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मध्यप्रदेश में कोदो-कुटकी की MSP पर खरीदी का आगाज़, 15 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू

 जबलपुर  मध्य प्रदेश सरकार पहली बार किसानों से कोदो-कुटकी खरीदेगी। इसकी शुरुआत जबलपुर के कुंडम तहसील से हो रही है। 15 सितंबर से सरकार को फसल बेचने वाले किसानों का पंजीयन शुरू हो गया है। कुंडम तहसील में करीब सात हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने कोदो-कुटकी की खेती की है।सीएम ने कहा कि इस कृषि उत्‍पाद को देश के साथ-साथ विदेश में भी पहुंचाया जाएगा. उन्‍होंने धान उत्‍पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रुपये बोनस देने की बात भी कही. प्रशासन ने यह जिम्मा कृषि विभाग को सौंपा है। जिसके बाद विभाग, किसानों से फसल खरीदने के लिए एफपीओ चयनित करेगा। पहले चरण में सिर्फ एक एफपीओ, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को यह काम दिया जाएगा। कृषि विभाग के उपसंचालक डॉ. एसके निगम ने बताया कि खरीदी में प्रदेश सरकार पारंपरिक पब्लिक-प्रोक्योरमेंट यानी धान, गेहूं जैसी खरीदी नहीं करेगा, बल्कि सरकार इसमें केवल व्यवस्था का समन्वय करेगी, जबकि खरीदे गए अनाज का भुगतान अन्न फेडरेशन कंपनी, भोपाल द्वारा किया जाएगा। राघवेंद्र सिंह (कलेक्टर जबलपुर) के अनुसार, इस बार जिले के कुंडम तहसील में किसानों से कोदो और कुटकी की खरीदी करने जा रहे हैं। एफपीओ के माध्यम से खरीदी होगी, जिसके लिए पंजीयन सोमवार से शुरू हो गया है। सरकार हर एक किलो पर 10 रुपये का समर्थन मूल्य भी देगी। देश में पहली बार ऐसा हो रहा यह देश में संभवत: पहली बार हो रहा है कि सरकार अनाज की खरीदी किए बगैर किसानों को बोनस देने जा रही है। सरकार का बोनस देने का मकसद प्रदेश में आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक किसानों को कोदी-कुटकी की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गत 3 जनवरी को जबलपुर में हुई कैबिनेट की बैठक में रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई थी। योजना में मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहन देने और किसानों से उचित दाम पर इसकी समरीदी का कार्य किया जाना है। बैठक में मिलेट्स का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रति किलो 10 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद सरकार ने मिलेट्स की खरीदी से लेकर इसके प्रसंस्करण, ब्रांडिंग व मार्केटिंग के लिए मिलेट्स फेडरेशन का गठन किया। कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में कोदो- कुटकी की बुवाई की गई है। मिलेट्स फेडरेशन को राजस्व विभाग से इसका फाइनल आंकड़ा मिलना बाकी है। इस तरह कोदो-कुटकी के रकबे के आधार पर सरकार किसानों को प्रति विटेयर 3900 रुपए के हिसाब से करीब 40 करोड़ का बोनस देगी। सचिव कृषि विभाग एम, सेलवेदन का कहना है कि जल्द ही किसानों के खाते में बोनस की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसकी तैयारी की जा रही है।

अब फर्जीवाड़े में फंसे अनवर कादरी: महिला की संपत्ति बेचने पर दर्ज हुई FIR

इंदौर   खजराना थाना पुलिस ने लगभग 20 साल पुराने एक संपत्ति धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी अनवर कादरी को गिरफ्तार कर लिया है। जूनी इंदौर की रहने वाली पीड़िता जोहरा बी की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। सोमवार को पुलिस ने आरोपी अनवर कादरी को पांच दिन के प्रोडक्शन वारंट पर रिमांड पर लिया है, जिससे मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के बारे में पूछताछ की जाएगी। टीआई मनोज सेंधव ने बताया कि अनवर कादरी से विस्तृत पूछताछ जारी है। किराएदार ने फर्जी मुख्तयारनामे से हड़पा मकान पीड़िता जोहरा बी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि यह मकान उनके माता-पिता का था और उनकी किराएदार समीना बी उर्फ किरण ने इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। समीना ने एक फर्जी 'मुख्तयारनामा' (पॉवर ऑफ अटॉर्नी) तैयार करवाया, जिसके आधार पर मुख्य आरोपी अनवर कादरी ने 1 नवंबर 2006 को मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। इस फर्जीवाड़े में साजिद खान, मोहम्मद फारूख, सईद मोहम्मद, शादाब खान और जहूर मोहम्मद भी शामिल थे। बाद में आरोपियों ने मकान किसी और को बेच दिया। अलमारी से चुराए थे असली दस्तावेज जोहरा बी के अनुसार, शादी के बाद वह अपने माता-पिता के इस घर में ज्यादा नहीं रह पाती थीं। इसी बात का फायदा उठाकर किराएदार समीना ने अलमारी से मकान के मूल दस्तावेज चुरा लिए। इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पूरी साजिश रची गई, जिसका मुख्य सूत्रधार अनवर कादरी था। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि सभी आरोपियों को पकड़ा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि फर्जी दस्तावेज कहां और कैसे तैयार किए गए।  

देश के लिए शहीद, पहचान में लगे 19 दिन: सूबेदार दिलबाग सिंह को दी गई सम्मानजनक विदाई

रतलाम   भारतीय सेना की डिफेंस सिक्योरिटी कोर (डीएससी) इकाई के ट्रेनी सूबेदार (46) दिलबाग सिंह, निवासी अमृतसर (पंजाब), लापता नहीं हुए थे बल्कि उनकी मौत चलती ट्रेन से गिरने से हुई थी। यह हादसा 19 दिन पहले मुंबई-दिल्ली रेल मार्ग पर रतलाम से करीब 80 किलोमीटर दूर लुनी रीछा-विक्रमगढ़ आलोट रेलवे स्टेशन के बीच हुआ था। पहचान न होने की वजह से पुलिस को उनके परिजनों की जानकारी नहीं मिल पाई थी। इधर, घर न पहुंचने से उनकी पत्नी और परिवारजन परेशान होकर उनकी खोजबीन कर रहे थे और गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। बाद में जब शव की पहचान हुई तो 15 सितंबर को आलोट में ही दिलबाग सिंह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के मुताबिक, 28 और 29 अगस्त 2025 की दरमियानी रात डाउन ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई थी। सुबह पुलिस को शव की सूचना मिली। मृतक का चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत था और कोई पहचान संबंधी दस्तावेज भी नहीं मिले थे। इसलिए शव की पहचान न होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया था। 14 सितंबर को दिलबाग सिंह की पत्नी पलकप्रीत को जानकारी मिली कि कुछ दिन पहले आलोट क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला था। वे परिजनों के साथ थाने पहुंचीं। पुलिस ने शव के फोटो दिखाए जिन्हें देखकर परिवार ने मृतक की पहचान दिलबाग सिंह के रूप में की। इसके बाद एसडीएम न्यायालय के आदेश से शव कब्र से निकलवाया गया और परिजनों को सौंपा गया। अगले दिन सेना के महू कैंप से आए अधिकारियों और जवानों की मौजूदगी में दिलबाग सिंह का आलोट स्थित मुक्तिधाम में तिरंगे में लिपटे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ट्रेनिंग से लौट रहे थे घर दिलबाग सिंह ने 17वीं सिखलाई बटालियन में सूबेदार के पद पर 26 साल सेवा की थी और 30 मई 2024 को रिटायर हुए थे। इसके बाद वे फिर से सेना में डीएससी (डिफेंस सिक्योरिटी कोर) में भर्ती हुए। अप्रैल 2025 में वे ट्रेनिंग के लिए केरल के कन्नूर कैंट गए थे और ट्रेनिंग पूरी कर 27 अगस्त को अमृतसर लौटने के लिए रवाना हुए थे। 28 अगस्त की रात तक उनकी पत्नी से फोन पर बात हुई थी। लेकिन 29 अगस्त की सुबह जब पत्नी ने कॉल किया तो फोन उठाने वाले यात्री ने बताया कि दिलबाग सिंह पिछली रात तक पास की सीट पर थे, लेकिन सुबह से दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका सामान वहीं रखा हुआ है। इसके बाद परिजन अलग-अलग शहरों में खोजबीन करते रहे और 14 सितंबर को रतलाम जीआरपी थाने में जानकारी मिलने पर आलोट पहुंचे। पुलिस ने शव का डीएनए टेस्ट भी कराया है और मामले की जांच जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दिलबाग सिंह ट्रेन से कैसे गिरे।                  

स्मार्ट लाइट पर बढ़ती शिकायतें: भोपाल में 358 मामलों ने बढ़ाई टेंशन, जिम्मेदार अफसर तलब होंगे

 भोपाल  लंबे अवकाश के बाद निगमायुक्त हरेंद्र नारायन ने नगर निगम कार्यालय पहुंचते ही सभी विभागों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को लेकर लापरवाही बरत रहे अधिकारियों की कड़ी क्लास ली।दरअसल, 9 सितंबर को हुई महापौर हेल्पलाइन समीक्षा में स्मार्ट लाइट से जुड़ी 358 शिकायतें दर्ज मिली थीं। निगमायुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतें अब भी लंबित इसी तरह भवन अनुज्ञा विभाग में भी हालात गंभीर पाए गए। बीते दिनों इस विभाग में कुल 73 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें जोन 10, 12, 17 और 18 से 26 शिकायतें और जोन 4, 6, 13 और 16 से 23 शिकायतें अब भी लंबित हैं। निगमायुक्त ने आदेश दिया कि जिन विभागों की शिकायतें लंबित हैं, उनके अधिकारियों को माता मंदिर स्थित निगम कार्यालय में तलब किया जाए और मौके पर ही शिकायतों का निपटारा किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में ढिलाई किसी भी अधिकारी को महंगी पड़ेगी। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शिकायतें समय पर नहीं सुलझीं, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मारपीट, एक्सीडेंट या एसिड अटैक: अब चोट के मामलों में जरूरी होंगे फोटो, कोर्ट में पेश करना अनिवार्य

 भोपाल मारपीट, दुर्घटना, एसिड अटैक या किसी भी कारण से होने वाले चोट के मामलों में अब फोटो अनिवार्य साक्ष्य होंगे। पुलिस और मेडिको–लीगल केस (एमएलसी) बनाने वाले डॉक्टर को घायल की चोटों के फोटो लेना जरूरी कर दिया गया है। इन फोटो को न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से पुख्ता प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किया जा सकेगा। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्त, सभी जिलों, रेल और अजाक के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, स्वास्थ्य संचालनालय की ओर से सभी सीएमएचओ को पत्र भेजा जाएगा ताकि एमएलसी तैयार करने वाले डॉक्टर इस नियम का पालन करें। अभी तक फोटो नहीं लेते थे अब तक डॉक्टर अपनी रिपोर्ट में केवल घाव की लंबाई और गहराई लिखते थे, लेकिन फोटो नहीं लेते थे। इस व्यवस्था की आवश्यकता तब महसूस हुई जब झाबुआ जिले के मारपीट मामले में जुलाई 2025 में हाई कोर्ट इंदौर खंडपीठ ने चोट के फोटो न होने पर आपत्ति जताई थी। उस मामले में न तो घायलों को अस्पताल ले जाने वाले पुलिसकर्मी ने फोटो लिए थे और न ही डॉक्टर ने। इसके बाद पुलिस मुख्यालय की सीआईडी शाखा ने आदेश जारी कर दिया कि हर चोट के फोटो सुरक्षित रखे जाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कोर्ट में प्रस्तुत किया जा सके।   

मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज, 24 घंटे का भारी बारिश अलर्ट, कई जिलों में चेतावनी

 भोपाल  मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश का दौर जारी है। सोमवार शाम साढ़े पांच बजे तक कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रायसेन में सबसे ज्यादा 51 मिमी, सतना में 32 मिमी, नर्मदापुरम में 20 मिमी, सिवनी में 18 मिमी और पचमढ़ी में 31 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा 17 अन्य स्थानों पर भी बारिश दर्ज की गई। भोपाल में बारिश राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को तेज बरसात हुई। मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वर्तमान में उत्तरी तेलंगाना और पूर्वी बिहार की ओर हवा के ऊपरी हिस्सों में चक्रवात सक्रिय है, जो 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर बने हुए हैं। इन्हीं सिस्टम की वजह से प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों तक छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, यदि लोकल सिस्टम की एक्टिविटी रही तो कुछ जिलों में तेज पानी गिर सकता है। इससे पहले सोमवार को भोपाल में दिनभर धूप खिलने के बाद शाम साढ़े 5 बजे बादल बरस पड़े। कई इलाकों में आधा घंटा तक तेज बारिश हुई। रायसेन, सतना, मंडला, पचमढ़ी, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, सिवनी में भी बारिश हुई। रायसेन में सबसे ज्यादा 2 इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना में सवा इंच और मंडला-पचमढ़ी में आधा इंच पानी बरसा। राजस्थान से लौट रहा मानसून रविवार को राजस्थान के कई जिलों से मानसून की वापसी हो गई। अगले दो-तीन दिन में पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट सकता है। इसके बाद एमपी से भी मानसून की वापसी होने लगेगी। हालांकि, सितंबर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। एमपी में कोटे से ज्यादा पानी गिरा बता दें कि मध्यप्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 42.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.9 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। इस मानसूनी सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। ग्वालियर, चंबल-सागर की स्थिति सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। अच्छी बारिश वाले 34 में से भोपाल संभाग के चार, जबलपुर संभाग के 5, इंदौर संभाग के 3, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर संभाग के 5, उज्जैन संभाग के 4, रीवा संभाग के 3, शहडोल-नर्मदापुरम संभाग के एक-एक जिला शामिल हैं।  

फर्जीवाड़ा पकड़ा गया: स्वतंत्रता सेनानी कोटे में मेडिकल सीटों पर जालसाजी, कई प्रवेश निरस्त

भोपाल   प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में MBBS और BDS में प्रवेश के लिए चल रही पहले चरण की काउंसलिंग से प्रवेश लेने वालों में सात विद्यार्थियों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। इनमें 6 ने एमबीबीएस और एक ने बीडीएस सिलेबस में प्रवेश लिया था। अब संबंधित जिलों में प्रशासन इनके विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। इन विद्यार्थियों के प्रवेश भी रद कर दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे की कुल 66 सीटें हैं। इनमें 36 सीटें अभ्यर्थियों को आवंटित हुई थीं, पर प्रवेश 22 ने ही लिया था। विदिशा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक संदिग्ध मिलने के बाद आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर जांच कराने के लिए कहा था। कारण यह प्रमाण पत्र कलेक्टर ही जारी करते हैं। अभी तक की जांच में नौ के प्रमाण पत्र सही और सात फर्जी मिले हैं। छह की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इसके लिए सोमवार को आयुक्त ने कलेक्टरों को पत्र लिखा है। बता दें कि इस कोटे के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाती-नातिन और पोता-पोती पात्र होते हैं।

इंदौर हादसे में एक और घायल की मौत, मुख्यमंत्री ने जताया दुख, जांच के निर्देश जारी

इंदौर   इंदौर के वीआईपी रोड पर सोमवार शाम को हुए दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया है। हादसा देर शाम इंदौर के वीआईपी रोड पर हुआ जहां नशेड़ी ट्रक ड्राइवर ने लगभग दो किलोमीटर तक कई कोहराम मचाया। नो एंट्री में घुसे ट्रक ने कई वाहनों को अपनी चपेट में लिया। हादसे में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई, वहीं एक व्यक्ति ने सोमवार सुबह इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा। हादसे में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सीएम मोहन ने देर रात सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा- आज इंदौर में हुई ट्रक दुर्घटना दुखद है। इस घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर मैंने निरीक्षण हेतु अपर मुख्य सचिव गृह को इंदौर जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, रात 11 बजे से पहले शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के कारणों की प्रारंभिक तथ्यपरक जाँच कराने के भी निर्देश दिए हैं। मृतकों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करता हूं तथा ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। बता दें कि सोमवार शाम 7 साढ़े 7 के बीच एयरपोर्ट रोड पर बड़ा हादसा हुआ है। ट्रक ड्राइवर ने नशा कर रखा था और वह दो किमी तक कई वाहनों को कुचलता चला गया। इसमें कई वाहन और राहगीर बेकाबू ट्रक की चपेट में आ गए। घायलों का बांठिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे मे ंदो लोगों ने मौके पर दम तोड़ दिया था, वहीं अरविंदो हॉस्पिटल में इलाजरत महेश खतवासे की सोमवार सुबह मौत हो गई। हादसे के घायलों की लिस्ट 1. अशोक पिता प्रहलाद दास गोपालानी, उम्र 71 साल, निवासी लीड्स एरोड्रम। 2. काजल पति अशोक गोपालानी, उम्र 63 साल। 3. अंकिता पति रितेश गोपालानी, उम्र 30 साल। 4. संविद पिता रितेश दुधानी। 5. पलक पिता अनिल जोशी, निवासी इमली बाजार। 6. अनिल पिता लाल सिंह कोठारे, उम्र 35 साल, निवासी अमर पैलेस । किसी के हाथ-पैर कटे, किसी की गई जान ट्रक चालक ने कालानी नगर चौराहे से लोगों को टक्कर मार रौंदना शुरू किया। लोग कुछ समझ पाते इतने में चालक ने ट्रक रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी। चीख-पुकार मचती गई और चालक ट्रक दौड़ाता रहा। कार, ऑटो, दोपहिया वाहनों को टक्कर मारी। कई लोग ट्रक के पहियों की चपेट में आने से गंभीर घायल हो गए। हादसा ऐसा था कि लोगों के हाथ-पैर तक कट गए थे। कराहते हुए तड़पते रहे। बाइक सवार को घसीटा एक किमी बाद रामचंद्र नगर चौराहे पर भी ट्रक चालक नहीं रुका। बाइक वाले को टक्कर मारी। वह अगले हिस्से में बाइक सहित फंस गया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मी ने देखा कि ट्रक एक किमी तक बाइक को रगड़ते हुए ले गया। ट्रक वाले ने इस बीच दर्जनों वाहन को टक्कर मारी। बड़ा गणपति चौराहे पर पुलिसकर्मी ने लापरवाह चालक को पत्थर मारा। तब कहीं उसने ब्रेक लगाए। इस दौरान बाइक में आग लग गई। चपेट में ट्रक का अगला हिस्सा आ गया। पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में लिया। रात 11 बजे तक मार्ग पर अफरा-तफरी मची रही। उमंग सिंघार ने भी किया ट्वीट हादसे में अब तक दो की मौत, एक प्रॉफेसर की भी गई जान पुलिस के मुताबिकइंदौरमें हुए इस हादसे में दो की मौत हुई है। इनमें 50 वर्षीय लक्ष्मीकांत सोनी और एक अन्य शामिल हैं। सोनी निजी कॉलेज में प्रोफेसर थे। ट्रक की चपेट में 16 लोग आए। ट्रैफिक पुलिसकर्मी पंकज यादव के अनुसार पत्थर नहीं मारता तो बड़ा गणपति चौराहे पर 30-40 लोग चपेट में आ जाते।

मध्यप्रदेश में 20 IAS अधिकारियों के तबादले: विशेष गढ़पाले ऊर्जा सचिव, वंदना वैद्य बनीं वित्त निगम MD

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है. राज्य सरकार ने एक बार फिर 20 आईएएस अफसरों के तबादले किए हैं, जो पिछले एक हफ्ते के अंदर दूसरा बड़ा कदम है. इस फेरबदल में कई वरिष्ठ और युवा अफसरों को नई ज़िम्मेदारियां दी गई हैं. इसमें 2008 बैच के विशेष गढ़पाले को ऊर्जा विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि वंदना वैद्य को एमपी फाइनेंस कॉर्पोरेशन, इंदौर का एमडी बनाया गया है. तपस्या परिहार को कटनी नगर निगम का कमिश्नर और दलीप कुमार को देवास का कमिश्नर बनाया गया है. इसके अलावा किस अफसर को कौन सी ज़िम्मेदारी मिली है. MP में एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर 20 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इस बार जिन प्रमुख अधिकारियों को नई ज़िम्मेदारियां दी गई हैं, उनमें 2008 बैच के आईएएस विशेष गढ़पाले, वंदना वैद्य समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हैं. बता दें कि ये तबादले ऐसे समय में हुए हैं जब सात दिन पहले ही 14 अन्य अधिकारियों का तबादला किया गया था. इनके हुए तबादले विशेष गढ़पाले: ऊर्जा विभाग में सचिव बने। गजेन्द्र सिंह नागेश– नरसिंहपुर के जिला पंचायत सीईओ बने। वंदना वैद्य: मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं। गुरु प्रसाद– मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने। दिव्यांक मिश्रा– नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने। तपस्या परिहार: कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं। शिशिर गेमावत: नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने। नेहा जैन: नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं। श्रेयांस कुमट: उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने। तन्मय वशिष्ठ शर्मा: भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने। दलीप कुमार: देवास नगर निगम कमिश्नर बने। नवजीवन विजय पवार: इंदौर के अपर कलेक्टर बने। अनिल कुमार राठौर: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए। अंशुमान राज: स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा। अरविंद कुमार शाह: जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने। टी प्रतीक राव: ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने। अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं। श्रृंगार श्रीवास्तव: इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है। अनिल भाना : रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है। 20 IAS इधर से उधर गजेन्द्र सिंह नागेश को नरसिंहपुर का जिला पंचायत सीईओ बनाया गया है. विशेष गढ़पाले ऊर्जा विभाग में उप सचिव बने. वंदना वैद्य मप्र वित्त निगम की प्रबंध संचालक बनीं. गुरु प्रसाद मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव बने. दिव्यांक मिश्रा नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने. तपस्या परिहार कटनी नगर निगम आयुक्त बनीं. शिशिर गेमावत नगरीय प्रशासन विभाग में अपर आयुक्त बने. नेहा जैन  नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण इंदौर में उप संचालक बनीं. श्रेयांस कुमट उज्जैन के जिला पंचायत सीईओ बने. तन्मय वशिष्ठ शर्मा  भोपाल नगर निगम में अपर आयुक्त बने. जबकि दलीप कुमार को देवास नगर निगम के कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा  नवजीवन विजय पवार इंदौर के अपर कलेक्टर बने. अनिल कुमार राठौर मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में कार्यकारी संचालक बनाए गए. अंशुमान राज स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के एमडी बने। राज्य कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसीडेंट रिस्पांस टीम भोपाल के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार रहेगा. अरविंद कुमार शाह जबलपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बने. टी प्रतीक राव ग्वालियर नगर निगम में अपर आयुक्त बने. अनिशा श्रीवास्तव: मप्र औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय ग्वालियर में कार्यकारी संचालक बनीं. श्रृंगार श्रीवास्तव इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है. अनिल भाना रतलाम नगर निगम कमिश्नर बनाया गया है.

पीएम मित्र पार्क आधुनिक भारत की औद्योगिक शक्ति का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को करेंगे भूमिपूजन धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार जिले के भैंसोला में बनने वाला पीएम मित्र पार्क आधुनिक भारत की औद्योगिक शक्ति का प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर को इस पार्क का भूमिपूजन करेंगे। लगभग 2000 करोड़ की लागत से तैयार होने वाला यह पार्क स्पिनिंग से लेकर डिजाइनिंग, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराएगा। यह देश का पहला और सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क होगा, जिसमें कपास से परिधान तक की पूरी वैल्यू चेन विकसित होगी। किसानों को अब कच्चे कपास की बिक्री तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा बल्कि उनकी उपज यहीं मूल्य संवर्धन की प्रक्रिया से गुजरकर परिधान बनेगी और वैश्विक बाजार तक पहुंचेगी। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस यह पार्क मध्यप्रदेश को कॉटन कैपिटल की नई पहचान दिलाएगा। किसानों को मिलेगा वास्तविक मूल्य और वैश्विक पहचान मध्यप्रदेश में साढ़े तीन लाख से अधिक कपास उत्पादक किसान हैं। अब तक वे केवल कच्चे कपास की बिक्री तक सीमित थे, लेकिन पीएम मित्र पार्क के बाद उनकी फसल स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन की संपूर्ण श्रृंखला से जुड़ेगी। कपास से यार्न, फैब्रिक, गारमेंट और रेडीमेड परिधान तक की पूरी प्रक्रिया यहीं पूरी होगी। जैविक कपास से बने परिधान सीधे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स तक पहुंचेंगे। मध्यप्रदेश पहले ही विश्व के 24 प्रतिशत नॉन-जीएमओ ऑर्गेनिक कॉटन का उत्पादक है, और अब किसानों को उनकी फसल का वास्तविक मूल्य और वैश्विक पहचान दोनों मिलेंगे। विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित सबसे बड़ा पार्क धार का पीएम मित्र पार्क आकार और सुविधाओं दोनों में अद्वितीय है। यहां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 220 केवी सबस्टेशन और 20 एमएलडी पानी की उपलब्धता होगी। स्काडा और आईओटी आधारित यूटिलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम इस पार्क को डिजिटल और स्मार्ट बनाएगा। ग्रीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप का प्रमाणन इसे टिकाऊ औद्योगिक विकास का मॉडल बनाएगा। भूमि, बिजली और पानी प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे यह पार्क भारत का सबसे किफायती और प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल हब बनेगा। इज ऑफ डूइंग बिजनेसऔर नीति प्रोत्साहन मध्यप्रदेश लगातार Ease of Doing Business में अग्रणी रहा है और टॉप अचीवर्स की श्रेणी में शामिल है। राज्य ने सबसे पहले जन विश्वास अधिनियम लागू किया और GIS आधारित पारदर्शी भूमि आवंटन प्रणाली स्थापित की। उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया अब 30 दिनों में पूरी की जा सकती है और 13 विभागों की 54 सेवाएं सिंगल विंडो सिस्टम से उपलब्ध हैं। नीतिगत प्रोत्साहनों में उद्योगों को 40 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी, पांच से सात प्रतिशत ब्याज अनुदान, ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन के लिए पचास प्रतिशत सहायता, निर्यात फ्रेट पर पचास प्रतिशत सब्सिडी और रोजगार आधारित अनुदान जैसी सुविधाएं मिलती हैं। केंद्र सरकार की Competitive Incentive Support योजना के अंतर्गत शुरुआती निवेशकों को 300 करोड़ रुपये तक का सहयोग मिलेगा और बिक्री पर तीन प्रतिशत तक टर्नओवर प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। प्रदेश की ताकत और मेजर प्लेयर्स की उपस्थिति मध्यप्रदेश से वर्ष 2024-25 में 9,200 करोड़ रुपये से अधिक का टेक्सटाइल निर्यात हुआ है। यहां 31 गीगावॉट से अधिक पावर क्षमता उपलब्ध है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत क्लीन ग्रीन एनर्जी शामिल है। एक हजार मिलियन क्यूबिक मीटर से अधिक औद्योगिक जल संसाधन, छह इनलैंड कंटेनर डिपो और एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क से निर्यात प्रक्रिया बेहद सहज होगी। प्रदेश पहले से ही ट्राइडेंट ग्रुप, वार्धमान, ग्रासिम, नाहर, रेमंड, प्रतिभा सिन्टेक्स, गोकलदास एक्सपोर्ट, महिमा ग्रुप और सागर ग्रुप जैसे बड़े औद्योगिक समूह है। इन कंपनियों की उपस्थिति से यार्न, फैब्रिक, गारमेंट और मशीनरी निर्माण की संपूर्ण वैल्यू चेन पहले से मौजूद है, जिसे पीएम मित्र पार्क और मजबूत करेगा। किसानों और युवाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव धार, झाबुआ, रतलाम और उज्जैन जैसे कपास उत्पादक जिलों के किसान अब औद्योगिक क्रांति के केंद्र में होंगे। आदिवासी युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और लाखों परिवारों का जीवन स्तर ऊँचा होगा। पीएम मित्र पार्क किसानों को स्थायी लाभ, युवाओं को वैश्विक अवसर और उद्योगों को प्रतिस्पर्धी मंच प्रदान करेगा। यह परियोजना मध्यप्रदेश को कॉटन कैपिटल बनाने के साथ-साथ पूरे भारत के लिए टेक्सटाइल सेक्टर की नई औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात करेगी।