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‘खतरों के खिलाड़ी 15’ से बाहर हुए ओरी? इमोशनल पोस्ट से बढ़ी अटकलें

बॉलीवुड सितारों के चहेते दोस्त और मशहूर सोशल मीडिया पर्सनैलिटी ओरी एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. वह इन दिनों स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं. हमेशा अपने मजेदार और फनी पोस्ट से लोगों को हंसाने वाले ओरी ने इस बार अपने इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसा शेयर कर दिया है, जिसे देखकर उनके फैंस काफी परेशान और भावुक हो गए हैं. इस पोस्ट के बाद से ही शो में उनके टिकने पर सवाल उठने लगे हैं. ओरी ने पोस्ट में क्या लिखा ? ओरी ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर एक नई तस्वीर शेयर की है. इस ग्रुप फोटो में वह ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के बाकी सभी कंटेस्टेंट्स के साथ पोज देते हुए नजर आ रहे हैं. इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए ओरी ने एक बेहद इमोशनल मैसेज लिखा है. उन्होंने लिखा, इतने प्यारे लोग, इतनी खूबसूरत यादें… मैं आप सभी को बहुत याद करूंगा. इस इमोशनल पोस्ट के साथ उन्होंने हैशटैग ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का भी इस्तेमाल किया है. बिना जैकेट के दिखे ओरी ओरी की इस पोस्ट ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है. फैंस ने इस तस्वीर में एक बहुत बड़ी बात नोटिस की है. दरअसल, ग्रुप फोटो में बाकी सभी कंटेस्टेंट्स शो की ऑफिशियल ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ वाली जैकेट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ओरी उस जैकेट में नजर नहीं आ रहे हैं. इस बात को देखने के बाद और ओरी के इमोशनल मैसेज को पढ़कर सोशल मीडिया पर अटकलें तेज हो गई हैं कि ओरी शो से एविक्ट यानी बाहर हो चुके हैं और यह उनका फेयरवेल पोस्ट है. ओरी के इस पोस्ट की टाइमिंग और उनके लिखने के अंदाज ने फैंस के बीच खलबली मचा दी है. हालांकि, अभी तक न तो शो के मेकर्स की तरफ से और न ही खुद ओरी की तरफ से उनके शो से बाहर होने की कोई ऑफिशियल घोषणा की गई है. लेकिन इस एक पोस्ट ने आने वाले नए सीजन को लेकर दर्शकों की उत्सुकता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है.

विगत दो सप्ताह में प्रदेशभर में 4 करोड़ 7 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब, तस्करी में प्रयुक्त वाहन एवं अन्य सामग्री जब्‍त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बीते दो सप्ताह के दौरान विभिन्न जिलों में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ 7 लाख रुपए से अधिक की अवैध शराब, तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। साथ ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है। सागर जिले में मकरोनिया एवं यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अंग्रेजी शराब से भरे एक कंटेनर ट्रक को पकड़ा। पुलिस ने करीब 1500 पेटी अंग्रेजी शराब सहित लगभग 1 करोड़ 8 लाख रुपए की संपत्ति जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा थाना पुलिस ने 2574 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और बोलेरो पिकअप सहित 27 लाख 74 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने 4859 लीटर अवैध देशी एवं अंग्रेजी शराब के साथ 9 चार पहिया और 5 दुपहिया वाहन जब्त किए, जिनकी कुल कीमत करीब 80 लाख 62 हजार रुपए आंकी गई है। इंदौर जिले की कनाडिया थाना पुलिस ने 340 पेटी बीयर यानी 4080 लीटर बीयर सहित लगभग 74 लाख 24 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। धार जिले के धामनोद थाना पुलिस ने ट्रक से 514 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद कर ट्रक सहित करीब 40 लाख 84 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। रतलाम पुलिस ने कंटेनर ट्रक से 5172 बल्क लीटर अवैध बीयर जब्त करते हुए लगभग 25 लाख 68 हजार रुपए की कार्रवाई की। आलीराजपुर जिले के आजादनगर और जोबट थाना पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में 120 पेटी अवैध शराब, 40 पेटी बीयर और 33 पेटी बीयर सहित करीब 15 लाख 97 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। मुरैना जिले की कोतवाली, माताबसैया और रिठौराकलां थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में अवैध देशी शराब और बोलेरो वाहन सहित लगभग 7 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। कटनी जिले में ऑपरेशन “शिकंजा” के तहत विजयराघवगढ़ पुलिस ने अवैध शराब और कार सहित करीब 6 लाख 39 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। डिंडोरी जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने 84.39 लीटर अवैध शराब, मोटरसाइकिल, मोबाइल और नगदी सहित 5 लाख 37 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं सीधी जिले के जमोड़ी थाना पुलिस ने बोलेरो वाहन से 25 पेटी बीयर सहित लगभग 5 लाख 75 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। दतिया जिले के अतरेटा थाना पुलिस ने 146 लीटर अवैध शराब और स्कॉर्पियो वाहन सहित करीब 4 लाख 61 हजार रुपए की कार्रवाई की। छतरपुर जिले में ईशानगर और जुझारनगर पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में अवैध शराब और कार सहित लगभग 1 लाख 70 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। सिंगरौली जिले के बरगवां थाना पुलिस ने स्विफ्ट डिजायर कार से 152 लीटर अवैध शराब जब्त कर करीब 1 लाख 81 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वहीं उज्जैन जिले की नागझिरी थाना पुलिस ने 312 क्वार्टर अवैध अंग्रेजी शराब और मोटरसाइकिल सहित 1 लाख 74 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। मध्यप्रदेश police का कहना है कि अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आमजन की सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा कठोर कार्रवाई निरंतर की जा रही है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली-जेवर RRTS से सफर होगा सुपरफास्ट

नोएडा  उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली को जेवर में बनने वाले आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है. इस हाई-स्पीड ट्रांजिट रूट से दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने और यात्रा का समय घटकर लगभग 21 मिनट रह जाने की उम्मीद है।  राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद, अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) को भेज दिया गया है. यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह कॉरिडोर NCR के तेजी से विकसित हो रहे ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।  प्रस्तावित दिल्ली-जेवर एयरपोर्ट RRTS कॉरिडोर के वर्तमान में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर चल रही 'नमो भारत' रैपिड रेल प्रणाली की तर्ज पर ही काम करने की उम्मीद है. इन ट्रेनों को अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिज़ाइन किया गया है और ये 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चल सकती हैं।  वर्तमान में, दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर भारत की एकमात्र चालू RRTS लाइन है. यह 82.15 किलोमीटर लंबा मार्ग दिल्ली के सराय काले खां को उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम से जोड़ता है और देश में क्षेत्रीय हाई-स्पीड शहरी परिवहन  का पहला उदाहरण है।  उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता के अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में एयरपोर्ट टर्मिनल पर एक समर्पित स्टेशन के माध्यम से दिल्ली-जेवर RRTS को आगामी दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल परियोजना से जोड़ने का भी प्रस्ताव दिया गया है. इस कदम से एक एकीकृत परिवहन नेटवर्क  तैयार हो सकता है, जो हवाई यात्रा को हाई-स्पीड रेल बुनियादी ढांचे से जोड़ेगा।  एयरपोर्ट कनेक्टिविटी यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उड़ान संचालन की तैयारी कर रहा है, जिसके 15 जून से शुरू होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल की शुरुआत में 28 मार्च को इस एयरपोर्ट परियोजना का उद्घाटन किया था।  अधिकारियों को उम्मीद है कि नया हवाई अड्डा उत्तर भारत में एक बड़े विमानन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा, जिससे यात्रियों और व्यवसायों के लिए कुशल कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी. एक्स (X) पर एक पोस्ट में, गुप्ता ने कहा कि एक उच्च स्तरीय बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के "समग्र और नियोजित विकास" की समीक्षा की गई, जिसमें जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।  मंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों को प्रभावित करने वाली कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए. इसके साथ ही, विभिन्न विभागों को पारदर्शिता में सुधार करने और स्थानीय निवासियों व किसानों के लिए मुआवजा तंत्र NOC की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश दिए गए।  जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विस्तार होने की भी उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र को प्रमुख परिवहन गलियारों से जोड़ा जा रहा है, जिनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे शामिल हैं. बैठक के दौरान इस क्षेत्र के लिए नियोजित कई औद्योगिक और विनिर्माण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जो इस पूरे इलाके को एक लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास हब में बदलने के सरकार के व्यापक विजन को रेखांकित करती है। 

तेल संकट की खबरों के बीच इंडियन ऑयल का बयान, जानें पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता पर क्या कहा

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने देश में पेट्रोल एवं डीजल की समग्र किल्लत से इनकार करते हुए शनिवार को कहा कि कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी होने से संबंधित खबरें 'बेहद स्थानीय' और अस्थायी प्रकृति की हैं जो क्षेत्रीय मांग-आपूर्ति असंतुलन और बिक्री के प्रारूप में बदलाव का नतीजा हैं। क्या कुछ कहा है IOC ने  आईओसी ने कहा कि कुछ पेट्रोल पंपों पर बढ़ी हुई मांग का कारण फसल कटाई के समय डीजल की खपत में मौसमी वृद्धि, अपेक्षाकृत अधिक कीमत वाले निजी पेट्रोल पंपों से ग्राहकों का सरकारी क्षेत्र के पंपों की तरफ स्थानांतरण और थोक ईंधन की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय दरों के अनुरूप वृद्धि के कारण संस्थागत खरीद में बढ़ोतरी है। पेट्रोल की बिक्री में हुआ इजाफा पब्लिक सेक्टर की कंपनी ने एक बयान में कहा कि एक से 22 मई के दौरान पेट्रोल की बिक्री में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि डीजल की बिक्री लगभग 18 प्रतिशत बढ़ी जो मांग में निरंतर और अत्यंत उच्च वृद्धि को दर्शाता है, जिसे वह देशभर में पूरा कर रही है। आईओसी ने कहा, "हम ग्राहकों और आम जनता को यह आश्वस्त करना चाहते हैं कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई समग्र किल्लत नहीं है। कुछ खुदरा केंद्रों पर देखी जा रही स्थिति अत्यंत स्थानीय और अस्थायी है, जो स्थानीय मांग-आपूर्ति असंतुलन तथा चुनिंदा क्षेत्रों में बिक्री प्रवृत्ति के पुनर्संतुलन के कारण उत्पन्न हुई है।" लगभग सभी पेट्रोल पंप पर तेल : IOC बयान के मुताबिक, आईओसी के 42,000 से अधिक पेट्रोल पंपों के नेटवर्क में बहुत ही कम जगहों पर आपूर्ति बाधित हुई है, जबकि अधिकांश पंपों पर भंडार और आपूर्ति सामान्य एवं पर्याप्त बनी हुई है। आईओसी ने कहा कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां देशभर में पर्याप्त ईंधन भंडार बनाए हुए हैं तथा अलग-अलग क्षेत्रों में उत्पन्न इन सीमित बाधाओं को दूर करने और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही हैं। आईओसी ने कहा, "मांग में इस निरंतर और अत्यंत उच्च वृद्धि के बावजूद इंडियन ऑयल देशभर में ग्राहकों की जरूरतों को लगातार पूरा कर रही है।" कंपनी ने उपभोक्ताओं से घबराकर खरीदारी से बचने की अपील करते हुए निर्बाध ईंधन उपलब्धता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। बयान में कहा गया, "इंडियन ऑयल अन्य तेल विपणन कंपनियों के साथ मिलकर देशभर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार एवं आपूर्ति बनाए हुए है।"

अब तक 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन हुआ, अभी भी जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक 13 लाख 10 हजार किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में नंबर-1 स्थान पर है। इस तरह से मध्यप्रदेश समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के मामले में सर्वाधिक किसानों को लाभांवित करने वाला राज्य है। यही नहीं अब तक लगभग 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन कर मध्यप्रदेश पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में सतत कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 की अवधि को छोड़कर विगत 10 वर्षों में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री कर रहे सतत मॉनिटरिंग मंत्री  राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन लक्ष्य को केन्द्र सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में हो रहे गेहूँ उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध जरूरी सुविधाओं का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। साथ ही किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूँ के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लाट बुक करा लिये हैं, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी है। किसानों को 20,680 करोड़ से अधिक का भुगतान किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 20,680.83 करोड़ रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिये तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया है। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया जा रहा है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिये पीने का पानी, बैठने के छायांदार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों को उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल काटें, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई।  

भजनलाल सरकार सख्त, सरकारी विदेश यात्राओं पर रोक और पेट्रोल-डीजल वाहनों को चरणबद्ध हटाने का निर्णय

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और खर्चों में कटौती को लेकर बड़ा फैसला लिया है. शनिवार को इस संबंध में वित्त विभाग ने एक विस्तृत आदेश जारी किया गया है. सरकार ने सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा, पेट्रोल-डीजल से चलने वाली सभी सरकारी गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का फैसला लिया है. इसके अलावा मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अनावश्यक वाहनों के उपयोग कम करने की सलाह दी गई है.  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया है        राजस्थान सरकार के अन्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने और सीमित संख्या में वाहन रखने की सलाह दी गई है.       सरकार ने पेट्रोल और डीजल चालित वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का भी निर्णय लिया है और संविदा पर लिए जाने वाले वाहनों में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.       इसके अलावा, एक ही गंतव्य पर जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कार पूलिंग अपनाने की सलाह दी गई है ताकि ईंधन की बचत हो सके और खर्चों में कमी आए.        सरकारी खर्चों में नियंत्रण के तहत सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने का भी फैसला किया गया है. ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने कई पहल की हैं. वित्त विभाग के आदेश के अनुसार प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत घरेलू सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी.        साथ ही राजकीय कार्यालयों में भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे बिजली खर्च में कमी लाई जा सके.       कृषि क्षेत्र में भी सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं, जहां उर्वरकों के संतुलित और आवश्यकता अनुसार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत सस्टेनेबल, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की लागत भी कम हो सके. इससे पहले शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कई बड़े प्रस्तावों पर मंजूरी दी, जिसमें पेंशन नियमों में बदलाव से लेकर नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 पर मुहर लगाना शामिल है. राजस्थान सरकार ने पेंशन नियमों (1996) में तीन बड़े बदलाव किए हैं. पेंशन को लेकर नए नियम के तहत दिव्यांग बच्चों को हर 3 साल में विकलांगता प्रमाण पत्र देने की बाध्यता खत्म कर दी गई है. अब केवल एक बार ही यह सर्टिफिकेट देना होगा. पेंशनर्स को अब मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी से सालाना जीवित प्रमाण पत्र (Life Certificate) देने की छूट होगी.

बहू ने निभाया रिश्ते का फर्ज, वृद्ध सास को पीठ पर ढोकर दिलाई पेंशन

अंबिकापुर सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत शुक्रवार को कुनिया के जंगलपारा की रहने वाली सुखमनिया अपनी 90 साल की सास सोनवारी को पीठ पर लादकर करीब तीन किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक पहुंची। यहां बैंक ने उसे तीन महीने की रुकी हुई पेंशन के 1500 रुपए दिए, जबकि खाते में चार महीने के कुल दो हजार रुपए जमा थे। स्वजन के अनुसार वृद्धा के दो पुत्र हैं जो काम करने चले जाते हैं। पेंशन नहीं मिलने के कारण परेशान बहू आखिरकार अपनी सास को पीठ पर लादकर बैंक तक का सफल पैदल तय की। बैंक पहुंची बहू सुखमनिया ने बताया कि पहले बैंक मित्र तपेश घर आकर पेंशन दे जाता था, लेकिन बाद में उसने घर पर पैसा देने से मना कर दिया। यही वजह है कि तीन महीने से भटकने के बाद उसे मजबूरी में सास को ढोकर बैंक लाना पड़ा। जंगलपारा के रास्ते में नाला पड़ने के कारण वहां कोई गाड़ी नहीं चलती, इसलिए वह पैदल ही बैंक पहुंची। बुजुर्ग सोनवारी को महतारी वंदन योजना का लाभ भी नहीं मिलता, उन्हें सिर्फ वृद्धावस्था पेंशन के 500 रुपए ही मिलते हैं। कुनिया ग्राम के जंगलपारा स्थित घर से डेढ़ किलोमीटर दूर एक नाला पड़ता है, जिसके कारण वहां कोई गाड़ी नहीं पहुंच पाती है। इसके बाद डेढ़ किलोमीटर का रास्ता और तय करना पड़ता है। महज 500 रुपए की पेंशन के लिए बुजुर्ग सास को इस तरह पीठ पर लादकर ले जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल रहा है। परिवार बेहद जरूरतमंद है। बहू ने बताया कि पहले बैंक मित्र घर पर ही पेंशन देने आता था, जिससे उन्हें सहूलियत होती थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों से उसने घर आना बंद कर दिया। वहीं केवाईसी पूरा नहीं होने के कारण भी कई महीनों से पेंशन अटकी हुई थी। इसी वजह से शुक्रवार को बहू को मजबूरी में अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर लादकर पांच किलोमीटर दूर सेंट्रल बैंक तक पैदल लाना पड़ा। बैंक मैनेजर बोले- घर पर ही पेंशन देने की व्यवस्था इस पूरे मामले पर नर्मदापुर सेंट्रल बैंक के मैनेजर मिर्जा अल्ताफ बेग का कहना है कि मैनपाट इलाके में वृद्धावस्था पेंशन घर तक पहुंचाने की व्यवस्था है और इसके लिए बैंक के आठ बैंक मित्र काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन्हें भी पैसा निकालना होता है, उनके स्वजन अगर बैंक में सूचना दे दें तो बैंक मित्र को उनके घर भेज दिया जाता है।  

सम्राट चौधरी की अनुशंसा पर विधान परिषद में नेता, सचेतक और उपनेता नियुक्त

पटना  मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी की अनुशंसा पर बिहार विधान परिषद में सत्‍ता पक्ष के 6 नेताओं को नई जिम्‍मेदारी दी गई है। संसदीय कार्य विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है। 15 मई से प्रभावी इस फैसले के तहत नेता, उपनेता, मुख्य सचेतक और उपमुख्य सचेतक के पदों पर मनोनयन किया गया है। ललन एवं राजेंद्र बने उपनेता अधिसूचना के अनुसार ललन कुमार सर्राफ एवं प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्‍ता को उपनेता का बनाया गया है। इन्‍हें मंत्री पद की सुविधा प्रदान की गई है। जदयू के विधान पार्षद संजय कुमार सिंह को मुख्‍य सचेतक बनाया गया है। इन्‍हें भी मंत्री की सुविधा प्राप्‍त हो गई है। वहीं जनक राम उपमुख्‍य सचेतक बनाए गए हैं। इन्‍हें राज्‍य मंत्री की सुविधा प्रदान की गई है। इनके अलावा नीरज कुमार एवं रीना देवी को सचेतक बनाया गया है। इन्‍हें भी राज्‍य मंत्री की सुविधा मि‍ली है।   राज्‍यस्‍तरीय कार्यान्‍वयन समित‍ि का पुनर्गठन इससे एक दिन पूर्व राज्‍यस्‍तरीय कार्यान्‍वयण समिति का पुनर्गठन राज्‍य सरकार ने किया। सीएम सम्राट चौधरी इसके अध्‍यक्ष बनाए गए हैं। इनके अलावा उपमुख्‍यमंत्री व‍िजय कुमार चौधरी कार्यकारी अध्‍यक्ष बनाए गए हैं। समिति में संजय सरावगी एवं उमेश सिंह कुशवाहा को उपाध्‍यक्ष बनाया गया है।   उपाध्‍यक्ष के पद पर ललन कुमार मंडल भी रखे गए हैं। समिति में विधायक चेतन आनंद, संगीता कुमारी, भरत बिन्द, मुरारी प्रसाद गौतम तथा सिद्धार्थ सौरव सहित कई नेताओं को सदस्य बनाया गया है। इसके अतिरिक्त प्रहलाद यादव, नीलम देवी, जगन्नाथ ठाकुर, राजेश कुमार वर्मा, भारती मेहता और चंदन कुमार सिंह भी सदस्‍य बनाए गए हैं। दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया जाएगा, जबकि सभी सदस्यों को राज्य के उप मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। बिहार विधान मंडल के सदस्य अपने वर्तमान वेतन, भत्ता और अन्य सुविधाएं पूर्ववत प्राप्त करते रहेंगे।

हरदा के डायल-112 हीरोज रेलवे ट्रैक पर खड़े व्यक्ति की सतर्कता से बचाई जान समझाइश देकर परिजनों के सुपुर्द किया

भोपाल हरदा जिले के थाना टिमरनी क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता, सतर्कता एवं संवेदनशील कार्रवाई से रेलवे ट्रैक पर खड़े एक व्यक्ति की समय रहते जान बचाई गई। त्वरित हस्तक्षेप एवं समझाइश के माध्यम से पीड़ित व्यक्ति को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया। 22 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना टिमरनी क्षेत्र अंतर्गत रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे ट्रैक पर खड़ा है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही टिमरनी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक  धर्मेंद्र पटवारी एवं पायलट  संजय पवार ने मौके पर पहुँचकर पाया कि एक व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर खड़ा था। उसी दौरान ट्रेन आने का सिग्नल भी हो चुका था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं साहस का परिचय देते हुए तत्काल व्यक्ति को पकड़कर रेलवे ट्रैक से सुरक्षित बाहर निकाला और संभावित हादसे को टाल दिया। घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित व्यक्ति के परिजन भी मौके पर पहुँच गए। डायल-112 टीम द्वारा व्यक्ति को सुरक्षित डायल 112 वाहन से थाना लाया गया, जहाँ परिजनों को बुलाकर समझाइश दी गई एवं आवश्यक परामर्श उपरांत व्यक्ति को उनके सुपुर्द किया गया। डायल-112 जवानों की सतर्क, संवेदनशील एवं त्वरित कार्यवाही से एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सुरक्षा एवं सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

राज्य में 3.94 करोड़ लीटर पेट्रोल व 8.09 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक

रायपुर  छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आम उपभोक्ताओं को घबराकर अतिरिक्त खरीदी या संग्रहण करने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा किसानों और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्तमान समय में 3 करोड़ 94 लाख 7 हजार 700 लीटर पेट्रोल तथा 8 करोड़ 8 लाख 83 हजार लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए कुल 2516 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। खाद्य विभाग के अनुसार रबी फसल की कटाई और खरीफ सीजन की तैयारी के कारण डीजल की मांग में वृद्धि को देखते हुए ऑयल कंपनियों के लखौली और मंदिर हसौद (रायपुर) तथा गोपालपुर (कोरबा) स्थित डिपो से जिलों को लगातार आवश्यकतानुसार आपूर्ति की जा रही है। गौरतलब है कि 22 मई 2026 को ही प्रदेश को 21 लाख 83 हजार लीटर पेट्रोल और एक करोड़ 29 लाख 75 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही प्रतिदिन नियमित रूप से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति जारी है। खाद्य सचिव ने राज्य में ईंधन की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा के लिए 20 मई 2026 को सभी ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन पेट्रोल पंपों में स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन रही हो, वहां डिपो से तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी क्षेत्र में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। राज्य शासन ने 22 मई 2026 से प्रदेश के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों पर ड्रम और जरीकेन में पेट्रोल-डीजल देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि किसानों तथा कलेक्टर द्वारा चिन्हित अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। राज्य शासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम में आकर पैनिक खरीदी अथवा इसका संग्रहण न करें। जरूरत के अनुसार सभी उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।