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नर्मदापुरम में नया स्टार्टअप: कला-शिल्प और पुरातात्विक धरोहर को मिलेगी नई पहचान

भोपाल राज्य की पुरातात्विक महत्व की कला को सुदृढ़ करने और सतत बाज़ार की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से नर्मदापुरम में कला और शिल्प पर आधारित स्टार्टअप के लिए 'राफ्ट एंड रीज़न'  ने 'तसल्ली ब्रांड' के अंतर्गत नवाचार प्रारंभ किया है। इसमें नर्मदापुरम, भोपाल, छिंदवाड़ा, सीहोर, महेश्वर तथा धार जिले के चिन्हित शिल्प पर नवाचार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पुरातात्विक महत्व की कलाकृति को स्टोन पाउडर से बनाया जा रहा है और इस पर स्थानीय सागौन लकड़ी के साथ प्रयोग भी किया जा रहा है। यह कार्य हाथकरघा एवं हस्तशिल्प संचालनालय भोपाल, पुरातत्व संचालनालय भोपाल एवं पाटर्स द स्टूडियो नर्मदापुरम के सहयोग से किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि स्टार्टअप की पहली डिलीवरी बॉउर्नमाउथ, यूके में की गई है। इसे अमेजन ग्लोबल पर भी खरीदा जा सकता है। स्टार्टअप ने निर्यात लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया है।  

बुंदेलखंड में नया धार्मिक स्थल, छतरपुर में बन रहा पहला श्रीकृष्ण धाम

छतरपुर  मध्य प्रदेश के छतरपुर में बुंदेलखंड का पहला श्रीकृष्ण धाम बनकर तैयार हो गया है। 30 अगस्त को पूरी भव्यता और गरिमा के साथ बनाए जा रहे श्रीकृष्ण महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। छतरपुर विधायक और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष ललिता यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मेला ग्राउण्ड में आयोजित मंचीय कार्यक्रम में शामिल होने के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा में भी शामिल होगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हवाई मार्ग से दोपहर 12 बजे छतरपुर आएगे। वे मेला ग्राउण्ड पहुंचेगे जहां मंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर नौगांव रोड पर 2 करोड़ 20 लाख की लागत से बनने वाले श्रीकृष्ण धाम के बारे में एलईडी के माध्यम से प्रस्तुति दी जाएगी। श्रीकृष्ण धाम में भगवान श्रीकृष्ण का विग्रह होगा तथा बचपन से लेकर रहसलीला का चित्रण किया जाएगा। श्रीकृष्ण धाम में गरीब बेटियों के विवाह के लिए बेटी विवाह वाटिका बनाई जाएगी तथा बारातियों को ठहरने के लिए कमरों का भी निर्माण होगा। यहां सुंदर और आर्कषक पार्क एवं ध्यानकेंद्र भी बनाया जाएगा।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यही पर श्रीकृष्ण धाम का भूमि-पूजन करेंगे। इस अवसर पर वृंदावन के कलाकारों द्वारा मयूर नृत्य और रहसलीला की मनोहारी प्रस्तुतियां दी जाएगी। बनारस के कलाकार शंखनाद करेंगे जबकि हरिद्धार के पंडितों द्वारा गंगा आरती की प्रस्तुति की जाएगी। समारोह में मुंबई की भजन गायिका द्वारा राधाकृष्णों के भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। मंचीय कार्यक्रम के बाद मेला ग्राउण्ड से भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा प्रारंभ होगी जो छत्रसाल चौक, महल, चौक बाजार, हटवारा होकर बस स्टैंड पहुंचेगी जहां इसका समापन हो जाएगा। शोभायात्रा में भगवान श्रीकृष्ण और राधा सहित विभिन्न अवतारों की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अनेक अतिथि शोभायात्रा में सहभागिता करेंगे। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह मटकी फोड़ के आयोजन होगे। विधायक ललिता यादव ने सभी क्षेत्रवासियों, नगरवासियों, श्रद्धालुओं तथा भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से श्रीकृष्ण महोत्सव में पूरी उत्साह और उमंग के साथ शामिल होने तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत करने की अपील की है।

प्रदेश में सुव्यवस्थित खेल अधोसंरचना और सुदृढ़ खिलाड़ियों का निर्माण सतत प्रक्रिया : मंत्री सारंग

राष्ट्रीय खेल दिवस महोत्सव का दूसरा दिन: सरदारपुर की टीम ने मिनी ब्राजील विचारपुर को रोमांचक मुकाबले में 1-0 से हराया भोपाल राष्ट्रीय खेल दिवस से शुरू हुए प्रदेशव्यापी खेल महोत्सव के दूसरे दिन टीटी नगर स्टेडियम भोपाल में 'मिनी ब्राजील' के नाम से प्रसिद्ध शहडोल जिले के विचारपुर ग्राम और धार जिले के सरदारपुर ग्राम की महिला फुटबॉल टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मैच की शुरुआत की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में विचारपुर ग्राम को “मिनी ब्राजील” के रूप में उल्लेखित कर पूरे देश को प्रेरित किया है। यह हमारे लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है कि हम खेलों को जमीनी स्तर तक प्रोत्साहित कर उनके सपनों को साकार करें। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विचारपुर और सरदारपुर दोनों ही ग्रामों में फुटबॉल का माहौल बेहद सकारात्मक है और यहां हर घर में खेलों के प्रति विशेष लगाव देखने को मिलता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग इन ग्रामों से प्रेरणा लेकर प्रदेश में फुटबॉल के और अधिक विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। मैच का रोमांच मुकाबले की शुरुआत से ही सरदारपुर की टीम ने दबदबा बनाए रखा। पहले हाफ में ही सरदारपुर की कप्तान और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी सुश्री ज्योति चौहान ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद विचारपुर की टीम ने पूरे दमखम से खेला, लेकिन बराबरी का गोल करने में सफल नहीं हो सकी। निर्धारित समय की समाप्ति पर स्कोर 1-0 रहा और सरदारपुर ने यह यादगार मुकाबला अपने नाम किया। मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विचारपुर की गोलकीपर सुश्री उमा केवट और सरदारपुर की कप्तान सुश्री ज्योति चौहान को ₹21,000 की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंत्री श्री सारंग ने दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह मुकाबला प्रदेश में फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिये मील का पत्थर साबित होगा। टीमों की सूची सरदारपुर टीम: ज्योति चौहान (कप्तान), सुनीता भाबर (गोलकीपर), चंचल, बुलबुल, गायत्री, दीपिका, रक्षा, स्नेहा, दामिनी, दिव्यांशी, मानवी, मनीषा, सोनू, अर्चिता, वंशिका, प्रतिभा। विचारपुर टीम: यशोदा सिंह (कप्तान), उमा केवट (गोलकीपर), एकता रजक, सपना गुप्ता, सानिया सिंह, सानिया कुंदे, रजनी सिंह, सोनू बैगा, राधनी सिंह, शबनम केवट, रेनू केवट, भारती बैगा, शीतल बैगा, पुनीता सिंह, स्नेहा सिंह, लक्ष्मी, सोहनी कोल। विशिष्ट अतिथि इस अवसर पर पूर्व क्रिकेटर और मोटिवेशनल स्पीकर श्री मदनलाल शर्मा, हाइपरफॉर्मेंस स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. संजना किरन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक श्री राकेश गुप्ता, उप संचालक श्री बीएस यादव, पूर्व कमिश्नर श्री राजीव शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। कल रविवार को वीआईपी रोड से वॉटर स्पोर्ट्स तक निकलेगी सायकल रैली खेल महोत्सव के अंतिम दिन रविवार को मंत्री श्री सारंग के नेतृत्व में राजा भोज प्रतिमा वीआईपी रोड से लेक व्यू स्थित वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी तक 5 किलोमीटर लंबी साइकल रैली निकाली जाएगी। यहाँ रैली के समापन पर वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया जायेगा।  

पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर 1 से 6 सितंबर तक यूजी और पीजी के लिए विशेष सीएलसी चरण

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत शासकीय/अनुदान प्राप्त अशासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में, शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिये, स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के लिए "पहले आओ-पहले पाओ" के आधार पर 1 से 6 सितंबर तक विशेष सीएलसी चरण होगा। स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए, यह प्रवेश का अंतिम चरण है। आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा ने बताया कि समस्त प्रवेश "पहले आओ-पहले पाओ" के आधार पर प्रदान किए जायेंगे और यह सुविधा केवल रिक्त सीटों के लिए ही होगी। रिक्त सीटों की जानकारी विद्यार्थी के लॉगिन एवं महाविद्यालय के लॉगिन पर प्रदर्शित होंगी। पंजीकृत विद्यार्थी सम्बंधित महाविद्यालय में सीधे प्रवेश शुल्क जमा करके प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। विद्यार्थी जिस महाविद्यालय में प्रवेश चाहते हैं, वहां सीट रिक्त होने पर सीधे महाविद्यालय पहुँच कर प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। विद्यार्थी, प्रवेश के विषय में समस्त जानकारी अथवा अन्य किसी समस्या के लिए संबंधित महाविद्यालय के हैल्प सेंटर पर संपर्क कर सकते हैं। नवीन पंजीकृत विद्यार्थी, केवल एक महाविद्यालय में पंजीयन करा सकेंगे। विद्यार्थी सम्बंधित महाविद्यालय के हैल्प सेंटर पर वेरिफिकेशन के बाद, शुल्क जमा कर उसी दिन प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। मेजर, माइनर के अतिरिक्त अन्य विषय में प्रवेश प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की पात्रता, विश्वविद्यालय अपने स्तर पर निर्धारित कर सकेंगे। समस्त सम्बंधित प्राचार्यों को विश्वविद्यालय से समन्वय कर इनके पात्रता निर्धारण की कार्यवाही करनी होगी। यह प्रक्रिया 1 से 6 सितंबर तक ही होगी। उक्त प्रक्रिया के अंतर्गत 6 सितंबर को शाम 5 बजे तक प्रवेश शुल्क जमा कर प्रवेश प्राप्त किया जा सकता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि 6 सितंबर को निर्धारित समय के बाद किसी भी दशा में प्रवेश मान्य नहीं होंगे।  

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल ने ग्राम बांक, इंदौर में एम.आर.एफ. प्लांट का निरीक्षण किया

भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को इंदौर की ग्राम पंचायत बांक में संचालित सामग्री पुनर्चक्रण सुविधा (MRF) प्लांट का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्था ‘सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट’ द्वारा पिछले 2 वर्षों से किए जा रहे सूखा कचरा प्रबंधन कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। संस्था द्वारा प्रतिदिन 3700 घरों, 425 दुकानों, स्कूलों, मैरिज गार्डन और अस्पतालों से लगभग 800 किलोग्राम सूखा कचरा एकत्रित कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाता है। इस नवाचार की सराहना करते हुए श्री पटेल ने कहा कि यह मॉडल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि इस पूरी प्रक्रिया पर प्रतिमाह लगभग 2 लाख 80 हजार रूपये का व्यय आता है, जबकि समुचित प्रबंधन के बाद संस्था को 70 हजार रूपये का लाभ भी हो रहा है। श्री पटेल ने इस कार्य को प्रशंसनीय, पर्यावरण हितैषी और सतत विकास की दिशा में प्रेरणादायक पहल बताया। इस अवसर पर सर्वश्री मधु वर्मा, मनोज पटेल, कान्हा पटेल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

बारिश से बिगड़ा MP का हाल, हाईवे जाम में दो घंटे तक फंसे यात्री

बुरहानपुर बाढ़ ने शनिवार को दूसरी बार इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे दो घंटे से ज्यादा समय तक जाम कर दिया। जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस जाम में एम्बुलेंस और यात्री बसें भी काफी देर तक फंसी रहीं। बाद में ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें पार कराया। दूसरे वाहन चालकों ने भी जान जोखिम में डाल कर हाइवे पार किया। इससे पहले गुरुवार देर रात भी असीरगढ़ से ढाई किमी दूर धूपगट्टा गांव के पास हाइवे पर पानी भर जाने से रात बारह बजे तक मार्ग अवरुद्ध हुआ था। पानी से हुआ भारी नुकसान निंबोला थाना प्रभारी राहुल कांबले ने हाइवे का निर्माण कर रही कंपनी और एनएचएआई के अधिकारियों को सूचना दी थी। बावजूद इसके निर्माण एजेंसी ने पहाड़ी नाले की जल निकासी का ठोस प्रबंध नहीं किया। जिसके चलते शनिवार दोपहर तीन बजे क्षेत्र में तेज वर्षा होने के बाद फिर न केवल हाईवे जाम हो गया, बल्कि धूपगट्टा गांव में भी पानी घुस गया। जिससे करीब दो दर्जन ग्रामीणों का गृहस्थी का सामान भी खराब हो गया। खेतों में दो से तीन फीट पानी भर जाने के कारण मक्का व अन्य फसलों को भी क्षति हुई है।   पुलिया छोटी करने से उपजी समस्या उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को नईदुनिया टीम ने हाइवे पर बाढ़ का पानी आने का मूल कारण तलाशा था। जिसमें पता चला था कि बरसाती नाले पर नई पुलिया बनाई जा रही है। जिसके लिए निर्माण एजेंसी ने पानी को डायवर्ट करने एक पाइप डालकर अस्थाई पुलिया बनाई है। पहाड़ों से उतरने वाले पानी की मात्रा अधिक होती है। एक पाइप से केवल बीस प्रतिशत पानी ही निकल पा रहा है। जिसके चलते शेष पानी हाईवे और धूपगट्टा गांव में घुस कर तबाही मचा रहा है। अब तक 542 मिमी औसत वर्षा हुई बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार अब तक जिले में 542 मिमी औसत वर्षा हुई है। जिले की कुल औसत वर्षा 823 मिमी है। शनिवार सुबह तक बुरहानपुर में पांच मिमी, नेपानगर में 29 मिमी और धूलकोट क्षेत्र में 65 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिससे ताप्ती नदी का जल स्तर भी बढ़ गया है। शनिवार दोपहर तीन बजे परसाडोह बांध का एक गेट भी खोला गया है। जिसके कारण ताप्ती नदी का जल स्तर देर रात अथवा कल तक और बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में बड़ी अहम भूमिका निभाता है

म.प्र. की पर्यटन नीति भा रही है निवेशकों को पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने 7 निवेशकों को जारी किये एलओए 60 करोड़ से अधिक का होगा निवेश और रोजगार सृजन अधिकांश निवेशकों ने होटल रिसॉर्ट में दिखाई रूचि 75 करोड़ से अधिक के विरासत कार्यों का हुआ शिलान्यास शिल्पकारों के लिए वेबसाइट और ग्वालियर किले की कार्ययोजना का हुआ विमोचन निवेश के लिए हो रहे सर्वांगीण प्रयासों से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल : विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख निवेशकों और हितधारकों से किया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में बड़ी अहम भूमिका निभाता है। पर्यटन से राष्ट्रीय आय तो बढ़ती ही है, साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। पर्यटन और तीर्थाटन, ये हमारे देश और विशेषकर मध्यप्रदेश की समृद्धि के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। मध्यप्रदेश, देश का दिल है। प्रदेश की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ही पर्यटन विकास को विशेष महत्व दिया जा रहा है। राज्य सरकार समावेशी प्रयासों के जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़कर पर्यटन क्षेत्र के विस्तार और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर पर्यटन कॉन्क्लेव में साढ़े तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 6 निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट प्रदाय किये गये, इससे 60 करोड़ से अधिक का निवेश और बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र हैं। इनके संरक्षण और प्रचार-प्रसार से प्रदेश न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि ‘आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध भारत’ के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आज राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर ग्वालियर में पहली बार रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव हो रहा है। ग्वालियर देश की राजधानी के करीब का क्षेत्र है। यहां राजा मानसिंह तोमर के काल में बना ऐतिहासिक किला दुनिया में पहचान रखता है। इसकी स्थापत्य कला अद्भुत है। बड़े-बड़े सत्ताधीशों को बुरे समय में इसी किले में बंदी बनाकर रखा गया। इस कठिन दौर में ग्वालियर में एक आध्यात्मिक आत्मा का प्रकटीकरण हुआ। मुरैना के मितावली के चौंसठ योगिनी मंदिर के डिजाइन के आधार पर वर्ष 1912 में दिल्ली में संसद भवन का निर्माण हुआ। यह दुनिया भर में लोकतंत्र का सबसे आकर्षक भवन है। अब नए संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो पहली बार चीता देखते हैं, वो आश्चर्यचकित हो जाते हैं। चीता गांवों में घूमते नजर आते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सह अस्तित्व और साहचर्य भाव नजर आता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय, ग्वालियर के भवन निर्माण के लिए 50 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है। जीवाजी विश्वविद्यालय में पीएम उषा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए भी बड़ी धनराशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर अंचल को भी कई सौगातें मिल रही हैं। ग्वालियर के राजा मानसिंह किले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए इंडिगो कंपनी द्वारा अपने कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी फंड (सीएसआर कोष) से 100 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी पूरी दुनिया को देश की विरासतों और पर्यटन केंद्रों के बारे में बता रहे हैं। वे 'मेक इन इंडिया', 'मेड इन इंडिया', 'वोकल फॉर लोकल' और 'स्वदेशी अपनाओ' अभियान के जरिए देश के नागरिकों को स्वदेशी से स्वाबलंवन की ओर प्रवृत्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर की रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उद्योगपति श्री सचिन गुप्ता ने 1000 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा अन्य निवेशकों एवं उद्योग समूहों की ओर से कुल 3500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को इस कान्क्लेव के माध्यम से मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह कॉन्क्लेव 11 से 13 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' की तैयारियों का हिस्सा है। टूरिज्म सैक्टर के लिए यह महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रविवार (31 अगस्त) को मुरैना जिले को अनेक सौगातें मिलेंगी। मुरैना के पीपरसेरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से हाइड्रोजन कारखाने का शिलान्यास किया जा रहा है। कॉन्क्लेव में होटल एवं रिसोर्ट के लिए प्राप्त हुए निवेश प्रस्‍ताव कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर–चंबल और सागर संभाग में निवेश की इच्छा जताकर पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 7 भूमियों के लिए 6 निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट (LOA) प्रदान किए। प्रदेश में इससे सीधे तौर पर 60 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे। इन भूमियों पर होटल, रिसॉर्ट और ईको टूरिज्म यूनिट आदि का निर्माण किया जाएगा। श्री अरूण तिवारी को 40 कक्षों के साथ ईको टूरिज्म एक्टिविटी के लिये गांधी सागर मंदसौर और हेमाबर्डी धार में, श्री यश जैन को 20 कक्षों का रिसॉर्ट बनाने रहीपुरा बुराहनपुर में, श्रीमती स्मृति मुकुल थोराट, मेसर्स श्री साईं वेयर हाउस एण्ड एग्रो सर्विस को 20 कक्षों का रिसॉर्ट बनाने बिजाना शाजापुर में, श्री अमित उपाध्याय को 25 कक्षों का होटल/ रिसॉर्ट बनाने के लिये कागपुर विदिशा में, श्री संजय पाव को 22 कक्षों के साथ ईको टूरिज्म एक्टिविटीज के लिये गांधी सागर मंदसौर में और श्री विकास नेमा/प्रवीण … Read more

राजवाड़ा मार्केट इंदौर: सराफा से लेकर अन्य व्यापारी भी रात 10 बजे तक करेंगे कारोबार

इंदौर  राजवाड़ा क्षेत्र के बाजार में अब देर रात तक चहल-पहल रहेगी। सराफा व्यापारियों के साथ आते हुए क्षेत्र के अन्य बाजारों ने भी रात 10 बजे तक दुकानें खुली रखने की घोषणा कर दी है। एक सितंबर से इस पर अमल होगा। राजवाड़ा क्षेत्र के व्यापारियों ने इस मुद्दे पर चर्चा के बाद अपने सदस्य व्यापारियों के लिए सूचना जारी कर दी है। व्यापारी एसोसिएशनों द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में त्योहार और क्षेत्र के व्यापार को बढ़ाने को निर्णय का कारण बताया गया है। हालांकि असल कारण फुटपाथ व दुकानों के सामने कब्जे रोकना माना जा रहा है। सराफा में लग रही चाट-चौपाटी के खिलाफ चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन ने असहयोग आंदोलन छेड़ रखा है। ओटलों पर किराएदारी बंद करने के बाद सराफा बाजार में दुकानें रात 10 बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन ने बैठक के बाद इस पर सहमति जताई है। एसोसिएशन के सदस्य 600 गारमेंट कारोबारियों के साथ अन्य 300 दुकानदार भी देर रात तक दुकानें खुली रखने के लिए तैयार हो गए हैं। सराफा व्यापारी कैविएट दायर करेंगे सराफा चाट चौपाटी के खिलाफ मुहिम चला रहे चांदी-सोना व्यापारी कानूनी तौर पर भी अपना पक्ष मजबूत करने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि व्यापारियों पर कदम पीछे खींचने और दुकानें नौ बजे तक बंद करवाने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। इस बीच व्यापारी गुमाश्ता कानून का हवाला देकर कह रहे हैं कि उन्हें रात 11 बजे तक दुकानें खुली रखने की छूट है, ऐसे में कोई भी जल्द बंद करने का दबाव नहीं बना सकता। चौपाटी वालों के अदालत जाने या ऐसी किसी अन्य याचिका पर एक पक्षीय आदेश से सुरक्षा के लिए सराफा व्यापारियों ने हाई कोर्ट में कैविएट दाखिल करने की तैयारी भी कर ली है। कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन भी समर्थन में कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन ने इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के साथ समन्वय कर साझा निर्णय लिया है कि आगामी दिनों में त्योहारों का सीजन रहेगा। ऐसे में वो भी रात 10 बजे तक दुकानें खुली रखेंगे। इस दौरान राजवाड़ा-कृष्णपुरा तक क्षेत्र को पूरी तरह व्यवधान मुक्त रखने, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी और नगर निगम के अतिक्रमण व्यवस्था को चाक-चौबंद पुख्ता प्रबंधन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को व्यापारी पत्र भी लिखेंगे। दुकानदारों को त्योहारी के लिए तैयारी करनी है     त्योहार का सीजन आ गया है। ऐसे में दुकानदारों को त्योहारी के लिए तैयारी करनी है। हमारा लक्ष्य है कि आम नौकरीपेशा लोग काम से फ्री होकर रात को बाजार में खरीदारी के लिए आ सकें। इसके लिए हम अभी से प्रचार अभियान चलाएंगे। – अक्षय जैन, अध्यक्ष, इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन एक सितंबर से रात 10 बजे तक खुला रहेगा बाजार     रात तक दुकानें खुली रखने के निर्णय में हमारी एसोसिएशन साथ है। राजवाड़ा के साथ कृष्णपुरा के सभी रेडीमेड गारमेंट्स संस्थान एक सितंबर से रात 10 बजे तक सेवाएं देंगे। – विजेंद्रसिंह चौहान, अध्यक्ष, कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन  

MP टूरिज्म में लगेगा 3500 करोड़, नए डेस्टिनेशन और सुविधा से बढ़ेगी चमक

ग्वालियर  मध्यप्रदेश का टूरिज्म अब और फलेगा-फूलेगा। खासकर ग्वालियर पर्यटन के नक्शे पर अपनी अलग ही पहचान बनाएगा। आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में पर्यटन की बेहतर व्यवस्था होगी। जो लोग यहां घूमने आएंगे उन्हें रहने की 5-7 स्टार सुविधा मिलेगी। दरअसल, उद्योगपतियों-निवेशकों को मध्यप्रदेश निवेश के लिए आकर्षित कर रहा है। इसी कड़ी में निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल-सागर संभाग में बड़े निवेश की इच्छा जताई है। निवेशक इस क्षेत्र में 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कर सकते हैं। उद्योगपतियों ने निवेश की यह इच्छा 30 अगस्त को ग्वालियर में आयोजित 'ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव' में जताई। उनके इस निवेश से टूरिज्म में इजाफा होगा, साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति होगी।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में 3500 करोड़ से अधिक के निवेश की इच्छा जताई है। इस तरह उन्होंने इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया है। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। आज पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 7 जमीनों के लिए 6 निवेशकों को लेटर ऑफ अलॉटमेंट जारी किए गए हैं। प्रदेश में इससे सीधे तौर पर 60 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे। इन जमीनों पर होटल, रिसॉर्ट और इको टूरिज्म यूनिट आदि का निर्माण किया जाएगा। भविष्य में दिखेंगे सुखद परिणाम सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज कॉन्क्लेव में ग्वालियर की धरती पर 25 से अधिक प्रमुख इन्वेस्टर्स, देशभर से 125 से अधिक ट्रैवल-टूर ऑपरेटर, 500 से अधिक हितधारक और स्थानीय कलाकार शामिल हुए हैं। इन सभी के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई है। इसके भविष्य में निश्चित ही अच्छे और सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। आज का दिन बेहद खास है। यहां पहली ही बार हो रही रीजनल कॉन्क्लेव जबरदस्त रही। ग्वालियर के पास आगरा, मथुरा, दिल्ली है। ग्वालियर देश की राजधानी का सबसे नजदीकी केंद्र है। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से देखें तो मथुरा-वृंदावन का नजदीकी क्षेत्र है। ग्वालियर का ऐतिहासिक महत्व है। राजा मानसिंह का किला और उसकी अपनी गाथा विशेष है। ऐसा लगता है  जैसे स्वर्ग को कोई टुकड़ा यहां किले के रूप में आसमान से आ गया हो।  ग्वालियर का इतिहास समृद्ध है। बड़े-बड़े सत्ताधीश बुरे समय में यहां के किले की जेल में ही बंदी बनाए गए।  ग्वालियर वह जगह है जहां बुरे दौर में भी आध्यात्मिक ताकतों का प्रकटीकरण हुआ। मितावली-पड़ावली का चौंसठ योगिनी का मंदिर असल में हमारी पुरानी लोकसभा के भवन की प्लानिंग है। जब 1912 में दिल्ली बनी तो संसद का निर्माण किया गया। अब नई संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है। हमारे यहां चीते गांवों में घूमते नजर आते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सहअस्तित्व नजर आता है। ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर में सौगात मिल रही है। इंडिगो कंपनी ने सीएसआर के माध्यम से ग्वालियर किलों के विकास के लिए 100 करोड़ की राशि दी है। प्रधानमंत्री मोदी दुनिया में देश की विरासत और पर्यटन केंद्रों को आगे बढ़ा रहे हैं। मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया के माध्यम से स्वदेशी और स्वाबलंवन के लिए काम कर रहे हैं।  इतिहास और विरासत है प्रदेश की पहचान प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश में पर्यटन का केंद्र बने, इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के पास आइडियाज का भंडार है और उन्हें जमीन पर उतारने का कार्य भी किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप मध्य प्रदेश को भी विकसित होना पड़ेगा। इसके लिए राज्य सरकार हर सेक्टर के विकास पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में वाइल्ड लाइफ की विविधता हैं। एमपी टाइगर स्टेट, चीता स्टेट और घड़ियाल स्टेट भी है। सांची के स्तूप, भीम बैठिका और खजुराहो के मंदिर यूनेस्को की स्थाई सूची में शामिल हैं। 15 स्थल अस्थायी सूची में दर्ज हैं। जबकि देशभर में यूनेस्को की विश्व धरोहरों की संख्या 62 है। उन्होंने कहा कि राज्य में नई पर्यटन नीति लागू की गई है। निवेशकों को सर्व सुविधाएं देते हुए रेड कारपेट बिछाकर आकर्षित किया जा रहा है। निवेशक मध्य प्रदेश आएं आपको कोई परेशानी नहीं होगी। मध्यप्रदेश को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली अवॉर्ड मिला हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि, जंगल, पर्यटन, शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में देश का महत्वपूर्ण राज्य है और प्रदेश दुनिया में आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में प्रदेश में उद्योग और निवेश का वातावरण बना है। प्रदेश में संभागीय स्तर पर छोटे शहरों में आयोजित रीजनल कॉन्क्लेव से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बल देंगे। निवेशकों का रुझान प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान करेगा। प्रमुख सचिव, पर्यटन-संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने इतिहास और विरासत के लिए पहचान रखता है। प्रदेश में 750 से अधिक संरक्षित केंद्र हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में प्रदेश की एक चौथाई से अधिक 18 साइट शामिल हैं। ग्वालियर विश्व के 54 चिह्नित शहरों में शामिल है। ग्वालियर को सांस्कृतिक महत्व से क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक घोषित किया गया है। यह शहर तानसेन और बैजू बावरा के लिए जाना जाता है। प्रदेश का 30 प्रतिशत क्षेत्र जंगलों से आच्छादित है। प्रदेश में 12 नेशनल पार्क हैं। सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश में हैं। हाल ही में श्योपुर क्षेत्र में चीतों को दोबारा बसाया गया है। उनका कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग, भगवान राम और कृष्ण के फुट प्रिंट यहां हैं। मां नर्मदा के सौंदर्य देखने के लिए लोग आते हैं। उन्होंने … Read more

खेल भावना मैदान के साथ जीवन में भी जरूरी : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर खेल विषयों पर आयोजित हुआ सेमिनार खेल भावना मैदान के साथ जीवन में भी जरूरी : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग पूर्व क्रिकेटर मदनलाल ने खिलाड़ियों को दिए टिप्स, कहा– टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से ही तय होगा करियर स्पोर्ट्स इंजरी, मनोविज्ञान और एंटी-डोपिंग जागरूकता पर विशेषज्ञों ने दिए उद्बोधन भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि क्रिकेट निस्संदेह देश का सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन खेलों का आकर्षण केवल ग्लैमर से नहीं, बल्कि जीत से आता है। यह बात उन्होंने शनिवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे दिन आयोजित खेल विषयक सेमिनार को संबोधित करते हुए कही। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान से खेल दिवस का महत्व और बढ़ गया है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस गतिविधियों का उद्देश्य देश में खेलों को सकारात्मक सोच और फिटनेस की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता। “देश की 140 करोड़ जनता भारत की आत्मा है और जब तक देश स्वस्थ नहीं होगा, उसकी आत्मा भी स्वस्थ नहीं रह सकती।” उन्होंने यह भी कहा कि पहले अभिभावक मानते थे कि खेलों में बच्चों का भविष्य उज्ज्वल नहीं हो सकता, लेकिन प्रधानमंत्री जी की पहल ने यह सोच बदल दी है। आज खिलाड़ी मैदान के साथ-साथ जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त कर रहे हैं। मंत्री सारंग ने पूर्व क्रिकेटर मदनलाल शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि वे कभी ग्लैमर के पीछे नहीं भागे और सादगी के साथ जीवन जीते हुए सफलता हासिल की। टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से तय होगा करियर सेमिनार में पूर्व क्रिकेटर मदनलाल शर्मा ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए समय प्रबंधन और सकारात्मक दृष्टिकोण सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि समय बर्बाद न करें। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और नए अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण है। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के डोप कंट्रोल ऑफिसर शशिकांत भारद्वाज ने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को बड़ा बनना है तो उसे डोप टेस्ट से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को डोप एजुकेशन, टेस्टिंग प्रक्रिया, उल्लंघन और चिकित्सीय उपयोग छूट की जानकारी दी। हाइपरफॉर्मेंस स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. संजना किरन ने कहा कि खिलाड़ी यह सोचें कि वे क्या बेहतर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अवसर और सुविधाओं का आभार व्यक्त करें और उनका पूरा लाभ उठाएं। स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. मनोज नागर ने खेल गतिविधियों के दौरान होने वाली चोटों, उनके उपचार और बचाव के उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने वार्मअप, स्ट्रेचिंग और उचित आहार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि चोट लगने पर उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निदेशक राकेश गुप्ता, स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ इंडिया सीआरसी भोपाल के रिजनल डायरेक्टर अभिषेक चौहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।