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7 जिलों के गरीब छात्रों के लिए बड़ी राहत: हरियाणा सरकार ने स्कूलों को जारी किए 13.88 करोड़

चंडीगढ़. प्रदेश सरकार ने नियम 134 ए के तहत गरीबों को पढ़ाने वाले सात जिलों के निजी स्कूलों के लिए 13.88 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। अंबाला, फतेहाबाद, गुरुग्राम, कैथल, महेंद्रगढ़, पंचकूला और रोहतक के 334 स्कूलों को फीस की प्रतिपूर्ति की जाएगी। प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बकाया राशि जारी करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा का आभार जताते हुए बाकी जिलों का पैसा भी जल्द जारी करने की मांग की है। शिक्षा विभाग पहले ही नियम 134 के तहत बच्चों को पढ़ाने वाले निजी स्कूलों को फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 30 करोड़ रुपये स्वीकृत कर चुका है। शैक्षणिक सत्र 2015-16, 2016-17 और 2017-18 के लिए नियम 134-ए के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित निजी स्कूलों को दूसरी से पांचवीं तक के लिए 200 रुपये प्रति छात्र की दर से और कक्षा छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए 300 रुपये प्रति छात्र की दर से प्रतिपूर्ति की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में दूसरी से पांचवीं तक 300 रुपये प्रति छात्र और छठी से आठवीं तक 400 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2018-19 से 2020-21 के लिए गांवों में स्थित स्कूलों को दूसरी से पांचवीं तक के छात्रों के लिए 300 रुपये और छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए 500 रुपये प्रति छात्र दिए जाएंगे।

काम में कसावट के लिए सख्त कदम: हरियाणा में 63 अफसरों का ट्रांसफर

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 21 आईएएस और 42 एचसीएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां कर दी हैं। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं और सभी बदलाव तुरंत लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने इस फेरबदल के जरिए कई विभागों और जिलों में कामकाज को और मजबूत करने की कोशिश की है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कई अधिकारियों को अहम पदों पर नई तैनाती मिली है। इन अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी जारी आदेशों के मुताबिक, आईएएस अधिकारी अमित कुमार अग्रवाल को उनके मौजूदा काम के साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का सदस्य सचिव बनाया गया है। गीता भारती को हिसार मंडल का आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, रवि प्रकाश गुप्ता को शहरी संपदा विभाग का सचिव और गुरुग्राम मंडल का आयुक्त बनाया गया है। नरहरि सिंह बांगड़ को कंफेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। सत्येंद्र दुहान को कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में निदेशक और अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। सतबीर सिंह को फायर सर्विसेज का निदेशक और आयुष्मान भारत हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। जिलों और विभागों में भी बदलाव वंदना डिसोदिया को गृह विभाग में अतिरिक्त सचिव के साथ हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की प्रबंध निदेशक बनाया गया है। जयदीप कुमार को पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग में अतिरिक्त सचिव लगाया गया है। लक्षित सरीन को हांसी में एडीसी-कम-डीसीआरआईओ के साथ जिला नगर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। 

इंडस्ट्रियल बूस्ट: हरियाणा में लीज पर प्लॉट की योजना को CM सैनी की हरी झंडी

चंडीगढ़. नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने नव उद्यमियों को लीज पर प्लाट देने का बड़ा निर्णय लिया है। हरियाणा के 23 जिलों में करीब एक दर्जन जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पड़ते हैं। यहां जमीन के रेट बहुत अधिक हैं, जिस कारण उद्यमियों के लिए नये उद्यम लगाना आसान नहीं है। प्रदेश सरकार ने उद्यमियों की इस समस्या को समझते हुए नये वित्तीय वर्ष में लैंड आन लीज नीति लागू करने का फैसला किया है। हरियाणा सरकार की लैंड आन लीज नीति के तहत उद्यमियों को लंबी अवधि के लिए लीज पर प्लाट किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर इन प्लाटों को फ्री-होल्ड में परिवर्तित करने की सुविधा उद्यमियों को मिलेगी। हरियाणा औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआइआइडीसी) की और से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल की देखरेख में लैंड आन लीज नीति तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साल 2026-27 के बजट में इस नीति की घोषणा की है। बजट पूर्व परामर्श बैठकों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को उद्यमियों ने महंगी जमीन होने की समस्या से अवगत कराया था, जिसके बाद सरकार ने लैंड आन लीज नीति तैयार करने का निर्णय लिया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर के प्रस्ताव के अंतर्गत नये उद्योगों की स्थापना और इकाइयों के शीघ्र परिचालन को बढ़ावा देने के लिए एचएसआइआइडीसी द्वारा प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग एंड प्ले सुविधाओं के साथ औद्योगिक फैक्ट्रियां व शेड भी विकसित होंगे। निवेशकों को 45 कार्यदिवसों के भीतर एक डिजिटल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें, कोविड के बाद उपजी कठिनाइयों का अभी तक भी सामना कर रहे एचएसआइआइडीसी के 500 से अधिक प्लाटधारकों पर रिजंपशन की तलवार लटकी हुई है। उन्हें राहत देते हुए हरियाणा सरकार ने निर्माण की समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। हरियाणा में औद्योगिक निवेश की अपार संभावना है। दिल्ली के नजदीक होने के कारण राज्य के शहर काफी उत्पादक श्रेणी में आते हैं। निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर काटने से बचाने को सरकार ने फरीदावाद, गुरुग्राम, मानेसर व रेवाड़ी में सभी संबंधित विभागों के संयुक्त औद्योगिक सचिवालय वनाने का फैसला किया है। कामकाजी महिलाओं के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में 10 आधुनिक मातृ शक्ति औद्योगिक क्रेच नेटवर्क शुरू करने की योजना है।

रोजगार में डिजिटल क्रांति: हरियाणा में ITI युवाओं को ऑनलाइन पोर्टल से मिलेगा जॉब

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। आईटीआई से पास होने वाले युवाओं का पूरा डाटा डिजिटल पोर्टल लांच होगा। इस पोर्टल के माध्यम से उद्योगों को प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी मिलेगी, जिससे उन्हें सीधे रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए है। सीएम ने कहा कि हर जिले में बड़े स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे और इसके लिए विभाग कैलेंडर भी जारी करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई पास युवाओं और इंटर्नशिप करने वाले छात्रों की ट्रैकिंग की जाए, ताकि यह पता चल सके कि उन्हें रोजगार मिला या नहीं। बैठक में विभाग के मंत्री गौरव गौतम भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान आईटीआई संस्थानों के उन्नयन, भवन मरम्मत, नई लैब, प्रशिक्षकों की ट्रेनिंग और उद्योगों के साथ समझौते जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में पढ़ाई के साथ-साथ हुनर होना जरूरी है, ताकि वे रोजगार के योग्य बन सकें। स्किल पर जोर, ट्रेनिंग लेने वालों को मिलेगा प्राथमिकता से काम : सीएम सैनी ने कहा कि आने वाले समय में स्किल्ड युवाओं की मांग बढ़ेगी, इसलिए आईटीआई में नई तकनीक और एआई से जुड़े कोर्स शुरू किए जाएं। पुरानी मशीनरी को बदलने और इंस्ट्रक्टरों को नई तकनीक की ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि सक्षम योजना के तहत ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर काम और कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे।

हरियाणा के खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा, खातों में पहुंचेगा 1.66 करोड़ का खुराक भत्ता

कैथल. खेल विभाग मुख्यालय की तरफ से 22 जिलों के 74 हजार 884 नर्सरी खिलाड़ियों के लिए 12.72 करोड़ रुपये का बजट जिला स्तर पर जारी किया जा चुका है। इनमें कैथल के 6302 खिलाड़ियों को एक करोड़ 66 लाख रुपये की राशि मिलेगी। खिलाड़ियों के खातों में यह राशि भेजने के लिए जिला खिल विभाग की तरफ से कागजी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इस सप्ताह खिलाड़ियों के खातों में राशि पहुंच जाएगी। नर्सरी खिलाड़ियों की यूनिक आइडी सहित अन्य जानकारी ली जा चुकी है। यह राशि जुलाई 2025 से सितंबर 2025 की है। पिछले सेशन के दौरान खेल नर्सरी में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को अभी तक भी खुराक भत्ता जारी नहीं किया गया था। अब तीन महीने की राशि खिलाड़ियों को मिल जाएगी। उम्मीद है जल्द ही बकाया पांच महीने की राशि भी जारी की जाएगी। इस समय प्रदेश में खेल नर्सरी नहीं चल रही हैं। फरवरी और मार्च में नर्सरी बंद रहती हैं और अप्रैल में इन्हें दोबारा से शुरू किया जाएगा। खिलाड़ी कई बार मांग कर चुके हैं कि उन्हें खुराक भत्ता की राशि हर माह दी जानी चाहिए। एक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। विभाग की तरफ से आठ से 14 साल के खिलाड़ी को 1500 रुपये और 15 से 19 साल के खिलाड़ी को दो हजार रुपये महीना खुराक भत्ता दिया जाता है। नर्सरी में खिलाड़ियों को सुबह-शाम खेलों का अभ्यास करवाया जाता है। ग्रामीण एरिया के खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फायदा होता है। खेल विभाग की तरफ से अप्रैल में नई खेल नर्सरी शुरू कर दी जाएंगी। इसके लिए डिप्टी डायरेक्टर स्तर पर नर्सरी के लिए आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है। जिला खेल विभाग के पास विभिन्न खेलों के 279 आवेदन आए थे। इनमें से 89 आवेदन कमियां मिलने के कारण रद कर दिए गए थे। कुल 190 आवेदनों को पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इनमें से 71 खेल नर्सरी पंचायत, 77 खेल नर्सरी सरकारी स्कूल और 42 खेल नर्सरी निजी शिक्षण संस्थानों के लिए पास की गई थी। अब 190 में से कितनी नर्सरी शुरू होंगी इसका अंतिम फैसला मुख्यालय की तरफ से लिया जाएगा। उम्मीद है जल्द ही नर्सरी की लिस्ट जारी हो जाएगी। बता दें कि पिछले सेशन में जिले में 100 नर्सरी शुरू हुई थी। इनमें से 22 नर्सरी सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों और 78 नर्सरी सरकारी स्कूलों व पंचायतों में शुरू की गई थी। पहले प्रदेश में करीब 1500 खेल नर्सरी थी और इस बार 2000 नर्सरी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिला खेल अधिकारी राजरानी ने कहा कि खेल विभाग मुख्यालय की तरफ से नर्सरी खिलाड़ियों के लिए तीन माह का खुराक भत्ता बजट भेजा हुआ है। जल्द ही खिलाड़ियों के खातों राशि भेज दी जाएगी। इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उम्मीद है अप्रैल में नई खेल नर्सरी भी शुरू हो जाएंगी।

महिलाओं को मिली कमान: पानीपत की सड़कों पर दौड़ेंगे पिंक ऑटो, बढ़ेगी सुरक्षा और रोजगार

पानीपत. जिला सड़क सुरक्षा वाहन नीति की बैठक मंगलवार को जिला सचिवालय में हुई। उपायुक्त डा. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि इसराना फ्लाईओवर के पास जमा पानी का निदान करने को लेकर अधिकारियों को जायजा लेने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि शहर की सड़कों पर जल्द ही पिंक आटो प्रशिक्षित महिलाएं द्वारा संचालित होती दिखाई देंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्ट हाउस तक की सड़क के विस्तार का कार्य एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। बैठक में सड़क हादसों के आंकड़ों की समीक्षा, एनएच-44 पर कैमरे लगाने, सड़क चौड़ीकरण और आरसीसी बैरियर लगाने जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। इस दौरान टोल प्लाजा पर विजिबिलिटी की समस्या, इसराना में सर्विस रोड की खराब स्थिति और स्ट्रीट लाइट्स के बंद होने जैसे कार्यों पर और ध्यान देने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि डाहर टोल पर आवश्यक सुविधाओं पर ध्यान देना होगा। टोल अधिकारियों पर काम में देरी पर और सख्ती बरतने के भी निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह, डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी, सीएमओ विजय मलिक, डीईओ राकेश बूरा आदि उपस्थित रहे।

हरियाणा में नीति बदलाव: मिक्स्ड लैंड यूज को हरी झंडी, कर्मचारियों को भी मिला बड़ा लाभ

पंचकूला. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभागीय विकास योजनाओं में मिश्रित भूमि उपयोग (मिक्सड लैंड यूज) के लिए नई नीति को मंजूरी दी है। यह नीति उन क्षेत्रों में लागू होगी, जहां आवासीय, वाणिज्यिक, सार्वजनिक/अर्द्ध-सार्वजनिक और औद्योगिक उपयोगों को एक साथ शामिल किया गया है, लेकिन पहले अनुमत उपयोग का प्रतिशत स्पष्ट नहीं था। मंत्रिमंडल ने इस नीति के माध्यम से लंबित परियोजनाओं और विभिन्न अनुमत उपयोगों के बीच स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। मिश्रित भूमि उपयोग क्षेत्रों में अब आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोगों की अनुमति होगी, भले ही संबंधित सेक्टर/जोन में कोई प्रतिशत सीमा निर्धारित न हो। इसके अलावा, जहां पहले से औद्योगिक उपयोग अनुमत है, वहां इसका विस्तार भविष्य में केवल मौजूदा सीमा तक होगा। मौजूदा परिसर के भीतर छोटे विस्तार पर विचार किया जा सकता है। यदि कोई मालिक औद्योगिक उपयोग को अन्य संगत उपयोगों (आवासीय, वाणिज्यिक या संस्थागत) में बदलना चाहता है तो केवल लागू नीति और मानकों के अनुसार अनुमति दी जाएगी। मिश्रित भूमि परियोजनाओं में मुख्य उपयोग का न्यूनतम 70 प्रतिशत और सहायक उपयोग का अधिकतम 30 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। सहायक उपयोग को आवश्यकतानुसार 7.5 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। अनुदान के लिए अब एक जैसा उपयोगिता प्रमाण पत्र मंत्रिमंडल की बैठक में वित्तीय दस्तावेजों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यूजिंग आफ फंड्स के लिए मानक उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) का नया प्रारूप लागू करने को मंजूरी दी गई। अब सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाले सभी संस्थान, स्थानीय निकाय, बोर्ड, निगम और सहकारी समितियां यह सुनिश्चित करेंगी कि निधि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हुआ है। पहले अलग-अलग संस्थाओं में प्रमाण पत्र के प्रारूप में भिन्नता होती थी, जिससे रिपोर्टिंग और जवाबदेही में चुनौती आती थी। नए मानकीकृत प्रारूप के तहत यह एकरूपता सुनिश्चित होगी। संशोधित नियमों के तहत अनुदान स्वीकृत या जारी करने वाले अधिकारी को यह प्रमाणित करना होगा कि सभी शर्तें पूरी हुई हैं। कर्मचारियों के लिए लास्ट पे सर्टिफिकेट में सुधार मंत्रिमंडल ने हरियाणा ट्रेजरी नियम, वाल्यूम-।। के नियम 4.176 के तहत लास्ट पे सर्टिफिकेट (एलपीसी) के नए प्रारूप को भी मंजूरी दी। एलपीसी का उपयोग मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण या सेवा समाप्ति के समय होता है और यह उनके वेतन, भत्ते, कटौती और ऋण की पूरी जानकारी देता है। नए प्रारूप में हाल के प्रशासनिक और वित्तीय सुधारों के अनुरूप कई सुधार किए गए हैं। यूनिक कोड पेयी और प्राण नंबर शामिल किया गया है। सेवा की पूरी अवधि का सत्यापन अब एलपीसी में दर्ज होगा। इसमें कर्मचारी का पैन, मोबाइल नंबर, पे लेवल, बेसिक पे, अलाउंस विवरण दर्ज किया जाएगा।

यमुनानगर जेल में कैदी बना रहे फर्नीचर, फ्लिपकार्ट पर बिक्री से बढ़ेगी आमदनी

 यमुनानगर जिला जेल की फैक्ट्री में बने उत्पाद अब ऑनलाइन बिक सकेंगे। जेल प्रशासन इसके लिए ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट से एमओयू साइन करेगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। ऑनलाइन पोर्टल पर आने से आमदनी भी बढेगी। हर किसी की पहुंच में यह उत्पाद होंगे। जेल में फर्नीचर के अलावा एलोवेरा जूस, आंवला कैंडी, आंवला जूस, गुलाब जल और एलोवेरा जूस तैयार किया जा रहा है। कपालमोचन मेला, गीता जयंती समारोह व सूरजकुंड में क्राफ्ट मेले में इन उत्पादों की काफी मांग रहती है। वहां पर लगे स्टाल से लोग खरीददारी करते हैं। जेल में तैयार किए जाने वाले फर्नीचरों में सिंगल बेड, सोफा, डबल बेड, टेबल, कुर्सियां और महाराजा कुर्सियां तैयार की जाती है। इसके लिए लकड़ी वन विभाग से खरीदी जाती है। शुद्ध शीशम की लकड़ी से यह फर्नीचर तैयार किया जाता है। जिसकी मजबूती भी बाहर बिकने वाले उत्पाद से अधिक रहती है। यही कारण है कि कोर्ट परिसर, सरकारी कार्यालयों, विश्वविद्यालयों व स्कूलों के लिए जेल में तैयार फर्नीचर खरीदा जाता है। इन उत्पादों का दाम जेल प्रबंधन की ओर से निर्धारित किया जाता है। इसके लिए न तो किसी कोटेशन की जरूरत पड़ती है और न ही कोई अन्य प्रक्रिया होती है। अब जेल प्रबंधन के पेट्रोल पंप पर ही शोरूम भी बनाया गया है। जहां पर यह उत्पाद रखे हैं। ऐसे में लोग जेल के बाहर ही इन उत्पादों को देख सकते हैं और खरीद सकते हैं। शोरूम में फर्नीचर के अलावा अन्य उत्पाद भी रखे हुए हैं। एक वर्ष में बेचे 56 लाख रुपये के उत्पाद जेल प्रशासन ने वर्ष 2025 में 56 लाख रुपये के उत्पाद बेचे। इनमें फर्नीचर से लेकर जूस, कैंडी, गुलाब जल सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं। पिछले दिनों सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में लगभग 15 लाख रुपये के उत्पाद बेचे गए। जेल की फैक्ट्री में फिलहाल 110 कैदी उत्पाद तैयार करने में लगे हुए हैं। फैक्ट्री में अधिकतर कैदी ही कार्य करते हैं लेकिन उन बंदियों को भी लगा दिया जाता है जो पहले से फर्नीचर का कार्य जानते हैं और अपनी मर्जी से काम करना चाहते हैं। जिला जेल में बंद हैं 1150 कैदी जिला जेल में इस समय लगभग साढ़े 1100 कैदी हैं। इनमें लगभग 50 महिला कैदी व बंदी हैं। जेल में हार्डकोर अपराधियों के साथ-साथ जम्मू कश्मीर के आतंकियों को भी रखा गया है। इसके लिए सीआरपीएफ का अलग से पहरा लगाया गया है। हालांकि इनकी संख्या घटती बढ़ती रहती है। पिछले दिनों जेल से कुछ बंदियों की अदला बदली भी हुई है। कुछ को दूसरी जेलों में ट्रांसफर किया गया है। वहीं दूसरी जेलों से कुछ बंदियों को यहां पर भेजा गया है।     फ्लिपकार्ट के साथ जेल प्रबंधन की बातचीत चल रही है। जेल में बने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए एमओयू साइन किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। – सतेंद्र सिंह, एसपी जेल।  

मिक्सी इंडस्ट्री का बुरा हाल: युद्ध और बढ़ती महंगाई ने तोड़ी कमर, हजारों कर्मचारियों का भविष्य अधर में

अंबाला वही शहर जिसने देश को पहली मिक्सी दी। वही शहर जिसकी पहचान रसोई के इस जरूरी उपकरण से जुड़ी है, आज खुद अपनी साख बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। अंबाला का मिक्सी उद्योग, जो न केवल भारत बल्कि दुबई, कतर और अफ्रीकी देशों तक अपनी चमक बिखेरता था, आज वैश्विक युद्ध और महंगाई के दोहरे प्रहार से कराह रहा है। रसोई में हर दिन चलने वाली और विदेश तक अंबाला का नाम पहुंचाने वाली मिक्सी पश्चिमी देशों में युद्ध के कारण संकट में है। यही शहर है, जिसने देश को पहली मिक्सी दी। अब यही उद्योग कच्चे माल की महंगाई और वैश्विक हालात के दबाव में हांफता नजर आ रहा है। करीब 200 छोटी-बड़ी इकाइयां मिक्सी, जूसर, ग्राइंडर और चापर बनाती हैं। इनके साथ जिले के 150 से ज्यादा ट्रेडर्स जुड़े हैं और सालाना कारोबार करीब 250 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। इससे करीब 15 हजार परिवारों की रोजी-रोटी सीधी जुड़ी है।   युद्ध लंबा चला तो इनका सभी पर और अधिक संकट आना तय है। यहां निर्मित मिक्सी न केवल प्रदेश और देश, बल्कि विदेश तक जाती है। कच्चे माल के रेट लगभग दोगुने होने से 15 प्रतिशत तक रेट में बढ़ाने पड़े हैं। कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ट्रांसपोर्ट महंगा हो गया है। निर्यात प्रभावित हुआ है। यहां की मिक्सी युगांडा, दुबई और कतर समेत कई देशों में भेजी जाती है। अफ्रीकी देशों में भी यहीं से सप्लाई होती है।   मौजूदा हालात में निर्यात प्रभावित हो गया है। इससे कारोबारियों के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। लागत बढ़ रही है, दूसरी तरफ बाजार सिकुड़ रहा है। इस धंधे से जुड़े लोगों का कहना है उन्हें ऑर्डर मिलने बंद हो गए हैं रेट में बहुत वेरिएशन है। महंगा माल कोई भी खरीदने को तैयार नही है। लेबर के लिए भी दिक्कतें बढ़ रही है। व्यापारियों ने कहा कि अंबाला के इस गौरवशाली उद्योग को अब केवल सरकारी हस्तक्षेप और बाजार की स्थिरता का ही सहारा है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो वो शोर जो कभी अंबाला की आर्थिक मजबूती का प्रतीक था, हमेशा के लिए खामोश हो सकता है।

राज्यसभा चुनाव के बाद हरियाणा कांग्रेस में विवाद, राहुल गांधी ने निशाना साधा उन विधायकों पर जिन्होंने नौ वोट खराब किए

चंडीगढ़  हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस सभी दलों के निशाने पर है। चुनाव में पांच विधायकों द्वारा क्रास वोटिंग करने और चार विधायकों की वोट रद होने के बाद जहां कांग्रेस में जबरदस्त तरीके से गुटबाजी बढ़ी है, वहीं इनेलो काफी हद तक भाजपा की बी टीम होने के कांग्रेस के आरोपों को खारिज करने में सफल साबित हुई है। कांग्रेस में गुटबाजी की स्थिति यह है कि सभी धड़े एक दूसरे पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं। इस गुटबाजी के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के पूर्व सांसद बेटे बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा का सिलसिला नहीं थमा है। बृजेंद्र सिंह ने चुनाव से पहले भी कांग्रेस विधायकों को क्रास वोटिंग नहीं करने की नसीहत दी थी। साथ ही कहा था कि यदि क्रास वोटिंग हुई तो आरोपित विधायकों की खैर नहीं, क्योंकि राज्यसभा चुनाव से सीधे तौर पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। राहुल गांधी ने कर्मवीर बौद्ध को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया था। यह बात सही है कि कर्मवीर बौद्ध को न तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा पसंद करते थे और न ही कांग्रेस का कोई विधायक उनके नाम को पचा पा रहा था, लेकिन कहीं न कहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को यह आभास था कि अगर कर्मवीर बौद्ध चुनाव हार गए तो उनके राजनीतिक भविष्य के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता के वशीभूत ही सही, कर्मवीर बौद्ध को कांग्रेस नेता चुनाव जिताने में कामयाब हो गए, लेकिन उनकी जीत भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल से मात्र 0.44 प्रतिशत मतों से हुई है, जो बहुत बढ़िया स्थिति नहीं है। कांग्रेस के 37 विधायकों में से कर्मवीर बौद्ध को सिर्फ 28 वोट मिले, जबकि पांच वोट क्रास हो गए और चार वोट रद हो गए। कांग्रेस नेता अपनी झेंप मिटाने के लिए बार-बार दावा कर रहे हैं कि सिर्फ पांच नेताओं ने क्रास वोट की है, जबकि जिन चार कांग्रेस विधायकों की वोट रद हुई है, वह पता नहीं किया जा सकता, मगर सच्चाई यह है कि कांग्रेस के नौ वोट खराब हुए हैं अथवा खराब किए गए हैं। हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने स्पष्ट दावा किया है कि सतीश नांदल के संपर्क में 12 कांग्रेस विधायक थे। कांग्रेस के जिस तरह से नौ वोट खराब हुए हैं, उससे मोहन लाल बडौली का दावा सही प्रतीत हो रहा है। हुड्डा गुट के लिए अगर संतोषजनक है तो वह ये कि जिन पांच कांग्रेस विधायकों ने वोट क्रास की है, उसमें दो कुमारी सैलजा गुट की विधायक हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में कुमारी सैलजा ने नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी के पति रामकिशन गुर्जर की अनदेखी कर स्पष्ट संदेश दे दिया कि राहुल गांधी के उम्मीदवार को हराने की कोशिश करने वाला कोई विधायक उनका अपना नहीं हो सकता। लेकिन हुड्डा गुट को हाईकमान के समक्ष यह कहने का मौका मिल गया है कि सैलजा गुट के विधायकों ने भी गड़बड़ की है, जबकि सैलजा गुट के पास हुड्डा गुट के बारे में हाईकमान के समक्ष कहने के लिए उनसे ज्यादा तथ्य मौजूद हैं। हरियाणा में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह पिछले कई माह से सद्भाव यात्रा निकाल रहे हैं। कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह हालांकि बृजेंद्र सिंह यात्रा को सिरे से खारिज कर चुके थे, लेकिन राहुल गांधी ने बृजेंद्र सिंह की पीठ पर हाथ धरा तो सब चुप्पी साध गए। अपनी यात्रा के बाद से अब तक राहुल गांधी मुलाकात व बातचीत के लिए बृजेंद्र सिंह को तीन बार दिल्ली बुला चुके हैं। बृजेंद्र सिंह की यात्रा अप्रैल-मई तक संचालित होगी। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि यदि राज्य में हुड्डा व सैलजा गुट की लड़ाई इसी तरह से चलती रही और कांग्रेस आपसी फूट का शिकार रही तो आने वाले समय में राहुल गांधी की ओर से बृजेंद्र सिंह को कांग्रेस के बड़े चेहरे के रूप में स्थापित किया जा सकता है।