samacharsecretary.com

वनडे क्रिकेट में कोच को मिल सकती है मैदान में एंट्री, ICC की बैठक में होगा फैसला

 नई दिल्ली

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) खेल के नियमों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। ये फैसला 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली आईसीसी की बैठक के बाद लिया जा सकता है। आईसीसी समय-समय पर क्रिकेट के नियमों में बदलाव करती है और ऐसे में अब वनडे और टी20 क्रिकेट के नियम में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।

सबसे बड़ा बदलाव ये हो सकता है कि एक ही फॉर्मेट में अलग-अलग रंग की गेंदों का इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल इन सभी नियमों को लेकर विचार चल रहा है और इस पर विस्तृत चर्चा के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। वनडे क्रिकेट में हेड कोच को लेकर भी कुछ नियम बदले जा सकते हैं, जबकि टी20 में पारी के ब्रेक के समय में भी कटौती की जा सकती है।

हेड कोच को लेकर नियमों में हो सकते हैं बदलाव
क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक हेड कोच को लेकर वनडे क्रिकेट में नए नियम बनाए जा सकते हैं। मौजूदा नियमों के मुताबिक मुख्य कोच को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान में जाने की अनुमति नहीं होती है। सब्सीट्यूट प्लेयर्स को ही मैदान में जाने दिया जाता है। अब इसमें बदलाव किया जा सकता है और रणनीति बनाने के लिहाज से कोच को मैदान में एंट्री की अनुमति दी जा सकती है। अभी तक के रूल के हिसाब से जब कोई खिलाड़ी ड्रिंक लेकर मैदान में आता है, तो उसे एक खास तरह की जर्सी पहननी होती है। हालांकि, अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि कोच को भी ऐसा करना होगा या नहीं।

वनडे क्रिकेट में एक पारी के दौरान दो बार ड्रिंक्स ब्रेक की अनुमति होती है। प्रत्येक ब्रेक 1 घंटे 10 मिनट के अंतराल पर लिए जाते हैं। अब कोच को इस दौरान मैदान पर जाने की अनुमति दी जा सकती है। वहीं टी20 क्रिकेट में ये अनुमति पहले से ही है और ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान रणनीति बनाने के लिए मैदान के अंदर जाते हैं।

टी20 के नियमों में भी हो सकते हैं बदलाव
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के नियमों में भी बदलाव हो सकते हैं। इस समय टी20 में एक पारी के बाद 20 मिनट का ब्रेक होता है। अब इसे बदलने पर आईसीसी विचार कर रहा है। इसको 20 से घटाकर 15 मिनट किया जा सकता है।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here