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बस हादसे से दहला फतेहगढ़ साहिब: 8 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने व्यक्त किया गहरा दुख

फतेहगढ़ साहिब. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फतेहगढ़ साहिब हादसे पर दुख प्रगट किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वास्थ होने की कामना की है। घटना स्थल पर पहुंचे एसडीएम व अन्य अधिकारियों का ग्रमीणों ने किया विरोध। ग्रामीणों ने हादसे के लिए खस्ताहाल सड़कों को जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बैसाखी पर्व पर श्री आनंदपुर साहिब माथा टेक कर लौट रही संगत की बस मंगलवार देर रात फतेहगढ़ साहिब के गांव भटेड़ी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। दो गंभीर घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चला है। बस्सी पठाना तहसील के गांव मैण माजरी की संगत बैसाखी के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब गई थी। संगत में गांव डडयाना, माजरा और शेरगढ़ बाड़ा के लोग भी शामिल थे। सभी श्रद्धालु मैण माजरी के गुरुद्वारा साहिब की पालकी वाली बस में सवार होकर देर रात लौट रहे थे। गांव मैण माजरी से करीब 3 किलोमीटर पहले गांव भटेड़ी के पास बस अचानक हादसे का शिकार हो गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।

बड़ा फेरबदल: चंडीगढ़ में 14 HCS-PCS अधिकारियों का ट्रांसफर, कई विभागों में बदलाव

चंडीगढ़. चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कई अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल किया है। लिस्ट में 14 अधिकारियों के नाम शामिल है। मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, पीसीएस (PCS), एचसीएस (HCS) और डैनिक्स (DANICS) कैडर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन अधिकारियों को मिले ये महत्वपूर्ण विभाग अखिल कुमार (DANICS): एडिशनल सेक्रेटरी (एस्टेब्लिशमेंट), एडिशनल सेक्रेटरी (हाउस अलॉटमेंट कमेटी) और डायरेक्टर (फूड एंड सप्लाई)। अमित कुमार (DANICS): एडिशनल सेक्रेटरी (कोऑर्डिनेशन), एडिशनल सेक्रेटरी (होम/प्रोटोकॉल और जेल) और एडिशनल सेक्रेटरी (पर्सनल)। प्रदुमन सिंह (HCS): एडिशनल आबकारी एवं कराधान आयुक्त (Excise & Taxation Commissioner), डायरेक्टर (इंडस्ट्रीज) और सचिव (RERA)। राधिका सिंह (HCS): डायरेक्टर (हायर एजुकेशन), डायरेक्टर (सोशल वेलफेयर) और एमडी (चंडीगढ़ एससी/बीसी एवं अल्पसंख्यक वित्त निगम)। सौरभ कुमार अरोड़ा (PCS): डायरेक्टर (स्पोर्ट्स), जॉइंट सेक्रेटरी (एक्साइज एंड टैक्सेशन) और डायरेक्टर (आयुष)।नीतीश सिंगला (PCS): डायरेक्टर (स्कूल एजुकेशन), जॉइंट सेक्रेटरी (लेबर) और सचिव (स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी)। अविकेश गुप्ता (PCS): आरएलए (RLA), डायरेक्टर (ट्रांसपोर्ट-कम-डिविजनल मैनेजर CTU) और जॉइंट सेक्रेटरी (हाउसिंग)। बलबीर राज सिंह (PCS): जॉइंट आईजी (प्रिज़न), सुपरिंटेंडेंट (मॉडल जेल) और जॉइंट कमिश्नर (नगर निगम)। पालिका अरोड़ा (PCS): डायरेक्टर (टेक्निकल एजुकेशन) और मिशन डायरेक्टर (स्किल डेवलपमेंट)। डॉ. इंदर जीत (HCS): जॉइंट कमिश्नर (नगर निगम) और एडिशनल सीईओ (चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी)। पवित्र सिंह (PCS): एसडीएम (ईस्ट) और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर-I। नवीन (DANICS): डायरेक्टर (एग्रीकल्चर), डायरेक्टर (टूरिज्म) और डायरेक्टर (कल्चरल अफेयर्स)। खुशप्रीत कौर (DANICS): एसडीएम (सेंट्रल) और लैंड एक्विजिशन ऑफिसर। राजीव तिवारी (DC F&A): डायरेक्टर (पब्लिक रिलेशंस) और डायरेक्टर (हॉस्पिटैलिटी)। प्रशासनिक तालमेल के लिए बदलाव यह आदेश चंडीगढ़ प्रशासन में पीसीएस अधिकारियों ( अविकेश गुप्ता और  बलबीर राज सिंह) के शामिल होने के बाद जारी किया गया है। नए अधिकारियों की ज्वाइनिंग के साथ ही विभागों का बंटवारा नए सिरे से किया गया है ताकि शहर के विकास कार्यों और प्रशासनिक सेवाओं में तेजी लाई जा सके। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपना नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

श्री अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत, J&K और PNB बैंकों के बाहर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जालंधर    शिव भक्तों के लिए खुशखबरी है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। पहले ही दिन सुबह से विभिन्न बैंकों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अनुमान है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। इसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण कर सकते हैं। इन दो मार्गों से कर सकेंगे यात्र पहलगाम मार्ग: इस रास्ते की चढ़ाई अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन समय अधिक लगता है, जिसकी दूरी लगभग 46 किमी है। बालटाल मार्ग: यह रास्ता छोटा है , करीब 14 किमी है, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी कठिन मानी जाती है। रजिस्ट्रेशन के लिए अपनाएं ये प्रक्रिया श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण करा सकते हैं: ऑनलाइन माध्यम: भक्त श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए फोटो और हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऑफलाइन माध्यम: देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। यहाँ 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर परमिट जारी किए जाते हैं। शुल्क: प्रति व्यक्ति पंजीकरण शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है। अनिवार्य दस्तावेज और स्वास्थ्य नियम यात्रा की दुर्गमता को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं:     यात्रियों के पास 8 अप्रैल 2026 के बाद अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया 'अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र' (CHC) होना चाहिए।     केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही यात्रा कर सकते हैं।     6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।     रजिस्ट्रेशन के बाद जम्मू या कश्मीर के निर्धारित केंद्रों से RFID कार्ड लेना अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश द्वार (चंदनवाड़ी या डोमेल) से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। जम्मू में आठ स्थानों पर होगा यात्रा का पंजीकरण श्री अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार से ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत हो जाएगी। शहर में आठ स्थानों पर यात्रा के लिए पंजीकरण लोग करा सकेंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बैंक शाखाओं में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। जम्मू शहर में जेके बैंक की बख्शी नगर रेजीडेंसी रोड, अखनूर रोड और गांधी नगर गोल मार्केट, छन्नी हिम्मत शाखा में। एसबीआई की हरी मार्केट शाखा में। यहां भी होगा पंजीकरण     कठुआ में कॉलेज रोड स्थित पीएनबी शाखा, जेके बैंक की मुख्य बाजार स्थित बिलावर शाखा     किश्तवाड़ में बस स्टैंड के पास शाहीन कॉम्पलेक्स जेके बैंक और जेके बैंक ऊं मेहता रोड     पुंछ में मुख्य बाजार गुरुद्वारा सिंह सभा जेके बैंक     रामबन मेन बाजार जेके बैंक, बटोत थाने के सामने जेके बैंक और एसबीआई बैंक     राजोरी मेन बाजार जेके बैंक और सुंदरबनी मेन बाजार जेके बैंक     रियासी में कटड़ा अंबिका होटल पीएनबी शाखा, मेन बाजार पीएनबी, बस स्टैंड कटड़ा जेके बैंक     सांबा में नैनीताल हाईवे वार्ड नंबर दो पीएनबी, नेशनल हाईवे स्थित एसबीआई बैंक     श्रीनगर में करन नगर गोल मार्केट जेके बैंक     उधमपुर में कोर्ट परिसर के सामने जेके बैंक मेन ब्रांच शिव नगर जेके बैंक शाखा     डोडा में तहसील भद्रवाह सेरी बाजार जेके बैंक, डीसी कार्यालय के समीप एसबीआई     अनंतनाग में सीआरपीएफ कैंप के समीप मेन मीर बाजार जेके बैंक     पुलवामा में पुलवामा हॉल जेके बैंक

श्रद्धालुओं से भरी बस श्री आनंदपुर साहिब से लौटते समय पलटी, 6 की मौत, कई घायल

श्री आनंदपुर साहिब  बैसाखी के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब के दर्शन करके लौट रही संगत की बस फतेहगढ़ साहिब में पलट जाने से बड़ा हादसा हो गया। दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत उक्त हादसा बस्सी पठाना में देर रात हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, चुन्नी-मोरिंडा रोड पर गांव मैन माजरी के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे के समय बस में 35 से 40 श्रद्धालु सवार थे। बताया जा रहा है कि बस पलटने से हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए और बड़ी मुश्किल से श्रद्धालुओं को बस से बाहर निकाला। बेकाबू होकर खंभे से टकरा गई बस, करंट से झुलसे ये हादसा मंगलवार रात करीब 10 बजे बस्सी पठाना के मोरिंडा-चुन्नी रोड पर हिम्मतपुरा गांव के पास हुआ। बस में सवार श्रद्धालु मेन माजरी के रहने वाले थे। वह बैसाखी पर श्री आनंदपुर साहिब से माथा टेककर लौट रहे थे। बस में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण वह बेकाबू होकर खंभे से टकरा गई। बस पलटने के बाद बस के पलटने के बाद उसमें अचानक करंट आ गया। मौके पर चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। फतेहगढ़ साहिब के एसएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि हादसा रात 9:30 से 10 बजे के बीच हुआ। शुरुआती जांच में बस के किसी हिस्से में खराबी की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे लगे खंभे से जा सड़क किनारे लगे खंभे से जा टकराई है। उन्होंने बताया कि पुलिस और राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घायलों को मोरिंडा और फतेहगढ़ साहिब अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मंजिल के करीब ही हुआ हादसा बैसाखी के दिन बस्सी पठाना इलाके से श्रद्धालुओं का एक जत्था आनंदपुर साहिब दर्शन करने गया था। मैन माजरा में जहां श्रद्धालुओं ने उतरना था वो सिर्फ 1.5 किलोमीटर की दूरी पर था। इस से पहले ही भीषण हादसा हो गया। जिसमें 6 लोगों की जान चली गई और कई लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए पहुंचाया अस्पताल इसके बाद लोगों ने निजी वाहनों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। घायलों को सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब, बसी पठाना और मोरिंडा के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। घायलों को निकालने में स्थानीय लोगों ने भी मदद की। फिलहाल, हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बस के अनियंत्रित होने की वजह पता लगाने की कोशिश जारी है। वैसाखी जैसे खुशी के पर्व पर हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। श्रद्धालुओं के परिवारों में शोक का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।

Punjab Scheme: महिलाओं को ₹1500 महीना देगी सरकार, जानिए किन 3 डॉक्यूमेंट्स से होगा रजिस्ट्रेशन

जालंधर.  बाबा साहिब अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर एक निर्णायक कल्याण अभियान की शुरुआत करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब में लगभग हर महिला के सशक्तिकरण के लिए एक योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत प्रदेश भर की महिलाओं को 1000 से 1500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना को बाबा साहिब अंबेडकर के सामाजिक न्याय और समानता के दृष्टिकोण के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताते हुए, मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का शुभारंभ किया, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाएं केवल तीन दस्तावेजों के साथ इस योजना का लाभ ले सकती हैं, जबकि कैंपों और सहायक स्टाफ के एक विशाल नेटवर्क के माध्यम से महिलाओं को उनके घर पर ही सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। यह योजना पहले 9 हलकों में शुरू की जाएगी और 15 मई से इसका विस्तार शेष 108 हलकों में किया जाएगा। योजना का भुगतान जुलाई से शुरू होगा और रजिस्ट्रेशन के लिए कोई समय सीमा नहीं होगी। इससे प्रत्येक पात्र महिला को लाभ की गारंटी प्रदान की गई है, चाहे वह कभी भी रजिस्ट्रेशन करवाए। 26,000 रजिस्ट्रेशन केंद्रों और हर गांव और वार्ड में तैनात समर्पित 'महिला सतिकार सखियों' के साथ, इस योजना को बड़े पैमाने पर लागू करने, बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने और निश्चितता प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है, जो इसे देश में महिलाओं के लिए सबसे व्यापक प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता पहलों में से एक बनाती है। 15 मई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन वरिष्ठ 'आप' नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि यह योजना पायलट आधार पर आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती सहित 9 हलकों में शुरू की गई है। उन्होंने कहा, "शेष 108 हलकों में महिलाओं के लिए रजिस्ट्रेशन 15 मई से शुरू होगा। जुलाई 2026 से 1000 या 1500 रुपये का मासिक भुगतान शुरू होगा।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महिलाओं को पहुंच के बारे में आश्वस्त करते हुए कहा, "पंजीकरण के लिए कोई समय सीमा नहीं है और महिलाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे 15 अप्रैल, 15 मई या 15 अगस्त को पंजीकरण करवाएं।" उन्होंने आगे कहा कि देर से पंजीकरण करवाने से लाभों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा, "उन्हें जुलाई के बाद अपना पूरा भुगतान मिलेगा, इसलिए चाहे वे सितंबर के अंत में पंजीकरण करवाएं, फिर भी उन्हें तीन महीने यानी जुलाई, अगस्त और सितंबर के लिए पूरा भुगतान मिलेगा।" ये दस्तावेज जरूरी दस्तावेज प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए सीएम मान ने कहा, "पंजीकरण के लिए केवल तीन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जिनमें पंजाब के पते वाला आधार, पंजाब का वोटर आईडी और बैंक पासबुक शामिल है। अनुसूचित जातियों की महिलाओं के मामले में अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र भी आवश्यक है।" जाति प्रमाण पत्र की कमी वाली महिलाओं की चिंताओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मैं जानता हूं कि मेरी कई अनुसूचित जातियों की बहनों और माताओं के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है, लेकिन उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है और उन्हें अपने जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना चाहिए।" उन्होंने कहा कि अगर इसमें समय लग रहा है तो भी चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे प्रमाण पत्र के बिना भी इस योजना के तहत पंजीकरण कर सकते हैं और 1000 रुपये मासिक प्राप्त करना शुरू कर सकते हैं। जब भी उनका प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, राज्य सरकार उन्हें जुलाई से 500 रुपये प्रति माह के बकाए का भुगतान करेगी। इस संबंध में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।" मुख्यमंत्री ने व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर एक पहुंच विधि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 8 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं की 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने और पंजीकरण प्रक्रिया में उनकी मदद करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर के हर गांव और वार्ड में महिला सतिकार सखियों को तैनात किया जाएगा।" क्या होगा प्रोसीजर? मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "एक बार जब वे अपना पंजीकरण फॉर्म भर लेते हैं और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार हो जाते हैं, तो वे अपने नजदीकी पंजीकरण केंद्र पर जा सकते हैं और वहां फॉर्म जमा करवा सकते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने व्यापक बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा, "यह सुनिश्चित करने के लिए कि महिलाओं को पंजीकरण में कोई कठिनाई न हो, पंजाब सरकार द्वारा 26,000 से अधिक स्थानों पर पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसमें सभी आंगनवाड़ी केंद्र, सभी सेवा केंद्र और शहरी क्षेत्रों में सभी नगर निगम/समिति कार्यालय शामिल हैं।" इस योजना के लाभों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना हर वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये का नकद लाभ सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनके विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी।" उन्होंने इस पहल के पैमाने पर और जोर देते हुए कहा, “इस योजना के तहत महिलाओं के एक सीमित वर्ग को छोड़कर लगभग उन सभी महिलाओं को कवर किया जाएगा, जो 18 साल और उससे अधिक उम्र की हैं। इसलिए इस योजना से 97 फीसद से अधिक महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है, जो इसे देश में सबसे व्यापक महिला-पक्षधर सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बनाती है।”

बैसाखी पर खास आयोजन: गुरुद्वारा भगत धन्ना जी में पहली बार महोत्सव, भारी भीड़

चंडीगढ़. बैसाखी और खालसा पंथ के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को पटियाला के गांव लाछड़ू खुर्द (घन्नौर) में एक नई परंपरा का आगाज हुआ। यहां स्थित गुरुद्वारा साहिब भगत धन्ना जी में पहली बार भव्य बैसाखी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें घन्नौर और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में पहुंची संगत ने अपनी हाजिरी दर्ज करवाई। पूरा वातावरण 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों और गुरबाणी के स्वर से आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। खालसा पंथ के स्थापना दिवस को समर्पित इस विशेष समागम में पंथ के प्रसिद्ध रागी और ढाडी जत्थों ने हाजिरी भरी। इंटरनेशनल पंथक ढाडी जत्थे के ज्ञानी लखविंदर सिंह रजौली (अंबाला) ने जोश भरे अंदाज में खालसा पंथ के गौरवशाली इतिहास को संगत के साथ साझा किया। वहीं, श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई शुभदीप सिंह ने मधुर गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं को गुरु चरणों से जोड़ा। विभिन्न रागी जत्थों द्वारा प्रस्तुत कीर्तन ने वहां मौजूद संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। सेवा और प्रबंधन का दिखा अनूठा संगम महोत्सव की सफलता के पीछे समाजसेवी भगत सिंह और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। पहली बार आयोजित इस बड़े स्तर के कार्यक्रम को लेकर गांव में खासा उत्साह था। भगत सिंह ने बताया कि हजारों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि किसी को असुविधा न हो। समागम के दौरान गुरु का लंगर अटूट वितरित किया गया और सेवादारों ने पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं निभाईं। कार्यक्रम के समापन पर अरदास की गई, जिसमें सरबत के भले (विश्व कल्याण) की कामना की गई। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक बल्कि सामुदायिक सौहार्द का भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया।

लुधियाना में पति की हैवानियत: पत्नी के प्राइवेट पार्ट में डाली बीयर की बोतल, बेडरूम के हिडन कैमरे में कैद हुई दरिंदगी

लुधियाना पंजाब के लुधियाना से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पति पर अपनी पत्नी के साथ कई सालों तक जबरदस्ती अवैध  संबंध बनाने का आरोप लगा है. पीड़िता ने बताया कि वह कई सालों तक इस अत्याचार को सहती रही है. लेकिन जब पति की इस दरिंदगी से परेशान हो कर उसने इसका विरोध करना शुरू किया तो पति ने उसे मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया।  महिला ने कहा कि जब भी वह घर के खर्च और बच्चों की स्कूल फीस के लिए पैसे मांगती थी, तो उसका पति उसे मजबूर करता था कि वह उसकी बात माने. इस तरह वह अपने आर्थिक जरूरतों का फायदा उठाकर लगातार शोषण करता था।  महिला ने पुलिस से क्या कहा? महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी करीब 18 साल पहले हुई थी. शुरुआती कुछ वर्षों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन वर्ष 2013 के बाद पति के व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगा. वह उसे जबरन अप्राकृतिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने लगा और विरोध करने पर शारीरिक हिंसा करता था. पीड़िता ने समाज और अपने दो बेटों के भविष्य को देखते हुए लंबे समय तक यह सब सहन किया, लेकिन अत्याचार लगातार बढ़ते ही गए।  पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति उसकी मजबूरी का फायदा उठाता था. जब भी वह घर के खर्च या बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे मांगती, तो आरोपी अपनी घिनौनी शर्तें सामने रखता. इनकार करने पर उसे बेरहमी से पीटा जाता था. हालात इतने बिगड़ गए कि 6 अप्रैल की रात को आरोपी ने नशे की हालत में अपनी पत्नी के साथ बर्बरता की हद पार कर दी. उसने मारपीट करने के साथ-साथ महिला के निजी अंगों में बीयर की बोतल डाल दी. दर्द से तड़पती महिला की चीखें भी उसे नहीं रोक सकीं।  महिला ने जुटाए सबूत लंबे समय से जारी इस अत्याचार से तंग आकर महिला ने साहस दिखाया और सबूत जुटाने का फैसला किया. उसने अपने कमरे में पर्दे के पीछे मोबाइल कैमरा छिपाकर पति की करतूतों को रिकॉर्ड कर लिया. यह कदम उसके लिए निर्णायक साबित हुआ. अगले दिन, जब आरोपी ने उसे घर से बाहर निकाल दिया तो वह घायल अवस्था में अपने मायके पहुंची. वहां से अस्पताल में इलाज कराने के बाद उसने थाना दुगरी में शिकायत दर्ज कराई।  पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. उसे अदालत में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है. साथ ही, पीड़िता की मेडिकल जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. यह मामला समाज में घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।  विरोध करने पर बढ़ी क्रूरता पीड़िता के मुताबिक, पति ने हैवानियत की सारी हदें तब पार कर दीं, जब उसने अपनी पत्नी के प्राइवेट पार्ट में बीयर की खाली बोतल डाल दी. पति ने बोतल को लगभग एक मिनट तक उसके प्राइवेट पार्ट में डाले रखा. पत्नी चीखती रही लेकिन बेरहम आदमी को बिल्कुल तरस नहीं आया।  आखिरकार जब महिला यह सब सहन नहीं कर पाई, तो उसने इसके खिलाफ विरोध करना शुरू कर दिया. इसके बाद आरोपी पति ने उसे बुरी तरह पीटा और घर से बाहर निकाल दिया. जख्मी हालत में महिला अपने छोटे बेटे के साथ अपने माता-पिता के घर गई, जहां उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।  पुलिस में दर्ज कराई शिकायत  इस घटना के बाद पीड़िता ने दुगरी पुलिस स्टेशन में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हमला और बलात्कार की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।  महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पास पति द्वारा किए गए अत्याचारों के कुछ वीडियो भी हैं, जिन्हें वह सबूत के तौर पर जमा कराएगी जिससे उसके पति की हरकतों का पर्दाफाश होगा।  शादी के बाद से ही जारी था अत्याचार पीड़िता ने पुलिस को अपनी शिकायत में कहा कि उसकी शादी साल 2008 में हुई थी और शादी के पहले दिन से ही उसका पति उसे शारीरिक और मानसिक तौर पर परेशान कर रहा था. उसने यह भी आरोप लगाया कि साल 2013 से पति उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ अवैध सबंध बनाता रहा. जब वह इनकार करती थी तो वह उसे पीटता था. पीड़िता बार-बार मना करती रही लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। 

Punjab Assembly Update: बेअदबी के खिलाफ नया कानून, स्पीकर कुलतार संधवां ने बढ़ाया कदम

पटियाला/समना. पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां आज समना में चल रहे धर्म युद्ध मोर्चा में पहुंचे। इस मौके उन्होंने गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी को लेकर नए प्रस्तावित बिल के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह गुरु का कानून है जिसका संदेश पूरी दुनिया से अलग है। यह संदेश सभी का सम्मान करने की शिक्षा देता है। संधवां ने कहा कि उन्होंने यहां अपने पिछले दौरे में कहा था कि वह सरकारी बिल की कापी लेकर आएंगे और उन्होंने आज यह वादा पूर्ण किया है। बहरहाल धर्म युद्ध मोर्चा के संयोजकों का कहना है कि जब तक इस बिल को राज्यपाल से स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक टावर पर चढ़े बाबा गुरजीत सिंह फौजी नीचे नहीं उतरेंगे और यह मोर्चा जारी रहेगा। न्याय और रोकथाम के प्रति प्रतिबद्धता बेअदबी के संवेदनशील मुद्दे पर बोलते हुए संधवां ने कहा कि पिछली घटनाओं ने सिख संगत के मन में गहरा दुख पैदा किया है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और कड़े कानूनी प्रावधानों की आवश्यकता है।” जांच की स्थिति स्पीकर ने बताया कि: लगभग सभी मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। एक मामले को छोड़कर बाकी सभी में चालान अदालत में पेश किए जा चुके हैं। मामले अब न्यायालय में विचाराधीन हैं। आलोचकों को जवाब एसजीपीसी द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर पूछे जाने पर संधवां ने कहा कि अतीत में इन मुद्दों को सुलझाने के लिए उनके पास पर्याप्त अवसर थे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान न्याय नहीं दिलाया, उन्हें अब मौजूदा प्रयासों में बाधा डालने का अधिकार नहीं है। एकता की अपील अंत में, स्पीकर ने आशा व्यक्त की कि पंजाब विधानसभा के सभी सदस्य, पार्टी लाइन से ऊपर उठकर, इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कानून आपसी भाईचारे, शांति और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Crime Control में नया कदम: 72,000 वॉयस सैंपल से गैंगस्टरों की पहचान आसान, पंजाब पुलिस अलर्ट

चंडीगढ़. पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई अब तकनीक के सहारे निर्णायक मोड़ लेती दिख रही है। राज्य पुलिस ने 72 हजार से अधिक वायस सैंपल का विशाल डेटाबेस तैयार कर गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस) नाम के इस प्लेटफार्म को पुलिस की कार्रवाई का अहम हथियार माना जा रहा है, जिससे धमकी और फिरौती काल करने वालों की पहचान तेजी से संभव हो रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह डेटाबेस अलग-अलग मामलों में शामिल अपराधियों और संदिग्धों की आवाज के नमूनों पर आधारित है। जैसे ही कोई धमकी या फिरौती काल सामने आती है, उसे इस सिस्टम में अपलोड कर मिलान किया जाता है। शुरुआती जांच में ही संभावित आरोपितों की पहचान हो जाने से पुलिस को कार्रवाई में बढ़त मिल रही है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में पंजाब में गैंगस्टर गतिविधियों का स्वरूप तेजी से बदला है। कई बड़े गैंग विदेशों में बैठे हैंडलरों के जरिए काम कर रहे हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर उनके गुर्गे वारदातों को अंजाम देते हैं। फिरौती काल इंटरनेट आधारित प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए किए जाते हैं, जिससे पारंपरिक जांच के तरीके सीमित हो जाते हैं। ऐसे में वायस सैंपल आधारित पहचान प्रणाली पुलिस के लिए गेम चेंजर साबित हो रही है। अधिकारियों का कहना है की हर व्यक्ति की आवाज की अपनी अलग पहचान होती है। पीएआईएस के जरिए हम इन पैटर्न्स का विश्लेषण कर काल करने वाले तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में इससे शुरुआती सुराग मिलते ही टीमों को तुरंत अलर्ट कर दिया जाता है। पुलिस का दावा है कि इस तकनीक की मदद से कई मामलों में वारदात से पहले ही आरोपितों तक पहुंच बनाई गई है। हाल ही में एक ऐसे माड्यूल का पर्दाफाश किया गया, जिसे विदेश में बैठे गैंगस्टर ने टारगेट किलिंग के लिए सक्रिय किया था। वायस और डिजिटल इनपुट के आधार पर दो आरोपितों को समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया और उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए। डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए इस सिस्टम को राज्य के ‘वार रूम’ से भी जोड़ा गया है, जहां काल डेटा, लोकेशन इनपुट और अन्य खुफिया सूचनाओं का रियल टाइम विश्लेषण होता है। अलग-अलग जिलों से आने वाली सूचनाओं को एक जगह जोड़कर पैटर्न तैयार किए जाते हैं, जिससे गैंग नेटवर्क की गतिविधियों को समझना आसान हो गया है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और अन्य जांच एजेंसियां भी इस डेटाबेस का उपयोग कर रही हैं। काल डेटा रिकार्ड, वित्तीय लेन-देन और यात्रा विवरण के साथ वायस सैंपल को जोड़कर आरोपितों के नेटवर्क की कड़ियां तलाश की जा रही हैं। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं। पंजाब से जुड़े कई गैंगस्टर कनाडा और अमेरिका जैसे देशों में बैठकर आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। ऐसे मामलों में वायस सैंपल और डिजिटल ट्रेल जांच का अहम आधार बन रहे हैं। इसके लिए फ्यूजिटिव ट्रैकिंग सेल और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय भी बढ़ाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के इस उपयोग से अब फोकस केवल अपराध के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अपराध की योजना को शुरुआती स्तर पर ही नाकाम करने पर है।

Punjab Politics: सांसद अमृतपाल पर केंद्र से गुहार, CM मान बोले—सुरक्षा के चलते न हो ट्रांसफर

चंडीगढ़. राज्य सरकार ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को पत्र लिखकर मांग की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उनकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्हें असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में ही रखा जाए। सरकार ने इसके पीछे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है। सूत्रों के अनुसार, पंजाब सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव से अनुरोध किया है कि वे असम सरकार की सहमति लेकर ‘ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर्स एक्ट, 1952’ तथा पंजाब संशोधन अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में ही रखने की अनुमति दिलाएं। राज्य सरकार ने इस संबंध में जल्द निर्णय लेने की अपील की है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह को 23 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले वह करीब एक महीने तक फरार रहा था। उसके खिलाफ 24 फरवरी 2023 को अमृतसर के अजनाला थाने में मामला दर्ज किया गया था, जब उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस स्टेशन पर धावा बोला था और एक सहयोगी को छुड़ा लिया था। घटना के बाद पंजाब पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी। डिब्रूगढ़ जेल में बंद है अमृतपाल सिंह गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल को एनएसए के तहत डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया है। उसकी हिरासत अवधि को अप्रैल 2024 और फिर अप्रैल 2025 में बढ़ाया गया था। अब यह अवधि 22 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रही है।ऐसे में पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि उसकी रिहाई से राज्य की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि पंजाब के डीजीपी और अमृतसर (देहात) के एसएसपी की रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने यह सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएसए समाप्त होने के बाद 23 अप्रैल को अमृतपाल को दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन राज्य की सुरक्षा के मद्देनजर उसे पंजाब से बाहर ही रखा जाना अधिक उचित होगा। पंजाब गृह विभाग ने दिया खुफिया इनपुट यह भी सामने आया है कि पहले डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के नौ साथियों को एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद पंजाब वापस लाया जा चुका है। हालांकि, अमृतपाल के मामले को अलग मानते हुए सरकार ने उसके लिए विशेष व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत जताई है। पंजाब गृह विभाग ने खुफिया इनपुट और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि अमृतपाल को पंजाब के बाहर ही रखना राज्य और सार्वजनिक शांति के हित में है। अब इस पूरे मामले में अंतिम फैसला केंद्र सरकार और असम सरकार की सहमति के बाद लिया जाएगा।