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राजस्थान पंचायत चुनाव अपडेट: बढ़ा चुनावी खर्च, तांगा-ऊंट और बैलगाड़ी से प्रचार नहीं होगा

जयपुर  पंचायती राज संस्थाओं (PRI) और शहरी स्थानीय निकाय (ULB) चुनावों में प्रत्याशियों के लिए खर्च सीमा बढ़ा दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी करते हुए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा को दोगुना कर दिया है। साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों और लाउडस्पीकरों के उपयोग पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों में प्रत्याशी बड़े वाहन या पशु-चालित गाड़ियों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर के साथ-साथ तांगा, ऊंटगाड़ी और बैलगाड़ी जैसे पशु-चालित वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। आयोग ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सरपंच के लिए खर्च सीमा 1 लाख, अन्य के लिए ये… पंचायती राज चुनावों में सरपंच पद के लिए खर्च सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। पंचायत समिति सदस्य के लिए यह सीमा 75 हजार से बढ़कर 1.5 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 1.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। शहरी निकाय चुनावों में नगर निगम पार्षदों की खर्च सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये, नगर परिषद पार्षदों की 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये और नगर पालिका पार्षदों की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। 15 दिन में पेश करना होगा खर्च का रिकॉर्ड प्रत्याशियों को निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव के 15 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी को खर्च का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा, अन्यथा कार्रवाई की जा सकती है। वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी गई है। जिला परिषद और नगर निगम प्रत्याशी अधिकतम तीन, पंचायत समिति और नगर परिषद प्रत्याशी दो, जबकि सरपंच और नगर पालिका प्रत्याशी केवल एक वाहन का उपयोग कर सकेंगे। वाहनों की जानकारी पहले रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। इसके अलावा, चुनाव कार्यालयों पर लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक रहेगी। अस्पतालों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। लाउडस्पीकर का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही, वह भी मजिस्ट्रेट की अनुमति से किया जा सकेगा। चुनावी रैलियों के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी होगी।

सरस राजसखी मेले में दिखा भारत–एक सूत्रधार, परंपरा और तकनीक ने रचा नया रंग

जयपुर भारत को एक सूत्र में पिरोने की भावना को साकार करती “भारत – एक सूत्रधार” की थीम पर आधारित सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला-2025 इन दिनों लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए हस्तशिल्प, वस्त्र, व्यंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भारतीय विविधता की एक जीवंत तस्वीर पेश कर रही हैं। मेले के दौरान एनआईएफ ग्लोबल जयपुर, कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट एवं राजीविका के संयुक्त तत्वावधान में डिजिटल सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु एक जागरूकता नाट्य प्रस्तुति भी दी गई। इस प्रस्तुति के माध्यम से आत्मविश्वास, ग्रूमिंग तथा डिजिटल टूल्स के महत्व को सरल और प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। नाट्य दृश्यों के जरिए यह संदेश दिया गया कि कॉन्फिडेंट कम्युनिकेशन और प्रभावी प्रेज़ेंटेशन से ग्राहक जुड़ाव बेहतर होता है, वहीं ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम और कैशलेस लेन-देन आज के डिजिटल युग में व्यवसाय की आवश्यकता बन चुके हैं। इसके साथ ही वाट्सअप, वाट्सअप बिजनेस और इंस्टाग्राम  जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से घर बैठे व्यवसाय विस्तार, ऑर्डर मैनेजमेंट, डिलीवरी तथा उत्पाद प्रचार के तरीकों को भी प्रस्तुत किया गया। एनआईएफ ग्लोबल जयपुर और कमला पोद्दार इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स द्वारा मंचित इस नाट्य प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा और इसे डिजिटल साक्षरता एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। मेले में टेक्सटाइल सेक्शन में खास तौर पर महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पंजाब, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों से आए पारंपरिक वस्त्र अपनी विशिष्ट पहचान और आकर्षक बनावट के कारण खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। रंग-बिरंगे परिधान, बारीक हस्तनिर्मित डिज़ाइन, पारंपरिक कढ़ाई और क्षेत्रीय कला की झलक ने खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित किया है। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी लोक नृत्य और मधुर मांड गायन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं बिहार के पारंपरिक लोक नृत्य- जजिया और जाट-जतिन- की जीवंत और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। दर्शकगण तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते नजर आए और पूरा परिसर उत्सवधर्मी वातावरण में डूब गया।

राजस्थान में ठंड का प्रकोप, घना कोहरा और जमाव बिंदु के करीब तापमान, शेखावाटी में अलर्ट

 जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर सर्दी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर-पश्चिमी जिलों में सक्रिय शीत लहर के प्रभाव से बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। शेखावाटी अंचल में ठंड सबसे ज्यादा असरदार रही, जहां सीकर जिले के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो जमाव बिंदु के बेहद करीब है। बुधवार सुबह सीकर और आसपास के क्षेत्रों में ओस जमने की स्थिति बनी, जबकि कई जिलों में हल्के से मध्यम और कहीं-कहीं घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित हुई और जनजीवन पर असर देखा गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, झुंझुनूं, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में घने कोहरे की स्थिति बनी रही, जिससे दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई। आगे क्या रहेगा मौसम का मिज़ाज? मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है। इसके साथ ही शीतलहर का दायरा बढ़ने और रात के तापमान में और कमी आने की संभावना है। कमजोर उत्तरी हवाओं और कोहरे के कारण कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर भी दर्ज किया गया, लेकिन ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। कोहरे और शीतलहर को देखते हुए नागरिकों को सुबह-शाम सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

राजस्थान में विकास का नया अध्याय: नागौर किसान सम्मेलन में बोले शिवराज सिंह चौहान

नागौर/जयपुर   केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सशक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है। उनके नेतृत्व में हमारी सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कार्य कर रही है। हमारी मंशा है कि किसानों का फसल उत्पादन बढ़े तथा उनकी लागत में कमी आए। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें, जिससे विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार किया जा सके। शिवराज सिंह चौहान राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मेड़ता में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गत दो वर्षों में राजस्थान में विकास का नया अध्याय रचा गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राज्य के किसानों को दी जाने वाली राशि में बढ़ोतरी कर 9 हजार रुपये किया है। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी राजस्थान के किसानों को लाभान्वित किया गया है। अब किसानों को अगर क्लेम देने में बीमा कंपनियां देर करेंगी तो ब्याज का भुगतान भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राजस्थान के किसानों के लिए मूंग 3 लाख 5 हजार 750 मीट्रिक टन, मूंगफली 5 लाख 54 हजार 750 मीट्रिक टन तथा सोयाबीन की 2 लाख 65 हजार 750 मीट्रिक टन की रिकॉर्ड स्तर पर खरीद को मंजूरी दी गई है। विकसित भारत – जी राम जी से मजदूर एवं किसानों का होगा कल्याण शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत – जी राम जी योजना एक बेहतरीन योजना है, जो देश के गांवों का कायाकल्प करेगी। इससे मजदूर एवं किसानों का कल्याण होगा। योजना के तहत अब मजदूरों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। योजना का अब प्रस्तावित बजट 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे गांव विकसित, गरीबीमुक्त एवं रोजगारयुक्त बनेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार शीघ्र ही सीड एक्ट एवं पेस्टीसाइड एक्ट लाने वाली है जिससे नकली पेस्टीसाइड एवं महंगे बीज देने वाले लोगों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है तथा शीघ्र ही वंचित गरीबों को मकान देने का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। तेज धूप, ठंड, बारिश में भी किसानों का काम कभी नहीं रुकता-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान हमारे राष्ट्र के असली निर्माता हैं। जब पूरा देश सोता है तब अन्नदाता अपने खेतों में जागते हैं। चिलचिलाती धूप हो या कड़कड़ाती ठंड, बारिश हो या आंधी तूफान, किसानों का काम कभी नहीं रुकता। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक किसान रहे हैं इसलिए वे खेती में आ रही समस्याओं को भली-भांति समझते हैं। हमारी सरकार किसानों को आगे बढ़ाने एवं उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह एवं अटल बिहारी वाजपेयी ने किसानों के सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए हैं। स्व. वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जैसी योजना से देश में लाखों किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर गांवों को सड़कों से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है। राज्य के विकास के लिए रोडमैप बनाकर किया कार्य मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के विकास के लिए रोडमैप बनाकर कार्य कर रही है। पानी की प्राथमिकता को समझते हुए हमने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, गंगनहर की मरम्मत जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। साथ ही, कुसुम-ए एवं कुसुम-सी में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि गत सरकार के समय युवाओं के साथ धोखा हुआ तथा पेपरलीक जैसे प्रकरण हुए। हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। अब तक 92 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, शीघ्र ही 20 हजार नियुक्तियां दी जाएंगी तथा 1 लाख 53 हजार नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं। हमारी सरकार युवाओं को पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरियां देगी। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग की जा चुकी है। हम चाहते हैं कि युवा रोजगार प्रदाता भी बने तथा हम शीघ्र ही युवा पॉलिसी भी लाने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश-प्रदेश में किसान बढ़ रहा आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश-प्रदेश में हमारा किसान आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा किसान हितैषी निर्णयों से उनका सशक्तिकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार गरीब, युवा, किसान और महिला समेत प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने नागौर जिले में विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 2 हजार 900 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की है तथा 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि के विकास कार्य भी करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में लखपति दीदी, वृद्धजन पेंशन योजना जैसी अनेक योजनाओं से जिले को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला के संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है तथा इसमें किसी भी तरह की छेड़खानी नहीं होने दी जाएगी। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर किसान हितैषी निर्णय ले रही है। राज्य सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि में बढ़ोतरी, 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली जैसे अनेक किसान हित में निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि नकली खाद, नकली बीज और नकली पेस्टीसाइड्स बनाने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत चालू वित्त वर्ष के पहले बैच में 3 हजार 200 किलोमीटर से अधिक की 1,216 सड़कों एवं एक पुल के लिए 2 हजार 89 करोड़ रुपये के कार्यों का स्वीकृति पत्र सौंपा। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने कृषक कल्याण योजनाओं के तहत 35 हजार 800 किसानों को 187.60 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की। … Read more

स्कूलों को चेतावनी: बच्चों को सांता क्लॉज बनाने के लिए मजबूर न करें

श्री गंगानगर श्रीगंगानगर जिले के निजी स्कूलों में क्रिसमस के अवसर पर बच्चों को सांता क्लॉज की ड्रेस पहनाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अशोक वधवा ने सभी निजी स्कूलों के प्राचार्यों और प्रबंधकों को आदेश जारी कर चेतावनी दी है कि यदि ऐसी कोई शिकायत प्राप्त हुई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश भारत-तिब्बत सहयोग मंच की शिकायत पर आधारित है। मंच के जिलाध्यक्ष सुखजीत सिंह अटवाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की थी कि स्कूलों में बच्चों को जबरन सांता क्लॉज नहीं बनाया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीगंगानगर मुख्य रूप से सनातन हिंदू-सिख बहुल क्षेत्र है और पिछले कुछ वर्षों से स्कूलों में क्रिसमस पर बच्चों को जबरन सांता क्लॉज बनाना एक प्रथा बन गई है। मंच ने स्कूलों में भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की भी मांग की। अटवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है, जो गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। इसलिए सभी स्कूलों को इस दिन भारतीय संस्कृति के गौरव और श्रेष्ठ बलिदान की परंपरा के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। एडीईओ अशोक वधवा ने स्पष्ट किया कि यदि अभिभावकों और बच्चों की सहमति से सांता क्लॉज बनाया जा रहा है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जबरदस्ती करने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "एक तरफ बाल दिवस मनाया जा रहा है, दूसरी तरफ क्रिसमस। शिकायतें आई हैं कि निजी स्कूलों में दबाव डालकर बच्चों को सांता बनाया जा रहा है। सहमति से ठीक है, लेकिन जबरन नहीं।"

एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर संगरिया में बवाल, किसानों की टोल प्लाजा पर नाकेबंदी

हनुमानगढ़ हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर चले लंबे विवाद के बाद अब संगरिया क्षेत्र में प्रस्तावित बायो एथेनॉल प्लांट के खिलाफ किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। सोमवार शाम सादुलशहर के खैरूवाला टोल प्लाजा पर सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया और फैक्ट्री को हटाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी की। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही संगरिया उपखंड अधिकारी जय कौशिक, तहसीलदार मोनिका बंसल, थानाधिकारी अमरसिंह और चौकी प्रभारी ताराचंद गोदारा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। शाम को प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता हुई, जिसमें सभी पक्षों से संवाद के माध्यम से मुद्दे पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा गया। स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: किसान संघर्ष समिति के सदस्य परमिंदर खीचड़ ने कहा कि जिस तरह टिब्बी के राठीखेड़ा क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर विवाद हुआ, उसी तर्ज पर अब सादुलशहर सीमा क्षेत्र में भी एथेनॉल फैक्ट्री स्थापित की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा होगा, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों का कहना है कि संगरिया के बुगलावाली के पास प्रस्तावित फैक्ट्री से पानी और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। यदि सरकार ने फैक्ट्री नहीं हटाई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह फैक्ट्री टिब्बी वाली से अलग: प्रबंधन विवाद के बीच फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सफाई दी गई है। प्रबंधन का कहना है कि किसान टिब्बी के घटनाक्रम को आधार बनाकर विरोध कर रहे हैं, जबकि यह प्लांट उससे पूरी तरह अलग है। प्रस्तावित स्थान बारानी भूमि पर स्थित है, जहां नहर का पानी नहीं पहुंचता। यहां का भूमिगत पानी लगभग 17 हजार टीडीएस वाला खारा है, जो न तो पीने योग्य है और न ही सिंचाई के लिए उपयोगी। प्रबंधन ने कहा कि किसानों की आशंकाओं को आपसी चर्चा के माध्यम से दूर किया जा सकता है। 235 करोड़ की लागत से लगेगी फैक्ट्री जानकारी के अनुसार संगरिया–अबोहर मार्ग पर गांव सिंहपुरा के चक 27 एएमपी में 42 बीघा जमीन पर भारत बायोएथनॉल प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री प्रस्तावित है। जमीन पर चारदीवारी का निर्माण किया जा चुका है। इस फैक्ट्री में प्रतिदिन 200 केएलडीपी बायो एथेनॉल उत्पादन प्रस्तावित है, जबकि कुछ सूत्रों के अनुसार इसकी उत्पादन क्षमता 74 केएलडीपी प्रतिदिन बताई जा रही है। टिब्बी में जारी विवाद के बाद संगरिया में शुरू हुआ यह विरोध क्षेत्र में एथेनॉल प्लांट्स को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है। किसान स्वास्थ्य, जल स्रोतों और खेती की सुरक्षा को लेकर एकजुट होते नजर आ रहे हैं।  

सादुलशहर में पुलिस पर हमले के बाद बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय लुटेरा गैंग पकड़ाया

श्रीगंगानगर श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की एक बड़ी वारदात को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित अंतरराज्यीय गैंग के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बेहद योजनाबद्ध तरीके से लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से न केवल लूट की कोशिश विफल हुई, बल्कि सभी बदमाशों को दबोच लिया गया। डीवाईएसपी भूपेंद्र सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार रात सादुलशहर में सिविल ड्रेस में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को लूटने का प्रयास किया गया। आरोपियों ने उन्हें आम नागरिक समझकर निशाना बनाया, लेकिन पुलिसकर्मियों की सतर्कता से उनकी योजना नाकाम हो गई। बदमाशों ने मौके पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग की और वहां से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमा हरकत में आ गया। सादुलशहर थाना पुलिस ने तत्काल अलर्ट जारी कर क्षेत्र में तलाश अभियान शुरू किया। घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) टीम को बुलाया गया, जिसने आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया और अंततः चारों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी एक अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। गिरोह का तरीका बेहद शातिराना है। गैंग की महिला सदस्य पहले सुनसान इलाके में अकेली खड़ी होकर लिफ्ट मांगती है। जैसे ही कोई वाहन चालक रुकता है, पहले से घात लगाए उसके साथी मौके पर पहुंचकर लूटपाट करते हैं और फरार हो जाते हैं। इसी पैटर्न पर पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गैंग द्वारा की गई अन्य वारदातों का भी खुलासा होगा। इस सफल कार्रवाई के बाद इलाके में पुलिस की मुस्तैदी और सक्रियता की सराहना की जा रही है।

स्मार्टफोन बंद, कीपैड फोन ही इस्तेमाल कर सकेंगी महिलाएं: जालोर पंचायत की नई नीति

 जालोर राजस्थान के जालोर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ग्राम पंचायत ने महिलाओं और लड़कियों के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। 26 जनवरी से प्रभावी होने वाले इस फैसले के तहत, 15 गांवों की बहुएं और लड़कियां अब कैमरा वाले यानी स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। सिर्फ कीपैड फोन चलाने की होगी इजाजत रविवार को जालोर के गाजीपुर गांव में चौधरी समुदाय की एक बड़ी बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता सुजनाराम चौधरी ने की। इस पंचायत में फैसला लिया गया कि गांव की बहुओं और लड़कियों को अब केवल साधारण कीपैड वाले फोन का ही उपयोग करने की अनुमति होगी। इतना ही नहीं, उन्हें किसी भी शादी-ब्याह, सामाजिक कार्यक्रम या पड़ोस के घर में भी मोबाइल ले जाने की मनाही होगी। पढ़ाई के लिए भी लागू रहेंगे सख्त नियम पंचायत ने स्कूली छात्राओं के लिए भी नियम तय किए हैं। जो लड़कियां पढ़ाई के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें केवल घर पर ही फोन इस्तेमाल करने की छूट होगी। स्कूल जाने वाली लड़कियां किसी भी बाहरी कार्यक्रम या पड़ोसी के घर में मोबाइल फोन साथ नहीं ले जा पाएंगी। पंच हिम्मतराम ने इस फैसले की सार्वजनिक घोषणा की है। आंखों की रोशनी और बच्चों का दिया हवाला जब पंचायत के इस फैसले पर विरोध की बात उठी, तो सुजनाराम चौधरी ने अजीब तर्क दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि बच्चे अक्सर घर की महिलाओं का फोन इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी आंखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने तर्क दिया कि महिलाएं काम के चक्कर में बच्चों का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें मोबाइल दे देती हैं, जो गलत है। 15 गांवों पर लागू होगा यह फैसला यह पाबंदी किसी एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि 14 पट्टियों (उप-मंडलों) के अंतर्गत आने वाले 15 गांवों पर इसे लागू करने की तैयारी है। आगामी गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से समुदाय की सभी महिलाओं और बेटियों को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

किसानों को बड़ी सौगात: डांगावास में राज्य स्तरीय सम्मेलन, सीएम व शिवराज सिंह चौहान रहेंगे मौजूद

नागौर राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर आज नागौर जिले की मेड़ता सिटी के डांगावास में राज्य स्तरीय उन्नत खेती–समृद्ध किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति में संपन्न होगा। सम्मेलन में प्रदेशभर से 25 हजार से अधिक किसान शामिल हो रहे हैं, जिनमें नागौर जिले के करीब 12 हजार किसान भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर किसानों को बड़ी राहत देने वाली कई महत्वपूर्ण सौगातें दी जाएंगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाएगी, जबकि राज्य परियोजनाओं के अंतर्गत किसानों को 1 हजार 200 करोड़ रुपये की राशि का हस्तांतरण किया जाएगा। इसके अलावा कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं के तहत 31 हजार 600 किसानों को 200 करोड़ रुपये, कृषि आदान अनुदान योजना के अंतर्गत 5 लाख किसानों को 700 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 18 हजार 500 लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के अंतर्गत 4.50 लाख पशुपालकों को 200 करोड़ रुपये की राशि का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण किया जाएगा। नागौर जिले के लिए विशेष रूप से 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया जाएगा। कार्यक्रम में कृषि, ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। यह राज्य स्तरीय सम्मेलन राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कृषि अनुदान, पशुपालक सहायता और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभों का वितरण किया जाएगा। राष्ट्रीय किसान दिवस पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मनाया जाता है, जो किसानों के अधिकारों और हितों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले नेता थे। इस आयोजन से प्रदेश के किसानों में नई उम्मीद जगेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की अपेक्षा है।

यीडा डेलिगेशन ने देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर के मॉडल के अनुभवों को समझा

यीडा डेलिगेशन का नीमराना दौरा, यूपी में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी के लिए मॉडल का किया अध्ययन यीडा डेलिगेशन ने देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर के मॉडल के अनुभवों को समझा रीको अधिकारियों ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क के विकास की यात्रा, योजना और संचालन ढांचे पर दी विस्तृत प्रस्तुति उत्तर प्रदेश के यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी को आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा दौरा नीमराना  उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी को आकार देने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राजस्थान के नीमराना स्थित राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (रीको) के जापानी इंडस्ट्रियल पार्क का अध्ययन दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य देश के सबसे सफल जापानी औद्योगिक क्लस्टर माने जाने वाले नीमराना मॉडल के अनुभवों को समझना और उन्हें यीडा क्षेत्र में लागू करना है। रीको अधिकारियों ने दी विस्तृत प्रस्तुति बैठक के दौरान रीको अधिकारियों ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क के विकास की पूरी यात्रा, योजना प्रक्रिया और संचालन ढांचे पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें बताया गया कि किस प्रकार जापानी निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि आवंटन, जोनिंग, आधारभूत ढांचे और यूटिलिटी सेवाओं को विकसित किया गया। अधिकारियों ने विशेष प्रोत्साहन नीतियों, प्रशासनिक सहूलियतों और निवेशकों के लिए तैयार किए गए अनुकूल इकोसिस्टम पर भी प्रकाश डाला। चर्चा के दौरान जापानी कंपनियों की लॉजिस्टिक जरूरतों, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं, सुचारू आपूर्ति श्रृंखला और स्थिर नीति वातावरण जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ। यीडा अधिकारियों ने इस मॉडल को उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित जापानी इंडस्ट्रियल सिटी के मास्टर प्लान में समाहित करने पर जोर दिया। टीम ने प्रत्यक्ष रूप से देखा जापानी इंडस्ट्रियल पार्क तकनीकी सत्र के बाद यीडा प्रतिनिधिमंडल ने नीमराना जापानी इंडस्ट्रियल पार्क का स्थलीय निरीक्षण भी किया और वहां मौजूद अवसंरचना, सड़क नेटवर्क और यूटिलिटी प्रबंधन को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस अवसर पर यीडा के सीईओ आर.के. सिंह ने कहा कि राजस्थान सरकार और रीको द्वारा साझा किए गए अनुभव यीडा के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि भूमि नियोजन, विशेष अवसंरचना और निवेशक-अनुकूल व्यवस्था से जुड़े इन अनुभवों के आधार पर यीडा क्षेत्र में विश्वस्तरीय जापानी इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में आएगा। औद्योगिक क्लस्टर आधारित विकास पर केंद्रित है यीडा की योजना उन्होंने यह भी बताया कि यीडा की योजना औद्योगिक क्लस्टर आधारित विकास पर केंद्रित है, जिसमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के साथ मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है। दौरे के समापन पर यीडा डेलिगेशन ने रीको और राजस्थान सरकार का आभार जताया और इसे राज्यों के बीच सहयोग का एक सशक्त उदाहरण बताया, जो देश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर.के. सिंह के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया, ईडी, ईपीसीएमडी-इंडिया सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। रीको की ओर से डीजीएम संजय बगाड़िया ने बैठक में सहभागिता की।