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सरकारी कॉलोनियों को जोड़ने के लिए दिल्ली में बनेगा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर

नई दिल्ली
 जनरल पूल रेजिडेंशल अकोमोडेशन (जीपीआरए) के तहत केंद्र सरकार ने जो 7 रेजिडेंशल कॉलोनियां डिवेलप की हैं, उनसे रिंग रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 13.65 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना बनाई गई है। रेजिडेंशल कॉलोनियों से एलिवेटेड कॉरिडोर पर चढ़ने और उतरने के लिए चार जगहों पर रैप बनाए जाएंगे। इनमें एक सरोजानी नगर और नेताजी नगर के पास, दूसरा लक्ष्मीबाई नगर, तीसरा मुनिरका और चौथा रैप जेएनयू कैंपस के पास होगा।

जेएनयू कैंपस से आगे एयरपोर्ट तक एलिवेटेड कॉरिडोर पर चढ़ने और उतरने की सुविधा नहीं होगी। कॉरिडोर 6 लेन चौड़ा होगा। जीपीआरए कॉलोनियों से रिंग रोड पर वर्तमान में जितना ट्रैफिक है, उसमें कुल 17.6 पसेंट हिस्सेदारी इन 7 कॉलोनियों की है।

पीडब्ल्यूडी ने 7 जीपीआरए कॉलोनियों से रिंग रोड पर आकलन कराया है
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी ने 7 जीपीआरए कॉलोनियों से रिंग रोड पर आने-जाने वाले ट्रैफिक वॉल्यूम का आकलन कराया है। इसमें पाया गया कि अफ्रीका एवेन्यू के पास नेताजी नगर और नौरोजी नगर से रोजाना रिंग रोड पर सबसे अधिक 3,215 गाड़ियों का भार पड़ता है।

रिंग रोड और लीला पैलेस होटल के बीच रोजाना 2,608 गाड़ियां इन कॉलोनियों से आती-जाती है। किदवई नगर के सामने रिंग रोड पर रोजाना 1,628 गाड़ियां कॉलोनियों से आती-जाती है। सरकार ने श्रीनिवासपुरी में डिवेलप की गई रेजिडेंशल कॉलोनी को कनेक्ट करने के लिए अलग योजना तैयार की है।

इन इलाकों में फ्लाईओवर बनाने का प्लान
साउथ एक्सटेंशन फ्लाईओवर और एम्स क्लोवरलीफ फ्लाईओवर को जोड़ने के लिए एक अलग फ्लाईओवर बनाने का प्लान है। इसके अलावा, किदवई नगर की बेसमेट पार्किंग में आने-जाने के लिए एक एल-शेप अंडरपास बनाने की भी योजना है।

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