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सामूहिक दुष्कर्म का दर्दनाक मामला: मैहर में नाबालिग को बनाया शिकार, वीडियो भी बनाया गया

मैहर   मध्य प्रदेश के मैहर से हैवानियत का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां दोस्तों के साथ घूमने गई नाबालिग के साथ 5 युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है. पुलिस ने गंभीर मामले में नाबालिग की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है. पहाड़ी पर घूमने गई थी 14 वर्षीय पीड़ित पुलिस के अनुसार, 14 वर्षीय पीड़िता शनिवार शाम घर से सब्जी लेने निकली थी. इसी दौरान रास्ते में उसके दो दोस्त मिल गए. तीनों बाइक से पहाड़ी क्षेत्र की ओर घूमने चले गए. कुछ समय आसपास घूमने के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया और नाबालिग के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी. अश्लील हरकतों का विरोध करने पर पीटा आरोप है कि बाइक सवार 3 युवकों ने नाबालिग के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं. जब उसके दोस्तों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की. इसके बाद एक आरोपी नाबालिग को जबरन पहाड़ी के पीछे की ओर ले गया, जहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया. पीड़िता का आरोप है कि आरोपी युवकों ने दुष्कर्म करते हुए वीडियो बनाने की भी कोशिश की. इसी दौरान रास्ते से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ गई और ग्रामीणों को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गए. ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस, मामला दर्ज घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को थाने लाया गया. परिजनों को बुलाकर उनकी मौजूदगी में पूछताछ की गई, जिसके बाद पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता को घुमाने ले जाने वाले उसके दो दोस्तों सहित तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है. शेष दो आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है. थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी ने कहा, '' देर शाम की इस घटना की जांच गंभीरता से की जा रही है. पीड़िता को आवश्यक चिकित्सकीय जांच और परामर्श सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. इसमें एक आरोपी व 2 सह आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, फरार हुए 2 अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएग.

हरियाणा, दिल्ली, यूपी के लिए जा रही कारें, ग्वालियर मेले में रिकॉर्ड प्री-बुकिंग और रोड टैक्स छूट

ग्वालियर  ग्वालियर व्यापार मेले में आने वाले खरीदारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार द्वारा ग्वालियर व्यापार मेले में वाहनों की खरीद पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट की अधिसूचना  जारी कर दी गई है। अधिसूचना जारी होते ही अब व्यापार मेले में रोड टैक्स छूट का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि सीएम ने कैबिनेट में 13 जनवरी को छूट की घोषणा कर दी थी। लंबे समय से व्यापारी संगठनों और वाहन विक्रेताओं द्वारा रोड टैक्स में छूट की मांग की जा रही थी। अधिसूचना जारी होने के बाद व्यापार मेले में वाहन बिक्री में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। खासतौर पर दोपहिया और चारपहिया वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। यदि आप नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो ग्वालियर व्यापार मेला इस समय सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। मेले में वाहनों पर रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट दी जा रही है, वहीं डीलर्स की ओर से भी आकर्षक ऑफर मिल रहे हैं। पिछले साल 2025 के मेले में रोड टैक्स छूट के बाद वैगन-आर LXI CNG की कीमत 6 लाख 57 हजार 80 रुपए थी, जबकि 2026 में लगभग वही ऑफर मिलने के बावजूद यही कार 6 लाख 40 हजार 396 रुपए में उपलब्ध है, यानी ग्राहकों को पिछले साल की तुलना में करीब 17 हजार रुपए का अतिरिक्त फायदा हो रहा है। मेला शुरू होने के बाद 25 दिन में अब तक 8 हजार से अधिक वाहनों की बुकिंग हो चुकी है। रोड टैक्स छूट का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 19 जनवरी से टैक्स में छूट मिलना शुरू होगी और इसके साथ ही वाहनों की डिलीवरी भी शुरू कर दी जाएगी। खास बात यह है कि ग्वालियर व्यापार मेले से हरियाणा, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश तक के लोग वाहन खरीदने पहुंच रहे हैं।  उज्जैन नहीं, ग्वालियर से खरीद रहे वाहन… ये है वजह ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू हुआ है, जबकि उज्जैन का विक्रमोत्सव मेला 16 जनवरी से शुरू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों मेलों में वाहन खरीद पर 50 फीसदी रोड टैक्स में छूट का ऐलान किया है। उज्जैन मेले में भी कारें सस्ती मिल रही हैं, लेकिन इंदौर और उज्जैन के आसपास के शहरों के लोग लग्जरी कारों के लिए ग्वालियर मेले का रुख कर रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि ग्वालियर मेला पुराना और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए भरोसेमंद माना जाता है। दूसरा अहम कारण रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा है। उज्जैन से वाहन खरीदने पर MP 13 रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है, जिसे 13 अंक से जुड़ी मान्यताओं के कारण कई व्यापारी और कारोबारी शुभ नहीं मानते। वहीं, ग्वालियर से वाहन खरीदने पर MP 07 रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है, जिसे लोग अधिक शुभ मानते हैं। इसी का असर यह है कि पिछले वर्ष 50 लाख से 2 करोड़ रुपए कीमत की 128 लग्जरी कारें ग्वालियर व्यापार मेले से खरीदी गई थीं। मूल निवासी प्रमाण पत्र देना होगा सामान्य तौर पर दूसरे प्रदेश के लोगों को टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा। उत्तर प्रदेश, राजस्थान या अन्य राज्यों के लोग यदि यह छूट लेना चाहते हैं तो उन्हें ग्वालियर में निवास का प्रमाण देना होगा। इसके लिए कम से कम दो साल का किरायानामा, आधार कार्ड में स्थानीय पता या ग्वालियर में रहने वाले किसी रिश्तेदार के नाम से वाहन का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। हालांकि, प्रदेश के अन्य शहर का एड्रेस प्रूफ भी मान्य होगा। ग्वालियर व्यापार मेले में टैक्स छूट से बढ़ेगा व्यापार, सिंधिया बोले—विकास और व्यापार पूरक मध्य प्रदेश सरकार ने माधवराव सिंधिया व्यापार ग्वालियर मेले में बिकने वाले वाहनों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क और रोड टैक्स में छूट देने का फैसला किया है। इस निर्णय को लेकर व्यापारिक संगठनों ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया है। व्यापारियों ने जताया केंद्रीय मंत्री का आभार व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि व्यापार और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत व्यापारिक गतिविधियां किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति का आधार होती हैं। ऑटोमोबाइल टैक्स में 50% छूट का फैसला गौरतलब है कि हाल ही में राज्य सरकार ने ग्वालियर व्यापार मेला और उज्जैन व्यापार मेला के संदर्भ में बड़ा निर्णय लेते हुए ऑटोमोबाइल पर लगने वाले मोटरयान कर में 50% की छूट देने का ऐलान किया था। इस फैसले से मेले में वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। व्यापारिक संगठनों ने की मुलाकात मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन, ग्वालियर मेला व्यापारी संघ और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, ग्वालियर के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष मोटरयान कर में छूट का प्रस्ताव रखने और इस संबंध में पत्र लिखने पर केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। सिंधिया ने कहा व्यापार और उद्योग विकास की रीढ़ केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि व्यापार और उद्योग किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होते हैं। उन्होंने राज्य सरकार के इस निर्णय को स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर व्यापार, उद्योग और रोजगार सृजन के लिए लगातार कार्य करती रहेंगी। ग्वालियर-चंबल अंचल को मिलेगी नई गति प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह निर्णय न केवल व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि इससे ग्वालियर-चंबल अंचल में व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। वाहन बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद व्यापारिक संगठनों के अनुसार, रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में दी गई छूट से व्यापार मेले में वाहनों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे स्थानीय व्यापारियों, ऑटोमोबाइल डीलर्स और सहायक उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही यह फैसला उपभोक्ताओं के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगा। चैंबर ऑफ कॉमर्स में आने का निमंत्रण इस अवसर पर मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को चैंबर ऑफ कॉमर्स में आने का औपचारिक आमंत्रण भी दिया। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि उनके मार्गदर्शन में व्यापारिक समुदाय को आगे भी इसी … Read more

अंबाह कांड: 10 डकैतों ने किन्नर गुरु के घर की तोड़ी शांति, 2 घंटे तक चले लूटपाट

मुरैना  मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह कस्बे में शनिवार देर रात एक किन्नर के घर बड़ी और सनसनीखेज डकैती की वारदात सामने आई है। हथियारों से लैस 8 से 10 नकाबपोश बदमाशों ने किन्नर राबिया के घर घुसकर करीब 30 लाख रुपए की लूट को अंजाम दिया। बदमाशों ने घर में मौजूद चार किन्नरों को बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी दी और लूट के बाद फरार हो गए। घटना रात करीब 2 बजे की है। किन्नर राबिया के मुताबिक, उस वक्त वह अपने तीन चेलों के साथ घर में सो रही थी। बदमाश सीढ़ी के सहारे छत पर चढ़े और गैस कटर से छत का दरवाजा काटकर अंदर दाखिल हुए। इसके बाद वे दूसरी मंजिल से होते हुए सीधे ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचे जहां कट्टे की नोक पर तीन चेलों को जगाया गया और डराकर काबू में कर लिया गया। इसके बाद बदमाशों ने किन्नर राधिका को धमकाया और गुरु राबिया का कमरा खुलवाया। बदमाशों ने कमरे में रखे 22 तोला सोना, करीब 4 किलो चांदी और लगभग 4 लाख रुपए नकद लूट लिए। इतना ही नहीं किन्नरों ने जो जेवर पहने हुए थे उन्हें भी बदमाशों ने उतरवा लिए। वारदात के दौरान बदमाश घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर और सभी मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए ताकि कोई सबूत न बच सके। सम्मेलन में जाने के लिए निकाले थे रुपए और गहने रविवार दोपहर के तीन बजे हैं। करीब 30 साल की सुर्ख लाल नाइटी और काली शॉल ओढ़े किन्नर गुरु राबिया अपने डेरे में पूजा वाले कमरे में बैठी हैं। उनके चेले कुछ खा लेने की गुजारिश कर रहे हैं, लेकिन वो मना कर देती हैं। पहले सिर पीटती और फिर ताली बजाते हुए कहती हैं- लुट गए हम। अब तो कुछ दिन खाने-पीने तक के लाले पड़ने वाले हैं। राबिया कहती हैं- अरे! हम लोगों को तो आज दिल्ली जाना था। वहां, रोहिणी के रामलीला मैदान में हम लोगों का बड़ा सम्मेलन चल रहा है। उसके लिए ही सोने-चांदी के गहने और रुपए निकालकर रखे थे। शनिवार को दिनभर शहर में घूमकर जो नेग मिला, उसे लेकर मैं और चेले शाम करीब 6 बजे डेरे पर आ गए थे। थोड़ी बहुत गपशप के बाद सात-साढ़े सात बजे के करीब शाम की पूजा की। फिर एकाध घंटे बाद खाना खाया। बातें करने के बाद अपने-अपने कमरे में सोने चले गए। बदमाश ने मेरे कनपटी पर कट्‌टा अड़ा दिया गुरु राबिया कहती हैं कि रात के करीब पौने 3 बज रहे होंगे। मुझे दरवाजा खटकने की आवाज सी आई। मैंने पूछा कौन है? बाहर से राधिका की आवाज आई। वो कह रही थी। मम्मा, गुरु दरवाजा खोलो। मैंने सोचा, ये इतनी जल्दी क्यों जाग गई। जैसे ही दरवाजा खोला। बाहर बदमाश खड़े थे। उन्हें देखकर दरवाजा वापस बंद करने की कोशिश की, लेकिन वे धक्का देते हुए कमरे में घुस आए। एक बदमाश ने मेरी कनपटी पर कट्‌टा अड़ा दिया। दूसरा बदमाश राधिका के सिर से बंदूक ताने खड़ा था। इसके बाद दो-तीन बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर अलमारी की चाबी मांगी। अलमारी में से 20-22 तोले सोने के गहने, चांदी और रुपए अपने साथ लाए झोलों में भर लिए। बदमाशों ने सोना नहीं इस शहर की इज्जत पर डाका डाला है। उन्होंने मुझसे बाहर चलने को कहा। जैसे ही हॉल में आई तो देखा तीनों चेले रस्सी से बंधे पड़े थे। बदमाश उनके ऊपर भी बंदूक ताने खड़े थे। इतने में दो बदमाशों ने मेरे हाथ-पैर भी बांध दिए। इसी दौरान उनमें से एक ने कुछ मजा देने की बात कही। कहने लगे कि ये नकली किन्नर लग रहे हैं। ये औरत जैसे हैं। इन्हें चेक करो। हम लोगों ने कसम खाई, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। बारी-बारी से हमारे कपड़े उतारे। अश्लील हरकतें कीं। हमारे शरीर पर काटा। प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की। हम बेबस सब कुछ सहन करते रहे। शुक्र है कि हम सब किन्नर ही हैं, अगर कोई नकली हमारे साथ होता तो न जाने वे क्या करते। उनमें से दो लोग आपस में फौजी और रवि कहकर एक-दूसरे को पुकार रहे थे। एक कह रहा था। देखो कोई गरिया (आदमी) तो नहीं है। जब उन्होंने गरिया कहा तो मुझे अजीब लगा, क्योंकि गरिया तो आदमी को हम किन्नर कहते हैं। बिस्तर पर पटक कर भागे बदमाश गुरु राबिया कहती हैं कि इसके बाद बदमाशों ने हमारे साथ घिनौनी हरकतें की। 20-22 तोला सोना और चांदी ले गए। उन्होंने चारों के मोबाइल ले लिए। कहने लगे कि ये हम लेकर नहीं जाएंगे। हमारे जाने के बाद तुम्हारी गाड़ी के नीचे मिल जाएंगे। इसके बाद मेन गेट से भाग गए। उन्होंने मेरे हाथ-पैर बांध पलंग पर उलटा पटक कंबल डाल दिया। जाते-जाते बाहर से कुंडी लगा दी। करीब 30-40 मिनट हम चारों इसी हालत में बिस्तर पर ही पड़े रहे। जब लगा कि बदमाश चले गए हैं तो हाथ खोलने के लिए एक-दूसरे के नजदीक आए। बमुश्किल एक-दूसरे के हाथ खोले। हम लोग घर के दूसरे दरवाजे से बाहर निकले। सुबह करीब 4.30 बजे कुछ दूर राठौर कॉलोनी के लोगों से मदद मांगी। उनके कहने पर डायल 112 पर कॉल पर पुलिस को सूचना दी। हमारे हाथ-पैर बांधे, उलटा लेटाकर कंबल डाल दिया राबिया के चले श्री शर्मा बताती हैं कि रात करीब दो-ढाई बज रहे होंगे। मैं और रिया जमीन पर गद्दे पर सो रहे थे। किसी ने हमें हिलाया तो नींद खुली। देखा तो आठ-दस बदमाश खड़े हैं। सबके चेहरों पर नकाब था। सभी हथियार लिए हुए थे। इतने में ही रिया की नींद खुल गई। वो चिल्लाने लगी तो एक बदमाश ने उसके मुंह में ही बंदूक डाल दी। वो बोला, चिल्लाए तो मार डालेंगे। इसके बाद उन्होंने दोनों के हाथ-पैर बांध दिए। गद्दे पर उलटा लेटाकर कंबल डाल दिया। अंबाह की इज्जत के लिए रखा था सोना घर में 22 तोला सोना, चार किलो चांदी और करीब चार लाख रुपए होने की वजह भी राबिया ने बताई है। वे कहती हैं कि ये दिल्ली में अंबाह की इज्जत रखने के लिए था। हम लोगों का दिल्ली में सम्मेलन चल रहा है। जो किन्नर जितना सोना पहनकर जाए, उसकी और जहां से वो … Read more

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, विजय शाह केस में कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़े गंभीर आरोपों पर होगी चर्चा

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट में आज मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई होगी। यह याचिका उनके उस विवादित बयान से संबंधित है, जो उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ दिया था। मंत्री विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में यह अपील की है कि मामले में दर्ज FIR को रद्द किया जाए। शाह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने तर्क दिया था कि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफीनामा जारी किया है, जिसे ऑनलाइन साझा किया गया था और इसे अदालत के रिकॉर्ड में रखा जाएगा। शीर्ष अदालत ने तब कहा था, ऑनलाइन माफी क्या होती है? हमें उनकी मंशा और ईमानदारी पर संदेह होने लगा है। आप माफी को रिकॉर्ड पर रखें। हमें इसे देखना होगा। उसने मंत्री के बयानों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को 13 अगस्त 2025 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। पीठ ने कहा था कि शाह के बयानों के बजाय उन लोगों के बयान दर्ज किए जाने चाहिए थे जिनकी भावनाएं आहत हुई थीं। उच्च न्यायालय ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के लिए शाह को फटकार लगाई और पुलिस को उनके खिलाफ शत्रुता व नफरत को बढ़ावा देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। छह महीने बाद होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में विजय शाह के बयान मामले पर पिछले साल 28 जुलाई को सुनवाई हुई थी। इसके छह महीने बाद आज सुप्रीम कोर्ट में इस केस की सुनवाई होगी। जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंत्री विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर फटकार लगाई थी महू में पिछले साल 11 मई को दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम को मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।' शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।' मंत्री शाह ने एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती बता दें कि मंत्री विजय शाह ने 11 मई को महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकवादियों की बहन बताया था। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर मंत्री के खिलाफ 14 मई को महू के मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। सोमवार 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान विजय शाह के वकील ने कहा कि उनके क्लाइंट ने माफी मांग ली है। इस पर कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि आप लोगों के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। आप पब्लिक फिगर हैं। आपको बोलते समय अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए। जुलाई में सुनवाई पर कोर्ट ने माफी पर जताई थी नाराजगी पिछले साल 28 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी को लेकर भाजपा मंत्री विजय शाह की ऑनलाइन माफी पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शाह के मामले में सुनवाई की थी। कोर्ट ने शाह द्वारा सार्वजनिक रूप से मांगी गई माफी को निष्ठाहीन बताते हुए खारिज कर दिया था। यह देखते हुए कि अपने माफीनामे वाले वीडियो में शाह ने जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात स्वीकार नहीं की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा– वह आत्मचिंतन करें कि अपनी सजा कैसे चुकाएं। आपकी वह सार्वजनिक माफी कहां है? हमारे धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। बैंक खाते फ्रीज करने के नियमों पर आज सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने साइबर अपराध की जांच के दौरान बैंक खातों को फ्रीज और डी-फ्रीज करने की प्रक्रिया से जुड़ी एक अहम याचिका को चीफ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष रखने का निर्देश दिया है। यह याचिका केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से इस विषय पर एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने की मांग करती है। बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की याचिका पर सुनवाई होगी। मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें असमान संपत्ति मामले में जमानत नहीं दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले की समीक्षा करेगा और तय करेगा कि क्या उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। इस सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला नेताओं की संपत्ति और जवाबदेही के संबंध में अहम माना जाता है। बीएस येदियुरप्पा POCSO केस और चुनावी रजिस्टर सुधार पर भी सुनवाई कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। बीएस येदियुरप्पा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और आज कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करेगा।वहीं चुनाव आयोग से जुड़ा है। कुछ याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग के सारांश संशोधन प्रक्रिया को चुनौती दी है, जिसके तहत निर्वाचन रजिस्टर में सुधार किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट आज इस याचिका पर भी विचार करेगा। 

आधी राह पर इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन, अधूरे ब्रिज-फ्लाईओवर से अटका काम; 2027 तक पूरा करने का दावा

इंदौर उज्जैन में होने वाले वर्ष 2028 के सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए इंदौर से उज्जैन को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क को चार लेन से छह लेन में बदलने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। पिछले साल जनवरी में शुरू हुए इस निर्माण कार्य को अब एक वर्ष पूरा हो चुका है। विभाग का दावा है कि अब तक परियोजना का लगभग 47 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है, हालांकि पुलों और फ्लाईओवर का काम अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। तय समय सीमा और लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमि पूजन 15 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया था। लक्ष्य के अनुसार, इस सिक्स लेन सड़क का निर्माण 15 जनवरी तक पूरा किया जाना है। वर्तमान प्रगति को देखते हुए अधिकारियों का मानना है कि आने वाले एक साल में निर्माण की गति को और अधिक बढ़ाना होगा ताकि समय सीमा में प्रोजेक्ट को जनता को समर्पित किया जा सके। एमपीआरडीसी के डिविजनल मैनेजर गगन भंवर ने बताया कि सड़क और ब्रिज का काम तेजी से चल रहा है और लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।   48 किलोमीटर का कायाकल्प गौरतलब है कि वर्ष 2016 के सिंहस्थ से पहले इस मार्ग को फोर लेन किया गया था। अब लवकुश चौराहा (इंदौर) से हरिफाटक ब्रिज (उज्जैन) तक की 48 किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर एक-एक अतिरिक्त लेन जोड़ी जा रही है। इस पूरी परियोजना में यातायात को सुगम बनाने के लिए तीन फ्लाईओवर, आठ अंडरपास और तीन बड़े ब्रिज का निर्माण शामिल है। फिलहाल निनौरा से बारोली के बीच सड़क चौड़ीकरण का कार्य दोनों दिशाओं में समानांतर रूप से चल रहा है। शुरुआती अड़चनें और मानसून का प्रभाव परियोजना की शुरुआत में निर्माण एजेंसी को कई जटिलताओं का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक डायवर्जन की योजना बनाने, अतिक्रमण हटाने और स्थानीय व्यवस्थाओं के तालमेल के कारण शुरुआती महीनों में काम की गति प्रभावित हुई। इसके बाद मानसून की बारिश ने भी निर्माण कार्यों में बाधा डाली। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि अब सभी तकनीकी और प्राकृतिक अड़चनों को पार कर लिया गया है और एक साथ कई हिस्सों में निर्माण कार्य को गति दी गई है।   अतिक्रमण हटाने की चुनौती सड़क चौड़ीकरण के लिए राहत की बात यह है कि नई जमीन के अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि विभाग के पास पहले से ही पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। हालांकि, वर्षों से खाली पड़ी इस जमीन पर कई स्थानों पर अतिक्रमण हो गया है। विशेषकर लवकुश चौराहा से बारोली तक के हिस्से में सड़क के दोनों ओर कई अवैध निर्माण खड़े हो गए हैं। प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद ही इस महत्वपूर्ण हिस्से में काम तेजी पकड़ सकेगा। इसके लिए एमपीआरडीसी ने जिला प्रशासन को औपचारिक पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने की मांग की है।

ई-बस योजना पर ब्रेक! मध्यप्रदेश के 8 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से लटकी सेवा

भोपाल भारत सरकार ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के आठ शहरों के लिए 972 ई-बसें स्वीकृत की हैं। इनमें से 472 बसें इन शहरों में चलने को तो तैयार हैं, लेकिन डिपो और चार्जिंग स्टेशन न होने से बसों का संचालन रुका हुआ है। प्रदेश की नगर सरकारें यहां अब तक डिपो ही नहीं बना सकी हैं। इंदौर और भोपाल में बस डिपो बनाने का केवल 15-15 प्रतिशत तो ग्वालियर में पांच प्रतिशत ही काम हो पाया है। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर पिछड़े चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण में भी इंदौर, भोपाल और ग्वालियर पिछड़े हैं। केवल जबलपुर का काम संतोषजनक है। यहां कंठौंदा बस डिपो का निर्माण कार्य 70 प्रतिशत हो चुका है। इन शहरों की हवा दूषित है, इसलिए इन्हें राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत चिह्नित किया है और इस दिशा में ई-बसों का संचालन महत्वपूर्ण माना जा रहा है लेकिन ई-बस संचालन में डिपो के निर्माण की धीमी गति बताती है कि इन शहरों के आमजनों को ई-बस सेवा की सुविधा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।   उज्जैन और सागर में टेंडर ही नहीं हो पाया उज्जैन में 100 ई-बस चलनी है। इसके लिए ओल्ड बस डिपो मक्सी रोड पर डिपो निर्माण किया जाना है, लेकिन यहां मेयर इन काउंसिल (एमआइसी) में दर स्वीकृति ही नहीं हो सकी। यही हाल यहां चार्जिंग स्टेशन का है। इसी तरह सागर में 32 ई-बस संचालन के लिए नवीन आरटीओ कार्यालय तिलीमाफी में बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन का अधोसंरचना विकास होना है। सागर नगर निगम इसकी निविदा ही जारी नहीं कर सका है। इन आठ शहरों में 972 इलेक्ट्रिक बस स्वीकृत भोपाल 195, इंदौर 270, ग्वालियर 100, जबलपुर 200, उज्जैन 100, सागर 32, देवास 55 एवं सतना में 20 कुल 972 इलेक्ट्रिक बस स्वीकृत की गई है। इनमें भोपाल के लिए 100, इंदौर 150, ग्वालियर 60, जबलपुर 100, उज्जैन 30 एवं सागर में 32 इस तरह 472 ई बस के लिए सफल निविदाकार को लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) जारी किए जा चुके हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में में दो-दो उज्जैन व सागर में एक-एक कुल 10 डिपो के लिए सिविल एवं चार्जिंग अधोसंरचना निर्माण के लिए कार्रवाई चल रही है।   ई-बस डिपो एवं चार्जिंग स्टेशनों की अधोसंरचना की प्रगति शहर — बस डिपो– डिपो निर्माण प्रगति– चार्जिंग स्टेशन निर्माण प्रगति जबलपुर — कठौंदा — 70 — 60 आइएसबीटी — 10– 00 इंदौर — आइएसबीटी नायतामुंडला — 15 — 15 देवास नाका निरंजनपुर — 15– 15 भोपाल — संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) — 15– 15 कस्तुरबा नगर आइएसबीटी– 0 — 10 ग्वालियर — रमौआ — 5 — 5 आइएसबीटी– 50– 10

प्रोफेसर भर्ती परीक्षा: आयु सीमा मामले में हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप से झाड़े हाथ

इंदौर मप्र लोकसेवा आयोग (एमपीपीएससी) की सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र) पद की भर्ती में आयु-सीमा को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट ने निरस्त कर दी है। कोर्ट ने कहा कि भर्ती विज्ञापन में तय पात्रता शर्तों में कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हाई कोर्ट में यह याचिका कुक्षी निवासी विजयेंद्रपाल सिंह अजनारिया ने दायर की थी। मांग की थी कि भर्ती प्रक्रिया में 50 वर्ष तक आयु-सीमा में छूट दी जाए। याचिकाकर्ता के तर्क और पृष्ठभूमि तर्क दिया गया था कि वर्ष 2022 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया को पीएससी ने समय पर पूरा नहीं किया। इसके चलते याचिकाकर्ता वर्ष 2024 में हुई नई भर्ती में 45 वर्ष की अधिकतम आयु-सीमा पार कर चुका है। याचिकाकर्ता अनुसूचित जनजाति वर्ग से है और वर्तमान में वन विभाग में शासकीय सेवक के रूप में पदस्थ है।   याचिका में यह भी कहा गया था कि पूर्व की भर्ती परीक्षाओं में आरक्षित वर्ग के लिए अधिकतम आयु-सीमा 50 वर्ष रखी गई थी। याचिकाकर्ता को भविष्य में भी इसी तरह की व्यवस्था की अपेक्षा थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वर्ष 2022 की भर्ती परीक्षा में याचिकाकर्ता लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर साक्षात्कार के लिए चयनित हुआ था, लेकिन साक्षात्कार सितंबर 2025 में तय होने के कारण पूरी प्रक्रिया लंबित रही। कोर्ट का निर्णय और वैधानिक टिप्पणी कोर्ट ने सभी पक्षों के तर्क सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो अब जारी हुआ है। कोर्ट ने कहा कि भर्ती की प्रक्रिया एक स्वतंत्र प्रक्रिया है। उसकी अपनी पात्रता शर्तें हैं जो सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होती हैं। किसी भी अभ्यर्थी को निर्धारित कट-आफ तिथि पर तय आयु-सीमा का पालन करना अनिवार्य है। प्रशासनिक देरी, चाहे वह कितनी भी दुर्भाग्यपूर्ण क्यों न हो, अदालत को भर्ती नियमों को दोबारा लिखने या उनमें छूट देने का अधिकार नहीं देती। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने 45 वर्ष की नई आयु-सीमा की संवैधानिक वैधता को चुनौती नहीं दी है। ऐसे में कोर्ट न तो नीति की समीक्षा कर सकता है और न ही व्यक्तिगत स्तर पर आयु-छूट दे सकता है।

विराट का शतक पड़ा फीका: न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास, भारत को घर में पहली बार हराया

इंदौर रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला खेला गया। इस मुकाबले में भारतीय टीम को 41 रन से हार का सामना करना पड़ा। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 337 रन बनाए। जवाब में विराट कोहली के शतक के बावजूद भारतीय टीम 46 ओवर में ही 296 रन पर ऑलआउट हो गई। यह भारतीय टीम की अपने घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले 37 सालों में पहली वनडे सीरीज हार है। 338 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को चौथे ओवर में पहला झटका लगा। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा 13 गेंद में 11 रन बनाकर आउट हुए। भारतीय कप्तान शुभमन गिल 18 गेंद में 23 रन बनाकर जैमिसन का शिकार बने। श्रेयस अय्यर 10 गेंद में तीन रन ही बना सके। स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं सके और 6 गेंद में एक रन ही बना सके। नीतीश रेड्डी 57 गेंद में 53 रन बनाकर आउट हुए। रविंद्र जडेजा 16 गेंद में 12 रन बनाकर जेडन का शिकार बने। विराट कोहली शतक लगाकर खेल रहे हैं। हर्षित राणा ने ताबड़तोड़ 43 गेंद में 52 रन का योगदान दिया। सिराज खाता नहीं खोल सके। अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली 108 गेंद में 124 रन बनाकर पवेलियन लौटे। कुलदीप यादव के रन आउट के साथ ही भारतीय पारी समाप्त हुई। न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ तीसरे वनडे में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 337 रन बनाए। न्यूजीलैंड की ओर से डेरिल मिचेल ने सर्वाधिक 137 रन बनाए हैं। भारत की ओर से हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह ने 3-3 विकेट लिए। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत की शुरुआत अच्छी रही। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहले ओवर में हेनरी निकोलस का विकेट गंवाया। वह खाता नहीं खोल सके। उन्हें अर्शदीप सिंह ने आउट किया। इसके बाद हर्षित राणा ने डेवोन कॉनवे को पवेलियन का रास्ता दिखाया। कॉनवे 5 रन ही बना सके। विल यंग ने 41 गेंद में 30 रन की पारी खेली। राणा ने उन्हें आउट किया। ग्लेन फिलिप्स और मिचेल की साझेदारी को अर्शदीप सिंह ने तोड़ा। फिलिप्स 88 गेंद में 106 रन बनाकर आउट हुए। डेरिल मिचेल ने 131 गेंद में 137 रन की पारी खेली। सिराज ने उन्हें पवेलियन भेजा। हे दो और फोक्स 10 रन बनाकर पवेलियन लौटे। भारत के लिए अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने तीन तीन विकेट लिए जबकि मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव को एक एक विकेट मिला। डेरिल मिचेल बने प्लेयर ऑफ द मैच तीसरे वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले डेरिल मिचेल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया है। डेरिल मिचेल ने 131 गेंद में 137 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और तीन छक्के लगाए। 38 साल में पहली बार जीता न्यूजीलैंड न्यूजीलैंड की टीम ने 1988 से भारत के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी शुरू की थी। हालांकि उसके बाद 38 साल में पहली बार न्यूजीलैंड की टीम भारत में वनडे सीरीज जीतने में सफल हुई है। न्यूजीलैंड ने भारत को हराया न्यूजीलैंड ने रविवार को भारत को तीसरे वनडे में 41 रन से हराया। इसके साथ ही न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीती। न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर वनडे सीरीज जीती है।

वीबी-जी रामजी योजना से बदलेगी हर गांव के विकास की तस्वीर: मंत्री राजपूत

सीहोरा में किए एक करोड़ से अधिक के विकास कार्यों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतिफल है वीबी-जी रामजी योजना जिससे वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार कर गांव को समृद्ध बनायेंगे। इस योजना में 125 दिन के रोजगार की गांरटी है। साथ ही ग्राम पंचायतें अपने गांव के विकास के लिए खुद निर्णय लेकर विकास कार्य करेंगी। सीसी रोड और अधोसंरचना जैसे कार्य कर ग्राम पंचायतें शसक्त होंगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। यह बात खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर जिले के सीहोरा में विभिन्न विकास कार्य के लोकार्पण एवं भूमि पूजन के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव में करोड़ों के विकास कार्य चल रहे हैं छोटे-छोटे गांव भी अब पक्की सड़कों से जुड़ चुके हैं। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए मैं और मेरा पूरा परिवार दिन-रात मेहनत करते हैं। हमारा संकल्प है कि सुरखी का विकास प्रदेश में अलग पहचान बनाए, जिसका नतीजा है कि आज हम सबसे कम समय में सबसे अधिक विकास कार्य करने वाले क्षेत्र में शामिल हैं । प्रधानमंत्री श्री मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जो विकास की तस्वीर बनाई, वह सुरखी विधानसभा क्षेत्र में नजर आती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के दृढ़ संकल्प ने विश्व में भारत को अलग पहचान दी, तो वही जन-जन के नेता डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच ने मध्यप्रदेश में विकास की नई इमारत लिखी। हम सब आपके सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। आपका आशीर्वाद और सहयोग इस विकास रथ को और गति देगा। मंत्री श्री राजपूत ने सीहोरा में नल जल योजना, पेयजल टैंकर, सी.सी. रोड निर्माण कार्य मुख्य बाजार से जैन मंदिर की ओर चबूतरा निर्माण, हाईमास्ट फाउन्डेशन कंट्रोल पैनल मय फिटिंग 02 स्थानों पर, मंगल भवन निर्माण कार्य संत रविदास मंदिर के पास, ,सीहोरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सीहोरा में राजस्व का आवासीय भवन, सीहोरा में उप तहसील कार्यालय भवन, सीहोरा में हाई स्कूल का अनुरक्षण कार्य, सीहोरा प्राथमिक शाला में फर्नीचर, प्री-फेब्रिकेटेड स्वागत द्वार निर्माण कार्य सिहोरा लोटना मार्ग पर, सामुदायिक, भवन, घाट निर्माण कार्य, श्रवण प्रताप चबूतरा निर्माण, शांतिधाम सौंदर्याकरण कार्य, पेवर ब्लॉक कार्य पंचायत भवन, टीन शेड निर्माण भूतेश्वर मंदिर, आदि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करते हुए सीहोरा को मंत्री राजपूत ने एक करोड़ से अधिक की राशि के विकास कार्यों की सौगात दी। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि चैकी जंलधर मार्ग को वन विभाग से अनुमति दिला दी है, अब इसका कार्य शीघ्र पूर्ण होगा इससे करीब 50 ग्रामों को आवागमन की सुविधा होगी।  

एमपी ट्रांसको ने 500 एमवीए का अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर किया ऊर्जीकृत

मालवा क्षेत्र के पारेषण नेटवर्क की विश्वसनीयता में इजाफा भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के प्लानिंग क्राइटेरिया (नियोजन मानदंडों) के अनुरूप, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने मालवा क्षेत्र में बढ़ती विद्युत डिमांड और ट्रांसमिशन नेटवर्क के रिलायवल्टी फेक्टर को ध्यान में रखते हुए 400 केवी बदनावर, धार सबस्टेशन में एक अतिरिक्त 500 एमवीए क्षमता का 400/220 केवी पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत कर दिया है। इससे अब सरदार सरोवर गुजरात से मध्यप्रदेश के हिस्से की मिलने वाली बिजली भी पर्याप्त मात्रा मे पीजीसीआईएल राजगढ़ के माध्यम से धार जिले को मिल सकेगी। कंटेंनजेसी स्टेंडर्ड का भी हुआ पालन मंत्री श्री तोमर ने बताया कि नए ट्रांसफॉर्मर की स्थापना से न केवल मालवा क्षेत्र बल्कि प्रदेश के पारेषण नेटवर्क की विश्वसनीयता में इजाफा होने के साथ एन-1 कंटेंनजेसी स्टेंडर्ड (आकस्मिकता मानकों) का अनुपालन भी सुनिश्चित हुआ है। इससे भविष्य की लोड वृद्धि को हैंडल करने और राज्य के ट्रांसमिशन सिस्टम की उपलब्ध ट्रांसफर क्षमता (एटीसी) बढ़ाने में भी सहायता मिली है। क्षमता वृद्धि से यह क्षेत्र भी होंगे लाभांवित मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अधीक्षण अभियंता श्री अनिल सक्सेना ने बताया कि पूर्व में इस सबस्टेशन में 315-315 एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर स्थापित थे। अतिरिक्त 500 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से 400 केवी सबस्टेशन बदनावर की क्षमता बढ़कर 1130 एमवीए की हो गई है श्री सक्सेना ने बताया कि इस नए ट्रांसफार्मर की स्थापना से बदनावर से जुड़े कानवन, बडनगर, रतलाम, वंडर सिमेंट के अलावा ओद्योगिक क्षेत्र स्थित पीथमपुर को लाभ मिलेगा।