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रेलवे ओवरब्रिज, आईटी बिल्डिंग, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित कई परियोजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

रायपुर  वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने आज नवा रायपुर में संचालित महत्वपूर्ण विकास कार्यों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।           वित्त मंत्री ने रेलवे ओवर ब्रिज,  प्रवासी पक्षियों के लिए नेस्टिंग आइलैंड, सेक्टर-10 की सड़के, कार्यरत महिलाओं हेतु हॉस्टल, पीपल गार्डन शहरी वन (पीपल कुंज), सीबीडी आईटी बिल्डिंग,  कम्पोजिट आयोग भवन, एनटीपीसी कार्यालय एवं ऑडिटोरियम भवन, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स,  फेयर ग्राउंड स्टेशन, श्रमिक कैंप सहित विभिन्न अधोसंरचना परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण किया।            निरीक्षण के दौरान  चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए सभी अधोसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।           वित्त मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से नवा रायपुर में यातायात सुगम होगा, खेल अधोसंरचना मजबूत होगी और डिजिटल व प्रशासनिक सेवाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी। इस दौरान नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ  चंदन कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे l

रक्षा उत्पाद की 3 एमएसएमई इकाइयों ने डिफेंस टेक भारत 2026” में किया मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व

भोपाल  मध्यप्रदेश की रक्षा उत्पाद से जुड़ी 3 एमएसएमई इकाइयों ने बेंगलुरु में संपन्न हुए तीन दिवसीय डिफेंस टेक भारत “Def-Tech Bharat 2026” में सहभागिता कर मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रयासों को प्रदर्शित किया। उद्योग आयुक्त  दिलीप कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा सहभागी इकाईयों को प्रदर्शनी में स्टॉल सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की इकाइयों को अपने उत्पादों एवं तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करने के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में नए व्यावसायिक अवसरों एवं संभावित साझेदारियों से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। फेस्टिवल में शामिल प्रतिभागियों ने मध्यप्रदेश की प्रस्तुतियों की सराहना भी की।  

उत्पादन प्रदर्शन, कोयला गुणवत्ता प्रबंधन की सराहना की

भोपाल  भारत सरकार के विद्युत सचिव  पंकज अग्रवाल ने संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्युत गृह की विद्युत उत्पादन क्षमता, संचालन दक्षता व कोयला लोडिंग, सैंपलिंग एवं परीक्षण प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। उन्होंने उत्पादन उपलब्धियों एवं परिचालन प्रणाली की सराहना करते हुए इसे विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का उदाहरण बताया।  पंकज अग्रवाल ने मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की समीक्षा बैठक कर संयंत्र में कोयले की गुणवत्ता, आपूर्ति प्रक्रिया तथा परीक्षण तंत्र को विस्तार से समझा एवं अभियंताओं से इस संबंध में व्यावहारिक अनुभव और चुनौतियों की जानकारी प्राप्त की। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक  सिंह ने विद्युत सचिव को कोयले की लोडिंग, अनलोडिंग, सैंपलिंग एवं परीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया का विस्तृत प्रस्तुति‍करण दिया। कोयला की गुणवत्ता के समाधान का आश्वासन कोयले की गुणवत्ता एवं ग्रेड विभेद से संबंधित चुनौतियों को गंभीरता से सुनकर उन्होंने इस दिशा में सकारात्मक एवं व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कंपनी द्वारा अपनाई गई फ्लाई ऐश प्रबंधन एवं निस्तारण व्यवस्था की विशेष सराहना की तथा विशेष रूप से  सिंगाजी ताप विद्युत गृह में विकसित प्रणाली को इस क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल बताया। विद्युत उत्पादन यूनिट के बेहतर प्रदर्शन को बताया सराहनीय  अग्रवाल ने कंपनी के विद्युत उत्पादन प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की उत्पादन इकाइयाँ उच्च दक्षता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं, जो सराहनीय है। उत्पादन क्षमता के साथ गुणवत्ता आधारित संचालन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में कंपनी के प्रयास उल्लेखनीय हैं। बिरसिंगपुर परिसर के पर्यावरण को सराहा केन्द्रीय विद्युत सचिव  अग्रवाल व पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक सहित उपस्थित वरिष्ठ अभियंताओं द्वारा विद्युत गृह परिसर में वृक्षारोपण किया गया।  अग्रवाल ने संजय गांधी ताप विद्युत गृह परिसर में विकसित हरित वातावरण, स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे सतत् एवं उत्तरदायी औद्योगिक संचालन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंगरौली में बस से पहुंचे कार्यक्रम स्थल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सादगी से जनसेवा की एक अलग मिसाल पेश की। सिंगरौली की धरा पर उतरते ही मुख्यमंत्री ने मितव्ययिता के जरिए जनसेवा का अटल संकल्प व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ एक टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल (एनसीएल ग्राउंड) पहुंचे। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सादगी, जनसरोकार और संसाधनों के संयमित एवं समुचित उपयोग के संदेश को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री अपने कारकेड और विशेष काफिले के बजाय टूरिस्ट बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जिससे उनकी सादगीपूर्ण और जनसामान्य से जुड़ी कार्यशैली की झलक मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ बस में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री मती संपतिया उइके, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री मती राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सिंगरौली  रामनिवास शाह, विधायक देवसर  राजेंद्र मेश्राम, विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम, विधायक सिंहावल  विश्वामित्र पाठक तथा मध्यप्रदेश गृह एवं अधोसंरचना निर्माण मंडल के अध्यक्ष  ओम जैन भी मौजूद थे। साथ ही सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  वीरेंद्र गोयल, नगर निगम अध्यक्ष  देवेश पाण्डेय, जनप्रतिनिधि  कांतदेव सिंह एवं  सुंदरलाल शाह भी बस में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सरल और सहज अंदाज नागरिकों को भा गया। बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया कि जनप्रतिनिधियों की पहचान केवल पद और प्रोटोकॉल से नहीं, बल्कि जनता से जुड़ाव, सादगी और सेवा भावना से होती है। मुख्यमंत्री का यह कदम प्रधानमंत्री  मोदी के उस मितव्ययितापूर्ण दृष्टिकोण को भी प्रतिबिंबित करती है, जिसमें जनप्रतिनिधियों को सादगी, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों के साथ काम करने की प्रेरणा दी जाती है।    

बेहतर विभागीय समन्वय से कार्यों में लाएं तेजी : सचिव बंसल

रायपुर.  लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज मुंगेली जिले का दौरा कर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में उतरकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।  बंसल ने निर्माणाधीन लोरमी बायपास सड़क का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को इसे समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।     विभागीय सचिव ने मुंगेली सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने नगरीय निकायों तथा अन्य विभागों से समन्वय के साथ सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब सड़कों में पैच-वर्क कराने भी कहा।  बंसल ने सुगम यातायात को शासन की प्राथमिकता बताते हुए गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार कर तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  मुंगेली के कलेक्टर  कुन्दन कुमार, डीएफओ  अभिनव कुमार, जिला पंचायत के सीईओ  प्रभाकर पाण्डेय, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  आर.के. रात्रे, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के  मुख्य अभियंता  ज्ञानेश्वर कश्यप,  अधीक्षण अभियंता  के.पी. संत, कार्यपालन अभियंता सर्व शरद सतपथी, आर.के. खामरा और  नीतिश तिवारी भी बैठक में मौजूद थे।

“वसुधैव कुटुंबकम्” भारत की आत्मा – विश्व हमारे लिए बाजार नहीं, बल्कि एक परिवार है

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स केवल वित्तीय विशेषज्ञ नहीं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति, पारदर्शिता एवं सुशासन के सशक्त स्तंभ हैं। भारतीय परम्परा में अर्थव्यवस्था का चिंतन केवल लाभ और उपभोग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह नैतिकता, लोककल्याण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित एक व्यापक दार्शनिक दृष्टि का प्रतिनिधित्व करता है। “शुभ-लाभ” भारतीय अर्थचिंतन का मूल दर्शन है, जिसमें कमाई ईमानदारी, सदाचार और कर्तव्यनिष्ठा से हो तथा उसका उपयोग समाजोपयोगी कार्यों एवं लोककल्याण के लिए किया जाए। मंत्री  परमार शनिवार को, भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) द्वारा आयोजित दीक्षांत समारोह में नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण “वसुधैव कुटुम्बकम्” का है, जहाँ दुनिया केवल बाजार नहीं, बल्कि आत्मीयता, सहअस्तित्व और मानवता से जुड़ा एक परिवार है। भारत की यही सांस्कृतिक चेतना, हमें विश्वमंच पर पुनः सिरमौर बनने की संकल्पना को साकार करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने नव-योग्य सीए विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, क्षमता एवं कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखते हुए समाज, राष्ट्र एवं मानवता के कल्याण के लिए समर्पित करने का आह्वान किया। मंत्री  परमार ने युवाओं से जीवन को समाजोपयोगी बनाते हुए राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज देश को ऐसे युवा पेशेवरों की आवश्यकता है, जो नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता एवं राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभाएँ। मंत्री  परमार ने सभी नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को उज्ज्वल एवं सफल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य सीए अभय छाजेड़ ने भी नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, प्रोफेशन में उपलब्ध नई संभावनाओं तथा बदलते समय के साथ निरंतर सीखते रहने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को प्रोफेशन में उत्कृष्टता प्राप्त करने एवं ICAI की गरिमा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। दीक्षांत समारोह में भोपाल शाखा के लगभग 80 नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने अपने अभिभावकों के साथ सहभागिता कर उपाधि एवं प्रमाण-पत्र प्राप्त किए। इस अवसर पर भोपाल शाखा के अध्यक्ष सीए आदित्य वास्तव, सचिव सीए अभिषेक जैन, पूर्व अध्यक्ष, पूर्व सचिव, वरिष्ठ सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय दीक्षांत समारोह में देशभर के 10 हजार 390 नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने एक साथ सहभागिता की। यह समारोह केंद्रीय स्तर पर आयोजित किया गया, जिसमें देश की विभिन्न शाखाओं ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। भोपाल शाखा को पहली बार इस गौरवपूर्ण आयोजन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ।

निर्माण कार्यों में देरी पर जताई नाराजगी, संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी करने के निर्देश

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज कबीरधाम जिले में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य मार्ग के साथ बायपास मार्ग का भी अवलोकन किया तथा अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। सचिव  बंसल ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने जिन स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।  बंसल ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण के सभी मापदंडों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा प्रत्येक चरण में तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में पहुंचकर निरीक्षण करने व गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। फील्ड निरीक्षण से पहले लोक निर्माण विभाग के सचिव ने कवर्धा सर्किट हाउस में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा सेतु संभाग के अधिकारियों के साथ कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान कवर्धा जिले में चल रहे भवनों, सड़कों एवं पुलों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा कर सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिन परियोजनाओं में लंबे समय से प्रगति नहीं हुई है या कार्य प्रारंभ करने में अनावश्यक देरी हो रही है, उन मामलों में संबंधित एजेंसियों एवं जिम्मेदार पक्षों को नोटिस जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिव  बंसल ने सड़क निर्माण या अन्य प्रस्तावित विकास कार्यों में संबंधित अधिकारियों को पहले स्थल का निरीक्षण कर तकनीकी जांच व अन्य सभी आवश्यक पहलुओं का परीक्षण करने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। यदि किसी निर्माण कार्य में तकनीकी बाधा, स्थल संबंधी समस्या या अन्य कठिनाई आ रही हो तो उसकी जानकारी तत्काल वरिष्ठ स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। इससे समस्या का निराकरण कर कार्यों की प्रगति को प्रभावित होने से बचाया जा सकता है। कवर्धा के कलेक्टर  गोपाल वर्मा, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  व्ही.के. भतपहरी, दुरेग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  नागेश जयंत, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता  ज्ञानेश्वर कश्यप और कवर्धा संभाग के कार्यपालन अभियंता  रंजीत घाडगे भी मौजूद थे।

“राइजिंग मध्यप्रदेश” के विजन के साथ निवेश, नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर हो रहे सृजित : मंत्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश आज उद्योग, कृषि, तकनीक एवं ऊर्जा के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। “राइजिंग मध्यप्रदेश” के विजन के साथ प्रदेश में निवेश, नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। मंत्री  परमार शनिवार को गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन एवं भारतीय मीडिया एंड इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान में भोपाल स्थित एम.एस.एम.ई. एग्जीबिशन सेंटर, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय “तृतीय संस्करण इंडिया इंडस्ट्रियल मशीनरी एंड टूल्स एक्सपो–2026” तथा “भारत सोलर एंड ईवी एक्सपो–2026” के द्वितीय दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मंत्री  परमार ने प्रदर्शनी में लगी विभिन्न औद्योगिक मशीनरी, आधुनिक उपकरणों, सोलर तकनीक एवं ईवी सेक्टर से संबंधित स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से तकनीकी नवाचार, उत्पादन क्षमता, आधुनिक मशीनरी तथा औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री  परमार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश में औद्योगिक विकास, तकनीकी उन्नयन, नवाचार एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प एवं मुख्यमंत्री डॉ.यादव के औद्योगिक विकास के विजन को साकार करने की दिशा में ऐसे एक्सपो प्रभावी मंच सिद्ध हो रहे हैं, जो प्रदेश में तकनीकी विकास, औद्योगिक निवेश एवं रोजगार की संभावनाओं को और अधिक सशक्त बनाएंगे। कार्यक्रम में गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष  विजय गौड़ एवं भारतीय मीडिया एंड इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर  भारत बालियान द्वारा मंत्री  इन्दर सिंह परमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह प्रदर्शनी 22 से 24 मई तक आयोजित है, जिसमें देशभर की अनेक औद्योगिक, मशीनरी, सोलर एवं ईवी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियाँ सहभागिता कर रही हैं।  

प्याज के गिरते दामों से नाराज किसान, बोरियों को दी श्रद्धांजलि

पिपलियामंडी लगातार गिरते प्याज के दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी हैं। मेहनत, लागत और महीनों की देखभाल के बाद भी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। आक्रोश के बीच शनिवार को मल्हारगढ़ ब्लाक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बालागुड़ा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्याज उत्पादक किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि खेती अब फायदे का नहीं बल्कि घाटे का सौदा बन चुकी हैं। किसानों ने प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करते हुए प्याज पर माला चढ़ाकर और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। किसानों का कहना था कि जिस प्याज की फसल से उन्हें परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद थी, वहीं अब उनके लिए परेशानी और कर्ज का कारण बन गई हैं। किसान सुनील बद्रीलाल पाटीदार ने बताया कि उन्होंने करीब 2 बीघा जमीन में प्याज की खेती की थी। अच्छी मेहनत और देखभाल के बाद करीब 150 क्विंटल प्याज का उत्पादन हुआ, लेकिन वर्तमान बाजार भाव किसानों के लिए किसी सदमे से कम नहीं हैं। खेती में खाद, बीज, मजदूरी, सिंचाई, निराई-गुड़ाई और कटाई सहित लगभग 1 लाख 20 हजार रुपए का खर्च आया हैं। इसके बावजूद मंडियों में प्याज के भाव मात्र 200 से 500 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि मंडी तक प्याज ले जाने का भाड़ा तक नहीं निकल रहा। मल्हारगढ़ ब्लाक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार एक तरफ ‘किसान कल्याण वर्ष’ मनाने की बात कर रही हैं, जबकि दूसरी ओर किसान बदहाली और आर्थिक संकट से जूझ रहा हैं। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं किसान तुलसीराम पाटीदार ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही हैं। खेती में दिन-रात मेहनत करने और लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही हैं। किसान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दिनेश पाटीदार ने कहा कि वर्तमान समय में सबसे ज्यादा परेशान और दुखी देश का अन्नदाता किसान हैं। बालागुड़ा क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान प्याज की खेती करते हैं और अच्छी फसल की उम्मीद में भारी निवेश करते हैं, लेकिन लगातार गिरते दामों ने किसानों की कमर तोड़ दी हैं। किसानों और कांग्रेस नेताओं ने प्याज पर माला चढ़ाकर तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मंडलम अध्यक्ष परमानंद पाटीदार, प्रहलाद पाटीदार, सुनील पाटीदार, लक्ष्मीनारायण पाटीदार, जयशंकर भोला भाई, निलेश पाटीदार, अंशुल पाटीदार, पवन पाटीदार आदि उपस्थित थे।  

विंध्य औद्योगिक और पर्यटन विकास की नई कहानी लिख रहा, इसका केंद्र बिन्दु है सिंगरौली विंध्य अब बन रहा है रिन्यूएबल एनर्जी का हब

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब, युवा, नारी और किसान हमारी प्राथमिकता है। गरीबों का कल्याण, बहनों का सम्मान, युवाओं को अवसर और किसानों के हित में जो भी मदद संभव होगी, हम वो सब करेंगे। मध्यप्रदेश में 89 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में जुलाई 2023 से मात्र 450 रुपये में बहनों को निरंतर घरेलू गैस सिलेण्डर दिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मई के महीने में प्रदेश की बहनों को डबल सौगात मिली है। इसी माह 13 तारीख को प्रदेश की सवा करोड़ बहनों के खातों में लाड़ली बहना के 1500-1500 रुपये पहुंचे है और आज (23 मई को) गैस सिलेंडर भरवाने की सब्सिडी राशि भी उन्हें मिल रही है। वृद्धजनों के सम्मान में भी सरकार ने कभी कोई कमी नहीं की। इसी कार्यक्रम के जरिये प्रदेश के 33 लाख 71 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को अप्रैल माह की 202 करोड़ 26 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सिंगरौली नगर के एनसीएल ग्राउण्ड में महिलाओं को गैस रिफिलिंग सब्सिडी एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि वितरण तथा विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन के राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से पात्रतानुसार राशि का अंतरण संबंधित हितग्राहियों के खातों में किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार अंत्योदय और विकास के पथ पर अभूतपूर्व कार्य कर रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण और गांवों की गली-गली का विकास ही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा किआज यदि हमारा विंध्य क्षेत्र प्रगति, उन्नति, पर्यटन और आधुनिक अधोसंरचनाओं के विकास की नई कहानी लिख रहा है, तो इसका केंद्र बिन्दु सिंगरौली ही है। उन्होंने कहा कि विंघ्य अब रिन्यूएबल एनर्जी का भी हब बन रहा है। रीवा जिले में एशिया के सबसे बड़े सोलर पार्क का प्लांट बना है। जल्द ही यह क्षेत्र एनर्जी-इंडस्ट्री-स्पिरिचुअल कॉरिडोर के रूप में उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जाधानी सिंगरौली पूरे देश की ऊर्जा शक्ति का मजबूत आधार बन चुका है। सिंगरौली मध्यप्रदेश का पॉवर हाउस है। यह प्रदेश का ग्रोथ सेन्टर भी है। इसके विकास के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला किंग सिंगरौली अब गोल्ड सिटी बनने जा रही है। सिंगरौली में प्रदेश के पहले चकरिया गोल्ड ब्लॉक के लिए अनुबंध हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली गौरव दिवस की पूर्व संध्या अवसर पर पूरे जिले को 552 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत वाले 71 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी। सिंगरौली जिले का गठन 24 मई 2008 को किया गया था। यह राज्य का 50वां जिला है। इसका जिला मुख्यालय वैढ़न (बैढ़न) में स्थित है। मुख्यमंत्री ने यहां 486 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से 50 विकास कार्यों का भूमि पूजन तथा 65 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से 21 नवनिर्मित विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें सीएसआर के तहत 19 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत वाले 4 विकास कार्यों (सिंगरौली में 13.30 करोड़ से स्पोर्टस काम्प्लेक्स के निर्माण सहित) का भूमि पूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने मंच से शासन की विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ दिव्यांग भाई-बहनों को ट्राय सायकिल देकर उनके जीवन में खुशियों का नया रंग भर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई विभिन्न मांगों के संबंध में कहा कि आपकी भावना ही हमारी भावना है। क्षेत्र के विकास के लिए जो भी मांग की गई है, वे सभी पूरी की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी अलग ही पहचान बना रहा है। मध्यप्रदेश भी इस विकास यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के कल्याण के लिए प्रदेश के खजाने में कोई कमी नहीं है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की बहनें समृद्ध हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल बचाना हमारी जरूरत है। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण का महाभियान चल रहा है। सोमवार, 25 मई को प्रदेशव्यापी गंगा दशहरा महोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस दिन प्रदेश के हर गांव-शहर में शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधि, आमजन सब एक साथ मिल-जुलकर पुराने जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए कार्य करेंगे। कार्यक्रम में सरकार के तीन माह तक लगातार चल रहे 'जल गंगा संवर्धन अभियान' पर केन्द्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सिंगरौली जिले के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगरौली को रेल, सड़क और हवाई मार्ग की सौगातें मिली हैं। एक दौर में यहां की जनता आवागमन के लिए परेशान होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की एमपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में सिंगरौली जिले के 5 विद्यार्थियों ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संभावनाओं की धरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली जिले के 4 सांदीपनि विद्यालयों में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 90.14 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं का 89.14 प्रतिशत आया है। यह भगवान कृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के नाम पर प्रदेश में विद्यालय खोलने का सरकार को मिला इनाम है। भगवान कृष्ण ने महाभारत में कर्मवाद के सिद्धांत पर पवित्र गीता का संदेश दिया। भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग हम सभी को मित्रता की महत्ता बताता है। राज्य सरकार प्रदेशभर में गीता भवनों का निर्माण कर रही है। गांवों की समृद्धि के लिए बिजली और पानी के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में सबसे पहले नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है। किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। देश की आजादी के बाद के 55 साल तक प्रदेश में बिजली का उत्पादन सिर्फ 5000 मेगावाट हुआ करता था। लेकिन बीते 20 सालों में … Read more