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35 साल बाद गूंजी किलकारी, 130 गांव के लोग पहुंचे नामकरण समारोह में, हजारों लोग बने गवाह

सोनीपत सोनीपत जिला मुख्यालय से सटे गांव महलाना ने रविवार को सामाजिक चेतना की एक ऐसी नजीर पेश की है, जो सदियों तक याद रहेगी। रोहित बाल्याण के घर में 35 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद बेटी का जन्म हुआ। यह खुशी परिवार तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें 130 गांवों के लोग साक्षी बने। नामकरण संस्कार में राजदुलारी कामाक्षी और उसकी जननी को ढोल-नगाड़ों की गूंज और हाथी-घोड़ों व रथ आदि के साथ आयोजन स्थल तक लाया गया। फूलों की वर्षा ने माहौल को स्वर्ग बना डाला।  कामाक्षी का जन्म 6 जनवरी को हुआ था। रविवार को उसका नामकरण संस्कार पूरे पारंपरिक और भव्य स्वरूप में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में आसपास के करीब 130 गांवों से हजारों लोग शामिल हुए। शंखनाद के बीच पूरे दिन चला यज्ञ, चलता रहा विशाल भंडारा कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन के साथ हुई। शंखनाद के बीच विधिवत रूप से बेटी का नामकरण संस्कार संपन्न कराया गया। परिवार ने बेटी का नाम कामाक्षी (माता पार्वती का एक रूप) रखा। नाम की घोषणा होते ही पूरा पंडाल तालियों और उल्लास से गूंज उठा। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। बेटों से कम नहीं बेटियां पिता रोहित बाल्याण ने भावुक होते हुए कहा कि आज बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। बेटी का जन्म भी उतनी ही खुशी और गर्व का विषय होना चाहिए जितना बेटे का। हमारा यह आयोजन समाज को यह संदेश देने का प्रयास है कि बेटियां परिवार की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत होती हैं। उनके पास पहले एक बड़ा बेटा है। अब दूसरे बच्चे के रूप में घर में बेटी ने जन्म लिया है। ग्रामीणों ने बताया सामाजिक चेतना की मिसाल ग्रामीणों ने इस आयोजन को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का जीवंत उदाहरण बताया। उनका कहना था कि जहां आज भी कुछ स्थानों पर बेटियों के साथ भेदभाव और भ्रूणहत्या जैसी घटनाएं होती हैं, वहीं महलाना का यह आयोजन सोच बदलने वाला प्रेरक संदेश देता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि हर परिवार बेटियों को इसी तरह सम्मान देगा, तो समाज अपने आप बेहतर दिशा में आगे बढ़ेगा। राजनीतिक व सामाजिक लोगों की रही मौजूदगी भव्य कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। मुख्यमंत्री नायब सैनी के सलाहकार तरुण भंडारी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमल दिवान, पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार, अभिषेक ब्रह्मचारी, किसान नेता नरेश टिकैत के पुत्र गौरव टिकैत ने भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

पंचकूला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने परिसर को खाली कराया और सुरक्षा बढ़ाई

पंचकूला  पंचकूला में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल आने की खबर सामने आ रही है,  जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कोर्ट परिसर को खाली करवाया दिया है। वहीं डॉग स्कवॉयड भी मौके तलाशी अभियान चला रही है।  सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज पंचकूला कोर्ट के सेशन जज को थ्रेट मेल मिला, जिसमें कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी दी गई थी। जिसकी जानकारी उन्होंने तुरंत पुलिस अधिकारियों को दी। पंचकूला डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि धमकी भरा मेल आने के बाद कोर्ट परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि अभी तक जांच में ऐसा कुछ पाया नहीं गया है। यह केवल धमकी का ही मामला है, लेकिन फिर भी उन्होंने एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर की जांच की।

सूरजकुंड मेले में हादसे पर दुष्यंत चौटाला का बयान, कहा- पर्यटन विभाग की लापरवाही से हुई छवि को क्षति

चंडीगढ़  पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने फरीदाबाद में चल रहे 39वे सूरजकुंड शिल्प मेले में हुए हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त सूरजकुंड मेले में ऐसा हादसे होने से इस मेले और हरियाणा की प्रतिष्ठा को ना सिर्फ देश में, बल्कि विश्व स्तर पर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस हादसे से हरियाणा की छवि को हुए नुकसान के लिए हरियाणा का पर्यटन विभाग जिम्मेदार है। मेले में 50 देशों के 700 से ज्यादा शिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं और देश-विदेश से पर्यटक आ रहे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सूरजकुंड का अंतर्राष्ट्रीय मेला हाथ से सामान बनाने वाले देश-दुनिया के उम्दा कलाकारों को एक शानदार प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाता है। इस मेले में देश विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं और शिल्पकारों व कलाकारों के बनाए सामान को देखते और खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पर्यटन विभाग ने पिछले कुछ वर्षों से इस मेले को कमाई का जरिया बना लिया है और इसमें एडवेंचर के नाम पर असुरक्षित झूले लगाने की इजाजत दी जा रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ऐसे झूलों की तरफ पर्यटक आकर्षित होते हैं और हथकरघा कारीगरों के काम की अनदेखी होती है। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेले में ये झूले गैरजरूरी और कारीगरों की अनदेखी करवाने वाला कदम है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इन झूलों को लगाने की इजाजत देने वाली नीति को बंद किया जाना चाहिए। वरिष्ठ जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने इस हादसे में मारे गए पुलिसकर्मी के परिवार को उचित आर्थिक सहायता के साथ परिवार को एक्सग्रेसिया के तहत एक नौकरी भी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मृतक पुलिसकर्मी ने बहादुरी के साथ अपनी ड्यूटी निभाई है और राज्य सरकार को कैबिनेट से मंजूरी दिलवाकर उनके परिवार को एक नौकरी और पर्याप्त सहायता देनी चाहिए। साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों को उचित इलाज के साथ आर्थिक सहायता भी देने की मांग उन्होंने की।

राष्ट्रीय हित सबसे पहले: कुमारी सैलजा ने भारत-अमेरिका समझौते में स्पष्टता की मांग की

चंडीगढ़ सिरसा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव व पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने अमेरिका के साथ घोषित व्यापार समझौते के संयुक्त वक्तव्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस समझौते के कुछ प्रावधान भारतीय किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और घरेलू उद्योगों को असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति में खड़ा कर सकते हैं। आज मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि अमेरिकी कृषि, खाद्य और औद्योगिक उत्पादों के लिए भारतीय बाज़ार को व्यापक रूप से खोला जाता है, जबकि भारतीय निर्यात पर उच्च टैरिफ (शुल्क) और अन्य गैर-शुल्क बाधाएँ बनी रहती हैं, तो इसका सीधा प्रभाव देश की कृषि अर्थव्यवस्था, कुटीर उद्योगों और रोजगार पर पड़ सकता है। कुमारी सैलजा ने कहा कि विशेष रूप से कपड़ा, चमड़ा, जूते, रबड़, रसायन तथा कारीगर उत्पाद जैसे क्षेत्र, जो बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, इस प्रकार की असमान शर्तों से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि इन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए समझौते में कौन-कौन से ठोस सुरक्षा प्रावधान (सेफगार्ड) शामिल किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आने वाले वर्षों में अमेरिकी उत्पादों की बड़े पैमाने पर खरीद का कोई प्रावधान है, तो यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ और घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन देने की नीति के साथ किस प्रकार संतुलित होगा, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौता समानता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित के आधार पर होना चाहिए। संसद और देश की जनता के समक्ष इस व्यापार समझौते का पूर्ण विवरण रखा जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और लघु उद्योगों के हितों से किसी प्रकार का समझौता न हो। कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह इस विषय पर विस्तृत स्पष्टीकरण दे और यह बताए कि इस समझौते में भारत के संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा के लिए कौन-कौन से ठोस प्रावधान शामिल किए गए हैं।

फरीदाबाद मेले में त्रासदी: झूला गिरा, इंस्पेक्टर सहित दर्जन घायल, जांच शुरू

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगा एक 'सुनामी झूला' अचानक टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से पलवल के चांदहट थाने के SHO इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के वक्त झूले पर करीब 18 लोग सवार थे। हादसे का खौफनाक मंजर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब सवा 6 बजे झूला ऊपर से नीचे आते समय अचानक रेलिंग से टकराकर गिर गया। हादसे के बाद मेले में चीख-पुकार मच गई। एक दुकानदार राघव ने बताया कि झूला गिरने के बाद उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर 7-8 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा, लेकिन तभी झूले का बाकी हिस्सा भी नीचे आ गिरा। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे मेला ग्राउंड को खाली करा लिया। रिटायरमेंट से ठीक पहले गई जान मृतक इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की पहचान पलवल जिले के चांदहट थाने के SHO के रूप में हुई है। वे इसी साल 31 मार्च को अपनी सेवा से रिटायर होने वाले थे। हादसे के वक्त वे ड्यूटी पर तैनात थे या पास ही मौजूद थे, जिसकी चपेट में आने से उनकी जान चली गई। प्रशासनिक कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच घटना की सूचना मिलते ही रात 10 बजे पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा मेला ग्राउंड पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों का हाल-चाल जाना। मंत्री ने कहा, "पूरे मामले की जांच के लिए ADC की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है।" वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा पर उठे सवाल मेले के नोडल अधिकारी हरविंद्र यादव ने दावा किया कि झूलों के निरीक्षण के लिए एक कमेटी बनाई गई थी जो रोजाना जांच करती थी। हालांकि, एक ही दिन में दो घटनाएं (झूला गिरना और गेट नंबर-2 का डिजाइनर गेट गिरना) प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फरीदाबाद के DC आयुष सिन्हा ने कहा है कि वेंडर की लापरवाही की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

हाइड्रोजन ट्रेन का पहला ट्रायल रहा सफल

जींद. जींद जंक्शन से सीनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन का पहला ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। जींद जिले के गांव भंभेवा के पास पहले रनिंग ट्रायल किया गया और अब इस ट्रेन का दूसरा ट्रैक ट्रायल किया जाएगा। ट्रैक ट्रायल के बाद इसकी फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच सरपट दौड़ने लगेगी। इस मामले में रेलवे के अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं लेकिन सूत्रों के अनुसार जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन विधिवत रूप से फरवरी के आखिर तक चल सकती है। रेलवे से जुड़े सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन का तकनीकी ट्रायल सफल हो गया है। रेलवे के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। तकनीकी ट्रायल के दौरान इंजन से जुड़े सभी प्रमुख सिस्टम संतोषजनक पाए गए। पिछले सप्ताह इंदौर से पहुंची विशेषज्ञों की टीम ने भंभेवा रेलवे स्टेशन के पास इंजन की तकनीकी टैस्टिंग शुरू की थी। हाइड्रोजन इंजन की कार्यप्रणाली, सेफ्टी सिस्टम, प्रैशर कंट्रोल, गैस सप्लाई और इंजन के इलैक्ट्रिक कंट्रोल सिस्टम की गहन जांच की गई। टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में इंजन को स्टार्ट और शटडाऊनकर उसके प्रदर्शन को परखा। ट्रायल के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी खामी सामने नहीं आई जिसे रेलवे के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। तकनीकी ट्रायल के बाद अब अगले चरण में ट्रैक ट्रायल की तैयारी की जा रही है। इसके तहत ट्रेन को सीमित गति से चलाकर ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड कंट्रोल और ट्रैक पर स्थिरता की जांच की जाएगी। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो 12 फरवरी के बाद नियमित ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय उच्चाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। रेलवे सूत्रों का कहना है कि जब ट्रेन पूरी तरह से सफल हो जाए‌गी तो उसके बाद इसके उद्‌घाटन की औपचारिकता के लिए रेल मंत्रालय से परमिशन ली जाएगी। चूंकि यह देश की पहली और और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है इसलिए उम्मीद है कि इस ट्रेन का उ‌द्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हरी झंडी दिखाकर करवाया जाएगा।

जनरल ड्यूटी एवं ट्रेड्समैन के लिए 10 को भिवानी में होगी अग्निवीर भर्ती

रोहतक. अग्निवीर भर्ती योजना के अंतर्गत अग्निवीर जनरल ड्यूटी एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन (10वीं पास) श्रेणियों के लिए द्वितीय चरण की भर्ती रैली का आयोजन 10 फरवरी होगा। भर्ती रैली भिवानी स्थित भीम स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। स्थानीय सेना भर्ती कार्यालय के भर्ती निदेशक अनुराग सिंह ने बताया कि कि उक्त श्रेणियों के लिए कामन एंट्रेंस एग्जाम (द्वितीय चरण) में शार्टलिस्ट किए गए उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं। भर्ती से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए उम्मीदवार सेना भर्ती कार्यालय रोहतक या हेल्पलाइन नंबर 8901384498 एवं 01262-253431 पर संपर्क कर सकते हैं। भर्ती निदेशक ने सभी उम्मीदवारों को दलालों से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि सेना भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं योग्यता आधारित है। भर्ती रैली के दौरान किसी भी प्रकार के शक्तिवर्धक या नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया से वंचित कर दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे भर्ती रैली में आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित समय पर उपस्थित हो।

करनाल में दूल्हे ने सिर्फ एक नोट रखकर लौटाए दहेज के 6 लाख रुपये

घरौंडा/करनाल. कस्बे में आयोजित एक विवाह समारोह ने दहेज प्रथा के खिलाफ समाज को करारा और प्रेरणादायक संदेश दिया। रेलवे रोड स्थित अग्रसेन भवन में 5 व 6 फरवरी की रात हुए इस विवाह में दूल्हे अंकित ने दुल्हन पक्ष द्वारा शगुन के रूप में दिए गए छह लाख रुपये नकद और अन्य सामान को बीच रस्म ही सम्मानपूर्वक लौटा दिया। इस कदम ने समारोह में मौजूद सभी लोगों को भावुक और आश्चर्यचकित कर दिया। शगुन की रस्म के दौरान जब दुल्हन पक्ष ने टीका कर नकदी भेंट की, तो दूल्हे अंकित ने उसे पहले माथे से लगाया और फिर तुरंत वापस कर दिया। उन्होंने 500 रुपये की गड्डी में से केवल एक नोट निकालकर शगुन के रूप में अपने पास रखा और स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह विवाह में किसी भी प्रकार का दहेज स्वीकार नहीं करेंगे। इतना ही नहीं, दूल्हे के परिजनों ने शादी में दिया जा रहा फर्नीचर और अन्य उपहार भी लौटा दिए। इसके बाद विवाह की सभी रस्में सादगी और उल्लासपूर्ण वातावरण में पूरी की गईं। अंकित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सोना अर्जुनपुर गांव के निवासी हैं और वर्तमान में पंचकूला की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। वहीं, दुल्हन आरती घरौंडा की रहने वाली हैं, जिन्होंने स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है और एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। आरती के पिता ओमबीर राणा ने बताया कि सामाजिक परंपरा के अनुसार दहेज की तैयारी की गई थी, लेकिन लड़के पक्ष ने पहले ही साफ कर दिया था कि उन्हें कुछ भी नहीं चाहिए। यह सोच इस परिवार में नई नहीं है। अंकित के बड़े भाई की शादी में भी दहेज नहीं लिया गया था और शगुन के रूप में मात्र एक रुपया स्वीकार किया गया था। घरौंडा की इस शादी ने यह संदेश दिया कि विवाह लेन-देन नहीं, बल्कि समानता, सम्मान और संस्कारों का पवित्र बंधन है।

गुरुग्राम में बनेगी देश की सबसे ऊंची इमारत

गुरुग्राम. हरियाणा सरकार गुरुग्राम को वैश्विक शहरों की कतार में खड़ा करने की दिशा में अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी शहरी विकास प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। द्वारका एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित की जा रही 1003 एकड़ की ‘ग्लोबल सिटी’ में देश की सबसे ऊंची इमारत बनाने का प्रस्ताव सैद्धांतिक रूप से मंजूर कर लिया गया है। सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए जल्द ही एडवाइजर नियुक्त करेगी। इसके लिए विदेशी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों की सेवाएं ली जाएंगी, ताकि इमारत का डिजाइन, तकनीक और सुरक्षा ढांचा वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा सके। ग्लोबल सिटी बनेगी आधुनिक शहरी मॉडल हरियाणा सरकार द्वारा गुरुग्राम में विकसित की जा रही ग्लोबल सिटी को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन ज़ोन, डिजिटल सुविधाओं और वर्ल्ड-क्लास अर्बन प्लानिंग के मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित गगनचुंबी इमारत इस पूरे प्रोजेक्ट की आइकॉनिक पहचान बनेगी। निवेश, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा सरकारी अधिकारियों के अनुसार, देश की सबसे ऊंची इमारत बनने से विदेशी निवेश, मल्टीनेशनल कंपनियों की भागीदारी, पर्यटन और हाई-स्किल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुरुग्राम को वैश्विक बिजनेस और अर्बन हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। हालांकि यह योजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर है, लेकिन सरकार ने इसे लेकर सैद्धांतिक फैसला कर लिया है। आगामी चरणों में एडवाइजर की नियुक्ति, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विस्तृत तकनीकी अध्ययन किए जाएंगे। एयरपोर्ट पास, सामने सबसे बड़ी चुनौती चूंकि प्रस्तावित साइट इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट के अपेक्षाकृत करीब है, इसलिए इमारत की ऊंचाई को लेकर तकनीकी चुनौतियां भी कम नहीं हैं। सरकार को इसके लिए डी.जी.सी.ए. (डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन) और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ए.ए.आई.) से मंजूरी लेनी होगी। इमारत की अधिकतम ऊंचाई, एविएशन सेफ्टी, लाइटिंग सिस्टम और एयर ट्रैफिक पर प्रभाव, इन सभी पहलुओं पर गहन मंथन किया जा रहा है।

झज्जर के ‘लाल’ ने आखिरी विकेट लेकर दिलाया अंडर-19 वर्ल्ड कप

झज्जर.  जिम्बाब्वे की धरती पर खेले गए अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप के रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के एक बड़े नायक झज्जर के गांव कुलाना निवासी ऑलराउंडर कनिष्क चौहान रहे, जिन्होंने मैच की आखिरी विकेट चटकाकर भारत की झोली में विश्व कप डाल दिया। शुक्रवार को खेले गए इस हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में कनिष्क चौहान ने गेंद और बल्ले दोनों से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जब टीम को रनों की सख्त जरूरत थी, तब कनिष्क ने मात्र 20 गेंदों पर 37 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। गेंदबाजी में कनिष्क ने 8 ओवर के स्पेल में 63 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट झटके। सबसे खास पल वह रहा जब उन्होंने मैच की अंतिम विकेट लेकर भारतीय तिरंगा लहरा दिया। इससे पहले 4 फरवरी को हुए सेमीफाइनल मुकाबले में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 55 रन देकर 2 विकेट हासिल किए थे। चैंपियन का होगा शाही स्वागतकनिष्क की इस वैश्विक सफलता के बाद उनके पैतृक गांव कुलाना में दीपावली जैसा माहौल है। कनिष्क की मां सरिता चौहान ने खुशी जाहिर करते हुए हरियाणवी अंदाज में कहा कि हमें तो पहले ही पता था कि वो मैदान में धुम्मा ठा देगा।" उन्होंने बताया कि चैंपियन बेटे के घर लौटने पर उसका स्वागत उसकी पसंदीदा डिश देशी घी के चूरमे और गाजर के हलवे से किया जाएगा। गांव में जीत की खुशी में मिठाइयां बांटी जा रही हैं। 9 फरवरी को भव्य समारोह और जागरण गांव कुलाना ने अपने लाडले के स्वागत के लिए पलक-पावड़े बिछा दिए हैं। कनिष्क के सम्मान में 9 फरवरी को गांव में एक विशाल सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसी दिन रात को परिवार की ओर से जीत की खुशी और कनिष्क के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक भव्य जागरण का भी आयोजन किया जाएगा। 4 साल की उम्र में थामी थी बैट – 26 सितंबर 2006 को जन्मे कनिष्क ने मात्र 4 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनकी प्रतिभा को देखते हुए परिवार साल 2014 में सिरसा शिफ्ट हो गया ताकि वे शाह सतनाम जी स्टेडियम में बेहतर ट्रेनिंग ले सकें। कनिष्क की सफलता को देखते हुए रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस पर अपनी टीम में शामिल किया है। साल 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले कनिष्क 'बेस्ट आलराउंडर आफ द सीरीज' भी रह चुके हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उनका रिकॉर्ड बेमिसाल रहा है, जहां वे लगातार दो बार 'मैन आफ द मैच' बने।