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‘आपातकाल लोकतंत्र पर काला धब्बा’ : सम्राट चौधरी ने कांग्रेस को घेरा

पटना. 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में याद करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस और आपातकाल को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय बताया और कहा कि इस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा नागरिक अधिकारों को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा था। आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर हमला सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि 25 जून भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐसा दिन है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके अनुसार आपातकाल के दौरान सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश हुई और आम नागरिकों के अधिकार प्रभावित हुए। लोकतंत्र सेनानियों को किया नमन उपमुख्यमंत्री ने उन लोगों को भी याद किया जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि उस समय विरोध की आवाज उठाने वाले अनेक लोगों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं किया। सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लोकतंत्र की रक्षा, संविधान का सम्मान और जनस्वर की शक्ति को सर्वोपरि रखना ही उन लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया था। उनका यह संदेश राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ‘संविधान हत्या दिवस’ को लेकर जारी है बहस गौरतलब है कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था। इसे लेकर वर्षों से राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग विचार सामने आते रहे हैं। एक पक्ष इसे लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला मानता है, जबकि दूसरा पक्ष उस समय की परिस्थितियों का हवाला देता है। राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज सम्राट चौधरी की इस टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में भी आपातकाल और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। ‘संविधान हत्या दिवस’ को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है।

बिहार की राजधानी को मिलेगा नया नाम! पटना बनेगा पाटलिपुत्र, CM सम्राट चौधरी की घोषणा

पटना  बिहार की राजधानी पटना का नाम अब पाटलिपुत्र होगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ये ऐलान किया. उन्होंने सहयोग शिविर के दौरान फुलवारी शरीफ के नदियावां में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पटना का नाम अब पाटलिपुत्र होगा. बता दें कि ये कोई नया नाम नहीं है बल्कि राजधानी का प्राचीन नाम है. पटना एक बार फिर अपने प्राचीन नाम पाटलिपुत्र से जाना जाएगा. एनडीए शासित कई राज्यों में जगहों के नाम बदले जा चुके हैं. अब बिहार की राजधानी पटना को भी नई पहचान मिल गई है. हालांकि ये नाम पुराना है जो फिर से पटना को मिल गया है।  सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना की पहचान एक नए शहर पाटलिपुत्र के नाम से होनी चाहिए. कई लोग मुद्दा बनाते हैं कि ये ये मगध की राजधानी था और इसका नाम पाटलिपुत्र था. इसका नाम बदल देना चाहिए.उन्होंने कहा कि मैंने तो इससे बड़े पटना की कल्पना की है और उसका नाम भी पाटलिपुत्र रखने का काम किया है. उन्होंने कहा कि अब किसी को दिक्कत नहीं होगी।   उन्‍होंने कहा कि अपराध‍ियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। उन्‍हें नेपाल ही भागना होगा, क्‍योंक‍ि यूपी में योगी बाबा, पश्‍च‍िम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी दादा और बिहार में सम्राट बैठा है।   इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार बड़े पटना की परिकल्पना पर काम कर रही है और इसकी पहचान भविष्य में पाटलिपुत्र के नाम से स्थापित की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह नगर विकास मंत्री थे, तब पटना के कई इलाकों में जलजमाव सबसे बड़ी समस्या थी। पानी निकालने में काफी मुश्क‍िल होती थी।  विशेष रूप से कंकड़बाग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कभी इसे एशिया का सबसे बड़ा टाउनशिप कहा जाता था, लेकिन समय के साथ वहां बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां बढ़ गईं। बड़े पटना की परिकल्‍पना, पाटल‍िपुत्रा होगा नाम  अब सरकार नए और आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रही है, ताकि राजधानी का स्वरूप बदले और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिले। उन्होंने कहा कि बड़े पटना की जो अवधारणा तैयार की गई है, उसका नाम पाटलिपुत्र रखा गया है। उनका मानना है कि राजधानी की पहचान केवल वर्तमान शहर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसके ऐतिहासिक गौरव को भी सामने लाना चाहिए। किसानों को मिलेगा अधिक मुआवजा मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही कैबिनेट में ऐसे प्रस्ताव लाएगी, जिनसे किसानों को वर्तमान से अधिक मुआवजा मिल सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार फैसले ले रही है। विपदा और शादी-विवाह में भी मिलेगी तत्काल सहायता सम्राट चौधरी ने कहा कि जिन परिवारों के सामने अचानक कोई संकट, आपदा या शादी-विवाह जैसी जरूरतें आती हैं, उनकी मदद के लिए जिलाधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रशासन तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा, ताकि किसी परिवार को कठिन परिस्थिति में परेशानी का सामना न करना पड़े। उद्योग और टाउनशिप से बदलेगी आर्थिक तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित करना और उद्योगों का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उनका कहना था कि नए टाउनशिप विकसित होने से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा। बजट वृद्धि का किया उल्लेख अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार सदन में पहुंचे थे, तब बिहार का बजट करीब 6 हजार करोड़ रुपये था। 2024-25 का बजट प्रस्‍तुत करते समय सीना 56 इंच का हो गया। उस दिन एक घंटा पहले पेश झारखंड का बजट 1 लाख 40 हजार करोड़ भी नहीं था। बिहार का बजट तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। उन्होंने इसे बिहार की विकास यात्रा का प्रमाण बताते हुए कहा कि राज्य लगातार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है। कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। भोजपुर से जुड़े हालिया मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में कानून से खिलवाड़ करनेवालों के लिए कोई जगह नहीं है और सरकार अपराध तथा अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास, सुरक्षा, निवेश और जनकल्याण को साथ लेकर बिहार को आगे बढ़ाने का लक्ष्य है और आने वाले वर्षों में राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में बड़े बदलाव दिखाई देंगे।  

‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना को मिलेगा बढ़ावा, खेल ढांचे के विस्तार पर जोर

पटना बिहार में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सम्राट चौधरी सरकार ने कई बड़े ऐलान किए हैं। सम्राट चौधरी सरकार ने साफ किया है कि बिहार में अब ओलंपिक जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार ने ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना को भी बढ़ावा देने का मन बनाया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेलों को बिहार में ओलंपिक स्तर की सुविधाएं दी जायेंगी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियमों का निर्माण समय सीमा के भीतर पूरा करने और इनके संचालन एवं रख-रखाव की व्यवस्था पीपीपी मॉडल के माध्यम से करने का निर्देश दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और तमाम उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाये गये हैं। विश्वस्तरीय खेल अवसंरचनाओं का निर्माण चरणबद्ध ढंग से कराया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले युवा एवं प्रतिभावान खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा रहा है। बेहतर खेल प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को सुविधाएं देने के साथ-साथ उन्हें ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने खेल विश्वविद्यालय, राजगीर में ऐसे पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता देने का कहा, जिनमें नवाचार, देशस्तर पर उपयोगी एवं रोजगार की अधिक संभावनाएं हों। जिला स्तरीय खेल भवन-सह-व्यायामशालाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा इनके संचालन एवं रख-रखाव के लिए पीपीपी मॉडल की संभावनाओं का आकलन किया जाए। इसके पहले खेल सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने खेल अवसंरचना का विकास, विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति, खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं, प्रोत्साहन एवं सम्मान तथा खेल विकास की भावी कार्य योजना की जानकारी दी। बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह व संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविन्द्रण शंकरण, खेल निदेशक आरिफ अहसन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पंचायत स्तर पर नियमित खेल उत्सवों एवं खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने समक्षा बैठक के दौरान कहा कि पंचायत खेल क्लबों से पुराने खिलाड़ियों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों को जोड़कर खेल संस्कृति को विकसित किया जाए। साथ ही जिला एवं प्रखंड स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार करने का भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। पटना के डुमरी खेल परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनेगा मुख्यमंत्री ने पटना के डुमरी खेल परिसर में सभी खेलों के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का निर्माण तथा राजगीर में क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 31 दिसंबर तक पूर्ण करने का निर्देश दिया। कहा कि राज्य की कुल 8053 ग्राम पंचायतों में से 5266 में खेल मैदान का निर्माण हो चुका है। शेष का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण होगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों में वीबी जी रामजी के माध्यम से खेल मैदानों के निर्माण का निर्देश दिया।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मां को नमन कर साझा की भावुक तस्वीर, सोशल मीडिया पर वायरल

पटना  मातृ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भावुक संदेश और वीडियो साझा कर अपनी मां को याद किया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्ट में उन्होंने मातृत्व की महत्ता, त्याग और संस्कारों की भावना को भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त किया। माता को नमन करती तस्‍वीर की साझा मुख्यमंत्री ने अपनी दिवंगत माता पार्वती देवी को नमन करते हुए एक तस्वीर भी साझा की। तस्वीर पर लिखा था, मां ही पहली गुरु, पहली मित्र और ईश्वर का सबसे सुंदर स्वरूप है। एक मां का स्नेह, त्याग और आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। इसके साथ उन्होंने समस्त मातृशक्ति को शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि ईश्वर से उनकी प्रार्थना है कि सभी माताएं सदैव स्वस्थ, सुखी और सम्मानित रहें। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि त्याग, ममता और संस्कारों की सबसे बड़ी शक्ति होती हैं। वह बिना किसी अपेक्षा के अपना पूरा जीवन परिवार और बच्चों के लिए समर्पित कर देती हैं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। 2022 में हो गया था सम्राट चौधरी की माता का निधन मुख्यमंत्री का यह भावुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी भावनाओं की सराहना करते हुए अपनी माताओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी की माता पार्वती देवी का वर्ष 2022 में निधन हो गया था। वे वर्ष 1998 के उपचुनाव में समता पार्टी के टिकट पर विधायक भी चुनी गई थीं। राजनीतिक और सामाजिक जीवन में उनकी सक्रिय भूमिका को आज भी याद किया जाता है।  

बिहार पुलिस का बड़ा अभियान: सीवान से पटना तक एनकाउंटर की झड़ी, कई अपराधी ढेर

पटना बिहार में अपराधियों पर ताबड़तोड़ ऐक्शन हो रहा है। मुख्यमंत्री की गद्दी संभालने के बाद सम्राट चौधरी ने पहले ही कहा था कि वो अपराधियों का पिंडदान करेंगे। सीएम के इस कथन के बाद से ही राज्य में अपराधियों पर पुलिस कहर बनकर बरप रही है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महज 18 दिन के सम्राट चौधरी के राज में मगध से अंग और सारण तक पांच एनकाउंटर अब तक हो चुके हैं। सबसे पहले बात करते हैं आज यानी रविवार को सीवान जिले में हुए ताजा एनकाउंटर की। सारण में दो एनकाउंटर सीवान के चर्चित हर्ष मर्डर केस में पुलिस ने  एनकाउंटर किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू यादव को मुठभेड़ में मार गिराया है। यहां भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की गत 29 अप्रैल को गोली मारकर हत्या करने वाले मुख्य आरोपित सोनू यादव को पुलिस के साथ मुठभेड़ में रविवार की अहले सुबह ढेर कर दिया गया। वह हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सरेया का रहने वाला है। गाड़ी सटने के विवाद में पूर्व एमएलसी के भांजा व बहनोई को गोली मार दी गई थी। भांजे हर्ष की मौत हो गई थी और बहनोई का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इससे पहले इस हत्याकांड के एक दिन बाद यानी 30 अप्रैल की सुबह भी सीवान पुलिस ने इसी मर्डर केस से जुड़े एक अन्य आरोपी छोटू यादव का हाफ एनकाउंटर किया था। पुलिस ने छोटू यादव के पैर में गोली मारी थी। पुलिस की गोली से छोटू जख्मी हुआ था और उसे बाद में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अंग के सुल्तानगंज में रामधनी यादव का एनकाउंटर इससे पहले सम्राट चौधरी की पुलिस ने बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति पर हुए हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता रामधनी यादव को 29 अप्रैल को पुलिस मुठभेड़ में मारा गिराया था। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और दो निरीक्षक घायल हो गए थे। दरअसल 28 अप्रैल को तीन हथियारबंद अपराधियों ने सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में सभापति राजकुमार के कक्ष में गोलीबारी की थी। जिसमें सभापति और कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में कार्यपालक पदाधिकारी की मौत हो गई थी। राजकुमार को इलाज के लिए पटना के एक अस्पताल में भेज दिया गया था। यह जानकारी सामने आई थी कि सुल्तानगंज नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी और उनके पति रामधनी यादव ने व्यक्तिगत रंजिश में सभापति राजकुमार पर हमला करवाया था। बाद में रामधनी यादव पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। ज्वेलरी लूटकांड के आरोपी का पटना में हाफ एनकाउंटर इससे पहले 22 अप्रैल को पटना पुलिस ने एक हाफ एनकाउंटर किया था। पुलिस ने रामकृष्णा नगर इलाके में एक ज्वेलरी लूट के आरोपी को उसी जगह पर गोली मारी थी जहां अपराधियों ने लूट के माल का बंटवारा किया था। दरअसल 19 अप्रैल को रामकृष्णा नगर में गहनों की लूटपाट हुई थी। इस लूटकांड में पुलिस ने दिलीप को पकड़ा था। पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया था कि दिलीप ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। पुलिस जब उसे लेकर हथियार बरामदगी के लिए गई थी तब उसने पुलिस पर गोली चलाई थी। जिसके बाद मोर्चा संभालते हुए पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी थी। पुलिस ने बताया था कि इस लूटकांड में कुल 4 अपराधी शामिल थे। नवादा में 50 हजार के इनामी का एनकाउंटर इससे पहले पुलिस ने 26 अप्रैल को नवादा जिले में एक हाफ एनकाउंटर किया था। यहां रोह थाना क्षेत्र के कोशी गांव में राइस मिल के पास पुलिस की गोली लगने से एक अपराधी घायल हो गया था। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और 3 कारतूस बरामद किए थे। आरोपी की पहचान मूल रूप से बिहार के ही जमुई जिले के रहने वाले लछुआड़ गांव के मिटू यादव के तौर पर हुई थी। मिंटू पर आरोप था कि वो एक मेडिकल प्रैक्टिशनर अशोक कुमार की निर्मम हत्या में शामिल था। मिंटू के खिलाफ कई अन्य केस भी दूसरे थानों में केस दर्ज है। पुलिस ने उसे अंतरराज्यीय अपरााधी बताया था। मंटू पर 50 हजार रुपये का इनाम था।

बिहार में आज बड़ी बैठक: Samrat Choudhary की कैबिनेट ‘विकसित भारत, समृद्ध बिहार’ एजेंडे पर करेगी मंथन

पटना. मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे से लौटते ही एक्‍शन मोड में होंगे। प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात के बाद बुधवार शाम छह बजे उन्होंने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी दूसरी कैबिनेट बैठक है, लेकिन राजनीतिक लिहाज से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में पीएम से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने ‘विकसित भारत और समृद्ध बिहार’ के विजन पर मार्गदर्शन मिलने की बात कही। इसे सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले फैसलों के लिए केंद्रीय नेतृत्व से ‘ग्रीन सिग्नल’ के तौर पर देखा जा रहा है। कैबिनेट में दिखेगा पावर बैलेंस? कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम व‍िजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद रहेंगे। फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने के कारण सभी विभाग इन्हीं तीन नेताओं के पास हैं। ऐसे में आज की बैठक में लिए जाने वाले फैसले सरकार की प्राथमिकताओं और सत्ता के भीतर पावर बैलेंस को भी साफ कर सकते हैं। विश्वासमत से पहले ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ 24 अप्रैल को होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में सम्राट चौधरी को विश्वासमत हासिल करना है। इससे ठीक पहले कैबिनेट बैठक को ‘मैसेज पॉलिटिक्स’ के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार कुछ बड़े और जनहित से जुड़े फैसलों के जरिए राजनीतिक बढ़त लेने की कोशिश कर सकती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है। भाजपा संगठन से भी साधा तालमेल दिल्ली दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने भाजपा नेतृत्व से भी मुलाकात की। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ उनकी बैठक को संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

बिहार में सम्राट चौधरी होंगे अगले सीएम, बीजेपी ने चुना विधायक दल का नेता, कल शपथ ग्रहण समारोह

पटना बिहार की राजनीति के लिए 14 अप्रैल 2026 का दिन ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बना है. करीब दो दशकों तक बिहार की सत्ता के केंद्र रहे नीतीश कुमार के बाद  सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो चुका है. शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को होने जा रहा है. राजनीति के जानकारों की नजर में भाजपा के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि बिहार में लंबे समय बाद वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज होगी. स्पष्ट है कि इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच बिहार की बदलती सियासी तस्वीर में सम्राट चौधरी एक बेहद अहम चेहरा बनकर उभरे हैं।  सम्राट चौधरी होंगे बिहार के अगले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे. उन्हें ​बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है. पटना में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में हुई बीजेपी विधानमंडल की बैठक में विजय सिन्हा, मंगल पांडे और दिलीप जायसवाल ने भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा. सम्राट चौधरी थोड़ी देर में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।  बिहार में अब नई सरकार काम करेगी- नीतीश कुमार उन्होंने आगे कहा, 'इन दिनों काम को और आगे बढ़ाया गया है. अगले पांच वर्षों यानि 2025 से 2030 के लिए 7 निश्चय-3 का गठन किया गया है. इससे और ज्यादा काम होगा जिससे बिहार काफी आगे बढ़ेगा. बिहार के विकास में केन्द्र का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नमन करते हैं. बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के टॉप राज्यों में शामिल हो जाएगा तथा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा. हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया है. इतने दिनों से हमने लगातार लोगों की सेवा की है. हमने तय किया था कि अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे और इसलिए आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद माननीय राज्यपाल से मिलकर उन्हें इस्तीफा सौंप दिया. अब नई सरकार यहां का काम देखेगी. नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा. आगे भी बहुत अच्छा काम होगा तथा बिहार बहुत आगे बढ़ेगा. सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं तथा शुभकामनाएं देता हूं।  हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया- नीतीश कुमार नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ बिहार में एक राजनीतिक युग का अंत हो गया है. उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं. इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने X पर एक पोस्ट में अपने कार्यकाल की उप​लब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने लिखा, 'आप जानते हैं कि 24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी. तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं. सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो- सभी के लिए काम किया गया है. हर क्षेत्र में काम हुआ है चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कृषि हो. महिलाओं एवं युवाओं के लिए भी बहुत काम किया गया है।  बता दें कि कभी राजद और जदयू के सिपाही रहे सम्राट आज भाजपा के उस ‘किंग’ की भूमिका में नजर आएंगे, जिन्होंने नीतीश कुमार के साथ सत्ता की साझेदारी में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है।  विरासत और शुरुआती संघर्ष सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है. उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे. सम्राट चौधरी ने 1990 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा और महज 31 साल की उम्र में 1999 में कृषि मंत्री बनकर अपनी धमक दिखाई. परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से उनकी जीत ने उन्हें राज्य की राजनीति में स्थापित कर दिया। राजनीतिक करियर की मुख्य उपलब्धियां     19 मई 1999: बिहार सरकार में कृषि मंत्री के पद की शपथ ली.     2000-2010: परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से लगातार चुनाव लड़ा और जीता.     2010: बिहार विधानसभा में विपक्षी दल के मुख्य सचेतक बनाए गए.     2 जून 2014: शहरी विकास और आवास विभाग के मंत्री पद की शपथ ली. बदलता राजनीतिक पाला और भाजपा में उदय इसके बाद सम्राट चौधरी ने भाजपा का रास्ता चुना. राजद और जदयू में रहने के बाद सम्राट चौधरी का भाजपा में शामिल होना उनके करियर का ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुआ. वर्ष 2018 में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बिहार प्रदेश का उपाध्यक्ष बनाया. उन्होंने विधान परिषद में भी विरोधी दल के नेता की भूमिका निभाई. 2023 के मार्च महीने में वे भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए, जो इस बात का संकेत था कि आलाकमान उन पर बड़ा दांव खेलने जा रहा है. फिर जनवरी 2024 में उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाया गया. इसके बाद दुबारा 20 नवंबर 2025 को उन्होंने फिर से डिप्टी सीएम पद की शपथ ली।  मुरैठा (पगड़ी) की प्रतिज्ञा बता दें कि भाजपा में आने के बाद शुरुआती दौर में वह नीतीश कुमार के विरोधी नेता के तौर पर उभरे और उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर नहीं करेंगे, वे अपनी पगड़ी नहीं खोलेंगे. हालांकि, बदलते समीकरणों के साथ वे आज नीतीश सरकार में ही डिप्टी सीएम की भूमिका निभाते रहे हैं.सम्राट चौधीरी ने जब नीतीश कुमार को हटाने का संकल्प लिया था और मुरेठा नहीं उतारने का वचन लिया था तो वह काफी चर्चा में रहे थे।  मौजूदा दौर की राजनीति में क्यों हैं खास? बता दें कि सम्राट चौधरी लव-कुश (कुर्मी-कोइरी) समीकरण के ‘कुश’ समुदाय से आते हैं. भाजपा उनके जरिए बिहार के एक बड़े पिछड़ा वर्ग वोट बैंक को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है. वे विपक्ष और सहयोगियों, दोनों के सामने अपनी बात बेबाकी से रखने के लिए जाने जाते हैं।  सत्ता में दोहरा कार्यकाल यहां यह भी बता दें कि पहली बार जनवरी 2024 और फिर 20 नवंबर 2025 को दोबारा डिप्टी सीएम बने थे. भाजपा की राजनीति की दृष्टि से देखिये तो यह दर्शाता है कि भाजपा के भीतर और … Read more

‘5 वर्षों में बिहार में ही मिलेगा रोजगार, अब बाहर नहीं जाना होगा’: सम्राट चौधरी

समस्तीपुर. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हम न्याय यात्रा और प्रगति यात्रा में आपके बीच आए थे। क‌ई योजनाओं को शुरू करने का लक्ष्य लिया था। सभी का कार्य शुरू किया गया है। सभी की समीक्षा जारी है। पूरे वादे को 2026 में पूरा करने का किम किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा बीस साल पहले कैसा बिहार था। गांव में बिजली, सड़क, पानी, पंचायत भवन और हाई स्कूल नहीं था। नीतीश ने पूरी व्यवस्था को बदला। आज विकास गांव गांव तक पहुंचा। मोदी सरकार ने गांव गांव बिजली की बात कही उससे बढ़कर नीतीश कुमार ने घर घर पहुंचने की बात कही।  महिलाओं की अपील पर मुफ्त बिजली सम्राट चौधरी ने कहा महिलाओं की अपील पर मुफ्त बिजली की योजना बनाई गई। जिस बिहार में 17 लाख उपभोक्ताओं थै। 2.54 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंचाया। 1.90 घरेलू उपभोक्ताओं। 1.70 करोड़ का बिजली बिल जीरो आ रहा। सीएम संवाद में रोजगार की बात आयी। सीएम ने 1.56 करोड़ को रोजगार के लिए पैसा दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा क‌ई बहनें कह रही कि हम बकरी पालन, दुकान, सिलाई आदि का काम कर रहे। जो बहनें आगे रोजगार करती रहेगी। उसे दो लाख की सहायता मिलेगी। पंचायत सरकार भवन बन रहा। डिग्री कालेज नहीं है। सभी प्रखंड में अगले दो वर्ष में खोला जाएगा। गांव में बिजली, पानी, सड़क की व्यवस्था होगी।   पांच साल रोजगार की बात होगी सम्राट चौधरी ने कहा आने वाले पांच साल रोजगार की बात होगी। उद्योग के लिए एक रुपया में जमीन मिलेगी। 500 करोड़ से अधिक का उद्योग लगाने वालों को। रोजगार लेने बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सेमी कंडक्टर के माध्यम से उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इसका जंक्शन समस्तीपुर को बनाया है। सभी फोरलेन का कनेक्शन यहां से ही होगा। विकास की किरण यहां लगातार पहुंच रही है। अंत में उन्होंने कहा अच्छा रोजगार करने प्रदेश जा रहा है तो जाए मजदूरी के लिए जाने की जरूरत नहीं है। उसे पांच वर्ष के भीतर यहां रोजगार दिया जाएगा। 10 में 8 सीट देने के लिए कार्यकर्ता और आम जनता का आभार।

CM नीतीश की बड़ी भविष्यवाणी: सम्राट चौधरी को लेकर पिता शकुनी चौधरी से क्या बोले?

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को यहां वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन समारोह में शामिल हुए। शकुनी चौधरी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पिता हैं और उनका तीन दशक लंबा राजनीतिक करियर है। जन्मदिन के मौके पर नीतीश कुमार शकुनी चौधरी के आवास पहुंचे और शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो इस समारोह के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पहले शकुनी चौधरी को बधाई देते नजर आते हैं और फिर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की खुलकर प्रशंसा करते हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “सम्राट चौधरी जिस तरह से अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं, वह काबिले-तारीफ है। आपका बेटा बहुत आगे जाएगा। मैं हमेशा उसके साथ हूं।” बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं शकुनी चौधरी बता दें कि शकुनी चौधरी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में भी सेवा दी थी। जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा कई अन्य मंत्री और नेता भी शामिल हुए। इस मौके पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, “मेरे पिता लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने सेना में सेवा दी और सड़क से लेकर संसद तक बिहार के समाज को मुख्यधारा में लाने का काम किया। हम सभी की कामना है कि वे 190 साल तक हमें अपना आशीर्वाद देते रहें।” सम्राट चौधरी ने समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य मंत्रियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

सम्राट चौधरी के पास भारी संपत्ति, नीतीश से भी अधिक दौलतमंद: रिवॉल्वर और निवेश में करोड़ों

 पटना नीतीश सरकार के मंत्रियों ने वर्ष 2025 के अंतिम दिन अपनी चल-अचल संपत्ति की घोषणा की। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने बुधवार की शाम इसे जारी किया। इसके अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई गुना ज्यादा संपत्ति मंत्रियों के पास है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार और श्रम संसाधन मंत्री संजय टाइगर को छोड़ अन्य सभी मंत्री करोड़पति हैं। ज्यादातर मंत्री हथियारों और गहनों के भी शौकीन हैं। सभी के पास अपने वाहन हैं। सबसे ज्यादा आभूषण पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास है। उनके पास दो किलो सोना और 6 किलो चांदी है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी की पत्नी के बैंक खातों में 22 करोड़ 54 लाख रुपये जमा हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास महज 1.65 करोड़ की संपत्ति है। चल 17,66,196 और अचल संपत्ति 1.48 करोड़ है। उनकी संपत्ति पिछले साल की तुलना में 70 हजार रुपए बढ़ी है। उनके पास 20552 नकद है। हालांकि, नगद राशि में 500 रुपए की कमी आई है। उनके पास दो अंगूठी है। 20 ग्राम के सोने की अंगूठी और एक मोती लगी चांदी की अंगूठी। मुख्यमंत्री के पास न तो कोई कृषि भूमि है न व्यावसायिक जमीन। नीतीश कुमार गोपालन के शौकीन मुख्यमंत्री गोपालन के भी शौकीन हैं। उनके पास दस गायें और 13 बछड़े हैं। इसके अलावा उनके पास इको स्पोर्ट्स व टाइटेनियम कार भी है। उनके पास घरेलू उपयोग की सामग्री एसी, एयरकूलर, कम्प्यूटर, वाशिंग मशीन, माइक्रो ओवेन, ओटीजी और एक्सरसाइज साइकिल है। दिल्ली के द्वारिका में एक हजार वर्गफीट का एक फ्लैट है। इसे उन्होंने वर्ष 2004 में 13.78 लाख में खरीदा था। उनके ऊपर बैक का ऋण नहीं है। न कोई सरकारी बकाया है। उनके ऊपर कोई कर देयता भी नहीं है। वर्ष 2024 में सीएम के पास 21052 रुपए नगद था जबकि 1697741 लाख रुपए की चल संपत्ति थी। सम्राट के पास रिवॉल्वर के साथ एक राइफल भी उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पास 1.35 लाख रुपये नकद जबकि बैंक खातों में 17.45 लाख रुपये जमा है। उन्होंने बांड आदि में 31.83 लाख रुपये जबकि बचत योजनाओं में करीब 20 लाख रुपये का निवेश कर रखा है। पत्नी के नाम पर 2021 में पटना के गोला रोड में 1450 स्क्वायर फुट के फ्लैट है। 4.91 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि है। इसका ब्योरा अलग एनेक्शचर में डाला गया है। उनके पास पिता से मिली एक रिवॉल्वर के अलावा एक एनपी बोर की राइफल है। वाहन के नाम पर 2023 मॉडल की बोलेरो कार है। ज्वेलरी के नाम पर 20 लाख रुपये मूल्य का 200 ग्राम सोना है। उन पर कोई ऋण नहीं है। संजय के खाते में 85 हजार 23.76 लाख की कार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह के पास 85 हजार नकद और विभिन्न बैंकों में 20.55 लाख रुपये है। राजीव नगर में 2.54 करोड़ का भवन है। 20.25 लाख के गहने हैं। पत्नी के पास 40.50 लाख के गहने और होंडा कार है, मंत्री के पास पिस्टल और राइफल भी है। अरुण शंकर 82 लाख की जमीन के मालिक पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के पास कुल 2.55 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति है। इसमें 78 लाख 12 हजार 314 रुपये की चल संपत्ति एवं अचल संपत्ति के रूप में 82 लाख रुपये की कीमत वाली कृषि योग्य भूमि एवं 95 लाख रुपये की कीमत वाली रिहायशी घर है। लखेन्द्र के पास 97 लाख 65 हजार की चल संपत्ति अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन के पास 97 लाख 65 हजार 434 रुपये की चल संपत्ति है। वहीं, उनकी पत्नी के नाम पर 9,58,255 रुपये, पुत्र के नाम पर 1.68 लाख और पुत्री के नाम पर 1,79,225 रुपये की चल संपत्ति है। गाड़ी के शौकीन हैं पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता वाहनों के शौकीन हैं। उनके पास 57 लाख रुपए की फार्च्यूनर और 14 लाख की टाटा सफारी गाड़ी है। 40 हजार रुपए मूल्य की 5 ग्राम सोना है। मंत्री के पास 50 हजार रुपए कैश हैं, जबकि इनकी पत्नी के पास 20 हजार रुपए कैश हैं। अशोक चौधरी की पत्नी के खाते में 22.54 करोड़ ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी से कई गुना अधिक धनी उनकी पत्नी हैं। मंत्री के पास 50 हजार तो उनकी पत्नी के पास 10 हजार नकदी है। लेकिन विभिन्न बैंकों में मंत्री ने 53 लाख जमा किए हैं जबकि पत्नी के नाम पर 22 करोड़ 54 लाख जमा है। मंगल पांडेय 1.32 करोड़ चल संपत्ति के मालिक स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के पास 59 हजार नकद है। 18.83 लाख बैंक में और नन बैंकिंग कंपनी में एक करोड़ जमा है। पत्नी के पास बैंक में 24 लाख रुपये जमा हैं। मंत्री के पास 7.80 लाख,पत्नी के पास 25 लाख के गहने हैं। मंत्री के पास कुल 1.32 करोड़ की चल संपत्ति है। रामकृपाल के पास 315 बोर की एक राइफल कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के पास मात्र 12 हजार रुपये नकद जबकि 8.30 लाख बैंकों में जमा है। हथियार में 315 बोर की एक राइफल है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास 3 करोड़ 75 लाख 21 हजार 737 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनके पति के पास 2 करोड़ 30 लाख 22 हजार 528 की चल संपत्ति है।निषाद के पास 2 किलोग्राम और 6 किग्रा चांदी है। नारायण प्रसाद ज्वेलरी के शौकीन, तीन वाहन भी आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद के पास हथियार के नाम पर एक बंदूक और एक राइफल है। उनके नाम पर एक जीप, एक इनोवा कार और एक स्कॉर्पियो एन सहित तीन वाहन हैं। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान को ढाई लाख रुपये का पिस्टल भी मंत्री ने अपने पास रखा है। कैमूर में उनके पास खेती योग्य 30 लाख रुपये की जमीन और गैर कृषि योग्य 19 लाख रुपये की जमीन है। संजय टाइगर के पास 32 लाख की संपत्ति श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर के पास नकद 45 हजार तथा बैंकों वित्तीय संस्थानों में 24 लाख रुपये जमा है। इनकी चल संपत्ति 32 लाख की है। कोई अचल संपत्ति नहीं है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के पास … Read more