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स्टार्टअप्स को मिलेगी नई उड़ान: मैपकास्ट में शुरू हुआ AI आधारित उद्यमिता कार्यक्रम

भोपाल. मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित छह सप्ताह के उद्यमिता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ विज्ञान भवन, नेहरू नगर, भोपाल में किया गया। यह प्रशिक्षण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के प्रवर्तन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नवाचार, तकनीकी दक्षता एवं उद्यमशील सोच को सशक्त करना है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को एआई की मौलिक एवं उन्नत अवधारणाओं, आधुनिक टूल्स तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सामाजिक एवं औद्योगिक समस्याओं के समाधान हेतु नवाचारी, स्केलेबल एवं सतत स्टार्ट-अप विकसित कर सकें। कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह–संगठन मंत्री, विज्ञान भारती  प्रवीण रामदास ने कहा कि स्टार्ट-अप एवं स्वरोजगार रोजगार सृजन के प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप न केवल युवाओं के कैरियर निर्माण में सहायक होते हैं, बल्कि इनके प्रारंभ होने से अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग व्यापार एवं उद्योग, शिक्षा, सुरक्षा, कृषि तथा स्वास्थ्य सेवा सहित सभी क्षेत्रों में किया जाए। जल संरक्षण विशेषज्ञ  सुनील चतुर्वेदी ने प्रशिक्षणार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम को सामयिक एवं महत्वपूर्ण बताया। महानिदेशक, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद डॉ. अनिल कोठारी ने परिषद द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं को तकनीक, विपणन एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से स्टार्ट-अप प्रारंभ करने में सहयोग देना परिषद की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम में स्टार्ट-अप फाउंडर  प्रदीप कर्मबेलकर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उद्यमिता की समझ, एमएसएमई सहायता योजनाएं, वित्तीय संस्थान, परियोजना चयन एवं पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन, बाजार सर्वेक्षण, प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट निर्माण, संचार एवं सॉफ्ट स्किल्स विकास, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, जनरेटिव एआई, उत्पादन योजना, कार्यशील पूंजी प्रबंधन, विपणन, वित्त, मानव संसाधन, कानूनी औपचारिकताएं, कराधान तथा नेतृत्व कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव टूल्स, ग्राफिक्स एवं ऑगमेंटेड रियलिटी के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न संगठनों एवं संस्थानों से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ, शासकीय विभागों के अधिकारी, सफल उद्यमी, बैंकर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, विपणन एवं प्रेरणात्मक विशेषज्ञ तथा उद्यमिता विकास संस्थानों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। प्रशिक्षण की कार्य प्रणाली में व्याख्यान, केस स्टडी, समूह अभ्यास, प्रस्तुतिकरण, हैंड्स-ऑन सत्र एवं उद्यमियों के साथ संवाद शामिल रहेगा।  

कोठा बैराज परियोजना की प्रगति पर मंत्री सिलावट की कड़ी नजर

भोपाल. जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने बुधवार को विदिशा जिले की कुरवाई तहसील में निर्माणाधीन कोठा बैराज परियोजना के कार्यों का जायजा लिया। इस अवसर पर कुरवाई विधायक  हरि सिंह सप्रे,  हमीर सिंह दांगी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मंत्री  सिलावट ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संपूर्ण कार्य तय अवधि में पूर्ण गुणवत्‍ता के साथ पूरे किये जायें। मंत्री  सिलावट ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में सिंचाई के रकबे को बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। राज्य सरकार वर्तमान में 54 लाख हैक्‍टेयर सिंचाई से वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हैक्‍टेयर क्षेत्र में प्रदेश के अन्‍नदाताओं को सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध करवाने के लिये दृढ़ संकल्‍पित है। मंत्री  सिलावट ने कहा कि विदिशा जिले की कोठा बैराज परियोजना लागत 860 करोड़ है, से विदिशा जिले के कुरवाई तहसील के 77 ग्रामों की 20 हजार 622 हैक्‍टेयर एवं गंजबासौदा तहसील के 6 ग्रामों की 1650 हैक्‍टेयर कुल 22 हजार 272 हैक्‍टेयर क्षेत्र में सूक्ष्‍म सिंचाई प्रणाली द्वारा सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध करवाई जायेगी। परियोजना से कुल 83 ग्रामों के 25 हजार 500 कृषक लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही लगभग 325 ग्रामों के लगभग 2.5 लाख आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा भी उपलब्‍ध करवाई जायेगी। परियोजना अंतर्गत बांध का 92 प्रतिशत कार्य एवं पाइप लाइन का 75 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। मंत्री  सिलावट ने परियोजना को जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा प्रत्‍येक 15 दिवस में मुख्‍य अभियंता स्‍तर पर एवं प्रत्‍येक माह में एक बार राज्‍य स्‍तर पर वी‍डियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्‍यम से भी करने के निर्देश दिये हैं।  

सिनेमा को मिला मुख्यमंत्री का समर्थन: डॉ. यादव ने ‘गोदान’ का ट्रेलर–पोस्टर जारी किया

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में गौमाता पर केंद्रित फिल्म 'गोदान' का ट्रेलर लाँच किया और फिल्म के पोस्टर का विमोचन किया। यह फिल्म आगामी 6 फरवरी को रिलीज होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं जनप्रतिनिधियों के साथ फिल्म "गोदान" देखने जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं बाल्यकाल से गोपालन और गोसेवा से जुड़े हैं। गौमाता न सिर्फ दूध देती है बल्कि वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने का कार्य करती है। गो सेवा से जो संतोष प्राप्त होता है, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि गौ माता का महत्व हमारी संस्कृति में आज से नहीं भगवान राम और कृष्ण के युग से सर्वोपरि रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने गौशालाओं के प्रबंधन, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बड़ी गौशालाओं के संचालन, गौवंश संरक्षण, गोपालकों को दूध के विक्रय पर समुचित लाभ दिलवाने की व्यवस्था की है। उच्च शिक्षा में पशुपालन से संबंधित पाठ्यक्रमों को समावेश कर युवाओं को भी प्रेरित किया जा रहा है। गौशालाओं को प्रति गाय आहार के लिए 20 रुपए के स्थान पर 40 रुपए प्रदान की जा रही है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ अनुबंध, गोपालकों को प्रति लीटर 8 रुपए तक लाभ प्रदान करने और जबलपुर एवं ग्वालियर के दुग्ध संयंत्रों को नवीनीकृत करने के प्रयास शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामधेनू फिल्म प्रोडेक्शन और इसके निर्माता, निर्देशक  विनोद चौधरी सहित  अजीत प्रसाद महापात्र,  शान्तनु शुक्ला, डॉ. इन्द्रेश प्रताप सिंह, डॉ. मधुसूदन शर्मा,  वेदपाल झा को फिल्म निर्माण के लिए बधाई दी। इस अवसर पंचगव्य उत्पाद भी लांच किए गए।

जनजातीय सशक्तिकरण पर फोकस: राज्यपाल का भारिया समुदाय से संवाद

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन अभियान एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और जीवन स्तर में सुधार है। उन्होंने उपस्थित समुदाय को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। योजनाओं का लाभ उठाकर, प्रगति करने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए। पीएम जनमन अभियान अंतर्गत पीएम आवास निर्माण में देश में अग्रणी रहने पर उन्होंने छिंदवाड़ा जिला प्रशासन की सराहना की। राज्यपाल  पटेल बुधवार को छिंदवाड़ा जिले की तामिया तहसील की ग्राम पंचायत भोड़ियापानी में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भारिया जनजातीय समुदाय से आत्मीय संवाद के दौरान कही। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के प्रयासों में सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने सिकल सेल एवं क्षय रोग की समय पर जांच, उपचार और जागरूकता पर बल दिया। शासन द्वारा मरीजों को नि:शुल्क दवाएं मिलने की जानकारी दी। दवाओं के नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिले में तुलनात्मक रूप से कम संख्या में जनजातीय समुदाय के प्रभावित होने के दृष्टिगत जिले को सिकल सेल मुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इस दिशा में जागरूकता के प्रसार की आवश्यकता बताई। राज्यपाल  पटेल का कार्यक्रम के प्रारंभ में पारंपरिक मोर मुकुट पहनाकर विधायक अमरवाड़ा  कमलेश प्रताप शाह, राज्य भारिया प्राधिकारण अध्यक्ष  दिनेश कुमार अंगारिया ने अभिनंदन किया। स्थानीय नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सैला व गैंडी लोकनृत्य से स्वागत किया। कन्या आश्रम में छात्राओं से की चर्चा राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने ग्राम पंचायत में संचालित आदिवासी नवीन कन्या आश्रम की रहवासी छात्राओं से आत्मीय चर्चा की उन्हें मन लगाकर पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने भारिया हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ वितरित किए राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के 11 स्व-सहायता समूहों को 47 लाख रुपये की सहायता चेक वितरित किए। बिरसा मुंडा स्वरोजगार, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण, मुख्यमंत्री दुधारू पशु, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनाओं हितलाभ और सिकल सेल मरीजों को डिजिटल प्रमाणपत्र, टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए। हिंसक वन जीवों से बचाव के लिए असाधारण साहसिक कार्य के लिए कुंवाखुट्टी की कक्षा 9वीं की छात्रा कु. कपूरी भारती को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। राज्यपाल ने पंचायत में ‘स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ सेवा का शुभारंभ किया राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने स्वच्छ भारत एवं जल जीवन मिशन को धरातल पर उतारने की जिला पंचायत की अभिनव पहल ‘स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ सेवा का पंचायत भोड़ियापानी में शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि इस सेवा का राज्यपाल द्वारा 26 सितंबर 2024 को शुभारंभ किया गया था। उनको बताया गया कि सेवा के अंतर्गत व्यक्तिगत, संस्थागत शौचालयों की नियमित सफाई एवं आवश्यक मरम्मत के कार्य निर्धारित सुविधा शुल्क पर किए जा रहे है। वर्तमान में 55 हजार यूनिट व्यक्तिगत एवं संस्थागत शौचालयों की सफाई के द्वारा कार्य में संलग्न 50 साथियों द्वारा 55 लाख रूपये से अधिक की आय अर्जित की गई है। राज्यपाल ने जनमन आवास और होम-स्टे का किया अवलोकन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने तामिया के भोड़ियापानी में जनमन आवास योजना हितग्राही मती राजवती भारती के घर पारंपरिक ग्रामीण खाद्य पदार्थों का सेवन किया। ग्राम चिमटीपुर में होम-स्टे का निरीक्षण किया। उनको हितग्राही  रूपलाल पन्द्राम ने बताया कि होम-स्टे में प्रति माह लगभग 15 से 20 पर्यटक रुकते हैं। उन्हें अच्छा लाभ हो रहा है। राज्यपाल ने स्वास्थ्य शिविर और जैविक उत्पाद प्रदर्शनी का अवलोकन किया राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने तामिया की ग्राम पंचायत भोड़ियापानी में सिकल सेल एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत लगे स्वास्थ्य जांच शिविर का अवलोकन कर मरीजों से संवाद किया। उन्हें नियमित उपचार की सलाह दी। उन्होंने दो एकड़ में प्राकृतिक खेती से केले की उन्नत फसल से 8 लाख की आय अर्जित करने वाले किसान पूरनलाल इनवाती का उत्साहवर्धन किया। “एक जिला एक उत्पाद” पहल तथा “पातालकोट आजीविका उत्पाद” ऑनलाइन मंच के नवाचार और कृषि, उद्यानिकी व राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जैविक और प्राकृतिक उत्पाद प्रदर्शनी की सराहना की। 

राष्ट्रीय मंच पर जबलपुर की उपलब्धि: EMRS PGT को मिला तृतीय पुरस्कार

भोपाल. नई दिल्ली में 28 जनवरी, 2026 को मॉडल यूथ ग्राम सभा (एमवाईजीएस) पुरस्कार समारोह आयोजित हुआ। इसमें देश के विजेता स्कूलों और छात्रों को सम्मानित किया गया। समारोह में केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार शामिल हुए। विद्यालय की प्राचार्य  अविनाश रानी, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यालय परिवार ने इस सफलता को टीम वर्क, अनुशासन और नेतृत्व विकास का परिणाम बताया। समारोह में 28,000 से अधिक छात्रों ने सहभागिता की। सहभागिता करने वालो छात्रों ने ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की कार्यवाही में भाग लिया था। मॉडल यूथ ग्राम सभा पहल का उद्देश्य युवा नेतृत्व और सहभागी शासन व्यवस्था को सशक्त बनाना है। पंचायती राज मंत्रालय, जनजातीय मंत्रालय एवं शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा कार्यक्रम में जिले के विद्यालय ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय में मॉडल यूथ ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्थानीय स्वशासन की समझ विकसित करना एवं नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करना था। विद्यालय के शिक्षक अभिषेक त्रिपाठी एवं राज रौशन (टीजीटी सामाजिक विज्ञान) ने विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के विद्यार्थियों ने मॉडल यूथ ग्राम सभा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप विद्यालय को जबलपुर जोन स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इसके पश्चात राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी विद्यालय ने प्रथम स्थान हासिल किया तथा राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया।  

प्रदेश का नाम रोशन: पाँच जिलों से 23 मैत्री कार्यकर्ता हुए शामिल

भोपाल. नई दिल्ली में आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मध्यप्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग में कार्यरत ‘मैत्री’ कार्यकर्ताओं को धर्म-पत्नियों के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत सरकार द्वारा आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर विदिशा, देवास, रतलाम, नीमच, मंदसौर एवं बैतूल जिलों के कुल 23 मैत्री कार्यकर्ता विभागीय नोडल अधिकारियों के नेतृत्व में कार्यक्रम में शामिल होकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस भारत सरकार द्वारा केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री   राजीव रंजन सिंह के साथ मैत्री कार्यकर्ताओं का संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान विदिशा जिले के   शैलेंद्र भार्गव एवं देवास जिले के   लोकेंद्र सिंह ठाकुर से मंत्री   सिंह ने प्रत्यक्ष संवाद किया। संवाद में मैत्री कार्यकर्ताओं द्वारा जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली गई तथा योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए गए। सभी मैत्री कार्यकर्ता धर्म-पत्नियों के साथ कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में उपस्थित रहे और इस ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बने। मैत्री कार्यकर्ताओं ने यह अवसर प्रदान करने के लिए भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग की ओर से नोडल अधिकारी के रूप में डॉ. श्रद्धा परिहार, डॉ. प्रीति मकवाना, डॉ. संदीप कुमरे तथा   रविंद्र सिंह गौर भी मैत्री कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहे।  

खेलों के जरिए अनुशासन और सीख का विकास: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि खिलाड़ी को खेल में जीतने के साथ सीखना भी चाहिए। हार-जीत से परे रहकर अपनी टीम के लिये अपना सर्वोत्तम देना ही खिलाड़ी का दायित्व है। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने स्पोर्टस कॉम्पलेक्स रीवा में खेलो एमपी यूथ गेम्स में फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि खेल भावना से खेलना चाहिए। हार-जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता। जीतने पर घमण्ड न हो तथा हारने पर निराशा न हो। समभाव से अपना योगदान देकर सीखने की ललक के साथ प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को अच्छे मैदान व खेल के आयोजन आवश्यक हैं। रीवा में खेल के मैदानों की कमी नहीं है और खेल प्रतियोगिताएँ भी आयोजित हो रही हैं जिनके माध्यम से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर यह आयोजन हो रहा है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दी। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि स्पोर्टस कॉम्पलेक्स में अप्रैल माह तक साढ़े दस करोड़ रूपये लागत के सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण हो जायेगा। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। रीवा के स्पोर्टस कॉम्पलेक्स, टीआरएस मैदान और सैनिक स्कूल ग्राउण्ड में प्रदेश के संभाग के खिलाड़ी फुटबॉल मैच खेल रहे हैं। रीवा से भी 400 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने राज्य स्तर पर गये हैं। इस अवसर पर विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, पुलिस अधीक्षक   शैलेन्द्र सिंह चौहान, संभागीय खेल अधिकारी   एम.के. धोलपुरी सहित खेल प्रेमी तथा संभागों के खिलाड़ी व कोच उपस्थित रहे।  

गांवों की तरक्की की रीढ़ हैं मजबूत सड़कें: मंत्री चौहान

भोपाल . अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री   नागर सिंह चौहान ने कहा है कि गांवों का समग्र विकास सुदृढ़ सड़क नेटवर्क से होता है।सड़क मार्ग बनने से विकास कार्य सीधे आमजन तक पहुंचते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। मंत्री   चौहान बुधवार को आलीराजपुर जिले के सोंडवा ब्लॉक के ग्राम चिलवट मथवाड़–धनबयडी सड़क मार्ग निर्माण कार्य के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री   चौहान ने कहा कि क्षेत्र में मोबाइल टॉवर स्थापित होने से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब ऑनलाइन ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। सड़क मार्ग सुगम होने से आसपास के क्षेत्रों से व्यापारी गांवों में बाजार-हाट लगाने आ रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है। मंत्री चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में आय के वैकल्पिक स्रोत ढूँढ़ना आवश्यक है। पशुपालन से दूध उत्पादन एवं गोबर खाद से किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से खेती-किसानी के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवसाय अपनाने का आह्वान किया। पशुपालन,मोबाइल रिपेयरिंग, टाइल्स लगाने, मोटर रिपेयर, सिलाई जैसे व्यवसायों से अतिरिक्त आय के साधन विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि छकतला क्षेत्र में हीरा घिसाई का कार्य कई युवा कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त हो रहा है। मंत्री   चौहान ने कहा कि सरकार किसानों को सोलर पैनल लगाने पर अनुदान प्रदान कर रही है और नर्मदा पट्टी क्षेत्र के किसान सोलर पैनल से मोटर भी चला सकते हैं। जल संग्रहण योजनाओं के प्रस्ताव भी शासन को भेजे गए हैं, जिससे स्थानीय जल का उपयोग सिंचाई में किया जा सके और सिंचित क्षेत्र का विस्तार हो। मंत्री चौहान द्वारा सोंडवा ब्लॉक के ग्राम चिलवट मथवाड़ से धनबयडी तक प्रस्तावित 7 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग निर्माण कार्य जिसकी लागत 785.16 लाख रुपये है का विधिवत भूमि-पूजन किया गया। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों सहित पंचायत सदस्य एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

अन्याय के खिलाफ हमेशा मुखर रहे स्व. रामानंद सिंह: डिप्टी सीएम शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्व. रामानंद सिंह निडर और स्वाभिमानी व्यक्ति थे उन्होंने गरीब, शोषित तथा पीड़ित मानवता की सेवा में अपना बलिदान दिया। वे हमेशा दूसरों के लिये जिए। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल स्व. रामानंद सिंह की 46वीं पुण्य तिथि पर रीवा शहर के बरा बगीचे में आयोजित पुण्य तिथि समारोह में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्व. रामानंद सिंह ईमानदारी से कार्य करने के लिये याद रखे जायेंगे। उन्होंने कम उम्र में गरीबों की आवाज बनकर समाज में अपना स्थान बनाया था। उनकी असमय मृत्यु ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। उनकी स्मृति में यह आयोजन समाज को जागरूक करने के लिये है जिसमें सभी को यह संकल्प लेना होगा कि चाहे वह किसी भी समुदाय, दल या वर्ग से हो सुचिता की राजनीति कर देश हित में कार्य करें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखकर ही विकास हो रहा है। आने वाली पीढ़ी को भी देश हित में अपना योगदान देना चाहिए क्योंकि ईमानदारी से कार्य करने पर ही समाज हमें याद रखता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने क्रांतिकारी युवा परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम की प्रशंसा की तथा स्व. रामानंद जी को श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुए अपेक्षा की कि यह आयोजन प्रतिवर्ष होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सिरमौर चौराहा में जन-भावनाओं के अनुकूल स्व. रामानंद जी की चिर स्मृति को सहेजने का कार्य होगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल, पूर्व विधायक रामलखन सिंह, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों गणमान्य नागरिकों ने स्व. रामानंद सिंह का पुण्य स्मरण किया।  

भविष्य के निर्माण की झलक: लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने IIT Madras में 3D प्रिंटिंग तकनीक देखी

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने बुधवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में 3D प्रिंटिंग आधारित भवन निर्माण तकनीक का अवलोकन किया। लोक निर्माण मंत्री  सिंह ने कहा कि 3D प्रिंटिंग तकनीक से भवन निर्माण में न सिर्फ तेजी आएगी बल्कि गुणवत्ता भी बेहतर होगी। वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले जैसे विशाल आयोजनों में जहां परिस्थितियों के अनुरूप तीव्र गति से भवन निर्माण की जरूरत होती है वहां 3D प्रिंटिंग आधारित निर्माण तकनीक बहुत कारगर सिद्ध हो सकती है। मंत्री  सिंह ने यह भी बताया कि लोक निर्माण विभाग नवीन तकनीकों, नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिसेज को प्रदेश में लागू करने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में आईआईटी मद्रास की यह अध्ययन यात्रा आयोजित की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पूर्व लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधिमंडल द्वारा गुजरात, तेलंगाना और महाराष्ट्र में भी नवीन निर्माण तकनीकों और आधुनिक कार्य प्रणालियों का अध्ययन किया जा चुका है। गुजरात अध्ययन यात्रा का नेतृत्व स्वयं मंत्री   सिंह ने किया था। मंत्री   सिंह ने बताया कि 3D प्रिंटिंग, जिसे एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग भी कहा जाता है, पारंपरिक निर्माण पद्धतियों से भिन्न है। इसमें पहले कंप्यूटर पर भवन का डिजिटल डिज़ाइन तैयार किया जाता है और फिर विशेष मशीनों द्वारा कंक्रीट अथवा अन्य निर्माण सामग्री को परत-दर-परत प्रिंट कर संरचना का निर्माण किया जाता है। इस प्रक्रिया में ईंट, शटरिंग और पारंपरिक ढलाई की आवश्यकता अत्यंत कम हो जाती है, जिससे निर्माण अधिक तेज़, सटीक और नियंत्रित बनता है। मंत्री  सिंह कहा कि जहां पारंपरिक निर्माण में महीनों का समय लगता है, वहीं 3D प्रिंटिंग तकनीक से कई संरचनाएं कुछ ही दिनों में तैयार की जा सकती हैं। मौसम, श्रमिक उपलब्धता और शटरिंग जैसी बाधाओं का इस तकनीक पर सीमित प्रभाव पड़ता है। आपदा-प्रभावित क्षेत्रों, आपातकालीन आवास, स्कूल तथा स्वास्थ्य अवसंरचना जैसे कार्यों में यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है। डिजिटल डिज़ाइन आधारित निर्माण से यूनिफॉर्म क्वालिटी, उच्च सटीकता और बेहतर स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ सुनिश्चित होती है, साथ ही मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होती है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में यह तकनीक हर प्रकार के निर्माण का पूर्ण विकल्प नहीं है। इसे अपनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट, इंजीनियरों की विशेष ट्रेनिंग तथा तकनीकी संस्थानों और स्टार्ट-अप्स के साथ समन्वय आवश्यक होगा। मंत्री  सिंह ने यह भी कहा कि आने वाले समय में देश के अन्य तकनीकी संस्थानों और राज्यों में भी इस प्रकार की अध्ययन यात्राएं आयोजित की जाएंगी, ताकि नई तकनीकों को समझकर उन्हें प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप चरणबद्ध और सुरक्षित तरीके से लागू किया जा सके। अध्ययन यात्रा के दौरान मंत्री ने सड़क सुरक्षा से जुड़ी नवीन तकनीकों तथा डेटा ड्रिवन हाइपरलोकल आधारित कार्य प्रणालियों का भी अवलोकन किया। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट विश्लेषण और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली पर विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर आईआईटी मद्रास के सड़क सुरक्षा प्रभाग के प्रमुख प्रोफेसर वेंकटेश बालासुब्रह्मण्यम एवं इंजीनियरिंग डिज़ाइन प्रभाग के प्रमुख प्रोफेसर जयकांथन के साथ उभरती तकनीकों, इंजीनियरिंग नवाचार और सड़क सुरक्षा पर सार्थक संवाद हुआ। चर्चा में प्रबंध संचालक भवन विकास निगम एम सिबी चक्रवर्ती, प्रमुख अभियंता (भवन) लोक निर्माण विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।