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राज्यपाल पटेल से उप-मुख्यमंत्री श्री देवड़ा की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने शुक्रवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। श्री पटेल को उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने प्रदेश के विकास संबंधी विभिन्न विषयों पर औपचारिक चर्चा भी की।     

राज्यपाल पटेल से उप-मुख्यमंत्री श्री देवड़ा की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने शुक्रवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। श्री पटेल को उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने प्रदेश के विकास संबंधी विभिन्न विषयों पर औपचारिक चर्चा भी की।     

CPHC कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन

भोपाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा #ECHOIndia के सहयोग से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा (CPHC) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना रहा, जिससे वे महत्वपूर्ण ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से समृद्ध होकर समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। समापन समारोह में डॉ. सलोनी सिडाना, मिशन निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, डॉ. प्रभाकर तिवारी, वरिष्ठ संयुक्त निदेशक सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर बोलते हुए मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को अंतिम छोर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी हितग्राही न छूटे। अपने समर्पण और सेवाभाव से, वे न केवल हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की नींव को मज़बूत करते हैं, बल्कि स्वास्थ्य परिणामों और समग्र सामुदायिक कल्याण पर भी स्थायी प्रभाव डालते हैं।इसी दृष्टिकोण के अनुरूप, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश ने #ECHOIndia के सहयोग से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा (CPHC) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया। इस पहल का उद्देश्य अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और आत्मविश्वास से लैस करना है ताकि वे अपने क्षेत्र के हितग्राहियों की बेहतर सेवा कर सकें। भोपाल में आयोजित प्रसार बैठक नें प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों और गणमान्य व्यक्तियों के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने विचारों का आदान-प्रदान किया और राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

एमपी में टेक क्रांति की दस्तक, स्पेन की कंपनी ‘सबमर’ लगाएगी इंडस्ट्रियल प्लांट

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्पेन के बार्सिलोना में छा गए। उनका अंदाज और उनकी बातों ने यहां की टेक जायंट कंपनी सबमर टेक्नोलॉजीज प्रबंधन को इतना प्रभावित किया कि उसने सीएम डॉ. यादव के कुछ घंटे पहले हुए दौरे के बाद ही मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) साइन कर लिया। यह एमओयू मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MPSEDC) और सबमर के बीच हुआ है। इसका उद्देश्य सहयोग को बढ़ाना, मध्यप्रदेश में निवेश और साझेदारी के अवसरों की खोज करना है। इसमें टिकाऊ डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी, इमर्शन कूलिंग सॉल्यूशन, ग्रीन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्च के जॉइंट डेवलपमेंट पर फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 जुलाई की रात ही सबमर (Submer) का दौरा किया था। उनकी विजिट के दौरान सरकार और कंपनी प्रबंधन के बीच अहम चर्चा भी हुई थी। इस चर्चा के बाद ही कंपनी प्रबंधन ने कह दिया था कि मध्यप्रदेश सरकार और हम एक साथ सतत एआई तकनीकि विकास पर काम कर सकते हैं।   बता दें, मध्यप्रदेश और सबमर टेक्नोलॉजीज इस बात पर सहमत हुए हैं कि सबमर द्वारा मध्यप्रदेश में इमर्शन कूलिंग और टिकाऊ डेटा सेंटर से संबंधित निर्माण, रिसर्च एंड डेवलपमेंट बुनियादी ढांचे की स्थापना में निवेश करेगा। एमपीएसईडीसी द्वारा उपयुक्त भूमि, बुनियादी ढांचे, और सिस्टम में मदद करेगी। एमपीएसईडीसी योजनाओं और नीतियों के अनुरूप आवश्यक प्रोत्साहन और नीति पर सहयोग करेगी। इसके अलावा दोनों डिजीटल बुनियादी ढांचे क्षेत्र में कौशल विकास, नवाचार, और स्थानीय रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगे। मध्यप्रदेश की बदल जाएगी सूरत सबमर से मध्यप्रदेश की टेक्नोलॉजी संबंधी कई चुनौतियां हल हो जाएंगी। इस पहल से प्रदेश टिकाऊ, एआई तैयार डेटा सेंटर के मामले में देश में अग्रणी होगा। डेटा सेंटर डिजाइन और इस्टेब्लिशमेंट में नई जनरेशन के स्टैंडर्ड की देखरेख होगी। सबमर तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करेगी। इससे राज्य में नए डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए वैश्विक विशेषज्ञता आएगी। लिक्विड कूलिंग, ऊर्जा अनुकूलन, और एआई बुनियादी ढांचे में अपनी विशेषज्ञता के साथ सबमर यह सुनिश्चित करेगा कि ये परियोजनाएं दक्षता, स्थिरता, और आर्थिक प्रभाव के उच्च मानकों को पूरा करें। यह साझेदारी वैश्विक खिलाड़ियों को आकर्षित करने और मध्यप्रदेश के लिए दीर्घकालिक आर्थिक मूल्यों को सृजित करने के लिए की गई है। क्या है सबमर कंपनी का इतिहास सबमर की स्थापना बार्सिलोना में साल 2015 में हुई। यह कंपनी डेटा सेंटर, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और एज कंप्यूटिंग के लिए सिंगल फेज कूलिंग प्रणालियों में विशेषज्ञता रखती है। यह कंपनी स्मार्टपॉड, स्मार्टपॉडएक्स, ईएक्सओ और माइक्रोपॉड बनाती है। यह कंपनी पारंपरिक तरीकों की तुलना में कूलिंग ऊर्जा की खपत 45 प्रतिशत तक कम कर देती है 90 प्रतिशत तक पानी की बचत करती है। कंपनी वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर्स, एआई प्रयोगशालाओं, वित्तीय संस्थानों और सरकारी कंप्यूटिंग क्लस्टरों में सिस्टम स्थापित कर चुकी है। मई साल 2022 में सबमर ने भारत में इंग्राम माइक्रो इंडिया के साथ साझेदारी की। दोनों ने क्लाउड प्रदाताओं, आईटी पार्कों, सरकारी प्रतिष्ठानों और निजी उद्यमों में स्मार्ट, टिकाऊ डेटा सेंटर की स्थापना की। गौर करने वाली और सबसे खूबसूरत बात ये रही कि एमओयू के समय सबमर के फाउंडर पोल वाल्स सोलर मध्यप्रदेश हैंडलूम की टाई में नजर आए। यह सिर्फ टाई नहीं, बल्कि संस्कृति, सम्मान और साझेदारी के रिश्ते को पहनने जैसा है। 

क्रिकेट की दुनिया में धोखा: युवा खिलाड़ी से रणजी और आईपीएल में जगह दिलाने के नाम पर ठगी

इंदौर  अंडर-19 क्रिकेटर से आईपीएल और रणजी टीम में सिलेक्शन के नाम पर धोखाधड़ी हो गई। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों से नजदीकी बताकर एक अन्य क्रिकेट खिलाड़ी ने पीड़ित से 12 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। लसूड़िया पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपित ने कई युवाओं से ठगी की है। टीआई तारेश सोनी के मुताबिक मानसरोवर नगर (इंदौर) निवासी एक क्रिकेटर की शिकायत पर आरोपित अभिषेक गैंगवार निवासी मानसरोवर कॉलोनी मुरादाबाद (उप्र) के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। आरोपित फिलहाल महालक्ष्मी अपार्टमेंट, सचिवालय कॉलोनी, केदारपुर, देहरादून (उत्तराखंड) में रहता है। पीडि़त ने पुलिस को बताया कि आरोपित अभिषेक से क्रिकेट मैच के दौरान नागपुर (महाराष्ट्र) में परिचय हुआ था। उसने प्रैक्टिस देखकर कहा कि तुम्हारा प्रदर्शन अच्छा है। वह आईपीएल और रणजी टीम में सिलेक्शन करवा सकता है। अभिषेक ने सिलेक्शन में खर्च करने का झांसा देकर किस्तों में 12 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। सिलेक्शन न होने और रुपये न लौटाने पर जानकारी निकाली तो पता चला अभिषेक सौराष्ट्र, उप्र, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई युवाओं से ठगी कर चुका है। उसके कोच भी इसी तरह की धोखाधड़ी में गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रीय खिलाड़ियों को वीडियो काल कर ठगता है आरोपित पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह अंडर-19 खेलता था। आरोपित भी क्रिकेट खिलाड़ी है। एक ही टीम में खेलने के दौरान दोस्ती हो गई थी। उसने कोविड के दिनों में कई दिनों तक झांसेबाजी की। वह उसके सामने ही राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट खिलाड़ियों से वीडियो कॉल पर बात करता था। इससे उसकी बातों पर आसानी से भरोसा हो गया। आरोपित ने पीड़ित से ऑनलाइन रुपये उसकी पत्नी आकांक्षा के खाते में जमा करवाए हैं।

एक पेड़, एक ज़िंदगी अभियान को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सराहा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि विकास और पर्यावरण संतुलन एक साथ आवश्यक हैं। सुखद, समृद्ध और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के पुनीत कार्य में सभी की सहभागिता ज़रूरी है। पौधारोपण व्यक्ति को जीवन और प्रकृति के बीच आत्मीय संबंध की गहरी अनुभूति भी कराता है। प्रदेश में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनचेतना के लिए मीडिया समूह के “एक पेड़, एक ज़िंदगी” अभियान की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सराहना की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि यह अभियान हरियाली बढ़ाने में सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मीडिया समूह द्वारा जनसामान्य को तुलसी के बीज वितरित कर आयुर्वेदिक परंपरा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच के संबंध को भी सशक्त किया जा रहा है। यह नवाचार न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि प्रेरणादायक भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली भूमिका निभाई है। मध्यप्रदेश में “जल-गंगा संवर्धन अभियान”, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति वृक्षारोपण को अपनी भावनाओं और स्मृतियों से जोड़ता है, तो उसका संरक्षण भी स्वाभाविक रूप से होता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पर्यावरण और विकास विरोधी तत्व नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। जितना आवश्यक अधोसंरचना, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विकास है, उतना ही महत्वपूर्ण स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली को संरक्षित रखना भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों से जुड़ें और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

मेयर पुष्यमित्र का दावा: इंदौर लगातार 9वीं बार बनेगा स्वच्छता चैंपियन

इंदौर  स्वच्छता लीग में शीर्ष अंक हासिल करने के बाद मेयर पुष्य मित्र भार्गव, निगमायुक्त शिवम वर्मा शुक्रवार को दिल्ली से इंदौर लौटे। अवार्ड मिलने की खुशी में इंदौर में जश्न मनाया गया। एयरपोर्ट से राजवाड़ा तक निकली रैली का जगह-जगह स्वागत शहरवासियों ने किया। इस मौके पर राजवाड़ा पर आयोजित कार्यक्रम में मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि स्वच्छता अब हमारा संस्कारों में शामिल हो गई है। हमने सफाई में अष्ठसिद्धि प्राप्त की। अब नौवीं बार भी हम स्वच्छता के शीर्ष पर होंगे। स्वच्छता में अब हम और भी नवाचार करने जा रहे है। शहरवासी एप के माध्यम से कचरा वाहन घर पर बुलवा सकेंगे। मेयर ने कहा कि सफाईकर्मियों के लिए भी सुविधाएं बढ़ाने का काम नगर निगम करेगा। तनख्वाह में एक हजार रुपये की बढ़ौत्री की मांग हमने सरकार से की है। दिल्ली से मिली ट्राॅफी के साथ महापौर परिषद सदस्यों व पार्षदों ने फोटों खिंचावाई। नाचकर मनाया जश्न राजवाड़ा पर नगर निगम कर्मचारी, सफाई मित्रों ने ढोलक की थाप पर नाच कर अपनी खुशी का इजहार किया। इसके अलावा मिठाई भी बांटी गई। एयरपोर्ट से जब मेयर का काफिला निकाला तो कालानी नगर चौराहे पर भी स्वागत हुआ। इसके अलावा अन्य जगह भी मंच लगे हुए थे। राजवाड़ा के बाद दिल्ली से मिले अवार्ड को नगर निगम परिसर में गया। उधर गुरुवार रात को प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी इंदौर आए थे तो उनका भी भाजपा समर्थकों ने राजवाड़ा पर स्वागत किया।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 23 जुलाई को समीक्षा बैठक

भोपाल सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम, 2025 एवं राह-वीर योजना  की प्रगति की समीक्षा बैठक 23 जुलाई 2025 को मुख्य सचिव की अघ्यक्षता में आयोजित की जायेगी। बैठक में परिवहन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोनों योजनाओं के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया जायेगा

सीएम यादव की स्पेन यात्रा: निवेश और सांस्कृतिक साझेदारी की ओर कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन में की निवेश, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग की नई पहल स्पेन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की बड़ी पहल, निवेश-शिक्षा-संस्कृति को मिलेगी नई दिशा सीएम यादव की स्पेन यात्रा: निवेश और सांस्कृतिक साझेदारी की ओर कदम स्पेन में डॉ. यादव की तीन मोर्चों पर पहल, निवेश, शिक्षा और संस्कृति पर खास फोकस कैटलोनिया के विदेश मंत्री जैम डच गुइलोट के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक अकादमिक साझेदारी की दिशा में नया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन यात्रा के तीसरे दिन बार्सिलोना में कैटलोनिया सरकार के विदेश मंत्री जैम डच गुइलोट से भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान आईआईटी इंदौर और IISER भोपाल को बार्सिलोना के विश्वविद्यालयों से जोड़ते हुए अकादमिक और शोध सहयोग को बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विश्वस्तरीय अनुसंधान और नवाचार केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कैटलोनिया की अग्रणी कंपनियों को मध्यप्रदेश में निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए आमंत्रण दिया। उन्होंने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और युवा शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सही समय है जब यूरोपीय कंपनियाँ मध्यप्रदेश को अपने निवेश गंतव्य के रूप में देखें। खेल, पर्यटन और संस्कृति में साझेदारी के नए आयाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफसी बार्सिलोना फाउंडेशन जैसे संगठनों के साथ मिलकर खेल, नेतृत्व और जीवन कौशल पर आधारित कार्यक्रमों की साझेदारी की संभावनाएं साझा कीं। साथ ही मध्यप्रदेश के विश्व धरोहर स्थलों साँची, खजुराहो और भीमबेटका को यूरोप में प्रमोट करने के लिए संयुक्त पर्यटन अभियान पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी सुझाव दिया कि दोनों सरकारें प्रदर्शन कला, सिनेमा, साहित्य और संग्रहालयों के माध्यम से सांस्कृतिक संवाद को और सशक्त बनाएं। तकनीकी सहयोग और नीति-स्तरीय समन्वय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मार्ट सिटी, ग्रीन बिल्डिंग्स और शहरी परिवहन में कैटलोनिया की विशेषज्ञता का लाभ लेने के लिए तकनीकी सहयोग प्रस्तावित किया। उन्होंने दोनों सरकारों के बीच एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने की बात कही, जो प्रमुख परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा। वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की सशक्त उपस्थिति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मुलाकात को प्रदेश की वैश्विक रणनीति का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब निवेश, शिक्षा, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के लिए तैयार है, और स्पेन यात्रा प्रदेश के विकास में नए अध्याय जोड़ेगी।  

मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती ए आजम का खत, मुस्लिम समाज से बोले दस्तावेज रखें तैयार- जानें पूरा मामला

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुफ्ती-ए-आजम का एक खत वायरल हो रहा है, जिससे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का मुद्दा फिर उठता दिख रहा है. मुफ़्ती-ए-आजम ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की है कि अपने सभी दस्तावेज तैयार कर लें.  दरअसल, मध्य प्रदेश मुफ्ती-ए-आजम डॉ. मौलाना मोहम्मद मुजाहिद रज़ा पत्र जारी कर मुसलमानों से आग्रह किया है कि सभी देश की नागरिकता साबित करने संबंधित और अपनी पहचान संबंधित सभी दस्तावेज चेक कर लें और कोई चूक है तो उसे सुधरवा लें.  मुस्लिम समाज को दस्तावेजी तैयारी के नसीहत वाला मुस्लिम धर्मगुरु का पत्र चर्चा में है। जिसमें उन्होंने अपनी पहचान से जुड़े पेपर तैयार कराने के लिए कहा है। मुफ्ती ए आजम मप्र डॉ. मौलाना मुशाहिद रजा कादरी की ओर से जारी इस पत्र में यह चिंता साफ नजर आ रही है। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 16 जुलाई के इस पत्र में कहा गया है कि सभी मुसलमानों को देश की नागरिकता सिद्ध करने वाले तमाम कागजात पहले से दुरुस्त कर लेने चाहिए। क्योंकि एनआरसी की पड़ताल बहुत जोरों से चल रही है। एनआरसी, सीएए और एनपीआर के मुद्दों को लेकर भाजपा हुकूमत बहुत उत्सुकता से गौर फिक्र कर रही है। यह बात अच्छे से अपने दिमाग में बैठा कर सोच फिक्र रखना होगा, क्योंकि हमारा नाम हर लिस्ट में नं 01 पर रखा गया है। एनआरसी किसी भी समय हमारे सूबे मध्य प्रदेश में शुरू हो जाएगी। जिससे पहले हमें अपनी नागरिकता को भारतीय साबित करने के लिए कागजात की तैयारी पूरी करना होगा। उन्होंने मूल निवास, आधार, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, राशनकार्ड सहित पासपोर्ट व दूसरे दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, निकाहनामा व प्रॉपर्टी के रेकॉर्ड भी शामिल है। उसे अपने पास दुरुस्त कराकर रखने की ताकीद की है। कोई शाब्दिक त्रुटि हो तो ठीक करवा लें। 'एमपी सरकार शुरू कर सकती है NRC' उन्होंने कहा कि जन्म, जाति, शादी, संपत्ति, निवासी, मृत्यु से संबंधित सभी दस्तावेज मुसलमानों को अब तैयार कर लेने चाहिए, क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार कभी भी NRC शुरू कर सकती है. Mufti-e-Azam MP : उनका कहना है- आमजनों को शासकीय कार्यवाहियों में जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की गुजारिश की है। यह पत्र जागरूकता के लिए जारी किया गया है।     मौलाना मुशाहिद रजा कादरी,मुफ्ती-ए-आजम मप्र   NRC और NPR क्या है, CAA के बाद क्यों चल रही चर्चा केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 11 मार्च 2024 को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसके साथ ही सीएए के नियम देशभर में लागू हो गए। सीएए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जहां लोग पोर्टल के माध्यम से सीएए के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सीएए को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता (संशोधन) कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि देश में धर्म के आधार पर कानून नहीं बनाया जा सकता। सीएए को एनआरसी और एनपीआर के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। भाजपा का मुख्य उद्देश्य देश में एनपीआर और एनआरसी लागू करना है। आइए जानते हैं क्या होता है एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर)। एनपीआर क्या है? What is NPR Bill Meaning एनपीआर की फुल फॉर्म राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर है। एनपीआर देश के सामान्य निवासियों की एक सूची है। भारत के प्रत्येक सामान्य निवासी के लिए एनपीआर में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसमें भारतीय नागरिक और विदेशी नागरिक दोनों शामिल हैं। एनपीआर का उद्देश्य देश के प्रत्येक सामान्य निवासी का डेटाबेस बनाना है। इसे नागरिकता अधिनियम 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियम 2003 के प्रावधानों के तहत स्थानीय (गांव/उप-नगर), उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए डेटा पहली बार 2010 में भारत सरकार द्वारा एकत्र किया गया था और इसे हर 10 साल में दोहराया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक सामान्य निवासी का एक व्यापक पहचान डेटाबेस बनाना है। डेटाबेस में जनसांख्यिकीय के साथ-साथ बायोमेट्रिक विवरण भी शामिल होंगे। एनपीआर के लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि जनसंख्या रजिस्ट्रार में डेटा प्रविष्टि के लिए स्व-घोषणा को पर्याप्त माना जाएगा। सीएए यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम पर चल रहे विवाद के बीच लोगों की मन में बहुत विभ्रांति उत्पन्न हो गई है, बहुत से लोग नहीं जान पा रहे हैं कि आखिर यह राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी एनपीआर क्या है और उसे क्यों अपडेट किया जा रहा है? हम आपको समझते हैं कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर क्या है? एनपीआर देश के सभी नागरिकों की जनसंख्या विवरण का डेटा है। सभी नागरिकों के लिए एनपीआर में पंजीकरण और सरकार को सही विवरण बताना अनिवार्य है। भारत में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत कारगिल समीक्षा समिति ने गैर नागरिकों और नागरिकों के अनिवार्य पंजीकरण सिफारिश को 2001 में स्वीकार किया गया था। वर्तमान में प्रक्रिया असम को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जाएगी। दरअसल केंद्र और राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाएं बनती है, लेकिन सरकार को कोई योजना बनाने से पहले यह जानना जरूरी होता है कि जिन लोगों के लिए कोई योजना बनाई जा रही है उन लोगों की संख्या कितनी है? उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है? उनकी क्या आवश्यकता है? इत्यादि। एनपीआर का मूल उद्देश्य क्या है? What is NPR Objective जनगणना आयोग के अनुसार, एनपीआर का उद्देश्य प्रत्येक सामान्य निवासी का एक व्यापक पहचान डेटाबेस तैयार करना है। एनपीआर में किस तरह का डेटा शामिल किया जाएगा?     राष्ट्रीयता घोषित व्यक्ति का नाम     जन्म तिथि     जन्म स्थान     मां का नाम     पिता का नाम     लिंग     वैवाहिक स्थिति     पति का नाम यदि विवाहित है तो     स्थाई आवासीय पता     शैक्षिक योग्यता     व्यवसाय वर्तमान पता पर रहने की अवधि     सामान्य निवास का पता     घर के मुखिया से संबंध आदि एनपीआर की वर्तमान स्थिति क्या है? राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए डेटा 2010 में भारत की जनगणना 2011 के साथ एकत्र किया गया था। जनगणना के दौरान एकत्र किए गए डेटा को 2015 में … Read more