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CEO ट्रांसफर के बाद भी नहीं थमा विवाद, ग्रामीणों ने जिला पंचायत CEO के तबादले की उठाई मांग

मोहला-मानपुर.

निर्माण कार्यों के भुगतान में कथित कमीशनखोरी, अनावश्यक देरी और अनदेखी का आरोप लगाते हुए मोहला-मानपुर जिले के तीन विकासखंड के 185 सरपंचों ने जिला पंचायत सीईओ के तबादले की मांग की थी। इस बीच मोहला जनपद पंचायत के सीईओ प्रांजल प्रजापति का तबादला बस्तर कर दिया है।

इस तबादले को सरपंच और पंचायत विभाग के बीच जारी टकराव के मसले पर शासन की बड़ी प्राथमिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि यह तबादला इसी विवाद की वजह से हुआ है, लेकिन पिछले एक हफ्ते से जिला सरपंच संघ प्रशासन पर ‘कथित वसूली’ और ‘प्रशासनिक आतंकवाद’ जैसे गंभीर आरोप लगाकर पंचायत विभाग को कटघरे में खड़ा कर रहा था।

सरपंच संघ का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा रायपुर
जिस दिन तबादला आदेश जारी हुआ, उसी दिन सरपंच संघ का 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री और मंत्रियों से मिलने की जुगत में लगा हुआ था। खबर ये भी मिल रही है कि इस प्रतिनिधिमंडल ने शासन के किसी बड़े नेता से मिलकर पंचायत विभाग और प्रशासन के तथाकथित कारनामों से नेताजी को अवगत भी कराया है। ऐसे में इस घटनाक्रम के बाद ये सोचा जाना लाज़मी है कि सीईओ का तबादला सरपंच संघ द्वारा प्रशासन के द्वारा छेड़ी गई मुहिम नतीजा भी हो सकता है।

दूसरी ओर जिला सरपंच संघ और प्रशासन के बीच उपजे विरोध के मसले पर कलेक्टर ने भी बारह सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। दो अपर कलेक्टर तथा संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर से युक्त इस जांच कमेटी के सदस्य चार-चार की संख्या में बट कर जिले के तीनों जनपद पंचायतों मसलन मोहला, मानपुर व अंबागढ़ चौकी में अलग-अलग जांच बैठाकर जिला सरपंच संघ की ओर से सामने आये तथ्यों और मांगो को लेकर पड़ताल करेंगे।

क्या है पूरा मामला ?
निर्माण कार्यों के भुगतान में कथित कमीशनखोरी, अनावश्यक देरी और अनदेखी का आरोप लगाते हुए तीन विकासखंड के 185 सरपंचों ने जिला पंचायत सीईओ के तबादले की मांग की थी। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफा की चेतावनी भी दी थी। सरपंच संघ उप मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा से भी मीडिया के जरिए गुहार लगा चुके हैं।

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