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फूड सेफ्टी रेड में चौंकाने वाला खुलासा, जबलपुर की फैक्ट्री में पैरों से तैयार हो रहे थे फ्राइज

जबलपुर जबलपुर के नजदीकी ग्राम बघौड़ा में फ्राइम्स बनाने वाली जैनम फूड प्रोडक्ट्स फैक्ट्री में उस वक्त भगदड़ मच गई, जब खाद्य विभाग की टीम ने दबिश दी। अधिकारियों ने देखा कि कर्मचारियों द्वारा फ्राइम्स बनाने का पेस्ट कर्मचारी द्वारा पैरों से कुचला जा रहा है। साथ ही सूखते फ्राइम्स के आसपास कुत्ते घूम रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में नियमों का उल्लंघन मिलने पर फैक्ट्री का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर फुटेज जब्त कर लिए गए। जिन्हें आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को भेजा गया। दरअसल, पनागर तहसील के ग्राम बघौड़ा में जैनम फूड प्रोडक्ट्स की फैक्ट्री है। जहां खाने-पीने की सामग्री बनाई जाती है। शनिवार को दोपहर फैक्ट्री में कर्मचारी फ्राइम्स का पेस्ट पैरों से कुचल रहा था। स्थानीय लोगों की सूचना पर खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा और फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की। खाद्य अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि इस फैक्ट्री में फ्राइम्स को खुले में सुखाया जा रहा था। जबकि इन्हें ऐसी जगह सुखाया जाना चाहिए जहां धूल न उड़ती हो। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कर्मचारी पैरों से ही फ्राइम्स को मिलाने का काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर फ्राइम्स सुखाए जा रहे थे, वहां धूल उड़ रही थी। आसपास आवारा कुत्ते भी घूमते नजर आए। कई बार फ्राइम्स पर चलने की स्थिति भी देखी गई, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद हानिकारक है।

ट्रैक्टर चोरों की दबंगई: रतलाम में ग्रामीणों पर की गोलीबारी, एक आरोपी पकड़ा गया

रतलाम, आलोट रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में लगातार चोरी की वारदातें बढ़ती ही जा रही हैं। रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि ग्राम अरवलिया सोलंकी में चार-पांच बदमाश एक किसान के घर के बाहर से ट्रैक्टर चुराकर ले जाने लगे। पता लगने पर ग्रामीणों ने चोरों का पीछा किया तो बदमाशों ने ग्रामीणों पर फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों ने एक बदमाश को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। उसके पांच साथी भागने में सफल हो गए। इस दौरान बदमाशों का एक देशी कट्टा और दो मोबाइल घटना स्थल पर ही गिर गए। ट्रैक्टर चुराकर ले जा रहा है बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि किसान पुरसिंह पुत्र बालू सिंह सोलंकी के घर के बाहर बीती रात ट्रैक्टर खड़ा था। रात्रि 1 बजे 4 अज्ञात व्यक्ति गांव में पहुंचे और पुरसिंह के घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। ट्रैक्टर को 500 मीटर धक्का देकर ले गए बदमाश इसके बाद बदमाश ट्रैक्टर को 500 मीटर दूर आगे धक्का देकर ले गए। इसके बाद जैसे तैसे ट्रैक्टर को स्टार्ट कर लिया। इसी बीच किसी ग्रामीण ने बदमाशों को ट्रेक्टर ले जाते देख अन्य लोगो को सूचना दी। करीब 2 किलोमीटर तक बदमाशों का पीछा कर ग्राम आंनदगढ़ में ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया तथा पकड़ने का प्रयास किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। इस दौरान 5 बदमाश भाग निकले। एक बदमाश को पकड़ लिया गया। ग्रामीणों ने पूछताछ की तो पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम ईश्वर सिंह निवासी ग्राम लाखाखेड़ी राजस्थान बताया है। सूचना मिलने पर ताल और आलोट की पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने पकड़े बदमाश को पुलिस को सौंप दिया। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण आलोट थाने पर पहुंचे और शेष बदमाशों को भी गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। भागने के दौरान गिरने से पकड़े गए बदमाश को चोट आई है उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसआई प्रमोद राठौड़ ने बताया कि ट्रैक्टर चला कर ले जा रहा है एक व्यक्ति को ग्रामीणों ने पड़कर सौंपा है, साथ में एक देसी कट्टा और दो मोबाइल भी दिए हैं। उनके साथियों की भी तलाश की जा रही है।

जबलपुर–दमोह फोरलेन परियोजना का सर्वे पूरा, 150 फीट चौड़ी सड़क से बदलेगा क्षेत्र का ट्रैफिक नक्शा

जबलपुर जबलपुर से दमोह के बीच करीब 100 किलोमीटर लंबी सड़क को दो लेन से फोर लेन करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस मार्ग का सर्वे कर चुका है। 150 फीट सड़क की चौड़ाई तय की गई है, जिसमें फोरलेन बनाया जाना है। इस सड़क को तीन फेज में बनाया जाएगा। अभी दो फेज के लिए करीब एक हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। जहां से प्रक्रिया अंतिम दौर में आ गई है। जल्द ही इसकी निविदा जारी कर कार्य प्रारंभ होगा। पहले जबलपुर से कटंगी और जबेरा से दमोह के बीच सड़क का निर्माण होगा। इसके अलावा कटंगी से जबेरा तक का हिस्से में अभयारण्य की जमीन होने की वजह से इसका सर्वे किया जा रहा है। इसमें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से भी स्वीकृति लेनी होगी। बता दें कि सड़क की चौडाई को लेकर कुछ परेशानी आ रही थी जिस वजह से प्रस्ताव को दोबारा भेजा गया है। अभी दमोह से जबेरा के बीच 350 करोड़ रुपये की लागत से बनाने की प्रकिया होगी। यह पैकेज 43 किलोमीटर लंबा होगा। वहीं दूसरा पैकेज 24 किलोमीटर लंबी सड़क जबेरा से कटंगी के बीच बनेगी।

नाइट क्लब बना रणक्षेत्र: रीवा में कर्मचारी पर खुलेआम गोलियों की बौछार

रीवा रीवा शहर शहर के बीचों-बीच स्थित एक नाइट क्लब में सरेआम गोलियां बरसाई गईं। इस पूरी वारदात का रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी बेखौफ होकर फायरिंग करता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत पडरा मोहल्ला स्थित 'नाइट क्लब बीयर बार' की है। बीती की रात करीब 12 बजे जब शहर सो रहा था, तब इस नाइट क्लब में गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के मालिक एलवी सिंह ने नशे की हालत में बार के एक कर्मचारी जमुना सिंह बघेल पर जानलेवा हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक आरोपी एलवी सिंह ने कर्मचारी पर एक के बाद एक तीन राउंड फायर किए। इनमें से दो गोलियां जमुना सिंह के पेट में जा धंसीं और शरीर को चीरते हुए बाहर निकल गईं। गंभीर रूप से घायल कर्मचारी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।   वीडियो में गोली चलाता दिखा आरोपी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी किस तरह बिना किसी डर के दनादन गोलियां चला रहा है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सीएसपी राजीव पाठक, सिविल लाइन थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा और गुढ़ थाना प्रभारी शैल यादव की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई शहर के अलग-अलग इलाके में दविश दी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। पुलिस आरोपी से कर रही है पूछताछ आरोपी के परिजनों ने पुलिस टीम का कड़ा विरोध किया और उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कड़ी घेराबंदी कर मुख्य आरोपी एलवी सिंह को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने परिजनों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी जब्त कर ली है। सिविल लाइन थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि विवाद के असली कारणों का पता लगाया जा सके। प्राथमिक तौर पर यह मामला नशे में धुत होकर किए गए विवाद का लग रहा है। इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था और नाइट क्लबों में सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज को मुख्य सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश में सनसनी: चलती बाइक बनी बम, विस्फोट में युवक की दर्दनाक मौत

सीहोर  मध्य प्रदेश के सीहोर में चलती बाइक में दमाका हो गया है। धमाका इतना भयानक था कि बाइक पर मौजूद शख्स के पैरों के चीथड़े उड़ गए और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक शख्स बाइक पर विस्फोटक लेकर जा रहा था। हादसे में बाइक भी पूरी जलकर खाक हो गई है। घटना रविवार सुबह को इछावर आष्टा रोड पर रामनगर गांव के पास हुई है। जानकारी के अनुसार बाइक सवार भारी मात्रा में विस्फोट सामग्री ले जा रहा था इसके कारण यह हादसा हुआ। इछावर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक बाइक चालक की पहचान नहीं हो पाई पुलिस उसकी जांच कर रही है

ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर सियासी घमासान, बृजभूषण सिंह बोले—और लोगों को बुलाने में क्या दिक्कत?

भोपाल अपने बेबाक बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक को सही ठहराया है। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि अगली बार जब ऐसी बैठक हो तो उसमें शामिल होने वालों की संख्या बढ़े। बृजभूषण ने न केवल इस बैठक को सही ठहराया, बल्कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नाराजगी और चेतावनी को भी गलत करार दिया। ब्राह्मण विधायकों की इस बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। उन्होंने कहा, "अच्छा होता कि इस बैठक में कुछ और लोग भी शामिल होते। इस बैठक में न तो भाजपा के खिलाफ कुछ बोला गया और न ही मुख्यमंत्री के खिलाफ। जब कोई विरोध ही नहीं हुआ, तो इसमें दिक्कत कहां है? मुझे तो इसमें कोई बुराई नजर नहीं आती।" भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा विधायकों को दी गई चेतावनी पर बृजभूषण ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की आधिकारिक चेतावनी नहीं है, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष के व्यक्तिगत विचार हो सकते हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "प्रदेश अध्यक्ष ने क्यों चेतावनी दी? यह उनकी अपनी सोच हो सकती है। अगर विधायकों ने पार्टी विरोधी कोई वक्तव्य दिया होता, तब मैं समझता कि यह सही है या गलत। लेकिन अपनी जाति या समाज के लिए साथ बैठना कोई अपराध नहीं है।" बृजभूषण शरण सिंह ने राजनीतिक दलों द्वारा आयोजित किए जाने वाले जातिगत सम्मेलनों का उदाहण दिया। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक पार्टियां खुद जातिवार कार्यक्रम और सम्मेलन आयोजित करती हैं, तो उसे गुनाह नहीं माना जाता। फिर अगर ब्राह्मण या राजपूत विधायक एक साथ बैठ गए, तो इसे लेकर इतना हंगामा क्यों है? उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "मैं इस बैठक का स्वागत करता हूं, मुझे यह पसंद है। अगर किसी को यह बुरा लगा है, तो मुझे नोटिस दिलाइए। जिस दिन जाति आधारित सम्मेलन बंद हो जाएंगे, उस दिन ऐसी बैठकें भी अपने आप बंद हो जाएंगी।" क्या है पूरा विवाद? गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के कुछ ब्राह्मण विधायकों ने एक अनौपचारिक बैठक की थी, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। इसे पार्टी के भीतर एक गुटबाजी के तौर पर देखा जा रहा था, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नाराजगी जाहिर करते हुए अनुशासन बनाए रखने की चेतावनी दी थी। अब बृजभूषण शरण सिंह के इस समर्थन ने पार्टी के भीतर के मतभेदों को सतह पर ला दिया है।

हाईकोर्ट का मानवीय आदेश: नाबालिग रेप पीड़िता की डिलीवरी को मंजूरी, इलाज का खर्च सरकार देगी

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 16 साल की रेप पीड़िता गर्भवती को बच्चे को जन्म देने की इजाजत दी है। यही नहीं कोर्ट ने राज्य सरकार को डिलीवरी का खर्च वहन करने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि पीड़िता ने आरोपी से शादी की है ऐसे में बिना उसकी सहमति के गर्भपात की अनुमति नहीं दी जा सकती। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकारी डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालेगी। कोर्ट ने बच्चे की डिलीवरी भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल में एक्सपर्ट मेडिकल टीम की देखरेख में करवाने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी 11 दिसंबर के आदेश की एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध हुई। इस मामले में एक जिला अदालत ने हाई कोर्ट को नाबालिग रेप पीड़िता के गर्भपात के बारे में लिखा था। हाई कोर्ट ने इसके बाद एक मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी थी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता की उम्र 16 साल है और उसके पेट में पल रहा बच्चा 29 हफ्ते और 1 दिन का है। मेडिकल बोर्ड ने ये भी बताया कि पीड़िता से गर्भपात करवाने और न करवाने के बारे में भी पूछा गया और उसने बच्चे को जन्म देने का फैसला लिया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकारी डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालेगी। माता-पिता ने छोड़ा साथ बाल कल्याण समिति (CWC) की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने कहा है कि उसने बच्चे के पिता (आरोपी) से शादी की है और वे बच्चे को जन्म देना चाहती है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि लड़की ने अपनी मर्जी से शादी की है और उसके पेरेंट्स बेटी को अपने साथ नहीं रखना चाहते। पेरेंट्स का कहना है कि उनका अपनी बेटी से अब कोई रिश्ता नहीं। बिना सहमति गर्भपात नहीं सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद कोर्ट ने ये सुनिश्चित किया कि पीड़िता की सहमति के बिना गर्भपात नहीं करवाया जा सकता। साथ ही कोर्ट ने बाल कल्याण समिति को निर्देश दिए कि जब तक लड़की 18 साल की नहीं हो जाती तब उसका ख्याल रखना होगा और साथ ही उसके बच्चे की सुरक्षा का भी ख्याल रखना होगा।  

बीयर का बोलबाला, मध्य प्रदेश में पियक्कड़ों की पहली पसंद बनी ठंडी बीयर

भोपाल मध्य प्रदेश में शराब पीने का तरीका बदल गया है। अब लोग 'ठंडी बीयर' सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यह देसी दारू और IMFL (इंडियन-मेड फॉरेन लिकर) दोनों से आगे निकल गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीयर की बिक्री IMFL से तीन गुना ज्यादा है, जबकि देसी दारू की बिक्री IMFL से दोगुनी है, लेकिन बीयर से कम है। एमपी में बीयर का प्रेम बढ़ा यह बदलाव पिछले पांच सालों में आया है। 2021-22 तक, एमपी में देसी दारू की बिक्री सबसे ज्यादा होती थी। लेकिन अब बीयर की खपत हर साल बढ़ रही है और पिछले तीन सालों से यह सबसे ऊपर है। बीयर के बाद, एमपी में सबसे ज्यादा देसी दारू पी जाती है। 2020-21 में देसी दारू की 899.16 लाख प्रूफ लीटर बिक्री हुई थी, जो 2024-25 में बढ़कर 1522.76 लाख प्रूफ लीटर हो गई। 2025-26 में नवंबर तक 921.79 लाख प्रूफ लीटर देसी दारू की खपत हो चुकी थी। पांच सालों में दोगुनी हुई अंग्रेजी खपत IMFL की बिक्री भी पिछले पांच सालों में दोगुनी हुई है, लेकिन यह बीयर और देसी दारू से कम है। 2020-21 में IMFL की 420.65 लाख प्रूफ लीटर बिक्री हुई थी, जो 2024-25 में बढ़कर 720.75 लाख प्रूफ लीटर हो गई। 2025-26 में नवंबर तक 555.90 लाख प्रूफ लीटर IMFL की खपत हुई। 2020-21 और 2021-22 में देसी दारू की बिक्री क्रमशः 899.16 लाख प्रूफ लीटर और 1020.50 लाख प्रूफ लीटर थी। वहीं, इसी दौरान बीयर की बिक्री 840.77 लाख बल्क लीटर और 962.42 लाख बल्क लीटर थी। विधानसभा में मंत्री ने दी जानकारी यह जानकारी डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 18 दिसंबर को राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर दी। शराब की बिक्री बढ़ने से सरकार के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। 2020-21 में आबकारी विभाग का राजस्व 9520.96 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 15254 करोड़ रुपये हो गया।

दुनिया में घटे गिद्ध, पन्ना में बढ़ी उड़ान, पर्यावरण के लिए अच्छी खबर

पन्ना  देश और दुनिया में गिद्धों की संख्या लगातार घटती जा रही है, लेकिन इसके विपरीत दक्षिण पन्ना वनमंडल अंतर्गत पवई क्षेत्र के जंगलों में गिद्धों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही पेंटेड स्टार्क और दुर्लभ ब्लैक स्टार्क जैसे पक्षियों की मौजूदगी भी बढ़ी है, जिसे पर्यावरण और जैव विविधता के लिहाज से बेहद सुखद संकेत माना जा रहा है। शीत ऋतु के आगमन के साथ ही दक्षिण पन्ना वनमंडल की पवई रेंज में प्रवासी पक्षियों की सक्रियता देखी जा रही है। हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर यूरेशियन ग्रिफॉन और हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध, पेंटेड स्टार्क तथा दुर्लभ ब्लैक स्टार्क यहां पहुंचे हैं। ये प्रवासी पक्षी आगामी लगभग तीन माह तक पवई के घने जंगलों में प्रवास करेंगे। यूरोपीय गिद्धों की मौजूदगी भी दर्ज की गई वन विभाग के अनुसार, यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया से, जबकि हिमालयन ग्रिफॉन गिद्ध हिमालय, तिब्बत और मध्य चीन क्षेत्र से लंबी यात्रा कर पवई पहुंचे हैं। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि पवई के जंगलों में यूरोपीय गिद्धों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है, जो हजारों किलोमीटर की यात्रा कर यहां तक पहुंचे हैं। सुरक्षित और अनुकूल आवास बनकर उभरा है वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण प्रयासों और सतत वन प्रबंधन के चलते दक्षिण पन्ना वनमंडल प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित और अनुकूल आवास बनकर उभरा है। यह क्षेत्र की जैव विविधता की समृद्धि को दर्शाने के साथ-साथ गिद्ध संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।  

मध्य प्रदेश की अहम रेल लाइन: तीन जिलों को जोड़कर इंदौर से जबलपुर का सफर होगा आसान

इंदौर इंदौर के मांगलिया क्षेत्र में इंदौर-बुधनी रेल लाइन का कार्य प्रारंभ हो गया है। यहाँ के खेतों और खलिहानों में रेलवे के लिए ब्रिज, अंडरपास तथा ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। कुल 205 किलोमीटर लंबी इस लाइन के बन जाने से एक हजार से अधिक कस्बे और गाँव सीधे तौर पर रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। तय समयसीमा की तुलना में यह कार्य काफी पिछड़ चुका है, परंतु अब पूरी लाइन को पूर्ण करने का लक्ष्य वर्ष 2030 निर्धारित किया गया है। इंदौर, देवास और सीहोर जैसे तीन जिलों को जोड़ने वाली यह मध्य प्रदेश की एक बड़ी रेल परियोजना है, जो इंदौर से जबलपुर के बीच की दूरी को कम करेगी। जिन गांवों से यह लाइन गुजर रही है, वहाँ के किसान इस योजना का विरोध कर रहे थे। इस कारण प्रोजेक्ट के प्रारंभ होने में कई बाधाएं आईं, लेकिन अब अधिकांश गांवों में भू-अर्जन की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है और निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। इस परियोजना का सर्वाधिक विरोध पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र में देखा गया था। इंदौर-बुधनी रेल परियोजना में हो रहे विलंब का विषय लोकसभा में भी उठाया जा चुका है। इंदौर के मांगलिया गाँव और बुधनी के बीच इस नई रेल लाइन के कार्य को 3261.82 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति दी गई है। इस बार के रेल बजट में इस प्रोजेक्ट के लिए सर्वाधिक राशि का प्रावधान किया गया है। अब तक इस परियोजना पर लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं, जिसमें से अधिकांश राशि मुआवजे के वितरण में खर्च हुई है। सांसद शंकर लालवानी के अनुसार अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं और रेलवे की समीक्षा बैठकों में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा है।    प्रोजेक्ट से फायदा यह फायदा – इंदौर से मुंबई और दक्षिण भारत के यात्रा समय में कमी आएगी। – भोपाल और इटारसी के व्यस्त मार्ग (घाट सेक्शन बुदनी से बरखेड़ा ) को बायपास कर बुधनी को इंदौर से सीधे जोड़ना। – यह रेल लाइन बुधनी के मौजूदा यार्ड से शुरू होकर इंदौर के पास पश्चिम रेलवे के मांगलिया गांव स्टेशन से जुड़ेगी। – रेल लाइन सीहोर, देवास एवं इंदौर जिलों को जोड़ेगी। किसानों को अपनी उपज बड़े शहरों तक लाने में आसानी होगी। – यह रेललाइन नसरुल्लागंज, खातेगांव और कन्नौद जैसे कस्बों व गांवों को जोड़ेगी। इन क्षेत्रो में अभी वर्तमान में कोई रेल संपर्क नहीं हैं।