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UHBVNL ने जारी किया निर्देश, मुख्यालय आने से पहले लें परमिशन; टेलीफोन या ईमेल से संपर्क करें

चंडीगढ़  उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVNL) के कर्मचारी अधिकारी बिना परमिशन के मुख्यालय नहीं आ सकेंगे। इसको लेकर ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। ऑर्डर में लिखा है कि क्षेत्रीय कार्यालयों, उप-मंडलों, मंडलों, जोनों और मुख्यालयों में कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारी के लिए निर्देश। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस काम में वह सहयोग करें और दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन कराएं। यहां पढ़िए ऑर्डर में और क्या… 1. कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे निजी मामलों के लिए मुख्यालय या सीनियर ऑफिसर्स से मिलने से पहले, जहां तक ​​संभव हो, अनुमति जरूर लें, ताकि मिलने के लिए सही समय तय किया जाए और उन्हें इंतजार से बचाया जाए। 2. कर्मचारियों को बताया जाता है कि वे व्यक्तिगत मामलों के समाधान के लिए सबसे पहले संबंधित एसडीओ, उप-विभागीय अधिकारी या कार्यालय प्रभारी के स्तर पर प्रयास करें, ताकि समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। 3. किसी भी आवेदन के लिए विभाग में पहले से तय प्रॉपर चैनल (एसडीओ/एक्सईएन/एसई/सीई/सक्षम प्राधिकारी) को फॉलो किया जाए। ये उन मामलों पर लागू नहीं होगा, जहां तत्काल समाधान की जरूरत हो। 4. ऐसे मामलों में जहां मामला पहले ही एक स्तर पर उठाया जा चुका है और हायर अथॉरिटी के ध्यान की आवश्यकता है, कर्मचारियों को अपने नियंत्रण अधिकारी को सूचित करने के बाद अगली अथारिटी से मिलने की अनुमति दी जा सकती है। 5. कर्मचारियों से अनुरोध है कि वे नियमित मुद्दों के लिए बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय या वरिष्ठ अधिकारियों के पास सीधे जाने से बचें, ताकि कार्यालय का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे और यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रस्तुतियां ठीक से दर्ज और संसाधित की गई हैं। आपातकालीन स्थितियों में इन्हें फॉलो करना होगा… 1. तत्काल ध्यान देने योग्य या संवेदनशील मामलों में, कर्मचारी संबंधित नियंत्रक अधिकारी से टेलीफोन या ईमेल द्वारा संपर्क कर सकते हैं। इस तरह के संचार को उच्च अधिकारियों से मिलने की वैध अनुमति माना जाएगा। 2. सभी अधिकारियों से अनुरोध है कि वे सहयोग प्रदान करें तथा कर्मचारियों द्वारा उठाए गए वास्तविक एवं अत्यावश्यक मुद्दों का समाधान सुनिश्चित करें। इन निर्देशों का अक्षरशः और पूरी भावना के साथ सावधानीपूर्वक और सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

हरियाणा के कई इलाकों में कोहरा छाया, हिसार में तापमान 8.6 डिग्री; पहाड़ों की बर्फबारी से ठंड बढ़ने की संभावना

चंडीगढ़   उत्तर भारत में कोहरे और सर्दी का असर अब धीरे धीरे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना जताते हुए शीतलहर और कड़ाके की सर्दी के आसार जताए हैं, जिसका असर दिल्ली से लेकर बिहार और मध्य प्रदेश तक पड़ेगा। हरियाणा में अब बढ़ती ठंड के बीच सुबह शाम के वक्त हल्का कोहरा भी छाने लगा है। प्रदेश मे अभी अभी रात्रि तापमान (न्यूनतम) 8 से 10 डिग्री के आसपास बना है। वहीं उतर से नमी वाली हवाएं चलने से धुंध देखी जा रही है। यूपी-पंजाब में छाया कोहरा पंजाब, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्का कोहरा छाया रहा। अगले 2–3 दिनों में मध्य भारत, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति देखने को मिल सकती है। हालांकि प्रदेश अभी पूरी तरह से ठंड की चपेट में नहीं आया है। वजह ये है कि दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान घट नहीं रहा है। रातें जरूर ठंडी हैं। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते रात्रि तापमान में करीब 3.2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। इसके अलावा महेंद्रगढ़ में पारा 8.9, सिरसा में 9.6 और जींद में 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रदेश में अन्य क्षेत्रों में बीते दिन तापमान 10 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। सोनीपत में शुक्रवार रात 8 बजे के बाद हल्का कोहरा देखने को मिला। सुबह के समय अन्य जिलों में भी कोहरा छा रहा है, हालांकि विजिबिलिटी पर इसका कोई असर अभी नहीं है। विशेषज्ञों का पूर्वानुमान – ठंड और बढ़ेगी चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। दिन में बीच-बीच में हल्के बादल छाने से औसत तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट संभव है। 23 नवंबर तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील डॉ. खीचड़ के अनुसार राज्य में मौसम 23 नवंबर तक शुष्क और परिवर्तनशील बना रह सकता है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की बादलवाई देखने को मिल सकती है। हवा की दिशा में बार-बार बदलाव और धीमी गति से चलने वाली हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे कुछ स्थानों पर अलसुबह हल्की धुंध छाने की संभावना है।  

परिवहन में बड़ी क्रांति: हरियाणा में 500 नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत, जानें किसे होगा लाभ

चंडीगड़  हरियाणा सरकार राज्य में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना लागू करने जा रही है। यह योजना एआई फॉर रेजिलिएंट जॉब्स, अर्बन एयर क्वालिटी एंड नेक्स्ट जेनरेशन स्किल कार्यक्रम के तहत चलाई जाएगी। विश्व बैंक ने इसके लिए 3,500 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। परियोजना वर्ष 2026 से शुरू होकर पांच वर्षों तक संचालित होगी। एनसीआर में 200 ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे प्रोजेक्ट के तहत एनसीआर क्षेत्र में 200 ई-चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, जिन्हें निजी एजेंसियों की सहभागिता से विकसित किया जाएगा। परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रथम चरण में गुरुग्राम में 200, सोनीपत में 100 और फरीदाबाद में 200 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। ई-ऑटो खरीददारों को मिलेगा प्रोत्साहन  स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार 10,000 ई-ऑटो खरीदने वालों को 15,000 से 35,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। वहीं, राज्य में मौजूद 17 लाख पुराने एवं प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। इनकी पहचान के लिए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) स्थापित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 210 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण की कड़ी व्यवस्था औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 300 इकाइयों में कंटीन्यूस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (CEMS) लगाए जाएंगे, जिससे रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा। इसके साथ ही अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले बॉयलरों को स्वच्छ ईंधन आधारित तकनीकों में बदलने की भी योजना है। यह परियोजना हरियाणा में वायु गुणवत्ता सुधारने, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

सिरसा डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ गवाही बाधित: कोर्ट का सख्त रुख, अधिकारियों को फटकार

पंचकूला डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और अन्य आरोपियों से जुड़े मामले में अमेरिका से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दर्ज होनी थी लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक तैयारी न होने के कारण गवाही नहीं हो सकी। अदालत ने देरी पर नाराजगी जताते हुए सीबीआई को अधिक सक्रिय होने के निर्देश दिए। सीबीआई के डिप्टी एसपी ने अदालत को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कई बार अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को पत्र भेजे लेकिन जवाब नहीं मिला। इस कारण गवाही की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जा सकी। तकनीकी उपकरण भी काम नहीं आए  सीबीआई अपने साथ गवाही रिकॉर्ड करने के लिए डिवाइस और डॉक्यूमेंट विजुअलाइजर लेकर आई थी लेकिन अदालत के सिस्टम में ये उपकरण काम नहीं कर पाए। तकनीकी विंग के प्रभारी ने बताया कि वेंडर एक सप्ताह में कंपैटिबल डिवाइस उपलब्ध कराएगा। शिकायतकर्ता ने सीबीआई पर लापरवाही का आरोप लगाया  अदालत ने सीबीआई से पूछा कि क्या अमेरिकी विभाग की मदद लिए बिना केवल भारतीय एंबेसी की सहायता से गवाही रिकॉर्ड की जा सकती है। इस संबंध में नियम, मार्गदर्शन और पूरी रिपोर्ट 21 नवंबर तक अदालत को पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।   शिकायतकर्ता के वकील नवकिरन सिंह ने कहा कि गवाह अमेरिका से गवाही देने के लिए तैयार हैं और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति भी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई ढिलाई बरत रही है और गवाह को कोई जानकारी नहीं दी गई। अदालत ने कहा कि 2018 में चार्जशीट दाखिल होने के बाद से कुल 92 गवाहों में से केवल 12 गवाही दर्ज हो सकी है। अदालत ने इसे गंभीर देरी बताया और प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।  

143 खिलाड़ियों के ग्रेडेशन प्रमाणपत्र रद्द करने की तैयारी, हरियाणा के इन जिलों के खिलाड़ियों पर सबसे बड़ा असर

चंडीगढ़  सरकारी भर्तियों में खेल कोटे के नाम पर फर्जीवाड़ा अब बड़े स्तर पर सामने आया है। राज्य सरकार को भेजी गई जांच रिपोर्ट में खेल विभाग ने कई खिलाड़ियों के प्रमाणपत्रों को संदिग्ध, अमान्य और यहां तक कि फर्जी घोषित किया है। रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में खेल कोटे के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर नौकरियों में फायदा उठाने की कोशिश हुई। इससे न केवल वास्तविक खिलाड़ियों का हक मारा गया, बल्कि भर्तियों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठे। कई सर्टिफिकेट तो 2012, 2014, 2016 और 2018 की प्रतियोगिताओं के बताए जा रहे थे, लेकिन संबंधित संघों ने ऐसे आयोजनों के होने से ही इन्कार कर दिया। वहीं कुछ खिलाड़ियों को असली और नकली दोनों तरह के दस्तावेज लेकर आते पाया गया। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कई प्रमाणपत्र जूनियर कैटेगरी के थे, जबकि उम्मीदवार ने उन्हें सीनियर कैटेगरी के रूप में नौकरी में लगाया जो नियमों के खिलाफ है।   रिपोर्ट में कई ऐसे सर्टिफिकेट भी पाए गए हैं, जो न तो किसी मान्यता प्राप्त राज्य संघ की ओर से जारी किए गए हैं और न ही राष्ट्रीय महासंघ या इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध हैं। एसोसिएशन ने बिना मान्यता के ही खेल के प्रमाणपत्र खिलाड़ियों को जारी कर दिए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों के सर्टिफिकेट की सूची बनाकर संबंधित फेडरेशनों से सत्यापन कराया गया। जांच में बड़ी संख्या ऐसे प्रमाणपत्र निकले, जो संबंधित एसोसिएशन से संबद्ध नहीं है। उन पर सर्टिफिकेट फर्जी और मान्य नहीं है जैसी टिप्पणियां दर्ज की गईं हैं।   जांच रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, वॉलीबाल, थ्रोबाल और सर्कल कबड्डी के प्रमाणपत्रों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं मिलीं। ताइक्वांडो में कई खिलाड़ियों के सर्टिफिकेट मान्य नहीं पाए गए। कोई भी दस्तावेज मान्यता प्राप्त राज्य संघ से जारी नहीं हुआ था, जबकि कुछ में राष्ट्रीय फेडरेशन की मान्यता ही नहीं थी। एथलेटिक्स में कई प्रमाणपत्र सीधे फर्जी घोषित हुए। संबंधित संघ ने स्पष्ट लिखा कि ऐसे किसी खिलाड़ी का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। वॉलीबाल व थ्रोबाल में भी कई सर्टिफिकेट ऐसे निकले जिन पर दर्ज उपलब्धियां असत्य साबित हुईं। कबड्डी में कई खिलाड़ियों के प्रमाणपत्र न मान्यता प्राप्त संघ से जारी पाए गए और न ही इवेंट के वर्ष में फेडरेशन की कोई अधिकृत प्रतियोगिता हुई थी।    सबसे ज्यादा हिसार, जींद व फतेहाबाद के खिलाड़ी शामिल जारी सूची में हिसार के 36 खिलाड़ी, जींद के 31, फतेहाबाद के 20, चरखी दादरी के 8, सोनीपत के 6, कैथल के 6, महेंद्रगढ़ के 9, रोहतक के 3, करनाल के 4, पानीपत के 13, कुरुक्षेत्र व भिवानी के 2, रेवाड़ी, सिरसा व झज्जर के एक-एक खिलाड़ी शामिल हैं।

HTET में पास उम्मीदवार अचानक कैसे बढ़े? चेयरमैन के जवाब से खुली जांच की मांग

हरियाणा  10 अक्तूबर को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा परिणाम घोषित हुआ था। इस पर कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद 1284 अभ्यर्थी कैसे बढ़ गए? जब परीक्षार्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था तो इनकी संख्या करीब 46,094 थी लेकिन जब 10 नवंबर को परिणाम जारी हुआ तो इनकी संख्या 47,378 हो गई। बोर्ड चेयरमैन प्रो. डॉ. पवन कुमार का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों को हल्के डार्क बिंदु के कारण बेनिफिट ऑफ डाउट मिले तो पास होने वालों की संख्या बढ़ी है। परिणाम में देरी का कारण चौथी फर्म से ऑडिट और बोर्ड सचिव का तबादला रहा। पहले चरण की वैरिफिकेशन में काफी डाउन थे। पहली फर्म ने 40 हजार ओएमआर सीट को दोबारा स्केन किया। सीसीटीवी कैमरा, फेसिंग, बायोमेट्रिक पर संशय हुआ। जिस कारण चौथी फर्म से ऑडिट करवाना पड़ा। चौथी फर्म पी सेक्टर यूनिट से थी। बता दें कि जो पहले वेरिफिकेशन के लिए करीब 46 हजार अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, उनमें से करीब 40 हजार ही पहुंचे। जो रह गए, उन्हें ही बुलाया गया था। जो नए पास हुए है, उनके लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी की जाएगी, उसके बाद उन्हें जांच के लिए बुलाया जाएगा।

करोड़ों का धान घोटाला! यमुनानगर में मिलर परिवार की संपत्ति जब्ती की तैयारी तेज

यमुनानगर  यमुनानगर जगाधरी के पौंटी स्थित किसान राइस मिल में धान-चावल की करोड़ों रुपए की हेराफेरी मामले में कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। हैफेड की जांच में 4.57 करोड़ रुपए मूल्य का सरकारी चावल गायब मिलने के बाद मिलर के खिलाफ बड़ा कदम उठाया गया है। विभाग ने मिलर जावेद खान की करीब आठ करोड़ रुपए कीमत की 32 कनाल प्रॉपर्टी तो पहले ही अटैच कर ली है, अब इसके अलावा हैफेड मिलर के परिवार व ब्लड रिलेशन वालों के रिकॉर्ड को भी खंगाल कर उनकी प्रॉपर्टी की जांच कर रही है। हैफेड के अनुसार वर्ष 2024-25 में किसान राइस मिल को68.823 क्विंटल धान कस्टम मिलिंग के लिए आवंटित किया गया था। 9,994.665 क्विंटल चावल जिसकी कीमत 4.57 करोड़ रुपए है न तो जमा कराया गया और न ही उसकी राशि जमा की गई। नोटिस देने के बावजूद मिलर राशि जमा नहीं करा सका, जिसके बाद उसकी संपत्ति अटैच कर दी गई। जिला हैफेड अधिकारी उधम सिंह ने बताया कि मिलर जावेद खान के नाम दर्ज संपत्ति को अटैच कर दिया गया है। अब उनके परिवार के सदस्यों और ब्लड रिलेशन वालों की प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं हेराफेरी का धन अन्य संपत्तियों में तो नहीं लगाया गया। 

टेक्सटाइल फैक्ट्री में लगी भारी आग से मचा हड़कंप, पानीपत के बलाना में दमकल की छह गाड़ियाँ तैनात

पानीपत पानीपत के इसराना क्षेत्र के बलाना गांव में शुक्रवार सुबह एक टेक्सटाइल यूनिट में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री इसकी चपेट में आ गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लंबे समय तक आग बुझाने का प्रयास करती रहीं। CRG Cotex Private Limited नाम की टेक्सटाइल यूनिट में सुबह अचानक आग भड़क उठी। आग ने कुछ ही समय में फैक्ट्री में रखे कच्चे माल और तैयार प्रोडक्ट को अपनी गिरफ्त में ले लिया। फैक्ट्री में मौजूद मजदूर जान बचाने के लिए तुरंत बाहर भागे और फायर विभाग को सूचना दी।   सूचना मिलने के बाद छह फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। फायर सेफ्टी ऑफिसर गुरमेल सिंह के अनुसार, दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने में जुटे रहे। घटना में फैक्ट्री की इमारत को भी काफी नुकसान हुआ है। स्थिति नियंत्रण में लाने का प्रयास जारी समाचार लिखे जाने तक फायर फाइटर्स आग पर काबू पाने की कोशिश में लगे हुए थे। फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग के कारण भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

प्रदूषण पर कड़ा वार: सोनीपत में GRAP-III के बाद बड़ी कार्रवाई, कई यूनिटों पर शिकंजा

सोनीपल  दिल्ली–एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए ग्रेप-3 (GRAP-III) लागू होने के बाद सोनीपत जिला प्रशासन और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर संयुक्त कार्रवाई शुरू कर दी। जिले में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कड़ी निगरानी के लिए 19 टीमें गठित कर औचक छापेमारी की जा रही है। इस अभियान की कमान डीसी सुशील सारवान, डीसीपी नरेंद्र कादियान और जिले के चारों एसडीएम के हाथ में है। करीब 55 अधिकारियों और भारी पुलिस बल के साथ टीमें उन औद्योगिक इकाइयों की जांच में जुटी हैं जो वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार मानी जा रही हैं।    राई रेस्ट हाउस से शुरू हुई कार्रवाई सभी टीमें सुबह राई रेस्ट हाउस में इकट्ठा की गईं, जहां मौके पर ही उद्योगों की सूची, चेकिंग मानक, और कार्रवाई से जुड़े दिशा–निर्देश अधिकारियों को सौंपे गए। डीसी सुशील सारवान ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। जिलेभर में छापेमारी इसके बाद टीमें राई, कुंडली, बरौली, मुरथल सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचीं और प्रदूषण नियंत्रण उपकरण, धुएं के उत्सर्जन स्तर, कचरा निस्तारण, तथा पानी–धूल नियंत्रित करने की व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर सीलिंग, नोटिस, और भारी जुर्माने जैसी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि GRAP-III लागू रहने तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

पोस्टरों पर कालिख और वीडियो वायरल: सिरसा की राजनीति में बढ़ी गर्माहट

सिरसा  सिरसा में आधी रात को एक बड़ी राजनीतिक हलचल तब मच गई जब अज्ञात युवकों ने हुडा सेक्टर में स्थित भाजपा जिला कार्यालय और रेलवे स्टेशन पर लगाए गए भाजपा नेताओं के पोस्टरों व तस्वीरों पर काला रंग लगा दिया। इस दौरान आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो यूथ कांग्रेस के स्टेट और नेशनल पेजों पर भी साझा किया गया है। भाजपा का आरोप “यूथ कांग्रेस की साजिश” भाजपा कार्यकर्ता कपिल सोनी ने बताया कि कार्यालय इंचार्ज विष्णु शर्मा की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है। उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है, क्योंकि वायरल वीडियो को यूथ कांग्रेस के प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया गया है। भाजपा नेताओं का दावा है कि यह कृत्य जानबूझकर पार्टी की छवि खराब करने के उद्देश्य से किया गया है। कांग्रेस का जवाब,  हमारे कार्यकर्ताओं को बदनाम करने की कोशिश दूसरी ओर, कांग्रेस जिला प्रधान संतोष बेनीवाल ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह “पूर्व नियोजित साजिश” है, जिसका मकसद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बदनाम करना है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सबूत के कांग्रेस के नाम पर उंगली उठाना गलत है। संतोष बेनीवाल ने यह भी कहा कि “अगर किसी कांग्रेस कार्यकर्ता ने ऐसा किया है तो उसके खिलाफ जांच कराने को तैयार हैं।” आज कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, वीडियो से गरमाई राजनीति गौरतलब है कि शुक्रवार को कांग्रेस द्वारा सिरसा में लघु सचिवालय पर वोट चोरी के मुद्दे को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया जाना है। इसका नेतृत्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और सिरसा सांसद कुमारी सैलजा करेंगी। प्रदर्शन में सिरसा विधायक गोकुल सेतिया, ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल, और कालांवली विधायक शीशपाल केहरवाला सहित कई नेता शामिल होंगे। इससे पहले ही भाजपा कार्यालय व पोस्टरों पर कालिख लगाने वाला वीडियो वायरल होने से राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है और दोनों पार्टियों के बीच आरोप–प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।