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जश्न बना मातम: शादी समारोह में DJ प्वाइंट पर आग, लाखों का सामान स्वाहा

करनाल करनाल जिला में तरावड़ी के वार्ड नंबर-4 की राणा कालोनी में एक डीजे वाली गाड़ी में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते गाड़ी जलकर राख हो गई। डीजे की गाड़ी एक शादी समारोह में आई हुई थी।     मामले की जानकारी देते हुए तानिष नाम के युवक जिसके भाई की शादी है, ने बताया पड़ोसियों द्वारा आग लगने की जानकारी हमे मिली थी। बाहर आकर देखा तो डीजे वाली गाड़ी पूरी तरह से जल रही थी। पानी डालकर आग को बुझाने का प्रयास किया लेकिन तब तक गाड़ी में रखा सामान जल कर राख हो गया था। युवक द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया तकरीबन तीन और 4:00 बजे के बीच में आग लगने की घटना हुई थी। गाड़ी और डीजे उनका खुद का था ।   परिवार के अन्य व्यक्ति द्वारा मामले की जानकारी देते हुए बताया गया देर रात तक डीजे पर सभी लोगो ने डांस किया । 3 और 4 बजे के बीच में हमे पड़ोसियों ने उठाया जब हमने बाहर आकर देखा तो डीजे वाली गाड़ी में आग लगी हुई थी ।    फिलहाल डीजे वाली गाड़ी में आग किसने लगाई यह तो जांच का विषय है इस बारे में अभी तक कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है। परिवार में शादी है परिवार पुलिस को जानकारी देगा या नहीं इस बारे में भी अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।  

मेयर-आयुक्त की जांच में खुली सड़क परियोजना की खामियां, दो जूनियर इंजीनियरों पर गिरी गाज

यमुनानगर यमुनानगर मेयर सुमन बहमनी और नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने वीरवार को वार्ड-8 में डीएवी डेंटल कॉलेज के पास चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का औचक निरीक्षण किया। लगभग 12 लाख रुपये की लागत से लक्ष्मी टी स्टॉल से आरसी पाहुजा के घर तक सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान आयुक्त महाबीर प्रसाद ने इंटरलॉकिंग टाइलों को उखाड़कर गुणवत्ता की जांच की। जांच में पाया गया कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री उच्च गुणवत्ता की नहीं थी तथा कई जगहों पर बेहद कम सामग्री डाली गई थी। गुणवत्ता में कमी देखकर मेयर और आयुक्त ने वहां मौजूद नगर निगम के कनिष्ठ अभियंताओं से निगरानी को लेकर पूछताछ की। लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद आयुक्त ने दो कनिष्ठ अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने और संबंधित एजेंसी की पेमेंट रोकने  के निर्देश दिए। कार्यकारी अभियंता ने मौके से टाइलों के नमूने लेकर जांच प्रक्रिया शुरू की। आयुक्त ने निर्देश दिए कि संबंधित एजेंसी को दिए गए अन्य विकास कार्यों की भी गुणवत्ता जांच की जाए। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में करोड़ों रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं। ऐसे में गुणवत्ता पर कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम प्रशासन हर वार्ड में किए जा रहे विकास कार्यों की जांच करेगा और जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारियों व एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने कहा कि डीएवी डेंटल कॉलेज के पास सड़क चौड़ीकरण के निरीक्षण में स्पष्ट रूप से क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों में कमी पाई गई। ठेकेदार ने लापरवाही बरती और जेई अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे। इसलिए दोनों जेई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में चल रहे सभी विकास कार्यों का वे स्वयं निरीक्षण करेंगे। यदि कहीं भी कार्य में कोताही मिली तो संबंधित एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

टीचर ट्रांसफर ड्राइव की शुरुआत: हरियाणा में 20 दिसंबर को आएगा स्कोर कार्ड

चंडीगढ़  हरियाणा में सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षकों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। शिक्षा विभाग ने बहुप्रतीक्षित ऑनलाइन टीचर ट्रांसफर ड्राइव 2025-26 का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। संशोधित नीति लागू होने के बाद यह पहली बार है जब प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों के तबादले होने जा रहे हैं। विभाग के अनुसार, 10 से 12 दिसंबर तक सभी शिक्षक अपनी सेवा और व्यक्तिगत जानकारी ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे। यह चरण सबसे अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी डाटा के आधार पर मेरिट प्वाइंट और फाइनल लिस्ट तैयार होगी। 20 दिसंबर को सभी शिक्षकों का विस्तृत स्कोर जारी होगा, जिसमें उम्र, सेवा अवधि, उपलब्धियां, व्यक्तिगत परिस्थितियां और पॉलिसी में तय अन्य मापदंड शामिल होंगे। अगर किसी शिक्षक को अपने स्कोर या अपडेटेड सर्विस डाटा में त्रुटि लगती है, तो वे 21 दिसंबर से 27 दिसंबर तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। 28 दिसंबर से तीन जनवरी तक जिला स्तरीय कमेटियां इन दावों पर निर्णय लेंगी। चार जनवरी को जिला स्तर के फैसले प्रकाशित होंगे। इसके बाद शिक्षक चाहें तो प्रदेश स्तर पर अपील कर सकेंगे। पांच से दस जनवरी तक प्रदेश स्तरीय सुनवाई होगी। पांच से सात जनवरी तक प्रदेश स्तर पर आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया गया है। आठ से दस जनवरी तक राज्य स्तरीय कमेटी इन आपत्तियों पर अंतिम निर्णय लेगी। इसके बाद 11 और 12 जनवरी को फाइनल मेरिट प्वाइंट, फाइनल स्कोर और फाइनल लिस्ट जारी होगी। अंत में 12 जनवरी को ट्रांसफर ऑर्डर जारी होंगे। हालांकि ट्रांसफर पॉलिसी में शामिल शिक्षक नये स्कूलों में ज्वाइनिंग पहली अप्रैल से ही करेंगे। प्रक्रिया से पहले डीईओ को निर्देश ट्रांसफर ड्राइव लागू करने से पहले शुक्रवार को सुबह 11 बजे सभी जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जुड़े। उन्हें डाटा अपडेट और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलों को कहा गया है कि वे प्रिंसिपल, हेडमास्टर, टीजीटी, पीजीटी और जेबीटी सहित सभी श्रेणी के शिक्षकों का डाटा निर्धारित समय में वेरिफाई करवाएं। मनोहर सरकार में आई थी पॉलिसी हरियाणा में शिक्षकों के तबादले हमेशा सरकारों के लिए चुनौती रहे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पहले कार्यकाल की शुरुआत में इसकी जड़ को समझते हुए शिक्षकों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू की। इसके बेहतर परिणाम आए। पॉलिसी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और कई राज्यों ने इस मॉडल को अपनाया। करीब नौ वर्षों बाद अब नायब सरकार ने इस पॉलिसी में बड़े बदलाव करते हुए नये सिरे से नोटिफिकेशन जारी किया है। संशोधित नीति के अनुसार ही अब तबादले होंगे।   अब शिक्षक सीधे स्कूल चुन सकेंगे पहले ट्रांसफर जोन सिस्टम पर आधारित थे, लेकिन अब शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल को सीधे चुन सकेंगे। सरकार ने मोरनी, हथीन और नूंह ब्लॉक में तैनात शिक्षकों को बेसिक प्लस डीए पर दस प्रतिशत अतिरिक्त वेतन और अतिथि शिक्षकों को दस हजार रुपये अतिरिक्त भत्ता देने का निर्णय लिया है। पति पत्नी में केवल एक को मिलेगा लाभ पहले पति और पत्नी दोनों को ट्रांसफर में अतिरिक्त अंक मिलते थे, लेकिन नई नीति में केवल एक को ही यह लाभ मिलेगा। दूरी कम करने पर पांच अंक तय किए गए हैं। मेरिट कुल अस्सी अंकों की होगी, जिसमें साठ अंक उम्र के होंगे और बीस अंक अन्य कैटेगरी जैसे महिला, विधवा, विधुर, गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और बेहतर परिणाम देने वाले शिक्षकों को मिलेंगे। शिक्षा मंत्री जुटे थे मुहिम में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में संशोधन को लेकर लंबे समय से प्रयासरत थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से विचार विमर्श कर इसे अंतिम स्वरूप दिया। विगत दिवस भी उन्होंने पंचकूला में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों संग बैठक कर ट्रांसफर ड्राइव लागू करने की रणनीति तय की। इसके बाद विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।

हैरान करने वाले आंकड़े! हरियाणा में 10 साल में टोल टैक्स में रिकॉर्ड उछाल, प्रति नागरिक पर बढ़ा बोझ

हरियाणा  हरियाणा में वाहन चालकों से ज्यादा टोल वसूला जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल अक्टूबर तक गुजरात में टोल वसूली 1928.57 करोड़ रुपये कम हुई है, जबकि हरियाणा में इस अवधि में 368.57 करोड़ रुपये अधिक टोल वसूली हुई है।  हरियाणा में टोल वसूली ज्यादा और बजट आवंटन कम आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा में टोल वसूली 2014-15 में 461.88 करोड़ से बढ़कर 2025–26 में 2,324.95 करोड़ यानी पांच गुना बढ़ गई है। दीपेंद्र हुड्डा के सवाल के जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में यह जानकारी दी। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा से तीन गुना बड़े प्रदेश गुजरात से ज्यादा टोल यहां वसूला जा रहा है। टोल वसूली के नाम पर हरियाणा की जनता की जेब खाली हो रही है। गुजरात में 62 टोल हैं, जबकि हरियाणा में 75 टोल के माध्यम से वसूली हो रही है। हरियाणा में टोल वसूली ज्यादा और बजट आवंटन कम है। केंद्र सरकार ने 3500 करोड़ के खेल बजट में से केवल 80 करोड़ ही हरियाणा को दिया है, जबकि गुजरात को 600 करोड़ का खेल बजट दिया। दीपेंद्र हुड्डा ने बताया कि हरियाणा में प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा 917.1 रुपये की टोल वसूली हो रही है।

सरकार का बड़ा फैसला: विदेशी ट्रेनिंग के लिए बदले नियम, कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेश यात्राओं से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब वे अधिकारी विदेशी प्रशिक्षण या स्टडी टूर पर जा सकेंगे, जिनकी यात्रा से सरकारी खजाने पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। नये दिशा-निर्देशों के अनुसार बाहरी एजेंसियों द्वारा स्पॉन्सर्ड विदेशी प्रशिक्षण यात्राओं पर प्रतिबंध नहीं रहेगा। यदि कोई अंतरराष्ट्रीय संस्था, विश्वविद्यालय या संगठन यात्रा का पूरा खर्च वहन करता है, तो ऐसे मामलों में वित्त विभाग की पूर्व अनुमति भी आवश्यक नहीं होगी। विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को निर्देश भेजे हैं कि स्पॉन्सर्ड प्रशिक्षण यात्राओं पर रोक लागू न की जाए। सरकार के अनुसार यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और अधिकारियों को वैश्विक प्रथाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से किया गया है। नई गाइडलाइन में यह भी प्रावधान जोड़ा गया है कि यदि मुख्य सचिव कार्यालय की ट्रेनिंग ब्रांच की सिफारिश पर किसी आईएएस या एचसीएस अधिकारी को विदेश प्रशिक्षण पर भेजा जाता है, तो वह भी प्रतिबंध से मुक्त रहेगा। सरकारी खर्च पर यात्राएं अब भी सीमित सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी, जहां राज्य सरकार पर कोई आर्थिक भार न आए। अन्य स्थितियों में विदेशी यात्राओं पर पुराने नियम और प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेंगे। नये प्रावधानों से अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के अधिक अवसर मिलेंगे और इससे प्रशासनिक गुणवत्ता, निर्णय क्षमता और वैश्विक तकनीक तथा प्रबंधन का अनुभव भी बढ़ेगा।

महेंद्रगढ़ के कनीना नपा के पूर्व प्रधान की सड़क हादसे में मौत, पूरे इलाके में शोक की लहर

महेंद्रगढ़ महेंद्रगढ़ के कनीना नगर पालिका के पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह लोढ़ा की सड़क हादसे में मौत हो गई। उनकी पुत्रवधु कनीना नगर पालिका की मौजूद चेयरपर्सन हैं। बताया जा रहा है कि यह हादसा गुरुवार शाम को हुआ, जब वे शादी समारोह में जा रहे थे। राजेंद्र सिंह लोढ़ा गुरुवार को रेवाड़ी से राजस्थान की ओर शादी समारोह में जा रहे थे। इसी दौरान बस ने उनकी कार को टक्कर मार दी। हादसे के बाद राजेंद्र सिंह लोढ़ा को रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां देर रात डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति को भी गंभीर चोट लगी है। लोगों को जब इस घटना की जानकारी लगी तो कनीना कस्बा के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद रख शोक जताया। वहीं अनेक प्राइवेट शिक्षण संस्थान भी बंद रहे। 3 बार लड़ा कनीना विधानसभा का चुनाव, नहीं बने विधायक  वहीं राजेंद्र लोढ़ा ने तीन बार कनीना विधानसभा का चुनाव भी लड़ा, मगर विधायक नहीं बन पाए। राजेंद्र लोढ़ा वर्ष 1987 से 1991 तथा बाद में 1995 से 2000 तक नगर पालिका कनीना के चेयरमैन भी रहे हैं। 

CET ग्रुप-C का इंतजार खत्म: 13.5 लाख युवाओं का रिजल्ट जारी, अब अगला कदम क्या होगा?

चंडीगढ़  लगभग चार माह के इंतजार के बाद शुक्रवार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एचएसएससी ने ग्रुप सी पदों के लिए हुई सीईटी कॉमन पात्रता परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए। प्रदेशभर के करीब साढ़े 13 लाख युवाओं को इन नतीजों का बेसब्री से इंतजार था। यह परीक्षा सिर्फ एक एग्जाम नहीं थी बल्कि उन युवाओं के सपनों का रास्ता थी जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे थे। रिजल्ट जारी होने की जानकारी मिलते ही हरियाणा के शहरों, कस्बों और गांवों में युवाओं की नजरें मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन पर टिक गईं। कोई साइबर कैफे पहुंचा, कोई घर पर बैठा ऑनलाइन रिजल्ट देखने लगा। कई जगह स्टूडेंट्स ने ग्रुप बनाकर रिजल्ट देखना शुरू किया। सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों में ‘ओपन हो रहा है’, ‘ओटीपी नहीं आ रहा’, ‘तेरा कितना आया’ जैसे संदेश तेजी से वायरल होने लगे। रिजल्ट आते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक बढ़ गया, जिससे ओटीपी देरी से आने और लॉगिन में दिक्कत की समस्या दिखी। इसके बावजूद युवाओं में उत्साह साफ दिखाई दिया क्योंकि अब सबसे बड़ा सवाल रिजल्ट नहीं बल्कि यह था कि भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी। चयन आयोग ने 26 और 27 जुलाई को डबल शिफ्ट में यह परीक्षा आयोजित करवाई थी। कुल 1350 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे और 13 लाख 47 हजार से ज्यादा युवा परीक्षा में शामिल हुए थे। इसलिए स्लो हुई साइट इन नतीजों का इंतजार काफी लंबा था। चयन आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने जैसे ही सोशल मीडिया पर रिजल्ट की जानकारी साझा की, उम्मीदवारों ने तुरंत वेबसाइट पर लॉगिन करना शुरू कर दिया। साइट पर अचानक बढ़े लोड के कारण कई अभ्यर्थियों को ओटीपी प्राप्त करने में परेशानी हुई। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई अभ्यर्थी अपना पासवर्ड भूल जाता है तो ‘फॉरगेट पासवर्ड’ विकल्प से नया पासवर्ड बना सकता है। रिजल्ट के साथ पीडीएफ भी जारी रिजल्ट के साथ शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों की पीडीएफ सूची भी जारी कर दी गई है। उम्मीदवार अपने अकाउंट से स्कोरकार्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। अगला बड़ा सवाल यह है कि ग्रुप सी भर्तियों का नोटिफिकेशन कब जारी होगा। सूत्रों के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत विभाग, प्रशासनिक शाखाएं, फार्मेसी, क्लर्क, ऑपरेटर, लैब असिस्टेंट, फील्ड वर्कर और तकनीकी स्टाफ जैसे कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। भले ही रिजल्ट से जुड़ी औपचारिकताओं में आयोग को कुछ समय लगेगा, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि ग्रुप सी नौकरियों के रास्ते अब पूरी तरह खुल चुके हैं।

हरियाणा पुलिस का मेगा एक्शन: चौथे दिन 707 रेड, 165 अपराधियों की गिरफ्तारी

चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस के राज्यव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन स्पॉट डॉमिनेशन’ ने चौथे दिन यह साफ कर दिया कि जहां पहले अपराधियों के सुरक्षित ठिकाने हुआ करते थे, वहां अब पुलिस की लगातार मौजूदगी और कानून का कड़ा नियंत्रण है। पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई ने संकेत दे दिया है कि हरियाणा अब अपराधियों के लिए बचाव नहीं, बल्कि कार्रवाई का क्षेत्र बन चुका है। 4 दिसंबर को पुलिस ने राज्यभर के चिन्हित 707 अपराध-संभावित स्थानों पर एक साथ दबिश देकर 92 नए केस दर्ज किए और 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई माना जा रहा है।    अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए। इनमें      • 4.33 किलोग्राम गांजा     • 218 ग्राम अफीम     • 85 ग्राम हेरोइन     विदेशी दौरों के लिए नये नियम, अब ट्रेनिंग वालों को मिलेगी राहत'     • 2 किलोग्राम डोडा-पोस्त     • 23.5 ग्राम स्मैक     • 890 नशीली गोलियां शामिल हैं। विशेषकर सिरसा और फतेहाबाद में तस्करी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अब हरियाणा में नशा फैलाना धंधा नहीं, बल्कि जोखिम है। अवैध शराब, हथियार और गैंगस्टरों पर कार्रवाई     कार्रवाई के दौरान पुलिस ने     • 1000 से अधिक अवैध शराब की बोतलें     • 570 लीटर लहन     • 3 अवैध पिस्तौल     • 5 जिंदा कारतूस बरामद किए। हथियारों से जुड़े पांच नए मामले दर्ज किए गए। सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि 22 गैंग से जुड़े हिंसक अपराधियों की गिरफ्तारी रही। इंटर-स्टेट इंटेलिजेंस साझा, फरारों पर शिकंजा पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ 15 खुफिया रिपोर्ट साझा कीं ताकि अपराधी प्रदेश बदलकर न बच सकें। फतेहाबाद में एक आरोपी के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी किया गया और उसका पासपोर्ट रद्द करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई। गैंगों की आर्थिक प्रणाली पर सीधी चोट डीजीपी ओपी संह के मुताबिक अभियान का लक्ष्य सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक शक्ति और आपराधिक ढांचे को खत्म करना है। फतेहाबाद में अपराध से अर्जित संपत्ति कुर्क की गई और हांसी में तीन अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। उन्होंने कहा कि अवैध कमाई से तैयार की गई कोई भी संपत्ति अब सुरक्षित नहीं रहेगी।

महोत्सव की बदइंतजामी पड़ी भारी: गीता महोत्सव के बाद लाडवा SDM की छुट्टी, दो अफसर ट्रांसफर

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विधानसभा क्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव की अव्यवस्था का असर अब प्रशासनिक स्तर पर दिखने लगा है। आयोजन में भीड़ कम रहने और व्यवस्थाओं की कमी को लेकर हुई किरकरी के बाद सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की है। इसी क्रम में लाडवा एसडीएम पंकज सेतिया को पद से हटा दिया गया है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज और पंजाबी गायक कंवर ग्रेवाल के कार्यक्रमों में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ न आने से पूरे आयोजन की योजना और प्रबंधन पर सवाल उठे। प्रशासन की तैयारी को लेकर उठी आपत्तियों के बाद सरकार ने जवाबदेही तय करते हुए आदेश जारी किए।   मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी तबादला आदेशों के अनुसार 2019 बैच के एचसीएस अधिकारी अनुभव मेहता को लाडवा का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। अनुभव मेहता इससे पहले करनाल में एसडीएम थे। उन्हें लाडवा एसडीएम के साथ कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, करनाल में संयुक्त निदेशक प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। पूर्व एसडीएम पंकज सेतिया लगभग 15 महीनों से लाडवा में तैनात थे और उनके पास कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज भी था। गीता महोत्सव में अव्यवस्थाएं उजागर होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया गया है। इसी आदेश में 2020 बैच के एचसीएस अधिकारी अजय सिंह को कैथल एसडीएम पद से हटाकर सिरसा में सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

हरियाणा के युवाओं के लिए सुनहरा मौका! अब मुफ्त में सिखाई जाएंगी ये भाषाएँ, विदेश में रोजगार होगा आसान

हरियाणा  हरियाणा के युवाओं के लिए खुशखबरी आई है। हरियाणा सरकार ने युवा वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विदेशी भाषाओं को सीखने के लिए नई पहल शुरू की है। विदेश में रोजगार के लिए युवाओं को जर्मन, जापानी और इतालवी भाषाएं निशुल्क सिखाई जाएंगी। बताया जा रहा है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के निदेशक मंडल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप कार्यबल विकसित करने के लिए “विदेशी भाषा सहायता एवं प्रतिपूर्ति योजना को स्वीकृति दे दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बोर्ड की 12वीं बैठक में कई परिवर्तनकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में विश्वस्तरीय कौशल विकास, रोजगार सृजन और कार्यबल के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया। जैसे-जैसे वैश्विक गतिशीलता भाषा प्रवीणता पर निर्भर हो रही है, यह योजना प्रमाणित उम्मीदवारों का एक तैयार पूल बनाने में मदद करेगी, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय नौकरी की आवश्यकताएं उत्पन्न होते ही तैनात किया जा सकता है।