samacharsecretary.com

Haryana की 59 पंचायतें 2 अप्रैल को दिल्ली में होंगी सम्मानित

यमुना नगर. पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता, कुपोषण की रोकथाम तथा महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को महिला एवं बाल विकास विभाग और केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष प्रदेश की 59 पंचायतों का चयन किया गया है। इनमें सबसे अधिक पंचायतें कुरुक्षेत्र जिले से हैं, जबकि करनाल और यमुनानगर की पंचायतें भी सूची में शामिल हैं। इन पंचायतों के प्रतिनिधियों, संबंधित खंड की CDPO और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 2 अप्रैल को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक चयनित पंचायत से तीन प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इनमें एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत का मुखिया या प्रतिनिधि और संबंधित खंड की सीडीपीओ शामिल होंगी। कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का विवरण विभाग को भेजना आवश्यक है। मंत्रालय की ओर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को ट्रेन किराए की प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी। निर्धारित मापदंडों के आधार पर हुआ है चयन : मिक्षा रंगा महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा ने बताया कि सुपोषित ग्राम पंचायतों को सम्मानित किए जाने के संबंध में विभाग को पत्र प्राप्त हुआ है और संबंधित पंचायतों को इसकी सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर ही इन पंचायतों का चयन किया गया है। जिलों के अनुसार चयनित पंचायतें जारी सूची के अनुसार कुरुक्षेत्र जिले से सबसे अधिक 13 पंचायतों का चयन हुआ है। करनाल से 11 पंचायतें, अंबाला और रोहतक से 6-6 पंचायतें, महेंद्रगढ़ से 6, यमुनानगर से 5 पंचायतें, पंचकूला से 3, भिवानी और रेवाड़ी से 2-2 पंचायतें चयनित हुई हैं। इसके अलावा चरखी दादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, सिरसा और सोनीपत से एक-एक पंचायत को सूची में शामिल किया गया है। इन पंचायतों ने पोषण अभियान को सफल बनाने, कुपोषण की रोकथाम और महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इन पंचायतों को मिलेगा सम्मान करनाल से गढ़ी गुजरान, हथियाना, खेड़ी सरफअली, भूडनपुर, बलरंगरन, डाकवाला रोड़ान, जूडला, मनूरा, अछनपुर, चखड़ा, चूरनी जागीर, अंबाला से मुनहारहेड़ी, नदियाली, भीलपुरा, मधेरी सेखान, कुरुक्षेत्र से बूला, चमूकलां, इसरहेड़ी, झीवैरी, खानपुर रोहड़ान, बहलौरपुर, जिनारपुर, जंधेड़ा, मूरादनगर, घिसरपड़ी, शाहबाद से कलसानी, शहजादपुर प‌ट्टी, रोहतक से ससरोली, करोंधा, पटवारपुर, घूसकनी, किसरांधी, सांपल, महेंद्रगढ़ से माधोगढ़, करिया, लबान, सेका, चरखीदादरी से माइकला, सिरसा से खाईशेरगढ़, पंचकूला से भगवानपुर, मौली, भिवानी से किकरल, नूनसार, यमुनानगर से पिंजौरा, भगवानपुर, संधाए, एमटी करहेड़ा, नगला जागीर, कैथल से सालूमाजरा, फतेहबाद से हिम्मतपुर, सोनीपत से रोलध लतीफपुर, रेवाड़ी से उसन, बराइवबास, फरीदाबाद से काबूलपुर बांगर ग्राम पंचायत शामिल हैं। सुपोषित ग्राम पंचायतों को सम्मानित किए जाने को लेकर विभाग की ओर से पत्र मिला है। संबंधित ग्राम पंचायतों को अवगत करवा दिया गया है। विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के मुताविक ही इन ग्राम पंचायतों को सम्मान के लिए चुना गया है।

चूल्हा-चौका के साथ ई-रिक्शा की स्टेयरिंग थाम पूनम बनीं आत्मनिर्भर

हिसार. महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए हर चुनौती का सामना कर सकती हैं। जब घर की जिम्मेदारियां कंधों पर बढ़ती है तो महिलाएं चूल्हा-चौका संभालने के साथ-साथ रोजी-रोटी के लिए नए रास्ते भी तलाश लेती हैं। समाज की परंपराओं को पीछे छोड़ आजाद नगर निवासी पूनम भी पति और बच्चों का सहारा बनने के लिए ई-रिक्शा का स्टेयरिंग संभाल रही है। पूनम पिछले दो वर्षों से ई-रिक्शा चला रही है। उसने बताया कि जब घर की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई तो उन्होंने पति के साथ मिलकर परिवार की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया। शुरुआत में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई लोग ताना मारते थे कि यह महिलाओं का काम नहीं है। सिटी बसें चलने से घटा है ई-रिक्शा का काम पूनम ने बताया कि शहर में सिटी बस सेवा शुरू होने के बाद आटो और ई-रिक्शा चालकों के काम में काफी कमी आई है। कई सवारियां बसों में चली जाती हैं। जिससे रिक्शा चालकों की आमदनी प्रभावित हो रही है। कई बार सवारियों को लेकर चालकों के बीच विवाद भी हो जाता है। उनका कहना है कि दिनभर मेहनत करने के बाद भी कई बार पर्याप्त आमदनी नहीं हो पाती। क्यों उठाना पड़ा यह कदम पूनम ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। पति की आमदनी से बढ़ती महंगाई में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। दो बच्चों की जिम्मेदारी बढ़ने के कारण उसने भी कमाने का निर्णय लेना पड़ा। पढ़ी-लिखी नहीं होने के कारण कोई नौकरी नहीं मिली, इसलिए उन्होंने ई-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया। यह भी बताया कि वह किराये के मकान में अपने परिवार के साथ रहती है, आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर घर का किराया देना भी मुश्किल हो गया था। इसलिए उसे पति की मदद के लिए यह कदम उठाना पड़ा। कई बार आ जाती मारपीट की नौबत पूनम ने बताया कि आज भी कई बार अन्य रिक्शा चालकों के साथ विवाद की स्थिति बन जाती है। कुछ मामलों में तो मारपीट तक की नौबत आ जाती है, लेकिन परिवार की जरूरतों को देखते हुए वह हर चुनौती का सामना कर रही है।

जींद फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजनों को CM ने की 5-5 लाख देने की घोषणा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गत दिवस जींद जिले के सफीदों में स्थित रंग-गुलाल बनाने वाली फैक्टरी में हुए दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 महिलाओं की मृत्यु हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। मुख्यमंत्री सैनी ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हादसे में घायल प्रत्येक व्यक्ति को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को अस्पताल में बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएं और उनके उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। राज्य सरकार ने संबंधित अस्पतालों को घायलों के समुचित इलाज के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घटना की विस्तृत जांच करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

हरियाणा के थप्पड़ कांड में 6 और पुलिसकर्मी सस्पेंड

हिसार/पानीपत. घरौंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात डॉक्टर को एसएचओ के थप्पड़ मारने के मामले में रविवार को छह और पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना वाले दिन चार मार्च को इन सभी की ड्यूटी सीएचसी में थी। थाना प्रभारी दीपक को पांच मार्च को सस्पेंड किया जा चुका है। उधर, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद सरकारी डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. अनिल, वरिष्ठ उप प्रधान डॉ. नितिन व स्टेट को-आर्डिनेटर डा. दीपक गोयल ने बताया कि सोमवार से प्रदेश में डॉक्टर अपनी ड्यूटी देंगे और ओपीडी शुरू करेंगे। उनका पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ चुका है। इसलिए पीड़ित डॉ. प्रशांत अदालत जाएंगे। शनिवार को ओपीडी सेवाएं बंद रहने और रविवार को अवकाश के कारण उपचार लगभग ठप रहा। राज्यभर में प्रतिदिन औसतन 80 से 85 हजार मरीज प्रभावित रहे और दो दिन में यह संख्या करीब 1.6 लाख तक पहुंच गई। क्या कहते हैं आंकडे? प्रभावित सेवा     प्रभाव का प्रतिशत     विवरण सरकारी चिकित्सक भागीदारी     93%     औसतन इतने डॉक्टर हड़ताल में शामिल रहे, जिससे केवल सीमित सेवाएं ही मिल पाईं। नियोजित सर्जरी (Planned Surgeries)     95%     दो दिनों के भीतर अधिकांश सर्जरी स्थगित करनी पड़ीं और पोस्टमार्टम के मामले भी लंबित रहे। एमएलसी (MLC) सेवाएं     98%     यह सेवा सबसे अधिक प्रभावित हुई क्योंकि इसके लिए सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। जिलों में घटती ओपीडी से बढ़ी परेशानी प्रदेश के कई जिलों में ओपीडी लगभग ठप रही। भिवानी में 130 में से करीब 100 चिकित्सक कार्य बहिष्कार में शामिल रहे। और पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज में सामान्य दिनों की ढाई हजार ओपीडी के मुकाबले शनिवार को लगभग 1700 मरीज ही पहुंचे। हिसार में करीब 900 मरीज बिना उपचार लौट गए। यमुना नगर, जींद और झज्जर सहित कई जिलों में एनएचएम व जूनियर रेजिडेंट के सहारे सीमित सेवाएं चलती रहीं। राज्य स्तर के आंकड़ों के अनुसार 20 जिलों में प्रतिदिन 80-85 हजार मरीजों की ओपीडी प्रभावित रही। करनाल में लगभग 5200, हिसार में 6100, गुरुग्राम में 6800 और फरीदाबाद में 6300 मरीज प्रभावित हुए। क्या हुआ हड़ताल का असर? कुल प्रभावित ओपीडी: इन 20 जिलों में लगभग 80,000 से 85,000 मरीज प्रतिदिन प्रभावित हुए, जिसका कुल योग शनिवार और रविवार को लगभग 1.6 लाख के पार रहा। भागीदारी: राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल में भागीदारी का औसत 93% के आसपास रहा। शेष 7% में कुछ आयुष चिकित्सक और एनएचएम के कर्मी शामिल थे जो सीमित स्तर पर सेवाएं दे रहे थे। सेवा का नाम     प्रभाव का स्तर     मुख्य कारण/विवरण पोस्टमार्टम     90% से अधिक लंबित     प्रदेश के सभी जिलों में पोस्टमार्टम के मामले बड़ी संख्या में रुक गए। सर्जरी     95% रद्द     पूरे प्रदेश में नियोजित (Planned) सर्जरी को स्थगित करना पड़ा। एमएलसी (MLC)     98% बाधित     सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य होने के कारण यह सेवा लगभग पूरी तरह ठप रही। मेडिकल प्रमाण पत्र भी रुके प्रदेशभर में चिकित्सकों की दो दिन की हड़ताल का असर मेडिकल प्रमाण पत्र जारी होने पर भी पड़ा। भिवानी के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज और जिला नागरिक अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट व एनएचएम चिकित्सकों ने केवल सीमित ओपीडी सेवाएं संभालीं, जबकि मेडिकल प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए। जिले में प्रतिदिन औसतन 30 से अधिक लोग मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं, जबकि राज्य स्तर पर यह संख्या 500 से 600 तक है। प्रमाण पत्र न बनने से कई सरकारी नौकरियों के अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन में अड़चन आई। इन दिनों आईटीआई, पालिटेक्निक प्रशिक्षुओं के अलावा पुलिस, होमगार्ड व अन्य सुरक्षा इकाइयों में भर्ती प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ रही है।

CM नायब सैनी ने होला मोहल्ला में की शिरकत, कहा- वीरता और आध्यात्मिकता से मिलती है जीवन की दिशा

सिरसा सीएम नायब सैनी ने नामधारी समाज के इतिहास की सराहना करते हुए कहा, "नामधारी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान की ऐसी गाथा है, जिस पर न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश को गर्व है। उन नामधारी वीर शहीदों को नमन, जिन्होंने तोप के गोलों के सामने हंसते-हंसते कुर्बानी दी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज सिरसा जिले में आयोजित होला मोहल्ला के समापन समारोह में शिरकत की। मुख्य रूप से मस्तानगढ़ या जीवन नगर क्षेत्र में नामधारी समाज द्वारा आयोजित इस गौरवशाली पर्व में पहुंचकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "यह कार्यक्रम हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, वीरता और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। होला मोहल्ला केवल रंगों का त्यौहार नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संकल्प और पुरुषार्थ का प्रतीक है। जीवन में आध्यात्मिकता और वीरता का संतुलन आवश्यक है, और ऐसा होला मोहल्ला हमें सीख देता है।"  उन्होंने नामधारी समाज के इतिहास की सराहना करते हुए कहा, "नामधारी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान की ऐसी गाथा है, जिस पर न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश को गर्व है। उन नामधारी वीर शहीदों को नमन, जिन्होंने तोप के गोलों के सामने हंसते-हंसते कुर्बानी दी।"मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हरियाणा सरकार हर सामाजिक और धार्मिक प्रयास में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।" इस अवसर पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की भी प्रदेशवासियों को बधाई दी और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।होला मोहल्ला सिख परंपरा में गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा शुरू किया गया पर्व है, जिसमें निशानेबाजी, घुड़सवारी, मार्शल आर्ट्स और धार्मिक उत्साह दिखाया जाता है। नामधारी समुदाय द्वारा मस्तानगढ़ जैसे स्थानों पर बड़े स्तर पर मनाया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। 

Women’s Day 2026: हरियाणा की महिलाओं को बड़ा मौका, इस विभाग में बढ़ेगी हिस्सेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य पुलिस बल में महिलाओं के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यह व्यवस्था जल्द होने वाली नई भर्तियों में लागू की जाएगी। महिलाओं के सशक्तिकरण में हरियाणा देश में एक मिसाल के तौर पर बनने जा रहा है। हरियाणा ने अपने विजन डॉक्यूमेंट 2047 में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक स्थिति में सुधार के लिए कई लक्ष्य तय किए हैं ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ समाज में अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य सरकार ने महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी को 19 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में यह भागीदारी केवल 19 फीसदी है, जो एक बहुत ही कम आंकड़ा है। इस लक्ष्य के जरिए सरकार न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने का इरादा रखती है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम बढ़ा रही है।  समृद्ध हरियाणा के लिए महिलाओं का साक्षर होना सबसे जरूरी है। इस दिशा में भी हरियाणा सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है। हरियाणा सरकार ने महिलाओं की साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए भी एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य की वर्तमान महिला साक्षरता दर 65.94 फीसदी है, जिसे बढ़ाकर 90 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल महिलाओं के ज्ञान का स्तर बढ़ेगा, बल्कि उनकी समाज में स्थिति भी बेहतर होगी। शिक्षा के माध्यम से महिलाएं अपने जीवन को सशक्त बना सकेंगी और समाज में अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकेंगी। हर विभाग महिलाओं के लिए अलग से तैयार करेगा बजट यह देश में पहली बार होगा कि कोई प्रदेश महिलाओं के लिए हर विभाग में अलग से बजट से तैयार करें। हरियाणा सरकार ने अगली वित्तीय वर्ष से अपने बजट को जेंडर-बेस्ड बनाने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि सभी विभागों को अपने बजट का एक निश्चित हिस्सा महिलाओं के कल्याण के लिए आरक्षित करना होगा। यह कदम महिलाओं के लिए बेहतर योजनाएं और संसाधन उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त करेगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी सरकारी योजनाएं और कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं। इसके साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हरियाणा सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य का लक्ष्य है कि महिलाओं की औसत आयु को 75 साल से बढ़ाकर 80 साल किया जाए। इसके लिए सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेगी। महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने से न केवल उनकी जीवनशैली में सुधार होगा, बल्कि समाज में उनके योगदान को भी बेहतर तरीके से सराहा जाएगा। महिलाओं के स्टार्टअप से बदली तस्वीर हरियाणा में बीते चार वर्षों के दौरान महिला उद्यमिता ने नई रफ्तार पकड़ी है। राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और अब आधे से अधिक स्टार्टअप महिला नेतृत्व में संचालित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य इस हिस्सेदारी को आने वाले समय में 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। प्रदेश में इस समय 9,100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी कंपनियों की है, जिन्हें महिलाओं ने शुरू किया है या जिनका संचालन महिलाओं के हाथ में है। कृषि-टेक, सूचना प्रौद्योगिकी, ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में महिला उद्यमियों की सक्रियता ने रोजगार और नवाचार को नई दिशा दी है। महिला उद्यमी के लिए ये योजनाएं चल रही हैं महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। मातृशक्ति उद्यमिता योजना के तहत महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा स्टार्टअप इन्क्यूबेटर और आईटी पार्कों में महिला संस्थापकों को किराए पर 45 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे शुरुआती लागत का बोझ कम हो सके। सरकार की ओर से मेंटॉरशिप, तकनीकी सहायता और फंडिंग सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि नए उद्यम तेजी से विकसित हो सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से महिला उद्यमियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे निकलकर टेक्नोलॉजी आधारित कारोबार में भी कदम रख रही हैं। पुलिस में महिलाओं की बढ़ेगी हिस्सेदारी हरियाणा सरकार ने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य पुलिस बल में महिलाओं के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यह व्यवस्था जल्द होने वाली नई भर्तियों में लागू की जाएगी, जिसके लिए सरकार शीघ्र ही आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है। सरकार पुलिस विभाग में करीब 6,000 पदों पर भर्ती करने जा रही है। इन भर्तियों में कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल होंगे। नए नियम के तहत लगभग 1,250 पद विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे, जिससे पुलिस बल में उनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सरकार का मानना है कि पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ने से महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों के निपटारे में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेंगी। महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य में ढांचे का विस्तार भी किया जा रहा है। प्रदेश में 7 नए महिला पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में हरियाणा में 33 महिला पुलिस थाने कार्यरत हैं, जहां महिलाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाती है।  

हरियाणा सरकार सख्त: शिकायतें लंबित रखने पर रोक, PPP मामलों पर स्टेट स्तर से नजर

रेवाड़ी अधिकारी अब परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) की शिकायतों को अधिक समय तक पेडिंग नहीं रख सकेंगे। सरकार ने पेंडेंसी खत्म करने के लिए कॉर्डिनेटर सतीश खोला को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी हैं। जिसकी रिपोर्ट सीधे मुख्यमत्री को होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री के चीफ सेक्रेटरी अरूण गुप्ता ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को आदेश जारी किया है। जिसमें पेडिंग शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में समाधान करने के लिए एडीसी और सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश देने के लिए कहा गया है। सभी की जिम्मेदारी होगी फिक्स नई व्यवस्था में सरकार ने शिकायतकर्ता से चंडीगढ़ सचिवालय में बैठे सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी फिक्स की है। अब अधिकारियों को न केवल पेंडिंग शिकायतों का समय पर समाधान करना होगा, बल्कि स्टेट कॉर्डिनेटर के साथ तालमेल भी बनाकर रखना होगा। जिसकी समय-समय पर कॉर्डिनेटर सतीश खोला द्वारा भेजी जानी वाली रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा भी की जाएगी। अब यदि कोई शिकायतकर्ता आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाता है तो उससे भी जवाब तलबी की जाएगी। जन्म तिथि की पेंडिंग शिकायतें अधिक परिवार पहचान पत्र की शिकायतों के समाधान के लिए फिलहाल सात दिन का समय निर्धारित है। जवाबदेही तय नहीं होने के कारण समय पर शिकायतों का समाधान नहीं हो पाता था। सबसे अधिक पेडेंसी जन्म तिथि की शिकायतों में है। जिनमें मुख्यमंत्री का जिला कुरुक्षेत्र भी प्रदेश के टॉप पांच जिलो में शुमार है। इसके अलावा वाहनों, शिक्षा की शिकायतों में भी पेडिंग देखी जा सकती है। सूत्रों की माने तो प्रदेश में जन्मतिथि की 42 हजार, व्हीकल की 6 हजार, शिक्षा की तीन हजार, शादी की 900 और विभिन्न मटरियल की 7 हजार से अधिक शिकायतें पेडिंग हैं। हिसार, करनाल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, नूंह और भिवानी में शिकायतों की पेडिंग सबसे अधिक है। यह भी पेंडेंसी का बड़ा कारण अभी तक एक व्यक्ति अपनी शिकायत अलग अलग जगह दर्ज करवा देता था। मॉनटरिंग की नई व्यवस्था से मल्टीपल शिकायतों के कारण होने वाली पेडेंसी कम होगी। नई व्यवस्था में क्रिड विभाग, एडीसी कार्यालय (नोडल अधिकारी), तकनीकी विभाग का आपसी तालमेल मजबूत होगा। अब तक जिला स्तर व चंडीगढ़ में बैठे क्रिड अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल के अभाव में शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हो पाता था। नई व्यवस्था में हर स्तर पर मॉनटरिंग की व्यवस्था की गई है। सतीश खोला ने की पत्र की पुष्टि PPP के स्टेट कॉडिनेटर सतीश खोला ने कहा कि मुख्यमंत्री के चीफ सेक्रेटरी ने 5 मार्च को सभी जिला उपायुक्तों को आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रयास है कि परिवार पहचान पत्र को लेकर आने वाली शिकायतों का निर्धारित समय में समाधान हो। इसके लिए अब हर स्तर पर मॉनटरिंग सिस्टम को मजबूत बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने नई व्यवस्था में अधिकारियों के साथ शिकायतकर्ता की भी जवाबदेही तय की है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से शिकायतों की पेंडेंसी में कमी आएगी।

महिला आयोग की चेतावनी के बाद बादशाह के ‘टटीरी’ गाने पर बढ़ा विवाद

हरियाणा हरियाणा की राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने रैपर-सिंगर बादशाह और उनके नए गाने को लेकर हुए विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि सिंगर का काम माफी के लायक नहीं है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला। माफी के लायक नहीं काम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया उर्फ बादशाह हाल ही में गाना 'टटीरी' को लेकर विवादों में आ गए। लोगों ने इसके लिरिक्स पर आपत्ति जताई। इस पर बादशाह ने माफी मांगी है। इस बीच मीडिया से बात करते हुए भाटिया ने कहा 'बादशाह ने जो किया है वह माफ करने लायक नहीं है। हरियाणा की बेटियों का इस तरह अपमान करना और उनके खिलाफ ऐसी गंदी भाषा का इस्तेमाल करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमने उन्हें 13 मार्च को बुलाया है। उन्हें पेश होना चाहिए। अगर वह इससे बचते रहे, तो हम उन्हें काम नहीं करने देंगे।' बादशाह ने मांगी माफी शनिवार को बादशाह ने एक वीडियो में अपने काम को लेकर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था 'मैं खुद हरियाणा से हूं। जो लोग मुझे जानते हैं, वो जानते हैं कि मेरी बोली, मेरा खान-पान, मेरा रहना-सहना, मेरी पहचान हरियाणा से है। मैं एक हरियाणवी हूं। मेरा कभी ऐसा कोई इरादा नहीं था कि मैं हरियाणा के किसी बच्चे, किसी महिला के बारे में ऐसी बात कहूं। मुझे उम्मीद है कि आप मुझे हरियाणा का बेटा, अपना बेटा समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे।' गिरफ्तार के लिए हो रही छापेमारी इस बीच, बादशाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें सिंगर-रैपर को पुलिस के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। टीमें उन्हें गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने एक ट्वीट में इसकी पुष्टि की। गाने पर आपत्ति इससे पहले बादशाह के गाने के कुछ बोल और वीडियो में दिखाई गई कुछ तस्वीरों को लेकर आपत्ति जताई गई थी। शिकायत करने वाले लोगों का कहना है कि गाने में इस्तेमाल की गई शब्दावली आपत्तिजनक है। उनका मानना है कि इससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। उन्होंने महिला आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग की।

राज्यसभा उम्मीदवारों की संपत्ति का खुलासा: नांदल ₹73.74 करोड़ के मालिक, कांग्रेस के बौद्ध ₹2 करोड़

हरियाणा  हरियाणा में इन दिनों राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरी सियासत गरमाई है। 2 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनावों में तीन उम्मीदवारों की प्रॉपर्टी को लेकर चर्चा हो रही है। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (BJP समर्थित) सबसे अमीर हैं।  सबसे अहम बात यह है कि पूर्व लोकसभा सांसद बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया के नाम कुछ भी नहीं है। हां उन्होंने चुनाव में अपनी चल संपत्ति 78 लाख रुपए के करीब दर्शाई है। सतीश नांदल कांग्रेस विधायकों के क्रॉस-वोटिंग पर भरोसा कर रहे 63 वर्षीय निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पास 45.19 करोड़ रुपए की चल संपत्ति है, जिसमें एक रिवॉल्वर और 950 ग्राम सोना शामिल है। नांदल के पास आवासीय, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियों सहित 28.54 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। उनकी कुल संपत्ति 73.74 करोड़ रुपए की है। ये संपत्तियां पंजाब, दिल्ली और रोहतक में स्थित हैं। परिवार के पास रोहतक में 5 करोड़ रुपए की एक आवासीय संपत्ति, रोहतक में ही 2.17 करोड़ रुपए की दो व्यावसायिक संपत्तियां और दिल्ली में 5 करोड़ रुपए की एक अन्य व्यावसायिक संपत्ति है। उन पर 9.70 करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्हें शिवालया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड में परियोजना प्रभारी के रूप में पारिश्रमिक और किराए से आय प्राप्त होती है। उन्होंने रोहतक के एक संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा किया है। करमवीर सिंह बौद्ध कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध की कुल संपत्ति 1.98 करोड़ रुपए है, जिसमें 65 लाख रुपए की चल संपत्ति, एक कोरोला अल्टिस, एक बोलेरो, 200 ग्राम सोना और 1.5 किलोग्राम चांदी शामिल है, जबकि उनकी निजी संपत्ति का मूल्य 1.33 करोड़ रुपए है। वे सिविल सचिवालय से अधीक्षक पद से रिटायर हुए हैं और उनकी पत्नी हरियाणा श्रम विभाग में उप अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। पेंशन और मकान किराया उनकी आय के स्रोत हैं। उन्होंने इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है। संजय भाटिया भाजपा उम्मीदवार और पूर्व सांसद संजय भाटिया के नाम पर न तो कोई संपत्ति है और न ही उनकी पत्नी के नाम पर। उनकी चल संपत्ति 84.73 लाख रुपए है, जिसमें 48 लाख रुपए के आभूषण शामिल हैं। वे दो निजी कंपनियों में निदेशक हैं और कृषि से आय तथा पेंशन भी प्राप्त करते हैं। उन्होंने पानीपत के एक कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल की है। भाटिया की जीत पक्की, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर राज्यसभा में दो सीटें हैं और सदन में 90 विधायक हैं, इसलिए किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता होगी। भाजपा के संजय भाटिया आसानी से जीत जाएंगे, क्योंकि पार्टी के पास 48 सीटें हैं। दूसरी सीट के लिए कड़ी टक्कर होगी। विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं। बौध की जीत के लिए कांग्रेस को 31 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता थी। हालांकि, नांदल कांग्रेस के क्रॉस वोट पर निर्भर हैं। उन्हें भाजपा का भी समर्थन प्राप्त है। राज्यसभा चुनाव में ओपन वोटिंग होती है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने पर किसी विधायक को विधानसभा से अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता।

हरियाणा के जींद में दर्दनाक हादसा: रंग-गुलाल फैक्ट्री में आग से 5 महिला मजदूरों की मौत

चंडीगढ़ हरियाणा के जींद के सफीदों में शनिवार दोपहर होली के रंग और गुलाल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में अब तक पांच महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 20 मजदूर बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें गंभीर हालत में कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर किया गया है। ऐसे में मरने वालों की तादाद बढ़ भी सकती है। अभी तक शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, हालांकि हादसे की जांच अभी चल रही है। जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला सफीदों की भाट कॉलोनी में होली के रंग और गुलाल बनाने की फैक्ट्री है। यहां रोजाना की तरह लगभग 30 मजदूर काम कर रहे थे। तभी अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई। चारों ओर धुएं और आग की लपटें उठने के कारण मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोगों ने धुआं उठता देख बचाव कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के मेन गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। इस वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए और आग में फंस गए। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा, जिसके बाद कुछ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गई। दो महिला मजदूरों की झुलसने से मौके पर ही मौत हो चुकी थी। फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों को सफीदों और नागरिक अस्पताल जींद लाया गया। कई लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां तीन और महिलाओं ने दम तोड़ दिया। इनकी गई जान जिन पांच महिलाओं की मौत हुई है, उनमें सफीदों के वार्ड नंबर 13 की रहने वाली पूजा, आदर्श कालोनी सफीदों की उषा, सिंघपुरा वासी पिंकी और सफीदों वासी गुडडी शामिल हैं। फिलहाल एक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। 20 से ज्यादा मजदूर सफीदों, पानीपत और जींद के अस्पतालों में भर्ती हैं, जिन में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, मृतक के परिजनों ने सफीदों में सड़क जाम करने की धमकी दी थी। इसके बाद डीसी और एसपी ने मृतक के परिजनों को उचित कार्रवाई व मुआवजे का आश्वासन देकर शांत किया। हरियाणा के जींद के सफीदों में शनिवार दोपहर होली के रंग और गुलाल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में अब तक पांच महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 20 मजदूर बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें गंभीर हालत में कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर किया गया है। ऐसे में मरने वालों की तादाद बढ़ भी सकती है। अभी तक शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, हालांकि हादसे की जांच अभी चल रही है। जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा और एसपी कुलदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला सफीदों की भाट कॉलोनी में होली के रंग और गुलाल बनाने की फैक्ट्री है। यहां रोजाना की तरह लगभग 30 मजदूर काम कर रहे थे। तभी अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में फैल गई। चारों ओर धुएं और आग की लपटें उठने के कारण मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोगों ने धुआं उठता देख बचाव कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मजदूरों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के मेन गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। इस वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए और आग में फंस गए। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा, जिसके बाद कुछ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुट गई। दो महिला मजदूरों की झुलसने से मौके पर ही मौत हो चुकी थी। फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों को सफीदों और नागरिक अस्पताल जींद लाया गया। कई लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पानीपत अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां तीन और महिलाओं ने दम तोड़ दिया। इनकी गई जान जिन पांच महिलाओं की मौत हुई है, उनमें सफीदों के वार्ड नंबर 13 की रहने वाली पूजा, आदर्श कालोनी सफीदों की उषा, सिंघपुरा वासी पिंकी और सफीदों वासी गुडडी शामिल हैं। फिलहाल एक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। 20 से ज्यादा मजदूर सफीदों, पानीपत और जींद के अस्पतालों में भर्ती हैं, जिन में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, मृतक के परिजनों ने सफीदों में सड़क जाम करने की धमकी दी थी। इसके बाद डीसी और एसपी ने मृतक के परिजनों को उचित कार्रवाई व मुआवजे का आश्वासन देकर शांत किया।