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मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल: पंजीयन नवीनीकरण अब फेस स्कैन से संभव

भोपाल मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल की तरह अब फार्मेसी काउंसिल में भी पंजीयन नवीनीकरण के लिए फार्मासिस्ट का भौतिक सत्यापन अनिवार्य करने की तैयारी है। 60 वर्ष से कम उम्र वालों का आधार केवायसी से सत्यापन किया जाएगा, ताकि पता चल सके कि वे जीवित है या नहीं। इससे अधिक उम्र वालों को भोपाल में फार्मेंसी काउंसिल में उपस्थित होना पड़ेगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि अभी सिर्फ कागजों के आधार पर पंजीयन नवीनीकरण हो जाता है, जिससे यही पता नहीं चलता कि जिसके नाम से पंजीयन वह व्यक्ति जीवित है या नहीं। इसी पंजीयन के आधार पर औषधि प्रशासन विभाग मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी करता है। कई बार तो ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन की तरफ से भी फार्मासिस्टों के नवीनीकरण आवेदन एकत्र करके काउंसिल में भेजे जाते हैं।       उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल ने भी पंजीकृत सभी डाॅक्टरों का आधार सत्यापन दो वर्ष पहले शुरू किया था।     कारण, कई डाॅक्टर दुनिया में नहीं रहे तो कुछ दूसरे राज्य या विदेश में चले गए पर काउंसिल में इसके बाद भी वह पंजीकृत हैं। सत्यापन में स्थिति सामने आ गई।     अब ऐसी ही व्यवस्था फार्मेसी काउंसिल करने जा रहा है। प्रदेश में 80 हजार से अधिक फार्मासिस्ट पंजीकृत हैं। हर पांच वर्ष में पंजीयन नवीनीकरण अनिवार्य है।     इनमें मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले या सरकारी-निजी क्षेत्र में सेवा देने वाले फार्मासिस्टों का पंजीयन नवीनीकरण नहीं हुआ तो वे न तो दुकान चला सकते न ही सेवा दे सकते।     स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसकी तैयारी चल रही है। लगभग एक माह में पंजीयन नवीनीकरण के लिए यह व्यवस्था प्रारंभ कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध

जिन विभागों में गुंजाइश थी, वहां 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल को सभी राजनीतिक दलों ने सराहा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का विषय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। प्रदेश में सभी राजनीतिक दल अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सहमत हैं। विभिन्न पक्षों के अधिवक्ता इस विषय में न्यायालय के सामने अपने-अपने बिन्दु रख रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण विषय पर 22 सितम्बर से प्रतिदिन सुनवाई करेगा। इस विषय पर सभी दलों की सहमति हो, इस संबंध में गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया कि इस विषय में सभी दल एकजुट होकर एक फोरम पर आएंगे और विभिन्न पक्षों के अधिवक्तागण भी 10 सितम्बर तक एक साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई सर्वदलीय बैठक के बाद जारी अपने संदेश में यह बात कही। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी राजनीतिक दल एक मत से राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए कटिबद्ध हैं। प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों को राज्य शासन और उसके विभिन्न घटकों द्वारा की गई चयन प्रक्रिया में विभिन्न न्यायिक आदेशों के फलस्वरूप नियुक्ति आदेश जारी किए जाने से वंचित शेष 13 प्रतिशत अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने सभी दल एकजुट होकर इसे क्रियान्वित करने के लिए विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के सभी फोरम पर मिलकर प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार हरसंभव प्रयास किए हैं। जिन विभागों में गुंजाइश थी उन सभी विभागों में आरक्षण देने में सरकार पीछे नहीं रही। कई विभाग जिनमें स्टे नहीं था, जैसे लोक निर्माण विभाग आदि में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इस विषय में राज्य सरकार वरिष्ठतम अधिवक्ताओं की सलाह लेने और राज्य सरकार का पक्ष रखने में उनका सहयोग लेने के लिए वर्तमान में भी सहमत और तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका हक दिलाने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर हो रही जातिगत जनगणना से भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस विषय पर सर्वदलीय बैठक आयोजित करने की पहल की राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सराहना की। सर्वदलीय बैठक में शामिल सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस श्री जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक श्री उमंग सिंघार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस श्री अरूण यादव, प्रदेश अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी श्री रमाकांत पिप्प्ल, प्रदेश अध्यक्ष समाजवाद पार्टी श्री मनोज यादव, प्रदेश अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एवं विधायक श्री तलेश्वर सिंह मरकाम, प्रदेश अध्यक्ष आम आदमी पार्टी एवं महापौर नगर पालिक निगम सिंगरौली श्रीमती रानी अग्रवाल, भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के श्री जे.पी दुबे, पूर्व मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल तथा अधिवक्ता श्री वरूण ठाकुर उपस्थित थे। बैठक में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग श्री रामकृष्ण कुसमारिया, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष भाजपा श्री हेमंत खंडेलवाल, सतना सांसद श्री गणेश सिंह तथा विधायक श्री प्रदीप शामिल हुए। बैठक में एडवोकेट जनरल श्री प्रशांत सिंह ने वर्चुअली सहभागिता की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव विधि श्री एन.पी. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने सर्वदलीय बैठक को स्वागत योग्य पहल बताया। समाजवाटी पार्टी के श्री मनोज यादव ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका अधिकार मिलना चाहिए। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री हेमंत खंडलवाल तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के श्री जे.पी. दुबे ने भी अपने विचार रखे। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए शिक्षा एवं सेवाओं में आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने संबंधी जानकारी     दिनांक 08 मार्च 2019 को म.प्र. शासन द्वारा अध्यादेश जारी कर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए शिक्षा एवं सेवाओं में आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया। दिनांक 14 अगस्त 2019 को विधानसभा में विधेयक पारित कर इसे कानून के रूप में लागू किया गया।     वर्तमान में 19 मार्च 2019 को दायर WP 5901/ 2019 (आशिता दुबे विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन) सहित 40 से अधिक प्रकरण उच्चतर न्यायालयों में प्रचलन में हैं, जिनमें मूलतः अंतरिम आदेश द्वारा अध्यादेश/अधिनियम में 14 प्रतिशत से अधिक आरक्षण के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई है, परंतु अधिनियम की वैधानिकता पर न्यायालय द्वारा कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई है। अतः उपरोक्त अधिनियम आज की स्थिति में वैधानिक है एवं इसकी वैधानिकता पर वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में याचिका क्रमांक Writ Petition (s) (Civil) No(s). 606/2025 में अंतिम सुनवाई 22 सितंबर 2025 से प्रारंभ होना नियत है।     दिनांक 19 मार्च 2019 को दायर याचिका WP 5901/2019 (आशिता दुबे विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन) में अंतरिम आदेश द्वारा अध्यादेश के आधार पर 14 प्रतिशत से अधिक आरक्षण महावि‌द्यालय में प्रवेश के दौरान न देने के निर्देश दिये। (चिकित्सा शिक्षा विभाग) WP No.-25181/2019, WP No.-8923/2020 एवं 40 अन्य याचिकाओं में 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ प्रकाशित विज्ञापनों (यथा MPPSC, PEB, TET आदि) पर रोक लगाई गई। उपरोक्त प्रकरणों में समय-समय पर पारित अंतरिम आदेश के कारण प्रावधानित 27 प्रतिशत अन्य पिछडा वर्ग आरक्षण का क्रियान्वयन प्रायोगिक रूप से संभव नहीं हो पाया है।     शासन द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रचलित WP No.-25181/2019, WP No.-8923/2020 एवं 40 अन्य याचिकाओं को WP 5901/2019 के साथ सम्मिलित कराया गया। उपरोक्त याचिकाओं में पारित अंतरिम आदेशों के म‌द्देनजर महाधिवक्ता के माध्यम से मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रभावी प्रतिरक्षण की कार्यवाही सुनिश्चित की गई।     दिनांक 29 सितंबर 2022 को सामान्य प्रशासन विभाग ‌द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को परीक्षा परिणाम दो भागों में, 87 प्रतिशत पदों पर मुख्य तथा 13 प्रतिशत पदों पर प्रावधिक परिणाम घोषित करने के निर्देश जारी किये गए।     दिनांक 27 जनवरी 2024 को सामान्य प्रशासन … Read more

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- वर्तमान के साथ भावी पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल करने के लिए सरकार कटिबद्ध

भोपाल  वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी उज्ज्वल हो, इसी ध्येय के साथ सरकार शिक्षा सुविधाओं का विस्तार कर रही है। इसी भाव के साथ उप नगर ग्वालियर की शिक्षण संस्थाओं को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात गुरुवार को डॉ. भगवत सहाय शासकीय महाविद्यालय में विकास कार्यों के लोकार्पण समारोह में कही। उन्होंने महाविद्यालय में कुल 4 करोड़ 15 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित मुख्य प्रवेश द्वार, अत्याधुनिक विज्ञान भवन, कम्प्यूटर प्रयोगशाला एवं स्मार्ट क्लास का लोकार्पण किया। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केन्द्र एवं राज्य सरकार विकास की नई इबारत लिख रही है। उन्होंने बताया कि उपनगर ग्वालियर में सांदीपनि स्कूल, शिक्षा नगर व डीआरपी लाइन स्थित स्कूल और अन्य स्कूलों को स्मार्ट बनाया गया है। इसी तरह सिविल हॉस्पिटल हजीरा व बिरलानगर प्रसूति गृह को अत्याधुनिक एवं उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उप नगर ग्वालियर व हजीरा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को अब बिरलानगर प्रसूति गृह में जटिल ऑपरेशन तक की सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने भरोसा दिलाया कि डॉ. भगवत सहाय महाविद्यालय के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। महाविद्यालय परिसर में सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य भी कराए जायेंगे। साथ ही कहा कि यहाँ के नौजवानों को ग्वालियर में ही रोजगार मिले, इस दिशा में भी गंभीरता के साथ प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. भगवत सहाय महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री रामअवतार सिंह बैस ने विकास कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्री तोमर की पहल पर महाविद्यालय में हुए विकास कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, विद्यार्थी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद थे। प्राचार्य डॉ. श्रीवास्तव का किया सम्मान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शॉल-श्रीफल व पुष्पाहारों से डॉ. भगवत सहाय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर के श्रीवास्तव को सम्मानित किया। डॉ. श्रीवास्तव इसी माह 30 अगस्त को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। सभी अतिथियों ने डॉ. श्रीवास्तव के सेवाकाल को याद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  

त्योहारी सीजन में ट्रेनें फुल, दीपावली-छठ पर यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

जबलपुर दीपावली घर पर मनाने के लिए लोगों ने तैयारी अभी से ही शुरू कर दी है। बर्थ की कमी से ट्रेनों से त्योहार पर घर पहुंचना आसान नहीं होगा। रेलवे की ओर से त्योहार से पूर्व की तिथियों पर आरक्षण टिकट खिड़की खुलते ही ट्रेनें की सीटें भर जा रही हैं। दीपावली और छठ पूजा से पहले की तिथियों में उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में टिकट बुकिंग बंद हो गई है। दिल्ली, इंदौर और जयपुर से जबलपुर आने वाली ट्रेनों में भी त्योहार से पूर्व की तिथियों पर टिकट प्रतीक्षा सूची में पहुंच गई है। जिन यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल सकी है वे अब नई स्पेशल ट्रेनों की प्रतीक्षा में हैं। कुछ यात्री तत्काल टिकट में कन्फर्म सीट की उम्मीद में हैं।   कन्फर्म सीट की गुंजाइश नहीं बची जबलपुर से होकर प्रतिदिन लगभग सवा सौ ट्रेनें गुजरती हैं। त्योहार पर शहर की ओर आने वाली ट्रेनों पर यात्री दबाव अधिक है। नवरात्र, दीपावली और छठ पूजा से पहले की तिथियों पर प्रमुख ट्रेनों की सीटें फुल हो चुकी हैं। सबसे अधिक मारामारी मुंबई से आकर उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में है। इन ट्रेनों की सीटें दीपावली के एक सप्ताह पूर्व से लेकर छठ पूजा तक भरी हुई है। इनमें 90 प्रतिशत ट्रेनों में सीटें रिग्रेट (टिकट बुकिंग बंद) स्तर पर पहुंच गई हैं। दीपावली पर शहर तक पहुंचना और छठ पूजा पर शहर से पटना एवं वाराणसी की यात्रा के लिए नियमित ट्रेनों में कन्फर्म सीट की गुंजाइश नहीं बची है। 15 से 19 अक्टूबर तक रिग्रेट, उसके बाद लंबी वेटिंग मुंबई-जबलपुर के बीच एकमात्र सीधी ट्रेन गरीब रथ है। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन औसतन 15 लंबी दूरी की ट्रेनें है, जो जबलपुर होकर संचालित होती है। इन समस्त ट्रेनों की समस्त श्रेणी (स्लीपर से फर्स्ट एसी तक) में 15 से 19 अक्टूबर तक टिकट बुकिंग बंद हो चुकी है। 20 से 28 अक्टूबर के बीच भी एक-दो ट्रेन को अतिरिक्त अन्य सभी ट्रेनों में बुकिंग बंद हो गई। पुणे से जबलपुर की ओर आने वाली ट्रेनों में 14 से 25 अक्टूबर तक फुल है। सप्ताह में एक दिन चलने वाली पुणे-जबलपुर स्पेशल ट्रेन में भी 13 अक्टूबर व 20 अक्टूबर को लंबी प्रतीक्षा सूची है। हड़सपर-रीवा साप्ताहिक एक्सप्रेस में भी टिकट वेटिंग में है। दिल्ली से श्रीधाम के अलावा अन्य ट्रेन में वेटिंग दीपावली से पूर्व इंदौर, जयपुर और दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टिकट प्रतीक्षा सूची में पहुंच गई है। इंदौर-जबलपुर के बीच चलने वाली ओवरनाइट और नर्मदा एक्सप्रेस में 15 से 19 अक्टूबर तक प्रतीक्षा सूची है। ओवरनाइट एक्सप्रेस में 17 व 18 अक्टूबर को स्लीपर श्रेणी में प्रतीक्षा सूची 111 और सेकेंड एसी में 75 पहुंच गई है। थर्ड एसी की 17-18 अक्टूबर को टिकट बुकिंग बंद हो गई है। जयपुर से आने वाली दयोदय एक्सप्रेस में 14 से 19 अक्टूबर के बीच सभी श्रेणी के टिकट प्रतीक्षा सूची में है। यशवंतपुर-जबलपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस में 19 जुलाई को समस्त श्रेणियों की टिकट प्रतीक्षा सूची में है। दिल्ली से जबलपुर के बीच तीन नियमित ट्रेन संचालित है। जिसमें श्रीधाम के अलावा अन्य दोनों ट्रेनों में 17 और 19 अक्टूबर की कन्फर्म सीटें समाप्त हो गई हैं। हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर एक्सप्रेस में 17 अक्टूबर को थर्ड एसी में प्रतीक्षा सूची 87 है। सेकेंड एसी की बुकिंग बंद हो चुकी है।   पांच पूजा स्पेशल ट्रेन की समय-सारिणी जारी, शेष की प्रतीक्षा पश्चिम मध्य रेल ने त्योहार पर यात्रियों की सुविधा के लिए पांच पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। इनकी समय-सारिणी जारी कर दी गई है। जबलपुर-दानापुर (ट्रेन क्रमांक 01701-02) के बीच का संचालन 26 सितंबर से छह नंवबर के बीच सप्ताह में दो दिन होगा। 

भूमाफिया के बेटे समेत इंदौर में करोड़ों की जमीन घोटाले में पकड़े गए आरोपी

इंदौर कनाड़िया पुलिस ने मंडलेश्वर निवासी प्रदीप प्रतापसिंह चौहान की शिकायत पर आरोपित बलराम बुराने निवासी अंबे नगर, अमजद पटेल निवासी खजराना और संजय कुशवाह निवासी अंबेडकर नगर के खिलाफ धोखाधड़ी और हेराफेरी का केस दर्ज किया है। जुलाई 2022 में हुआ था जमीन का सौदा एडिशनल डीसीपी जोन-2 अमरेंद्रसिंह के मुताबिक महात्मागांधी मार्ग (मंडलेश्वर) निवासी प्रदीप ने ग्राम बुरानाखेड़ी स्थित भूमि का सौदा आरोपित बलराम पुत्र मायाराम बुराने निवासी जय अंबे नगर और अमजद पुत्र रहमत पटेल निवासी खजराना से किया था। प्रदीप से इस सौदे का जुलाई 2022 में अनुबंध किया गया था।   आरोपियों ने अन्य से कर दिया था सौदा प्रदीप के अनुसार उन्होंने विक्रय कीमत की संपूर्ण राशि अदा कर दी है। जांच नें पता चला कि आरोपितों ने उक्त भूमि का नामांतरण भी स्वयं के नाम से नहीं करवाया था। इस कारण आवेदक को विक्रय लेख नहीं किया और बहाना बनाते रहे। आरोपितों ने एक अन्य जालसाज संजय कुशवाह के साथ मिलकर उक्त भूमि का सौदा अन्य से कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच की और बुधवार को तीनों के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया।

मंत्री टेटवाल ने कहा- तकनीकी ज्ञान एवं नवाचार से ही भारत बनेगा विश्वगुरू

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा है कि दीक्षारंभ केवल शिक्षा का औपचारिक आरंभ नहीं है, बल्कि यह वह क्षण है जब विद्यार्थी अपने ज्ञान और कौशल के माध्यम से समाज व राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना या रोजगार नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण का माध्यम होना चाहिए। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने मैनिट परिसर में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) 2025 बैच के दीक्षारंभ समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित किया। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे अभियान युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने की हिम्मत दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईआईआईटी-2025 बैच के विद्यार्थी इस बदलते दौर में अपनी पहचान बनाकर प्रदेश और देश का नाम रौशन करेंगे। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि इस संस्थान से 'ऑपरेशन सिंदूर' की नेतृत्वकर्ता विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरेशी जैसे प्रतिभाशाली चरित्र निकलकर आएं, जो अपने योगदान से राष्ट्र को नई दिशा दें। अंतरिक्ष के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाले शुभांशु शुक्ला का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आईआईआईटी-2025 बैच के विद्यार्थी भी इसी तरह वैश्विक स्तर पर अपनी उपलब्धियों से देश का नाम रौशन करें। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश शिक्षा की दृष्टि से ऐतिहासिक परंपरा वाला प्रदेश है। उज्जैन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वहाँ संदीपनी आश्रम से लेकर कृष्ण जैसे महान शिक्षार्थी और विद्वान निकले, जिन्होंने इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, इतिहास और ज्योतिष जैसे क्षेत्रों में अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि उज्जैन सदियों से शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा है। उन्होंने देश के कई राज्यों से आये विद्यार्थियों का भोजताल और तालाबों की नगरी भोपाल में स्वागत किया। मंत्री श्री टेटवाल ने गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘कर्म में कौशल ही योग है' और यही उत्कृष्टता जीवन को सार्थक बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक स्वरूप वही है, जो व्यक्ति में अनुशासन, समर्पण और जिम्मेदारी की भावना जगाए। विद्यार्थियों ने मंत्री श्री टेटवाल से संवाद किया और कई प्रश्न पूछे, जिसका उन्होंने बहुत ही सरल तरीके से जवाब दिया। मंत्री श्री टेटवाल ने विद्यार्थियों को ग्लोबल स्किल पार्क, भोपाल का भ्रमण करने के लिये आमंत्रित भी किया। मंत्री श्री टेटवाल को प्रोफेसर्स ने संस्था की ओर से स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। मंत्री श्री टेटवाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि वे अपने जीवन के इस नए अध्याय में पूरी निष्ठा और लगन के साथ आगे बढ़ें तथा भविष्य के भारत के निर्माता बनें। समारोह में आईआईआईटी-2025 बैच में 660 विद्यार्थियों ने बीटैक, 48 विद्यार्थियों ने एमटैक, 71 विद्यार्थियों ने एमसीए और 9 विद्यार्थियों ने पीएचडी के लिये एडमिशन लिया है।  

नागरिकों में खेल और फिटनेस के प्रति बनेगा सकारात्मक माहौल: मंत्री सारंग खेल संघों के साथ की समीक्षा बैठक

भोपाल  हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) के रूप में मनाया जाता है। इस बार मेजर ध्यानचंद की 120वीं जयंती पर तीन दिवसीय खेल एवं फिटनेस महोत्सव के रूप में मनाया रहा है। यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक घंटा खेल के मैदान में’ के आहवान को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को राजधानी भोपाल स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल, तात्या टोपे स्टेडियम में विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। खेल और खिलाड़ियों के उन्नयन में मध्यप्रदेश अग्रणी मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में खेलों को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं और विश्व स्तरीय अधोसंरचना उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं है, बल्कि नागरिकों में खेल और फिटनेस के प्रति सकारात्मक भावना जागृत करना और उन्हें सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। 313 विकासखण्डों में होंगे आयोजन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि 29 से 31 अगस्त तक प्रदेश के सभी 313 विकासखण्डों में विविध खेल एवं फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विकासखण्ड स्तर पर प्रतियोगिताएं और मैत्री मैच आयोजित करें तथा व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर अधिकतम नागरिकों को इस अभियान से जोड़े। मंत्री श्री सारंग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े खेल संघों के वरिष्ठ पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने खेलों से संबंधित प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करें। भोपाल में मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में होगा शुभारंभ और हॉकी मैच शुक्रवार 29 अगस्त को सुबह 7:30 बजे भोपाल में मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर 'फिट इंडिया' शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद “एक घंटा खेल के मैदान में” अभियान के अंतर्गत योग, फुटबॉल, एथलेटिक्स, जूडो, बैडमिंटन और बॉक्सिंग जैसे खेलों का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शाम 4 बजे म.प्र. हॉकी अकादमी परिसर में एमपी हॉकी टीम बनाम रेलवे टीम के बीच रोमांचक हॉकी मैच में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर पूर्व खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जाएगा। “खेलो इंडिया, फिट रहो इंडिया” का संकल्प मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में तीन दिवसीय महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं बल्कि ‘खेलो इंडिया, फिट रहो इंडिया’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक जनांदोलन है। इससे प्रदेश में खेल संस्कृति मजबूत होगी और नागरिकों में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा। तीन दिवसीय महोत्सव की गतिविधियां प्रथम दिवस 29 अगस्त 2025     सुबह 7:00 बजे – मेजर ध्यानचंद को पुष्पार्पण एवं फिट इंडिया शपथ (टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल)।     सुबह 8:00–9:00 बजे – एक घंटा खेल के मैदान में (योगा, फुटबॉल, एथलेटिक्स, जूडो, बैडमिंटन, बॉक्सिंग आदि)।     शाम 4:00 बजे – हॉकी मैच (एमपी हॉकी टीम बनाम रेलवे टीम) एवं पूर्व खिलाड़ियों का सम्मान। स्थान- हॉकी अकादमी द्वितीय दिवस 30 अगस्त 2025     सुबह 10:30 बजे – खेल विषयों पर सेमिनार     मोटिवेशनल स्पीकर एवं पूर्व क्रिकेटर: श्री मदनलाल शर्मा     स्पोर्ट्स इंजरी पर जानकारी – डॉक्टर मनोज नागर (प्रसिद्ध स्पोर्ट्स सर्जन     मनोविज्ञान- डॉ संजना किरन (हाइपरफ़ॉर्मन्स स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट)     एंटी-डोपिंग जागरूकता – श्री शशिकांत भारद्वाज (डोप कंट्रोल ऑफिसर, नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी) स्थान- नर्मदा क्लब, भोपाल     दोपहर 3:00 बजे – महिला फुटबॉल मैच (सरदारपुर बनाम विचारपुर टीम)। स्थान- टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल तृतीय दिवस 31 अगस्त 2025     सुबह 08:30 बजे – “संडे ऑन साइकिल” (5 किमी रूट, राजा भोज प्रतिमा, बड़ा तालाब से वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी) का आयोजन किया जाएगा।  

देश-विदेश के पर्यटकों को भा रहा है मध्यप्रदेश

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘विरासत से विकास’ के मार्ग पर चल कर सांस्कृतिक अभ्युदय और वैश्विक पुनर्जागरण के नए युग में प्रवेश कर रहा है। इसमें पर्यटन की भूमिका भी अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री का मानना है कि पर्यटन आर्थिक लाभ का साधन होने के साथ ही भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का साधन है। मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है। यहां की ऐतिहासिक धरोहर, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल और लोक परंपराओं की समृद्धि इसे विश्व पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिला रही हैं। एक अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ने विगत वर्ष मध्यप्रदेश को दुनिया के टॉप-10 टूरिज्म डेस्टिनेशन में शामिल किया, जो हमारे लिए गौरव का विषय है। इस संदर्भ का उल्लेख प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गत 25 दिसम्बर को खजुराहो में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती कार्यक्रम में करते हुए प्रदेश के प्रयासों की सराहना की थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र अभूतपूर्व विरासत से विकास के विस्तार पथ पर चल कर नये युग में प्रवेश कर चुका है। मध्यप्रदेश ने पर्यटन के क्षेत्र में ऊंची छलांग लगाकर न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित किया है। इस परिवर्तन की आधारशिला मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में बनी 'मध्यप्रदेश पर्यटन नीति-2025' है। यह नीति पर्यटन के संचालन और निवेश के क्षेत्र को नया आकार देने वाली व्यापक रणनीति है। इस नीति का उद्देश्य राज्य में पर्यटन ईकोसिस्टम विकसित करना है, जो पर्यटन को बढ़ावा देने वाली अधोसंरचना विकसित करने में सहायक सिद्ध हुई है। साथ ही इस नीति ने प्रदेश को ग्लोबल संपर्क बढ़ाने की दिशा का रोडमैप भी उपलब्ध कराया है। यह नीति निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करती है, साथ ही ईको टूरिज्म, आध्यात्मिक पर्यटन और धरोहरों के संरक्षण के लिए व्यापक अवसर प्रदान करती है। प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों को मिली अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि              खजुराहो नृत्य समारोह, तानसेन संगीत समारोह, भगोरिया उत्सव और लोकरंग जैसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं।              विक्रमोत्सव जैसे आयोजन उज्जैन को विश्व सांस्कृतिक मानचित्र पर नई पहचान दे रहे हैं और भारतीय पुनर्जागरण के वाहक बन रहे हैं।              उज्जैन में डमरू वादन, ग्वालियर में ताल दरबार (तबला वादन), भोपाल में गीता पाठ और खजुराहो में कथक कुंभ (नृत्य मैराथन) ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया है।              ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, चित्रकूट का राम वन पथ गमन, जानापाव और संदीपनि आश्रम जैसे केंद्र आध्यात्मिक पर्यटन की पहचान बन चुके हैं।              प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के विभिन्न स्थलों में लोक एवं स्मारकों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें सागर में संत रविदास लोक, जबलपुर में रानी दुर्गावती स्मारक, सीहोर में देवी लोक सलकनपुर, ओरछा, जिला निवाड़ी में श्री रामराजा लोक, पांढुर्णा में जाम सॉवली श्री हनुमान लोक, मंदसौर में श्री पशुपतिनाथ लोक, ग्वालियर में अटल स्मारक, महू जिला इंदौर में श्री परशुराम लोक जानापाव, भोपाल में महाराणा प्रताप लोक, नीमच में भादवामाता लोक, जबलपुर में रानी अवंतीबाई स्मारक, अमरकंटक जिला अनूपपुर में माँ नर्मदा महालोक, खरगौन में देवी अहिल्या लोक और बड़वानी में नागलवाडी लोक बनाया जा रहा है। ग्रामीण, साहसिक और जलीय पर्यटन     होम-स्टे योजना से ग्रामीणों को सीधा आर्थिक लाभ और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति का अनुभव हो रहा है।     साहसिक पर्यटन में उज्जैन स्काई-डाइविंग फेस्टिवल, पचमढ़ी और भोपाल मैराथन प्रमुख आकर्षण केन्द्र बने।     नर्मदा नदी पर जल पर्यटन परियोजनाएं, महेश्वर की पर्यावरण-अनुकूल नावें और पोंटून जेटी नई पहचान गढ़ रहे हैं। डबल-इंजन सरकार की सिनर्जी     स्वदेश दर्शन 2.0 और प्रसाद योजनाओं के तहत 2024-25 में 118.91 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हुई।     अमरकंटक, दतिया पीताम्बरा पीठ, ग्वालियर फूलबाग और चित्रकूट घाटों का विकास हो रहा है।     ओरछा और मांडू को ‘चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन’ के रूप में चुना गया है। वैश्विक पहचान              जापान में आयोजित विश्व गुलाब सम्मेलन और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलनों में मध्यप्रदेश की सक्रिय भागीदारी रही।              आगामी 29-30 अगस्त 2025 को ग्वालियर में होने वाला क्षेत्रीय पर्यटन सम्मेलन राज्य की नीतियों और निवेश संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय मंच देगा। आज मध्यप्रदेश पर्यटन केवल आर्थिक वृद्धि का साधन नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को दुनिया तक ले जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन की उपलब्धियां              वर्ष 2024 में अक्टूबर तक 10.70 करोड़ पर्यटक आए। यह संख्या वर्ष 2022 के 3.41 करोड़ से तीन गुना अधिक है।              मध्यप्रदेश में देश के सबसे अधिक 785 बाघ, 11 राष्ट्रीय उद्यान, 8 टाइगर रिजर्व और 25 वन्य अभयारण्य हैं।              राज्य के पास 14 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं। ग्वालियर को “सिटी ऑफ़ म्यूज़िक” का दर्जा मिला है।              पर्यटन नीति 2025 के तहत 214 करोड़ रुपये से अधिक निजी निवेश आकर्षित हुए और लगभग 2 लाख रोजगार सृजित हुए।              महिला सुरक्षा हेतु ‘महिला सुरक्षित पर्यटन स्थल’ योजना को निर्भया फंड से समर्थन मिला है।              132 फिल्म परियोजनाओं की शूटिंग से मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन का केंद्र बना है।  

मंत्री सारंग ने कहा- मध्यप्रदेश की सभी पैक्स समितियां डब्ल्यू.डी.आर.ए. की सदस्य बनेंगी

भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था से गांव व किसान को जोड़ने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जो जन-धन योजना लागू की है, इसका मुख्य उद्देश्य गांव व किसान को देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है। इसके सकारात्मक परिणाम आज हमारे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व एवं केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में निरंतर “सहकार से समृद्धि’’ के मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इसका अनुसरण करते हुए हम स्वर्णिम मध्यप्रदेश के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नवाचार के विभिन्न माध्यमों का प्रयोग करते हुए प्रदेश की प्रगति के लिये काम कर रहे हैं। मंत्री श्री सारंग अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में भांडागारण विकास और विनियामक प्राधिकरण के माध्यम से सहकारी संस्थाओं के व्यवसाय विविधिकरण पर अपेक्स बैंक, सहकारिता विभाग एवं विनियामक प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि जब तक अर्थव्यवस्‍था आम आदमी के दरवाजे से नहीं निकलेगी, तब तक मजबूती नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हम किसानों को समृद्ध करना चाहते हैं, तो पहले हमें पैक्स (प्राथमिक कृषि सहाकारी समितियों) को समृद्ध बनाने की दिशा में प्रयास करने होंगे। यह कार्यशाला निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगी। श्री सारंग ने कहा कि जिला बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से अपेक्षा करता हॅूं कि वे मध्यप्रदेश की प्रत्येक पैक्स को डब्ल्यू.आर.डी.ए. (भांडागारण विकास और विनियामक प्राधिकरण) का सदस्य बनाने के प्रयास आज से ही आरंभ कर दें, जिससे कि आगे चलकर प्रदेश के किसानों को दूरदराज अंचलों में परेशान न होना पड़े व अपने नजदीकी डब्ल्यू.आर.डी.ए. के सदस्य वेयर हाउस में अपनी उत्पाद को सुरक्षित रख लाभान्वित हों, जब तक भण्डारण व्यवस्थित नहीं होगी, तब तक किसानों को उसका फायदा नहीं मिल सकेगा । कार्यशाला में श्री सारंग ने अपेक्स बैंक द्वारा प्रकाशित मानक परिचालन प्रक्रिया वेयर हाउसिंग डेव्हलेपमेंट एण्ड रेग्यूलेटरी अथॉरिटी की योजनान्तर्गत वेयर हाउस पंजीकरण की पुस्तक का विमोचन भी किया तथा प्रदेश में गोदाम बनाने की योजना पर कार्य करने के लिये स्टेट वेयर हाउसिंग प्रबंध संचालक श्री अनुराग वर्मा, म.प्र. राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री ऋतुराज रंजन तथा सहकारिता विभाग के नवाचार प्रकोष्ठ के संयुक्त आयुक्त श्री महेन्द्र दीक्षित को अधिकृत किया। आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के दौरान हम किसानों को प्रशिक्षित करें कि वे अपने उत्पाद को कैसे बेहतर ढंग से रख सकते हैं और डिजीटली किस प्रकार बेच सकते हैं, आज की यह कार्यशाला एग्रो प्रोसेसिंग व मार्केंटिंग की दिशा में अत्यन्त उपयोगी है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो इस प्रकार की कार्यशाला हम संभाग व जिला स्तर पर भी आयोजित करेंगे। कार्यशाला में श्री अरूण कुमार श्रीवास्तव, सदस्य, डब्ल्यू.डी. आर.ए. ने कहा कि वर्ष 2051 तक हमारे देश की जनसंख्या 170 करोड़ हो जायेगी व मध्यप्रदेश की लगभग 12 करोड़, जो देश का लगभग 6.3 प्रतिशत होगी। मध्यप्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन लगभग 338 लाख मी.टन है, जो भारत के खाद्यान्न उत्पादन का लगभग 12.10 प्रतिशत है। भारत वर्ष 2051 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा। उन्होंने कहा कि इस मान से प्रदेश में वेयर हाउस के गोदामों के लिये एक सुनियोजित योजना बनाने की दिशा में प्रयास किये जायें। सी.डब्ल्यू.सी. क्षेत्रीय प्रबंधक श्री रामकुमार ने बताया कि यदि केन्द्रीय वेयर हाउसिंग में डब्ल्यू.डी.आर.ए. के अन्तर्गत देश के 50 हजार गोदाम यदि रजिस्टर्ड हो जायें तो किसान आपके द्वार तक आ जायेंगे। इससे आपकी साख भी बढ़ेगी और किसान के साथ आप भी हमारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे, हमारा उद्देश्य वेयर हाउस केन्द्रों को लाभ का केन्द्र बनाना है। इससे किसानों के उत्पाद सुरक्षित होंगे और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से भी बचा जा सकता है। कार्यशाला में श्री विनीत गुप्ता, नेशनल ई-रिपोजिटरी लिमिटेड, श्री जसवीर गोदारा, एवीपी सीसीआरएल, श्री संजय अग्रवाल ने अपनी डिजीटल व्यवसाय प्रणाली पर विचार व्यक्त किये। कार्यशाला में सहकारिता विभाग के संयुक्त/उप/सहायक आयुक्त, जिला बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वेयर हाउस व एफपीओ के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

उज्जैन में होगी चिड़ियाघर-सह-सफारी केंद्र की स्थापना

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में गुरूवार को मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति और ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर समिति के बीच एमओयू हुआ। चिड़ियाघरों, रेस्क्यू सेंटर्स और सफारी में रखे गए वन्यजीवों के पुर्नवास, संरक्षण, पशु स्वास्थ्य और कल्याण में सहयोग करना इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य है, इस दिशा में संयुक्त प्रयास‍किए जाएंगे। उज्जैन में प्रस्तावित चिड़ियाघर-सह-सफारी केंद्र की स्थापना के लिए तकनीकी सहायता सहित वन कर्मियों, पशु चिकित्सकों और हाथी महावतों के लिए विशेष क्षमता-निर्माण और कौशल उन्नयन के कार्यक्रम संचालित होंगे। साथ ही पशु चिकित्सा अस्पताल और नैदानिक ​​प्रयोगशालाओं सहित उन्नत वन्यजीव स्वास्थ्य और बचाव बुनियादी ढांचे का सहयोगात्मक विकास भी किया जाएगा। बाघों की आबादी के आणविक आनुवंशिक विश्लेषण के लिए मिलेगी प्रयोगशाला सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए इस एमओयू के अंतर्गत प्रदेश के चिड़ियाघर संस्थानों के लिए एकीकृत डिजिटल चिड़ियाघर प्रबंधन सूचना प्रणाली का डिजाइन और विकास किया जाएगा। संरक्षण योजना और साक्ष्य-आधारित वन्यजीव प्रबंधन के लिए, विशेष रूप से चिडि़याघर के बाघों (Pantheratigris) की आबादी के आणविक आनुवंशिक विश्लेषण के लिए ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की उन्नत प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। वन्यजीवों को प्रभावित करने वाली बीमारियों की रोकथाम, निदान और उपचार के लिए भी संयुक्त अनुसंधान आरंभ होंगे। यह एमओयू दो साल की अवधि के लिए लागू रहेगा। समझौते के अनुक्रम में ग्रीन्स सेंटर तकनीकी प्रोटोकॉल, पशु चिकित्सा पद्धतियों और पशु कल्याण मानकों की समीक्षा कर, इस संबंध में सलाह राज्य शासन के वन विभाग को दे सकेगा। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुए एमओयू हस्ताक्षर और आदान-प्रदान अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी.एन. अम्बाड़े, ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के डॉ. बृज किशोर गुप्ता, श्री अनुपम जैन और श्री संदीप दीक्षित उपस्थित रहे।