samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में बड़ी अहम भूमिका निभाता है

म.प्र. की पर्यटन नीति भा रही है निवेशकों को पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने 7 निवेशकों को जारी किये एलओए 60 करोड़ से अधिक का होगा निवेश और रोजगार सृजन अधिकांश निवेशकों ने होटल रिसॉर्ट में दिखाई रूचि 75 करोड़ से अधिक के विरासत कार्यों का हुआ शिलान्यास शिल्पकारों के लिए वेबसाइट और ग्वालियर किले की कार्ययोजना का हुआ विमोचन निवेश के लिए हो रहे सर्वांगीण प्रयासों से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल : विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख निवेशकों और हितधारकों से किया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में बड़ी अहम भूमिका निभाता है। पर्यटन से राष्ट्रीय आय तो बढ़ती ही है, साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं। पर्यटन और तीर्थाटन, ये हमारे देश और विशेषकर मध्यप्रदेश की समृद्धि के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। मध्यप्रदेश, देश का दिल है। प्रदेश की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ही पर्यटन विकास को विशेष महत्व दिया जा रहा है। राज्य सरकार समावेशी प्रयासों के जरिए समाज के सभी वर्गों को जोड़कर पर्यटन क्षेत्र के विस्तार और संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर पर्यटन कॉन्क्लेव में साढ़े तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 6 निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट प्रदाय किये गये, इससे 60 करोड़ से अधिक का निवेश और बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें विश्व स्तर पर आकर्षण का केंद्र हैं। इनके संरक्षण और प्रचार-प्रसार से प्रदेश न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि ‘आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध भारत’ के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आज राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर ग्वालियर में पहली बार रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव हो रहा है। ग्वालियर देश की राजधानी के करीब का क्षेत्र है। यहां राजा मानसिंह तोमर के काल में बना ऐतिहासिक किला दुनिया में पहचान रखता है। इसकी स्थापत्य कला अद्भुत है। बड़े-बड़े सत्ताधीशों को बुरे समय में इसी किले में बंदी बनाकर रखा गया। इस कठिन दौर में ग्वालियर में एक आध्यात्मिक आत्मा का प्रकटीकरण हुआ। मुरैना के मितावली के चौंसठ योगिनी मंदिर के डिजाइन के आधार पर वर्ष 1912 में दिल्ली में संसद भवन का निर्माण हुआ। यह दुनिया भर में लोकतंत्र का सबसे आकर्षक भवन है। अब नए संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो पहली बार चीता देखते हैं, वो आश्चर्यचकित हो जाते हैं। चीता गांवों में घूमते नजर आते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सह अस्तित्व और साहचर्य भाव नजर आता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय, ग्वालियर के भवन निर्माण के लिए 50 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है। जीवाजी विश्वविद्यालय में पीएम उषा योजना के तहत विकास कार्यों के लिए भी बड़ी धनराशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर अंचल को भी कई सौगातें मिल रही हैं। ग्वालियर के राजा मानसिंह किले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए इंडिगो कंपनी द्वारा अपने कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी फंड (सीएसआर कोष) से 100 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी पूरी दुनिया को देश की विरासतों और पर्यटन केंद्रों के बारे में बता रहे हैं। वे 'मेक इन इंडिया', 'मेड इन इंडिया', 'वोकल फॉर लोकल' और 'स्वदेशी अपनाओ' अभियान के जरिए देश के नागरिकों को स्वदेशी से स्वाबलंवन की ओर प्रवृत्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर की रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उद्योगपति श्री सचिन गुप्ता ने 1000 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा अन्य निवेशकों एवं उद्योग समूहों की ओर से कुल 3500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को इस कान्क्लेव के माध्यम से मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह कॉन्क्लेव 11 से 13 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' की तैयारियों का हिस्सा है। टूरिज्म सैक्टर के लिए यह महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रविवार (31 अगस्त) को मुरैना जिले को अनेक सौगातें मिलेंगी। मुरैना के पीपरसेरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से हाइड्रोजन कारखाने का शिलान्यास किया जा रहा है। कॉन्क्लेव में होटल एवं रिसोर्ट के लिए प्राप्त हुए निवेश प्रस्‍ताव कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर–चंबल और सागर संभाग में निवेश की इच्छा जताकर पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 7 भूमियों के लिए 6 निवेशकों को लैटर ऑफ अलॉटमेंट (LOA) प्रदान किए। प्रदेश में इससे सीधे तौर पर 60 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे। इन भूमियों पर होटल, रिसॉर्ट और ईको टूरिज्म यूनिट आदि का निर्माण किया जाएगा। श्री अरूण तिवारी को 40 कक्षों के साथ ईको टूरिज्म एक्टिविटी के लिये गांधी सागर मंदसौर और हेमाबर्डी धार में, श्री यश जैन को 20 कक्षों का रिसॉर्ट बनाने रहीपुरा बुराहनपुर में, श्रीमती स्मृति मुकुल थोराट, मेसर्स श्री साईं वेयर हाउस एण्ड एग्रो सर्विस को 20 कक्षों का रिसॉर्ट बनाने बिजाना शाजापुर में, श्री अमित उपाध्याय को 25 कक्षों का होटल/ रिसॉर्ट बनाने के लिये कागपुर विदिशा में, श्री संजय पाव को 22 कक्षों के साथ ईको टूरिज्म एक्टिविटीज के लिये गांधी सागर मंदसौर में और श्री विकास नेमा/प्रवीण … Read more

राजवाड़ा मार्केट इंदौर: सराफा से लेकर अन्य व्यापारी भी रात 10 बजे तक करेंगे कारोबार

इंदौर  राजवाड़ा क्षेत्र के बाजार में अब देर रात तक चहल-पहल रहेगी। सराफा व्यापारियों के साथ आते हुए क्षेत्र के अन्य बाजारों ने भी रात 10 बजे तक दुकानें खुली रखने की घोषणा कर दी है। एक सितंबर से इस पर अमल होगा। राजवाड़ा क्षेत्र के व्यापारियों ने इस मुद्दे पर चर्चा के बाद अपने सदस्य व्यापारियों के लिए सूचना जारी कर दी है। व्यापारी एसोसिएशनों द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में त्योहार और क्षेत्र के व्यापार को बढ़ाने को निर्णय का कारण बताया गया है। हालांकि असल कारण फुटपाथ व दुकानों के सामने कब्जे रोकना माना जा रहा है। सराफा में लग रही चाट-चौपाटी के खिलाफ चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन ने असहयोग आंदोलन छेड़ रखा है। ओटलों पर किराएदारी बंद करने के बाद सराफा बाजार में दुकानें रात 10 बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन ने बैठक के बाद इस पर सहमति जताई है। एसोसिएशन के सदस्य 600 गारमेंट कारोबारियों के साथ अन्य 300 दुकानदार भी देर रात तक दुकानें खुली रखने के लिए तैयार हो गए हैं। सराफा व्यापारी कैविएट दायर करेंगे सराफा चाट चौपाटी के खिलाफ मुहिम चला रहे चांदी-सोना व्यापारी कानूनी तौर पर भी अपना पक्ष मजबूत करने में लगे हैं। बताया जा रहा है कि व्यापारियों पर कदम पीछे खींचने और दुकानें नौ बजे तक बंद करवाने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। इस बीच व्यापारी गुमाश्ता कानून का हवाला देकर कह रहे हैं कि उन्हें रात 11 बजे तक दुकानें खुली रखने की छूट है, ऐसे में कोई भी जल्द बंद करने का दबाव नहीं बना सकता। चौपाटी वालों के अदालत जाने या ऐसी किसी अन्य याचिका पर एक पक्षीय आदेश से सुरक्षा के लिए सराफा व्यापारियों ने हाई कोर्ट में कैविएट दाखिल करने की तैयारी भी कर ली है। कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन भी समर्थन में कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन ने इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के साथ समन्वय कर साझा निर्णय लिया है कि आगामी दिनों में त्योहारों का सीजन रहेगा। ऐसे में वो भी रात 10 बजे तक दुकानें खुली रखेंगे। इस दौरान राजवाड़ा-कृष्णपुरा तक क्षेत्र को पूरी तरह व्यवधान मुक्त रखने, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी और नगर निगम के अतिक्रमण व्यवस्था को चाक-चौबंद पुख्ता प्रबंधन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को व्यापारी पत्र भी लिखेंगे। दुकानदारों को त्योहारी के लिए तैयारी करनी है     त्योहार का सीजन आ गया है। ऐसे में दुकानदारों को त्योहारी के लिए तैयारी करनी है। हमारा लक्ष्य है कि आम नौकरीपेशा लोग काम से फ्री होकर रात को बाजार में खरीदारी के लिए आ सकें। इसके लिए हम अभी से प्रचार अभियान चलाएंगे। – अक्षय जैन, अध्यक्ष, इंदौर रिटेल रेडीमेड गारमेंट व्यापारी एसोसिएशन एक सितंबर से रात 10 बजे तक खुला रहेगा बाजार     रात तक दुकानें खुली रखने के निर्णय में हमारी एसोसिएशन साथ है। राजवाड़ा के साथ कृष्णपुरा के सभी रेडीमेड गारमेंट्स संस्थान एक सितंबर से रात 10 बजे तक सेवाएं देंगे। – विजेंद्रसिंह चौहान, अध्यक्ष, कृष्णपुरा व्यापारी एसोसिएशन  

MP टूरिज्म में लगेगा 3500 करोड़, नए डेस्टिनेशन और सुविधा से बढ़ेगी चमक

ग्वालियर  मध्यप्रदेश का टूरिज्म अब और फलेगा-फूलेगा। खासकर ग्वालियर पर्यटन के नक्शे पर अपनी अलग ही पहचान बनाएगा। आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में पर्यटन की बेहतर व्यवस्था होगी। जो लोग यहां घूमने आएंगे उन्हें रहने की 5-7 स्टार सुविधा मिलेगी। दरअसल, उद्योगपतियों-निवेशकों को मध्यप्रदेश निवेश के लिए आकर्षित कर रहा है। इसी कड़ी में निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल-सागर संभाग में बड़े निवेश की इच्छा जताई है। निवेशक इस क्षेत्र में 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कर सकते हैं। उद्योगपतियों ने निवेश की यह इच्छा 30 अगस्त को ग्वालियर में आयोजित 'ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव' में जताई। उनके इस निवेश से टूरिज्म में इजाफा होगा, साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति होगी।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में 3500 करोड़ से अधिक के निवेश की इच्छा जताई है। इस तरह उन्होंने इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया है। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। आज पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 7 जमीनों के लिए 6 निवेशकों को लेटर ऑफ अलॉटमेंट जारी किए गए हैं। प्रदेश में इससे सीधे तौर पर 60 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे। इन जमीनों पर होटल, रिसॉर्ट और इको टूरिज्म यूनिट आदि का निर्माण किया जाएगा। भविष्य में दिखेंगे सुखद परिणाम सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज कॉन्क्लेव में ग्वालियर की धरती पर 25 से अधिक प्रमुख इन्वेस्टर्स, देशभर से 125 से अधिक ट्रैवल-टूर ऑपरेटर, 500 से अधिक हितधारक और स्थानीय कलाकार शामिल हुए हैं। इन सभी के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई है। इसके भविष्य में निश्चित ही अच्छे और सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। आज का दिन बेहद खास है। यहां पहली ही बार हो रही रीजनल कॉन्क्लेव जबरदस्त रही। ग्वालियर के पास आगरा, मथुरा, दिल्ली है। ग्वालियर देश की राजधानी का सबसे नजदीकी केंद्र है। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से देखें तो मथुरा-वृंदावन का नजदीकी क्षेत्र है। ग्वालियर का ऐतिहासिक महत्व है। राजा मानसिंह का किला और उसकी अपनी गाथा विशेष है। ऐसा लगता है  जैसे स्वर्ग को कोई टुकड़ा यहां किले के रूप में आसमान से आ गया हो।  ग्वालियर का इतिहास समृद्ध है। बड़े-बड़े सत्ताधीश बुरे समय में यहां के किले की जेल में ही बंदी बनाए गए।  ग्वालियर वह जगह है जहां बुरे दौर में भी आध्यात्मिक ताकतों का प्रकटीकरण हुआ। मितावली-पड़ावली का चौंसठ योगिनी का मंदिर असल में हमारी पुरानी लोकसभा के भवन की प्लानिंग है। जब 1912 में दिल्ली बनी तो संसद का निर्माण किया गया। अब नई संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है। हमारे यहां चीते गांवों में घूमते नजर आते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सहअस्तित्व नजर आता है। ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर में सौगात मिल रही है। इंडिगो कंपनी ने सीएसआर के माध्यम से ग्वालियर किलों के विकास के लिए 100 करोड़ की राशि दी है। प्रधानमंत्री मोदी दुनिया में देश की विरासत और पर्यटन केंद्रों को आगे बढ़ा रहे हैं। मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया के माध्यम से स्वदेशी और स्वाबलंवन के लिए काम कर रहे हैं।  इतिहास और विरासत है प्रदेश की पहचान प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश में पर्यटन का केंद्र बने, इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के पास आइडियाज का भंडार है और उन्हें जमीन पर उतारने का कार्य भी किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप मध्य प्रदेश को भी विकसित होना पड़ेगा। इसके लिए राज्य सरकार हर सेक्टर के विकास पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में वाइल्ड लाइफ की विविधता हैं। एमपी टाइगर स्टेट, चीता स्टेट और घड़ियाल स्टेट भी है। सांची के स्तूप, भीम बैठिका और खजुराहो के मंदिर यूनेस्को की स्थाई सूची में शामिल हैं। 15 स्थल अस्थायी सूची में दर्ज हैं। जबकि देशभर में यूनेस्को की विश्व धरोहरों की संख्या 62 है। उन्होंने कहा कि राज्य में नई पर्यटन नीति लागू की गई है। निवेशकों को सर्व सुविधाएं देते हुए रेड कारपेट बिछाकर आकर्षित किया जा रहा है। निवेशक मध्य प्रदेश आएं आपको कोई परेशानी नहीं होगी। मध्यप्रदेश को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली अवॉर्ड मिला हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि, जंगल, पर्यटन, शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में देश का महत्वपूर्ण राज्य है और प्रदेश दुनिया में आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में प्रदेश में उद्योग और निवेश का वातावरण बना है। प्रदेश में संभागीय स्तर पर छोटे शहरों में आयोजित रीजनल कॉन्क्लेव से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बल देंगे। निवेशकों का रुझान प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान करेगा। प्रमुख सचिव, पर्यटन-संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने इतिहास और विरासत के लिए पहचान रखता है। प्रदेश में 750 से अधिक संरक्षित केंद्र हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में प्रदेश की एक चौथाई से अधिक 18 साइट शामिल हैं। ग्वालियर विश्व के 54 चिह्नित शहरों में शामिल है। ग्वालियर को सांस्कृतिक महत्व से क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक घोषित किया गया है। यह शहर तानसेन और बैजू बावरा के लिए जाना जाता है। प्रदेश का 30 प्रतिशत क्षेत्र जंगलों से आच्छादित है। प्रदेश में 12 नेशनल पार्क हैं। सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश में हैं। हाल ही में श्योपुर क्षेत्र में चीतों को दोबारा बसाया गया है। उनका कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग, भगवान राम और कृष्ण के फुट प्रिंट यहां हैं। मां नर्मदा के सौंदर्य देखने के लिए लोग आते हैं। उन्होंने … Read more

खेल भावना मैदान के साथ जीवन में भी जरूरी : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर खेल विषयों पर आयोजित हुआ सेमिनार खेल भावना मैदान के साथ जीवन में भी जरूरी : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग पूर्व क्रिकेटर मदनलाल ने खिलाड़ियों को दिए टिप्स, कहा– टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से ही तय होगा करियर स्पोर्ट्स इंजरी, मनोविज्ञान और एंटी-डोपिंग जागरूकता पर विशेषज्ञों ने दिए उद्बोधन भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि क्रिकेट निस्संदेह देश का सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन खेलों का आकर्षण केवल ग्लैमर से नहीं, बल्कि जीत से आता है। यह बात उन्होंने शनिवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत दूसरे दिन आयोजित खेल विषयक सेमिनार को संबोधित करते हुए कही। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान से खेल दिवस का महत्व और बढ़ गया है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस गतिविधियों का उद्देश्य देश में खेलों को सकारात्मक सोच और फिटनेस की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस कोई भी व्यक्ति सफल नहीं हो सकता। “देश की 140 करोड़ जनता भारत की आत्मा है और जब तक देश स्वस्थ नहीं होगा, उसकी आत्मा भी स्वस्थ नहीं रह सकती।” उन्होंने यह भी कहा कि पहले अभिभावक मानते थे कि खेलों में बच्चों का भविष्य उज्ज्वल नहीं हो सकता, लेकिन प्रधानमंत्री जी की पहल ने यह सोच बदल दी है। आज खिलाड़ी मैदान के साथ-साथ जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त कर रहे हैं। मंत्री सारंग ने पूर्व क्रिकेटर मदनलाल शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि वे कभी ग्लैमर के पीछे नहीं भागे और सादगी के साथ जीवन जीते हुए सफलता हासिल की। टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से तय होगा करियर सेमिनार में पूर्व क्रिकेटर मदनलाल शर्मा ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए समय प्रबंधन और सकारात्मक दृष्टिकोण सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि समय बर्बाद न करें। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और नए अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण है। नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के डोप कंट्रोल ऑफिसर शशिकांत भारद्वाज ने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को बड़ा बनना है तो उसे डोप टेस्ट से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि हमेशा तैयार रहना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को डोप एजुकेशन, टेस्टिंग प्रक्रिया, उल्लंघन और चिकित्सीय उपयोग छूट की जानकारी दी। हाइपरफॉर्मेंस स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. संजना किरन ने कहा कि खिलाड़ी यह सोचें कि वे क्या बेहतर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अवसर और सुविधाओं का आभार व्यक्त करें और उनका पूरा लाभ उठाएं। स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. मनोज नागर ने खेल गतिविधियों के दौरान होने वाली चोटों, उनके उपचार और बचाव के उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने वार्मअप, स्ट्रेचिंग और उचित आहार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि चोट लगने पर उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निदेशक राकेश गुप्ता, स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ इंडिया सीआरसी भोपाल के रिजनल डायरेक्टर अभिषेक चौहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।  

भिंड में पेट्रोल पंप पर गोलीबारी, हेलमेट नियम पर नाराज़ होकर बदमाशों ने की फायरिंग

भिंड  ग्वालियर-इटावा नेशनल हाइवे 719 पर स्थित पेट्रोल पंप संचालक को बिना हेलमेट के बाइक सवार को पेट्रोल नहीं देना संचालक को महंगा पड़ गया। बाइक सवार युवकों ने पंप पर बंदूक और कट्टे से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसी दौरान एक गोली पंप संचालक के दाएं हाथ में लग गई। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर दो आरोपितों की पहचान कर ली है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। घटना शनिवार सुबह करीब पांच बजे की है। प्रेट्रोल नहीं देने पर भड़के युवक जानकारी के अनुसार 62 वर्षीय तेजनारायण पुत्र गोरेलाल नरवरिया निवासी पुर थाना देहात का बरोही क्षेत्र में हाइवे पर सावित्री पेट्रोल पंप है। शनिवार सुबह करीब चार बजे एक युवक बाइक से पंप पर पहुंचा और सेल्समैन ने पेट्रोल डालने के लिए कहा। सेल्समैन ने युवक से कहा कि हेलमेट नहीं है। इसलिए पेट्रोल नहीं डलेगी। भिंड कलेक्टर ने बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर रोक लगाई है। इस पर युवक भड़क गया और सेल्समैन को धमकाते हुए बोला कि पेट्रोल नहीं डाली तो अंजाम बुरा होगा। इसके बाद युवक वहां से चला गया। पंप पर कर दी ताबड़तोड़ फायरिंग करीब 50 मिनट बाद युवक दो अन्य साथियों के साथ 4.50 बजे पंप पर पहुंचा। इसमें एक युवक 315 बोर की बंदूक और एक युवक 315 बोर का कट्टे लिए था। युवकों ने आते ही सेल्समैन को गालियां देना शुरू कर दी और बोला के बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं दी तो अब गोली खा। इसके बाद दो युवकों ने बंदूक और कट्टे से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली चलते ही कर्मचारी मौके से भाग गया। संचालक के हाथ में लगी गोली इसी दौरान पंप के ऑफिस में लेटे संचालक तेजनारायण नरवरिया बाहर आए और युवकों से फायरिंग बंद करने के लिए कहा। इसी दौरान एक गोली संचालक तेजनारायण दाएं हाथ में लग गई तो वह जमीन पर गिर गए। इस दौरान गोली पंप के ऑफिस में लगे शटर सहित अन्य जगह लगी हैं। इसके बाद युवक हथियार लहराते हुए बाइक लेकर भाग गए। स्टाफ ने संचालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान की बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में दो लोग बंदूक और कट्टे से फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के आधार पर उनकी पहचान बिजपुरी निवासी भोलू भदौरिया और कुलदीप भदौरिया के रूप में हुई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार दबिश दे रही हैं। संभवत: देर रात तक आरोपितों को पकड़ लेंगे। 5 अगस्त को बिना हेलमेट के पेट्रोल देने पर लगी थी रोक बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने पांच अगस्त को दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया था। बिना हेलमेट पेट्रोल भी नहीं देने के आदेश दिए। नजर रखने के लिए एसडीएम के नेतृत्व में विशेष निरीक्षण दल गठित किए। निरीक्षण के दौरान पंपों पर दोपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट के पेट्रोल देते पाए जाने पर कार्रवाई भी की गई।

CM डॉ. यादव 1 सितंबर को लॉन्च करेंगे अनोखी वैदिक घड़ी और मोबाइल ऐप

भोपाल  विक्रमादित्य वैदिक घडी का अनावरण एवं ऐप का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 सिंतबर 2025 को मुख्यमंत्री निवास से करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि सुबह 9 बजे शौर्य स्मारक पर कॉलेज, विश्वविद्यालय के युवा एवं छात्र-छात्राएं एकत्रित होंगे। शौर्य स्मारक से बाइक रैली आरंभ होगी जो रवींद्र भवन तक जायेगी। रवींद्र भवन से बाइक रैली पैदल मार्च में बदलकर मुख्यमंत्री निवास के द्वार तक पहुंचेगी। इस अवसर पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी: भारत के समय की पुनर्स्थापना की पहल विषय पर युवा संवाद कार्यक्रम भी होगा। जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव युवाओं से संवाद करेंगे।  संस्कृति सलाहकार तिवारी ने बताया कि विक्रमादित्य वैदिक घडी भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी है। भारतीय काल गणना सर्वाधिक विश्वसनीय पद्धति का पुनरस्थापन विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के रूप में उज्जैन में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 फरवरी 2024 को किया गया था। जिसे देश और दुनिया में अच्छा प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टि का अद्भुत संगम है। भारतवर्ष वह पावन भूमि है जिसने संपूर्ण ब्रह्माण्ड को अपने ज्ञान से आलोकित किया है। यहां की संस्कृति का प्रत्येक पहलू प्रकृति और विज्ञान का ऐसा विलक्षण उदाहरण है, जो विश्व कल्याण का पोषक है। इन्हीं धरोहरों के आधार पर निर्मित 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' भारतीय परम्परा का गौरवपूर्ण प्रतीक है। इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित करने का प्रयास है। यह प्रयास विरासत और विकास, प्रकृति और तकनीक का संतुलन होगा। यह स्वदेशी जागरण की महत्वपूर्ण कोशिश है, जो भारत को विश्व मंच पर मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक धुरी बनकर वैश्विक भाषाओं और परंपराओं, आस्थाओं व धार्मिक कार्यों को जोड़ने वाली कड़ी बनेगी। श्रीराम तिवारी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि भारत दुनिया का पहला और अकेला ऐसा देश है जो पूरी मानवता को, विरासत, प्रकृति और तकनीक के संतुलन के साथ जीना सिखाता रहा है। 

धार्मिक पर्यटन में MP नंबर-1: CM डॉ. यादव बोले- सबसे ज्यादा श्रद्धालु यहां आए

CM डॉ. यादव का दावा- धार्मिक पर्यटन के लिए सबसे ज्यादा पर्यटक MP पहुंचे रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव से ग्वालियर क्षेत्र में पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत अभियान चल रहा है। राज्य सरकार भी इस अभियान में हरसंभव सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पर्यटन विकास को रोजगार से जोड़ा है। पर्यटन बढ़ता है, तो लोगों को रोजगार के नए-नए अवसर मिलते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि देश में पर्यटन क्षेत्र बहुत तेजी से विकास कर रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी पीछे नहीं है। गत वर्ष धार्मिक पर्यटन के लिए देश में सर्वाधिक पर्यटकों ने मध्यप्रदेश को ही चुना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को जारी संदेश में कहा कि हमारी सरकार सभी क्षेत्रों को समान रूप से बढ़ावा दे रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की गई है। इससे पहले रीवा और उज्जैन में टूरिज्म को लेकर ऐसी ही कॉन्क्लेव आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समृद्ध वन क्षेत्र और वन्य जीव पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। कूनो में देश का पहला राष्ट्रीय चीता अभ्यारण्य है। साथ ही चंबल नदी के आसपास घड़ियाल अभ्यारण्य भी है। कछुओं की लुप्त प्रजातियों का भी संरक्षण मध्यप्रदेश में किया जा रहा है। माधव नेशनल टाइगर पार्क को इसी साल लोकार्पित किया गया है। पर्यटन विकास के जरिए प्रदेश का भविष्य और उज्ज्वल और समृद्ध हो, सभी युवाओं को रोजगार मिले, हमारी सरकार इसी भावना से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के कई स्थान हैं। देश में कुल 66 स्थान विश्व धरोहर स्थल के रूप में चिन्हित किए गए हैं, इनमें से 27 मध्यप्रदेश में स्थित हैं। यह राज्य के लिए बेहद गौरव की बात है। इस कॉन्क्लेव के जरिए ग्वालियर एवं चंबल अंचल में पर्यटन विकास को एक नई गति मिलेगी।  

‘ऑपरेशन सिंदूर का मकसद PoK पर कब्जा’, उमा भारती ने किया दावा

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी की नेता उमा भारती ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी. काशी और मथुरा पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि 'दोनों मामले कोर्ट में हैं, लेकिन मेरा दिल हिंदू है और मेरी आस्था काशी और मथुरा में मंदिर देखना चाहती है.' ऑपरेशन सिंदूर पर उन्होंने कहा कि हमारा अंतिम लक्ष्य पीओके को वापस लेना है. उन्होंने साफ कहा कि 'हमारा मकसद तभी पूरा होगा जब पीओके भारत में शामिल होगा.' भारतीय सेना पर सवाल उठाने वालों पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोग न सेना का सम्मान करना जानते हैं और न ही राजनीति करने के काबिल हैं. उन्होंने कहा, 'आतंकवाद एक दिन पाकिस्तान को खुद खत्म कर देगा. पीओके भारत का अभिन्न हिस्सा है.'  'जनता का दिल जीतकर जीते जाते हैं चुनाव' विपक्ष की ओर से लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों पर उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'इलेक्शन, चुनाव आयोग में नहीं, जनता का दिल जीतकर जीते जाते हैं. राहुल गांधी सेना का अपमान करते हैं, अनुच्छेद 370 बहाल करने की बात करते हैं, राम मंदिर के कार्यक्रम में भी नहीं गए. राष्ट्रीय गौरव को ठुकराकर चुनाव नहीं जीते जाते. राहुल को बोलने से पहले सोचना चाहिए या याददाश्त के लिए होम्योपैथिक दवा लेनी चाहिए.' 'लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का' उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी भी आपातकाल लगाने के बाद चुनाव हार गई थीं क्योंकि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है. 2008 मालेगांव ब्लास्ट केस में अदालत से सभी आरोपियों के बरी होने पर उमा भारती ने कहा कि यह हिंदुओं को बदनाम करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने की साजिश थी. उन्होंने आरोप लगाया कि साध्वी प्रज्ञा सिंह को इतनी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया कि आज वे चल भी नहीं पातीं. लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को भी बुरी तरह यातना दी गई. 'पार्टी में योगदान की कोई उम्र तय नहीं' मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र पटवारी के बयान पर उन्होंने कहा कि 'उन्हें खुद नहीं पता कि क्या बोल रहे हैं. कांग्रेस खत्म हो चुकी है, कई नेता रिटायर हो गए हैं और नई पीढ़ी भाजपा में आ रही है. पटवारी अकेले रह गए हैं.' रिटायरमेंट की उम्र पर बहस को लेकर उमा भारती ने कहा कि 'किसी भी संस्था या पार्टी में योगदान की कोई उम्र तय नहीं होती. राजनीति एक मंच है और योगदान मेरी क्षमता है.'

झाबुआ में बड़ा हादसा: एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान गई, घर पर पलटा ट्रक

झाबुआ झाबुआ जिले में शनिवार को एक हादसा हो गया. यहां तड़के सुबह रेत से लदा एक ट्रक एक घर पर पलट गया. जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई. फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.   एक एजेंसी के मुताबिक मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में शनिवार तड़के रेत से लदा एक ट्रक उनके घर पर पलट जाने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई. कालीदेवी थाने के प्रभारी प्रदीप वाल्टर ने बताया कि यह दुर्घटना जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर फतीपुरा गांव के पास चोरन माता घाट के पास हुई. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन चालक ने ढलान पर वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे वाहन एक घर पर पलट गया. अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों, देसिंह मेड़ा (35), उनकी पत्नी रमीला (27) और उनकी बेटी आरोही (7) की सोते समय कुचलकर मौत हो गई. ट्रक छोटा उदयपुर से रेत लेकर राजगढ़ जा रहा था. वाल्टर ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है. दुर्घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा. जिन्होंने उन्हें शांत कराया. 

हमारा स्वाभिमान है स्वदेशी उत्पाद, हमारी संस्कृति ही हमें जोड़ती है स्वदेशी भाव से: CM यादव

स्वदेशी उत्पादों का उपयोग है सच्ची राष्ट्रसेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारा स्वाभिमान है स्वदेशी उत्पाद हमारी संस्कृति ही हमें जोड़ती है स्वदेशी भाव से स्वदेशी अभियान के पोस्टर एवं जन अभियान परिषद के ब्रोशर का किया विमोचन जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के मध्य हुआ एमओयू स्वदेशी से जुड़े रहने के संकल्प के तहत सभी ने ली शपथ मुख्यमंत्री ने किया स्वदेशी से स्वावलंबन विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय संगोष्ठी का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री एवं जनअभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वदेशी वस्तुएं केवल उत्पाद ही नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, धरोहर और हमारे मान-सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया "वोकल फॉर लोकल" अभियान भारतीयता की इसी भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है। हमारे देशी उत्पाद न केवल विदेशी उत्पादों से अधिक मजबूत, किफायती और गुणवत्तायुक्त हैं, बल्कि इन्हें खरीदने पर हमें अधिकतम लाभ भी मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से आत्मीय आह्वान किया कि हर भारतीय नागरिक को न केवल स्वयं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यही देश प्रेम हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। स्वदेशी भावना ही सच्ची राष्ट्रसेवा का सहज मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में 'स्वदेशी से स्वावलंबन' विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि कर इस एक दिवसीय संगोष्ठी का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनअभियान परिषद द्वारा स्वदेशी अभियान के लिए तैयार किए गए पोस्टर एवं ब्रोशर का भी विमोचन किया। इस ब्रोशर में स्वदेशी वस्तुओं की सूची दी गई है। कार्यक्रम में जन अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के मध्य स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार की जनजागृति के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में इस एमओयू का दोनों संगठनों द्वारा परस्पर आदान-प्रदान भी किया गया। कार्यक्रम का आरंभ वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। आरंभ में आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का तुलसी का पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का अधिकाधिक उपयोग ही देश के प्रति प्रेम और सच्ची राष्ट्र सेवा है। हम सभी को अपने जीवन में देशी उत्पादों का उपयोग बढ़ाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी भाव से सदैव जुड़े रहने के संकल्प के तहत कार्यक्रम में उपस्थित सभी को स्वदेशी उत्पादों का ही उपयोग करने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को 'राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस' की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लघु उद्योगों से ही हमारी अर्थव्यवस्था कायम है। भारतीय वस्तुओं और भारतीय तकनीक की विश्व में धूम मची है। वैश्विक स्तर पर हमारे देश में निर्मित वस्तुओं की मांग बढ़ी है। यह वैश्विक मांग हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान भाव को और पोषित करती है। उन्होंने कहा कि पूरा राष्ट्र स्वदेशी के प्रति वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध है। हमारी संस्कृति ही हमें स्वदेशी का भाव सिखाती है। हम देशी वस्तुओं के प्रति अपने अंर्तमन से जुड़े हुए हैं। यह भावना ही स्वदेशी उत्पादों को और बेहतर स्वरूप देने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जन अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच दोनों का लक्ष्य एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में धार्मिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने की दिशा में ठोस काम किए हैं। महाकाल लोक के निर्माण के बाद वर्ष 2024 में 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए। हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। पर्यटन के अलावा हम एमएसएमई यानि छोटे उद्योग और खनन क्षेत्र में निहित संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कॉन्क्लेव कर रहे हैं। ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की गई है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में रोजगारपरक उद्योग स्थापित करने वाले उद्योगपतियों और निवेशकों को किफायती दरों पर भूमि, बिजली, पानी के साथ-साथ प्रति श्रमिक 5 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि भी दे रहे हैं। इससे प्रदेश में नए उद्योग-धंधे लगेंगे, जिसका सीधा लाभ मध्यप्रदेश के निवासियों को मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह के रूप में मिट्टी के गणेश की प्रतिमा भेंट की गई। संगोष्ठी में बैतूल विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि स्वदेशी एक बड़ा विषय है। राज्य सरकार स्वदेशी के प्रति जागरूकता और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही है। हम सभी अपने मानस में, अपने आचरण में स्वदेशी भाव लाएं, तभी हमारा देश विकसित और समृद्ध बनेगा। हम अपनी संस्कृति और धरोहर को बचाए रखें और सरकार के स्वदेशी भाव से जुड़े हर काम, हर अभियान में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर जागृति लाएंगे, तभी तो स्वदेशी की भावना हर नागरिक तक पहुंचेगी। जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने कहा कि यह राज्य स्तरीय संगोष्ठी स्वदेशी जागरण मंच के सहयोग से आयोजित की गई है। दोनों संगठन स्वदेशी के प्रति जागृति लाने के लिए प्राण-प्रण से जुटे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2025 तक जनअभियान परिषद 'स्वदेशी जागरण सप्ताह' मनाएगा। हम इसे जन-जन का अभियान बनाएंगे। उन्होंने बताया कि हम सरकार के हर अभियान को प्रदेश के हर नागरिक तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। विगत 30 मार्च से 30 जून तक चले 'जल गंगा संवर्धन अभियान' में जन अभियान परिषद ने 40 लाख लोगों की सहभागिता कराई। 'एक पेड़ मां के नाम अभियान' के तहत जन अभियान परिषद ने 17 लाख से अधिक पौधे रोपने में मदद की और करीब 1.5 लाख से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़ा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हम मिट्टी के गणेश की स्थापना के लिए लक्षित होकर काम कर रहे हैं। इस वर्ष के गणेशोत्सव में हमने प्रदेश के 10 लाख से अधिक घरों में … Read more