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मंत्री सारंग ने कहा-खेल प्रतिभाओं को अवसर देने के लिये प्रत्येक दिन टैलेंट सर्च के संकल्प के साथ कार्य किया जाए

भोपाल  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि खेल प्रतिभाओं को अवसर देने के लिये प्रत्येक दिन टैलेंट सर्च के संकल्प के साथ कार्य किया जाए, जिससे प्रदेश की लगभग 9 करोड़ जनसंख्या में से कम से कम 50 लाख युवाओं की खेल प्रतिभा को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके। श्री सारंग शुक्रवार को समन्वय भवन में आयोजित जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारियों तथा युवा समन्वयकों की कार्यशाला में संवाद कर रहे थे। कार्यशाला में विभागीय नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि युवा समन्वयक खेल एवं युवा कल्याण विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचायें। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि युवा समन्वयकों से 3 माह बाद पुनः संवाद होगा। उन्होंने कहा कि जिस ब्लॉक में जनसंख्या कम है वहां खिलाड़ियों की खोज के लिए ब्लॉक का क्लस्टर बनाकर टैलेंट सर्च आयोजित किया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि युवा समन्वयक स्कूल गेम्स और अन्य विभागों से भी समन्वय करें। समन्वयक युवाओं से सतत सम्पर्क करें मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि समन्वयक प्रत्येक ब्लॉक में सक्रिय भूमिका निभाते हुए युवाओं के संपर्क में रहें और उन्हें विभागीय गतिविधियों से जोड़ें। उन्होंने कहा कि युवा समन्वयकों की तीन माह बाद कार्यों की पुनः समीक्षा की जाएगी। कम जनसंख्या वाले किन्तु खेल प्रतिभा वाले ब्लॉकों को जोड़कर ब्लॉक क्लस्टर बनाकर टैलेंट सर्च कार्यक्रम चलाने का सुझाव भी उन्होंने दिया। कार्यशाला के दौरान 'खेलो बढ़ो अभियान', 'पार्थ योजना', 'फिट इंडिया क्लब', 'एक जिला-एक खेल', 'खेलो एमपी यूथ गेम्स' के नए स्वरूप, टैलेंट सर्च कार्यक्रम और जिलों में किये गए नवाचारों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। नशा मुक्ति अभियान में युवाओं की भागीदारी जरूरी मंत्री श्री सारंग ने युवाओं से नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से समाज में सकारात्मकता और जागरूकता लाई जा सकती है। उन्होंने कहा, "हम केवल अच्छे खिलाड़ी नहीं बल्कि अच्छे नागरिक और समाज के कर्णधार बना रहे हैं।" जिलों से आए सुझावों पर तुरंत निर्णय कार्यशाला में शहडोल के युवा समन्वयकों द्वारा प्रस्तुत सुझावों के आधार पर मंत्री श्री सारंग ने विचारपुर (मिनी ब्राज़ील) में शीघ्र ही फुटबॉल फीडर सेंटर की स्थापना की घोषणा की। धार जिले के सरदारपुर में फुटबॉल को लेकर बढ़ते उत्साह और प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी ज्योति चौहान की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने ब्लॉक स्तर पर खेल एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने को भी कहा। उन्होंने उत्साहवर्द्धन के लिये विचारपुर और सरदारपुर के बीच भोपाल में फुटबाल प्रतियोगिता आयोजित करने के लिये भी निर्देशित किया। मंत्री श्री सारंग ने नरसिंहपुर में स्थापित प्रदेश के एकमात्र व्हाली-बॉल हॉस्टल को अकादमी में विस्तारित करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। वहीं सांची क्षेत्र से वॉटर स्पोर्ट्स में प्रतिभाएं उभरने की जानकारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने क्षेत्रीय खेलों के विकास पर जोर दिया। नीमच, उज्जैन, शहडोल सहित कई जिलों के प्रयासों की सराहना नीमच में सक्रिय 27 फुटबॉल क्लब, उज्जैन में सिंथेटिक ट्रैक, इंडोर हॉल, लघु मल्लखंभ केंद्र और कबड्डी की संभावनाएं और शहडोल की फुटबॉल परंपरा की विशेष सराहना की गई। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल विभाग अन्य खेलों की तरह सबसे ज्यादा खेले जाने वाले क्रिकेट को भी बढ़ावा देगा, जिससे क्रिकेट की भी उत्कृष्ट प्रतिभाएं निखरकर सामने आयें और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करें। तकनीकी और समन्वय पर विशेष बल मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेल विभाग की गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल एप्लीकेशन विकसित किया जाए। साथ ही प्रत्येक माह जिला स्तर पर समन्वय बैठकें आयोजित कर उसकी रिपोर्ट भोपाल मुख्यालय भेजी जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर खेल गतिविधियों को जन-जन से जोड़ा जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं समन्वयकों से कहा कि वे रचनात्मक सुझाव मुख्यालय को पत्र के माध्यम से प्रेषित करें, जिससे योजनाओं में निरंतर सुधार हो सके। उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान कार्यशाला में मंत्री श्री सारंग ने सभी से परिचय प्राप्त किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 युवा समन्वयक सुश्री ज्योति तिवारी, सुश्री ज्योति अहिरवार, श्री दिनेश लोधी, श्री विशाल दामके, श्री वसीम राजा और श्री राजेश बम्हुरे को भी सम्मानित किया। कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, संचालक श्री राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव सहित प्रदेश के सभी संभागीय एवं जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी तथा युवा समन्वयक उपस्थित रहे। 

गेहूँ का अधिकतम स्टॉक 3 हजार मीट्रिक टन रख सकते हैं व्यापारी : खाद्य मंत्री राजपूत

 भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि भारत सरकार द्वारा व्यापारियों के लिए 31 मार्च, 2026 तक के लिये गेहूँ के स्टॉक की सीमा निर्धारित कर दी गयी है। व्यापारी/थोक विक्रेता 3 हजार मीट्रिक टन तक और रिटेलर 10 मीट्रिक टन तक गेहूँ का भण्डारण कर सकते हैं। इसी तरह चेन रिटेलर के प्रत्येक आउटलेट के लिये 10 मीट्रिक टन की सीमा इस आधार पर निर्धारित की गई है कि सभी आउटलेट पर अधिकतम मात्रा आउटलेटों की कुल संख्या के 10 गुना मीट्रिक टन से अधिक भण्डारित नहीं होना चाहिये। प्रोसेसर के लिये स्टॉक की मात्रा उसकी मासिक स्थापित क्षमता के 70 प्रतिशत मात्रा को वर्ष 2025-26 के शेष महीनों से गुणा करने पर आने वाली मात्रा से अधिक नहीं होना चाहिये।  

ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे बने मकान के मालिकों को नोटिस जारी

भोपाल इंदौर शहर की नई कॉलोनियों सहित कई इलाकों में कई मकान एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित दायरे में बन गये हैं। यह निर्माण वर्षों पहले स्‍थापित ट्रांसमिशन लाईनों के समीप किए गए जो न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। एम.पी. ट्रांसको ने पिछले तीन वर्षों में ऐसे 892निर्माणों के लिये नोटिस जारी किए हैं। एम.पी. ट्रांसको द्वारा अपने स्तर पर इन्हें हटाने के कई प्रयास समय-समय पर किए जाते हैं, साथ ही जिला प्रशासन की मदद से भी अभियान चलाया जाता है। वर्षों पहले स्थापित हुई इन एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे बसे रहवासी मकान न केवल विद्युत सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि यह जनजीवन को गंभीर खतरे में डाल रहे हैं। खतरनाक स्थिति वाले क्षेत्र इंदौर के लिंबोदी, मुसाखेड़ी, खजराना, मुखर्जी नगर, बाणगंगा, नेमावर रोड, सुखलिया, देवास नाका, खंडवा रोड आदि क्षेत्र ऐसे हैं जहां न्यूनतम सुरक्षा दूरी नहीं है और दुर्घटना की आशंका अधिक है। जागरूकता अभियान जारी एम.पी. ट्रांसको  इंदौर की कार्यपालन अभियंता श्रीमती नम्रता जैन ने बताया कि इंदौर के ऐसे सभी क्षेत्र जहां पहले से ही ट्रांसमिशन लाइनें क्रियाशील है, फिर भी विद्युत सुरक्षा मापदंड़ों को नजर अंदाज कर उनके समीप अनाधिकृत निर्माण कर लिये गये है, उन क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों से दुर्घटना एवं जनहानि होने की आंशका के मद्देनजर वहां कंपनी द्वारा सुरक्षा नियमों की जानकारी घर-घर चस्पा की जा रही है।कर्मचारी लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाये रखने के लिए अनाउसमेंट भी कर रहे है। जागरूकता एवं जनसुरक्षा के लिये ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आने से संभावित खतरों से सचेत भी कराया जा रहा है। क्यों जरूरी है 27 मीटर का कॉरिडोर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अनुसार, 132 केवी या इससे अधिक वोल्टेज की ट्रांसमिशन लाइन के नीचे कम से कम 27 मीटर की सुरक्षित दूरी आवश्यक है, जिससे हवा में झूलते तारों से संपर्क न हो और दुर्घटना टाली जा सके। जनवरी 2025 से अब तक इंदौर में ट्रांसमिशन लाइनों में 33 बार व्यवधान हुआ, जिसमें 16 बार ट्रिपिंग की वजह ट्रांसमिशन जोन में व्यक्ति या वस्तु का प्रवेश पाया गया है। 600 से 950 गुना अधिक रहता है ट्रांसमिशन लाइनों से जान का खतरा आम घरों में उपयोग होने वाली विद्युत आपूर्ति की तीव्रता मात्र 230 वोल्ट होती है। यह स्तर भी इतना अधिक होता है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से इसके संपर्क में आ जाए तो गंभीर रूप से घायल हो सकता है या उसकी जान भी जा सकती है। एक्स्ट्रा हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइनें, जिनमें विद्युत तीव्रता 132 केव्‍ही (यानी 132,000 वोल्ट)  एवं 220 केवी (यानी 2,20,000 वोल्ट) होती है — जो कि घरेलू बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक रहती है। यह अंतर दर्शाता है कि अगर मात्र 230 वोल्ट के संपर्क में आने से जान को खतरा हो सकता है, तो 132 या 220 केवी की ट्रांसमिशन लाइनों के पास रहने या निर्माण करने से कितना बड़ा जोखिम हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह जानलेवा जोखिम भी उत्पन्न करता है।

नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाएं रखें : : राज्यमंत्री गौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र के वार्ड 56, 60 और 61 के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में नागरिक सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साकेत नगर के रहवासियों द्वारा पाले गए दर्जनों कुत्तों के कारण क्षेत्र में फैली गंदगी और विवाद की स्थिति गंभीर है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। रहवासी क्षेत्रों में इस प्रकार की गतिविधियां आमजन के लिए परेशानी का कारण बनती हैं और समय रहते इन पर रोक आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राजधानी के अन्य इलाकों से भी कुत्तों के काटने से जुड़ी दुर्घटनाओं और असुविधा की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए ये निर्देश जारी किए गए हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गौर ने मानसून को ध्यान में रखते हुए तीनों वार्डों में नाली, सीवेज, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी की व्यवस्थाओं का तत्काल निरीक्षण कर समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए, ताकि जनहानि और असुविधा से बचा जा सके। विकासकार्यों में न हो लापरवाही: राज्यमंत्री श्रीमती गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 56 स्थित शंकर नगर हनुमान मंदिर के पास आम रास्ता बंद करने वाले पेट्रोल पंप मालिक पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंदिर के पास अतिक्रमण कर संचालित मांस-मदिरा दुकानों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने आनंद विहार कॉलोनी में अवैध कालोनियों पर कार्रवाई और पेयजल हेतु सम्पवेल निर्माण करने के लिए भी निर्देशित किया। वार्ड 61 की कॉलोनियों में पेयजल पाइपलाइन, सीवेज, हाईमास्ट लाइट, पार्क विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए और वार्ड 60 की आजाद नगर, प्रगति नगर, अवंतिका एवेन्यू फेस सहित एक दर्जन कॉलोनियों में आंगनवाड़ी भवन, नाली निर्माण, नाला सफाई, चौड़ीकरण व पाइपलाइन कार्य करने की बात कही। बैठक में पार्षद श्रीमती मधु शिवनानी, श्री बी. शक्ति राव, श्री नीरज सिंह, श्री सुरेंद्र घोटे, श्री प्रताप सिंह बैंस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।  

विकास के साथ कला और संस्कृति का समानांतर उत्थान आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए भौतिक अधोसंरचना के साथ-साथ कला और संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि रीवा स्थित राजकपूर ऑडिटोरियम जैसे मंचों पर स्थानीय एवं राष्ट्रीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलना एक सकारात्मक पहल है, जिससे समाज में ऊर्जा और जीवंतता का संचार होता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने शान-ए-विन्ध्य सम्मान समारोह में यह बात कही। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हंसाने वाले लोग समाज में विरले होते हैं। श्री एहसान कुरैशी ने अपनी कला से लोगों को गुदगुदाया, यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से न केवल कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि युवाओं में भी रचनात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। उन्होंने समारोह के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि शान-ए-विन्ध्य जैसे आयोजन कलाकारों को प्रोत्साहन देने के साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी समृद्ध करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों एवं कलाकारों को सम्मानित भी किया। समारोह में देश के सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार श्री एहसान कुरैशी सहित अन्य कलाकारों ने अपनी हास्य प्रस्तुतियों से उपस्थितों को आनंदित किया। सांसद श्री जनार्दन मिश्र, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित थे।  

आस्था की नगरी उज्जैन तैयार, जुलाई के अंतिम 3 दिन होंगे त्योहारों से सराबोर

उज्जैन जुलाई के आखिरी तीन दिन उज्जैन में आस्था का महा सैलाबल देखने को मिलेगा। 27 जुलाई को रविवार होने के कारण छुट्टी का लाभ उठाते हुए देशभर से श्रद्धालुओं की भीड़ उज्जैन(Mahakal Temple Crowd) में उमड़ेगी। । 28 जुलाई को श्रावण मास में भगवान महाकाल की तीसरी सवारी निकलेगी, इसी दिन रात 12 बजे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट भी खुलेंगे। 29 जुलाई को नागपंचमी होने से देशभर से हजारों भक्त भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए आएंगे। महाकाल व नागचंद्रेश्वर के लिए अलग कतार नागपंचमी पर दर्शन व्यवस्था का प्लान तैयार किया जा रहा है। भीड़ नियंत्रण के लिए महाकाल( Darshan Arrangements Ujjain) और नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें रहेंगी। यह निर्णय इसलिए लिया जा रहा है ताकि भक्तों को कम समय में सुविधा से भगवान के दर्शन हो सकें। एक-दो दिन में नागपंचमी की व्यवस्था संबंधी बैठक में दर्शन व्यवस्था पर अंतिम मुहर लग जाएगी।   दो दिन में 10 लाख से अधिक भक्तों के आने का अनुमान 28 जुलाई को श्रावण का तीसरा सोमवार और 29 जुलाई को नागपंचमी(Nag Panchami Ujjain) होने से प्रशासन को इन दो दिनों में 10 लाख से अधिक भक्तों के भगवान महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन(Nagchandreshwar Darshan) के लिए उज्जैन पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचने का सिलसिला 27 जुलाई, रविवार से शुरू हो जाएगा। तीन दिन के लिए शहर की होटलें, यात्रीगृह और होमस्टे में यात्रियों को जगह मिलना मुश्किल रहेगा। महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल का कहना है कि “नागपंचमी को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। व्यवस्था के लिए विभिन्न विभागों को पत्र लिखा गया है। एक-दो दिन में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें दर्शन व्यवस्था सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए जाएंगे।” 

नया ग्लोबल ग्रोथ इंजन बन रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वर्ष 2026 भारत-स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा सबमर टेक्नोलॉजीस से चर्चा के 24 घंटे के अंदर हुआ एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बार्सिलोना में दिया निवेश का आमंत्रण वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ मध्यप्रदेश विकास का नया केंद्र बनेगा मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि निवेशकों की जरूरतों को हम अच्छी तरह से जानते हैं। निवेशकों को प्रॉपर्ली फेसिलिटेट करना ही हमारी नीति है। हमारी डेडिकेटेड इन्वेस्टर्स फ्रेंडली 18 औद्योगिक नीतियों के जरिए हमने सबके लिए निवेश के द्वार खोल दिए हैं। मध्यप्रदेश आईए, हमारी नीतियों और उपलब्धियों का अवलोकन कीजिए और निवेश कीजिए। उन्होंने कहा कि भारत और स्पेन के बीच पुराने संबंध हैं। हम उन्हीं संबंधों को और भी प्रगाढ़ करने यहां आए हैं। हम यहां से सिर्फ निवेश नहीं, दीर्घ साझेदारी चाहते हैं। हमारी सरकार अगले वर्ष 2026 को भारत-स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष के रूप में मनाएगी। इसके अंतर्गत कला, संस्कृति, साहित्य और फिल्म आधारित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और स्पेन के बीच फिल्म को-प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हमने स्पेन फिल्म आयोग के साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को यूरोप यात्रा के तीसरे दिन बार्सिलोना में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सबमर टेक्नोलॉजी स्पेन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह बार्सिलोना ने नवाचार, संस्कृति और आर्थिक समावेशन के जरिए विकास का अनूठा मॉडल प्रस्तुत किया है, उसी तरह मध्यप्रदेश भी विरासत से विकास की परंपरा को और आगे बढ़ाते हुए अब तेजी से ग्लोबल ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूरोप को विज़न देने वाले बार्सिलोना को मध्यप्रदेश की ओर से अभिनंदन है। बार्सिलोना नवाचारों और सपनों का शहर है, जिस पर मां सरस्वती की कृपा है। यहां के लोग अपने अतीत को साथ रखना चाहते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विरासत के साथ विकास के मंत्र को स्पेन भी चरितार्थ करता है। बार्सिलोना ने विकास और नवाचार का नया मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी स्थिर शासन और सरल प्रक्रियाओं और तेज निर्णयों के मामले में दुनिया का विश्वास जुटाते हुए आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। भारत और स्पेन लोकतांत्रिक मूल्यों और नवाचारों के साथ खड़े हुए दिखाई देते हैं। दोनों के बीच 9 बिलियन डॉलर से अधिक द्विपक्षीय व्यापार है। रक्षा क्षेत्र में भी बड़ी साझेदारी है। उन्होंने कहा कि स्पेन में निवेशकों से मिलकर सबसे अधिक आनंद की अनुभूति हुई है। यहां दुनिया की सबसे बड़ी कॉटन कम्पनी 'इंडिटेक्स' के विजिट के बाद पता लगा कि मध्यप्रदेश का कॉटन और यहां की टेक्निक मिलकर विकास का नया अध्याय लिख सकते हैं। धन कमाने में मानवीय मूल्यों को भूल जाते हैं। इंडिटेक्स के अधिकारियों ने बताया कि 30 से 40 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में कुल ऊर्जा उत्पादन का लगभग आधे से ज्यादा नवकरणीय ऊर्जा है। प्रदेश ज्यादा से ज्यादा ग्रीन एनर्जी के उत्पादन के लिये ठोस कदम उठा रहा है। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश दुनिया के लिये आदर्श राज्य की स्थापना की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है। यहां पर जैविक कपास के साथ-साथ फसल उत्पादन और अन्य सभी क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश ने अपनी गति बढ़ाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडिटेक्स टेक्सटाइल में मध्यप्रदेश के कॉटन से गारमेंट्स सेक्टर में बार्सिलोना बेताज बादशाह बना है, जिससे लगता है कि मध्यप्रदेश और बार्सिलोना जुड़वाँ भाईयों की तरह हैं। बार्सिलोना ग्रीन एनर्जी के इस्तेमाल को आगे बढ़ा रहा है। मध्यप्रदेश भी अपने किसानों को 32 लाख से अधिक सोलर इरिगेशन पंप बांटकर ग्रीन एनर्जी सेक्टर में देश-दुनिया में अपना शीर्ष स्थान बनाना चाहता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी यूरोपियन देशों की आबादी करीब 74 करोड़ है और आप हैरत करेंगे कि हमारे यहां 80 करोड़ से अधिक लोगों को भारत सरकार द्वारा नि:शुल्क खाद्य सामग्री बांटी जा रही है। स्पेन की आबादी के बराबर लोगों को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नि:शुल्क पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। यहां पर जरूरतमंद लोगों को आवास, भोजन, शिक्षा सहित अन्य सभी आधारभूत सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है। भारतीय संस्कृति 'जियो और जीने दो' पर विश्वास करती है। उन्होंने इकबाल की पंक्तियों को उदधृत करते हुए कहा कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नही हमारी। भारत यूरोपियन देशों के साथ साझेदारी के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मध्यप्रदेश भी इसी भावना से आगे बढ़ते हुए फूड, टैक्सटाईल, फार्मास्युटिकल, पॉवर सेक्टर सहित अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आज डेटा सेंटर के लिए हमारा एमओयू साइन हुआ है, जिससे हमारे संबंध अब और पक्के हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी यूरोप यात्रा न केवल यहां के निवेशकों का विश्वास जीत रही है, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक कद, मध्यप्रदेश की कुशल औद्योगिक नीतियों और हमारे विज़न को वैश्विक मंचों पर प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करने का माध्यम भी बन रही है।  

नेक्स्ट जनरेशन के एआई-रेडी डाटा सेंटर की क्षमता को 1 गीगावॉट तक किया जाएगा विकसित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश सरकार और वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी सबमर टेक्नोलॉजीस एस.एल. के बीच डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता हुआ। बार्सिलोना में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम और सबमर के बीच एमओयू संपन्न हुआ। इस समझौते में निवेश, तकनीकी सहयोग और सतत डिजिटल अवसंरचना के विकास पर फोकस किया गया है। यह समझौता केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि नेतृत्व, नीति और परिणाम की मिसाल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 17 जुलाई की रात को बार्सिलोना स्थित सबमर मुख्यालय के भ्रमण के अगले कुछ ही घंटों बाद यह एमओयू साइन होना निवेश के प्रति मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्धता का सुदृढ़ कदम है। मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट विजन से वैश्विक निवेशकों का विश्वास तेज़ी से हासिल करने का भी उदाहरण है। इस समझौते के अंतर्गत मध्यप्रदेश में नेक्स्ट जनरेशन के एआई-रेडी डाटा सेंटर की क्षमता को संयुक्त रूप से 1 गीगावॉट तक विकसित करने के लिए एक रणनीतिक सहयोग स्थापित किया गया है। यह समझौता उन्नत लिक्विड-कूलिंग तकनीकों जैसे इमर्शन कूलिंग और डायरेक्ट-टू-चिप समाधानों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऊर्जा खपत, जल उपयोग और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम करना है। यह सहयोग डाटा सेंटर संचालन के लिए वैश्विक दक्षता मानकों के अनुरूप है। यह तकनीक पारंपरिक तरीकों की तुलना में 45 प्रतिशत तक ऊर्जा की बचत और 90 प्रतिशत तक जल संरक्षण करती है। सबमर कंपनी निर्माण, अनुसंधान एवं विकास (R&D) और तकनीकी क्षेत्र में प्रदेश में निवेश करेगी। वहीं मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम इस परियोजना के लिए उपयुक्त भूमि, आधारभूत संरचना, नीति सहयोग एवं शासकीय औपचारिकताओं का अंतिम रूप देगा। इस साझेदारी का उद्देश्य न केवल डिजिटल क्षेत्र में राज्य की तकनीकी क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि कौशल विकास, नवाचार और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहित करना है। प्रदेश के युवाओं को अत्याधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सबमर, मध्यप्रदेश में डाटा सेंटर्स के डिज़ाइन और स्थापना में नई पीढ़ी के मानकों को स्थापित करने में सहायता करेगा। सबमर तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करते हुए लिक्विड कूलिंग, ऊर्जा अनुकूलन और एआई आधारित अवसंरचना विकास के लिए वैश्विक विशेषज्ञता प्रदान करेगा। यह सहयोग मध्यप्रदेश को टिकाऊ, एआई-रेडी डिजिटल केंद्र के रूप में स्थापित करेगा और राज्य को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ देगा। इस समझौते के अवसर पर सांस्कृतिक सौहार्द्र का सुंदर दृश्य देखने को भी मिला, जब सबमर के फाउंडर श्री पोल वाल्स सोलर मध्यप्रदेश हैंडलूम से बनी विशेष टाई पहनकर एमओयू कार्यक्रम में शामिल हुए। यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों की भावना के अनुरूप है और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार की तकनीकी उन्नयन तथा वैश्विक निवेश प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है। सबमर टेक्नोलॉजीस की स्थापना वर्ष 2015 में बार्सिलोना में हुई थी। यह कंपनी डेटा सेंटर्स, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और एज कंप्यूटिंग के लिए सिंगल फेज इमर्शन कूलिंग प्रणालियों में वैश्विक विशेषज्ञता रखती है। इसके उत्पादों में स्मार्टपॉड, स्मार्टपॉडएक्स, ईएक्सओ और माइक्रोपॉड शामिल हैं। कंपनी ने विश्वभर में वित्तीय संस्थानों, सरकारी क्लस्टर्स और एआई प्रयोगशालाओं में सफलतापूर्वक सिस्टम स्थापित किए हैं। मई 2022 में कंपनी ने भारत में इंग्राम माइक्रो इंडिया के साथ साझेदारी कर देश में स्मार्ट और सस्टेनेबल डाटा सेंटर की स्थापना की।  

बुरहानपुर में डायरिया का प्रकोप तेज, बड़गांव में मरीजों की संख्या बढ़ी, जांच-पड़ताल शुरू

बुरहानपुर जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर बड़गांव माफी में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। गांव में 15 जुलाई को उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी। जांच के दौरान पहले 15 मरीज सामने आए थे। इसके बाद दो दिन में नौ और मरीज सामने आए हैं। इनमें से कुछ मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। शेष मरीजों का घर पर ही डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है। चार सैंपलों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव जिला महामारी नियंत्रक रवींद्र राजपूत ने बताया कि पंचायत और पीएचई विभाग ने ट्यूबवेल की पाइप लाइन में मौजूद लीकेज को ठीक करा दिया है। साथ ही ट्यूबवेल के आसपास मौजूद गोबर व गंदगी को भी साफ कराया गया है। पीएचई ने पानी के पांच सैंपल लिए थे। इनमें से चार सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसलिए अभी लोगों को ट्यूबवेल की जगह हैंडपंप के पानी का उपयोग पेयजल के रूप में करने के लिए कहा गया है। साथ ही पानी को उबाल कर अथवा क्लोरीन की गोलियों से साफ कर पीने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब भी गांव में डेरा डाले हुए है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रित है।    सीईओ जिला पंचायत ने भी किया दौरा गांव में डायरिया फैलने की सूचना मिलने के बाद गुरुवार को सीईओ जिला पंचायत लता शरणागत सहित अन्य अधिकारियों ने भी गांव का दौरा किया था। उन्होंने आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर क्लोरीन की दवाएं वितरित करने और निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। शाहपुर के बीएमओ डॉ. अरुण कुमार सिंह स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। जिन पांच मरीजों के स्टूल सैंपल लेकर इंदौर जांच के लिए भेजे गए थे, उनकी रिपोर्ट शुक्रवार रात तक मिलने की उम्मीद जताई गई है। जिला महामारी नियंत्रक रवींद्र राजपूत ने कहा कि बड़गांव माफी में अब तक डायरिया के 24 मरीज सामने आ चुके हैं। स्थिति अब नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी और इलाज कर रही है।

राज्यपाल पटेल से उप-मुख्यमंत्री श्री देवड़ा की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से उप-मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने शुक्रवार को राजभवन में सौजन्य भेंट की। श्री पटेल को उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने प्रदेश के विकास संबंधी विभिन्न विषयों पर औपचारिक चर्चा भी की।