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रास्ता भटकने से बड़ा हादसा: पांच लोगों की बची जान, चार लापता

चित्तौड़गढ़   क्या ये गलती गूगल मैप की है? क्योंकि यदि रास्ता सही बताया गया होता तो शायद वैन में सवार लोग घटना का शिकार न होते। बता दें, चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात को एक बड़ा हादसा हुआ है। पुलिया पार करने के दौरान वैन नदी में गिर गई। इसमें वैन में सवार चार लोग तो बह गए जबकि पांच लोगों को पुलिस एवं ग्रामीणों की सहायता से बचा लिया। बहे लोगों की मौके पर तलाश जारी है। वैन में सवार लोगों को गूगल मैप से रास्ता देखना भारी पड़ गया। गूगल मैप इन्हें तीन साल से बंद पड़ी पुलिया पर ले गया, जिससे वैन गड्ढे में उतर गई तथा बाद में बनास नदी में बह गई। गूगल मैप ने बंद रास्ते पर पहुंचा दिया जानकारी में सामने आया कि चित्तौड़गढ़ जिले के भूपालसागर थाना क्षेत्र के कानाखेड़ा में रहने वाले एक परिवार के 9 सदस्य मंगलवार को भीलवाड़ा जिले में सवाईभोज दर्शन के लिए गया था। वापसी में यह लोग भीलवाड़ा में रुके। फिर अपने घर लौट रहे थे। इसके लिए इन्होंने गूगल मैप की सहायता ली थी। इस दौरान बनास नदी पर सोमी-उपरेडा पुलिया पर यह गूगल मैप की सहायता से पहुंच गए। यह पुलिया काफी समय से बंद पड़ी थी और ऊपर से पानी भी बह रहा था। चालक ने वैन को पुलिया पर उतार दी। इसमें एक गढ़ा था जिसमें वैन फस गई। बाद में तेज बहाव में बह गई। किसी तरह वैन में सवार लोगों ने सहायता मांगी। ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए वहीं, मामले की जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। पुलिस को भी सूचना दी गई। इस पर पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से नाव मंगवाकर  पांच लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं चार लोग पानी में भर गए, जिसमें दो छोटे बच्चे भी हैं। ऐसे में बहे लोगों की तलाश के लिए सिविल डिफेंस की टीम को मौके पर बुलाया गया। देर रात करीब सवा तीन बजे सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं किया गया। मौके पर राशमी एसडीएम के अलावा गंगरार डिप्टी प्रभु लाल, राशमी थानाधिकारी देवेंद्र देवल मय जाब्ता के मौके पर पहुंचे थे। चार तलाश जारी, टिकी नजरें इस हादसे में वैन में सवार सभी नौ लोग आपस में रिश्तेदार होकर गाडरी समाज के हैं। इनमें से मदनलाल (25) पुत्र देवीलाल, हितेश (16) पुत्र सोहन, लीला (18) पत्नी देवीलाल, काव्यांश (9 माह) पुत्र मदन तथा आयांश (9 माह) पुत्र देवीलाल को ग्रामीणों व पुलिस ने बचा लिया। वहीं हादसे में चंदा (21) पत्नी हेमराज, ममता (25) पत्नी मदन, खुशी (4) पुत्री मदन तथा रूत्वी (6) पुत्री हेमराज बह गए। ऐसे में इन चारों की तलाश जारी है। बंद रास्ते पर ले गया मैप जानकारी में सामने आया कि मातृकुंडिया बांध में पानी की आवक हुई थी। ऐसे में प्रशासन ने अलर्ट किया था। मंगलवार रात 10 बजे सायरन बजा कर बांध के गेट खोले गए थे। वहीं प्रशासन ने बनास नदी पुलिया पर आने वाले रास्तों पर जो नीचे है, वहां पत्थर अथवा जेसीबी लगा कर बंद किए थे। यह परिवार कहीं बाहर रहता है तथा अभी गांव आया हुआ था। इन्हें जानकारी नहीं थी कि तीन साल से सोमी-उपरेडा पुलिया बंद हैं। ये पहले वैन को सांखली मार्ग पर ले गए तो पुलिया के आगे जेसीबी खड़ी थी। इस पर ये गूगल मैप की सहायता से सोमी-उपरेडा मार्ग स्थित पुलिया पर आ गए। रिश्तेदारों ने किया था मना, फिर भी नहीं माने पुलिस ने बचाए गए परिवार के सदस्यों से पूरी जानकारी ली। इसमें हितेश ने बताया कि मंगलवार सुबह 9.30 बजे घर से रवाना होकर वे गंगापुर होते हुवे सवाई भोज दर्शन करने गए थे। वहां से देमाली दर्शन किए तथा भीलवाड़ा आए, जहां रिश्तेदार के यहां खाना खाया। रिश्तेदार ने रात ज्यादा होने का हवाला देते हुए रुकने की कहा था। लेकिन हितेश के साथ शामिल उसकी एक भाभी ने देवता का कारण बताते हुए रात रुकने से मना कर दिया था।

विलायती बबूल को हटाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी करे: पंचायती राज मंत्री

जयपुर पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विलायती बबूल (प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा) को जड़ सहित हटाने के लिए अध्ययन कर आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें और इसके उन्मूलन के संबंध में ऐसे विकल्पों को तलाश करें जिससे इस दिशा में सेफ जोन में काम किया जा सके। उन्होंने कहा कि विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए क्षेत्र चिन्हित कर चरणबद्ध रूप से काम किया जाए। श्री दिलावर ने मंगलवार को पंचायती राज सभागार में राज्य में विलायती बबूल उन्मूलन के संबंध में वन विभाग, ग्रामीण विकास एवं अन्य संस्था प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में ये निर्देश दिए।   पंचायती राज मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विलायती बबूल को काटना नहीं, बल्कि उनकी जड़ों को पूरी तरह से खत्म करना है ताकि दोबारा न उगें। उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने विलायती बबूल खतरा साबित हो रहा है। प्रदेश में बहुतायत में उग आया विलायती बबूल अब अपने आसपास किसी अन्य वनस्पति को पनपने नहीं दे रहा है, इसलिए इसका प्रभावी उन्मूलन आवश्यक है।  उन्होंने कहा कि इस पेड़़ के कारण खेती की मिट्टी अनुपजाऊ बन जाती है। विलायती बबूल ने चारागाह क्षेत्र को भी नष्ट कर दिया है। इस पेड़ के कारण किसानों को पशु चराने में  बड़ी समस्या से गुजरना है पड़ता है।   विलायती बबूल का एक पौधा उग जाता है तो उसके आसपास बहुत सारे पौधे उगते हैं जो अन्य वनस्पति को विकसित नहीं होने देते हैं। उन्होंने विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए वर्तमान में उपलब्ध वैधानिक प्रावधानों और नीतियों पर चर्चा की और कहा कि इन विलायती बबूल को हटाने का सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। कुछ अड़चनें हैं, उन्हें दूर कर इनको भी निकालने की कोशिश करेंगे। बैठक में इससे संबंधित उत्पादों ईंधन, चारकोल, पशु आहार आदि के बारे में चर्चा की गई।  बैठक में पंचायती राज के शासन सचिव एवं आयुक्त डाॅ. जोगाराम , वाटरशेड निदेशक श्री मोहम्मद जुनैद,  श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलगुरु श्री बलराज सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण एवं इस क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए निरंतर कार्य हो, राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बने: राज्यपाल

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कुलगुरुओं को व्यक्तिगत रुचि लेकर शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में नामांकन के बाद विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, इस हेतु अच्छे ढंग से पढ़ाने, रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों से उन्हें जोड़ने आदि के लिए भी कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्थान को उच्च शिक्षा में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षण संस्थानों में सुधार नहीं होगा, उनके खिलाफ भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। राज्यपाल श्री बागडे ने विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के सम्बंध में मंगलवार को राजभवन में आयोजित समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू करने, विश्वविद्यालयों में नैक एक्रिडिएशन की कार्यवाही पूर्ण करने, वहां उपलब्ध लैब, पुस्तकालय, खेल मैदानों और छात्रावास के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में एक समान प्रश्नपत्र और पाठ्यक्रम लागू किए जाने की व्यावहारिकता के बारे में भी सुझाव लिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांवों को पिपलांत्री पैटर्न पर विकसित किया जाए। वहां पर अच्छे फलदार और छायादार पौधे लगाने तथा उन्हें विकसित करने व  प्राकृतिक खेती के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर कार्य किया जाए। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शोध के अंतर्गत मौलिक दृष्टि रखे जाने पर विशेष ध्यान  देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में पेंशन, वेतनमान आदि के लिए भी राज्य सरकार स्तर पर संवाद कर सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने निजी और राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन करवाने और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिए निरंतर कार्य करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि यह हमारा राष्ट्रीय दायित्व है कि हम विद्यार्थियों को देश का सुयोग्य नागरिक बनाएं। बैठक में विश्वविद्यालयों में कुलगुरुओं के कार्यकाल की अवधि तीन से पांच वर्ष किए जाने संबंधित सुझावों के साथ बैठक में सभी विश्वविद्यालयों में प्रो वाइस चांसलर बनाने, वहां पर भविष्य के प्रशासनिक अधिकारी तैयार करने, नवाचारो के आलोक में भारतीय ज्ञान परम्परा के अंतर्गत भारत विद्या अनुसंधान केन्द्र शुरू किए जाने आदि पर भी चर्चा हुई। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुलदीप रांका ने प्रदेश में विश्वविद्यालयों के लिए कॉमन भर्ती बोर्ड, डिजिटल कनेक्टिविटी और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के लिए विशेष प्रयास किए जाने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जो नवाचार करें, उसे विश्वविद्यालय पोर्टल पर डाला जाए। उन्होंने राज्य सरकार से जुड़े विश्वविद्यालयी मुद्दों के जल्द निस्तारण का भी विश्वास दिलाया। राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े विषयों और संबंधित कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं ने उच्च शिक्षा में नवाचार अपनाते हुए राज्य को उच्च शिक्षा में श्रेष्ठतम बनाए जाने से संबंधित सुझाव दिए। राज्यपाल श्री बागडे ने बैठक के बाद राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के न्यूज लेटर का लोकार्पण किया। उन्होंने जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. रोशन लाल रैना द्वारा लिखी पुस्तक का भी विमोचन किया।

श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड की द्वितीय गवर्निंग बैठक हुई सम्पन्न

जयपुर श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार की अध्यक्षता में मंगलवार को बोर्ड कार्यालय झालाना में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड की द्वितीय गवर्निंग बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड के सीईओ श्री राघवेन्द्र सिंह, सलाहकार श्री बद्री लाल मीणा तथा विभिन्न विभागों से जुड़े बोर्ड सदस्यगण उपस्थित रहे। बैठक में यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि कौशल विकास योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक युवाओं और प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुँचे। इस दौरान अध्यक्ष श्री सुथार ने कहा कि युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उन्हें रोज़गार व स्व-रोज़गार की दिशा में सशक्त बनाना ही बोर्ड का प्रमुख उद्देश्य है। बैठक में आगामी कार्ययोजनाओं, प्रशिक्षण मॉड्यूल्स तथा उद्योगों से बेहतर तालमेल के लिए रोडमैप पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक का समापन आयुक्त, कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग, श्री ऋषभ मण्डल द्वारा सभी सदस्यगण का धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ हुआ।

आरएसजीएल का वार्षिक कारोबार 100 करोड़ के पार, सदस्यों को 0.5 प्रतिशत लाभांश

जयपुर राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान स्टेट गैस द्वारा इस वित्तीय वर्ष के अंत तक राज्य का सार्वजनिक क्षेत्र का पहला लिक्विफाइड नेचुरल गैस प्लांट शुरु कर दिया जाएगा। प्रमुख सचिव माइन्स एवं पेट्रोलियम व चेयरमेन राजस्थान स्टेट गैस श्री टी. रविकान्त ने बताया कि कोटा में 2 नए सीएनजी स्टेशन सहित चार सीएनजी स्टेशन इसी वित्तीय वर्ष में शुरु किये जाएंगे। एजीएम में शेयर होल्डर्स को 0.5 प्रतिशत की दर से लाभांश वितरित करने का निर्णय किया गया। चेयरमेन श्री टी. रविकान्त ने आरएसजीएल के वार्षिक कारोबार को मल्टीपल करने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए हरित उर्जा के क्षेत्र में विशेष हिस्सेदारी निभाने पर जोर दिया। उन्होंने  कहा कि डीपीएनजी के साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को और अधिक संख्या में पीएनजी सुविधाओं से जोड़ने और सेवाओं में विविधिकरण लाया जाएं। आरएसजीएल के प्रबंध निदेशक श्री रणवीर सिंह ने बताया कि आरएसजीएल का वार्षिक कारोबार बढ़कर 100 करोड़ को पार कर गया है। इसी तरह से 6 करोड़ से अधिक का लाभ रहा है। उन्होंने बताया कि सीएनजी सेगमेंट में 22 प्रतिशत से अधिक की विकास दर रही है।  श्री रणवीर सिंह ने बताया कि राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र का पहला एलएनजी स्टेशन नीमराना में स्थापित होने से लंबी दूरी के परिवहन वाहनों को सुविधा मिल सकेगी वहीं आरएसजीएल और गैल द्वारा एलएनजी को लेकर अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित करना आरंभ कर दिया गया है। कोटा में नए डीपीएनजी कनेक्शन जारी करने की कार्ययोजना के साथ ही नए व्यावसायिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों को जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। एजीएम में वार्षिक अंकेक्षित लेखों का अनुमोदन किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने हरितालिका तीज की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

जयपुर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने हरितालिका तीज के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। श्री देवनानी ने कहा कि हरितालिका तीज केवल व्रत और आस्था का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति, परिवारिक समरसता और दांपत्य जीवन की पवित्रता का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव-पार्वती की उपासना कर परिवार की सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना करती हैं। श्री देवनानी ने कहा कि भारतीय संस्कृति के इन पर्वों से नई पीढ़ी को जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि यही त्यौहार हमें समानता, संस्कार और सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस अवसर पर भारतीय परंपराओं को आत्मसात करते हुए सामाजिक एकता और संस्कृति की गरिमा को और अधिक सशक्त बनाएं।

सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन: महिलाओं-बच्चों समेत 41 ग्रामीण बाढ़ से बाहर निकाले

बूंदी जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना की त्वरित कार्रवाई ने ग्रामीणों को नई उम्मीद दी है। 17 राजपूताना राइफल्स (सवाईमान) की बाढ़ राहत टुकड़ी रविवार सुबह खटकड़ के पास बड़ा डांढला कस्बे में पहुंची और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। जानकारी के अनुसार पिछले 3–4 दिनों से कई ग्रामीण एक छोटे द्वीप पर फंसे हुए थे और भोजन की भारी कमी से जूझ रहे थे। सेना की इंजीनियर टीमों के सहयोग से तीन बचाव दल तैनात किए गए, जिन्होंने महिलाओं और बच्चों सहित कुल 41 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत दल ने ग्रामीणों को बाहर निकालने के बाद तुरंत आपातकालीन खाद्य सामग्री वितरित की और चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराया। सफल बचाव अभियान के बाद बूंदी के अपर जिला मजिस्ट्रेट ने राहत टुकड़ी को नए आदेश जारी किए, जिसके तहत टीम को लाखेरी क्षेत्र के लिए रवाना किया गया। प्रशासन के अनुसार लाखेरी में बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर है, जहां अतिरिक्त राहत कार्य की आवश्यकता है।

कालीसिंध नदी में बड़ा हादसा: कार सहित बहे चार, दो के शव बरामद

झालावाड़ जिले के गागरोन स्थित चगेरी पुलिया पर रविवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। कालीसिंध नदी पर पुलिया पर पानी भरा होने के बावजूद कार सवार चार युवक कार निकालने लगे। स्थानीय लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और समझाया कि पुलिया पर पानी का बहाव तेज है, लेकिन युवकों ने उनकी बात अनसुनी कर दी। जानकारी के मुताबिक कार सवार युवक पुलिया पर रुककर फोटो भी खींच रहे थे। इसी दौरान बीच पुलिया पर पानी का बहाव और तेज हो गया और कार सहित चारों युवक नदी में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही मडावर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक दो युवकों के शव बरामद हो चुके हैं, जिनकी पहचान गंगानगर निवासी नीरज सिंह और सुकेत के कुदायला निवासी हरिबल्लभ के रूप में हुई है। दोनों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। वहीं दो अन्य युवकों सांभर लेक निवासी शिक्षक वेणुगोपाल और चालक लेखराज की तलाश एसडीआरएफ की टीम द्वारा नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए लगातार की जा रही है। बताया जा रहा है कि मृतक और लापता युवक गंगानगर से गागरोन की ओर आए थे और कोलाना एयरपोर्ट की तरफ कार से नदी पार कर रहे थे। बारिश के कारण नदी ऊफान पर थी और पुलिया पर करीब डेढ़ फीट से ज्यादा पानी बह रहा था। स्थानीय लोगों ने बार-बार उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन युवकों ने अनसुना कर दिया और यह हादसा हो गया।

घना कोहरा और अंधेरा बना चुनौती, ट्रेकिंग के दौरान गुम शख्स की खोज मुश्किल

सिरोही राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित माउंटआबू एक प्रचलित हिल स्टेशन है।  माउंटआबू नगरपालिका आपदा प्रबंधन दल प्रभारी राजकिशोर शर्मा ने बताया कि माउंटआबू से शेरगांव जाने के लिए पहले गुरु शिखर जाना पड़ता है।  वहां से पैदल जंगलों में से होते हुए करीबन शेरगांव पहुंचने में करीब छह घंटे का समय लगता है। घने जंगल एवं गहरी घाटियों के बीच से होते हुए ट्रेकिंग के माध्यम से शैर गांव तक पहुंच सकते हैं। यह बहुत ही कठिन रास्ता है। घने जंगल एवं जीव जंतुओं का खतरा इस ट्रैकिंग मार्ग पर मौजूद है। यह ग्रुप शेरगांव गया था। इस दौरान इस ग्रुप के आते समय एक व्यक्ति के गुम हो जाने की खबर नगरपालिका आपदा प्रबंधन दल को मिली। इसके बाद आपदा प्रबंधन दल प्रभारी राजकिशोर शर्मा द्वारा माउंटआबू उपखंड अधिकारी को भी इस घटना की पूरी जानकारी दी गई। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत नगर पालिका आपदा दल की टीम को मौके पर गुम हुए व्यक्ति को ढूंढने के लिए रवाना किया गया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग की टीम भी रवाना हो गई है। घने जंगल के बीच गहरे गड्ढे में गिरकर घायल है व्यक्ति इस मामले में गुम व्यक्ति से जब फोन पर बात हुई तो उसने बताया कि वह किसी गहरे खड्डे में गिरकर घायल हो चुका है और उसके चारों तरफ घनी झाड़ियां है। वहा अंधेरा होने के कारण ज्यादा कुछ नहीं देख पा रहा है और उसके मोबाइल की बैटरी 30% ही बची है। यह घटना कल दोपहर की है उसके साथ में जो लोग गए थे वे लोग गुरु शिखर पहुंच चुके हैं। बीते दिन से ही माउंटआबू में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। पूरा माउंटआबू घने कोहरे में ढका हुआ है जिसके कारण उसे ढूंढने में काफी मुश्किल आ रही है। इस कार्य में जिला प्रशासन एवं माउंटआबू प्रशासन के निर्देशन में यह अभियान चलाया जा रहा है रात्रि का समय होने के कारण कार्य बहुत ही कठिन है रात्रि एवं मूसलाधार बारिश और घने कोहरे के कारण इस कार्य में मुश्किल आ रही है।

बारिश बनी आफत: राजस्थान में जानलेवा मानसून, 91 की गई जान

जयपुर राजस्थान में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर और झालावाड़ जिलों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं। हाड़ौती क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के चलते जन-धन की भारी क्षति हुई है। कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और कई जगहों का संपर्क कट गया है। रविवार को सबसे ज्यादा 7 इंच बरसात नागौर में दर्ज हुई। नागौर के बच्चाखाडा में मकान ढहने से 2 लोगों की मौत हो गई।  उदयपुर के डबोक में रविवार को कुंवारी माइंस में भरे पानी में डूबने से 4 बच्चों की मौत हो गई। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, राजस्थान में मानसून सीजन 15 जून 2025 से 24 अगस्त तक बहने या डूबने से 44, बिजली गिरने से 24 लोगों सहित 91 मौत हुई हैं। 51 लोग वर्षा जनित हादसों के कारण घायल हुए हैं। जयपुर में प्रशासन अलर्ट मोड पर लगातार हो रही वर्षा के कारण जयपुर जिले के कई ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गांवों की रपटों और रास्तों पर पानी भर जाने से आमजन को आवाजाही में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।  जिला प्रशासन ने एहतियातन सोमवार और मंगलवार को जिले के सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। कलक्टर डॉ. सोनी ने आमजन से अपील की है कि वे जलभराव और वर्षाजनित परिस्थितियों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा है कि किसी भी बहते पानी की रपट अथवा पुलिया को पार न करें, बच्चों को जलभरे स्थानों और नालों के पास न जाने दें तथा जल स्रोतों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क किया जा सकता है। इस कक्ष के दूरभाष नंबर 0141-2204475 और 0141-2204476 हैं, जहां 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है। बीते 24 घंटों में बारिश के आंकड़े बीते 24 घंटों में नागौर जिले के मुख्यालय पर 173 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस मानसून सत्र की अब तक की सर्वाधिक वर्षा में से एक है। इसके अलावा:अजमेर के नसीराबाद में 51 मिमी और शहर में 61 मिमी बीकानेर के लूणकरणसर में 91 मिमी, कोलायत में 63 मिमी, शहर में 53 मिमी जयपुर के जालसू में 49 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं दौसा के लालसोट में 62 मिमी, रामगढ़-पचवारा में 59 मिमी धौलपुर में 57 मिमी हनुमानगढ़ के गोलूवाला में 92 मिमी, संगरिया में 90 मिमी, पीलीबंगा में 73 मिमी झुंझुनूं के मलसीसर में 59 मिमी जोधपुर के बिलाड़ा में 76 मिमी सिरोही के माउंट आबू में 71 मिमी बारिश दर्ज की गई। अभी तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट अभी तीन दिन और बरसने वाला है मानसून मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ इस समय बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज होते हुए पूर्व की ओर जा रही है। इसके साथ ही राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है, जिसके कारण आगामी तीन दिन राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिन निम्न दबाव प्रणाली और ट्रफ लाइन के प्रभाव से भारी वर्षा हो सकती है।