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सीतामढ़ी में विपक्ष की ताकत का प्रदर्शन, यात्रा से बढ़ी NDA की मुश्किलें

सीतामढ़ी बिहार में जारी इंडिया गठबंधन की 'वोट अधिकार यात्रा' सीतामढ़ी पहुंच चुकी है। यहां आज राहुल गांधी माता जानकी का आशीर्वाद लेकर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाएंगे। राहुल के साथ उनके गठबंधन के कई दिग्गज नेता मौजूद हैं। कार्यकर्ताओं में एक अलग जोश देखने को मिल रहा है। 'गरीब व वंचित परिवारों का वोट चोरी हो रहा' बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दलों में सियासी घमासान मचा हुआ है। वहीं, प्रदेश में 'वोट अधिकार यात्रा' अपने पड़ाव पर आगे बढ़ रही है। यात्रा के 12वें दिन लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का कारवां सीतामढ़ी पहुंच चुका है। इससे पहले उन्होंने रुन्नी सैदपुर में आयोजित सभा को संबोधित किया। केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जमकर घेरा है। आरोप लगाया कि इसके जरिए माध्यम से गरीब व वंचित परिवारों का वोट चोरी हो रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम गौरतलब है कि वाहनों के लंबे काफिले के बीच सीतामढ़ी में राहुल गांधी ने प्रवेश किया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। राहुल गांधी की यात्रा जब शहर में प्रवेश की तो ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरीके से डायवर्ट कर दिया गया था। 28 अगस्त को राहुल गांधी सीतामढ़ी के रीगा से निशाना साधेंगे। उससे पहले माता जानकी के मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। रीगा से बैरगनिया तक वोटर अधिकार यात्रा के तहत रैली करेंगे। राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव ,मुकेश सहनी और दीपांकर भट्टाचार्य मौजूद है।

सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव: शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की सिफारिश

रांची दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव गुरुवार को मानसून सत्र के आखिरी दिन विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया। झारखंड सरकार के समाज कल्याण मंत्री दीपक बिरुआ ने सदन में शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि, शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन के लिए अपना जीवन तमाम कर दिया। उनके संघर्ष से नया राज्य और नई पहचान मिली। मंत्री ने कहा कि 4 अगस्त को उनका निधन हो गया। प्रस्ताव करता हूं कि उन्हें भारत रत्न देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए। भारत रत्न के प्रस्ताव पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हम संकल्प के साथ हैं। उन्होंने मांग रखी कि झारखंड आंदोलन के प्रणेता और झारखंड आंदोलन की नींव रखने वाले मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा और विनोद बिहारी महतो का नाम जरूर जोड़ें। वहीं संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सुझाव दिया कि प्रस्ताव में यह बात जोड़ी जाए कि भारत की आजादी में आदिवासी समाज का बहुमूल्य योगदान है। लेकिन आदिवासी समाज के किसी आंदोलनकारी, राजनीतिज्ञ, बुद्धिजीवी को आज तक भारत रत्न नहीं मिला। ऐसे में शिबू सोरेन को भारत रत्न दिया जाए, यह जरूर जोड़ा जाए। प्रस्ताव पर स्वीकार रबीन्द्रनाथ महतो में सदन के समक्ष रखा। जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। बता दें कि झारखंड आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले दिशोम गुरू शिबू सोरेन का लंबी बीमारी के बाद 4 अगस्त को सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद पार्थिव शरीर को झारखंड लाया गया और इसके बाद उनके पैतृक गांव नेमरा में अंतिम संस्कार किया गया था। उनके निधन के बाद से ही उन्हें भारत रत्न देने की मांग जोर पकड़ने लगी थी। गुरुवार को उनको भारत रत्न देने की मांग का प्रस्ताव विधानसभा में आया और सर्वसम्मति से उस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया।  

8 साल बाद आया न्यायालय का फैसला, नीरज सिंह मर्डर केस में सभी आरोपी बरी

रांची झारखंड में नीरज सिंह हत्याकांड में बीते बुधवार को धनबाद के न्यायालय ने झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह को आरोपों से बरी कर दिया है। न्यायालय ने इस मामले के सभी आरोपियों को नीरज सिंह हत्याकांड से बरी कर दिया। इससे पहले संजीव सिंह को स्ट्रेचर पर कोर्ट के अंदर ले जाया गया। पुलिस उन्हें एंबुलेंस में सिंह मेंशन से लेकर कोर्ट पहुंची थी। इसके पहले वकीलों को कोर्ट में प्रवेश नहीं करने देने पर वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि, थोड़ी देर बाद नारेबाजी बंद हो गयी। धनबाद की राजनीति को झकझोर देने वाले चर्चित पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में आज आठ साल, पांच महीने और पांच दिन बाद अदालत ने सभी आरोपियों को बरी किया है। जिला और सत्र न्यायाधीश 16 सह विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट दुर्गेश चंद्र अवस्थी ने अपना फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत सभी 10 आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले में झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, डब्लू मिश्रा, विनोद सिंह, सागर सिंह उर्फ शिबू, चंदन सिंह, कुर्बान अली, पंकज सिंह और रणधीर धनंजय उर्फ धनजी सहित सभी आरोपियों को राहत मिली। ज्ञातव्य है कि 21 मार्च 2017 को धनबाद के तत्कालीन डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित तीन लोगों की हत्या कर दी गयी थी। नीरज सिंह के साथ जिन लोगों की हत्या की गयी थी उसमें अशोक यादव, चंद्र प्रकाश महतो उर्फ घोल्टू और मुन्ना तिवारी का नाम शामिल था। अशोक यादव नीरज सिंह के आप्त सचिव थे जबकि घोल्टू उनका ड्राइवर और मुन्ना तिवारी निजी बॉडीगार्ड था।  

विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में असहमति, माले विधायक की तीखी टिप्पणी कांग्रेस पर

पटना बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी समर जारी है। ऐसे में दोनों गठबंधनों को दरार और फूट की बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। महागठबंधन में दरार को लेकर एक खबर जोर पकड़ रही है। दरअसल,  सासाराम क्षेत्र के रोहतास जिले में कांग्रेस कमेटी द्वारा विभिन्न विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों से आवेदन लिए जाने को लेकर महागठबंधन के घटक दलों के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। जिले की काराकाट विधानसभा सीट से भाकपा माले के विधायक अरुण सिंह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। गौरतलब है कि कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की सदस्य एवं महाराष्ट्र की सांसद प्रीणीति शिंदे इन दिनों रोहतास समेत बिहार के अलग-अलग जिलों में जाकर कांग्रेस उम्मीदवारों से आवेदन ले रही हैं। कांग्रेस का व्यवहार गठबंधन धर्म के खिलाफ विधायक अरुण सिंह ने कहा कि कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी को महागठबंधन के अन्य घटक दलों वाली सीटों पर उम्मीदवारों के आवेदन नहीं लेने चाहिए। यह पूरी तरह से गठबंधन धर्म के खिलाफ है। कांग्रेस सिर्फ उन्हीं सीटों पर आवेदन लेने की हकदार है, जो उसके खाते में पहले से हैं। जिन विधानसभा सीटों पर पहले से ही राष्ट्रीय जनता दल या भाकपा माले के विधायक हैं, उन पर कांग्रेस अगर उम्मीदवारों से आवेदन ले रही है या चयन प्रक्रिया शुरू कर रही है तो यह बिल्कुल गलत है। कांग्रेस को ऐसा नहीं करना चाहिए। भाकपा माले को कम से कम 40 सीटें चाहिए अरुण सिंह ने कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में भाकपा माले को गठबंधन में कम से कम 40 सीटें मिलनी चाहिए। पिछले विधानसभा चुनाव में 19 सीटों में से 12 पर जीत और लोकसभा चुनाव में 3 सीटों में से 2 सीटों पर जीत दर्ज की गई थी। इस आधार पर माले का स्ट्राइक रेट सबसे बेहतर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को समझना चाहिए कि माले किसी भी हाल में अपनी जीती हुई सीट नहीं छोड़ेगी और हर जिले में माले को कम से कम एक-एक विधानसभा सीट मिलनी ही चाहिए। गठबंधन को होगा फायदा माले विधायक ने कहा कि बिहार में गरीबों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का वोट हमेशा माले के साथ रहा है। माले की जितनी अधिक हिस्सेदारी होगी, गठबंधन को उतना अधिक फायदा होगा। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी को राजद और माले विधायक वाली सीटों पर उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया रोकनी चाहिए। कांग्रेस को पिछली बार जिले में करगहर और चेनारी सुरक्षित सीट मिली थी, इसलिए उन्हें केवल इन्हीं सीटों के लिए उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

वैशाली में अजब मामला: जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर डाला, अब प्रशासन पर उठे सवाल

वैशाली बिहार में लगातार मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विरोधी दल के नेताओं के द्वारा 'वोट अधिकार यात्रा' की जा रही है। केंद्र सरकार चुनाव आयोग को विरोधी दल के नेता लगातार निशाना भी बना रहे हैं। वहीं, हाजीपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पर जीवित मतदाता का नाम सूची से काट दिया गया है। यह मामला हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र 123 बूथ नंबर 317 के मतदाता सुनील कुमार सिंह से जुड़ा है। सुनील का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। बताया गया है कि सुनील एक सफल बिजनेसमैन हैं और यह टैक्स भी भरते हैं। इनका एपिक नंबर एमएनक्यू 5523220 है। डोर-टू-डोर सत्यापन नहीं करने का आरोप वहीं, सुनील कुमार ने बताया कि हमारे पिता छत्रपति सिंह का नाम 2003 के मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन मेरा नाम काट दिया गया है। सुनील ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन सर्च करने पर पाया कि उनका नाम मृत घोषित कर दिया गया है। बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ ने नियमों का उल्लंघन करते हुए डोर-टू-डोर सत्यापन नहीं किया। चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश थे कि बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाता पुनरीक्षण करना था। डीएम ने लिया संज्ञान सुनील के अनुसार, बीएलओ ने न तो उनके घर और न ही अन्य मतदाताओं के घर जाकर सत्यापन किया। सुनील ने वैशाली जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से सरकार को टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। बीएलओ ने न तो ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कैंप लगाया और न ही नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया की। डीएम ने मामले पर संज्ञान लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

लंबे इंतजार के बाद समस्तीपुर में अनुकंपा नियुक्तियां, लोगों के चेहरे पर मुस्कान

समस्तीपुर  बिहार के समस्तीपुर जिले के कर्पूरी सभागार में शिक्षा विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अनुकंपा के आधार पर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लिपिक और परिचारी के पदों पर चयनित 134 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस मौके पर ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार, समस्तीपुर सांसद शांभवी चौधरी, विधान पार्षद डॉ. तरुण कुमार चौधरी और समस्तीपुर विधानसभा के राजद विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन मौजूद थे। वर्षों से अटके मामलों का हुआ निपटारा ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि वर्षों से कागजात की कमी के कारण अनुकंपा आश्रितों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल पाए थे। सभी दस्तावेज पूरे होने के बाद अब इन अभ्यर्थियों को उनका अधिकार सौंपा गया है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। नालंदा की घटना पर मंत्री का बयान नालंदा जिले के पामा गांव में हुए हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि वे वहां एक जीविका दीदी के परिवार से मिलने गए थे, जिनकी दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। गांव में नौ लोगों की मौत हुई थी और वे परिवार को सांत्वना देने गए थे। उन्होंने बताया कि कुछ युवाओं ने आपत्तिजनक बातें कहीं, जिसके बाद वे वहां से निकल गए। आगे क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। विपक्ष पर साधा निशाना मंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि आज विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। अगर होता, तो वह जनता के सामने रखते। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उस पर सवाल उठाना नियम संगत नहीं है। विपक्ष केवल बिना आधार के आरोप लगाकर राजनीति कर रहा है। कार्यक्रम में दिखी उत्साह की झलक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में चयनित अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी मौजूद थे। सभी ने सरकार के इस कदम की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने आश्रितों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और शिक्षा विभाग में बेहतर योगदान की उम्मीद जताई।

SIR प्रोजेक्ट पर सियासी संग्राम, मरांडी बोले- विकास रोकना चाहती हैं विपक्षी पार्टियां

रांची झारखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड सरकार ने जिस प्रकार से एसआईआर का विरोध किया है तो यह वोट बैंक की राजनीति है। मरांडी ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि झारखंड प्रदेश में जिस प्रकार से जो डेमोग्राफी बदली है या बदल रही है, बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को वोट बैंक बनाए रखना इनका मकसद है। इसका एक उदाहरण राज्य सरकार ने कल स्पष्ट रूप से बता दिया है कि वह इन्हें केवल झारखंड में बसाना ही नहीं चाहती है बल्कि साथ में उन्हें मतदाता भी बनाना चाहती है ताकि झारखंड की चुनाव कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल अपने पक्ष में करा सके। मरांडी ने कहा कि आप सभी ने कल झारखंड की विधानसभा की कार्यवाही को देखा और आज सवेरे अखबारों में प्रमुखता से छपी इन मुद्दों से जुड़े समाचार को भी देखा होगा। मरांडी ने कहा कि झारखंड की अलार्मिंग सिचुएशन है। इससे तो पूरा राज्य, देश प्रभावित होगा ही, लेकिन इससे सीधा और तत्काल कोई प्रभावित होगा तो वह आदिवासी समाज होगा। संथाल परगना और झारखंड में दर्जनों आदिवासी महिला है जिससे इन रोहिंग्या, बांग्लादेशी मुसलमानों ने न केवल शादी किया बल्कि मुखिया, जिला परिषद भी बने हैं। यही स्थिति रही तो आने वाले समय में इसी तरह से आदिवासी महिलाओं से शादी करके रोहिंग्या, बांग्लादेशी मुसलमान सांसद, विधायक भी बनेंगे। यह दृश्य साफ दिख रहा है। 1951 में जब पहला जनगणना हुआ था तब झारखंड में आदिवासियों की संख्या 35.38 प्रतिशत थी जबकि मुस्लिम की आबादी 8.9त्न थी। 2011 के जनगणना में आदिवासियों की संख्या 35.38 प्रतिशत से घटकर 26.20त्न हो गई। वहीं मुसलमानों की जनसंख्या 8.9त्न से बढ़कर 14.53त्न हो गई। आदिवासियों की जनसंख्या में गिरावट आई जबकि मुसलमानों की आबादी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। यही जब ओवरऑल बात किया जाए तो 1951 में सनातनियों की आबादी 87.79त्न थी। 2011 में सनातनियों की संख्या घटकर 81.17त्न हो गई। मरांडी ने कहा कि यह नेचुरल तरीके से नहीं बढ़ सकती है। यह कृत्रिम तरीके से बढ़ी और बढ़ाई गई है। बांग्लादेश से लगातार घुसपैठ होना इसका प्रमुख कारण है। कांग्रेस, झामुमो, राजद जैसे दल इसके पक्षधर हैं। ऐसे घुसपैठियों का वोटर कार्ड, राशन कार्ड बनाना, जन्म प्रमाण पत्र बनाना, उनकी जमीन उपलब्ध कराना, उनको बसाना उनकी मंशा है। ताकि वोट में इसका फायदा उठाया जा सके। कल के विधानसभा में उनकी मंशा साफ दिखी। अभी मतदाता सूची ज्वलंत मुद्दा है इस संबंध में एक और उदाहरण देते हुए श्री मरांडी ने कहा कि 2014 से 2019 के बीच देश के अंदर में मतदाताओं में 9.3त्न की वृद्धि दर्ज हुई। जबकि झारखंड में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं 2019 से 2024 के बीच देश में मत प्रतिशत में 10.1त्न वृद्धि हुई जबकि झारखंड में यह वृद्धि 16.7त्न दर्ज की गई। यह गौर करने वाली बात है। 2019 से 2024 के बीच यहां किसकी सरकार रही या बताने की जरूरत नहीं है। 2019 से 2024 के बीच राष्ट्रीय ग्रोथ से भी झारखंड में मत प्रतिशत की वृद्धि अधिक दर्ज होना, आईने की तरह सब कुछ साफ कर रहा है। यह काफी चिंता का विषय है कि इस रफ्तार से आखिर यहां पर आबादी कैसे बढ़ी, यह भी एक गहन जांच का विषय है। चूंकि 2014 से 2019 में झारखंड में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार थी इसलिए यहां पर अवैध घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं थी इसलिए अधिक वृद्धि दर्ज नहीं हुई। आज वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ऐसे लोगों को इन दलों के द्वारा वोटर बनाकर बसाया जा रहा है, इसलिए इन लोगों के पेट में दर्द हो रहा है और ये दल हंगामा कर रहे हैं। मरांडी ने कुछ रिजर्व विधानसभा क्षेत्रों का आंकड़ा भी इस संदर्भ में पेश किया जो काफी चौंकाने वाले हैं। मरांडी ने कहा कि सिमडेगा विधानसभा में 2019 में 2.21 लाख मतदाता थे जो 2024 में बढ़कर 2.44 लाख हो गए। इसमें ओवरऑल 10.2त्न की वृद्धि दर्ज हुई। यहां पर 2019 में 9308 मुस्लिम मतदाता थे जो 2024 में बढ़कर 16605 हो गए। यहां मुस्लिम मतदाताओं में 78.4त्न की वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि नन मुस्लिम में 7.2त्न की ही वृद्धि दर्ज हुई है। यह चिंता का विषय है नहीं।  

बिहार में सुरक्षा सतर्क: नेपाल से आए 3 जैश आतंकी पकड़े जाने की आशंका

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले आतंकी खतरा मंडराने लगा है. पुलिस मुख्यालय (PHQ) को मिली अहम खुफिया जानकारी के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. खबर है कि नेपाल के रास्ते पाकिस्तान के तीन आतंकी बिहार में दाखिल हो चुके हैं. जानकारी के मुताबिक ये आतंकी प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए हैं. इनकी पहचान रावलपिंडी निवासी हसनैन अली, उमरकोट निवासी आदिल हुसैन और बहावलपुर का रहने वाला मो. उस्मान के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि ये तीनों आतंकी अगस्त के दूसरे हफ्ते में काठमांडू पहुंचे थे और वहीं से पिछले हफ्ते नेपाल बॉर्डर पार करके बिहार में दाखिल हुए हैं. देश के किसी भी हिस्से में आतंकी घटना को अंजाम देने की आशंका पुलिस मुख्यालय ने इस इनपुट को बेहद गंभीरता से लिया है. PHQ के आला अधिकारियों ने तीनों आतंकियों के पासपोर्ट और अन्य डिटेल्स सीमावर्ती जिलों के प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा कर दी हैं. खासतौर पर नेपाल से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है. खुफिया सूत्रों का कहना है कि इन आतंकियों के देश के किसी भी हिस्से में आतंकी घटना को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है. राज्य में विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह अलर्ट और भी संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि आतंकी किसी बड़े राजनीतिक या भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम को निशाना बना सकते हैं. 'सुराग मिलने पर तुरंत करें कार्रवाई' PHQ ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और खुफिया तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कहा गया है कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें, लगातार सूचना एकत्र करें और किसी भी तरह के सुराग मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें. बिहार पुलिस इस समय पूरी तरह अलर्ट मोड में है और सीमावर्ती जिलों में सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिए गए हैं. सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि राज्य में आतंकी किसी भी तरह की वारदात को अंजाम न दे सकें.

राहुल-तेजस्वी पर बरसे सम्राट चौधरी, बोले- लोकतंत्र के दुश्मनों को सबक सिखाएगी जनता

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव पर बुधवार को जोरदार निशाना साधते हुए उन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता दोनों राजकुमारों को सबक सिखाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के 'वोटर अधिकार यात्रा' में शामिल होने पर लालू परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार उन लोगों को बिहार बुला रहा है, जिन्होंने बिहार की जनता का अपमान किया और सनातन धर्म का विरोध किया। उन्होंने स्टालिन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग बिहार के लोगों का अपमान करते हैं, सनातन धर्म का विरोध करते हैं। ऐसे नेताओं को राजद संरक्षण दे रहा है, जो बिहार और उसके सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता इस सियासी खेल को समझती है और वह एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है। 'वोटर अधिकार यात्रा' और एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के लिए एसआईआर कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि विकास, तरक्की और रोजगार उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने एनडीए सरकार के तहत पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को समृद्ध बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 'वोटर अधिकार यात्रा' में रेवंत रेड्डी और स्टालिन के जुड़ने को 'घुसपैठिया' करार दिया। डिप्टी सीएम के अनुसार, घुसपैठिये आए हैं, चले जाएंगे। यह बिहार यहां पर था और रहेगा। चौधरी ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आपातकाल का जिक्र किया, जब निर्दोष लोगों को जेल में डाला गया। लोकतंत्र की हत्या की गई। इसी तरह उन्होंने लालू यादव पर भी सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। मोहन भागवत के बयान पर उन्होंने कहा कि भारत के निर्माण में सभी का सहयोग है। भारत का मतलब भगवान राम और श्री कृष्ण के वंशजों से है। उन्होंने कहा कि समय के साथ कुछ लोगों ने पूजा पद्धति बदली, लेकिन सभी भारतीय हैं। यह सनातन संस्कृति की एकता को दर्शाता है, जो भारत की मूल पहचान है। पीएम मोदी के पूर्णिया दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि लगभग 40,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की घोषणा की जाएगी। कई परियोजनाओं का जुड़ना अभी बाकी है। पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन किया जाएगा। इससे क्षेत्र में हवाई यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।

राहुल गांधी का आरोप: मुजफ्फरपुर की सभा में कहा, संविधान पर चोट की जा रही है

मुजफ्फरपुर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि गुजरात का मॉडल 'आर्थिक मॉडल' नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'वोट चोरी' की शुरुआत गुजरात से हुई और फिर इसे राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी 'वोटर अधिकार यात्रा' के 11वें दिन मुजफ्फरपुर पहुंचे। उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के लोगों ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और गुजरात के चुनाव में 'वोटी चोरी' की। 'गुजरात मॉडल' वोट चोरी करने का मॉडल है, जिसे ये लोग 2014 में राष्ट्रीय स्तर पर लाए। हम कुछ कहते नहीं थे, क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं थे, लेकिन महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद हमें सबूत मिल गया। मुजफ्फरपुर में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बिहार में दलितों, अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों यानी गरीबों के वोट काटे गए। जिंदा लोगों को मुर्दा बना दिया गया। वोट काटकर संविधान पर चोट की जा रही है। उन्होंने संविधान को आत्मा बताते हुए कहा कि जो लोग भारत माता की आत्मा पर चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, वे यहां के युवाओं को नहीं समझते हैं। भाजपा 'वोट चोरी' कर चुनाव जीतती है और उसकी मदद चुनाव आयोग करता है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में चुपचाप एक कानून पास कर दिया जाता है। इसके तहत इलेक्शन कमिश्नर चाहे कुछ भी करें, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती। अगर चुनाव आयोग अपना काम ईमानदारी से कर रहा है, तो ऐसे कानून की क्या जरूरत है? केंद्र सरकार में किसानों-मजदूरों को पीटकर जेल में डाल दिया जाता है। युवा पेपर लीक के खिलाफ धरना देता है तो उसे लाठियों से पीटकर अंदर कर देते हैं। लेकिन, देश के चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई एफआईआर नहीं कर सकता है। इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब राहुल गांधी चुनाव आयोग की शिकायत करते हैं तो उन्हें शपथ पत्र देने को कहा जाता है। राहुल गांधी राजनीति, मंच के लिए नहीं करते। वे जो कहते हैं, बहुत सोच-समझकर कहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वकील हैं, जो भारत के लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं। भारत में लोकतंत्र फलेगा। मताधिकार की चोरी करने वालों से जनता सत्ता छीन लेगी, यह भीड़ इसका संदेश देती है।