samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण में कर रहा नए आयाम स्थापित

वन्यजीव संरक्षण में नए आयाम स्थापित कर रहा है मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो नेशनल पार्क में दो मादा चीतों को प्राकृतिक आवास में किया मुक्त
प्रोजेक्ट चीता को प्रदेश में मिली नई रफ्तार-बोत्सवाना से लाए गए दोनों मादा चीते-
अब स्थानीय परिवेश में घुल मिल कर रहने लगे हैं चीतें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चीतों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेशवासियों को 'प्रोजेक्ट चीता' के रूप में बड़ी सौगात मिली है। मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण की दिशा में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। चीता पुनर्वास के लिए श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को दो मादा चीतों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया। ये दोनों चीते बोत्सवाना से लाए गए हैं, इसके बाद इन्हें कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़े में रखा गया था। अब दोनों चीते उनके लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल से प्रदेश में जारी प्रोजेक्ट चीता को विस्तार और नई रफ्तार मिली है, यह कदम वन्यजीवों के साथ हमारी सहअस्तित्व की भावना को प्रकट करता है। बोत्सवाना से चीतों के पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी तथा केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का भी आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को कूनो नेशनल पार्क में चीतों को मुक्त करने के बाद मीडिया से चर्चा कर रहे थे।

57 हो गई है प्रदेश में चीतों की संख्या

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी मध्यप्रदेश में अब 5000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर चीते मुक्त विचरण करते हुए अपना कुनबा बढ़ा रहे हैं। वर्तमान में राज्य में चीतों की संख्या बढ़कर 57 हो चुकी है, चीते अब परिवार की तरह घुल-मिलकर रहने लगे हैं। प्रदेश के श्योपुर, कूनो, पालनपुर, राजगढ़ सहित मालवा और चंबल के क्षेत्र में चीते विचरण करते नजर आते हैं। कई बार तो ये मध्यप्रदेश से राजस्थान तक फर्राटा भरते हैं। उल्लेखनीय है कि इन चीतों के आगमन के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या, देश में जन्मे शावकों सहित, बढ़कर 57 हो गई है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here