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राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी, अब 5G टेक्नोलॉजी से आसान होगा अनाज वितरण

मोहाली. हरियाणा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश के राशन डिपो पर लाभार्थियों को 2-जी मशीनों से राशन बंद कर 5-जी आधारित नई मशीनों के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का दावा है कि नई तकनीक से राशन वितरण प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और अधिक पारदर्शी होगी। इस बारे में आल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी ने कहा कि प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से पुरानी ई-पॉस मशीनों को हटाकर नई 5-जी सक्षम मशीनें लगाई जा रही हैं। इन मशीनों का फायदा यह रहेगा कि इनमें तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी, बेहतर बायोमेट्रिक सिस्टम और रियल टाइम डाटा अपडेट जैसी सुविधाएं होंगी। जिससे नेटवर्क की समस्या कम होगी और उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों में इंतजार करने से मुक्ति मिल जाएगी। सोढ़ी ने राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे नई मशीनों के डिपो तक पहुंचने की प्रक्रिया के दौरान धैर्य रखें और मुनादी या आधिकारिक सूचना के बाद ही राशन लेने पहुंचें। यह बदलाव डिजिटल इंडिया की दिशा में विभाग का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बता दें कि पिछले 9 वर्षों से उपयोग हो रही 2-जी मशीनें तकनीकी रूप से पुरानी भी थीं और उनसे डिपो पर अक्सर भीड़ और अव्यवस्था का माहौल रहता था। नई 5-जी तकनीक से अब अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) और डेटा प्रोसेसिंग की गति कई गुना बढ़ जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद लाभार्थियों को समय पर और बिना किसी परेशानी के राशन मिल सकेगा।

आग से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूदी युवती, रीढ़ और पैर में फ्रैक्चर

हिसार  हरियाणा के हिसार के रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित चार मंजिला होटल डिजायर में बुधवार शाम को भीषण आग लग गई. इस दौरान होटल के पीछे बनी कमर्शियल बिल्डिंग में मौजूद एक बैंकर युवती ने आग की लपटें और धुआं देखकर घबराहट में दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी. घटना का वीडियो अब सामने आया है. वीडियो में दिख रहा है कि नीचे खड़े लोग युवती को बचाने के लिए कंबल फैलाकर खड़े हैं, लेकिन जैसे ही युवती छलांग लगाती है, आग और अफरा-तफरी के बीच लोगों के हाथ से कंबल छूट जाता है. इसके बावजूद युवती की जान बच गई, हालांकि नीचे गिरने से उसके रीढ़ और पैर में फ्रैक्चर हो गया. इसी दौरान होटल की दीवार से ईंट गिरने से एक महिला भी घायल हो गई. ईंट महिला के सिर पर लगी, जिससे उसे चोट आई. बताया जा रहा है कि होटल में लगी आग तेजी से फैल गई थी. आग के कारण होटल में लगे करीब 5 एसी फट गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. होटल स्टाफ ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई. वहीं होटल की पार्किंग में खड़े कई वाहन भी आग की चपेट में आ गए. बाद में लोगों ने मौके पर पहुंचकर गाड़ियों को वहां से हटाया. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. लड़की के कूदने का वीडियो आया सामने गौर रह कि होटल की दूसरी मंजिल की खिड़की से कूदी, जिसका वीडियो सामने आया है. नीचे काफी संख्या में लोग कंबल लेकर खड़े थे और इस दौरान जैसी ही युवती कूदी तो कंबल में उसे लोगों ने थाम लिया. हालांकि, जमीन पर पैर लगने से चोट लग गई, लेकिन जान बच गई.युवती की पहचान नेहा के रूप में हुई है, जो कि 23 साल की है और इसी बिल्डिंग में एक दफ्तर में काम करती थी. दफ्तर की सीढ़ियों तक आग पहुंच गई थी और ऐसे में युवती ने छलांग लगाकर ही जान बचाने की सोची. युवती की स्पाइन में भी चोट लगी है और अस्पताल में उसे भर्ती करवाया गया है.

हरियाणा के शिक्षा मॉडल का दिखा असर, झज्जर स्कूलों को देखकर विदेशी प्रतिनिधिमंडल हुआ प्रभावित

झज्जर. हरियाणा में ''निपुण मिशन'' के सफल क्रियान्वयन ने अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। स्थानीय शिक्षा प्रणाली, विशेषकर बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की प्रगति को समझने के लिए आज एक दस सदस्यीय विदेशी प्रतिनिधिमंडल झज्जर पहुंचा। इस टीम ने जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन किया और यहां के सकारात्मक बदलावों की सराहना की। इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने बहादुरगढ़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बालोर तथा राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय, नूना माजरा का दौरा किया। प्रतिनिधि मंडल में तंजानिया से सिमोन गेरवास व डोरीन क्रिस्टोफर, दक्षिण अफ्रीका से सिमोनी गेयर, ब्रिटिश काउंसिल से रचेल हिल्टन, रवांडा से पौलींन इंक्वाबेयर और कुवस्ते आगस्टीन सहित निपुण सेल से करण सभरवाल व अंजलि जैसे विशेषज्ञ शामिल थे। स्कूल पहुंचने पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पारंपरिक तरीके से अतिथियों का स्वागत किया। कक्षाओं में संवाद और नवाचार का अवलोकन प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कक्षाओं में जाकर शिक्षकों की शिक्षण पद्धति और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को देखा। उन्होंने शिक्षकों को दी गई ''शिक्षण-अधिगम सामग्री'' , प्रिंट-रिच वातावरण और कक्षा रेडीनेस कार्यक्रम के साथ-साथ नवाचारों का भी जायजा लिया। विदेशी प्रतिनिधियों ने न केवल बच्चों से बातचीत की, बल्कि मिड-डे मील की व्यवस्था, स्वच्छता और पोषण मानकों का भी अवलोकन किया। विश्वस्तरीय माडल के रूप में उभरा निपुण मिशन प्रतिनिधिमंडल ने अपने देशों की शैक्षिक पद्धतियों के साथ तुलना करते हुए हरियाणा के निपुण मिशन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। सदस्यों ने कहा कि कक्षाओं में बच्चों की सक्रिय भागीदारी और शिक्षकों का समर्पण अनुकरणीय है। उन्होंने एकमत होकर माना कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों में हो रहे यह कार्य अन्य देशों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रितेन्द्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक और जिला निपुण समन्वयक डॉ. सुदर्शन पुनिया ने इस दौरे को जिले के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह मान्यता शिक्षकों और बच्चों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। इस अवसर पर डाइट प्राचार्य अनिल श्योराण, डीपीसी अनिल शर्मा, सीएमजीजीए खुशी, प्राचार्य पूनम व बलजीत सहित मेंटर प्रिया, ज्योति, सुमन सहवाग, मंजू और सुमन कुमारी आदि उपस्थित रहे।

नगर परिषद की कार्रवाई से हंगामा, दुकानदारों ने मुआवजे की मांग की

अंबाला  सेवा समिति स्कूल के नजदीक सरकारी नाले पर करीब छह माह पहले अवैध रूप से बनाए गए 22 खोखे नगर परिषद की टीम ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिए। इस कार्रवाई का खोखा संचालकों ने कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि एक-एक लाख रुपये खर्च करके इन खोखों को बनवाया था। जब खोखे तैयार हो गए और उन्होंने काम-धंधा शुरू कर दिया तो अब नगर परिषद की टीम ने बिना पूर्व सूचना के इन्हें तोड़ दिया। यह कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में हुई। कार्रवाई से आक्रोशित दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर करीब 22 लाख रुपये की लागत से ये खोखे तैयार किए थे। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि जब इन खोखों का निर्माण हो रहा था तब अधिकारी क्यों सोए थे और जबकि इसकी शिकायत भी उनके पास पहुंची थी लेकिन अब सारा पैसा लग गया और व्यापार शुरू हुआ तो उन्हें बेघर कर दिया गया। कर्ज लेकर बनाया था हमने कर्ज लेकर रोजगार का जुगाड़ किया था। प्रशासन ने बिना किसी ठोस विकल्प के हमारी रोजी-रोटी छीन ली है। अब हम अपने बच्चों का पेट कैसे भरेंगे। हमारे इन खोखों से किसी के आवागमन में कोई बाधा नहीं थी। कुछ लोगों ने सड़क पर रेहड़ी खड़ी करके कब्जा किया हुआ है। -सौरभ कुमार सबकुछ खत्म हो गया 50 साल से यहां तहबाजारी के तहत काम कर रहे हैं। नगर परिषद को किराया भी देते आए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि जिस प्रकार अन्य तहबाजारी की दुकानों का लोगों को मालिकाना हक मिला है। ऐसी सौगात उन्हें भी मिलेगी लेकिन आज सबकुछ खत्म हो गया। -गगनदीप सिंह। कैसे पालेंगे परिवार यह धक्काशाही है। गरीब के साथ हमेशा ऐसा होता आया है। पहले उन्हें यहां बसाने के निर्देश दिए गए और अब एकदम से उनकी दुकानों को तोड़ दिया गया है। ऐसे में उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे, समझ नहीं आ रहा। -प्रदीप कुमार प्रशासन ने कहा- बिना अनुमति हुआ था निर्माण दूसरी ओर, नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये खोखे सरकारी नाले के ऊपर बिना किसी अनुमति के रखे गए थे। नाले पर अतिक्रमण के कारण जल निकासी बाधित हो रही थी। इससे आगामी मानसून में शहर में जलभराव का खतरा पैदा हो सकता था। अधिकारियों के मुताबिक, दुकानदारों को पहले चेतावनी दी गई थी लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सरकारी नाले पर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। जब मौके पर जाकर जांच की गई तो हालात कुछ और नजर आए इसलिए नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध खोखों को हटा दिया गया है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर किसी ने दोबारा कब्जे का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर,अंबाला

विदेश में फंसे युवाओं के लिए राहत योजना, विशेष सहायता कोष बनाने की तैयारी

चंडीगढ़ विदेशों में बेहतर भविष्य की तलाश में गए हरियाणा के युवाओं की मौतों और उनके परिवारों की बेबसी के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रभावित परिवारों के लिए विशेष सहायता कोष बनाने का फैसला किया है। हाल के महीनों में सामने आए दर्दनाक मामलों खासकर यूक्रेन-रूस युद्ध में फंसे युवाओं ने इस जरूरत को और अधिक गंभीर बना दिया है, जहां परिवारों को शव वापस लाने के लिए महीनों इंतजार और भारी खर्च उठाना पड़ रहा है। हरियाणा विदेश सहयोग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकार ऐसी नीति तैयार कर रही है, जिसमें सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और शर्तें स्पष्ट होंगी। प्रस्तावित नीति के तहत केवल वैध वीजा पर विदेश गए लोगों को ही कवर किया जाएगा। सरकार न सिर्फ आर्थिक मदद देगी, बल्कि विदेशों में फंसे लोगों और उनके परिजनों को तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी। इसके लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों के साथ समन्वय कर शवों को भारत लाने की प्रक्रिया को आसान बनाने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि विदेश में दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में परिवारों को भारी आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। रूस से शव लाने में ही 20 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जो कई परिवारों के लिए काफी मुश्किल होता है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महीने ही रूस से हरियाणा के चार युवाओं के शव लाए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इसे लेकर काफी चिंता जता चुके हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर इस मामले में कोई नीति बनाने को कहा था। इस पर अधिकारियों ने अपना प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अब जल्द ही उच्च अधिकारी इसमें निर्णय लेंगे। इस संबंध में जल्द ही बैठक होने वाली है।  

हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा बढ़ाने की मांग खारिज

चंडीगढ़. हरियाणा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा में बने रहने की राहत देने वाले पुराने नियम पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 3 फरवरी 2026 से लागू संशोधित नियमों के बाद कोई भी कर्मचारी 58 वर्ष से आगे सेवा जारी रखने का दावा नहीं कर सकता। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने इस संबंध में दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। मामले में श्याम लाल शर्मा व अन्य ने याचिकाएं दायर कर कहा था कि वे गंभीर दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं और पहले से लागू हरियाणा सिविल सेवा (जनरल) नियम, 2016 के नियम 143 के तहत उन्हें 60 वर्ष तक सेवा विस्तार दिया जा चुका था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सरकार ने 3 फरवरी 2026 को नियमों में संशोधन कर दिव्यांग कर्मचारियों को इस लाभ से बाहर कर दिया, लेकिन यह संशोधन पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। उनका तर्क था कि एक बार सेवा विस्तार आदेश जारी होने के बाद उनका अधिकार “क्रिस्टलाइज” हो चुका था, जिसे बाद में छीना नहीं जा सकता। याचिकाकर्ताओं ने क्या दलील दी? याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी कि संशोधित अधिसूचना में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि नियमों को पूर्व प्रभाव से लागू किया जाएगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अर्जित अधिकारों को बाद में नियम बदलकर समाप्त नहीं किया जा सकता। साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार ने केवल दिव्यांग कर्मचारियों को ही लाभ से बाहर किया, जबकि ग्रुप-डी कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को अब भी 60 वर्ष तक सेवा का लाभ दिया जा रहा है, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। वहीं, हरियाणा सरकार और बिजली निगमों की ओर से कहा गया कि इसी मुद्दे पर पहले ही डिवीजन बेंच “रजनीश कुमार बनाम हरियाणा सरकार” मामले में फैसला दे चुकी है, जिसमें साफ कहा गया था कि 3 फरवरी 2026 के बाद कोई भी मौजूद कर्मचारी 60 वर्ष तक सेवा जारी रखने का दावा नहीं कर सकता। सरकार ने तर्क दिया कि सेवानिवृत्ति आयु सेवा शर्तों का हिस्सा है और राज्य को इसे बदलने का अधिकार है। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डिवीजन बेंच पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि संशोधित नियम मौजूदा कर्मचारियों पर भी लागू होंगे। अदालत ने कहा कि न्यायिक अनुशासन की मांग है कि पहले दिए गए डिवीजन बेंच के फैसले का समान रूप से पालन किया जाए। इसी आधार पर कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की सभी दलीलों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं।

पानी की किल्लत दूर करने हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, पंचायतों के लिए खुलेंगे जीरो बैलेंस बैंक अकाउंट

भिवानी. जन स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में पहली बार पंचायतों के जीरो बैलेंस बैंक खाते खाेलेगा। पंचायतों के खातों में बजट डाला जाएगा। गांव की पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाने के लिए पंचायतों को ही आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। देखरेख से लेकर लाइनों की मरम्मत आदि का कार्य खुद पंचायत ही अपने स्तर पर करवाएंगी। गांव से पानी के बिल के रूप में जितनी राशि एकत्रित की जाएगी, उतनी राशि विभाग पंचायत के खाते में डालेगा। गांवों में पानी के बिल करोड़ों में बकाया है। ऐसे में बिलों की उगाही करने की जिम्मेदारी भी पंचायतों को दी जा रही है ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। गांव की आधी आबादी बनेगी सहयोगी गांव की आधी आबादी को इस व्यवस्था को सुधारने में भागीदार बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं यह कार्य आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर भी इसे सार्थक कदम माना जा रहा है। गांव में 500 की आबादी पर एसएसजी की एक महिला होगी तैनात। ये महिला प्रतिदिन पानी के तीन सेंपल एकत्रित करेगी। प्रति सेंपल 10 रुपये उसे मिलेंगे। इसी प्रकार जो राशि बिल की एकत्रित की जाएगी उस पर उसे 10 प्रतिशत राशि मिलेगी। इस तरह से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की भी यह सार्थक पहल मानी जा रही है। योजना की खास बातें  प्रदेश की 6237 ग्राम पंचायतों में लागू होगी व्यवस्था पंचायतों के इंडियन बैंक में जीरो बैलेंस खाते खुलेंगे गांव की महिलाएं करेंगी पानी बिल वसूली वसूली राशि का 10 प्रतिशत महिलाओं को प्रोत्साहन रोज कम से कम तीन पानी के सैंपल लेने होंगे प्रति सैंपल 10 रुपये मिलेगा 500 की आबादी पर एक महिला की तैनाती होगी। स्वयं सहायता समूह की महिला का 12वीं पास होना जरूरी जितनी बिल वसूली, उतनी ही राशि विभाग पंचायत खाते में डालेगा सलाहकार अधिकारी अशोक भाटी ने कहा कि सरकार गांवों में पेयजल व्यवस्था को केवल सरकारी तंत्र पर निर्भर नहीं रखना चाहती। इसी सोच के तहत पंचायत आधारित मॉडल तैयार किया गया है। पंचायतें अपने स्तर पर बेहतर निगरानी कर सकती हैं। महिलाओं की भागीदारी से बिल वसूली, गुणवत्ता जांच और डिजिटल रिकार्ड व्यवस्था मजबूत होगी।

नूंह में भीषण एक्सीडेंट, यूपी पुलिस के 5 जवानों की मौत

नूंह   हरियाणा के नूंह जिले में कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर  बड़ा हादसा हो गया, जिसमें यूपी पुलिस के पांच कर्मियों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले पांचों पुलिसकर्मी यूपी के जालौन जिले में तैनात थे। यह घटना धुलावत टोल प्लाजा के पास हुई। पुलिस ने बताया कि पलवल की तरफ से आ रही काली एसयूवी का चालक एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका नियंत्रण बिगड़ गया और वह आगे चल रहे दूसरे वाहन से टकरा गई। टक्कर के बाद एसयूवी पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें अंदर बैठे लोग फंस गए। ताऊरू सदर थाने के प्रभारी शीश राम यादव ने कहा, ''हादसे में मारे गए सभी लोग उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान थे, जो जालौन में तैनात थे। हमने जालौन के एसपी को सूचना दे दी है।''पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर गश्त कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि टक्कर की तेज आवाज और धूल के गुबार से सड़क पर घबराहट फैल गई। दूसरे वाहनों ने तुरंत बचाव के लिए ब्रेक लगाए और कुछ समय के लिए ट्रैफिक रुक गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस को एसयूवी से शव निकालने में काफी दिक्कत हुई। पुलिस के अनुसार, वाहन से मिले पहचान पत्र के जरिए मृतकों की पहचान की गई।रेस्क्यू टीम को शव निकालते समय एक पुलिसकर्मी का आईडी कार्ड मिला, जिससे उनकी पहचान सब-इंस्पेक्टर मोहित कुमार यादव के रूप में हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया गया।पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त एसयूवी को एक्सप्रेसवे से हटाया गया, ताकि ट्रैफिक फिर से सामान्य हो सके।

भाजपा की शानदार जीत पर हरियाणा में उत्साह, CM सैनी और उनकी पत्नी ने मनाया जश्न

लाडवा. भाजपा को तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली प्रचंड जीत पर मंगलवार को कस्बे के अग्रसेन चौक पर जलेबी बांटकर जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर चटखारे लिए और गोहाना की जलेबी के घटनाक्रम को लेकर संवाद करते हुए कटाक्ष भी किए। इस दौरान मुख्यमंत्री अपनी धर्मपत्नी सुमन सैनी के साथ कार्यकर्ताओं के साथ जश्न में शामिल हुए और जलेबी का लुत्फ लिया। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास नीति के तहत काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय जनता पार्टी लगातार जनता का विश्वास जीत रही है। भाजपा ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में तीसरी बार केंद्र में और हरियाणा प्रदेश में सत्ता प्राप्त की है। पार्टी की नीति अंतोदय की रही है, जिसमें अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति का विकास करना प्राथमिकता है। मौके पर मुख्यमंत्री कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी, मीडिया को-आर्डिनेटर तुषार सैनी, डाक्टर गणेश दत्त, शिव गुप्ता, गोपी चंद गनगौरी, पूनम सैनी, सन्नी कालड़ा, नरेंद्र सिंघल मौजूद थे। देश के 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले का 'सेमीफाइनल' माना जा रहा था। परिणामों ने देश की राजनीति की नई दिशा तय कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने तीन राज्यों में जीत दर्ज कर अपना दबदबा साबित किया है, वहीं दक्षिण में कांग्रेस ने पकड़ मजबूत की है।

श्रमिक-उद्योग टकराव कम करने की तैयारी, हरियाणा सरकार करेगी लेबर कानूनों में बदलाव

चंडीगढ़. हरियाणा में उद्योगों और श्रमिकों के विवाद सुलझाने के लिए उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद गठित करने के बाद अब सरकार ने नियमों में भी बदलाव की तैयारी कर ली है। श्रम विभाग ने इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड में बदलाव के लिए प्रारूप जारी कर दिया है। इसी तरह नए लेबर कोड लागू करने के लिए ड्राफ्ट जारी कर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। नए नियमों को इंडस्ट्रियल रिलेशन (हरियाणा) रूल-2026 का नाम दिया गया है। विवादों को सुलझाने में श्रम आयुक्त, उप श्रम आयुक्त और सहायक श्रम आयुक्तों की विशेष भूमिका होगी, जो नियोक्ताओं और श्रमिक यूनियनों के बीच मध्यस्थ की भूमिका में होंगे। समझौते को लिखित रूप से लिया जाएगा। क्या कहते हैं ने लेबर कोड? नए लेबर कोड के अनुसार पूरे राज्य में वेतन, बोनस, ओवरटाइम, न्यूनतम मजदूरी और कर्मचारियों के अधिकारों की एक समान व्यवस्था लागू होगी। राज्य सलाहकार बोर्ड बनाया जाएगा, जिसमें कर्मचारी, नियोक्ता और विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह बोर्ड वेतन नीतियों पर सुझाव देगा। कर्मचारियों को उनके काम की प्रकृति अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल के आधार पर वेतन मिलेगा। अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से वेतन तय किया जाएगा। न्यूनतम वेतन तय करते समय केवल बेसिक मजदूरी नहीं, परिवार का पूरा खर्च ध्यान में रखा जाएगा। इसमें भोजन, कपड़े, किराया, बिजली, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरतें शामिल होंगी। मजदूरी को घंटे, दिन और महीने के हिसाब से तय किया जाएगा। महंगाई भत्ता साल में दो बार संशोधित होगा महंगाई भत्ता साल में दो बार संशोधित होगा। हर कर्मचारी को हर सप्ताह कम से कम एक अनिवार्य छुट्टी मिलेगी। ओवरटाइम, नाइट शिफ्ट, वेतन कटौती, जुर्माना और बोनस के स्पष्ट नियम लागू होंगे ताकि मनमानी कम हो। सभी कंपनियों और संस्थानों को अब कर्मचारियों का वेतन रजिस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड, बोनस, कटौती और वेतन पर्ची डिजिटल या लिखित रूप में रखना जरूरी होगा। वहीं, व्यापारियों, दुकानदारों और व्यावसायिक संस्थानों को राहत देते हुए नया नियम लागू किया है। अगर कोई संस्थान श्रमिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता 2020 के तहत पंजीकृत हो जाता है तो उसे अलग से दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान कानून के तहत व्यवसाय शुरू करने के लिए दोबारा पंजीकरण नहीं कराना होगा। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया सरल होगी, सरकारी औपचारिकताएं कम होंगी और कारोबारियों का समय व पैसा बचेगा। अन्य श्रम और व्यावसायिक नियम पहले की तरह लागू रहेंगे और संस्थानों को उनका पालन करना होगा।