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CM का बड़ा फैसला: संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर मिली खुशखबरी

भोपाल
 मध्यप्रदेश के लाखों संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राजधानी भोपाल में आयोजित संविदा कर्मचारियों के विशाल महासम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नियमितीकरण को लेकर बड़ा और अहम ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार एक विशेष समिति का गठन करेगी, जो उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।

सरकार को संविदा कर्मियों की जरूरत, जैसे श्रीराम को हनुमान की

30 जनवरी को न्यू दशहरा मैदान में आयोजित इस महासम्मेलन में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने संविदा कर्मचारियों की भूमिका को सरकार की रीढ़ बताते हुए कहा सरकार की हर योजना को जमीन पर उतारने में संविदा कर्मचारियों का सबसे बड़ा योगदान है। सरकार को संविदा कर्मियों की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी श्रीराम को हनुमान की थी। मुख्यमंत्री के इस बयान पर सम्मेलन स्थल पर मौजूद हजारों कर्मचारियों ने तालियों के साथ स्वागत किया।

संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर हुआ महासम्मेलन

इस महासम्मेलन का आयोजन संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के संयुक्त आवाहन पर किया गया। कार्यक्रम के आयोजकों में प्रदेश संयोजक दिनेश तोमर, डी. के. उपाध्याय, महामंत्री सजल भार्गव,अभय वाजपेई, सुरेन्द्र रघुवंशी, संस्थापक प्रांताध्यक्ष के. के. शर्मा एवं अरविंद यादव शामिल रहे। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि यह सम्मेलन संविदा कर्मचारियों के वर्षों पुराने संघर्ष को नई दिशा देने का काम करेगा।

सभी विभागों से उमड़ा संविदा कर्मियों का सैलाब

संविदा संयुक्त मंच के जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार उपाध्याय ने बताया कि महासम्मेलन में प्रदेशभर से हजारों संविदा अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। इनमें सर्व शिक्षा अभियान, स्वास्थ्य विभाग, आजीविका मिशन, मनरेगा, महिला एवं बाल विकास, वाटरशेड, कृषि विभाग सहित शासन की लगभग सभी योजनाओं और विभागों के संविदा कर्मी मौजूद रहे।

ऐतिहासिक फैसलों की उम्मीद

मंच का दावा है कि इतनी बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों की एकजुटता सरकार को नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और स्थायित्व जैसे मुद्दों पर ऐतिहासिक और सकारात्मक निर्णय लेने के लिए मजबूर करेगी।

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