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अबोहर में 13 जून को होगा बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन, नायब सैनी की रैली की तैयारियां तेज

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियाें को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 13 जून को अबोहर की नई अनाज मंडी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा इस कार्यक्रम को पंजाब में संगठन को मजबूत करने और चुनावी माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए हरियाणा सरकार के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा गत दिवस अबोहर पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और नई अनाज मंडी को जनसभा के लिए उपयुक्त स्थान बताया।  उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियां लगातार जारी हैं तथा जल्द ही विस्तृत कार्यक्रम और अन्य नेताओं की सूची सार्वजनिक की जाएगी। अबोहर पहुंचने पर भाजपा नेता लक्ष्मी नारायण माहर के निवास पर मंत्री गंगवा का स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर सम्मेलन और जनसभाएं आयोजित कर रही है। राजनीतिक दृष्टि से यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नायब सिंह सैनी पहले ऑल इंडिया ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष और पंजाब ओबीसी मोर्चा के प्रभारी रह चुके हैं। पंजाब में संगठनात्मक कार्य के दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में भाग लिया था, जिससे उनकी क्षेत्र में अच्छी पहचान बनी हुई है। इसके अलावा अबोहर क्षेत्र से उनका पारिवारिक जुड़ाव भी माना जाता है। इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी लोकप्रियता देखने को मिलती है। भाजपा कार्यकर्ताओं और युवाओं में कार्यक्रम को लेकर उत्साह है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह जनसभा पंजाब में भाजपा के चुनावी अभियान का शुरुआती शक्ति प्रदर्शन साबित हो सकती है और पार्टी को नए सिरे से मजबूती देने का संदेश देगी।

हरियाणा की ऐतिहासिक धरोहर को नया ठिकाना, तिगड़ाना में बनेगा मॉडर्न म्यूजियम

भिवानी. हरियाणा की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने तिगड़ाना में प्रस्तावित संग्रहालय और पर्यटन केंद्र की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ड. नरेंद्र परमार सात सदस्यीय टीम के साथ मंगलवार को तिगड़ाना पहुंचे और सजरा प्लान के आधार पर करीब 20 एकड़ क्षेत्र की निशानदेही व पैमाइश करवाई। पुरातत्व विभाग ने खेड़े की सुरक्षा के लिए बनने वाली चारदीवारी के लिए दो करोड़ 22 लाख 63 हजार रुपये लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को जमा करा दिए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले एक माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। चारदीवारी बनने के बाद पूरे पुरातात्विक स्थल को संरक्षित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सरस्वती-सिंधु सभ्यता कॉरिडोर का महत्वपूर्ण पड़ाव डिप्टी डायरेक्टर के अनुसार प्रस्तावित पुरातात्विक कारिडोर में तिगड़ाना के साथ-साथ राखीगढ़ी (हांसी), खरड़अलीपुर (हिसार), भिरड़ाना (फतेहाबाद), बनावली (फतेहाबाद), कुनाल (फतेहाबाद) और बालू (कैथल) जैसी ऐतिहासिक साइटों को जोड़ा जाएगा। आधुनिक संग्रहालय विकसित किया जाएगा – तिगड़ाना खेड़े की सुरक्षा और संरक्षण के लिए चहारदीवारी निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सबसे पहले सजरा प्लान के तहत पैमाइश करवाई है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। भविष्य में यहां आधुनिक संग्रहालय विकसित किया जाएगा, जहां खोदाई में प्राप्त पुरावशेषों को प्रदर्शित किया जाएगा। – डॉ. नरेंद्र परमार, डिप्टी डायरेक्टर, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग चंडीगढ़

150 करोड़ के नगर निगम घोटाले का खुलासा, फर्जी खातों के जरिए उड़ाए करोड़ों रुपये

पंचकूला/चंडीगढ़. पंचकूला नगर निगम में करीब 150 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में निकाली रकम का इस्तेमाल लग्जरी गाड़ियों की खरीद, अचल संपत्तियों में निवेश और कई स्तरों पर धन के ट्रांसफर के लिए किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा विशेष अदालत में रखी गई रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य आरोपित कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह ने इस धन से बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज, महिंद्रा थार, महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन और एक मोटरसाइकिल खरीदी। मार्च में मामला उजागर होने से पहले इन सभी संपत्तियों और वाहनों को बेच दिया गया। इससे पूर्व ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने अदालत में उन्हें इस पूरे कथित घोटाले का ‘मास्टरमाइंड’ बताते हुए दावा किया कि बैंकिंग सिस्टम और पद का इस्तेमाल कर नगर निगम की रकम को अवैध तरीके से बाहर निकाला गया। जांच एजेंसी के अनुसार नगर निगम पंचकूला के नाम पर दो बैंक खाते – 2015073031 और 2046279112 कथित रूप से जाली दस्तावेजों के जरिए खोले और संचालित किए गए। ईडी के अनुसार रजत दहरा को 88.17 करोड़, स्वाति तोमर को 31.58 करोड़, कपिल कुमार को 2.36 करोड़ और विनोद कुमार को 1.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। 10 से 12 चेकों पर किए साइन कपिल कुमार ने जांच एजेंसी को बताया कि रजत दहरा ने बताया कि अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाया और पुष्पिंदर सिंह के घर पर उससे 10-12 चेकों पर हस्ताक्षर करवा लिए। स्वाति तोमर ने बयान में कहा कि उसे भी बैंक खाते खुलवाने के लिए तैयार किया गया। उसके मुताबिक पुष्पिंदर सिंह और उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर के प्रभाव में उसने पीएनबी, आइसीआइसीआइ और आइडीएफसी बैंक में खाते खुलवाए। स्वाति ने यह भी कहा कि उसने कभी पुष्पिंदर सिंह, प्रीति ठाकुर, रजत दहरा, आर्यन सिंह, समर मोहन रंगा, सनी गर्ग, प्रियंका गर्ग या उनसे जुड़ी संस्थाओं को कोई कर्ज नहीं दिया और कई लाभार्थियों को वह जानती तक नहीं थी। आरोपितों को नौ जून तक रिमांड पर भेजा पुष्पिंदर सिंह ने 2020 से 2023 के बीच रजत दहरा और स्वाति तोमर से 33 करोड़ रुपये ऋण के रूप में मिलने की बात स्वीकार की, जिनका उपयोग कथित तौर पर वाहन और संपत्तियां खरीदने में किया गया। पूर्व नगर निगम लेखा अधिकारी विकास कौशिक के हवाले से एजेंसी ने कहा कि नगर निगम और बैंक के बीच होने वाला भौतिक संवाद पुष्पिंदर सिंह और बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप राघव के जरिए होता था। पहली जून को पुष्पिंदर सिंह की ओर से अदालत में कहा गया कि धनशोधन निवारण कानून की धारा 19 की शर्तें पूरी नहीं हुईं और हिरासत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इसके बावजूद विशेष अदालत ने अंतिम लाभार्थियों और धन के प्रवाह की जांच के लिए उन्हें 9 जून तक ईडी रिमांड पर भेज दिया।

पश्चिमी विक्षोभ के असर से हरियाणा में मौसम यू-टर्न, कई जिलों में बारिश की चेतावनी

हिसार. प्रदेश में नया पश्चिमी विक्षोभ मंगलवार रात से सक्रिय होगा। इसके चलते बुधवार को प्रदेश में वर्षा का आरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम में परिवर्तन छह जून तक रहेगा। अभी कुछ दिन से मौसम साफ रहने और गर्मी अधिक होने से सिरसा सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां का तापमान 41.2 डिग्री तक पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। हाल ही में तीन दिन से वर्षा नहीं होने से अधिकतम तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की गई है। सिरसा का तापमान कितना? इसके चलते सिरसा का तापमान 41.2 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं बाकी जिलों का तापमान 36 डिग्री के आसपास चल रहा है। अब मंगलवार रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से फिर से तेज व हल्की वर्षा होने की संभावना है, जिससे तापमान में कमी आएगी। छह जून तक तापमान में ऐसे बदलाव होने से आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलेगी। इस समय किसान भी फसलों की बिजाई कर रहे हैं तो यह उनके लिए लाभकारी हो सकती है। वर्षा का अलर्ट:  ऑरेंज अलर्ट : सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी। यलो अलर्ट : कैथल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात व पलवल                   तापमान (डिग्री सेल्सियस में) जिला     न्यूनतम तापमान     अधिकतम तापमान अंबाला     24.8     37.9 भिवानी     22.5     36 फरीदाबाद     26.4     36.4 गुरुग्राम     23.4     36.2 हिसार     25.3     38.2 करनाल      23.7     35.2 नारनौल     22     36.5 सिरसा    26.4     41.2 सामान्य तिथि से लगभग तीन दिन की देरी के साथ मानसून चार जून को केरलम पहुंच सकता है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनी अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में इसके केरलम में प्रवेश करने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। आमतौर पर मानसून एक जून के आसपास केरलम पहुंचता है। यहीं से देश में चार महीने के वर्षा मौसम की शुरुआत मानी जाती है। इस बार मौसम विभाग (आइएमडी) ने पहले 26 मई को मानसून आने का अनुमान जताया था, मगर परिस्थितियां अनुकूल नहीं बनने के कारण इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। अब विभाग का कहना है कि चार जून के आसपास केरलम में मानसून की दस्तक हो सकती है। उत्तर भारत में भी बुधवार से मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के लिए भी राहत के संकेत दिए हैं। दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में मौसम का रुख बदल सकता है।

चेचक के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता, अंबाला में 20 संक्रमितों को किया गया होम आइसोलेट

अंबाला. अंबाला कैंट के टैगोर गार्डन में चेचक के केस सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। आनन-फानन में विभाग की टीमों ने इस क्षेत्र का दौरा किया और मरीजों की जांच शुरू की। इस दौरान लोगों की स्क्रीनिंग की और जो भी मरीज सामने आए उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। विभाग की मानें, तो अभी तक इस क्षेत्र में बीस केस सामने आ चुके हैं, जिनमें बच्चे व व्यस्क भी शामिल हैं। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर कोई कसर नहीं छोड़ रहा है, जबकि इन मरीजों का रोजाना फालोअप किया जाएगा। मरीजों को दवाइयां आदि दी हैं तथा बताया है कि कैसे अन्य लोगों को इस बीमारी से बचना है। जो भी मरीज हैं उनको उनके घर में ही आइसोलेट कर दिया गया है। फिलहाल मरीजों के स्वजनों को कहा गया है कि स्वास्थ्य पर नजर रखें और यदि दिक्कत बढ़े तो डाक्टर से संपर्क करें। इस तरह से केस आए सामने जानकारी के अनुसार टैगोर गार्डन के कुछ बच्चे एक स्थान पर खेलने व पढ़ने जाते हैं। इसके बाद उनमें चेचक के लक्षण दिखाई देने लगे। शुरुआत में यह कम थे, जबकि धीरे-धीरे यह बढ़ने लगे। इसकी जानकारी जब स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाई तो विभाग ने अपनी टीम इस क्षेत्र में भेजी। इस दौरान जब डाक्टरों ने चेक किया तो पाया कि सही में इन में चेचक के लक्षण थे और मरीज काफी बीमार हैं। इन मरीजों के सारे आवश्यक टेस्ट किए गए। डाक्टरों का दावा है कि अभी किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं है। यह बीमारी कैसे आई और कौन इसका कैरियर है, इसके बारे में अभी कुछ पता नहीं है। माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में और भी मरीज सामने आ सकते हैं, जबकि स्क्रीनिंग कई लोगों की हुई है। टैगोर गार्डन के दो हिस्सों में हैं मरीज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब टैगोर गार्डन के क्षेत्र में जांच शुरू की तो दो हिस्सों में यह मरीज मिले। विभाग का कहना है कि अभी बीस मरीज सामने आए हैं। सूत्रों का कहना है कि मरीजों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लगातार स्क्रीनिंग कर रहा है ताकि मरीजों का पता लगाया जा सके। दावा, मरीजों की संख्या ज्यादा हाे सकती है जिस तरह से एक ही क्षेत्र से करीब बीस केस चेचक के सामने आए हैं, उससे माना जा रहा है कि मरीजों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग अभी बीस केसों की पुष्टि कर रहा है। हालांकि टीमें मंगलवार को भी इन क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगी, जबकि मरीजों का फालोअप करेंगे और अन्य को भी चेक करेंगी। करीब 70 मरीजों का चेकअप, तीन वार्डों में केस स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 70 लोगों का चेकअप किया और मौके पर उनको दवाइयां दी हैं। इसी तरह बताया जा रहा है कि वार्ड 14, 16 और 18 में भी ऐसे ही केस सामने आए हैं। हालांकि अभी स्क्रीनिंग का काम किया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि केसों की संख्या बीस से अधिक है और यदि लगातार स्क्रीनिंग हुई तो यह संख्या और बढ़ सकती है। यह है चेचक चेचक एक वायरस है और संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज को आइसोलेट यानी कुछ दिनों के लिए अन्य लोगों से अलग रखना पड्ता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। खांसने, छींकने पर भी यह फैल सकता है। इसमें शरीर पर बड़े-बड़े दाने हो जाते हैं, जिनमें तरल पदार्थ रहता है। मरीज के लिए खाने के बरतन, कपड़े, तौलिया आदि अलग रखा जाता है। दस दिनों का विंडो पीरियड होता है और इसके बाद धीरे-धीरे यह समाप्त होने लगता है। खास है कि इस दौरान मरीज को दवाइयां नियमित रूप से लेते रहना चाहिए। मरीजों को घरों में आइसोलेट किया अंबाला कैंट के टैगोर गार्डन क्षेत्र से बीस मरीज चेचक के सामने आए हैं। इन मरीजों को विभाग की टीम ने दवाइयां दी हैं और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं। इन को घरों में ही आइसोलेट किया गया है। मरीजों का फालोअप किया जाएगा और नियमित दवाइयां दी जाएंगी। दस दिनों का विंडो पीरियड है और इसके बाद मरीज सामान्य होने लगता है। इस में काफी सावधानी व परहेज बरतना होगा। -डॉ. सुनील हरि, महामारी नियंत्रक, नागरिक अस्पताल अंबाला शहर  

ऑपरेशन सिंदूर की जीत को समर्पित रही 15 हजार किमी की यात्रा, साइकिल से चारधाम पहुंचे दीपक शर्मा

पानीपत सौंधापुर गांव निवासी 37 वर्षीय दीपक शर्मा ने 15 हजार किलोमीटर चार धाम की यात्रा साइकिल से तय की। यह यात्रा एक साल में मई 2026 में पूरी की है। यह यात्रा ऑपरेशन सिंदूर की जीत को समर्पित रही। दीपक शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के समय देश की जीत पर यात्रा का संकल्प लिया था। दीपक इससे पहले दो फरवरी 2025 को पानीपत से महाकुंभ तक (एक हजार किलोमीटर) की लगभग 10 दिन की यात्रा केवल साइकिल से पूरी कर चुके हैं। यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न शहरों में लोगों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया। दीपक ने बताया कि वह रोजाना 70 से 80 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर अपने आगे के लक्ष्य की ओर बढ़ते थे। युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे दीपक उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं, जिन्होंने अपने जुनून को समाज सेवा और राष्ट्रहित के संदेश से जोड़ दिया। दीपक ने साइकिल से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ भारत, जल बचाओ और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। साइकिल यात्रा कर 25 मई 2025 से 30 मई 2026 तक चार धाम द्वारकाधीश, रामेश्वरम, जगन्नाथ पुरी और बद्रीनाथ के दर्शन किए। पत्नी ने भी दीपक से हुई प्रेरित दीपक की साइकिल यात्रा का सबसे प्रेरणादायक पहलू उनकी पत्नी जयंती बनी हैं। शादी के बाद दोनों ने ऋषिकेश से पानीपत तक की यात्रा साइकिल से पूरी की थी। पति के जज्बे और समर्पण को देखकर जयंती भी साइकिल के प्रति प्रेरित हुईं। कई यात्राओं में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलीं। दोनों दंपती आज समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बन चुके हैं। पत्नी जब साइकिल से गांव पहुंची तो उनको सब देखकर सलाम कर रहे थे। साइकिल बनी पहचान, कई मंचों पर मिला सम्मान दीपक को साइकिल यात्रा के दौरान जागरूकता फैलाने के लिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, मंत्री कृष्णलाल पंवार, मंत्री महिपाल ढांडा, गुजरात, गोवा के राज्यपाल, गोवा के मुख्यमंत्री, कर्नाटक व केरल के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सम्मानित कर चुके हैं। दीपक का कहना है कि सम्मान उनका लक्ष्य नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना उनकी प्राथमिकता है। उनका सपना है कि अधिक से अधिक युवा साइकिल को अपनाएं और पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जुड़ें। विकसित भारत का संदेश लेकर निकले चारधाम यात्रा के दौरान दीपक ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने लोगों को स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण बचाने, स्थानीय उत्पादों के उपयोग, डिजिटल लेनदेन, महिलाओं के सम्मान और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। दीपक ने एक पेड़ मां के नाम अभियान का संदेश भी दिया।  

स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम को लेकर केंद्र की नई योजना, चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार

चंडीगढ़  उत्तर प्रदेश में लोगों द्वारा अपने घरों के बाहर लगाए जाने वाले स्मार्ट मीटरों का प्रबल विरोध करने के बाद केंद्र सरकार हरियाणा में नया प्रयोग करने की तैयारी में है। केंद्र सरकार ने हरियाणा में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इसके पश्चात 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं तथा अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके पीछे केंद्र व राज्य सरकार की सोच है कि लोगों में इन स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के प्रति भरोसा जागेगा। सरकारी कार्यालयों में पहले प्रीपेड मीटर लगने से लोगों में यह संदेश जाएगा कि इन प्रीपेड मीटरों में किसी तरह की कोई खराबी नहीं है, क्योंकि सरकार स्वयं इन्हें अपने कार्यालयों में लगाने की पहल कर रही है। उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर लोगों ने इस व्यवस्थछा का विरोध किया था। चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में क्या बोले केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बिजली निगमों तथा केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में कहा कि स्मार्ट मीटरों से बिजली हानियों को कम करने में सहायता मिलेगी। इस पर हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के सभी नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक से युक्त हैं तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों के साथ एकीकृत होने की क्षमता रखते हैं। मनोहर लाल ने कहा कि बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं एवं परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके। बिजली बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में बिजली निगमों का कुल लाइन लास लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने संतोष व्यक्त करते हुए सुधार की गति को और तेज करने के निर्देश दिए। राज्य में लाइन लास 10 प्रतिशत के आसपास है, जिसमें रिकार्ड कमी आई है। बिजली मंत्री अनिल विज ने ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 6,117 गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत चल रहे लंबित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री रहते मनोहर लाल के पास बिजली मंत्रालय भी था, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत सुधार किए थे। हरियाणा में मांग से अधिक बिजली उपलब्ध हरियाणा के पास वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है। इसमें लगभग 9,929.92 मेगावाट क्षमता तापीय, परमाणु और गैस आधारित स्रोतों से तथा 6,622.58 मेगावाट क्षमता जलविद्युत, सौर, पवन, बायोमास और अन्य नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो रही है। चालू वर्ष में हरियाणा में अधिकतम बिजली मांग लगभग 16,454 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि राज्य के पास इससे अधिक बिजली उपलब्ध है। वर्ष 2029-30 तक प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर लगभग 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जिसके मद्देनजर दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर कार्य किया जा रहा है। हरियाणा में चालू वर्ष में 2.20 लाख रूफटाप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य है। अब तक लगभग 86 हजार सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।

हरियाणा में स्मार्ट मीटर योजना पर नया प्लान, विरोध से बचने के लिए होगी चरणों में शुरुआत

चंडीगढ़. उत्तर प्रदेश में लोगों द्वारा अपने घरों के बाहर लगाए जाने वाले स्मार्ट मीटरों का प्रबल विरोध करने के बाद केंद्र सरकार हरियाणा में नया प्रयोग करने की तैयारी में है। केंद्र सरकार ने हरियाणा में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों में बिजली के प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इसके पश्चात 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं तथा अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके पीछे केंद्र व राज्य सरकार की सोच है कि लोगों में इन स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के प्रति भरोसा जागेगा। सरकारी कार्यालयों में पहले प्रीपेड मीटर लगने से लोगों में यह संदेश जाएगा कि इन प्रीपेड मीटरों में किसी तरह की कोई खराबी नहीं है, क्योंकि सरकार स्वयं इन्हें अपने कार्यालयों में लगाने की पहल कर रही है। उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर लोगों ने इस व्यवस्थछा का विरोध किया था। चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में क्या बोले केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बिजली निगमों तथा केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की चंडीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में कहा कि स्मार्ट मीटरों से बिजली हानियों को कम करने में सहायता मिलेगी। इस पर हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के सभी नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक से युक्त हैं तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों के साथ एकीकृत होने की क्षमता रखते हैं। मनोहर लाल ने कहा कि बिजली निगमों को नई तकनीकों को अपनाते हुए लक्ष्य आधारित योजनाओं एवं परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराई जा सके। बिजली बिलिंग और वास्तविक आपूर्ति के बीच के अंतर को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 में बिजली निगमों का कुल लाइन लास लगभग 34 प्रतिशत था, जिसमें अब उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने संतोष व्यक्त करते हुए सुधार की गति को और तेज करने के निर्देश दिए। राज्य में लाइन लास 10 प्रतिशत के आसपास है, जिसमें रिकार्ड कमी आई है। बिजली मंत्री अनिल विज ने ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 6,117 गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत चल रहे लंबित कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री रहते मनोहर लाल के पास बिजली मंत्रालय भी था, जिसमें उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत सुधार किए थे। हरियाणा में मांग से अधिक बिजली उपलब्ध हरियाणा के पास वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है। इसमें लगभग 9,929.92 मेगावाट क्षमता तापीय, परमाणु और गैस आधारित स्रोतों से तथा 6,622.58 मेगावाट क्षमता जलविद्युत, सौर, पवन, बायोमास और अन्य नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हो रही है। चालू वर्ष में हरियाणा में अधिकतम बिजली मांग लगभग 16,454 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि राज्य के पास इससे अधिक बिजली उपलब्ध है। वर्ष 2029-30 तक प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर लगभग 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जिसके मद्देनजर दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर कार्य किया जा रहा है। हरियाणा में चालू वर्ष में 2.20 लाख रूफटाप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य है। अब तक लगभग 86 हजार सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।

सीएम सैनी की मौजूदगी में डॉ. अर्चना गुप्ता ने संभाला हरियाणा भाजपा अध्यक्ष का पदभार

पंचकूला. भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता आज पंचकूला स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पंचकमल पहुंचीं, जहां उन्होंने भव्य समारोह के बीच अपने पद का औपचारिक कार्यभार ग्रहण किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता बड़ी संख्या में पहुंचे। समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं भाजपा हरियाणा के प्रदेश प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया, प्रदेश सह प्रभारी सुरेन्द्र नागर, प्रदेश संगठन महामंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी समारोह में मौजूद रहे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा और रेखा शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। भाजपा हरियाणा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली भी मंच पर उपस्थित रहे। भाजपा नेतृत्व के अनुसार, डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में संगठन की नई पारी की शुरुआत हो रही है, जिसे आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का मानना है कि उनके कार्यभार ग्रहण करने के साथ संगठन को नई दिशा और गति मिलेगी। पंचकमल परिसर में सुबह से ही कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिला और पूरे कार्यक्रम को भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।

सुबह-सुबह गरजे कई बुलडोजर, NCR की 10 हजार घरों वाली कॉलोनी पर बड़ा एक्शन

फरीदाबाद फरीदाबाद की सघन बस्ती नेहरू कॉलोनी में बड़ा बुलडोजर ऐक्शन बुधवार सुबह शुरू हो गया। नगर निगम ने दल-बल के साथ अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। 6 जेसीबी और एक बड़ी मशीन की मदद से मकानों को हटाया जा रहा है। उधर, प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास की मांग उठाते हुए कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों की ओर से अभी यह जानकारी नहीं दी गई है कि कुल कितने मकानों को तोड़ा जाएगा। चारों ओर से रास्ते बंद, लोगों की आवाजाही प्रभावित बुधवार सुबह करीब सात बजे शुरू हुई कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने नेहरू कॉलोनी की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया। मेट्रो रोड, सैनिक कॉलोनी, बिजली दफ्तर मार्ग, मुल्ला होटल क्षेत्र और तारण नंबर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। रास्ते बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दफ्तर जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। छह जेसीबी और बड़ी मशीन से हटाए जा रहे निर्माण नगर निगम की टीम ने भारी मशीनरी के साथ अभियान चलाया। मौके पर छह जेसीबी और एक बड़ी तोड़फोड़ मशीन लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी रही। किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। वर्षों से बसी कॉलोनी, हजारों परिवारों पर असर नेहरू कॉलोनी पुनर्वास विभाग की भूमि पर विकसित हुई बस्ती मानी जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां करीब दस हजार मकान बने हुए हैं और लगभग पांच लाख लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र से जुड़े हैं। कॉलोनी में वर्षों से परिवार रह रहे हैं। पिछले वर्ष पुनर्वास विभाग की ओर से निवासियों को नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि नोटिस के बाद आगे कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। एक वर्ष बाद अब नगर निगम ने दोबारा अभियान शुरू किया है, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और निगम की दलील नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। अदालत ने सड़कों, सार्वजनिक भूमि और ग्रीन बेल्ट पर बने अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। निगम का यह भी कहना है कि क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि को खाली कराना आवश्यक है। इसी आधार पर अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है। पुनर्वास की मांग पर उठे सवाल प्रभावित लोगों का कहना है कि इससे पहले इलाके में बने धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई हो चुकी है और संबंधित भूमि को भी खाली कराया जा चुका है। उनका सवाल है कि अब आवासीय मकानों को तोड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। लोगों का कहना है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था मिलने पर मकान खाली करने को तैयार हैं। मंगलवार को प्रभावित परिवारों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से भी मिला था और पुनर्वास की मांग रखी थी। निवासियों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की भावना के अनुरूप विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।