samacharsecretary.com

Amarnath Yatra Registration Rush: जालंधर में श्रद्धालुओं की भीड़, बैंक के बाहर लंबी लाइनें

जालंधर. बाबा बर्फानी के भक्तों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।  दरअसल, श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण शुरू होते ही जालंधर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में बैंक पहुंच रहे हैं। अली मोहल्ला स्थित J&K बैंक के बाहर सुबह से ही रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए लंबी कतारें लग गईं। मीडिया से बातचीत करते हुए एक श्रद्धालु ने बताया कि सुबह 7 बजे से लाइन में लगी हैं और इस बार वह तीसरी बार अमरनाथ यात्रा पर जा रही हैं। लंबी कतारों से उन्हें कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि यात्रा के लिए यह छोटी सी बात है। वहीं अन्य श्रद्धालु ने बताया कि वह पहली बार यात्रा पर जा रहे हैं, लेकिन बैंक का सिस्टम ढीला होने के कारण उन्हें रजिस्ट्रेशन में दिक्कत हो रही है। उधर, बैंक के ब्रांच मैनेजर संजय कुमार के अनुसार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक की जा रही है। पहले दिन करीब 100 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया था। साथ ही उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए समय बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक बार में 20 लोगों को ही बैंक के अंदर जाने दिया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए पानी की भी व्यवस्था की गई है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि अगले एक-दो दिनों तक भीड़ ज्यादा रहेगी, इसलिए सुरक्षा बढ़ाने और व्यवस्था को बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

श्री अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन की शुरुआत, J&K और PNB बैंकों के बाहर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जालंधर    शिव भक्तों के लिए खुशखबरी है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। पहले ही दिन सुबह से विभिन्न बैंकों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अनुमान है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। इसे देखते हुए प्रशासन सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण कर सकते हैं। इन दो मार्गों से कर सकेंगे यात्र पहलगाम मार्ग: इस रास्ते की चढ़ाई अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन समय अधिक लगता है, जिसकी दूरी लगभग 46 किमी है। बालटाल मार्ग: यह रास्ता छोटा है , करीब 14 किमी है, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी कठिन मानी जाती है। रजिस्ट्रेशन के लिए अपनाएं ये प्रक्रिया श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण करा सकते हैं: ऑनलाइन माध्यम: भक्त श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए फोटो और हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऑफलाइन माध्यम: देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। यहाँ 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर परमिट जारी किए जाते हैं। शुल्क: प्रति व्यक्ति पंजीकरण शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है। अनिवार्य दस्तावेज और स्वास्थ्य नियम यात्रा की दुर्गमता को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं:     यात्रियों के पास 8 अप्रैल 2026 के बाद अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया 'अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र' (CHC) होना चाहिए।     केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही यात्रा कर सकते हैं।     6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।     रजिस्ट्रेशन के बाद जम्मू या कश्मीर के निर्धारित केंद्रों से RFID कार्ड लेना अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश द्वार (चंदनवाड़ी या डोमेल) से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। जम्मू में आठ स्थानों पर होगा यात्रा का पंजीकरण श्री अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार से ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत हो जाएगी। शहर में आठ स्थानों पर यात्रा के लिए पंजीकरण लोग करा सकेंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बैंक शाखाओं में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। जम्मू शहर में जेके बैंक की बख्शी नगर रेजीडेंसी रोड, अखनूर रोड और गांधी नगर गोल मार्केट, छन्नी हिम्मत शाखा में। एसबीआई की हरी मार्केट शाखा में। यहां भी होगा पंजीकरण     कठुआ में कॉलेज रोड स्थित पीएनबी शाखा, जेके बैंक की मुख्य बाजार स्थित बिलावर शाखा     किश्तवाड़ में बस स्टैंड के पास शाहीन कॉम्पलेक्स जेके बैंक और जेके बैंक ऊं मेहता रोड     पुंछ में मुख्य बाजार गुरुद्वारा सिंह सभा जेके बैंक     रामबन मेन बाजार जेके बैंक, बटोत थाने के सामने जेके बैंक और एसबीआई बैंक     राजोरी मेन बाजार जेके बैंक और सुंदरबनी मेन बाजार जेके बैंक     रियासी में कटड़ा अंबिका होटल पीएनबी शाखा, मेन बाजार पीएनबी, बस स्टैंड कटड़ा जेके बैंक     सांबा में नैनीताल हाईवे वार्ड नंबर दो पीएनबी, नेशनल हाईवे स्थित एसबीआई बैंक     श्रीनगर में करन नगर गोल मार्केट जेके बैंक     उधमपुर में कोर्ट परिसर के सामने जेके बैंक मेन ब्रांच शिव नगर जेके बैंक शाखा     डोडा में तहसील भद्रवाह सेरी बाजार जेके बैंक, डीसी कार्यालय के समीप एसबीआई     अनंतनाग में सीआरपीएफ कैंप के समीप मेन मीर बाजार जेके बैंक     पुलवामा में पुलवामा हॉल जेके बैंक

अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से एडवांस रजिस्ट्रेशन शुरू, 554 बैंक ब्रांच में होगी सुविधा उपलब्ध

 भोपाल  अमरनाथ यात्रा के लिए इस साल एडवांस रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए देशभर में 554 निर्धारित बैंक शाखाओं में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की है। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के लिए पंजीकरण और परमिट जारी करने की प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर की जाएगी। हालांकि, प्रत्येक बैंक शाखा में हर मार्ग के लिए प्रतिदिन एक तय कोटा निर्धारित किया गया है। जिसे पूरा होने के बाद उस दिन के लिए रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के श्रद्धालु ही इस पवित्र यात्रा के लिए पात्र होंगे। इसके अलावा, छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई है। कब से कब तक चलेगी यात्रा इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। कुल 38 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु पवित्र गुफा में भगवान शिव के हिमलिंग के दर्शन करने पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो रही है। ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन आवेदन Shri Amarnathji Yatra app और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके लिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के जरिए OTP सत्यापन अनिवार्य होगा। साथ ही, 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी किया गया अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC) और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करना होगा। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से देशभर की अधिकृत बैंक शाखाओं में शुरू होगा। प्रति व्यक्ति 150 रुपये शुल्क लिया जाएगा। अमरनाथ यात्रा के प्रमुख मार्ग अमरनाथ यात्रा दो मुख्य मार्गों से पूरी की जाती है। पहलगाम मार्ग: लगभग 46 किलोमीटर लंबा पारंपरिक रास्ता, जो अपेक्षाकृत आसान और धीरे-धीरे चढ़ाई वाला है। बालटाल मार्ग: लगभग 14 किलोमीटर लंबा लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता, जो कम समय में यात्रा पूरी करने वालों के लिए उपयुक्त है। सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा विभिन्न पड़ावों पर टेंट, आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम और मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) लागू रहेंगी। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे कठिन मौसम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी के साथ यात्रा करें। ऊंचाई और ठंड को देखते हुए उचित कपड़े, दवाइयां और शारीरिक फिटनेस बेहद जरूरी है। 550 से ज्यादा बैंक शाखाओं में होगा रजिस्ट्रेशन श्रद्धालु 15 अप्रैल से देशभर की 550 से अधिक अधिकृत बैंक शाखाओं में जाकर अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण करा सकते हैं. इससे लोगों को रजिस्ट्रेशन कराने में आसानी होगी. इस व्यवस्था का मकसद यह है कि देश के अलग‑अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को पंजीकरण कराने में आसानी हो और वे अपने घर के पास ही रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकें।  पहले आओ, पहले पाओ श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन पूरी तरह पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा. यात्रा के हर रास्ते के लिए रोज की एक तय संख्या होगी यानी हर दिन सीमित संख्या में ही यात्रियों को अनुमति दी जाएगी. इससे भीड़ को कंट्रोल करने और यात्रा को ज्यादा सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।  कब से कब तक चलेगी यात्रा इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी. इस यात्रा के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु पवित्र गुफा में भगवान शिव के हिमलिंग के दर्शन करने पहुंचते हैं. इस बार भी यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल, 2026 से शुरू जो जाएगी। 

अमरनाथ यात्रा को लेकर लखनपुर में प्रशासन अलर्ट, DC ने दिए कड़े आदेश

बनी/कठुआ आगामी वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा प्रबंधों के लिए कठुआ जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी के चलते डी.सी. राजेश शर्मा ने अधिकारियों के साथ जम्मू-कश्मीर के मुख्य प्रवेश द्वार लखनपुर का दौरा किया। उन्होंने वहां पर देश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ढांचागत व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने हाल ही में आई बाढ़ के बाद संपत्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करने के लिए भी वहां का दौरा किया। इस दौरान डी.सी. ने पर्यटन विभाग, पशुपालन विभाग, राज्य कर विभाग के डी.सी. कार्यालय और उत्पाद शुल्क विभाग की बाढ़ से प्रभावित संपत्तियों का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने अमरनाथ यात्रा अवधि के दौरान उपलब्ध अवसंरचना के जीर्णोद्धार, सुदृढ़ीकरण और इष्टतम उपयोग की संभावनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आवास, सेवा वितरण और सुविधा के लिए उनके प्रभावी उपयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए विभिन्न सरकारी भवनों और लॉजिस्टिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। बाद में डी.सी. ने लखनपुर के यार्ड क्षेत्र का दौरा किया और लखनपुर यात्रा अभिनंदन केंद्र की स्थापना के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे यात्रा से काफी पहले सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बिजली, जल आपूर्ति, स्वच्छता और पहुंच मार्गों सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे की समय पर मुरम्मत, बहाली और संवर्धन सुनिश्चित करें। डी.सी. ने पशुपालन विभाग को भी अपने अस्थायी कार्यालय को जल्द से जल्द उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने लखनपुर नगर समिति के कार्यकारी अधिकारी को लखनपुर प्रवेश द्वार का व्यापक कायाकल्प और सौंदर्यीकरण करने का भी निर्देश दिया। इस दौरान उनके साथ राज्य कर उपायुक्त जोगिंदर जसरोटिया, सी.पी.ओ. रणजीत ठाकुर और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

एक दिन के निलंबन के बाद अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू, 7908 श्रद्धालु हुए रवाना

पहलगाम एक दिन के लिए स्थगित होने के बाद अमरनाथ यात्रा शुक्रवार को पहलगाम और गंदेरबल बालटाल दोनों मार्गों पर फिर से शुरू हो गई. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 7908 श्रद्धालुओं का 16वां जत्था आज सुबह जम्मू से रवाना हुआ. ये जत्था उधमपुर जिले से गुजरा. अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सतर्कता बरतते हुए निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की. 7908 श्रद्धालुओं में से 5029 तीर्थयात्री पहलगाम और 2879 तीर्थयात्री बालटाल के लिए 261 वाहनों के काफिले में रवाना हुए, जिनमें हल्के मोटर वाहन और भारी मोटर वाहन शामिल थे. जम्मू- कश्मीर में समुद्र तल से 3888 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ तीर्थस्थल हर साल हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है. तीर्थयात्री लंबी दूरी या तो दक्षिण कश्मीर में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से या उत्तरी कश्मीर में अधिक सीधे लेकिन ज्यादा खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं. गुरुवार को भारी बारिश सहित खराब मौसम के कारण यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई थी. लेकिन स्थिति में सुधार होने पर तीर्थयात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी गई. जम्मू-कश्मीर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस बार पंद्रह दिनों की इस यात्रा में अब तक कुल 2.51 लाख तीर्थयात्रियों ने भगवान शंकर के दर्शन किए. यात्रा शुरू होने के बाद से ही देश-विदेश के सभी हिस्सों से श्रद्धालु इस तीर्थस्थल पर आ रहे हैं और आस्था की इस यात्रा के लिए भारी उत्साह व्यक्त कर रहे हैं. साथ ही वे यात्रा की सेवाओं और कुशल प्रबंधन की भी सराहना कर रहे हैं. हालांकि, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण एहतियात के तौर पर गुरुवार को पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों से तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई थी. बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमरनाथ यात्रा में रिकॉर्ड भीड़ आने की उम्मीद जताई. उन्होंने अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर चिंता जताई, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पवित्र यात्रा निर्धारित समय 9 अगस्त तक जारी रहेगी. उन्होंने इस दौरान भक्तों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई. अमरनाथ यात्रा अमरनाथ गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा है, जहां भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं. दक्षिण कश्मीर में 3880 मीटर ऊंचे पवित्र गुफा मंदिर के लिए 38 दिवसीय वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 9 अगस्त को समाप्त होगी.

एक दिन के निलंबन के बाद अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू, 7908 श्रद्धालु हुए रवाना

पहलगाम एक दिन के लिए स्थगित होने के बाद अमरनाथ यात्रा शुक्रवार को पहलगाम और गंदेरबल बालटाल दोनों मार्गों पर फिर से शुरू हो गई. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 7908 श्रद्धालुओं का 16वां जत्था आज सुबह जम्मू से रवाना हुआ. ये जत्था उधमपुर जिले से गुजरा. अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सतर्कता बरतते हुए निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की. 7908 श्रद्धालुओं में से 5029 तीर्थयात्री पहलगाम और 2879 तीर्थयात्री बालटाल के लिए 261 वाहनों के काफिले में रवाना हुए, जिनमें हल्के मोटर वाहन और भारी मोटर वाहन शामिल थे. जम्मू- कश्मीर में समुद्र तल से 3888 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ तीर्थस्थल हर साल हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है. तीर्थयात्री लंबी दूरी या तो दक्षिण कश्मीर में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से या उत्तरी कश्मीर में अधिक सीधे लेकिन ज्यादा खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं. गुरुवार को भारी बारिश सहित खराब मौसम के कारण यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई थी. लेकिन स्थिति में सुधार होने पर तीर्थयात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी गई. जम्मू-कश्मीर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस बार पंद्रह दिनों की इस यात्रा में अब तक कुल 2.51 लाख तीर्थयात्रियों ने भगवान शंकर के दर्शन किए. यात्रा शुरू होने के बाद से ही देश-विदेश के सभी हिस्सों से श्रद्धालु इस तीर्थस्थल पर आ रहे हैं और आस्था की इस यात्रा के लिए भारी उत्साह व्यक्त कर रहे हैं. साथ ही वे यात्रा की सेवाओं और कुशल प्रबंधन की भी सराहना कर रहे हैं. हालांकि, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण एहतियात के तौर पर गुरुवार को पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों से तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई थी. बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमरनाथ यात्रा में रिकॉर्ड भीड़ आने की उम्मीद जताई. उन्होंने अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर चिंता जताई, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पवित्र यात्रा निर्धारित समय 9 अगस्त तक जारी रहेगी. उन्होंने इस दौरान भक्तों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई. अमरनाथ यात्रा अमरनाथ गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा है, जहां भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं. दक्षिण कश्मीर में 3880 मीटर ऊंचे पवित्र गुफा मंदिर के लिए 38 दिवसीय वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 9 अगस्त को समाप्त होगी.

श्री अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई ,पहलगाम बेस कैंप से आज भक्तों का पहला जत्था बाबा के दर्शनों के लिए रवाना हुआ

जम्मू  जय बाबा भोलेनाथ के जयकारे के साथ अमरनाथ यात्रा 2025 का पहला जत्था बुधवार सुबह पवित्र गुफा के लिए रवाना हो गया. इससे पहले श्रद्धालुओं ने आरती की. इस दौरान भक्तों में जबरदस्त जोश और उत्साह देखा गया. किसी भी खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इतंजाम किए गए हैं. कड़े एवं व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के साथ 37 दिन तक चलने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा आज सुबह दो मार्गों से शुरू हो गई. अमरनाथ तीर्थयात्रियों का पहला जत्था क्रमशः नुनवान पहलगाम आधार शिविरों से चंदनवाड़ी और सोनमर्ग की ओर अपनी यात्रा शुरू कर रहा है. तीर्थयात्रियों ने 'हर हर महादेव बम बम बोले' के जयकारों के बीच भगवान शिव के निवास अमरनाथ पवित्र गुफा की ओर अपनी यात्रा शुरू की. अनंतनाग के जिला विकास आयुक्त सैयद फखरुद्दीन हामिद ने नागरिक और पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारियों के साथ सुबह नुनवान आधार शिविर पहलगाम से तीर्थयात्रियों के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. वार्षिक अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले लगभग 5485 तीर्थयात्रियों का पहला जत्था कल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी पहुंचा. इस दौरान चेहरा पहचानने वाली मशीन लगाई गई है. इसी के साथ यात्रा मार्गों पर किसी तरह की उड़ान पर बैन लगाया गया है. स्थानीय मुसलमानों ने अपने बेस कैंपों के रास्ते में तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया. जम्मू- कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार सुबह भगवती नगर बेस कैंप से वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई. कई सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच 5485 तीर्थयात्रियों का पहला जत्था बुधवार को दक्षिण कश्मीर हिमालय में भगवान शिव के 3,880 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर की आगे की यात्रा के लिए कश्मीर के दो आधार शिविरों के लिए रवाना हुआ. केंद्रीय मंत्री करंदलाजे यात्रा में शामिल केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने बालटाल बेस कैंप से पवित्र गुफा की ओर अपनी यात्रा शुरू की. बालटाल में केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने एएनआई से कहा कि आज हम सभी भोलेनाथ के दर्शन करने जा रहे हैं. बहुत अच्छा लग रहा है. भगवान हम सभी का भला करें. यहां का माहौल बहुत खुशनुमा है. लोगों को अच्छा लग रहा है क्योंकि यहां भी विकास कार्य हो रहे हैं.' बालटाल में एक श्रद्धालु मनीषा रमोला ने एएनआई ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं. व्यवस्था वाकई बहुत अच्छी है. बिना उचित दस्तावेज और वैध पहचान पत्र के किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं है. यह हमारी सुरक्षा के लिए है. यहां आने का हमारा मकसद पर्यटन नहीं, बल्कि तीर्थयात्रा है. सभी की खुशी और स्वास्थ्य के लिए भगवान से प्रार्थना करती हूं. पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहली अमरनाथ है। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यात्री निवास से पहले जत्थे में 5,469 यात्रियों को रवाना किया गया, वहीं परेड से 423 साधु-संत भेजे गए। देर शाम को बालटाल और पहलगाम में जत्थे पहुंच गए। श्रद्धालु पवित्र गुफा के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। दोनों पारंपरिक रूट से रोजाना 10-10 हजार यात्रियों को पवित्र गुफा के लिए भेजा जाएगा। कठुआ, सांबा, उधमपुर और श्रीनगर के पंथा चौक पर भी जबर्दस्त उत्साह और उमंग के साथ श्रद्धालुओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उपराज्यपाल ने कहा कि भक्तों का उत्साह बता रहा है कि ये यात्रा आतंकवादी घटनाओं से अप्रभावित है और एक बार फिर ऐतिहासिक साबित होगी। आस्था और आत्मखोज की ये यात्रा आतंकी घटनाओं से अप्रभावित हैः उपराज्यपाल उपराज्यपाल ने कहा कि यह पवित्र तीर्थयात्रा आस्था और आत्मखोज की यात्रा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को आरामदायक यात्रा और गहन आत्मिक अनुभव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, प्रशासन, जम्मू-कश्मीर के लोग, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने तीर्थयात्रियों के लिए व्यापक व्यवस्था की है। जम्मू शहर एक नई ऊर्जा के साथ जीवंत हो उठा है। तीर्थयात्रियों में उत्साह बहुत है। आतंकवादी घटनाओं से अप्रभावित भोले बाबा के भक्त भारी संख्या में आ रहे हैं और अपनी अपार आस्था का प्रदर्शन कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इस साल की यात्रा पिछले वर्षों की तुलना में और भी ऐतिहासिक होगी।