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सीएम योगी ने यूपी को 3 महीने में दी 62 हजार करोड़ से अधिक की 5,551 परियोजनाओं की सौगात

लखनऊ

 बीते 9 साल से निरंतर विकास की बुलंदियों को छू रहा उत्तर प्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। यदि वित्तीय वर्ष 2026-27 की बात करें तो पहली तिमाही में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निरंतर जनपदों के दौरे कर विकास की सौगात दे रहे हैं। वे पूर्वांचल, पश्चिमांचल, बुंदेलखंड, मध्याचंल समेत प्रदेश के सभी जनपदों को विकास से जोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल, मई और जून के दौरान प्रदेशभर में आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, खेल, शहरी विकास, ग्रामीण विकास और कनेक्टिविटी से जुड़ी 5,551 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं पर 62,282 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है। सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में विकास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर तेजी से क्रियान्वित हो रहा है। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। 

हर क्षेत्र में विकास की समान गति

इन तीन महीनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़क, पुल, मेडिकल कॉलेज, खेल अवसंरचना, औद्योगिक पार्क, नगर विकास, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन और डिजिटल सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की गई। योगी सरकार ने केवल बड़े शहरों पर ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के जिलों में भी विकास कार्यों को समान प्राथमिकता दी।

गंगा एक्सप्रेसवे पर दौड़े विकास के पहिए, जेवर से हुई प्रगति की उड़ान
इस अवधि की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले गंगा एक्सप्रेसवे व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का लोकार्पण रहा। मेरठ से प्रयागराज तक प्रदेश को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। वहीं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर से भी प्रगति की उड़ान हुई। एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान पहली फ्लाइट में बैठकर लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद भी किया। 

शिक्षा और तकनीक पर विशेष जोर
योगी सरकार ने नई शिक्षा नीति के अनुरूप आधुनिक तकनीकी शिक्षा को भी प्राथमिकता दी। गोरखपुर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की गई, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और थ्री-डी प्रिंटिंग जैसे भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुजफ्फरनगर में भी सेंटर ऑफ इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग की स्थापना के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ विस्तार
योगी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी अनेक परियोजनाओं की शुरुआत की। ललितपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित स्वास्थ्य अवसंरचना से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। विभिन्न जिलों में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

उद्योग और निवेश को नई ऊर्जा
ललितपुर में 1,500 एकड़ में उत्तर प्रदेश का पहला फार्मा पार्क विकसित करने की घोषणा राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं विभिन्न जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक सुविधाओं और कनेक्टिविटी परियोजनाओं के माध्यम से निवेश के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को मिला बढ़ावा
प्रदेश सरकार पर्यटन विकास को भी प्राथमिकता दे रही। संतकबीर नगर में तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर, बाबा बैजूनाथ धाम के विकास और बखिरा झील को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई। महोबा को एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। इसके साथ ही प्रदेशभर में इको टूरिज्म को लेकर भी बड़े स्तर पर काम चल रहा है।

खेल और शहरी सुविधाओं का विस्तार
गोरखपुर में लगभग 393 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया गया, जिसमें 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। वहीं नगर निगमों में आधुनिक सदन भवन, मल्टीलेवल पार्किंग, टू-लेन ब्रिज, ईको पार्क और अन्य शहरी सुविधाओं के विकास से नागरिक जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया।

सामाजिक समरसता और जनकल्याण को भी प्राथमिकता
लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू परिवारों, पीलीभीत में हजारों बंगाली परिवारों को नागरिकता और भूमि अधिकार पत्र वितरित किए गए। इस तरह प्रदेश में कई अवसरों पर लोगों को नियुक्ति पत्र व अन्य सुविधाओं से जुड़े पत्र भी वितरित किए गए। वहीं श्रमिक कल्याण योजनाओं, कल्याण मंडपम और अन्य जनसुविधाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव
इसी तरह रामपुर, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, उन्नाव, आजमगढ़, कुशीनगर, गोंडा, बलरामपुर, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, ललितपुर और अन्य जिलों में सैकड़ों विकास परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जिस गति से हजारों विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ, उससे स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में विकास अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर तेजी से क्रियान्वित हो रहा है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, खेल और शहरी विकास जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में एक साथ हो रहे निवेश प्रदेश को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं।

एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ स्वयं लोकार्पण और शिलान्यास से जुड़ी सभी परियोजनाओं को निगरानी करते आ रहे हैं। वहीं एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर, फार्मा पार्क और औद्योगिक क्लस्टर जैसी आधारभूत परियोजनाओं के साथ निवेश को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कृषि, एमएसएमई, पर्यटन, डिजिटल अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र को नई गति दी जा रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने, रोजगार सृजन, कौशल विकास और बेहतर कानून-व्यवस्था के माध्यम से उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य तेज आर्थिक विकास के साथ प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है।

सीएम योगी द्वारा अप्रैल, मई-जून में किए गए प्रमुख लोकार्पण व शिलान्यास

अप्रैल- 
5 अप्रैल: गोरखपुर-बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स के साथ घंटाघर के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण 
7 अप्रैल: आगरा में 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। साथ ही ग्रेटर आगरा टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की।
11 अप्रैल: लखीमपुर खीरी की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की 817 करोड़ की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
11 अप्रैल: लखीमपुर खीरी में ही बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदु परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र दिया और 417 करोड़ की 231 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
13 अप्रैल: आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जनभवन के नए भवन का शुभारंभ किया। इसकी लागत करीब 5.17 करोड़ रुपये है। 
13 अप्रैल: मुजफ्फरनगर में 951 करोड़ रुपये की 423 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इन योजनाओं में ‘सेंटर ऑफ इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। यहां युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और 3-डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
15 अप्रैल: टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के साथ गोरखपुर में महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण किया। यह 50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हुआ है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कांप्लेक्स में ड्रोन टेक्नोलाजी एंड 3डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलाजी, साइबर सिक्युरिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन टेक्नोलाजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग समेत एकीकृत पाठ्यक्रम संचालित होंगे।
23 अप्रैल: गोरखपुर में राप्ती नदी के एकला बंधा पर लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क, नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क सहित विकास की 1055 करोड़ रुपये की 497 विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
29 अप्रैल: हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में सीएम योगी ने गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत का यह मेगा प्रोजेक्ट मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है।

मई- 
1 मई: लखनऊ में श्रमवीर गौरव समारोह 2026 और श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास किया।
5 मई: तारामंडल में वाटर बॉडी पर बने टू लेन ब्रिज का लोकार्पण किया। इसकी लागत 14 करोड़ रुपये से अधिक है।
5 मई: गोरखपुर में 612.32 करोड़ रुपये की 71 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के लिए 'कल्याण मंडपम' का लोकार्पण भी शामिल है, ताकि आम जनता को कम खर्च पर मांगलिक आयोजनों के लिए भव्य जगह मिल सके।
7 मई: सहारनपुर में 2131 करोड़ रुपये की 325 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। 
15 मई: महराजगंज के नौतनवां में 208 करोड़ की 79 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इससे सड़क, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी।
16 मई: गोरखपुर में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी संग अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इसकी लागत करीब 393 करोड़ रुपये होगी। इस विश्वस्तीय स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी।
22 मई: देवरिया में 655 करोड़ की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इसमें बिहार तक जुड़ने वाला फोर लेन मार्ग भी शामिल है। साथ ही इस परियोजनाओं के जरिए स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढ़ाचे को मजबूत किया जाना है।
26 मई: लखनऊ नगर निगम की 413 करोड़ की 342 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
26 मई: प्रयागराज में नगर निगम के नवनिर्मित सदन हॉल व विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इनकी लागत 400 करोड़ रुपये से अधिक है।
29 मई: मऊ को 392 करोड़ की 114 परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें सड़क, आधारभूत ढांचा, जनकल्याण और अन्य विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
30 मई: लखनऊ में नौसेना शौर्य संग्रहालय का लोकार्पण किया।

जून  
2 जून: कुशीनगर में 424 करोड़ रुपये की 278 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
5 जून: बलरामपुर में 294 करोड़ रुपये की 75 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
6 जून: गोंडा में 516 करोड़ रुपये की 262 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
13 जून: आजमगढ़ में 955 करोड़ रुपये की 39 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
13 जून: गोरखपुर में 295 करोड़ रुपये की 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
14 जून: गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। 
18 जून: उन्नाव में 570 करोड़ रुपये की विकास 101 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। 
20 जून: ललितपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज समेत 1,766 करोड़ रुपये की 221 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ललितपुर में 1500 एकड़ में यूपी का पहला फार्मा पार्क भी बनेगा।
21 जून: हमीरपुर में 636 करोड़ रुपये से अधिक की 75 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
21 जून: महोबा में 697 करोड़ रुपये से अधिक की 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। सीएम योगी ने कहा कि जिले को एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
22 जून: अलीगढ़ में 462 करोड़ रुपये की 85 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
22 जून: फिरोजाबाद में 658 करोड़ रुपये की 81 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
25 जून: संतकबीर नगर में 475 करोड़ रुपये की 139 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। यहां सीएम योगी ने तामेश्वरनाथ धाम को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की बात कही। बताया कि बाबा बैजूनाथ धाम सहित क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण पर भी कार्य प्रस्तावित है। साथ ही बखिरा झील को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी बताई।
26 जून: देवरिया में 456.38 करोड़ रुपये की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इसमें सड़क, पुल, बाढ़ नियंत्रण, शिक्षा और नगर विकास से जुड़ी योजनाएं सम्मलित हैं।
28 जून: हाथरस में 548 करोड़ रुपये की 143 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
29 जून: मुरादाबाद में 365 करोड़ रुपये से अधिक की 63 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।
29 जून: पीलीभीत में 569 करोड़ रुपये से अधिक की 66 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। साथ ही 2500 बंगाली परिवारों को नागरिकता एवं भूमि अधिकार पत्र वितरित किए।
30 जून: रामपुर में 690 करोड़ रुपये की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया।

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हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
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