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मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया था, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा

 भोपाल  मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने 2025 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर जारी कर दिया था, लेकिन इस कैलेंडर का पालन नहीं किया जा रहा है। कृषि स्नातक में प्रवेश के लिए आयोजित किए जाने वाले प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी)-2025 मई में प्रस्तावित था, लेकिन अब 26 जुलाई को आयोजित किया जाएगा है। इस साल 15 भर्ती और पांच प्रवेश परीक्षाएं आयोजित किए जाने का कैलेंडर जारी किया गया था। इनमें से अब तक छह भर्ती परीक्षाएं ही आयोजित की जा सकी हैं, जो करीब एक या दो माह की देरी से हुईं। वहीं जुलाई से दिसंबर तक आठ प्रवेश परीक्षाओं के लिए अभी तक आवेदन ही नहीं लिए गए हैं। अब अगले साल 2026 में जनवरी से मई तक सात परीक्षाएं होंगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई भर्ती परीक्षाएं समय से आयोजित नहीं की जा रही हैं, जिससे उम्र की समय-सीमा भी निकल रही है। सिलेबस अपलोड हो जाएं तो तैयारी में आसानी हो जाएगी इस साल के कैलेंडर के हिसाब से आठ परीक्षाएं होने वाली हैं। इसके अलावा मंडल नियमावली और सिलेबस भी आवेदन के साथ जारी करता है, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी का समय नहीं मिल पाता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर पहले से सिलेबस अपलोड कर दिए जाएं तो परीक्षा की तैयारी करने में आसानी हो जाएगी। बता दें कि इस साल विभिन्न विभागों में करीब 25,472 पदों पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा का सिलेबस बदल दिया सरकारी स्कूलों के कुल 13089 पदों पर भर्ती के लिए प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। एक अगस्त तक आवेदन होंगे। 31 अगस्त से परीक्षाएं होने वाली हैं। परीक्षा में करीब डेढ़ माह का समय शेष है, लेकिन सिलेबस बदलने से परेशानी बढ़ गई है। इसमें बाल मनोविज्ञान, पर्यावरण और संस्कृत को हटाया गया है। साथ ही अंग्रेजी को वैकल्पिक के बदले अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा विज्ञान व सामाजिक विज्ञान के विषय को जोड़ा गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि नए सिलेबस के साथ परीक्षा की तैयारी करना संभव नहीं है। इसके लिए कम से कम दो से तीन माह का समय चाहिए। विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है     कैलेंडर का पालन किया जाता है। कई बार विभाग की ओर से पद तय करने में देरी होती है। हालांकि पूरा प्रयास किया जाता है कि समय से परीक्षाएं हों और परिणाम भी समय से जारी किया जाए। – साकेत मालवीय, संचालक, ईएसबी  

श्रावण की आस्था के बीच महाकाल की दूसरी सवारी, मनमहेश हाथी पर सवार, चंद्रमौलेश्वर की रजत पालकी ने मोहा मन

उज्जैन  12 ज्योतिर्लिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान महाकालेश्वर श्रावण महीने के दूसरे सोमवार 21 जुलाई को हाथी पर मनमहेश स्वरूप में व रजत पालकी में चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में नगर भ्रमण पर मंदिर से शाम 04 बजे निकलेंगे. खास बात ये है बाबा की सवारी में 7 राज्यों के लोकनृत्य कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बाबा महाकाल का मंदिर के सभामंडप में पूजन अर्चन करेंगे. बता दें कि कुल 6 सवारी श्रावण और भाद्रपद में निकलना है. सभी की अलग-अलग थीम है. रोजाना एक लाख भक्त आ रहे हैं दर्शन करने महाकाल की नगरी में भक्तिमय माहौल है. एक ओर कांवड़िए बोल बम के जयकारे लगाते हुए नगरी में प्रवेश कर रहे हैं तो रोजाना 1 लाख से अधिक भक्त बाबा के दर्शन कर रहे हैं. मंदिर के लड्डू प्रसादी की बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है. पहले सोमवार को ढाई लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किए थे. इसके अलावा सवारी मार्ग में लाखों की संख्या अलग थी. सावन के दूसरे सोमवार को लोगों की आस्था देखते हुए ये रिकॉर्ड टूट सकता है. सवारी का वैभव बढ़ाते है ये खास दृश्य महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार "बाबा महाकाल की सवारी में सबसे आगे विशाल भगवा ध्वज और शंखनाद होगा. भगवान मनमहेश हाथी पर तो भगवान चंदमौलेश्वर रजत पालकी में सवार होंगे. कहार बाबा की पालकी उठाएंगे. मंदिर के मुख्य द्वार पर होमगार्ड पुलिस के जवान गार्ड ऑफ ऑनर देंगे. घुड़सवार, कड़ा बिन(तोप), पुलिस बैंड व प्राचीन परंपरा अनुसार बाबा के आगे उद्घोष करता सेवक. 9 भजन मंडली, झांझ डमरू दल, 7 राज्यों के लोकनृत्य कलाकार व अन्य सवारी का वैभव बढ़ाएंगे. पूरे मार्ग में फूलों की वर्षा होगी. रंगोली बनाते कलाकार होंगे." ये है नगर भ्रमण का परंपरागत मार्ग बाबा महाकाल की सवारी मंदिर से महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी. जहां मां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक होगा. आरती पूजन के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यीनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी. भक्तों को रथ पर लगी LED में होंगे लाइव दर्शन महाकालेश्वर भगवान की सवारी में बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों में कई भक्त बाबा को नजदीक से भीड़ के कारण देख नहीं पाते, ऐसे श्रद्धलुओं के लिए मंदिर समिति ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लाइव व सवारी के दौरान चलित रथ में एलईडी के माध्यम से भगवान के दर्शन की व्यवस्था रहेगी. मंदिर प्रबंध समिति ने किया भक्तों से आग्रह मंदिर समिति, जिला व पुलिस प्रशासन ने सवारी के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की है कि उल्टी दिशा में न चलें, सवारी निकलने तक अपने स्थान पर खड़े रहें. दर्शनार्थी कृपया गलियों में वाहन खड़े न रखें. श्रद्धालु सवारी के दौरान सिक्के, नारियल, केले, फल आदि न फेंके. सवारी के बीच में प्रसाद और चित्र वितरण न करें. इसके अलावा पालकी के आसपास अनावश्यक संख्या में लोग न रहें. सवारी मार्ग में सड़क की ओर व्यापारीगण भट्टी चालू न रखें और न ही तेल का कड़ाव रखें. बिजली के खंभे से दूर रहें व प्राशासनिक व्यवस्था में सहयोग करें. जानिए कब कौन सी थीम पर बाबा की सवारी पहले सोमवार में 500 बटुकों का शिप्रा नदी किनारे वैदिक उद्घोष हुआ. दूसरे सोमवार को 7 राज्यों के लोक नृत्य कलाकारों की प्रस्तुतियां. उड़ीसा का जोड़ी शंख, छत्तीसगढ़ का पंथी लोक नृत्य, महाराष्ट्र के नासिक का सोंगी मुखोटा, गुजरात के राठवा आदिवासी जनजातीय होली नृत्य, मध्यप्रदेश के छतरपुर का बरेदी लोक नृत्य, हरियाणा का हरियाणवी घूमर, मध्यप्रदेश के धार का भील जनजातीय नृत्य, राजस्थान का गैर घुमरा जनजातीय नृत्य. पुलिस व आर्मी बैंड देंगे आकर्षक प्रस्तुति तीसरे सोमवार को पुलिस बैंड, आर्मी बैंड, होमगार्ड बैंड और निजी स्कूलों के बैंड के द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी जाएंगी. चौथे सोमवार को पर्यटन की थीम पर मांडू के महल, सांची के स्तूप, खजुराहो के शिव मंदिर, देवी अहिल्या किला महेश्वर, भीमबेटका, ग्वालियर का किला, उदयगिरि की गुफाएं, विदिशा बाग की गुफाएं, धार की झांकियां निकाली जाएंगी. पांचवें सोमवार को सवारी में धार्मिक थीम रहेगी, जिसमें कृष्ण पाथेय और प्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों व मंदिरों की झांकी निकाली जाएंगी. छठे सोमवार को 70 से अधिक भजन मंडलियों द्वारा प्रस्तुति दी जाएंगी. इस प्रकार होता है श्रावण महोत्सव का आयोजन प्रत्येक वर्ष अनुसार श्रावण महोत्सव हर शनिवार शाम मंदिर के समीप ही 07 बजे से त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय के सभा कक्ष में आयोजित किया जा रहा है. ये आयोजन 13 जुलाई से शुरू हुए जो 16 अगस्त तक 23 दिन तक (श्रावण महोत्सव शनिवार के दिन, सवारी सोमवार के दिन, नाग पंचमी 29 जुलाई और 15 अगस्त का दिन छोड़कर) महाकालेश्वर सांस्कृतिक संध्या नाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इनकी प्रस्तुति महाकाल महालोक परिसर में सप्त ऋषियों की मूर्ति के पास शाम को 6 बजे से 8 बजे तक दी जा रही है, इसमें देशभर से 47 कलाकार समूह प्रस्तुति दे रहे हैं. कब-कब निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी पहली सवारी 14 जुलाई, दूसरी सवारी 21 जुलाई, तीसरी सवारी 28 जुलाई, चौथी सवारी 4 अगस्त, पांचवीं सवारी 11 अगस्त और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी.    हर सवारी में कैसा रहेगा बाबा महाकाल का स्वरूप पहली सवारी में भगवान मनमहेश, दूसरी में चंद्रमौलेश्वर और हाथी पर मनमहेश, तीसरी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव, चौथी सवारी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव और नंदी रथ पर उमा महेश, पांचवीं सवारी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश और रथ पर होलकर स्टेट और राजसी सवारी में पालकी में चंद्रमोलेश्वर हाथी पर मन महेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव नंदी रथ पर उमा महेश, रथ पर होलकर स्टेट और रथ पर सप्तधान मुखारविंद के रूप में भगवान विराजित होंगे.

निशातपुरा थाना प्रभारी ने की आत्महत्या की कोशिश, पारिवारिक तनाव के कारण उठाया कदम

भोपाल राजधानी भोपाल में निशातपुरा थाना प्रभारी ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की. उन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती किया गया. फिलहाल उनका ICU में इलाज जारी है. सूचना मिलते ही विभाग के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे. थाना प्रभारी ने की आत्महत्या की कोशिश निशातपुरा थाना प्रभारी रुपेश दुबे ने आत्महत्या की कोशिश की. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, पारिवारिक तनाव की वजह से थाना प्रभारी रुपेश दुबे ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की. यह घटना रविवार की देर रात की है.  रूपेश दुबे वर्तमान में निशातपुरा थाने के प्रभारी हैं और थाने के पास ही एक किराये के कमरे में रहते हैं, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे कोलार स्थित उनके निजी मकान में रहते हैं। शनिवार रात पत्नी से फोन पर विवाद के बाद दुबे ने घर न आने की बात कही, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया। पत्नी को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत थाने के स्टाफ को सूचना दी और थाने की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी देर रात अस्पताल पहुंचे और टीआई दुबे की हालत पर नजर बनाए हुए हैं। शहर के कई थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली। दुबे के कई बैचमेट्स भोपाल के विभिन्न थानों में पदस्थ हैं, जिनमें टीआई मनीषराज सिंह भदौरिया और सुधीर अरजरिया भी शामिल हैं। पारिवारिक विवाद बना आत्मघाती कदम की वजह पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टीआई दुबे और उनकी पत्नी के बीच पिछले कुछ महीनों से मतभेद चल रहे थे। पारिवारिक कलह के चलते ही वे थाने के पास अलग किराए के कमरे में रह रहे थे। पहले भी दोनों के बीच विवाद की खबरें सामने आ चुकी हैं, हालांकि तब अधिकारियों की मध्यस्थता से मामला शांत हो गया था। शनिवार रात भी विवाद के दौरान दुबे ने जहर खाकर आत्महत्या करने की धमकी दी और जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। इसके बाद उनकी पत्नी कोलार से बच्चों के साथ निशातपुरा पहुंचीं और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। फिलहाल पुलिस अधिकारी उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए पारिवारिक कारणों की भी गहराई से जांच कर रहे हैं।  गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती बता दें कि रात में ही पत्नी ने रुपेश दुबे को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया. वहीं हालात गंभीर होने के बाद उन्हें  निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उनका इलाज जारी है.  पुलिस महकमे में मचा हड़कंप इधर, घटना की सूचना मिलते ही विभाग के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से उचित चिकित्सा सुविधा देने के लिए कहा.

पत्रकारिता को समाज सेवा से जोड़ा प्रभाष जी ने: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का सम्मानपूर्ण वक्तव्य

प्रभाष जी की पत्रकारिता जनहित के लिए समर्पित रही: उप मुख्यमंत्री शुक्ल पत्रकारिता को समाज सेवा से जोड़ा प्रभाष जी ने: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का सम्मानपूर्ण वक्तव्य नई दिल्ली में "प्रभाष प्रसंग” कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वर्गीय प्रभाष जोशी ने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि लोकमंगल का माध्यम बनाया। उन्होंने जनचेतना को जागृत करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने और सामाजिक सरोकारों को मुखर स्वर देने में अपनी लेखनी के माध्यम से अद्वितीय योगदान दिया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल नई दिल्ली स्थित सत्याग्रह मंडप, राजघाट परिसर में प्रख्यात पत्रकार स्व. प्रभाष जोशी की स्मृति में “प्रभाष प्रसंग” कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने प्रख्यात पत्रकार स्व. प्रभाष जोशी को उनकी विचारशील पत्रकारिता, सामाजिक प्रतिबद्धता एवं सांस्कृतिक चेतना के लिए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आज के समय में जब सूचना के माध्यमों की प्रामाणिकता और जिम्मेदारी पर प्रश्नचिह्न उठते हैं, ऐसे में प्रभाष जी जैसे उत्कृष्ट मानक स्थापित करने वाले पत्रकारों की स्मृति और मूल्य और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनकी विरासत नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, पद्मभूषण रामबहादुर राय, पद्मजवाहरलाल कौल सहित अनेक गणमान्यजन एवं पत्रकारिता, साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने प्रभाष जोशी जी के जीवन, विचार और कार्यशैली पर प्रकाश डाला और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विदेश यात्रा ने रचा कीर्तिमान, दुबई और स्पेन से मिले निवेश के नए अवसर

अब तक की सफलतम विदेश यात्रा रही दुबई और स्पेन की यात्रा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई और स्पेन की विदेश यात्रा सबसे सफल रही: सीएम डॉ. यादव का दावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विदेश यात्रा ने रचा कीर्तिमान, दुबई और स्पेन से मिले निवेश के नए अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 दिन की विदेश यात्रा से स्वदेश लौटे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 दिन की दुबई और स्पेन की विदेश यात्रा से रविवार को स्वदेश लौट आए। वैदेशिक संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली दुबई और स्पेन की इस यात्रा को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफलतम यात्रा निरूपित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूर-दृष्टि और कुशल नेतृत्व को दिया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर में काफी निवेश की संभावनाएं हैं। दुबई और स्पेन के 7 दिन के प्रवास से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं बनी है। यात्रा के दौरान कई विदेशी कंपनियों से मध्यप्रदेश में निवेश और नॉलेज शेयरिंग के लिए करार भी हुए हैं। अभी तक की सफलतम विदेशी यात्राओं में स्पेन दुबई की यात्रा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इससे पहले मध्यप्रदेश में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से लगभग 30.77 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेश धीरे-धीरे धरातल पर भी उतर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस विदेश यात्रा से मध्यप्रदेश में कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, खनन, उद्योग और पर्यटन विकास के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं निकलकर सामने आईं हैं, जिससे रोजगार के नए अवसरों के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब बड़ी तेजी से निवेश के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।  

दुबई और स्पेन के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुबई और स्पेन की यात्रा मध्यप्रदेश के लिए खोलेगी विकास के नए द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में होगी सहायक दुबई और स्पेन के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित दुबई और स्पेन यात्रा से मध्य प्रदेश को 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के साथ किये अपनी विदेश यात्रा के अनुभव साझा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उनकी दुबई और स्पेन की यात्रा मध्यप्रदेश में विकास के नए द्वार खोलेगी। दुबई और स्पेन के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित हैं। इस यात्रा से मध्यप्रदेश को 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे पूर्व भी जर्मनी, जापान और यूके आदि की यात्रा के दौरान वहां से मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बड़े प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मध्यप्रदेश में निरंतर देश-विदेश से आ रहे निवेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में सहायक होंगे। यह अत्यंत आनंद का विषय है कि मध्यप्रदेश वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दुबई और स्पेन की यात्रा से लौटने पर स्टेट हैंगर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम एवं मीडिया संवाद में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन और दुबई यात्रा में 11 हजार 119 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिससे 14 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति की जिंदगी बदलना आवश्यक है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसके लिए भरसक प्रयत्न कर रहे हैं। गरीब, युवा, महिला,किसान सभी वर्गों को साथ लेकर विरासत सहेजने से लेकर विकास की गति बढ़ाने का दृढ़ संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित रहने को कहा। प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई को बनाया प्रमुख केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री मोदी अभिनंदन के पात्र हैं। उन्होंने अपने ग्यारह वर्ष के कार्यकाल में सात बार दुबई की यात्रा कर दो तरफा व्यापारिक और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाने का कार्य किया है। दुबई एक लघु विश्व की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे प्रधानमंत्री जी की नीतियों का अनुसरण करते हुए उद्योग एवं व्यापार वर्ष 2025 में देश-विदेश से निवेश लाने के प्रयास कर रहे हैं। इस क्रम में दुबई और स्पेन की यात्रा महत्वपूर्ण रही। प्रधानमंत्री के संकल्प को पूर्ण करने के लिए इस यात्रा को सार्थक बनाने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री मोदी का एक-एक निर्णय विश्व में भारत की साख बढ़ाने का कार्य कर रहा है। प्रदेश में 20 वर्ष में बदला वातावरण, अब विकास की गति तीव्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत दो दशक विकास के दशक रहे हैं। वर्ष 2002-03 तक प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में जो स्थिति रही उसमें निर्णायक परिवर्तन आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले 20 वर्षों के कार्यकाल को मध्यप्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन वर्षों में नागरिकों को यह अनुभव करवाया गया है कि सरकार क्या होती है। देश में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश ऐसा राज्य होगा जो प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जहां गुजरात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार सरोवर परियोजना में सबसे बड़े बांध को पूर्ण करवाकर राष्ट्र को समर्पित किया वहां मध्यप्रदेश के हित में अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं की स्वीकृति देकर उल्लेखनीय कदम उठाया। अब प्रदेश के विकास की गति तीव्र से तीव्रतम होगी। भारत स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत सरकार ने भारत-स्पेन सांस्कृति सहयोग वर्ष की घोषणा की है। इस नाते उनकी स्पेन यात्रा अधिक प्रासंगिक हो गई है। इस वर्ष में अन्य गतिविधियों के साथ मध्यप्रदेश में स्पेन के कला और सांस्कृतिक जगत के प्रतिनिधियों और कलाकारों के मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। निवेश बढ़ाने के निरंतर प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई और स्पेन की यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की विस्तार से जानकारी दी। प्रदेश में सम्पन्न संभाग स्तरीय उद्योग कॉनक्लेव, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, दुबई और स्पेन यात्रा के पूर्व इंग्लैंड, जर्मनी और जापान की यात्राओं में नए निवेश के माध्यम से मध्यप्रदेश की समृद्धि के प्रयास किए गए हैं। भारत के प्रमुख नगरों कोलकाता, कोयम्बटूर, सूरत, लुधियाना में भी सेक्टर वाइज बैठकों और संगोष्ठियों के माध्यम से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र में नई इकाईयों की स्थापना के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। बहनों को देंगे रक्षा बंधन का तोहफा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रक्षा बंधन 9 अगस्त से पहले लाड़ली बहनाओं के खाते में 1500 रुपए पहुंचने वाले हैं। योजना में दी जाने वाली 1250 रुपए की मासिक राशि के अलावा रक्षाबंधन पर शगुन के रूप में अतिरिक्त 250 रुपए दिए जाएंगे। दुबई एवं स्पेन प्राप्त निवेश प्रस्ताव   क्र. संगठन संपर्क व्यक्ति पदनाम क्षेत्र प्रस्तावित निवेश (करोड़ रू.) प्रस्तावित रोजगार देश 1 बीएनडब्ल्यू डेवलपर्स श्री अंकुर अग्रवाल सीईओ संस्थापक इंफ्रॉस्ट्रक्चर 2750 3575 दुबई, यूएई 2   श्री प्रवीण मेहता   प्रपोजल टू सेट सीनियर केयर सस्टेनेबल सिटी 1100 1430 दुबई, यूएई 3 कोनारेस मेटल सप्लाई भरत भाटिया सीईओ और चेयरमैन इस्पात निर्माण 640 832 दुबई यूएई 4 स्पेन कम्यूनिकेशन श्री नरेश खेतरपाल निदेशक हॉस्पिटैलिटी और मीडिया 500 650 दुबई, यूएई 5 अल्फा मेआ जनरल ट्रेडिंग       500 500 दुबई, यूएई 6 सराफ ग्रुप श्री इब्राहिम सराफ चैयरमैन वेयरहाउस 250 300 दुबई, यूएई 7 रिलायंस डिफेंस श्री दिनेश   रक्षा क्षेत्र 250 325 दुबई, यूएई 8 रेडियंट एजेस श्री मिलिंद सुरेश गोकर्ण   नेट जीरो एआईडेटा सेंटर 200 260 दुबई, यूएई 9 माविप ग्रुप श्री प्रत्यूष शास्त्री   इंदौर सिविक आई, हेल्थ्केयर सिटी और ग्रिड में निवेश प्रस्ताव 170 221 दुबई, यूएई 10 तौरानी ग्रुप ऑफ कंपनिज श्री उमेश सहजवानी निदेशक इस्पात निर्माण 100 130 दुबई, यूएई 11 ब्रावो फार्मा श्री राकेश पांडे संस्थापक और निदेशक फार्मा 100 130 दुबई, यूएई 12   श्री राजीवभार्गव   टायर रिट्रीडिंग 100 130 दुबई, यूएई 13 फॉर्च्यून … Read more

प्रदेश के सभी शासकीय भवन दिसम्बर-2025 तक किये जाने हैं सौर ऊर्जीकृत

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2030 तक 500 गीगा वॉट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित कर रहे है। इसी क्रम में “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’’ में प्रदेश के सभी शासकीय भवनों को दिसम्बर-2025 तक सौर ऊर्जीकृत किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये RESCO द्वारा सभी जिलों में पृथक-पृथक निविदाएँ जारी कर दर आमंत्रित की गयी है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने बताया है कि “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’’ में प्रदेश में राज्य शासन के भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफ़टॉप संयंत्र लगाने हैं। शासकीय विभागों को इन सौर परियोजनाओं में कोई निवेश नहीं करना होगा। शासकीय कार्यालयों द्वारा ऊर्जा के उपयोग के लिए RESCO विकासक को प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। रेस्को द्वारा लगाये गये संयंत्र की प्रति यूनिट दर विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा निर्धारित व्यवसायिक दर (जिसमें शासकीय कार्यालय भी शामिल हैं) से काफी कम होगी। इस प्रकार शासकीय कार्यालय “शून्य निवेश, पहले दिन से बचत, नेट जीरो’’ के सिद्धांत पर कार्य कर सकेंगे।  RESCO परियोजना अंतर्गत म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा प्रत्येक जिले के लिए पृथक–पृथक निविदा जारी की गई है। इसमें RESCO विकासकों से प्रत्येक जिले के लिए पृथक–पृथक दर माँगी गई है। प्रत्येक जिले की न्यूनतम दर के आधार उस जिले में RESCO परियोजनाएँ स्थापित होंगी। भोपाल जिले में अधिकतम 15.6 MW की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जबकि ग्वालियर जिले में 5.26 MW, इंदौर जिले में 3.12 MW, छिंदवाड़ा जिले में 1.43 MW, दतिया जिले में 1.4MW, धार जिले में 1.34 MW की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। शासकीय विभागों/संस्थाओं के भवन पर RESCO इकाई द्वारा 25 वर्ष की अवधि के लिये सोलर रूफ़टॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। इस पूरी अवधि तक सोलर रूफ़टॉप संयंत्र का रख–रखाव RESCO इकाई द्वारा किया जाएगा। RESCO की आय पूरी तरह से 25 वर्ष तक सौर ऊर्जा के उत्पादन पर आधारित है। इससे RESCO विकासक सौर संयंत्र से अधिकतम उत्पादन की कोशिश करेंगे, जिससे शासकीय विभागों को अधिकाधिक लाभ होगा। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2018 से 2020 के बीच म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा राज्य में 133 शासकीय कार्यालयों में सफलतापूर्वक RESCO पद्धति से सोलर रूफ़टॉप संयंत्र लगाए, जो सफलतापूर्वक संचालित हैं। इसमें IIM Indore, CAPT भोपाल, शासकीय मेडिकल कॉलेज (रीवा, शिवपुरी, खण्डवा, दतिया, विदिशा), NLIU भोपाल, AG कार्यालय ग्वालियर, SAI भोपाल, भारत सरकार का पॉवर ग्रिड कॉर्पोरेशन आदि शामिल हैं। नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सफल एवं दक्षतापूर्ण क्रियान्वयन से निश्चित ही प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में होगा।  

भोपाल मेट्रो का रफ्तार परीक्षण सफल, जल्द शुरू होगा टेक्निकल ट्रायल

भोपाल सुभाष नगर से एम्स तक 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से मेट्रो रेल को दौड़ाया जा रहा है। यह परीक्षण पिछले तीन दिन से तीन से चार घंटे तक किया जा रहा है, जिसके तहत 10 से 15 फेरे लगाए जा रहे हैं। इसी बीच एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस स्टेशन पर आवागमन सहित अन्य काम किए जा रहे हैं। दरअसल, आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन) की टीम भोपाल मेट्रो की तकनीकी जांच करने इसी महीने आ सकती है। इसके लिए सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही जमा किए जा चुके हैं। यह टीम रेलवे से जुड़ी है और लखनऊ से आएगी। इसकी अनुमति के बाद सीएमआरएस (आयुक्त मेट्रो रेल सेफ्टी) की टीम अंतिम निरीक्षण करेगी। इस टीम द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद ही भोपाल मेट्रो में यात्रियों की आवाजाही शुरू हो सकेगी। सितंबर तक तय की डेटलाइन बता दें कि परीक्षण के दौरान एक्सपर्ट ट्रैक, उसकी फिटनेस, अधिकतम स्पीड, सिग्नल, ब्रेकिंग सिस्टम आदि पैमाने पर जांच कर रहे हैं। मेट्रो कारपोरेशन ने सभी काम को खत्म करने की डेटलाइन सितंबर तक तय की है। इसके बाद अक्टूबर या नवंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेट्रो की शुरुआत कर सकते हैं। वर्ष 2018 में शुरू हुआ था काम भोपाल में मेट्रो का पहला मार्ग एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कारिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक काम पूरा सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक का काम हो चुका है और मेट्रो यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी की जा चुकी है। तीन अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार परीक्षण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज करेंगे नवीन विधायक विश्राम-गृह का भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य एवं विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में आज प्रातः 10:30 बजे विधायक विश्राम गृह खण्ड-क्र.-1 के सामने, विधायक विश्राम गृह परिसर भोपाल में नवीन विधायक विश्राम गृह निर्माण कार्य का भूमि-पूजन होगा। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी शामिल होंगे। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने रविवार को भूमि-पूजन स्थल का निरीक्षण किया और भूमि-पूजन कार्यक्रम की उत्कृष्ट तैयारियों के अधिकारियों को निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि यह नवीन विधायक विश्राम गृह लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और इसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ 102 फ्लैट्स का निर्माण प्रस्तावित है।  

नेपानगर में पानी की नई क्रांति: 36 करोड़ से घर-घर पहुंचेगा नल कनेक्शन

भोपाल बुरहापुर जिले के नेपानगर में अब हर घर तक नल का स्वच्छ जल पहुँच रहा है। नगरीय विकास एवं आवास के उपक्रम म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह परियोजना, एशियन डेवलपमेंट बैंक  की सहायता से संचालित हो रही है। परियोजना की कुल लागत लगभग 36 करोड़ रुपये है। इसमें आगामी दस वर्षों का संचालन और संधारण भी शामिल है। बुरहानपुर जिले की नेपानगर की इस परियोजना के अंतर्गत, ताप्ती नदी से जल लेकर इसे 7.7 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र के माध्यम से शोधित किया जा रहा है। शोधित जल को संग्रहित करने के लिए नगर में 150 किलोलीटर और 160 किलोलीटर की क्षमता वाले दो ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। इसके साथ ही 1900 किलोलीटर क्षमता का ग्राउंड स्टोरेज रिजर्वायर  भी स्थापित किया गया है। इस जल प्रदाय परियोजना से नेपानगर की 35 हजार से अधिक आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। हर घर तक पहुँचते नल कनेक्शन न केवल स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को भी सुदृढ़ बना रहे हैं। घर में आसानी से जल उपलब्ध होने पर क्षेत्रीय नागरिक भी खासे उत्साहित हैं। नेपानगर वार्ड क्रमांक 22निवासी हेमंत पाटिल का कहना है कि इस योजना के माध्यम से हमें पर्याप्त जल मिल रहा है। स्वच्छ जल मिलने से बीमारियों का खतरा कम हुआ है। वार्ड क्रमांक 23 निवासी भास्कर पवार का कहना है कि नल के माध्यम से जल मिलने से अब समय की बचत हो रही है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा संचालित यह प्रयास  न केवल शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर भी अग्रसर है।