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सम्राट चौधरी की नई पहल: पिंक पुलिस करेगी छेड़खानी पर त्वरित कार्रवाई

पटना  पुलिस मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ जैसे ही सम्राट चौधरी ने गृह विभाग संभाला, बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक नया दौर शुरू होता दिखा. 1972 के बाद पहली बार किसी गैर-मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय की कमान ली है और सम्राट चौधरी ने आते ही घोषणा कर दी. छेड़खानी हुई तो आरोपी ही नहीं, जिम्मेदार पुलिसकर्मी भी कार्रवाई होगी. अपराधियों-कुख्यातों की संपत्ति जब्ती से लेकर साइबर अपराध पर ‘सफाई अभियान’ पर सख्त फैसला लिया. पदभार ग्रहण करते ही सम्राट चौधरी शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने साफ कर दिया कि अब बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. एंटी रोमियो स्क्वॉड और पिंक पुलिस तैनात होगी सम्राट चौधरी ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि एंटी रोमियो स्क्वॉड यूपी मॉडल पर तैयार किया जाएगा. हर स्कूल-कॉलेज के छुट्टी समय के आसपास पिंक पुलिस तैनात रहेगी और किसी भी तरह की छेड़खानी पर सीधे कार्रवाई होगी. उन्होंने साफ कहा -अगर किसी युवती, छात्रा या महिला से छेड़खानी हुई, तो आरोपी तो गिरफ्तार होगा ही, लेकिन लापरवाही करने वाली पुलिस पर भी कार्रवाई होगी. डिजिटल अपराध के खिलाफ सफाई अभियान साइबर क्राइम और डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए गृहमंत्री ने बड़ा अभियान चलाने का एलान किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर अपशब्द, भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो डालने वालों की पहचान तत्काल की जाए और कार्रवाई में देरी न हो. जेल प्रशासन को भी कड़ी चेतावनी दी गई है. जेल में मोबाइल मिलने पर जेल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी. डॉक्टर की अनुमति के बिना कैदियों को बाहर से भोजन भेजने पर रोक होगी. 400 माफियाओं की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू सम्राट चौधरी ने कहा कि संगठित अपराध का नेटवर्क तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हो गई है. राज्य में बालू, शराब और जमीन से जुड़े करीब 400 कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए सूची तैयार है. दो माफियाओं की संपत्ति जब्ती की अनुमति कोर्ट से मिल चुकी है. गृहमंत्री ने कहा— बिहार में अपराध करके करोड़ों की संपत्ति खड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. स्पीडी ट्रायल चलेगा और सजा सुनिश्चित की जाएगी. कानून-व्यवस्था सुधारने की तैयारी पदभार संभालने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने पांच पूर्व डीजीपी और निगरानी ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. बैठक में अपराध नियंत्रण, जेल मॉनिटरिंग, स्पेशल कोर्ट बढ़ाने और आर्म्स एक्ट मामलों में समयबद्ध सजा सुनिश्चित करने पर सुझाव मिले. उन्होंने कहा कि सभी सुझावों को लागू किया जाएगा और पुलिस प्रशासन को और मजबूत किया जाएगा. बिहार में सुशासन कायम रहेगा अयोध्या के राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून का राज और सुशासन को और मजबूत किया जाएगा. यूपी मॉडल की चर्चा पर उन्होंने कहा कि बिहार अपना मॉडल भी प्रभावी तरीके से लागू करेगा.

किसे मिला कौन-सा विभाग? नीतीश के नए मंत्रिमंडल का पूरा ब्योरा

पटना बिहार में नीतीश सरकार के गठन के बाद अब मंत्रियों के विभाग का भी बटवारा कर दिया गया है. विभाग बटवार से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद बिहार कैबिनेट के सभी विभागों का मंत्रियों में बांट दिया गया. इस सूची को राज्यपाल को भी सौंपा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गृहमंत्रालय है जबकि विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व, खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. खास बात यह है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता, अनुभव और क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन को बड़ा ध्यान में रखा गया है. आइए जानते हैं कि विभाग बटवारे में किस को क्या मिला है? मुख्य चेहरे और उनकी जिम्मेदारियां – सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम) को गृह मंत्रालय की कमान मिली है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी और भरोसे का संकेत है. – विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम) को भूमि एवं राजस्व के साथ-साथ खान एवं भू-तत्व मंत्रालय सौंपा गया है- यह उनके प्रशासकीय अनुभव और क्षेत्रीय दायित्व को दिखाता है. – विजय कुमार चौधरीजल संसाधन और भवन मंत्रालय संभालेंगे, जो विकास एवं अवसंरचना दोनों के लिए अहम हैं. – वहीं दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्री बनाया गया है, जिससे बिहार की आर्थिक वृद्धि और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. – श्रवण कुमारग्रामीण विकास कार्य और परिवहन विभाग की कमान संभालेंगे, ग्रामीण इलाकों में बेहतर संपर्क और विकास को उनकी जिम्मेदारी दी गई है. – अशोक चौधरीग्रामीण कार्य मंत्रालय में रहेंगे, जिससे स्थानीय सुदृढीकरण और सरकारी योजनाओं की पहुंच बनी रहेगी. – मदन सहनीसमाज कल्याण मंत्री होंगे, उनका ध्यान कमजोर वर्गों की सेवा पर रहेगा. – रमा निषाद पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग का नेतृत्व करेंगी, जिससे समाज में समानता और अवसरों का विस्तार सुनिश्चित हो सके. – लखेन्द्र पासवान को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्रालय मिला है, जो सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगा. अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय – मंगल पांडेय स्वास्थ्य एवं विधि विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानूनी सुधार दोनों पर रहेगी. – लेशी सिंह खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों के लिए अहम है. – नितिन नवीन पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग देखेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार को बल मिलेगा. – सुनील कुमार शिक्षा मंत्री होंगे, जो विद्यार्थियों की शिक्षा-ज्‍यादा अपनत्व सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे. – रामकृपाल यादव हरित क्रांति को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्रालय का नेतृत्व संभालेंगे. – जमा खान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री होंगे, समुदायों के सशक्तिकरण पर ध्यान देंगे. – संजय टाइगर श्रम संसाधन मंत्री होंगे, रोजगार और मजदूरों के हितों की रक्षा करेंगे. – अरुण शंकर प्रसाद पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय देखेंगे, जिससे सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. – सुरेन्द्र मेहता पशु एवं मत्स्य विभाग संभालेंगे, जो कृषि से जुड़े पशु-उत्पादन को सुदृढ़ बनाएगा. – नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय में काम करेंगे- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की जिम्मेदारी उनकी होगी. – श्रेयसी सिंह सूचना और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेंगी, जिससे खेल और संचार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. – प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहकारिता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को संभालेंगे, जो सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है. – दीपक प्रकाश और संजय पासवान को भी मंत्री बनाया गया है, हालांकि उनके विभागों की भूमिका अभी विस्तृत नहीं की गई है. राजनीतिक संतुलन और चुनौतियां इस विभाग-वितरण ने यह दर्शाया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बराबर महत्व मिला है. वरिष्ठ मंत्रियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में रखा गया है, जबकि सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालयों में पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को भी भरोसे का दायित्व सौंपा गया है. अब अगला कदम नई कैबिनेट की पहली बैठक होगी, जिसमें सरकार की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और नई नीतिगत दिशा का खाका तैयार किया जाएगा.

राहुल-तेजस्वी पर बरसे सम्राट चौधरी, बोले- लोकतंत्र के दुश्मनों को सबक सिखाएगी जनता

पटना  बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव पर बुधवार को जोरदार निशाना साधते हुए उन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता दोनों राजकुमारों को सबक सिखाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के 'वोटर अधिकार यात्रा' में शामिल होने पर लालू परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार उन लोगों को बिहार बुला रहा है, जिन्होंने बिहार की जनता का अपमान किया और सनातन धर्म का विरोध किया। उन्होंने स्टालिन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग बिहार के लोगों का अपमान करते हैं, सनातन धर्म का विरोध करते हैं। ऐसे नेताओं को राजद संरक्षण दे रहा है, जो बिहार और उसके सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता इस सियासी खेल को समझती है और वह एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है। 'वोटर अधिकार यात्रा' और एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के लिए एसआईआर कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि विकास, तरक्की और रोजगार उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने एनडीए सरकार के तहत पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को समृद्ध बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 'वोटर अधिकार यात्रा' में रेवंत रेड्डी और स्टालिन के जुड़ने को 'घुसपैठिया' करार दिया। डिप्टी सीएम के अनुसार, घुसपैठिये आए हैं, चले जाएंगे। यह बिहार यहां पर था और रहेगा। चौधरी ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आपातकाल का जिक्र किया, जब निर्दोष लोगों को जेल में डाला गया। लोकतंत्र की हत्या की गई। इसी तरह उन्होंने लालू यादव पर भी सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। मोहन भागवत के बयान पर उन्होंने कहा कि भारत के निर्माण में सभी का सहयोग है। भारत का मतलब भगवान राम और श्री कृष्ण के वंशजों से है। उन्होंने कहा कि समय के साथ कुछ लोगों ने पूजा पद्धति बदली, लेकिन सभी भारतीय हैं। यह सनातन संस्कृति की एकता को दर्शाता है, जो भारत की मूल पहचान है। पीएम मोदी के पूर्णिया दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि लगभग 40,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की घोषणा की जाएगी। कई परियोजनाओं का जुड़ना अभी बाकी है। पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन किया जाएगा। इससे क्षेत्र में हवाई यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।