस मकसद से भेजा था। इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। पूछताछ में होगा खुलासा गिरफ्तारी के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपी सौरव बिस्वास को स्थानीय अदालत में पेश किया। मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने आरोपी का रिमांड मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से यह जानने का प्रयास करेगी कि उसने पंजाब सिविल सचिवालय को धमकी भरा ईमेल क्यों भेजा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ईमेल भेजने के पीछे आरोपी का मकसद क्या था और क्या उसने यह काम अकेले किया या किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि धमकी वाला ईमेल किस डिवाइस और इंटरनेट कनेक्शन से भेजा गया था तथा कहीं इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क या अन्य सहयोगी तो नहीं हैं। रिमांड के दौरान आरोपी से उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप तथा अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जांच की जा रही है। कई संस्थाओं को मिल चुकी धमकियां चंडीगढ़ में सरकारी और निजी स्कूलों, पासपोर्ट कार्यालय, पंजाब सचिवालय, चंडीगढ़ जिला अदालत, सेक्टर-17 बस स्टैंड, चंडीगढ़ नगर निगम तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, हर बार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई गहन जांच के दौरान किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। जांच में अब तक अधिकांश धमकियां अफवाह या फर्जी साबित हुई हैं।

तरुण चुघ को राज्यसभा भेजकर BJP ने चला बड़ा दांव, 2027 चुनाव की रणनीति के संकेत

चंडीगढ़  बीजेपी ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को नामित किया है। पार्टी का यह फैसला पंजाब की राजनीति में दूरगामी असर वाला माना जा रहा है।  हाल ही में पंजाब भाजपा में हुए संगठनात्मक बदलाव और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच इस निर्णय को पार्टी की व्यापक राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हिंदू नेतृत्व को प्रतिनिधित्व राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा ने इस फैसले के जरिए एक साथ कई संदेश देने की कोशिश की है। एक ओर जाट सिख चेहरे के रूप में केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है तो दूसरी ओर हिंदू नेतृत्व को प्रतिनिधित्व देने के लिए तरुण चुघ को राज्यसभा भेजा गया है।  भाजपा की नई रणनीति पंजाब की सामाजिक संरचना को देखते हुए इसे जातीय और राजनीतिक संतुलन बनाने की रणनीति माना जा रहा है। अकाली दल से अलग होने के बाद भाजपा लगातार ग्रामीण क्षेत्रों, जाट सिख समुदाय, दलित वर्ग और नए सामाजिक समूहों में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है। केवल सिंह ढिल्लों और तरुण चुघ की नई भूमिकाएं उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं। पुराने कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं में भी इस फैसले को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। छात्र राजनीति से राष्ट्रीय संगठन तक पहुंचे चुघ को लंबे समय से संगठन में सक्रिय और वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध नेता माना जाता है। ऐसे में पार्टी ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि संगठन के प्रति निष्ठा और लंबे योगदान को भी महत्व दिया जाता है। 

कई मौके मिले, फिर भी नहीं पास कर सके परीक्षा; दो PCS अफसरों को मूल विभाग में भेजा गया

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने अनिवार्य विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाने पर दो पीसीएस अफसरों प्रोमिला और अमरदीप सिंह को पदोन्नति के बाद पदावनत कर दिया है।  सामान्य प्रशासन विभाग में निजी सचिव रह चुकीं प्रोमिला को फरवरी 2021 में पीसीएस पद पर प्रमोट किया गया था, जबकि जिला राजस्व अधिकारी रहे अमरदीप सिंह को सितंबर 2022 में यह पदोन्नति मिली थी। अब उन्हें अपने मूल विभागों में पुराने पदों पर सेवाएं देनी होंगी। मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में दोनों अफसरों को अपने पुराने पदों पर सेवाएं देने के आदेश दिए गए हैं। पंजाब के कार्मिक विभाग ने अफसरों समेत अन्य संबंधित विभागों को भी आदेशों की प्रतियां भेज दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में बताैर निजी सचिव कार्यरत प्रोमिला को फरवरी 2021 में पीसीएस के पद पर प्रमोशन दी गई थी। संबंधित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना था जरूरी नियमानुसार महिला अफसर को अपनी सेवाओं के एक से डेढ़ वर्ष के भीतर सिविल सेवा (विभागीय परीक्षा) नियम, पंजाब- 2014 के नियम 4(4) के तहत संबंधित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी था। इसके लिए उन्हें अगस्त 2021, फरवरी 2022, अक्तूबर 2022 और मई 2023 में चार माैके दिए गए मगर चारों परीक्षाओं में वे उत्तीर्ण नहीं हो पाईं।  इतना ही नहीं महिला अफसर को परीक्षा पास करने के लिए दिसंबर 2023 और जून 2024 में दो मर्सी चांस भी दिए गए। इस दौरान उन्हें यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि इसके बाद उन्हें अन्य अवसर नहीं मिलेगा मगर दोनों मर्सी चांस में भी महिला अफसर उत्तीर्ण नहीं हो पाईं। लिहाजा महिला अफसर को अब तत्काल प्रभाव से अपने मूल सामान्य प्रशासन विभाग में रिपोर्ट करने का निर्देश दे दिया गया है। चार बार परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे अफसर अन्य अफसर अमरदीप सिंह को सितंबर 2022 में बतौर पीसीएस पदोन्नत किया गया था। उन्हें भी नियुक्ति के एक से डेढ़ साल के भीतर इसके लिए अनिवार्य परीक्षा पास करनी थी। इसके लिए उन्हें अक्तूबर 2022, मई 2023, दिसंबर 2023 और जुलाई 2024 में चार मौके दिए गए मगर हैरत की बात यह कि इन चारों मौकों पर संबंधित अफसर परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे। पीसीएस पद पर प्रमोट होने से पहले वे राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग में बतौर जिला राजस्व अधिकारी के पद पर तैनात थे। लिहाजा उन्हें भी अब अपने मूल विभाग में रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं। उनके आदेश पत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी ड्यूटी में लापरवाही करने पर उन्हें मुअत्तल (निलंबित) भी किया गया था।