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सीसीटीवी से खुला रेलवे मोबाइल चोरी गैंग का राज, 9 साल के बच्चे ने बताया पूरा नेटवर्क

 रांची

 रांची रेलवे स्टेशन पर सक्रिय एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा करते हुए आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। इस गिरोह में शामिल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं।

चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश एक 9 साल के बच्चे से हुआ, जिसे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पकड़ा गया। मंगलवार को राहुल कुमार नामक यात्री ने जीआरपीएस रांची में मोबाइल चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत मिलते ही आरपीएफ हरकत में आई और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई। फुटेज में साफ दिखा कि एक नाबालिग लड़का लगेज स्कैनर के पास खड़ा होकर बड़ी सफाई से यात्री की जेब से मोबाइल निकालकर भाग गया।
प्लेटफार्म से पकड़ा गया बच्चा, पूछताछ में उगला पूरा नेटवर्क

सीसीटीवी के आधार पर संदिग्ध नाबालिग को प्लेटफार्म नंबर 3 से हिरासत में लिया गया। जब उसे फुटेज दिखाया गया, तो उसने न सिर्फ चोरी की बात कबूल की, बल्कि पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया।

उसने बताया कि वह अकेला नहीं है, बल्कि संगठित तरीके से 8–10 लोगों के गैंग में काम करता है। ये लोग झारखंड के साहिबगंज (तीन पहाड़ क्षेत्र) और अन्य इलाकों से रांची आते हैं। एक टीम में 4–5 लोग स्टेशन पर सक्रिय रहते हैं, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं ताकि किसी को शक न हो।

ऐसे करते थे चोरी
गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था। नाबालिग बच्चों को आगे कर भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे लगेज स्कैनर, टिकट काउंटर और प्लेटफार्म पर लगाया जाता था। ये बच्चे यात्रियों के पास खड़े होकर मौका मिलते ही मोबाइल निकाल लेते थे।

चोरी के बाद मोबाइल तुरंत गैंग के बड़े सदस्यों को दे दिया जाता था, जो उसे सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाते थे। इसके बाद इन मोबाइल को झारखंड के तीन पहाड़ इलाके और पश्चिम बंगाल के आसनसोल में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह का एक सदस्य विकास कुमार चोरी के मोबाइल खरीदने और खपाने का काम करता था, हालांकि उसका वर्तमान ठिकाना पता नहीं चल सका है।

न्यू पुंदाग और कठल मोड़ में छापेमारी, रातभर चली कार्रवाई
नाबालिग के खुलासे के बाद आरपीएफ ने तुरंत जाल बिछाया। सीआईबी रांची की टीम के साथ मिलकर न्यू पुंदाग और कठल मोड़ इलाके में छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में कुल

8 लोगों को पकड़ा गया, जिनमें 4 नाबालिग शामिल हैं।
इनके पास से 9 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 3.40 लाख रुपये आंकी गई है। बरामद मोबाइल में इनफिनिक्स, वनप्लस, वीवो, रियलमी, ओप्पो, रेडमी और आईफोन जैसे ब्रांड शामिल हैं।

दो मई को ही रांची पहुंचा था नया गैंग, पहले भी कर चुके हैं वारदात
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह 2 मई को ही रांची पहुंचा था और लगातार स्टेशन व आसपास के इलाकों में सक्रिय था। इससे पहले भी ये कई यात्रियों को निशाना बना चुके हैं। पुलिस के अनुसार, ऐसे कई और गैंग सक्रिय हैं, जो अलग-अलग राज्यों से आकर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।

केस दर्ज, सभी आरोपित जीआरपी को सौंपे गए
पूरी कार्रवाई के बाद सभी गिरफ्तार और हिरासत में लिए गए आरोपितों को जीआरपीएस रांची को सौंप दिया गया है। इस मामले में कांड संख्या 23/26, दिनांक 6 मई 2026 के तहत बीएनएस की धारा 303(2) और 317(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आरपीएफ की इस कार्रवाई में एसआई सूरज पांडेय के नेतृत्व में पूरी टीम ने अहम भूमिका निभाई। लगातार सक्रिय हैं गिरोह, आरपीएफ की सख्ती जारी इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोर गिरोह सुनियोजित तरीके से सक्रिय हैं।

हालांकि, सीसीटीवी और सतर्कता के चलते ऐसे गिरोह अब लगातार पकड़े जा रहे हैं। आरपीएफ ने संकेत दिया है कि आगे भी इसी तरह अभियान जारी रहेगा और अन्य सक्रिय गैंगों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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