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बुंदेली रंग में रंगा ओरछा, खजरी मुकुट के साथ श्रीराम राजा सरकार का उत्सव

 ओरछा   शिखर पर धर्मध्वज फहराने के साथ मंगलवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि (Ayodhya Ram Mandir) के मंदिर की पूर्णत: का उल्लास बुंदेलखंड की अयोध्या कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के ओरछा स्थित श्रीराम राजा सरकार की बरात में भी दिखा। यहां खजरी का मुकुट लगाकर ठेठ बुंदेली अंदाज में निकले श्रीराम राजा सरकार को निहारने के लिए दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ आतुर दिखी। बुंदेली गीतों से हर द्वार पर तिलक हुआ पालकी के एक ओर छत्र तथा दूसरी ओर चंवर था, जिसे देखकर बुंदेली वैभव की याद ताजा हो गई। बरात में सभी परंपरागत रस्में निभाई गईं। बुंदेली गीतों से हर द्वार पर तिलक हुआ। महिलाओं ने मंगल कलश सजाए। बरात में राजसी प्रतीक चिह्न पंखा, तिकोना, छड़ी व मशाल सरकार की पालकी के साथ रहे। श्रीराम राजा सरकार छोटे भाई लक्ष्मण के साथ पालकी में विराजे। पुलिस के जवानों ने सशस्त्र सलामी दी बुंदेली लोकरीति के बीच मंगलवार शाम श्रीराम राजा सरकार राजसी ठाटबाट के साथ हाथी, घोड़ा, ढोल नगाड़ा, बैंड-बाजे, ध्वज पताका के साथ सियाजी से शादी करने बरात लेकर जनकपुर के लिए निकले। सबसे पहले श्रीराम राजा मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस के जवानों ने दूल्हा सरकार की मंदिर से निकासी के मौके पर उन्हें सशस्त्र सलामी दी। फूलों की वर्षा कर स्वागत वंदन मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित रमाकांत शरण महाराज और पुरोहित पंडित वीरेंद्र कुमार बिदुआ ने कलेक्टर जमुना भिडे के साथ वैदिक विधि से पूजन कर दूल्हा सरकार को उनके भाई लक्ष्मण सहित पालकी में विराजमान कराया। इसके बाद बरात हजारों राम भक्तों और ढोल-नगाड़ों के साथ नगर भ्रमण के लिए निकली। लोगों ने घर-घर मंगल कलश सजाकर दूल्हा बने श्रीराम राजा सरकार का फूलों की वर्षा कर स्वागत वंदन किया।  

एक दिसम्बर को प्रदेश में होगा गीता जयंती का भव्य आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एक दिसम्बर को प्रदेश में होगा गीता जयंती का भव्य आयोजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को खजुराहो में होगी मंत्रि-परिषद की बैठक 8-9 दिसम्बर को विभिन्न विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों और आगामी कार्य योजनाओं पर खजुराहो में होगी चर्चा बुंदेलखंड के विकास और केन-बेतवा लिंक परियोजना को समर्पित होगी यह पहल प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा लागू श्रम कानूनों की नवीन व्यवस्था से उद्योग और व्यापार जगत को मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रम कानून के संबंध में लिए गए फैसले के लिए मंत्रि-परिषद की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग व्यापार के लिए यह अद्भुत कला है, श्रम से संबंधित 44 कानून की बजाय केवल 4 कानून की व्यवस्था से उद्योग व्यापार जगत को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। यह कानून पूरे देश में एक साथ लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो में 8 और 9 दिसंबर को विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी‍। इसमें विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों, आगामी वर्षों के प्रमुख लक्ष्यों, चुनौतियों और कार्य योजनाओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही 9 दिसंबर को मंत्री परिषद की बैठक खजुराहो में होगी। यह गतिविधि केन बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड के विकास को समर्पित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में जन्मी मादा चीता "मुखी" द्वारा 5 शावकों को जन्म देना बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम हेली पर्यटन सेवा और प्रदेश में औद्योगिक तथा निवेश गतिविधियों के विस्तार के लिए हैदराबाद में हुए रोड-शो की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने एक दिसंबर से आरंभ होने वाले गीता जयंती समारोह के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्ष की भांति एक दिसम्बर को गीता जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। कुरूक्षेत्र में 24 नवम्बर से एक दिसम्बर की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश द्वारा भाग लिया जा रहा है। इसमें जय कृष्णा नृत्य नाट्य,  कृष्ण लीला, कृष्णायन, जनजातीय एवं लोकनृत्य, चित्र प्रदर्शनी इत्यादि विभिन्न कार्यक्रम होगें। प्रदेश के 313 विकासखण्डों, 55 जिला मुख्यालय एवं 10 संभागों में कृष्ण परंपरा के आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख गीता प्रेमी मद् भागवत गीता के 15 वें अध्याय के श्लोक का सस्वर पाठ करेंगे। कार्यक्रमों में गीता ज्ञान प्रतियोगिता, कृष्णायन-नृत्य नाटिका आदि का भी प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश के अंतर्गत हैदराबाद में 22 नवम्बर को हुई उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 10 कम्पनियों की ओर से 36 हजार 600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे लगभग 27 हजार 800 नये रोजगार सृजित होंगे। प्रदेश में एजीआई ग्रीनपैक कम्पनी द्वारा पैकेजिंग इंजीनियरिंग सेक्टर में 1500 करोड़ रुपये, एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में 29 हजार 500 करोड़ रुपये, अनंत टेक्नालॉजीज कम्पनी द्वारा एयरो स्पेस सेक्टर में एक हजार करोड़, ऑटोमेटस्की सॉल्यूशंस कम्पनी द्वारा आईटी सेक्टर में एक हजार करोड़, कोलावेरी इंक कम्पनी द्वारा फार्मा एण्ड ट्रेडिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव‍दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हैदराबाद में ग्रीनको कम्पनी के मुख्यालय का दौरा भी किया। यह कम्पनी प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा काम कर रही है। ग्रीनको ने पिछले 10 वर्षों में 3 हजार मेगावॉट क्षमता वाले नवकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किए हैं। आने वाले समय में कंपनी द्वारा 5 वर्षों में 25 हजार करोड़ के निवेश की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत में जन्मी मादा चीता 'मुखी' द्वारा 5 शावकों को जन्म देने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि प्रदेश में चीता अफ्रीका से लाये गये थे। उनकी भारत में जन्मी अगली पीढ़ी ने शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि भारतीय वनों में चीता प्रजाति के अनुकूलन का महत्वपूर्ण संकेतक है। यह भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक संभावनाओं का एक मजबूत संकेतक है। इससे देश में जैव विविधता के संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हो रहे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिये यह गौरव का विषय है। उन्होंने मंत्रि-परिषद के साथियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक नवम्बर को पीएम पर्यटन हेली सेवा के शुभारंभ से प्रदेश ने हवाई पर्यटन के एक नए युग में प्रवेश किया है। इससे यात्रा अब अधिक तेज, सुरक्षित, किफायती और सुगम होगी। इस सेवा का नियमित संचालन 20 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। इससे धार्मिक, वाईल्ड लाइफ और वेलनेस सेक्टर में हवाई कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। धार्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर उज्जैन ओंकारेश्वर के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। श्रद्धालु एक ही दिन में भगवान महाकाल और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंग के दर्शन कर सकेंगे। वेलनेस सेक्टर के अंतर्गत भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। वाइल्डलाईफ सेक्टर के अंतर्गत जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, अमरकंटक, कान्हा, बांधवगढ़ से हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन किया जा रहा है।  

छात्रों का गुस्सा, सीहोर वीआईटी कॉलेज में खाने-पानी और अन्य समस्याओं को लेकर हंगामा

सीहोर मध्य प्रदेश के सीहोर में देर रात वीआईटी कॉलेज में छात्रों द्वारा भोजन एवं पानी की गुणवत्ता सहित अन्य समस्याओं को लेकर जमकर बवाल हुआ। बवाल ओर विरोध के दौरान छात्रों की ओर से कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ एवं आगजनी भी की गई। इस दौरान हज़ारों छात्रों ने जमकर हंगामा मचाया। और कॉलेज परिसर में बस और कारों में आग लगा दी। वहां खड़ी एम्बुलेंस में भी तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर 5 थानों से पुलिस बल को बुलाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, आष्टा, एसडीओपी आष्टा, तथा आष्टा, जावर, पार्वती, कोतवाली सहित अन्य थानों से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों की ओर से छात्रों से विस्तृत चर्चा करते हुए उनके मुद्दे सुने गए तथा समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। सीहोर जिले के आष्टा के ग्राम कोठरी में स्थित वीआईटी कॉलेज में 4 हजार छात्रों ने हंगामा कर दिया। छात्रों का आरोप प्रदर्शन भोजन और पानी की खराब गुणवत्ता को लेकर है। उनका कहना है कि कॉलेज में घटिया पानी और खाने के कारण कई छात्रों को पीलिया हो गया है। कुछ की तो मौत हो गई। आरोप है कि 100 से अधिक छात्र आष्टा, सीहोर और भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। जब छात्रों ने आवाज उठाई तो गार्ड ने छात्रों से पिटाई कर दी,गार्ड ओर छात्रों की बीच हुई मारपीट के बाद हालात बिगड़ गए। छात्रों का आरोप है कि घटिया पेयजल और भोजन के कारण पीलिया से पीड़ित हो रहे हैं। हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने 30 नवंबर तक अवकाश घोषित कर दिया है। भोपाल वीआईटी यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार केके नायर ने वीडियो जारी कर खबरों को भ्रामक बताया है और कहा है कि विश्वविद्यालय में पीलिया से मौतों की अफवाहें पूरी तरह निराधार और गलत हैं। किसी भी छात्र की मौत नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार छात्रों ने शिकायत की है कि जब उन्होंने अव्यवस्थाओं के खिलाफ विरोध किया, तो हॉस्टल के वार्डन और गार्ड्स ने उनके साथ मारपीट की। चुप रहने के लिए दबाव बनाया। यूनिवर्सिटी में बात करने पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिससे छात्रों का गुस्सा भड़क गया। इस मामले में कॉलेज प्रबंधन कुछ भी नहीं बोल रहा है, लेकिन जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार कई विद्यार्थी पीलिया रोग से पीड़ित हो गए थे जिन्हें चुपचाप कॉलेज प्रबंधन ने भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती कर दिया था। कॉलेज के विद्यार्थियों ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है की घटिया पेयजल और भोजन के कारण विद्यार्थी बीमार हो रहे हैं मैनेजमेंट ध्यान नहीं दे रहा है मिली जानकारी के अनुसार वीआईटी कॉलेज परिसर में लगभग 4000 छात्रों द्वारा भोजन एवं पानी की गुणवत्ता को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने यह भी शिकायत की कि कॉलेज मैनेजमेंट/हॉस्टल प्रबंधन द्वारा उनके साथ अनुचित व्यवहार कर मारपीट की गई है। विरोध के दौरान परिसर में व्यापक तोड़फोड़ की गई, जिसमें एक बस, दो चारपहिया वाहन, एक एम्बुलेंस, हॉस्टल के खिड़कियों के शीशे, एक आरओ प्लांट, तथा परिसर के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही कोतवाली, मंडी तथा अन्य थानों से पर्याप्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से छात्रों से संवाद कर उन्हें शांत किया गया तथा उनकी शिकायतों के समाधान हेतु प्रबंधन से चर्चा कराए जाने का आश्वासन दिया गया। परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है। आष्टा के एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि वर्तमान में कॉलेज एवं हॉस्टल परिसर की स्थिति पूर्णतः सामान्य एवं नियंत्रण में है। परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है तथा स्थिति पर सतत् निगरानी रखी जा रही है। बुधवार छात्रों एवं कॉलेज प्रबंधन के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। कॉलेज प्रबंधन द्वारा छुट्टी घोषित की गई है। एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है। वीआईटी में 30 नवंबर तक अवकाश किया है। कुछ बच्चे अपने घर जा रहे हैं। वीआईटी में सभी हॉस्टल के बच्चों से अपनी समस्याओं का आवेदन एवं बीमार बच्चों की जानकारी एसडीएम एवं एसडीओपी आष्टा की ओर से ली जाएगी।

CM डॉ. यादव के निर्देश पर रायसेन SP को पुलिस मुख्यालय में किया गया अटैच

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर एसपी रायसेन को किया पुलिस मुख्यालय अटैच मुख्यमंत्री ने पुलिस हैडक्वार्टर पहुँचकर वरिष्ठ अधिकारियों की ली बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार की शाम पुलिस मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की और किसी भी आपराधिक तत्व को न छोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले में हुई अपराधिक घटना के मामले में गिरफ़्तारी की कार्यवाही न होने पर अप्रसन्नता ज़ाहिर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडीदीप में चक्का जाम पर पुलिस की कार्रवाई पर नाराज़गी ज़ाहिर की। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक रायसेन को मुख्यालय अटैच करने के निर्देश और मिसरोद थाना प्रभारी को हटाने के निर्देश दिये। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और शीघ्र उसे गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश     पुलिस सड़कों पर उतरे।     किसी अपराधी को छोड़े नहीं, कठोर कार्रवाई करें।     नियमित गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ायें।     अपराधियों के प्रति ढिलाई किसी हालत में बर्दाश्त नहीं होगी।     निरीक्षण करें, लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ करें कारवाई। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित एडीजी इन्टेलीजेंस, पुलिस कमिश्नर भोपाल और अधिकारी उपस्थित रहे।  

मध्यप्रदेश में शिक्षकों के लिए खुशखबरी! छुट्टियों में 10 दिन का इजाफा, नए नियम नए साल से प्रभावी

भोपाल प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हित में जल्द ही तीन बड़े कदम उठाने जा रही है। साढ़े चार लाख से अधिक शिक्षकों को वर्ष में दस दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। वहीं, सेवानिवृत्ति के बाद शत-प्रतिशत अर्जित अवकाश के नकदीकरण की सुविधा भी मिलेगी। सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की शर्त भी हटाई जा रही है। जनवरी 2026 से यह प्रविधान लागू हो जाएंगे। सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अभी अर्जित अवकाश की सुविधा नहीं मिलती है। एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश ग्रीष्मावकाश मिलने के कारण यह प्रविधान रखा गया था। धीरे-धीरे ग्रीष्मावकाश कम होते गए और अब ये दो माह से घटकर 20-22 दिन ही रह गए हैं। शिक्षक लंबे समय से अर्जित अवकाश का लाभ देने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 के स्थान पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 तैयार किए हैं। इसमें शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता दी गई है।   स्वेच्छिक और साप्ताहिक अवकाश के नियम में भी संशोधन इसके साथ ही यह प्रविधान भी किया जा रहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद जितने अर्जित अवकाश शेष होंगे, उनका भी नकदीकरण किया जाएगा। पूरे सेवाकाल में पहले 240 दिन के नकदीकरण की सुविधा थी, जिसे बढ़ाकर 300 दिन किया गया है। जटिल प्रक्रिया होने के कारण इसका पूरा लाभ ही नहीं मिल पाता था। उधर, स्वेच्छिक अवकाश और साप्ताहिक अवकाश के नियम में भी संशोधन प्रस्तावित है। अभी शासकीय कार्यालय पांच दिन लगते हैं। शनिवार को अवकाश रहता है। कोरोनाकाल में प्रारंभ हुई इस व्यवस्था के स्थान पर दूसरे और तीसरे शनिवार को कार्यालय लगाने का प्रविधान बहाल किया जा सकता है। 24 साल बाद दो बच्चे की पाबंदी हटेगी उधर, सरकार एक और बड़ा निर्णय यह करने जा रही है कि यदि नौकरी कर रहे किसी अधिकारी-कर्मचारी का तीसरा बच्चा होता है तो उसे अपात्र मानकर सेवा से हटाया नहीं जाएगा। 26 जनवरी 2001 में तीसरा बच्चा होने पर अपात्र मान लेने की शर्त लागू की गई थी। दरअसल, छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित अन्य राज्य इस तरह की शर्त को हटा चुके हैं। इस निर्णय से स्कूल, उच्च, चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को लाभ होगा। जिन पर कार्रवाई हो चुकी, उन्हें राहत नहीं मिलेगी हालांकि जिन पर कार्रवाई हो चुकी है, उन प्रकरणों में कोई राहत नहीं मिलेगी क्योंकि निर्णय को भूतलक्षी प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है, जिस पर जल्द अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

गांवों का विकास पंचायतों की शक्ति से— उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बड़ा बयान

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि किसी भी शासकीय अभियान की सफलता में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास अभियानों में धुरी बनकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, सिंचाई विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में पाइपलाइन, टंकियों एवं फ़िल्टर प्लांटों का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे ‘नल से जल’ अब एक वास्तविकता बन चुका है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित 'आत्मनिर्भर पंचायत–समृद्ध मध्यप्रदेश' थीम आधारित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शामिल हुए। उन्होंने वॉटरशेड जनभागीदारी कप प्रोत्साहन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को पुरस्कृत किया तथा प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव एवं अपेक्षाओं को सुना। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में एक हैंडपंप लगना भी बड़ी उपलब्धि माना जाता था, लेकिन आज प्रदेश की पंचायतों में पाइपलाइन और जल शोधन संयंत्रों का निर्माण यह दर्शाता है कि विकास की रफ्तार किस दिशा में बढ़ी है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायत प्रतिनिधि स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता संबंधी राष्ट्रीय मिशनों में अग्रणी भूमिका निभाएँ। निरोगी काया अभियान, एनीमिया एवं कुपोषण उन्मूलन, टीबी मुक्त भारत अभियान जैसे मिशनों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था केवल अधिकार का नहीं, बल्कि समन्वय, संवेदनशीलता और कर्तव्य का विषय है। 15वें वित्त आयोग एवं पंचम वित्त आयोग से प्राप्त संसाधनों का उपयोग पारदर्शी एवं योजनाबद्ध ढंग से किया जाए, जिससे पंचायतें आत्मनिर्भर और सक्षम बन सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आग्रह किया कि जनप्रतिनिधि नियमित बैठकों, स्थायी समितियों, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनहित के निर्णयों को प्राथमिकता दें।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी! एक OTP में हो जाएगी Tatkal टिकट की बुकिंग

भोपाल भारतीय रेलवे ने यात्री तत्काल आरक्षण प्रणाली में बड़े बदलाव की शुरुआत की है। अब आरक्षण काउंटर से भी तत्काल टिकट बनवाने के लिए यात्री के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। यह ओटीपी बताने के बाद ही तत्काल टिकट जारी होगा। इसकी प्रायोगिक शुरुआत रानी कमलापति से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस से हो गई है। यह ट्रेन देश की पहली ऐसी ट्रेन बन गई है जिसमें ओटीपी आधारित आरक्षण शुरू किया गया है। एक ही तत्काल टिकट बुक हो पाएगा रेल अधिकारियों के मुताबिक इस नई व्यवस्था से ऐसे एजेंटों की भीड़ कम होगी जो काउंटर खुलते ही कई टिकटों की बुकिंग करने लगते थे। ये टिकट वे भारी कमिशन पर मजबूर यात्रियों को बेचते। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक मोबाइल नंबर से एक समय में सिर्फ एक ही तत्काल टिकट बुक हो पाएगा। इससे यात्री की असली पहचान सुनिश्चित होगी। इससे टिकटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और तत्काल बुकिंग में होने वाला फर्जीवाड़ा रुक जाएगा।   लगभग 130 ट्रेनें होती हैं संचालित अब शताब्दी एक्सप्रेस की कुल 1500 सीटों में से 30 फीसदी यानी 450 सीटें अब ओटीपी-आधारित तत्काल कोटे में शामिल हैं। रानी कमलापति और भोपाल स्टेशन से प्रतिदिन 550-600 तत्काल टिकट बनाए जाते हैं, जबकि इन स्टेशनों से लगभग 130 ट्रेनें संचालित होती हैं और 10-30 फीसदी यात्री तत्काल टिकट पर यात्रा करते हैं। बताया जा रहा कि यह प्रयोग सफल रहा तो देश भर की दूसरी ट्रेनों के आरक्षण में भी ओटीपी प्रणाली लागू की जाएगी। एजेंटों का वर्चस्व बड़ी चुनौती तत्काल टिकट आरक्षण में एजेंटों का वर्चस्व तोड़ना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती रही है। तत्काल टिकट काउंटर खुलने से पहले एजेंटों की लंबी लाइन लग जाती थी, जिसकी वजह से आम यात्रियों को टिकट मिलने में दिक्कत होती थी और कई बार उन्हें एजेंटों के जरिए महंगे दाम पर टिकट लेना पड़ता था। अब यात्रियों को प्राथमिकता देने के लिए ऑनलाइन भी एजेंट सुबह 10:00-10:30 बजे तक एसी क्लास और 11:00-11:30 बजे तक नान-एसी क्लास के टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। ओटीपी आधारित आरक्षण व्यवस्था लागू होने से कॉल टिकटिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी। टिकटों की अवैध खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी और सामान्य यात्रियों के लिए तत्काल टिकट प्राप्त करना अधिक आसान हो जाएगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल

धीरेंद्र शास्त्री की पहल: 300 लड़कियों के विवाह के लिए 1 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन, 15 फरवरी को होगा महोत्सव

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. वे अपनी कथाओं, बयानों, यात्रा सहित हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर चर्चा में रहते हैं. इस बार धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर एक अच्छी खबर दी है. जहां उन्होंने गरीब बेटियों की शादी कराने की घोषणा करते हुए रजिस्ट्रेशन की तारीख बताई. बागेश्वर् बाबा ने इस आयोजन में जुड़ने की सभी से अपील की. धीरेंद्र शास्त्री कराएंगे 300 बेटियों का विवाह सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में हर साल शिवरात्रि के दिन सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इस महोत्सव के माध्यम से उन गरीब बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाता है, जो बेसहारा, मातृ पितृहीन, अर्थहीन हैं. 15 फरवरी 2026 को होने वाले इस महोत्सव में 300 बेटियों को वैवाहिक बंधन में बांधा जाएगा. 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच बेटियों के रजिस्ट्रेशन होंगे. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव के संबंध में बताया कि "इस साल 300 बेटियों का विवाह करने का निर्णय लिया गया है. विवाह के लिए 1 दिसंबर से शुरु है रजिस्ट्रेशन 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच धाम के कार्यालय नंबर-5 में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चलेगी. इस महोत्सव में उन बेटियों के विवाह किए जाते हैं, जो बेसहारा, अत्यंत निर्धन परिवार, मातृ-पितृ हीन हैं. उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम में आने वाले दान से बेटियों का विवाह किया जाएगा. बागेश्वर बाबा ने कहा कि अगर देशभर के मंदिरों की दान पेटियों से बेटियों का घर बसने लगेगा, तो मानस मंदिर भी घर-घर बनने लगेगा है. इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से इस आयोजन से जुड़ने की अपील की. लोगों से सही डॉक्यूमेंट्स लाने की अपील उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जो भी रजिस्ट्रेशन कराने आएगा, वह पूरी तरह से सही दस्तावेज लेकर आए. बागेश्वर धाम की टीम घर-घर जाकर उनकी जांच करेगी. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा जितने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी बात पहुंचेगी, उतने ही जरुरतमंद की मदद होगी. 15 फरवरी को बागेश्वर धाम में बड़ा महोत्सव होगा. जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुंचेंगे.

RSS नेता के बयान के बाद MP में 2 बच्चे की नीति पर उठा सवाल, कानून में बदलाव की संभावना

भोपाल  बच्चे तीन भी अच्छे… राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान मध्यप्रदेश के 400 से अधिक सरकारी सेवकों के लिए संजीवनी लेकर आने वाला है। ये वे शासकीय सेवक हैं, जिनके घरों में कई कारणों से तीन संतानें पैदा हुईं। तब से उन्हें नौकरी जाने का खतरा सता रहा है। कई की तो विभाीय जांच भी चल रही है। कुछ को बड़े अफसर या विरोधी बार-बार धमका रहे हैं। संघ प्रमुख के बयान के बाद अफसर-कर्मचारी दो बच्चों(Two child law) से ज्यादा पैदा नहीं करने वाली सरकारी बंदिश हटाने की गुहार लगा रहे हैं। सरकार ने इस आधार पर प्रस्ताव तैयार किया है। एक दौर की चर्चा के बाद ये बंदिश हटाई जा सकती है। इसके बाद इन 400 से अधिक शासकीय सेवकों की नौकरी से संकट टल जाएगा। राज्य के 12 लाख शासकीय, संविदाकर्मी और विभिन्न सेवाओं के शासकीय सेवक बड़ा परिवार करना चाहेगा, वे भी कानूनी पेंच से बच जाएंगे।  मोहन भागवत का बयान देश की जनसंख्या नीति 2:1 बच्चों की है। एक परिवार में 3 बच्चे होने चाहिए। हर नागरिक को सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके परिवार में 3 बच्चे हों। (संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 28 अगस्त को आरएसएस के शताब्दी समारोह में कहा था।) दिग्विजय सरकार में लागू हुआ था दो बच्चों वाला नियम 24 साल पहले जनसंख्या नियंत्रण की चुनौतियां देख कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह की सरकार ने 2001 में मप्र सेवा भर्ती सामान्य शर्ते नियम 1961 के नियम में बदलाव किया था। इसके तहत शासकीय सेवकों के लिए दो(Two child law) से ज्यादा बच्चों पर बंदिशें लगा दी थी। नियमों के बाद भी इसलिए हुए 3 बच्चे एक शासकीय सेवक ने बताया, वह 2005 में सेवा में आया। उन्हें 2001 के नियम की जानकारी नहीं थी। जब तक पता चला, ३ बच्चों के पिता बन गए। बाद में कुछ विरोधियों ने शिकायतें कीं। शासकीय सेवक, इसलिए भी पशोपेश में     कुछ कर्मचारी दंपती की दो संतानें थीं। दोनों रिकॉर्ड में आ गए, लेकिन बाद में इनमें से एक की मौत हो गई। वे दूसरी संतान चाहते हैं, पर नियम नियम आड़े आ रहा है।     कोरोनाकाल में ऐसे कई प्रकरण हुए हैं, लेकिन ऐसे मामलों में किसी तरह की कोई छूट नहीं है। खतरे की घंटी… विदेशों की तरह मप्र में एक संतान का चलन बढ़ रहा विदेशों की तरह मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भी एक संतान का चलन जोर पकड़ने लगा है। कई परिवार ऐसे हैं, जो एक ही संतान पैदा कर रहे हैं। ऐसे ही दंपत्ति ने पत्रिका को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले की तुलना में चुनौतियां बहुत बढ़ गई हैं, इसलिए एक ही बच्चे को जन्म दिया है। उसकी बेहतर परवरिश करने का प्रयास कर रहे हैं। विदेश से जुड़े मामलों के जानकार एवं पूर्व वन अधिकारी आरके दीक्षित का कहना है कि कई देशों में भी यह चलन तेजी से बढ़ा है, वहां भी सरकारों को जनसंख्या बढ़ोतरी के लिए प्रोत्साहन तक देना पड़ रहा है। विशेष कर इटली और जापान की आबादी बड़ी तेजी से घट रही है। यहां भी इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मंत्री टेटवाल ने कहा- ग्लोबल स्किल पार्क के प्रशिक्षित विद्यार्थी देश-दुनिया में कर रहे हैं संस्थान का नाम रोशन

341 विद्यार्थियों में 90 प्रतिशत विद्यार्थियों का हुआ प्लेसमेंट भोपाल  हमारे प्रशिक्षु अब केवल चुनौतियों का सामना करने वाले युवा नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और नवाचार से परिपूर्ण नागरिक बन चुके हैं, जो राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार हैं। संस्थान और राज्य सरकार मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'कुशल भारत-समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने के लिये युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। यह बात कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने मंगलवार को संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क के 2024 बैच के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के परिश्रम, क्षमता और उपलब्धियों का सम्मान है।    मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द मोदी के नेतृत्व में कौशल-आधारित विकास की जो सशक्त परिकल्पना सामने आई है, उसने युवाओं में आत्मविश्वास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की नई ऊर्जा जगाई है। उन्होंने बताया कि  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में कौशल विकास को नई पहचान मिली है और यह विश्वास मजबूत हुआ है कि सक्षम युवा ही प्रदेश को प्रगति के शिखर पर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, अत्याधुनिक सुविधाएँ और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध हों और ग्लोबल स्किल्स पार्क इसी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, इंडस्ट्री-लिंक्ड कोर्स, डिजिटल सुविधाएँ और प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता मिलकर विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्षमता प्रदान करती हैं। समारोह में मंत्री डॉ. टेटवाल ने संस्थान के प्रशिक्षार्थियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, इंडस्ट्री 4.0, ऊर्जा प्रणालियाँ, प्रैक्टिकल इंजीनियरिंग और व्यवहारिक कौशल जैसे क्षेत्रों में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क के अनेक विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में अवसर प्राप्त हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, जो प्रदेश की आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ संकेत है। उन्होंने गीता के ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ का उल्लेख करते हुए युवाओं से कहा कि आज की दुनिया निरंतर बदल रही है और ऐसे समय में सतत सीखना उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि उनका कौशल तकनीक के साथ लगातार अपडेट होना चाहिए तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखना चाहिए। मंत्री श्री टेटवाल ने प्रशिक्षकों, संकाय सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी टीम के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क की उत्कृष्टता पूरे दल की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने संस्थान को सुझाव दिया कि उद्योग जगत की आवश्यकताओं और बदलती तकनीक के अनुरूप अल्पावधि के कोर्स भी नियमित रूप से संचालित किए जाएँ, जिससे विद्यार्थियों की अप-स्किलिंग सुचारु रूप से होती रहे। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क के प्रशिक्षित विद्यार्थियों का देश और प्रदेश के साथ ही विश्व की प्रतिष्ठित कंपनियो में भी प्लेसमेंट हो रहा है। उन्होंने बताया कि यहां से प्रशिक्षित 11 विद्यार्थी अबु धाबी में जॉब कर रहे है। यह एशिया का विश्वस्तरीय संस्थान है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क परिवार से जुड़ने वाला हर युवा जीवनभर इस परिवार का अभिन्न सदस्य बना रहता है। इस अवसर पर 2024-2025 सत्र में उत्कृष्ट समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन हेतु चयनित प्रशिक्षु को मिनिस्टर मेडल अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद विभिन्न ट्रेडों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अन्य प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और विशेष सम्मान प्रदान किए गए। कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ‌द्वारा विद्यार्थियों को वर्चुअल शुभकामना संदेश दिये गये, जिसमें उनके अनुभव, सुझाव और मार्गदर्शन ने उपस्थित प्रशिक्षुओं को नई ऊर्जा और दिशा दी। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने वर्चुअल शुभकामना संदेश एवं बधाई दी। ग्लोबल स्किल पार्क की विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाओं की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर व सफल करियर हेतु प्रेरित किया। ग्लोबल स्किल पार्क मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने कहा कि आज जो विद्यार्थी यहाँ से आगे बढ़ रहा है, वह हमारे परिवार का हिस्सा है। हमारा विश्वास है कि ये बच्चे सिर्फ भविष्य नहीं बदलेंगे, बल्कि नए अवसरों और नई ऊँचाइ‌यों की मिसाल बनेंगे। हम सभी उन्हें उनके उज्ज्वल, सफल और सशक्त भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपने अपने सत्र के अनुभव साझा किए और कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क में उन्हें समस्या खोजने वाला नहीं, बल्कि समाधान प्रस्तुत करने वाला बनने की सोच विकसित हुई। वि‌द्यार्थियों ने संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, उद्‌द्योग-संलग्न व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुशासित एवं सहयोगी शिक्षण वातावरण तथा मार्गदर्शक संकाय की सराहना की। परिणामस्वरूप आज यहाँ के अधिकांश छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक कार्यरत हैं।