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नीति का इंतजार, हादसों का सिलसिला जारी: इंदौर में ई-रिक्शा बना संकट

इंदौर कुछ वर्ष पहले जब शहर में ई-रिक्शा का चलन शुरू हुआ था तो शहरवासियों को उम्मीद थी कि उन्हें आवागमन के लिए प्रदूषण रहित साधन मिल गया। न वाहन की कर्कश आवाज सुनाई देगी न इससे निकलने वाला काला धुआं नजर आएगा। ऐसा हुआ भी, लेकिन राहत के नाम पर शुरू हुई सुविधा शहरवासियों के लिए अब परेशानी का सबब बन गई है। शहर में ई-रिक्शा की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी कि किसी को कुछ समझ ही नहीं आया। राजवाड़ा जैसा सघन क्षेत्र जहां पैदल चलना भी मुश्किल है वहां ये ई-रिक्शा बेखौफ होकर सड़क पर मंडराते हैं और कोई कुछ नहीं कर पाता। राजवाड़ा पर तो पुलिस चौकी के समीप जिम्मेदारों की आंखों के सामने ही अस्थाई ई-रिक्शा स्टैंड बन गया है। आज हालत यह है कि जिस गली, मोहल्ले, कालोनी, सड़क पर पर निकल जाओ, ई-रिक्शा ही नजर आते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ई-रिक्शा की संख्या नियंत्रित करने के लिए आज तक कोई नीति नहीं बनी। इतना ही नहीं न तो इनके लिए कोई रूट प्लान तैयार किया गया न और न कभी किराया नियंत्रित करने का प्रयास हुआ। ऐसा नहीं कि जिम्मेदारों ने कागजों पर ई-रिक्शा को नियंत्रित करने का प्रयास न किया हो, लेकिन ये प्रयास कभी कागजों से निकलकर मैदान में नजर नहीं आए।   बाहर हजार से ज्यादा ई-रिक्शा करीब छह माह पहले महापौर ने खुद सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि राजवाड़ा क्षेत्र ई-रिक्शा मुक्त होगा, लेकिन घोषणा भी हवा में उड़ गई और कुछ नहीं हुआ। परिवहन विभाग के अनुसार शहर में वर्तमान में बारह हजार से ज्यादा ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। हाई कोर्ट खुद परिवहन विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम को ई-रिक्शा की वजह से शहरवासियों को हो रही परेशानी को लेकर फटकार लगा चुका है, बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ। कुछ वर्ष पहले जब शहर में ई-रिक्शा शुरू हुए थे तो लोग उन्हें अचरज भरी नजर से देखते थे। आज हालत यह है कि ई-रिक्शा देखते ही शहरवासियों को कोफ्त होने लगती है। जहां सवारी ने हाथ दिया, वहीं रिक्शा रोक दिया 22 जुलाई को कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और निगमायुक्त को व्यक्तिगत रूप से हाई कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर बताना है कि यातायात सुधार के लिए उन्होंने क्या उपाय किए? आदेश को एक सप्ताह होने को आया है, लेकिन मजाल है शहर के यातायात में रत्तीभर भी कोई सुधार हुआ हो। जनप्रतिनिधियों का भी आलम यह है कि रोजाना नई-नई घोषणा कर रहे हैं, लेकिन शायद ही कोई घोषणा मूर्तरूप ले पाती हो। जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कुंभकर्णीय नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। ई-रिक्शा चालक प्रदूषण न फैलाने के नाम पर मिली छूट का फायदा उठाकर ट्रैफिक को बद से बदतर बना रहे हैं। जहां सवारी ने हाथ दिया, वहीं रिक्शा रोक दिया, चाहे पीछे से आ रहे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार ही क्यों न हो जाएं। पिछले साल 26 रूट तय किए गए थे राजवाड़ा पर तो मनमर्जी का आलम ये है कि भले ही दो पहिया वाहन को जाने की जगह न मिलें, लेकिन इन्हें अपने वाहन खड़े करने की इतनी जल्दी होती है कि चाहे इनके कारण वाहनों की कतार लग जाए। इन्हें अपनी हिसाब से ही चलना है। पिछले साल प्रशासन ने इन पर सख्ती कर इनके 26 रूट तय किए थे, लेकिन संचालकों के विरोध के बाद सख्ती हवा में उड़ गया। इतना ही नहीं जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस व आरटीओ ने भी अपनी जिम्मेदारी से हाथ खीच लिया है। इस अनदेखी का खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है। जनता के लिए एक अच्छी सुविधा परेशानी का सबब बन गई है।

मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा- मन लगाकर पढ़ाई करें, सरकार सभी सुविधाएँ उपलब्ध करायेगी

भोपाल  जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने रविवार को खंडवा जिले के खालवा विकासखंड के ग्राम जामनी गुर्जर स्थित कन्या शिक्षा परिसर में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करें, सरकार सभी सुविधाएँ उपलब्ध करायेगी। उन्होंने छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और उनकी समस्याएँ सुनी। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जिले के तीनों कन्या शिक्षा परिसरों में ब्लैक बोर्ड या ग्रीन बोर्ड के स्थान पर "डिजिटल बोर्ड" स्थापित कराए जाएंगे और कन्या शिक्षा परिसरों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्राओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, जिससे वह पढ़ाई के बाद स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि ग्राम आवलिया में संस्कृति व संस्कार का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कन्या शिक्षा परिसर के लिए बड़े वाहनों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे छात्राओं को आसपास के दर्शनीय स्थल तथा उच्च शिक्षण संस्थानों का भ्रमण भी कराया जा सके। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि जनजातीय वर्ग की छात्राओं की सुविधाओं के लिए "शालिनी ऐप" तैयार किया गया है, जिसमें छात्रावासों में प्रवेश या छात्रवृत्ति भुगतान जैसी सभी समस्याओं के निराकरण की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है, उन्हें गांव से शहर जाकर पढ़ने के लिए कमरा किराए पर लेने के लिए सरकार आर्थिक मदद दे रही है। मंत्री डॉ. शाह ने सहायक आयुक्त को निर्देश दिए कि कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं को पॉलिटेक्निक कॉलेज और आईटीआई का भी भ्रमण कराया जाए, जिससे वे तकनीकी शिक्षा और रोजगार मूलक पाठ्यक्रम के बारे में जान सकें। उन्होंने कहा कि ग्राम सेल्दा में "खेल प्रशिक्षण परिसर" स्थापित किया जाएगा, जिसमें छात्राओं को उच्च स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध होगी। यहां जनजातीय छात्राओं की खेल प्रतिभा को तराशा जाएगा। इस खेल परिसर में जनजातीय बहुल गांव की छात्राएं अपनी खेल प्रतिभा को और निखार सकेंगी। मंत्री डॉ. शाह ने इस अवसर पर छात्राओं से कहा कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रदेश के ऐसे आईएएस अधिकारी जो सरकारी छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर चुके हैं, उन्हें सरकारी छात्रावासों के भ्रमण पर भेजा जाएगा, जिससे वे छात्रवासों में रहने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित कर सकें। मंत्री डॉ. शाह ने अधीक्षक को निर्देश दिए कि छात्राओं की उनके माता-पिता से हर सप्ताह चर्चा कराते रहें, जिससे यदि कुछ समस्या या परेशानी हो तो वे अपने माता-पिता को बता सकें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सरकार प्रवासी उद्यमियों को निवेश के लिये अनुकूल माहौल देगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई यात्रा के पहले दिन भारतीय प्रवासी समुदाय, विशेष रूप से इंदौर से जुड़े उद्यमियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इंदौरी इंटरनेशनल बिजनेस नेटवर्क (IIBN) द्वारा एक विशेष आयोजन किया गया जिसमें 25 से अधिक सीईओ उपस्थित रहे और 15 से अधिक प्रमुख उद्यमियों ने मध्यप्रदेश में निवेश की रूचि दिखाते हुए अपने निवेश प्रस्ताव दिए। वर्तमान में IIBN यूएई में 750 से अधिक सदस्यों के साथ एक स्थापित लाइसेंस प्राप्त समुदाय है जिसमें व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर, बैंकर, शिक्षाविद् सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल शामिल हैं। IIBN के सदस्यों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को निवेश प्रस्तावों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में IIBN की कोर कमेटी के सदस्य श्री अजय कसलीवाल, श्री प्रेम भाटिया, सुश्री अंजू भाटिया, श्री निलेश जैन, श्री मनोज झारिया, श्री नसीर खान और अमित श्रीनिवास ने जानकारी दी कि यूएई में निवासरत इंदौरी प्रवासी निवेश की संभावनाओं को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं। उन्हें राज्य सरकार से मिलने वाले मार्गदर्शन और सहयोग को लेकर पूरा विश्वास है। सस्टेनेबल सिटी के लिए 1000 करोड़ निवेश का प्रस्ताव इस अवसर पर दुबई में रहने वाले सीए श्री प्रवीण मेहता ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए निजी क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की लागत से एक परियोजना और शून्य कार्बन उत्सर्जन वाले सस्टेनेबल सिटी के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भी उन वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए विशेष कार्यक्रम चला रही है, जिनके बच्चे विदेशों में हैं। उन्होंने कहा, “अगर आपके बच्चे बाहर हैं, तो हम आपका परिवार हैं।” मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और संबंधित कलेक्टर इन वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस का प्रस्ताव कार्यक्रम में दुबई स्थित फ्यूचर वाइज एजुकेशन की सीईओ सुश्री अंजू भाटिया ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मध्यप्रदेश में विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस की स्थापना का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय डिग्री अपने ही राज्य में प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। श्री प्रेम भाटिया ने बताया कि वे इंदौर से दुबई आने वाले शुरुआती परिवारों में से एक हैं। आज उनकी बदौलत 400 से अधिक परिवार यूएई में रोजगार प्राप्त कर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीयों के प्रस्तावों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार प्रवासी उद्यमियों को राज्य में निवेश के लिये हर संभव सहयोग और अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

श्रद्धालु फंसे जाम में! भोजपुर मंदिर रोड पर बदहाल सड़क ने बढ़ाई मुश्किलें

भोपाल  भोपाल से लगी भोजपुर रोड पर रविवार दोपहर भारी जाम की स्थिति बन गई। बंगरसिया से लेकर भोजपुर मंदिर तक करीब ढाई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं समेत अन्य राहगीरों को करीब ढाई घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरे रास्ते में कहीं भी ट्रैफिक पुलिस तैनात नहीं थी। यहां से गुजरने वाले अखिलेश शिवपुरिया ने बताया कि जाम का मुख्य कारण खराब सड़कें, बंगरसिया बाजार में सड़क पर लगे ठेले और दुकानों का अतिक्रमण है। रविवार होने के कारण भोजपुर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी अधिक थी। दोपहिया और चारपहिया वाहन धीरे-धीरे चलते रहे। कई जगह तो विवाद की स्थिति भी बनी। व्यवस्था संभालने वाला कोई मौजूद नहीं था। सहायक पुलिस आयुक्त यातायात जोन-2 मिलन जैन ने बताया कि जाम पूरी तरह से खुल गया है, करीब एक घंटे से ट्रैफिक अब सामान्य रूप से चल रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर रविवार यहां भारी भीड़ होती है, फिर भी ट्रैफिक कंट्रोल के कोई इंतजाम नहीं किए जाते। पूरे रास्ते पर ट्रैफिक पुलिस नदारद रही। बंगरसिया से लेकर भोजपुर मंदिर तक करीब ढाई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम। इस दौरान श्रद्धालुओं समेत अन्य राहगीरों को करीब ढाई घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान श्रद्धालुओं समेत अन्य राहगीरों को करीब ढाई घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी। दुकानदार बोले- ट्रैफिक व्यवस्था सुधारी जाए, सड़कें जल्द बनें दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि भोजपुर मंदिर मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस की स्थाई तैनाती की जाए और खराब सड़कों की मरम्मत जल्द कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को राहत मिल सके। साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी जरूरी है, ताकि हर सप्ताह लगने वाले इस जाम से छुटकारा मिल सके। यह समस्या सिर्फ इस रविवार की नहीं है, हर रविवार यही स्थिति बनती है। भोजपुर मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। बड़ी संख्या में लोग मंदिर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं, बंगरसिया क्षेत्र में रविवार को साप्ताहिक बाजार लगता है, जहां ठेले, खोमचे और दुकानें सीधे सड़क पर लगा दी जाती हैं। इससे रास्ता बेहद संकरा हो जाता है और ट्रैफिक घंटों तक जाम रहता है। एमपी नगर से रानी कमलापति स्टेशन के बीच लगा था जाम 6 दिन पहले एमपी नगर जोन-1 से लेकर जीजी फ्लाईओवर और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के सामने तक करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। यहां 40 मिनट से ज्यादा समय तक वाहन धीरे-धीरे चलते नजर आए। एमपी नगर जोन-1 से लेकर जीजी फ्लाईओवर और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के सामने तक करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। एमपी नगर जोन-1 से लेकर जीजी फ्लाईओवर और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के सामने तक करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था।

वाहन मालिक ध्यान दें! 15 साल पुराने वाहन स्क्रैप करने की नीति लागू

ग्वालियर एमपी के ग्वालियर शहर में 15 साल से पुराने वाहनों को हटाने के लिए एक स्क्रैप सेंटर खोला गया है। वह भी शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर बिलौआ में। लोगों को 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने से क्या फायदे हैं इसकी जानकारी नहीं है। जिसके कारण लोग इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। देश में स्क्रैप पॉलिसी लागू करने के पीछे उद्देश्य प्रदूषण फैला रहे वाहनों को हटाना था। प्रदेश में पहले चरण में सरकारी वाहनों को हटाने की शुरुआत हुई है, इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले के कलेक्टर से 15 साल से अधिक पुराने वाहनों की जानकारी मांगी गई है। ग्वालियर में करीब 125 वाहनों की सूची तैयार हुई जिन वाहनों को स्क्रैप किया जाना है।   न रजिस्ट्रेशन कराया, न रिन्यू कराया ग्वालियर शहर में करीब 8 लाख दो पहिया और चार पहिया वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। इनमें से करीब एक लाख वाहन ऐसे हैं, जो 15 साल से ज्यादा पुराने हैं। इन वाहनों ने न रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराया है और न ही फिटनेस। यदि आपके वाहन को 15 साल पूरे हो गए हैं तो उसको पांच साल के लिए और पंजीयन कराया जा सकता है। इसके लिए आपकोबीमा कराना होगा। यदि पंजीयन समाप्त होने के एक महीने में दोबारा पंजीयन नहीं कराते हैं तो पेनल्टी देना होगी। हर महीने दो पहिया वाहन पर 100 रुपए जुर्माना लगेगा। इसलिए ऐसे वाहन चालक जिनके रजिस्ट्रेशन 15 साल से ज्यादा पुराने हो गए हैं वे पेनल्टी शुल्क के कारण भी पंजीयन नहीं करा रहे हैं।   बिलौआ में स्क्रैप सेंटर खुला है वहां जाकर लोग 15 साल से ज्यादा पुराने वाहन स्क्रैप करा सकते हैं। स्कैप के बाद जो सर्टिफिकेट मिलेगा उससे नए वाहन खरीदने पर लाभ मिलेगा। ग्वालियर पहले चरण में सरकारी वाहन जो 15 साल से ज्यादा पुराने है उनको स्क्रैप कराना है। इसकी सूची बनाकर कलेक्टर को दी जा सकती है।- विक्रमजीत सिंह कंग, आरटीओ ग्वालियर कैसे कराएं वाहन स्क्रैप फिटनेस टेस्ट करवाएं: अगर आपकी कार 15 से 20 साल तक पुरानी हो गई है, तो पहले उसे फिटनेस टेस्ट के लिए आरटीओ या किसी ऑथराइज्ड टेस्टिंग सेंटर लेकर जाएं। स्क्रैप सर्टिफिकेट लें: अगर आपकी कार फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है या फिर आप अपनी कार को स्वेच्छा से स्क्रैप कराना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्क्रैपिंग सेंटर में गाड़ी जमा करें। इसके बाद वहां से आप को एक व्हीकल स्क्रैप सर्टिफिकेट दिया जाएगा। आरसी कैंसिलेशन: आपकी पुरानी कार के लिए स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट मिलने के बाद उसे अपने आरटीओ के यहां लेकर जाकर जमा करें, ताकि गाड़ी के रजिस्ट्रेशन को रद्द किया जा सके। टैक्स में मिलेगी छूट अब आप अपनी पुरानी कार के स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करके नई गाड़ी खरीदते हैं तो डिस्काउंट, टैक्स छूट आदि का लाभ मिल सकेगा।

केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी और शाहगंज नगर परिषद के पुरस्कारों के लिए नामित होने पर दी बधाई

भोपाल केन्द्र सरकार द्वारा घोषित वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों में मध्य प्रदेश ने इस वर्ष भी अपनी विजय पताका फहराई है। प्रदेश के 8 शहरों को इस राष्ट्रीय आयोजन में सम्मानित किया जाएगा। विशेषकर बुधनी और शाहगंज नगर परिषद को पुरस्कारों को लिए नामित किया गया है। इस उपलब्धि पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि स्वच्छता ही सेवा है…। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘स्वच्छ भारत’ का सपना जन-जन का संकल्प बन चुका है।  केन्द्रीय मंत्री चौहान ने रविवार को सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से कहा कि मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि हाल ही में जारी हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में बुधनी और शाहगंज को राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु नामांकित किया गया है। बुधनी नगर परिषद को सुपर स्वच्छ लीग सिटी की नई श्रेणी में कन्सीसटेंट परफार्मर के रूप में नामित किया गया है। यह उपलब्धि सतत प्रयास, जनभागीदारी और समर्पित प्रशासन का प्रमाण है। साथ ही, शाहगंज नगर परिषद को प्रेसिडेंशियल अवार्ड की प्रतिष्ठित श्रेणी में चयनित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल नगर निकाय की प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रमाण है, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग का भी उत्सव है। इसके लिए सभी क्षेत्रवासियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। आशा है कि आप आने वाले वर्षों में भी इसी तरह प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार द्वारा शनिवार को वर्ष 2024 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों की घोषणा की थी। इसमें मध्य प्रदेश के आठ शहरों को आगामी 17 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में स्वच्छता लीग सम्मान, राष्ट्रपति सम्मान, देश और राज्यों की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू करेंगी। मध्य प्रदेश के 8 शहरों में सुपर लीग श्रेणी में इंदौर, उज्जैन और बुधनी हैं। इस श्रेणी में सिर्फ वे शहर शामिल किए जाते हैं, जिन्होंने पिछले तीन सालों में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया हो और उत्तरोत्तर प्रगति की संभावनाएं सृजित की हों। इसी प्रकार राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त करने वाले शहरों में भोपाल, देवास और शाहगंज शामिल हैं। इसके अलावा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा प्रदेश के जबलपुर और ग्वालियर को उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिये सम्मानित किया जाएगा। कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग और ओडीएफ/ वॉटर प्लस के परिणाम भी उसी दिन जारी किए जाएंगे। वहीं, केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने प्रतिदिन पौधरोपण करने के संकल्प के क्रम में रविवार को भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों एवं अन्य गणमान्यजनों के साथ पौधरोपण किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि पेड़ लगाने का मतलब जीवन लगाना है, सांसें रोपना है, क्योंकि यही पेड़ हमें प्राणवायु देकर जीवन देते हैं। यह कोई साधारण कार्य नहीं, बल्कि असाधारण कार्य है। इसलिए मैं भी हर रोज पौधे लगाता हूं। उन्होंने कहा कि हमें यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित रखना है, तो पेड़ जरूरी है। पेड़ हमारे पर्यावरण को बचाते हैं और स्वस्थ पर्यावरण ही मानव जीवन को बचाएगा। मैं अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा को इस वृक्षारोपण के पुनीत कार्य के लिए हृदय से बधाई व धन्यवाद देता हूं। आइये, हम सब भी प्रत्येक विशिष्ट एवं शुभ अवसरों पर पौधरोपण का संकल्प लें और धरती को हरा-भरा बनाएं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दुबई में अभूतपूर्व स्वागत, भारतीय समुदाय से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने माना आभार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दुबई पहुंचे। डॉ. यादव का भारतीय समुदाय के नागरिकों और उद्योगपतियों ने गर्मजोशी से अभूतपूर्व स्वागत किया। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मालवा क्षेत्र के पुराने साथी भी मिले, जिनसे मिलकर वे भावुक हो गए। ताज होटल में भारतीय समुदाय ने पलक-पांवड़े बिछाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आत्मीय और सरल व्यवहार ने सभी मेजबानों का दिल छू लिया। आत्मीय स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, “दुबई में भारतीयों ने अपनी मेहनत, संस्कृति और संस्कारों से विशेष पहचान बनाई है। यूएई प्रवास के दौरान दुबई स्थित ताज होटल में भारतीय भाई-बहनों और युवाओं से भेंट कर हृदय आनंदित है। सभी की आत्मीयता के लिए हार्दिक आभार!” उन्होंने अपनी यात्रा की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। यात्रा का उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेश को आकर्षित करना, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसरों का सृजन करना है। यह दौरा प्रदेश को वैश्विक मंच पर एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आर्थिक विकास को गति देगा यह दौरा मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा न केवल प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन और सांस्कृतिक प्रचार के माध्यम से मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ भी पहुंचाएगी। यह यात्रा राज्य को औद्योगिक और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।  

14 जुलाई 2025 को प्रदेश के आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिरों पर आयुष्‍मान आरोग्‍य शिविरों का आयोजन

भोपाल जनसमुदाय को उनके निवास के निकट स्‍वास्‍थ्‍य सुविधायें उपलब्‍ध कराये जाने के उदेश्‍य से आयुष्‍मान भारत योजना के अंतर्गत सभी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्रों (शहरी एवं ग्रामीण), संजीवनी क्लीनिक्स एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों को आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिरों के रूप में विकसित किया गया है जिनके माध्‍यम से हितग्राहियों को समग्र प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें उपलब्‍ध कराई जा रही है। इन आयुष्‍मान अरोग्‍य मंदिरों पर 14 जुलाई को आयुष्‍मान आरोग्‍य शिविरो का आयोजन किया जा रहा है।  इन शिविरो के माध्यम से समुदाय के अंतिम व्‍यक्ति तक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराये जाने का लक्ष्य है। इन शिविरो में विभिन्न रोगो की जांच, उपचार एवं आश्‍यकता पड़ने पर अन्य संस्थाओ में रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इनमें ब्लड प्रेशर की जांच, ब्लड शुगर की जांच, गर्भवती महिलाओ की जांच, षिषुओं, किषोरियों, वृद्धजनों की जांच, जिनमें दस्त रोग, निमोनिया, नेत्र विकार, मुख/दंत विकारो की जांच, मानसिक स्वास्थ्य, नाक कान गले के विकारो की जांच, क्षय रोग की जांच तथा अन्य पैथोलॉजिकल जांचे, उपचार तथा आवष्यकतानुसार रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसके साथ ही इन षिविरों में परिवार कल्याण, से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध होगी। 14 जुलाई को आयुष्मान आरोग्य शिविर के आयोजनो के संबंध में 7 जुलाई को ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश भर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है। इनके सफल आयोजन की जिम्मेवारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई है। शिविर की सघन निगरानी हेतु इन दिशा निर्देशों की सूचना कलेक्टर्स एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी दी गई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेशभर में वर्ष 2018 से अबतक लगभग साढ़े बारह हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित किये जा चुके है, जिनमें 9663 उपस्वास्थ्य केन्द्र, 1320 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 796 आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा 557 शहरी स्वास्थ्य संस्थाये शामिल है। इन संस्थाओं के माध्यम से वर्ष 2024-25 में 2,06,36,313 स्वास्थ्य परीक्षण किये गये। पूर्व में जहां नागरिकों को ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर जैसी जांचो के लिए भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला अस्पताल तक जाना पड़ता था। वही अब यह सुविधाएं नागरिको के 5 से 30 मिनट की दूरी पर उपलब्ध है।

श्रमिकों की भलाई के लिए उठाया कदम, ‘श्री पहल’ से जुड़ेगा स्वास्थ्य और जागरूकता का मिशन

भोपाल  श्रम तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल के निर्देशानुसार श्रम विभाग श्रमिकों की भलाई और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से श्री (Shramik Health, Rejuvenation, Education and Enterprise) नाम से नई पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के अंतर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य, जागरूकता और जीवनशैली सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम प्रस्तावित किए गए हैं। श्री के तहत मुख्य रूप से नशा न करने की पहल, दैनिक व्यायाम का महत्व और मधुमेह जैसी बीमारियों से बचाव के लिए आहार नियंत्रण जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) तंत्र के साथ संबल योजना, श्रम कल्याण योजनाएं एवं निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड डेटाबेस का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। इन विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से राज्य में बड़ी संख्या में श्रमिकों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जाएगी। श्री पहल के अंतर्गत अब प्रत्येक मंगलवार को कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के सभी औषधालयों और चिकित्सालयों में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा श्रमिकों को निवारक स्वास्थ्य संदेशों से अवगत भी कराया जा रहा है। इस पहल के तहत प्रदेश के कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के 42 औषधालयों और 5 चिकित्सालयों में एक साथ स्वास्थ्य विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। भोपाल के सोनागिरी औषधालय, देवास अस्पताल, पीथमपुर औषधालय, मंडीदीप और अमलाई औषधालय में उच्च रक्तचाप और जीवनशैली में बदलाव पर चर्चा की गई। भोपाल केंद्र पर मुँह के कैंसर, मंदसौर और बुरहानपुर में मधुमेह, बिरलाग्राम नागदा में मधुमेह की बीमारी पर जानकारी दी गई। पीथमपुर में मोटापे के लक्षण, दुष्परिणाम और रोकथाम पर चर्चा हुई, वहीं रतलाम में मोटापा नियंत्रण और इंदौर के क्षय चिकित्सालय में उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों पर जानकारी दी गई। प्रदेश की सभी ईएसआई इकाइयों में एक साथ आयोजित इस परिचर्चा से 1200 से अधिक श्रमिक लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त, सीहोर जिला के महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में भी युवाओं को हाइपरटेंशन, डायबिटीज, दिनचर्या बदलाव और नियमित व्यायाम के महत्व पर जागरूक किया गया।

रीवा एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल पहली बारिश में धराशायी, गुणवत्ता पर उठे सवाल

रीवा मध्य प्रदेश  के रीवा में 24 घंटे की मूसलाधार बारिश में नवनिर्मित एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल धराशायी हो गई. इस एयरपोर्ट के निर्माण में करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. 15 फरवरी 2023 को शिलान्यास के बाद एयरपोर्ट लगभग डेढ़ साल में बनकर तैयार हुआ था. वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने 20 अक्टूबर 24 को वर्चुअल लोकार्पण भी किया था. इस एयरपोर्ट को बनाने में करीब पांच गांवों की 323 एकड़ जमीन को 99 साल की खातिर भारतीय विमान प्राधिकरण को दिया गया है. राज्य में भोपाल, जबलपुर, खजुराहो, इंदौर और ग्वालियर के बाद रीवा 6वां एयरपोर्ट है, जिसे डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने लाइसेंस दिया है. यह जिला मुख्यालय से लगभग 12 किमी दूर बना है. बताया जा रहा है कि मूलाधार बारिश की वजह से एयरपोर्ट एरिया की जमीन अचानक धंस गई. जिससे दीवार का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया.    एयरपोर्ट में रनवे की कुल लंबाई 2300 मीटर है. एयरपोर्ट से दो फ्लाइट का संचालन हो रहा है. पहली फ्लाइट भोपाल वाया खजुराहो होते हुए रीवा पहुंचती है. इसके बाद यह सिंगरौली को रवाना होती है. वहीं दूसरी फ्लाइट रीवा से जबलपुर होते हुए भोपाल से कनेक्ट है. अभी 19 सीटर विमान का ही संचालन होता है. हालांकि, इसे बढ़ाकर 72 सीटर विमानों के संचालन के लिए योजना है. इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से रीवा को बड़ी सौगात देते हुए वर्चुअली एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था. अथॉरिटी के अनुसार रीवा एयरपोर्ट को अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. वहीं, इसको लेकर एयरपोर्ट अथार्टी के मैनेजर नवनीत चौधरी का बयान आया है. चौधरी ने बताया कि ज्यादा पानी गिरने से आसपास के इलाके का पानी बाउंड्री वॉल से टकराया. जिससे बाउंड्री पानी के दबाव को नहीं रोक पाई. रनवे पूरी तरह से ठीक है. उसे कोई क्षति नहीं हुई है. फ्लाइट बराबर उड़ रही है. नवनीत की दलील है कि बाउंड्री हवा के वेग और लोगों को रोकने के लिए बनाई जाती है. पानी को रोकने के लिए नहीं यह पर्याप्त नहीं है. अब इस बाउंड्री को नए तरीके से डिजाइन किया जाएगा.