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छात्रावास के खाने पर सख्त हुए डॉ. वीरेंद्र खटीक, जिम्मेदारों को लगाई फटकार

टीकमगढ़ सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर रविवार को उस वक्त साफ नजर आया जब केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक पृथ्वीपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की जो तस्वीर सामने आई, वह न केवल चिंताजनक थी बल्कि व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली थी। रोटियों का कच्चापन देख मंत्री का पारा चढ़ा दोपहर के भोजन के समय जब डॉ. खटीक सीधे छात्रावास की रसोई में दाखिल हुए, तो वहां बन रही रोटियों की गुणवत्ता ने व्यवस्था की पोल खोल दी। डोंगे में रखी रोटियां न केवल ठंडी थीं, बल्कि वे ठीक से सिकी भी नहीं थीं। रोटियों का कच्चापन देख मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद महिला कुक को रोटियां दिखाते हुए कड़े लहजे में नसीहत दी। डॉ. खटीक ने दो टूक शब्दों में कहा ये बेटियां देश का भविष्य हैं, इनके स्वास्थ्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भोजन केवल काम समझकर मत बनाओ, इन्हें अपनी बेटियां समझकर खिलाओ। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधपका भोजन बच्चों के पाचन और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। अव्यवस्थाओं का अंबार: न शुद्ध पानी, न सही बिस्तर भोजन के बाद जब मंत्री ने छात्रावास परिसर का गहराई से जायजा लिया, तो अन्य बुनियादी सुविधाओं में भी भारी कमियां पाई गईं। अधिकांश छात्रावासों की तरह यहां भी पीने के पानी की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। छात्राओं से संवाद के दौरान यह बात सामने आई कि उन्हें स्वच्छ पेयजल के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। छात्राओं के कमरों में रखे पलंग और गद्दों की स्थिति दयनीय मिली, जो लंबे समय से बदले नहीं गए थे। वहीं छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था और चारदीवारी के रखरखाव में लापरवाही नजर आई। कई कमरों में रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अधिकारियों को चेतावनी संवाद के दौरान छात्राओं ने अपनी दिनचर्या और समस्याओं को लेकर खुलकर बात की। छात्राओं की बातें सुनने के बाद डॉ. खटीक ने वार्डन और मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि छात्रावास की बुनियादी सुविधाओं में बिजली, पानी और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार बजट की कमी नहीं होने देती, फिर भी बच्चों को बुनियादी सुविधाएं न मिलना प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने एक निश्चित समय सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और उसकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।  

लैपटॉप से तैयार किया फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर, बैंक को लगाया लाखों का चूना

शहडोल मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की सोहागपुर पुलिस ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है जिसने फर्जी एमपीईबी (MPEB) कर्मचारी बनकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को ₹10,50,500 का चूना लगाया था। फर्जी दस्तावेजों से मिला 'एक्सप्रेस क्रेडिट लोन' जानकारी के अनुसार, सागर जिले की निवासी बिशाखा दांगी (36 वर्ष) ने शहडोल के बस स्टैंड स्थित एसबीआई कुदरी रोड शाखा में एक्सप्रेस क्रेडिट लोन के लिए आवेदन दिया था। उसने खुद को बिजली विभाग अनूपपुर में 'लाइनमैन अटेंडेंट' के पद पर कार्यरत बताया था। आवेदन के साथ उसने फर्जी नियुक्ति पत्र, पे-स्लिप और बैंक स्टेटमेंट जमा किए। बैंक ने दस्तावेजों को सही मानते हुए 10 लाख 50 हजार 500 रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया। राशि प्राप्त करते ही आरोपी महिला फरार हो गई और लोन की किस्तें जमा करना बंद कर दिया। जांच में खुली पोल, सायबर सेल की मदद से गिरफ्तारी जब बैंक मैनेजर क्रांति कुमार साहू ने मामले की आंतरिक जांच कराई, तो पता चला कि बिशाखा दांगी नाम की कोई भी महिला बिजली विभाग में पदस्थ नहीं है। 02 सितंबर 2025 को सोहागपुर थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। सायबर सेल की तकनीकी सहायता से आरोपी का लोकेशन नर्मदापुरम (भोपाल) में मिला। 21 फरवरी को सोहागपुर पुलिस की टीम ने उसे नर्मदापुरम स्थित एक किराए के मकान से धर दबोचा। यूट्यूब और लैपटॉप का किया इस्तेमाल पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसे पैसों की सख्त जरूरत थी और उसे पता चला कि सरकारी नौकरी वालों को बैंक जल्दी लोन देते हैं। उसने अपने स्वयं के लैपटॉप से पुराने नियुक्ति आदेशों को एडिट कर ऑनलाइन फर्जी आफर लेटर और पे-स्लिप तैयार की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।  

एम पी नगर विशाल मेगामार्ट बना ग्राहकों को गुमराह करने का अड्डा

भोपाल एम पी नगर  प्रेस कॉम्प्लेक्स स्थित विशाल मेगा मार्ट में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए लगाए जा रहे ऑफरों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 22 फरवरी 2026 को शाम लगभग 6:30 बजे नितिन कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ खरीदारी के लिए पहुंचे। खरीदारी के दौरान उन्होंने देखा कि विभिन्न उत्पादों पर आकर्षक ऑफर प्रदर्शित किए गए थे। इसी दौरान रुचि सोयाबीन तेल के एक पैकेट पर ₹121 में 1 लीटर का रेट लिखा हुआ दिखाई दिया। कीमत उचित लगने पर उन्होंने उत्पाद अपनी ट्रॉली में रख लिया। हालांकि संदेह होने पर जब उन्होंने पैकेट को ध्यान से देखा तो पाया कि वह 1 लीटर नहीं बल्कि 750 ग्राम का पैक था। स्टोर में कई स्थानों पर यही दर प्रदर्शित की गई थी, जिससे अन्य ग्राहक भी उसी भ्रम में उत्पाद खरीदते नजर आए।  गुप्ता ने तत्काल स्टाफ को बुलाया। प्रारंभ में कर्मचारियों ने अनिच्छा दिखाई, बाद में सुपरवाइजर को बुलाया गया। सुपरवाइजर ने इसे “एक जगह की गलती” बताया, लेकिन स्टोर में 10 से 15 स्थानों पर वही दर प्रदर्शित होने की बात सामने आई। मैनेजर से शिकायत करने पर भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। जब संबंधित तेल पैकेट की बिलिंग कराई गई तो बिल में उत्पाद का वजन स्पष्ट रूप से अंकित नहीं पाया गया, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं। घर पहुंचकर अन्य सामान की जांच करने पर एक डोर मैट पर प्रदर्शित ऑफर भी बिल में लागू नहीं पाया गया, जबकि दूसरी डोर मैट पर 30 प्रतिशत छूट का उल्लेख था। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस प्रकार के ऑफर यदि स्पष्ट और पारदर्शी न हों तो वे ग्राहकों को भ्रमित कर सकते हैं। खरीदारी करते समय उत्पाद का वजन, मात्रा और बिल विवरण अवश्य जांचना चाहिए।

भर्ती परीक्षा पर सख्ती: CCTV की नजर में परीक्षा, अब एक दिन ज्यादा चलेगी प्रक्रिया

ग्वालियर पुलिस की आरक्षक भर्ती की फिजिकल परीक्षा सोमवार से होगी। उसके लिए एसएएफ ग्राउंड और भर्ती कमेटी तैयार है। परीक्षा में अभ्याथियों का हर मूवमेंट कैमरे की नजर में रहेगा। इसलिए मैदान पर 60 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा अभ्याथियों को आरएफआइडी टैग की जैकेट पहनाई जाएगी। परीक्षा सोमवार से शुरू होगी और 14 मार्च तक चलेगी। भर्ती परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो इसलिए पहले और दूसरे दिन अभ्याथियों के दस्तावेजों के साथ उनका केवायसी किया जाएगा। इसमें अभ्याथियों के फिंगर प्रिंट, आंखों की स्कैनिंग होगी। इस दौरान दो-दो अभ्यार्थियों को परीक्षा स्थल पर बुलाया जाएगा। 25 फरवरी से फिजिकल टेस्ट की शुरुआत होगी उसमें 400 अभ्यार्थियों को मैदान में एंट्री दी जाएगी। इस तरह होगी निगरानी डीआइजी अमित सांघी ने बताया भर्ती परीक्षा में 5200 अभ्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए तीन कमेटियां बनाई गई हैं। मैदान में केवल अभ्यार्थियों को ही एंट्री दी जाएगी। 800 मीटर की दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का टेस्ट होगा। इसमें अभ्यार्थियों को गोला फेंक और लंबी कूद के लिए तीन मौके दिए जाएंगे। तीनों प्रयास में अंकों के आधार पर अभ्यार्थियों का नतीजा तय होगा। मैदान का हर कोना सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। इसके साथ अभ्यार्थियों को आरएफआइडी टैग भी लगाया जाएगा। इससे सेंसर उनके हर स्टैप का बारीक ब्यौरा रखेगा परीक्षा सुबह 6 बजे से शुरु होगी। होली का अवकाश, एक दिन बढ़ाया भर्ती परीक्षा का शेड्यूल 13 मार्च तक तय किया गया था, लेकिन 4 मार्च को होली का अवकाश होने की वजह से 4 मार्च को आयोजित होने वाली परीक्षा 14 मार्च को होगी।

राज्यमंत्री गौर ने गोविंदपुरा में किया सड़कों का निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण कार्य के दिए निर्देश

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा में विभिन्न सड़कों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मापदंडों और समयसीमा में सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती हैं, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। राज्यमंत्री  गौर ने वार्ड 61 में अवधपुरी तिराहे से एसओएस बालग्राम तक बनने वाली खजूरी सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क किनारे स्थित बिजली के पोल एवं घरों के आगे लगी जालियों को हटाकर पेबल ब्लॉक लगाने के निर्देश दिए। अवधपुरी में महात्मा गांधी चौराहे से न्यू फोर्ड शिव शक्ति मंदिर तक बन रही 2 किलोमीटर लंबी सीसी रोड का भी निरीक्षण किया। यहां निर्माणाधीन सेंटर ब्रिज की जानकारी लेते हुए लेफ्ट टर्न को व्यवस्थित करने के दिशा-निर्देश दिए। पिरामिड टाउन से डीआरएम तक बन चुकी सड़क का निरीक्षण करते हुए उन्होंने वहां शीघ्र बिजली के पोल लगाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार कॅरियर कॉलेज से डीआरएम रोड तक बन रही 1.80 किलोमीटर सीसी रोड का निर्माण कार्य मार्च माह तक पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्याएं बताईं, जिस पर मंत्री ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है तथा विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मुकुंदपुर जू का किया निरीक्षण विदेशी पक्षियों से एवियारी हुआ गुलजार

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मैहर जिले के मुकुंदपुर मे महाराजा मारतन्द सिंह जू देव वाईट टाइगर सफारी का निरीक्षण किया। इस दौरान उनकी उपस्थिति में जू मे लाये गए विदेशी प्रजाति के पक्षी भी उनके रह्वास मे छोड़े गये। नॉर्दन कोलफील्ड्स लिमिटेड सिगरोली द्वारा सी एस आर मद से मुकुंदपुर को प्रदाय किये गए नये विदेशी पक्षियों को वॉक इन एवियारी के अंदर प्राकृतिक निवास पर छोड़ा गया। वन्यजीव संरक्षण के लिए मुकुंदपुर जू के एवीयरी मे अब नये प्रजाति के रंग बिरंगे पक्षी आ चुके है। जिनमें रेड स्कारलेट मैकॉ, रेड ग्रीन विंग्ड मैकॉ, सल्फर-क्रेस्टेड कॉकाटू, ब्लू गोल्ड मैकॉ, हैनस मैकॉ, अफ्रीकन ग्रे पैरोट, ग्रैंड इलेक्टस, सन कोनूर, कॉकेटियल्स, और लव बर्ड शामिल हैं। नये पक्षियों के आगमन से पर्यटक को अब और अधिक विदेशी प्रजाति के पक्षी देखने को मिलेंगे।उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने भ्रमण के दौरान पक्षियों के सरंक्षण के प्रयासो की सराहना की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने रीवा जिले के हरिहरपुर में की जा रही प्राकृतिक खेती का भी अवलोकन किया। इस मौके पर सीसीएफ  राजेश राय, वन मंडल अधिकारी  विद्या भूषण मिश्रा उपस्थिति रहे।  

तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता से घायल मासूमों को समय पर मिला उपचार

भोपाल  डायल-112 जवानों की त्वरित, सजग और संवेदनशील कार्यवाही ने सड़क दुर्घटना में घायल एक बालक एवं एक बालिका को समय रहते उपचार उपलब्ध कराकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। संकट की इस घड़ी में डायल-112 टीम ने जिस जिम्मेदारी और मानवीय भावना के साथ कार्य किया, वह सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का सराहनीय उदाहरण है। 22 फरवरी को सूचना मिली कि एक ट्राला अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें एक बालक एवं एक बालिका घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 एफआरव्ही, थाना मुरवास क्षेत्र से तत्काल मौके के लिए रवाना की गई। घटनास्थल पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक  सचिन जाट (C-913), आरक्षक  रवि जाट,  शमीम खान एवं पायलट  संजीव कुमार मीणा ने स्थिति का त्वरित आकलन कर बिना समय गंवाए दोनों घायल बच्चों को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सुरक्षित रूप से लटेरी अस्पताल पहुँचाया। इस दौरान थाना मुरवास का पुलिस बल भी मौके पर आवश्यक कार्रवाई में जुटा रहा, जिससे स्थिति को शीघ्र नियंत्रित किया जा सका। डायल-112 जवानों की इस त्वरित प्रतिक्रिया, सजगता और मानवीय संवेदनशीलता के कारण घायल मासूमों को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध हो सकी। डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह प्रेरणादायक घटना यह संदेश देती है कि मध्यप्रदेश पुलिस हर परिस्थिति में आमजन की सुरक्षा और जीवन रक्षा के लिए सदैव तत्पर, सजग और समर्पित है।  

ऑपरेशन क्लीन: मध्यप्रदेश में वाहन चोरी करने वाले बदमाशों पर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

भोपाल प्रदेश में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु विभिन्न जिलों की पुलिस द्वारा निरंतर एवं समन्वित कार्रवाई की गई है। तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र तथा त्वरित फील्ड रिस्पॉन्स के आधार पर पुलिस ने 53 दोपहिया वाहन बरामद किए है। प्रमुख कार्यवाहियां खरगोन खरगोन पुलिस ने अंतरजिला मोटरसाइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 03 आरोपी एवं 01 विधि विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लेकर कुल 13 मोटरसाइकिलें (कीमत लगभग 6 लाख 50 हजार रुपए) जप्त कीं है। इसके अतिरिक्त एक अन्य कार्रवाई में शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 06 मोटरसाइकिलें (कीमत लगभग 3 लाख रुपए) बरामद की गईं। इस प्रकार पुलिस ने इन दोनों कार्रवाइयों में कुल 19 मोटरसाइकिले बरामद की है। पन्‍ना शाहनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने सक्रिय चोर गिरोह का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी एवं खरीदार सहित 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर पन्ना, कटनी, छतरपुर एवं अनूपपुर जिलों से चोरी की गई कुल 11 मोटरसाइकिलें (कीमत लगभग 6 लाख रुपए ) बरामद की है। इस कार्रवाई से अंतरजिला वाहन चोरी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इसके अतिरिक्त अमानगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने सूचना के 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 60 हजार रुपए कीमत की 01 मोटरसाइकिल जप्त की है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 12 मोटरसाइकिलें जब्त की है। छतरपुर थाना कोतवाली पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 06 मोटरसाइकिल चोरी करने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के वाहन बरामद किए है। ग्वालियर जिले में वाहन चोरी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए थाना डबरा सिटी पुलिस टीम ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की 03 मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इसके अतिरिक्त पूर्व कार्रवाई में भी एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 02 मोटरसाइकिलें जप्त की गई थीं। इस प्रकार डबरा सिटी पुलिस द्वारा कुल 05 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इंदौर शहर में जोन-3 क्षेत्रांतर्गत थाना हीरानगर पुलिस ने दो-पहिया वाहन चोरी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से कुल 05 वाहन (कीमत लगभग 5 लाख रुपए) बरामद किए। वहीं जोन-1 थाना एरोड्रम पुलिस ने 24 घंटे के भीतर वाहन चोर को गिरफ्तार कर जुपिटर स्कूटर (कीमत 40 हजार रुपए) जप्त किया। इस प्रकार दोनों कार्यवाहियों में पुलिस ने 6 मोटरसाइकिलें जब्त की है। श्‍योपुर कोतवाली पुलिस ने रामद्वारा मैरिज गार्डन से चोरी हुई मोटरसाइकिल के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शातिर चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से लगभग 60 हजार रुपए कीमत की 01 मोटरसाइकिल बरामद कर विधि अनुसार कार्रवाई की गई। कटनी जिले के थाना रीठी पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की। वहीं थाना कोतवाली पुलिस ने अलग कार्रवाई में मोटरसाइकिल चोर को गिरफ्तार कर चोरी का वाहन जप्त किया। दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने 02 मोटरसाइकिलें जब्त की है। दतिया थाना कोतवाली पुलिस ने पुरानी कचहरी क्षेत्र से चोरी गई मोटरसाइकिल को बरामद करते हुए चोरी का वाहन खरीदने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। विदिशा थाना सिविल लाइन पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर 1 लाख 05 हजार रुपए कीमत की मोटरसाइकिल बरामद की है। प्रदेशभर में की गई इन संगठित एवं सतत कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस वाहन चोरी की घटनाओं के विरुद्ध पूर्ण गंभीरता एवं रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। आमजन से अपील है कि वाहन पार्क करते समय सुरक्षा उपायों का पालन करें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

राज्य सरकार औद्योगिक एवं उभरते क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में मालवा का अपना विशिष्ट महत्व है। मालवा क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और भौगोलिक स्थिति उद्योगों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों तक 8-लेन एक्सप्रेस-वे से दूरी कम होने से यातायात और लॉजिस्टिक्स की सुविधाएं सुदृढ़ हुई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा नए प्रोजेक्ट्स के माध्यम से परिवहन और आधारभूत संरचना को और मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर में पीथमपुर औद्योगिक संगठन द्वारा पीथमपुर इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव एवं पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योग, महिला, किसान और गरीब—हर वर्ग के विकास की बयार देश में बह रही है। विभिन्न वैश्विक संगठनों के साथ व्यापारिक समझौते और नई ट्रेड डील्स के माध्यम से भारत निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होकर विश्व पटल पर अपना परचम लहरा रहा है। देश व्यापार और वाणिज्य के स्वर्णिम काल की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उद्योगों का दायरा निरंतर विस्तारित किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक विकास की अवधारणा केवल पीथमपुर तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश और देश में नए आयाम स्थापित करे। हमारी सरकार प्रदेश को औद्योगिक क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने तथा अंतरिक्ष जैसे उभरते क्षेत्रों में भी संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एमपीआईडीसी के माध्यम से इंडस्ट्रियल बेल्ट के समग्र विकास के प्रयास प्रदेश को नई उपलब्धियां प्रदान करेंगे। ये प्रयास मध्यप्रदेश को औद्योगिक रूप से फ्रेंडली प्रदेश बनाने में कारगर सिद्ध होंगे और उद्यमशीलता के विकास को नई दिशा देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. गौतम कोठारी ने साहित्य की साधना के माध्यम से पीथमपुर की 40 वर्षों की भावपूर्ण यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया है। वर्ष 1983-84 के दशक में जब मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, तब भी पीथमपुर की औद्योगिक बेल्ट ने संघर्ष, परिश्रम, धैर्य और नवाचार के बल पर अपनी पहचान स्थापित की। आज फार्मास्युटिकल से लेकर ऑटोमोबाइल तक हर क्षेत्र में पीथमपुर ने देश और प्रदेश में विशिष्ट स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी के क्षेत्र में समर्पित Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) भवन की स्थापना की सराहना करते हुए कहा कि यह भवन वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और पेशेवर उत्कृष्टता को नई मजबूती प्रदान कर रहा हैं । 40 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित स्मारक ग्रंथ का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की 40 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी द्वारा लिखित स्मारक ग्रंथ “Pithampur: Zero to Zenith – A Journey of 40 Years” का विमोचन किया। यह ग्रंथ पीथमपुर की औद्योगिक उत्कर्ष गाथा, उपलब्धियों एवं क्रमिक विकास का विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान पीथमपुर औद्योगिक संगठन द्वारा प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने एवं निवेश संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों हेतु मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान किया गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने शॉल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर प्रदेश के औद्योगिक विकास में उनके नेतृत्व एवं प्रतिबद्धता के लिए साधुवाद दिया गया। ‘एंकर्स ऑफ इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस’ सम्मान प्रदान प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने एवं निवेश प्रोत्साहन हेतु किए गए प्रभावी प्रयासों के लिए “एंकर्स ऑफ इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस” सम्मान प्रदान किया गया। विशेष रूप से पीथमपुर औद्योगिक संगठन (PAS) के संस्थापक सदस्यों—वर्ष 1980 के मध्य से 1990 के मध्य तक—के 40 अग्रणी उद्योगपतियों को उनके दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक नगरी की सुदृढ़ नींव रखने में योगदान हेतु सम्मानित किया गया। ‘मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास गान प्रदर्शित कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास का गान का औपचारिक प्रदर्शन किया गया। यह प्रेरक गान पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी द्वारा निर्मित है, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास की प्रेरणादायी तस्वीर प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सावित्री ठाकुर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद इंदौर शंकर लालवानी, महापौर इंदौर नगर निगम पुष्यमित्र भार्गव एवं प्रदेश के उद्योग जगत, निवेशकों, नीति-निर्माताओं एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।  

ड्रोन, एआई, स्मार्ट सिंचाई और डिजिटल मार्केटिंग को बढ़ावा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा, कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीक के साथ आगे आएंगे तो मध्यप्रदेश न केवल खाद्यान्न उत्पादन में बल्कि कृषि आधारित उद्योगों, जैविक उत्पादों और एग्री-एक्सपोर्ट में भी देश में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर के बास्केटबाल कॉम्पलेक्स में एक निजी मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित “किसान कल्याण की बात युवाओं के साथ” कार्यक्रम में रूबरू हुए। साथ ही युवाओं और विशेषज्ञ किसानों से संवाद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में युवाओं की भूमिका को सशक्त बनाना, किसान कल्याण की नीतियों पर संवाद स्थापित करना, आधुनिक खेती और तकनीक को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, किसान, कृषि वैज्ञानिक एवं उद्यमी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद कार्यक्रम में प्रश्नों के जवाब में कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और राज्य को देश का अग्रणी कृषि राज्य बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह वर्ष कृषि और किसानों को समर्पित कर किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में युवा किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े युवा प्रतिनिधियों ने कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से सीधे संवाद भी किया। इस दौरान रोबोट द्वारा भी मुख्यमंत्री जी से कृषि विकास को लेकर प्रश्न किया गया। इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं से कहा कि यदि वे नई तकनीक, ड्रोन, जैविक खेती, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों से जुड़ेंगे, तो न केवल अपनी आय बढ़ा सकेंगे बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि में युवाओं की भागीदारी से उत्पादन, गुणवत्ता और निर्यात में वृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और युवाओं के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ लेकर युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई तकनीकों—जैसे ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कृषि प्रबंधन, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से कृषि को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। भावांतर योजना के तहत किसानों को समर्थन मूल्य के अंतर की राशि प्रदाय की जा रही है। सरकार द्वारा कृषि स्टार्टअप को प्रोत्साहन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सब्सिडी योजनाएं तथा किसान उत्पादक संगठनों को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, कृषि यंत्रीकरण, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और निर्यात को बढ़ावा देने जैसे कदम उठा रही है। प्रदेश ने गेहूं, सोयाबीन, चना और अन्य फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, नर्मदा परियोजनाओं के माध्यम से जल उपलब्धता बढ़ाने, माइक्रो इरिगेशन को प्रोत्साहन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा फसल विविधीकरण जैसी पहलों से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में बिजली की सरप्लस उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। किसानों को 24 घंटे बिजली प्रदाय की जा रही है। सोलर पंप पर सब्सिडी दी जा रही है, जिससे प्रदेश में लगातार सिंचाई के रकबे में वृद्धि हो रही है। आज मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 55 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जिसे वर्ष 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन रही है। आज कृषि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के माध्यम से तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आधुनिक एवं नवाचार आधारित खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों का सम्मान भी किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फीता काटकर “किसान कल्याण की बात युवाओं के साथ” कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर युवाओं द्वारा लगायी गई कृषि आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और सराहना की। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी, विधायक राकेश गोलू शुक्ला, रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़ और महेन्द्र हार्डिया, सुमित मिश्रा सहित संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, आयोजक राजेश राठौर राज राठौर भी मौजूद थे।