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हेलमेट नहीं, फिर भी पेट्रोल! विधायक परिवार के पंप पर लापरवाही, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

इंदौर  इंदौर शहर में आज से पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर रोक लगा दी गई है। शहर में एक पेट्रोल पंप ऐसा भी है, जहां पर इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा था। मरीमाता चौराहे पर स्थित शुक्ला ब्रदर्स पेट्रोल पंप पर बेधड़क बिना हेलमेट के पेट्रोल दिया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक यह पेट्रोल पंप विधायक गोलू शुक्ला के परिवार का है। इस सूचना के बाद प्रशासन की टीम पेट्रोल पंप पर पहुंची और फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अब बगैर हेलमेट पेट्रोल न दिया जाए और अगर ऐसा करते पाए गए तो पेट्रोल पंप सील कर दिया जाएगा। इसके बाद से अब यहां हेलमेट पहने चालकों को ही पेट्रोल दिया जा रहा है। इस पेट्रोल पंप के करीब दो और पेट्रोल पंप हैं, जहां नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। इधर… हेलमेट नहीं लगाने पर 10 वाहन चालकों पर जुर्माना क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय इंदौर में नो हेलमेट, नो इंट्री दोपहिया वाहन चालकों के लिए लागू की गई है। इसके अमल के लिए गुरुवार को कार्यालय के गेट पर एआरटीओ द्वारा अधिकारियों, कर्मचारियों और आवेदकों की जांच की गई। बगैर हेलमेट के आने वाले 10 वाहन चालकों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया। साथ ही सभी को समझाई दी गई कि दोबारा बगैर हेलमेट के आने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति द्वारा दिए गए हेलमेट अनिवार्य करने के निर्देश के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय इंदौर में नो हेलमेट, नो इंट्री का नियम बुधवार को लागू किया गया। इसके तहत गुरुवार सुबह कार्यालय खुलने के साथ ही एआरटीओ राजेश गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने प्रवेश द्वार पर ही दोपहिया वाहनों की जांच की। आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान 10 वाहन चालकों से जुर्माना वसूला गया। कलेक्टर के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती पेट्रोल खरीदते समय हेलमेट पहनने का संबंध सड़क सुरक्षा से कैसे हो सकता है? ऐसे ही सवाल उठाते हुए कलेक्टर के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने के आदेश के खिलाफ जनहित याचिका दायर हुई है। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनानी याचिकाकर्ता बने हैं। उन्होंने ट्रैफिक सुधार के लिए मौजूद कानून से लेकर शहर की सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था तक का हवाला दिया है। याचिका में पेट्रोल खरीदने के लिए हेलमेट पहनने के आदेश को बेतुका बताया है। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा है कि हेलमेट पहनने के नियम का पालन करवाने के लिए पहले से नियम मौजूद हैं। इसे नहीं मानने वाले का ट्रैफिक पुलिस चालान बना सकती है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि कलेक्टर ने दो महीने के लिए आदेश जारी किया है। ऐसा कौन सा फार्मूला है कि दो महीने में बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने से ट्रैफिक व्यवस्था सुधर जाएगी।

मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत “वंदे-मातरम” एवं राष्ट्र-गान का सामूहिक गायन

भोपाल  अगस्त माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय के समक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन हुआ। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की। वंदे-मातरम गायन में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, श्री मनु श्रीवास्तव, श्री संजय कुमार शुक्ल, सहित सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता सेनानी पुरुषोत्तम दास टंडन को किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और हिन्दी के विद्वान पुरुषोत्तम दास टंडन की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण कर नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित टंडन का प्रेरणादायी व्यक्तित्व सरलता, सेवा एवं सादगी की त्रिवेणी था। हिन्दी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने और हर भारतीय के हृदय में इसे प्रतिष्ठित कराने में उनके योगदान के लिए देश सदैव कृतज्ञ रहेगा।  

राज्यपाल पटेल को स्काउट्स स्कार्फ पहनाकर किया सम्मानित

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता में स्काउट गाइड विश्व स्कार्फ दिवस राजभवन में शुक्रवार को मनाया गया। राज्यपाल पटेल को इस अवसर पर स्कार्फ पहना कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त पारस जैन एवं अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। विदित हो कि प्रतिवर्ष 01 अगस्त को स्काउट गाइड विश्व स्कार्फ दिवस मनाया जाता है। राज्यपाल, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य संरक्षक होते हैं।  

खंडवा की शिफा ने अपनाया हिन्दू धर्म, राहुल के साथ मंदिर में रचाई शादी

खंडवा मध्यप्रदेश के खंडवा में एक प्रेम कहानी ने धर्म के बंधनों को तोड़कर नया अध्याय लिखा। छतरपुर की शिफा राइन ने अपने प्रेमी राहुल वर्मा के लिए इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपनाया और शान्वी वर्मा बनकर महादेवगढ़ मंदिर में सात फेरे लिए। राहुल से हुआ था प्यार शिफा और राहुल की मुलाकात छतरपुर में हुई थी। दोनों का प्यार धीरे-धीरे परवान चढ़ा, लेकिन धर्म का अंतर उनके रास्ते में सबसे बड़ी चुनौती था। शिफा ने बताया कि वह बचपन से ही हिंदू संस्कृति और देवी-देवताओं से प्रभावित थीं। उनके सपनों में माता रानी और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता था, जिसने उनके मन में सनातन धर्म के प्रति आस्था जगाई। शिफा ने जब राहुल से शादी का फैसला लिया, तो उन्होंने खंडवा के प्राचीन महादेवगढ़ मंदिर को अपनी मंजिल चुना। यूट्यूब पर इस मंदिर की महिमा सुनकर शिफा ने यहां आने का मन बनाया। मंदिर के पुजारी पंडित अश्विन खेड़े ने शिफा का प्रायश्चित हवन करवाया और विधि-विधान से उन्हें सनातन धर्म में शामिल किया। इसके बाद शिफा ने अपना नाम शान्वी वर्मा रखा। अग्नि को साक्षी मानकर लिए सात फेरे शान्वी और राहुल ने महादेव को साक्षी मानकर पाणिग्रहण संस्कार पूरा किया। वैदिक मंत्रों के बीच दोनों ने अग्नि के सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। शान्वी ने कहा, 'सनातन धर्म में महिलाओं का सम्मान देखकर मेरा मन यहां खींचा चला आया। मां सीता और मां पार्वती की पूजा ने मुझे प्रेरित किया।'

तिलक जी के विचार राष्ट्रसेवा के मूल मंत्र हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाज सुधारक एवं प्रखर चिंतक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री बाल गंगाधर तिलक जी ने "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और इसे मैं लेकर रहूंगा" के दृढ़ संकल्प से भारत की स्वतंत्रता के लिए जन-जन को जागृत किया। उनके विचार सदैव राष्ट्रसेवा के मूल मंत्र रहेंगे।  

श्रम कानून संशोधन: हड़ताल और बंद से पहले कंपनियों को देना होगा 6 सप्ताह का नोटिस

 भोपाल  वर्षों पुराने श्रम कानूनों में तीन संशोधन विधेयक गुरुवार को विधानसभा में पारित हो गए। इनमें ठेका श्रम अधिनियम 1970, कारखाना अधिनियम 1948 और औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 शामिल हैं। ठेका श्रम अधिनियम में संशोधन के बाद अब 50 से अधिक मजदूर होने पर पंजीयन की आवश्यकता होगी। हालांकि, पीएफ, ईएसआइ जैसे नियम कम संख्या पर भी लागू होंगे। इसी तरह से कारखाना अधिनियम में 20 की जगह 40 मजदूर होने पर पंजीयन जरूरी होगा। औद्योगिक विवाद अधिनियम में कारखाना बंद करने के छह सप्ताह पहले नियोक्ता को सूचना देनी होगी। इसी तरह से श्रमिकों को हड़ताल करने के लिए भी नियोक्ता को छह सप्ताह पहले बताना होगा। चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायकों ने इन विधेयकों को मजूदरों के हित के विपरीत बताया। प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा, दोनों के हितों का ध्यान रखा गया कांग्रेस की ओर से हीरालाल अलावा, सोहन लाल वाल्मीकि व अन्य सदस्यों ने कहा कि ऐसे में तो मजदूर अब हड़ताल ही नहीं कर पाएंगे। उनका शोषण होगा। सरकार की ओर श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा दोनों के हितों का ध्यान रखा गया है। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा जैसे हड़ताल की सूचना मजदूर के लिए जरूरी है उसी तरह से नियोक्ता को तालाबंदी के पहले बताना होगा। कांग्रेस ने विधेयकों के विरोध में दो मिनट के लिए बहिर्गमन कर नारेबाजी की। इसी बीच घ्वनिमत से तीनों संशोधन विधेयक पारित हो गए। कांग्रेस ने किया विरोध कांग्रेस नेताओं ने कहा, इस विधेयक से मजदूरों का हड़ताल और आंदोलन करने का अधिकार छीन जाएगा। वहीं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह संशोधन विधेयक श्रमिकों के हित में है। सरकार श्रमिकों के हितों का संरक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत छोटी विनिर्माण इकाइयों को कारखाना अधिनियम के उपबंधों से राहत देने के लिए इसके तहत नियोजित श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जा रही है। कारखाना अधिनियम के तहत निर्माण इकाई के पंजीयन के लिए अब मशीनों से उत्पादन होने की स्थिति में नियोजित श्रमिकों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 और बिना मशीन के उत्पादन होता है वहां 20 से बढ़ाकर 40 की जा रही है। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा, संशोधन छोटी संस्था के कामगारों के हित में नहीं है। एक ओर सरकार निवेश बढ़ाकर रोजगार को बढ़ावा दे रही है। वहीं श्रमिकों का नुकसान कर रही है। विधायक दिनेश जैन बोस ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी का ठेका प्रणाली से भारी शोषण होता है। कंप्यूटर ऑपरेटर को सरकार क्ञस् 13 हजार भुगतान करती है, पर उन्हें 12-13 हजार रुपए मिलते हैं। बिचौलिए पैसे खा जाते हैं। सीधे आउटसोर्स कर्मी के खाते में रुपए डालने की व्यवस्था होनी चाहिए। एसजीएसटी संशोधन विधानसभा में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने मप्र माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। इसमें विशेष आर्थिक जोन, मुक्त व्यापार, भंडारण क्षेत्र में माल आपूर्ति को जीएसटी विधान में सप्लाय की श्रेणी से बाहर किया। इसमें जब तक माल की निकासी निर्यात के लिए न हो, करदाता इस जोन में बिना कर दिए आपस में कारोबार कर सकेंगे।

मौसम अपडेट: एमपी में भारी बारिश से राहत, कुछ इलाकों में हल्की फुहारें; रायसेन अभी भी प्रभावित

भोपाल  मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में 28 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे की 74 प्रतिशत है। पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। इस वजह से बाढ़ के हालात भी बन गए। हालांकि, अब भारी बारिश का दौर थम गया है।  इससे पहले गुरुवार को 15 से अधिक जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। इनमें भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, दमोह, जबलपुर, मंडला, रीवा, बालाघाट, शाजापुर, सीहोर, देवास शामिल हैं।कहीं भी अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का दौर रह सकता है। कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। पूर्वी हिस्से में ज्यादा गिरा पानी मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी हिस्से में अब तक 62 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 55 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर चुका है। रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया, खेत-मंदिर और पुल डूब गए     पिछले दो से तीन दिन तक रायसेन जिले में अति भारी बारिश का दौर रहा। गुरुवार को बारिश थमी, लेकिन हालात गंभीर नजर आए। बेतवा नदी ने विशाल रूप ले लिया। आसपास के खेत, मंदिर और पुल डूब गए। हर तरफ सिर्फ पानी ही नजर आया।     श्योपुर में पार्वती नदी की बाढ़ में बहे चाचा-भतीजे के शव खेत में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। शिवपुरी में माधव टाइगर रिजर्व की सांख्य सागर झील ओवरफ्लो हो गई। सागर के देवरीकलां में संजय नगर स्थित रामघाट नाले में एक महिला बह गई। एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम पहुंची, जो सर्चिंग करती रही। वंदना साहू मंगलवार को सुबह 9 बजे नाग पंचमी पर रामघाट मंदिर में पूजन करके घर लौट रही थी। पुल पर से गुजरने के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गई थी।     खंडवा में इंदिरा सागर बांध के 12 गेटों से पानी छोड़ा गया। इनमें 8 गेट 4 मीटर और 4 गेट साढ़े तीन मीटर तक खोले गए। पावर स्टेशन पर पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन किया जा रहा है। इसके चलते नर्मदा में बाढ़ के हालात हैं।     खंडवा के मोरटक्का में प्राचीन जाबरेश्वर महादेव मंदिर में पानी पहुंच गया। लोगों का कहना है कि बरसों से देखते आ रहे हैं कि नर्मदा मैया हर साल जबरेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने आती हैं। अभी भारी बारिश का अलर्ट नहीं सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि गुरुवार को कुछ जिलों में बारिश का दौर रहा, लेकिन अगले चार दिन तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। सिस्टम एक्टिव होने के बाद फिर से तेज बारिश का दौर चलेगा।

भोपाल गैस त्रासदी: कचरे के निपटान पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 14 अगस्त को

भोपाल/जबलपुर  भोपाल गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस अतुल श्रीधरन व जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष पूर्व निर्देश के अनुसार जहरीले कचरे को नष्ट करने से निकली राख को नष्ट करने संबंध में एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों ने रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट पर हाई कोर्ट ने नाखुशी जताई. एक्सपर्ट कमेटी को सवालों के जवाब देने के निर्देश युगलपीठ द्वारा किये गये प्रश्नों को एक्सपर्ट कमेटी के सदस्य संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 14 अगस्त को निर्धारित की है साथ ही एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों से प्रश्नों के संबंध में संतोषजनक जवाब पेश करने के आदेश जारी किए. गौरतलब है कि साल 2004 में आलोक प्रताप सिंह ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनिष्टीकरण की मांग करते हुए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाई कोर्ट मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रही थी. सरकार ने जहरीले कचरे के निपटान का किया था दावा पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से पेश रिपोर्ट में बताया गया था "यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है. केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में जहरीले कचरे का विनिष्टीकरण किया गया है. जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख व अवशेष एकत्रित हुआ है. एमपी-पीसीबी से सीटीओ मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा." जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ का दावा हाई कोर्ट ने इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया था. इसी के साथ कंपाइल स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये थे. वहीं, हाई कोर्ट में एक अन्य जनहित याचिका के जरिए दावा किया गया है "यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ सक्रिय हैं, जो चिंता का विषय है. हाईकोर्ट ने इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मूल मामले के साथ सुनवाई किये जाने की व्यवस्था दी थी. इस पर गुरुवार को सभी मामलों की संयुक्त रूप से सुनवाई हुई." जहरीले कचरे की राख को अमेरिका भेजने की मांग याचिका में यह मांग की गई है कि जैसे साल 2003 में तमिलनाडु सरकार ने कोडैकनाल में पड़े यूनीलीवर कंपनी के जहरीले कचरे को अमेरिका भेज दिया था, वैसे ही यूनियन कार्बाइड कंपनी के जहरीले कचरे की राख को भी अमेरिका भेजा जाए। सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने के बाद बची राख को पीथमपुर में इंसानी आबादी के पास क्यों दफनाया जा रहा है। यह भी नहीं बताया गया कि अगर कचरा जलाने के बाद जहरीली मरकरी राख में नहीं बची, तो वह आखिर गई कहां। अगली सुनवाई में सरकार को बताना होगा प्लान याचिकाकर्ता ने दो स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों को सुनवाई में शामिल करने की मांग की है, जिस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 14 अगस्त तय की है। इस दिन मध्यप्रदेश सरकार को हाईकोर्ट में यह बताना होगा कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख को सुरक्षित दफनाने के लिए उसकी क्या योजना है। इसके लिए पीथमपुर के अलावा कौन-कौन सी वैकल्पिक जगह चिह्नित की गई है। पिछले सुनवाई में सरकार ने ये रिपोर्ट पेश की थी याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रख रहे सीनियर वकील नमन नागरथ और खालिद नूर फखरुद्दीन ने बताया कि पिछली सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से रिपोर्ट पेश की गई थी। जिसमें कहा गया था कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निपटारा सफलतापूर्वक पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में कर दिया गया है। केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में जहरीले कचरे को नष्ट किया गया है। जहरीले कचरे से 850 मीट्रिक टन राख और अन्य अवशेष एकत्रित हुए है। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सीटीओ मिलने के बाद अलग लैंडफिल सेल में उसे नष्ट किया जाएगा। कोर्ट ने इल रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया था। इसी के साथ कंपाइल स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। इस बीच हाईकोर्ट में एक अन्य जनहित याचिका के जरिए दावा किया गया है कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में रेडियो एक्टिव पदार्थ सक्रिय हैं, जो चिंता का विषय है। हाईकोर्ट ने इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद मूल मामले के साथ सुनवाई की व्यवस्था दे दी है। आगामी सुनवाई में एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों के जवाबों पर गौर करने के साथ अन्य बिंदुओं पर भी विचार किया जाएगा। जहरीले कचरे की राख में हेवी मेटल व मर्करी हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यूनियन कार्बाइड के जहरीला कचरा की राख में हेवी मेटल व मर्करी के संबंध में सवाल किये. इसके अलावा घनी आबादी वाले क्षेत्र के पास कचरे के विनिष्टीकरण की साइट का चयन किये जाने के संबंध में भी युगलपीठ ने एक्सपर्ट कमेटी के सदस्यों से सवाली किये. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ तथा खालिद नूर फखरुद्दीन ने पैरवी की. 

AIIMS भोपाल में नेतृत्व परिवर्तन: संदेश कुमार जैन होंगे नए डिप्टी डायरेक्टर, 4 अगस्त से संभालेंगे पद

 भोपाल  नक्सल ऑपरेशन, एटीएस और पुलिस रेडियो विंग जैसे संवेदनशील महकमों में सेवाएं दे चुके वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संदेश कुमार जैन अब AIIMS भोपाल के नए डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) होंगे। यह पहली बार है, जब किसी पुलिस अधिकारी को एम्स भोपाल में प्रशासनिक कमान सौंपी।  भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था पीएमएसएसवाई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जैन को तीन साल की प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे भोपाल में पुलिस अधीक्षक (रेडियो) के रूप में पदस्थ हैं। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड, आईटी में विशेषज्ञता संदेश कुमार जैन तकनीकी रूप से भी दक्ष हैं। उन्होंने मैनिट भोपाल से बीटेक और इसके बाद इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव का यह संयोजन उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त बनाता है। वे राज्य पुलिस सेवा के एक अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्हें अनुशासन और संकट प्रबंधन का लंबा अनुभव है। पीछे छूटे 100 से ज्यादा दावेदार एम्स भोपाल के डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए 100 से अधिक आवेदन आए थे। इनमें से ज्यादातर आवेदन रिटायर्ड आर्मी अफसरों सहित विभिन्न प्रशासकीय पृष्ठ भूमियों से थे। सभी आवेदकों का इंटरव्यू नई दिल्ली में हुआ, जिसमें संदेश कुमार जैन ने सबसे उपयुक्त उम्मीदवार के रूप में चयन हासिल किया। क्यों खास है ये नियुक्ति AIIMS जैसे संस्थानों में डिप्टी डायरेक्टर (प्रशासन) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह पद क्लीनिकल सेवाओं, संसाधन प्रबंधन, मानव संसाधन विकास और अनुसंधान परियोजनाओं के सुचारु संचालन से जुड़ा होता है। संदेश कुमार जैन जैसे अनुभवी पुलिस अधिकारी की नियुक्ति से संस्थान के प्रशासन में अनुशासन, पारदर्शिता और दक्षता के नए मानक स्थापित हो सकते हैं। पदभार अभी तक किसके पास था वर्तमान में यह जिम्मेदारी कर्नल (डॉ.) अजीत कुमार के पास थी। इससे पहले श्रमदीप सिन्हा, जो राजकोट एम्स में डिप्टी डायरेक्टर हैं, को भोपाल एम्स का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। यह नियुक्ति न सिर्फ प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बताती है कि अब तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक अनुभव को मिलाकर संस्थानों में नई सोच के साथ बदलाव लाए जा रहे हैं। AIIMS भोपाल की कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय सिंह का कार्यकाल भी 4 अगस्त को समाप्त हो रहा है। हालांकि, उनके स्थान पर कौन आएगा यह अभी तय नहीं हैं। केंद्र स्तर पर इसके लिए आवेदन मंगाए गए हैं। वहीं, नए डायरेक्टर आने तक एम्स भोपाल का प्रभार एम्स रायपुर के निदेशक को दिया जा सकता है।