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अनुजा पोर्टल पर ऋण के लिए आवेदन की अन्तिम तिथि अब 30 नवम्बर 2025

जयपुर राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लि. जयपुर, राष्ट्रीय वित्त एवं विकास निगमों के सौजन्य से क्रियान्वित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी वर्ग, अन्य पिछडा वर्ग एवं दिव्यांगजन को विभिन्न उद्योग, व्यवसाय एवं सेवा कार्य में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु अनुजा पोर्टल पर ऋण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवम्बर 2025 कर दिया गया है। पहले यह तिथि 31अक्टूबर 2025 थी। निगम की  कार्यवाहक परियोजना प्रबंधक प्रियंका चौहान ने बताया कि इच्छुक आवेदक ऑनलाइन एसएसओ आईडी के माध्यम से  30 नवम्बर 2025 तक अनुजा पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए स्थानीय पंचायत समिति, नगरपालिका कार्यालय या अनुजा निगम से सम्पर्क किया जा सकता है।

राजस्थान में बढ़ी सर्दी की आहट, कई जिलों में बारिश का अंदेशा

जयपुर राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने आज सोमवार को प्रदेश के 11 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, मंगलवार 4 नवंबर को इस सिस्टम के और अधिक प्रभावी होने की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहा। जयपुर, अजमेर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा में दिनभर धूप खिली रही और तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जैसलमेर सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिन के तापमान में बाड़मेर 35.5°, बीकानेर 35.2°, जोधपुर 34.5°, नागौर 33.3°, अजमेर 31.8° और जयपुर 31° सेल्सियस दर्ज किया गया। कई शहरों में दिन के समय हल्की उमस भी महसूस की गई। रात में आसमान साफ रहने के कारण ठंड का असर बढ़ गया है। न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। नागौर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां रात का पारा 12.5 डिग्री तक गिरा। सीकर, फतेहपुर, जालोर और सिरोही में भी तापमान 13 से 15 डिग्री के बीच रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। 5 नवंबर से तापमान में और गिरावट मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है-  3 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से एक बार पुनः जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में 3-4 नवंबर को मेघगर्जन के साथ हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बीकानेर संभाग के क्षेत्रों में भी आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है।  राज्य के अधिकांश भागों में 5 नवंबर से आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने तथा उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री से. गिरावट होने की प्रबल संभावना है। 24 घंटों में तापमान की स्थिति अजमेर 31.0 और 14.7, भीलवाड़ा 31.4 और 19.8, जयपुर 31 और 19.7, अलवर 31.5 और 17.2,  कोटा 31.1 और 26.6, सीकर 30 और 14, पिलानी 33.1 और 16.2, चित्तौड़गढ़ 31.4 और 20.0, डबोक 28.4 और 22.6, बाड़मेर 35.5 और 19.8, जैसलमेर 36.1 और 19.7,  जोधपुर 34.5 और 16.2, फलोदी 34.8 और 22.4, बीकानेर 35.2 और 18.5, चूरू 34.1 और 15.4, श्रीगंगानगर 34.4 और 17.1, नागौर 33.3 और 12.5, फतेहपुर 32.1  और 12.9, झुंझुनू 32.1 और 15.6 तापमान दर्ज किया गया।  

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, बसों में अनधिकृत बदलाव पर सख्ती – डिप्टी सीएम बैरवा

अजमेर राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा रविवार को अजमेर पहुंचे, जहां वे एक निजी होटल में आयोजित विवाह समारोह में शामिल हुए। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्राइवेट बस संचालकों को चेताया कि वे अपनी बसों को परिवहन विभाग के निर्धारित नियमों के अनुरूप ही संचालित करें। बैरवा ने कहा कि मनमर्जी से बसों को मॉडिफाई करना गलत है। सरकार यात्रियों की जान की परवाह करती है, इसलिए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर बस संचालक नियमों का पालन करेंगे, तो किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षित यात्रा सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट बस मालिकों ने भले हड़ताल की हो लेकिन यदि वे तय मानकों का पालन करें तो हड़ताल जैसी स्थिति नहीं बनेगी। बैरवा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में मात्र 600 बसें संचालित थीं, जबकि वर्तमान सरकार के दौरान अब राज्य में 3200 बसें चल रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले रोडवेज की एक बस रोजाना कंडम हो जाती थी लेकिन अब नई बसें खरीदी गई हैं और आगे भी खरीद जारी रहेगी। सरकार ने गांवों को भी बस सेवा से जोड़ा है, जिससे रोडवेज संचालन से प्रतिदिन साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये का राजस्व बढ़ा है। एसआईआर प्रणाली पर पूछे गए सवाल के जवाब में बैरवा ने कहा कि इससे सही मतदाता का ही वोट डाला जाएगा। उन्होंने इसे चुनाव आयोग का स्वागत योग्य कदम बताया, जो फर्जी वोटिंग पर रोक लगाएगा और सही मतदाता को ही बचाएगा। राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे तब भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी, जो आज चौथे स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा बिना विजन के कोई काम नहीं करती जो कहती है, वह करती है। बैरवा ने विश्वास जताया कि अंता उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ही विजयी होगा।  

वीडियो वायरल: जयपुर में डंपर का कहर, 19 लोगों की दर्दनाक मौत

जयपुर  जयपुर में सोमवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ. नशे में धुत एक डंपर चालक ने तेज रफ्तार में पहले बाइक को रौंदा और फिर सड़क पर मौजूद लोगों और अन्य वाहनों को कुचलता चला गया. घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि डंपर अनियंत्रित होकर लगातार लोगों को टक्कर मार रहा है. हादसा इतना भयानक था कि कई शव डंपर के नीचे फंस गए. पुलिस के अनुसार, हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों को कांवटिया अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत बेहद गंभीर है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर गाड़ियों और मलबे का ढेर लग गया था. कुछ बाइकें डंपर के नीचे फंस गई थीं, जिन्हें निकालने में काफी समय लगा. हादसे का सीसीटीवी आया सामने  हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. घटना के बाद अस्पतालों में रोने-बिलखने का माहौल है. मृतकों के परिजनों का ट्रॉमा सेंटर के बाहर बुरा हाल है. रिश्तेदार उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं. इस हादसे में अबतक 19 लोगों की मौत  हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा और सुरेश सिंह रावत को अस्पताल भेजा. उन्होंने डॉक्टरों को घायलों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए. ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी बीएल यादव ने बताया कि सभी घायलों का इलाज जारी है और कुछ को कांवटिया अस्पताल भेजा गया है. लोहा मंडी रोड पर से एक्सप्रेस वे की ओर जा रहा था डंपर मौत बनकर दौड़ने वाला डंपर लोहा मंडी रोड से सीकर रोड होता हुआ जयपुर दिल्ली नेशनल हाईवे की ओर जा रहा था। हाईवे पर चढ़ने से पहले वह बेकाबू हो गया और वाहनों को टक्कर मारता गया। दुपहिया वाहनों को कुचलते हुए निकलने के कारण कई लोगों के शव सड़क पर बिखर कर टुकड़े टुकड़े हो गए। सड़क पर कहीं हाथ, कहीं पैर तो कहीं शरीर के अन्य अंग बिखरे हुए नजर आए। जो लोग सड़क किनारे खड़े थे, वे भी इस हादसे के शिकार हुए हैं। नशे में धुत होकर चालक ने दौड़ाया डंपर हादसे के कुछ देर बाद सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि डंपर बहुत तेज गति से दौड़ रहा था। वाहनों की काफी आवाजाही वाली सड़क पर भी वह डंपर काफी तेज स्पीड पर काल बनकर दौड़ा रहा। सीसीटीवी में डंपर द्वारा दुपहिया वाहनों को कुचलते हुए दौड़ने की फुटेज भी नजर आ रहे हैं। पुलिस ने इस डंपर चालक को गिरफ्तार भी कर लिया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि डंपर का चालक शराब के नशे में था। हालांकि आरोपी ड्राइवर की मेडिकल जांच करवाई जा रही है। सीसीटीवी में देखें हृदय विदारक दृश्य हादसे के बाद जिस भी व्यक्ति ने इस दृश्य को देखा, वह सिहर उठा। सड़क पर करीब चार से पांच किलोमीटर तक डंपर ने कहर बरपाया। डंपर के कहर बरपाने के दौरान कई वाहन भी आपस में टकराने लगे। बताया जा रहा है कि करीब 20 से ज्यादा वाहन इस हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हुए। करीब 10 लोगों की मौत तो मौके पर ही हो गई जबकि कुछ घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। खाटूश्यामजी जाने वाले श्रद्धालु भी हुए घायल कुछ लोग सड़क किनारे एक ईको कार में सवार थे। वे लोग खाटू श्याम बाबा के दर्शन करने के लिए खाटू श्याम जी जा रहे थे। सड़क किनारे रुकने के दौरान तेज स्पीड से आया डंपर टक्कर मारते हुए पास से गुजरा। इस हादसे में डंपर में सवार पांच लोग घायल हुए। घायलों को पहले कांवटिया और फिर एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया।  

एक पल में बुझ गई उम्मीदों की मशाल: राष्ट्रीय तीरंदाज की ट्रेन हादसे में मौत

कोटा राष्ट्रीय स्तर के युवा तीरंदाज अर्जुन सोनावले (20) की राजस्थान के कोटा जंक्शन पर चलती ट्रेन से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। अर्जुन अपने कोच और साथियों के साथ पंजाब के भटिंडा में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर बस्ती-मुंबई सेंट्रल एसी स्पेशल ट्रेन से अपने साथियों के साथ महाराष्ट्र लौट रहे थे। यह हादसा शनिवार रात करीब 8:30 बजे हुआ, जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर धीमी हो रही थी। उसी दौरान अर्जुन खाना लेने के लिए कोच के दरवाजे पर खड़े थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़े। ट्रेन रुकते ही यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन गंभीर रूप से घायल अर्जुन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जीआरपी के अधिकारी दालचंद सैन ने कहा कि पोस्टमार्टम करने के बाद रिश्तेदारों को शव सौंप दिया गया। टीम मैनेजर अनिल कमलापुरे ने बताया कि अर्जुन ने अब तक राज्य और राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिताओं में आठ स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई थी।  

नवंबर में गिरेगा पारा: धुंध से ढका राजस्थान, शुरू हुई कड़ाके की ठंड

जयपुर राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मौसम सामान्य रहेगा। जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर और भरतपुर संभाग में अगले 2 से 3 दिनों तक आसमान साफ और दिन में धूप खिली रहने की संभावना है। तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। वहीं, उदयपुर और कोटा संभाग में अगले 48 घंटे तक आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। बीते दिनों जिन जिलों में बारिश हुई है, अब वहां धुंध का असर भी देखने को मिल रहा है। पिछले सप्ताह 24 से 30 अक्टूबर के बीच राज्य में औसतन 19.6 मिमी वर्षा हुई। पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में कहीं-कहीं भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार नवंबर में प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश होने के संकेत हैं। हालांकि रात के तापमान में विशेष गिरावट नहीं होगी और सर्दी का असर सामान्य रहेगा। उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग में दिन का तापमान औसत से नीचे रह सकता है। पिछले तीन दिनों की बारिश के बाद शुक्रवार को अलवर और आसपास के इलाकों में हल्की धुंध छाई रही। वहीं उदयपुर, डूंगरपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। देर शाम तक मौसम साफ हो गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, हिंद महासागर में इंडियन ओशन डायपॉल कमजोर और प्रशांत महासागर में ला-नीना की स्थिति बनी हुई है, जिससे पूरे भारत में (जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु को छोड़कर) नवंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना है। शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर, जबकि सबसे कम 18.2 डिग्री सेल्सियस पाली में दर्ज हुआ। सीकर, टोंक, अजमेर, अलवर, बारां, प्रतापगढ़ और सिरोही में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान (तापमान 31 अक्टूबर का डिग्री सेल्सियस में है) — अजमेर 27.8 और 18.9, भीलवाड़ा 25.7 और 20.5, वनस्थली (टोंक) 25.6 और 18.8, अलवर 27 और 21, जयपुर 27.8 और 21.1, पिलानी 31.7 और 20.7, सीकर 29.5 और 19.5, कोटा 25.8 और 21.2, चित्तौड़गढ़ 26.3 और 19, उदयपुर 24 और 20.2, बाड़मेर 34.4 और 23.1, जैसलमेर 34.2 और 19, जोधपुर 31.8 और 22.2, बीकानेर 32.2 और 19.4, चूरू 31.5 और 20.5, गंगानगर 31.5 और 20.1, नागौर 32 और 19.2, जालोर 31 और 22.3, दौसा 28.1 और 21.5, प्रतापगढ़ 25.5 और 20.3, झुंझुनूं 29.9 और 20.5, पाली 27.1 और 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा।  

तेज रफ्तार का कहर: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बना मौत का हाइवे

दौसा दौसा देश के दो महानगरों दिल्ली और मुंबई को सीधे जोड़ने और यात्रा समय घटाने के उद्देश्य से बनाए गए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जानवर-रहित और सुरक्षित बताया गया था, लेकिन यह ड्रीम प्रोजेक्ट अब यात्रियों के लिए मौत का हाईवे बनता जा रहा है। एक्सप्रेसवे शुरू हुए 32 महीने से अधिक हो चुके हैं और अब तक 250 से ज्यादा लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। अकेले दौसा जिले में ही 180 से अधिक मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। जानवरों के कारण बढ़ रहे हादसे केंद्र सरकार के जानवर-रहित हाइवे के दावे हवा में नजर आ रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर रोजाना लावारिस पशु घूमते देखे जा रहे हैं, और ज्यादातर हादसे इन्हीं की वजह से हो रहे हैं। भारी-भरकम टोल चुकाने के बाद भी वाहन चालकों को सुरक्षित यात्रा नहीं मिल पा रही है। मॉनिटरिंग सिस्टम फेल, रफ्तार पर नहीं लग रही लगाम वाहनों की तेज रफ्तार हादसों का बड़ा कारण बन चुकी है। एक्सप्रेसवे को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति सीमा के अनुसार तैयार किया गया था, लेकिन मॉनिटरिंग की कमी के चलते कई कारें 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक दौड़ रही हैं। चालक की झपकी और लापरवाही भी कई दुर्घटनाओं की वजह बन रही है। हाई-टेक कैमरे भी बेअसर हादसे रोकने के लिए हर 100 मीटर पर थर्मल सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो ओवरस्पीड वाहनों की पहचान कर एनएचएआई और यातायात पुलिस को सूचना देने के लिए हैं। बावजूद इसके, हादसों में कोई कमी नहीं आई है। सुरक्षा दीवारें टूटीं, जानवरों का आसान प्रवेश एनएचएआई के दावों के विपरीत, कई जगहों पर एक्सप्रेसवे के किनारे सुरक्षा दीवारें टूटी हुई हैं या बनाई ही नहीं गईं। स्थानीय लोगों ने जगह-जगह दीवार तोड़कर रास्ते बना लिए हैं, जिससे आवारा पशु और दुपहिया वाहन आसानी से एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं। हाईवे के किनारे मिट्टी डालकर बनाए ढाबे और दुकानें पिलर संख्या 190 के आसपास हाइवे की सीमा में मिट्टी डालकर समतलीकरण कर ढाबे और दुकानें खोल ली गई हैं। यहां ट्रक खड़े रहते हैं, जबकि यह क्षेत्र नो-पार्किंग जोन है। कई स्थानों पर 10 फीट ऊंचाई तक मिट्टी भरकर हाइवे से जुड़ाव बना लिया गया है। स्थानीय लोग खुलेआम व्यापार कर रहे हैं, लेकिन एनएचएआई अधिकारियों की अनदेखी के कारण स्थिति बेकाबू है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। यह ड्रीम प्रोजेक्ट, जो देश की आधुनिक सड़क प्रणाली की मिसाल माना जा रहा था, अब लगातार हादसों और लापरवाही के कारण सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

हनी ट्रैप के जाल में फंसा राजस्थान, पुलिस ने 18 लोगों को किया गिरफ्तार

झालावाड़  राजस्थान – एक ओर दिखावटी प्यार का जाल, दूसरी ओर ट्रैक्टर चोरी और ठगी का संगठित नेटवर्क- राजस्थान के झालावाड़ जिले की पुलिस ने इन दोनों को जोड़ने वाला एक सनसनीखेज मामला उजागर किया है। पुलिस ने हनी ट्रैप और चोरी के मामलों में शामिल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। अब पुलिस इनके बाकी साथियों की तलाश में जुटी हुई है।   पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और फोन कॉल्स के ज़रिए लोगों से संपर्क करते थे। फिर महिला सदस्य जिनमें मुख्य भूमिका ज्योति उर्फ़ जान्हवी की बताई जा रही है पहले दोस्ती करतीं, फिर निजी मुलाकात का बहाना बनाकर पुरुषों को अपने जाल में फंसा लेतीं। एक बार मुलाकात हो जाने के बाद शुरू होता था असली खेल। गिरोह झूठे बलात्कार या छेड़छाड़ के केस में फंसाने की धमकी देकर पीड़ितों से मोटी रकम वसूलता था। कई मामलों में लोगों से लाखों रुपये ऐंठे गए। पुलिस के अनुसार, ज्योति उर्फ़ जान्हवी हिस्ट्रीशीटर हेमराज सुमन की करीबी साथी है। यही नहीं, यह गिरोह सिर्फ ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं था बल्कि ट्रैक्टर चोरी और वाहन ठगी में भी लिप्त था। चोरी के वाहनों को बेचकर यह लोग मोटा मुनाफा कमाते थे और उस पैसे से लग्जरी कारें व संपत्ति खरीदते थे। झालावाड़ पुलिस को पहले एक ट्रैक्टर चोरी की शिकायत मिली थी। जांच आगे बढ़ी तो कुछ संदिग्ध लेनदेन के सुराग मिले। जब पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना का इस्तेमाल कर गहराई से पड़ताल की, तब सामने आया कि चोरी और हनी ट्रैप दोनों मामलों में एक ही नेटवर्क सक्रिय है। एसपी अमित कुमार की अगुवाई में बनी विशेष टीम ने जाल बिछाकर ज्योति को पकड़ा। पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। इसके बाद पुलिस ने एक के बाद एक कर 18 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार लग्जरी कारें और एक ट्रैक्टर बरामद किया है। बताया जा रहा है कि यह सभी वाहन ठगी से कमाए गए पैसों से खरीदे गए थे। इस गिरोह के पास सिर्फ हनी ट्रैप के ज़रिए ठगे गए रुपये ही नहीं, बल्कि चोरी की संपत्तियों से भी बड़ी आमदनी होती थी। पुलिस का मानना है कि आरोपी लोग इस पैसों को जमीनों और गाड़ियों में निवेश करके अपना नेटवर्क फैला रहे थे। कई मामलों में स्थानीय दलाल और वाहन विक्रेता भी इनके साथ जुड़े हुए थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की लोकेशन ट्रेस कर रही है। साथ ही, जब्त की गई संपत्ति की मनी ट्रेल (पैसों की आवाजाही) खंगाली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि यह पैसा कहाँ-कहाँ निवेश हुआ। एसपी अमित कुमार ने बताया कि “यह गैंग लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों में इसके तार फैले हैं। फिलहाल मुख्य आरोपी ज्योति से गहन पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।” यह मामला एक चेतावनी की तरह है हनी ट्रैप और ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अजनबियों से निजी बातचीत और मुलाकातों में सावधानी बरतें, और अगर कोई धमकी या ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आए तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।  

शादी से लौट रहे परिवार पर टूटा कहर, अलवर में थार की टक्कर से 4 की मौत

अलवर  अलवर जिले में भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। सदर थाना क्षेत्र के छठी मील के पास एक तेज रफ्तार थार कार ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार पूरे परिवार की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में चार लोगों की जान चली गई, जबकि एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है। बताया जा रहा है कि परिवार शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर लौट रहा था।   पुलिस के अनुसार, हादसा शनिवार रात करीब 8 बजे हुआ। बाइक पर पांच लोग सवार थे — पति-पत्नी, उनका दो साल का बेटा और दो भतीजियां। अचानक पीछे से आई तेज रफ्तार थार ने बाइक को इतनी जोर से टक्कर मारी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। टक्कर के बाद बाइक सवार सभी सड़क पर गिर पड़े, जबकि थार कार कई मीटर दूर जाकर रुकी। हादसे के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पति महेंद्र (35) का शव करीब 200 मीटर दूर, पत्नी गुड्डी (35) घायल अवस्था में 100 मीटर दूर, जबकि बेटा पूर्वांश (2) और भतीजी पायल (8) के शव सड़क पर 100 मीटर के दायरे में बिखरे मिले। सबसे हैरान कर देने वाली बात यह रही कि चार वर्षीय खुशबू, जो गंभीर रूप से घायल है, थार की छत पर 500 मीटर दूर घायल अवस्था में पाई गई। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और शवों को जिला हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने थार को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में पता चला कि मृतक महेंद्र नांगल खेड़ा गांव का निवासी था। वह अपने चचेरे भाई मोहन के बेटे की शादी में परिवार के साथ शालीमार गया था। रात में सभी लोग एक ही बाइक पर बैठकर घर लौट रहे थे। छठी मील के पास पीछे से आई तेज रफ्तार थार ने बाइक को इतनी जोर से टक्कर मारी कि पूरा परिवार सड़क पर जा गिरा। हादसे में महेंद्र, उसकी पत्नी, बेटे और भतीजी की जान चली गई, जबकि छोटी भतीजी खुशबू घायल हो गई। एएसआई बंशीलाल ने बताया कि थार सवार हादसे के बाद कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। वाहन को कब्जे में लेकर थाने भिजवाया गया है। परिजनों की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि छठी मील क्षेत्र में आए दिन तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से स्पीड कंट्रोल या बैरिकेडिंग की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, माहौल मातम में बदल गया। घर के आंगन में चार जनाजे एक साथ रखे जाने से हर किसी की आंखें नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। अलवर पुलिस ने बताया कि हादसे के हर पहलू की जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।  

भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला! 7.63 लाख किसानों को मिलेगा राहत पैकेज का फायदा

जयपुर  राजस्थान की भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली सरकार ने सूबे के 7.63 लाख किसानों को बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने 2025 के खरीफ सीजन के दौरान भारी बारिश से प्रभावित 7.63 लाख किसानों के लिए कृषि इनपुट सब्सिडी के तौर पर राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान कर दी है। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले का मकसद प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को हुए नुकसान से किसानों को राहत के रूप में आर्थिक संबल प्रदान करना है।   जारी बयान के अनुसार, सरकार की ओर से छह जिलों की 43 तहसीलों में भारी बारिश के कारण 33 फीसदी से अधिक नुकसान वाली फसलों की पहचान कर ली गई है। इनमें गिरदावरी (फसल क्षति आकलन) के आधार पर 3,777 गांवों को आपदा प्रभावित घोषित किया गया है। इन 3,777 गांवों के लगभग 7.63 लाख किसानों को राज्य आपदा राहत कोष से कृषि इनपुट सब्सिडी के तौर पर आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से की गई फसल गिरदावरी में प्रभावित गांवों में झालावाड़ के 1,597, टोंक के 1,197, बूंदी के 534, भरतपुर के 349, डीग के 58 और धौलपुर जिले के 42 गांव शामिल किए गए हैं। राजस्थान के अन्य हिस्सों में मौसम की मार से प्रभावित किसानों के बारे में भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली भाजपा सरकार का कहना है कि अन्य जिलों से भी फसल नुकसान की अंतिम रिपोर्ट जुटाई जा रही है। जैसे ही बाकी जिलों में गिरदावरी का काम पूरा होगा उन किसानों के लिए भी राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान कर दी जाएगी। बता दें कि इस साल सूबे में भारी बारिश के कारण बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा है।